Sunday, 23 November 2025

हमारे वैदिक साहित्य में और धर्म ग्रंथो में कहा गया है परिवार के लिए एक को गांव के लिए परिवार को और देश के लिए गांव को तथा सत्य के लिए सारी धरती छोड़ देना चाहिए कितने लोग ऐसा कर सकते हैं ।

हमारे वैदिक साहित्य में और धर्म ग्रंथो में कहा गया है परिवार के लिए एक को गांव के लिए परिवार को और देश के लिए गांव को तथा सत्य के लिए सारी धरती छोड़ देना चाहिए कितने लोग ऐसा कर सकते हैं ।

और फिर कहा गया है कि नीति में निपुण लोग चाहे आपकी प्रशंसा करें चाहे निंदा करें लक्ष्मी जी आएं या चली जाएं आज ही मर जाए या युगों के बाद मरना हो लेकिन न्याय के पद से सच्चे धीरे्-वीरे पीछे पग नहीं हटाते हैं 

जब तक यह दोनों चीज थी तब तक सनातन धर्म आगे बढ़ता चला गया और जब से हम लोग खान-पान में मुसलमान और रहन-सहन में क्रिश्चियन अंग्रेज हो गए तब से सब गड़बड़ हो गया बहुत ही नंगा कड़वा और खरा सच है ‌ आज हम इतने गिर चुके हैं कि दुनिया के सबसे उच्च कोटि के धर्म भाषा और विज्ञान से हमारा विश्वास उठ गया और कूरा कचरा वाले पश्चिमी और मुस्लिम ज्ञान विज्ञान को श्रेष्ठ समझने लगे हैं

सामान्य जनता की तो बात छोड़ दीजिए बड़े-बड़े धर्म प्रचारक धर्म गुरु देश के प्रधानमंत्री और बड़े-बड़े कट्टर इतने लोग बिना अंग्रेजी और उर्दू का ज्ञान दिए खुद को पूर्ण नहीं समझते हैंडॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

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