सुबह से शाम तक जो कुछ हम करते हैं सोने के पहले दर्पण के सामने खड़े होकर ध्यान से अपना मुंह देखो समझ में आ जाएगा कि आप कितने सही और कर्तव्यनिष्ठ हो -
हर चीज की पवित्रता हम लोग भी गंदी करते हैं और शिकायत भी करते हैं जैसे कि खुद का काम हो खुद का लड़की लड़का हो तो किसी भी तरह हर नियम कानून को ताक पर रखकर काम कराते हैं यही हाल न्यायपालिका का भी है यहां आने वाले समय 99% लोग गलत सिफारिश लेकर आते हैं और न करने पर धमकी तक देते हैं गलत व्यक्ति को हर चीज गलत ही दिखता है अधिकारी और जज को गलत कौन बनाता है क्या अधिकारी और जज लेखपाल और सेक्रेटरी घर-घर जाकर पैसा मांगते हैं हमारे देश विशेष कर सनातनी लोगों की आदत है कि खुद गलत होते हुए सुधारने का प्रयास नहीं करते बल्कि सबको गलत दिखा कर खुद को बड़ा दिखाते हैं पृथ्वीराज चौहान को किसने कहा था कि 16 बार गोरी को हराकर छोड़ दो पृथ्वीराज तुम्हारा ही गया देश भी बर्बाद हो गया आज सारे मुसलमान उसी की मूर्खता की देन है यही गलती महाराणा हमीर ने और लगभग यही गलती राणा सांगा ने किया यही गलती मंगल पांडे ने किया की क्रांति के तहत समय से 2 महीने पहले ही बड़े जोश में आकर विद्रोह कर दिया और और गांधी जो राष्ट्रपिता है उन्होंने तो सनातन धर्म और भारत को पूरी तरह नष्ट उनके बारे में कुछ भी कहना स्वयं को जूते मारने के बराबर है और बर्बाद कर दिया और इन सभी का और इन जैसे लोगों का सब गुणगान करते हैं वीर शिवाजी राणा प्रताप सुभाष आजाद भगत सिंह श्री राम श्री कृष्ण भगवान बुद्ध महावीर स्वामी नानक देव का कितने लोग स्मरण करते हैं और उनका अनुकरण करते हैं यदि आप किसी बड़े पद वाले संबंधित यहां जाते हैं और गुड़ चीनी खाने को पाते हैं तो गालियां देते हुए चले आते हैं और वहीं बर्फी और काजू कतली पाते हैं तो वाह-वाह करते हैं ऐसे में व्यर्थ की आशा करना बेकार है आप सुधरो जग सुधरेगा। सनातन धर्म के लोग तो नामकरण और अपने संस्थानों का नाम भी अंग्रेजी में करते हैं और जो जितना बड़ा है उतना ही अधिक काला अंग्रेज़ मैकाले का मानस पुत्र है।
साइकिल पर चलने वाले व्यक्ति जो ईमानदार करते वरिष्ठ है उसकी प्रशंसा तो आप कर नहीं सकते उल्टा उसे विवश कर देते हैं कि वह मोटरसाइकिल या कार से चले क्योंकि आपको या उसके परिचित लोगों को उसकी साइकिल से चलने पर परेशानी है अपनी बेइज्जती महसूस करते हैं।
इस देश में कितनी जनता ने विनोद पांडे भूरेलाल अशोक खेमका श्रीनाथ सिंह नीरा यादव शैलेंद्र सिंह दुर्गा शक्ति नागपाल किंजल सिंह रंजन द्विवेदी उदय भान सिंह संजय शंकर पांडे रामप्रताप सिंह अंकित गोयल जैसे लोगों का समर्थन किया है चुनाव लड़ने पर उनको कितना वोट दिया है और व्यर्थ में सच्चाई ईमानदारी कर्तव्य निष्ठा की बात करते हैं लज्जा भी नहीं आती किसी पर कीचड़ उछलना पत्थर फेंकने से क्या होता है इस देश में आप खुद अपनी आंखों के सामने दलालों के द्वारा अपने को बिकते हुए देखते हैं लेकिन कुछ कर नहीं सकते क्योंकि जनता भी वैसी है। बाकी लालू मुलायम अखिलेश सहित हर परियों के बड़े-बड़े राजनेताओं द्वारा ईमानदार अधिकारियों के साथ किया गया आचरण आप रोज ही देख रहे हैं कोई जबरदस्ती उनकी पत्नी छीन ले रहा है तो कोई उन्हें जूता मार रहा है तो कोई भैंस ढूंढने को कह रहा है लज्जाहीनता की पराकाष्ठा है और ऐसे लोगों को आप भारी वोट देकर विजई बना देते हो तब भी आपको लज्जा नहीं आती ऐसा जीतने वाला व्यक्ति क्या करेगा आपकी बहू बेटियां और घर वालों के साथ भी वही करेगा तब आपकी आंख खुलेगी।
यही हाल बड़े-बड़े कट्टर सनातनी सनातन धर्म के लोगों बुद्धिजीवी लोगों ने नेता अधिकारी मंत्री और बुद्धिजीवी लोगों का है इसमें संघ और विश्व हिंदू परिषद और अन्य सभी हिंदू सेनाएं और पार्टियां शामिल है यह सभी लोग अपने बच्चों को अंग्रेजी स्कूल में पढ़ाकर अंग्रेजी ढंग सीखते हैं और हिंदी हिंदू हिंदुस्तान का नारा देखकर रामराज लाने की कल्पना करते हैं और आशा करते हैं कि बच्चे उनके पैर छूकर उनकी आज्ञा मानेंगे जिस धर्म में बेटा बाप से हाथ मिलाता है वह आप की इज्जत क्या करेगा। इन्हीं राजनेताओं और नकली सनातनी लोगों के कारण बचा खुचा सनातन धर्म विनाश बर्बाद हो रहा है
जो समाज जैसा होता है वैसी ही प्रतिक्रिया उसे नेता मंत्री अधिकारी देते हैं यही वजह है कि नकाब हिजाब बुर्का परीक्षा में उतरना बहुत कठिन समझा जाता है और सौभाग्य का प्रतीक मंगलसूत्र नाक और कान के आभूषण पायल हर परीक्षा में उतार ले जाती है कभी किसी सनातनी महिला ने विरोध किया की परीक्षा हो या ना हो लेकिन मैं तुर्क मुस्लिम महिलाओं की तरह अपना सौभाग्य चिन्ह नहीं उतरूंगी एक बार करके तो देखो सारे मंत्री नेता अधिकारी पैरों पर गिर जाएंगे।
इसलिए सस्ते पोस्ट करके लोकप्रियता तो प्राप्त की जा सकती है लेकिन उसका कुछ भी लाभ अखंड भारत सनातन धर्म को होने वाला नहीं है अत्यंत ही गंदे लंबी दाढ़ी वाले आधे टांग की लूंगी पजामा पहनने वालों दुर्गंध से भारत तुर्क मुसलमान के साथ लव जिहाद में जो भागती हैं तो इसमें उसे तुर्क मुसलमान का क्या दोष है लेकिन हमारे सनातनी लोग हर समय हर जगह उल्टा काम करते हैं चीन का विरोध करने वाले बड़े-बड़े अधिकारी नेता मंत्री सनातन धर्म और भाजपा संघ के लोग रोज एक दर्जन चीन के ढाबे और रेस्टोरेंट सद्भावना पुल पर जाकर लंबी जीभ निकाल कर चाटते हुए मिल जाते हैं जिसका वीडियो मैं कल ही वायरल किया है । इतना ही नहीं चीन में बने सामान का विरोध करने वाले उनके हर सामान पूरे परिवार सहित चीन से निर्मित होते हैं यह पूरे देश को धोखा देते हैं और किसी भी तरह से अपना उल्लू सीधा करते हैं देश धर्म भाड़ में जाए आज जितने भी दुनिया के मुस्लिम और क्रिश्चियन है या यहूदी है वह सभी सनातनी थे जिन्होंने लालच या डर के कारण वेद पुराण और तलवार छोड़कर नमाज प्रार्थना कलम कुरान स्वीकार किया है क्योंकि ढाई हजार साल पहले सारी दुनिया सनातनी थी।
चलो अंत में मैं कहता हूं कि यदि आज से कहा जाए जितने भी लोग मुसलमान और क्रिश्चियन नहीं है और सनातनी हैं वह सभी अंग्रेजी भाषा अंग्रेजी स्कूल अपने बच्चों को छोड़ने के लिए कहें और हिंदी संस्कृत पढ़ने के लिए कहें पूरी सोशल मीडिया में स्थित कोई स्त्री पुरुष सामने आकर कहें कि वह ऐसा करने को तैयार है। हम सनातनी लोगों को
ना तो अपने देश धर्म का गौरव है और ना अपने संस्कृति सभ्यता का अभिमान है
इसीलिए हम न नहीं है पशु निरा है और मृतक समान है
मैं जानता हूं कोई नहीं आएगा और यही हमारे धर्म समाज और घर के पतन का कारण है पहले घर के लोग त्याग करते थे घर की स्त्रियां अपने बच्चों को बाद में दूसरे के बच्चों को पहले खिलाती थी आज इसका उल्टा हो गया है इसलिए घर एक साथ नहीं रह सकते ।
जो समझदार लोग हैं उन्होंने दिमाग लगाकर अलग-अलग रहना और घर का विवाह और अन्य कार्य एक साथ करना सीख लिया है वही आज बलवान है उन्हें का मान सम्मान समाज में है यदि कोई यह सोचे कि आज 20-25 लोगों का घर जिसमें 5-6 स्त्रियां हैं एक साथ रह लेगा तो उससे बड़ा मूर्ख कोई खोजने पर नहीं मिलेगा ।
आपने देखा होगा कि जो संतान अपने माता-पिता का आदर सम्मान नहीं करती वही अपने बच्चों के द्वारा खुद का अपमान किए जाने पर सबसे ज्यादा है तो वह मचाते हैं इसी तरह जो पुत्र वधू अपने सास का मान सम्मान नहीं करती वही अपने पुत्रवधू की तो गलतियां निकलते हैं इसीलिए कहा गया है काटोगे वही जो बोया है यही प्रकृति का अटल नियम है और ईश्वर भी इस नियम से परे नहीं है यदि मनुष्य होकर आएंगे तो उन्हें कम का फल भोगना ही पड़ेगा।
मैं जान रहा हूं कि यह पोस्ट लिखते ही लोग हरे गुलाबी लाल बैंगनी नीले पीले हो जाएंगे लेकिन इसका मुझे कोई अंतर नहीं पड़ता है जब सनातनी लोग निमंत्रण पत्र पर विवाह की जगह शादी भोजन की जगह खाना पिता की जगह पापा मां की जगह मम्मी धन्यवाद की जगह शुक्रिया बधाई की जगह मुबारक पत्नी की जगह बीवी और वाइफ समाचार पत्र की जगह अखबार या न्यूज़पेपर शासन की जगह सरकार जैसे शब्द हिंदी के मीडिया की तरह जानबूझकर उपयोग कर रहे हैं और कुछ दिन बाद हिंदी का सही लिखना पढ़ना भूलना लोग भूल जाएंगे आज हिंदी में पहाड़ और गिनती अपने बच्चों से सुना कर दिखा दीजिए -
बुरा जो देखन मैं चला बुरा मिला ना कोई जो मैं देखा आपने मुझसे बुरा न कोई।
जो अपने धर्म की रक्षा करता है धर्म उसकी रक्षा करता है इससे अधिक कहने सुनने लिखने की कोई आवश्यकता नहीं है अपने को जांच परख कर देखो कि अपने धर्म पर कितना चल रहे हो जो धर्म नकली और गलत है उनके धर्म के लोग आंख मूंद कर अपने धर्म पर चलकर दुनिया पर अधिकार करते जा रहे हैं और हम लोग असली धर्म को भूलकर केवल लाइक कमेंट शेयर के चक्कर में फालतू पोस्ट लिखते चले जा रहे हैं -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि