Thursday, 24 September 2026

आनंद चतुर्दशी और भगवान श्री हरि विष्णु - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

आनंद चतुर्दशी और भगवान श्री हरि विष्णु - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि
अनंत चतुर्दशी भगवान श्री हरि विष्णु का व्रत है जो सनातन धर्म के प्रमुख व्रत में गिना जाता है इस दिन क्षीरसागर में सोए हुए श्री हरि विष्णु भगवान अर्थात अनंत की पूजा की जाती है जिनका चरण देवी मां लक्ष्मी दबते रहते हैं और जो शेषनाग के ऊपर आराम से लेते रहते हैं इसका वैज्ञानिक अर्थ है कि संपूर्ण गुरुत्वाकर्षण के केंद्र भाग में भगवान श्री हरि विष्णु अपनी धनात्मक ऊर्जा और देवी लक्ष्मी की रचनात्मक ऊर्जा अर्थात प्रोटॉन इलेक्ट्रॉन के रूप में रहते हैं और न्यूट्रॉन के रूप में संपूर्ण गुरुत्वाकर्षण उनमें समय रहता है  और क्षीरसागर एक ऐसा अनंत समुद्र है जिसमें ऊर्जा द्रव्यमान विद्युत चुंबकत्व और गुरुत्वाकर्षण एकाकार  हो जाता है। 


यह महान व्रत उदया तिथि के अनुसार भादो महीने के शुक्ल पक्ष 14 के दिन मनाया जाता है इस बार यह शुक्रवार को पड़ रहा है क्योंकि 24 सितंबर को चतुर्दशी की तिथि रात में 11:18 पर लग रही है और 25 सितंबर को 11:06 पर समाप्त हो रही इस प्रकार पूजा पाठ का शुभ मुहूर्त सुबह 6:11 से 11:05 तक रहेगा


अनंत चतुर्दशी को 14 गांठ वाला धागा पूजा पाठ के समापन पर पुरुष अपने दाहिने हाथ और महिलाएं बाएं हाथ में बांधती हैं जो धरती आकाश पाताल के 14 लोगों का प्रतीक है जिसमें तल अतल वितल सुतल तलातल रसातल और पाताल एवं जन तप मह  भुव बह्म शिवलोक और सत्यलोक आते हैं

इस व्रत के समापन के पश्चात विष्णु पुराण और नारद पुराण में वर्णित अनंत भगवान की कथा को पढ़ना चाहिए जिसमें अनंत पांच लाख खराब प्रकाश वर्ष में फैले हुए अनंत ब्रह्मांड के गुरुत्वाकर्षण का भगवान श्री हरि विष्णु प्रोटॉन और माता लक्ष्मी इलेक्ट्रॉन एवं बैकुंठ लोग न्यूट्रॉन का प्रतीक है और समग्र द्रव्य और ऊर्जा एवं श्वेत पदार्थ तथा श्याम पदार्थ पदार्थ और प्रति पदार्थ ऊर्जा और प्रतीक ऊर्जा चीयर सागर में समाहित रहती है जिसके एक सिरे पर कृष्ण विवाह और दूसरे सिरे पर श्वेत विवर होता है और अनंत चतुर्दशी के दिन ही अंतिम रूप से गणेश पूजा के बाद भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन भी किया जाता है

Wednesday, 23 September 2026

आज का भारत जो इंडिया बन चुका है ऐसे नहीं बना है इसमें ईसाई और मुस्लिम धर्म वालों ने दो तरफ आक्रमण किया उन्होंने फिल्म साहित्य धारावाहिक पत्र पत्रिकाएं मीडिया बीते हुए सनातनी बुद्धिजीवी लोगों को वामपंथी और कांग्रेस को और ऐसे नेताओं को

आज का भारत जो इंडिया बन चुका है ऐसे नहीं बना है इसमें ईसाई और मुस्लिम धर्म वालों ने दो तरफ आक्रमण किया उन्होंने फिल्म साहित्य धारावाहिक पत्र पत्रिकाएं मीडिया बीते हुए सनातनी बुद्धिजीवी लोगों को वामपंथी और कांग्रेस को और ऐसे नेताओं को जो केवल कहने को हिंदू थे लेकिन मन वचन कर्म से काले अंग्रेज या फिर मुस्लिम थे या वर्ण शंकर दोगले और मुस्लिम ईसाई वीर्य की औलाद थे इन सबको माध्यम बनाया और अपवाद स्वरूप छोड़कर उपर्युक्त चीजों के द्वारा भारत के सनातनी हिंदुओं को निम्नलिखित चीजेः सिखाया सनातनी धर्म अंधविश्वास है कल्पना है वैज्ञानिक नहीं है और  धर्मगंथों में लिखी हुई बातें स्त्रियों और निम्न वर्ग के विरुद्ध हैं इसका परिणाम हुआ कि लोग गृत्समद सूची वाल्मीकि शबरी मातंग दादू रविदास कागभूसुंडी गरुड़ जैसे लोगों को भूल गए। 

1000 वर्ष तक लगातार इन लोगों ने फिल्म सिनेमा रेडियो धारावाहिक साहित्य नौटंकी नाच गाने के द्वारा कुरान बाइबल का प्रचार करते हुए सनातनी वेद पुराण रामायण महाभारत उपनिषद जैन बौद्ध और सिख धर्म की सर्वश्रेष्ठ बातों को सबसे खराब बताते हुए विशेष कर फिल्म साहित्य रेडियो और अब इंटरनेट तथा मोबाइल के माध्यम से सिखाया की सनातन धर्म में जाति-पाठ उच्च में छुआछूत का भेद है।


 हर जातियों के और धर्म के कुछ लोगों को खरीद लिया और उनकी सहायता से कहीं चांद मियां को साइ बाबा बना दिया कहीं ईसा मसीह को कृष्ण और राम के रूप में मंदिर में बैठ कर दिखाया जाने लगा कि हम लोगों ने पहाड़ के टुकड़े करना चांद को फाड़ देना सूर्य का कीचड़ में डूबना पृथ्वी का चिट्ठी होना और कालीन पर बिना ऑक्सीजन के आसमान में उड़ना जैसी चीज स्वीकार कर लिया और ग्रहण नक्षत्र ग्रहण सूर्य चांद तारे अनंत ब्रह्मांड ब्लैक होल व्हाइट होल दिव्यास्त्र आकाशवाणी महाकाली महाशिव जैसी वैज्ञानिक बातों को भूल गए या उस पर प्रश्न करने लगे जानू को बहुत पहले ही हमारे ऋषि मुनियों वैज्ञानिकों ब्रह्म ऋषियों ने खोज लिया था भास्कर आर्यभट्ट और कारण श्रीधर पंडित ने हजारों हजार साल पहले गुरुत्वाकर्षण शून्य और दशमलव अंग गणित बीजगणित ज्योतिष विज्ञान धाम दर्शन की हर चीज खोज लिया था जिसकी नकल करके अब के बराबर खानाबदोश नर पिशाच और यूरोप के चरवाहे और नाविक भी बड़े-बड़े वैज्ञानिक बन गए। 


इनलोगों के द्वारा सिखाया की माता-पिता की सेवा मत करो चोरी बेईमानी करो कामवासना के नए-नए तरीके अपने देवी देवताओं की हंसी उड़ाना धर्म के विरुद्ध चलना सीखते हुए बताएं कि कैसे हम नर पिशाच होकर देवदूत बनने में संतुष्टीकरण अनुभव करते हैं अपनी सभ्यता संस्कृति भाषा भूलकर हम सभी लोग शिक्षा और पहनाओगे ऐसा रहन-सहन और वेशभूषा भाषा में अंग्रेज बन गए और कौन-कौन में पूरी तरह मुस्लिम बन गए। 


हम घर के बने हुए अनंत प्रकार के भजन पकवान स्वास्थ्य वर्धक चीजे छोड़कर मुस्लिम और क्रिश्चियन धर्म के द्वारा बनाया गया कूडा कचरा बिस्किट मार रोटी मैगी पिज्जा चाऊमीन बर्गर सदी गली ब्रेड और नकली बटर रिफाइंड तेल जैसी चीज खाकर शारीरिक मानसिक और आर्थिक रूप से रोगी और कंगाल बन गए और ऐसे रोगों से गिर गए जिनके बारे में कभी सुना नहीं जाता था सुबह ब्रह्मचर्य की जरूरत 8 से 10:00 बजे उठने लगे रात में देर तक जागने लगे और इस प्रकार के बाद भी ईरान से इंडोनेशिया और कजाकिस्तान तिब्बत से श्रीलंका का 7/8 भारत हो बैठे केवल एक बटे आठ भारत बचा हुआ है  - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978 15

आगामी मौसम की प्रमुख भविष्यवाणियां -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978 15

आगामी मौसम की प्रमुख भविष्यवाणियां -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978 15

कल हमारे केंद्र की भविष्यवाणी के अनुसार दोपहर से शाम के बीच बूंदाबांदी कहीं-कहीं हल्की वर्षा हुई अनेक स्थानों पर दोपहर के बाद से रात में हल्की से मध्यम वर्षा होगी कल अर्थात 24 से लेकर 26 सितंबर तक माध्यम से तेज कहीं-कहीं बहुत तेज  तूफानी चक्रवर्ती वर्षा होने की भविष्यवाणी फिर से दोहराई जा रही है अभी सिंचाई करने वाले लोग और पानी देने वाले लोग अपना पैसा बर्बाद ना करें एक-दो दिन रुक जाएं

आज का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस और कल का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और 24 डिग्री सेल्सियस होगा आज और कल  से मध्यम से तेज कहीं-कहीं बहुत तेज वर्षा का अनुमान है  आज और कल मौसम ज्यादातर घने काले बादलों का और  माध्यम तेज से बहुत तेज वर्षा वाला रहेगा 24 25 और 26 सितंबर को जौनपुर प्रतापगढ़ अयोध्या अंबेडकर नगर आजमगढ़ गाजीपुर सैदपुर वाराणसी दीनदयाल नगर मिर्जापुर सोनभद्रावत गंज प्रयागराज सुल्तानपुर प्रतापगढ़ और आसपास झंझा झकोर घन गर्जन तड़ित वारिद माला और बिजली के चमक गरज के साथ मध्यम से भारी वर्षा की संभावना है। 

जौनपुर और आसपास के जनपदों में 19 सितंबर से 23 सितंबर तक धूप छांव बादलों के साथ बूंदाबादी हल्की वर्षा कहीं-कहीं मध्यम वर्षा के योग हैं लेकिन 23 सितंबर से मौसम पूरी तरह बदल जाएगा और  29 तक चक्रवार्ती वर्ष का समय रहेगा । मध्य भारत और कुछ समुद्र तटीय  स्थानों पर संपूर्ण पूर्वांचल उड़ीसा बिहार छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश महाराष्ट्र पूर्वोत्तर भारत बंगाल भारी  आपसे बहुत भारी कहानी-कहानी मुसल आधार वर्षा के योग बन रहे हैं इसमें एक-दो दिन का अंतर हो सकता है। 

हवा की दिशा लगातार बदलती रहेगी पहले पूर्व फिर उत्तर पूर्व और फिर पूर्वी दक्षिणी पूर्वी हो जाएगी और हवा का वेग 10 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे होगा वायु गुणवत्ता सूचकांक इस समय 15 से लेकर 50 के बीच रहेगी। 

 विशेष कर 24 सितंबर से 30 सितंबर तक यह 10 के आसपास आ जाएगी जो जौनपुर के लिए एक अद्भुत बात है क्योंकि यहां पर वायु गुणवत्ता सूचकांक वर्ष में भी 100 से नीचे कभी-कभी आती है और इस वर्ष पूरे 3 महीने वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 से नीचे रहे हैं सापेक्षिक आर्द्रता इस कालखंड में 50% से 99% के बीच रहेगी इस प्रकार गर्मी उमस और पसीना जारी रहेगा लेकिन केवल 10:00 बजे से 3:00 के बीच पराबैंगनी किरणों की तीव्रता इस कालखंड में 1 से लेकर 6 के बीच रहेगी। 

तापमान इस कालखंड में न्यूनतम 25 से लेकर 27 डिग्री और अधिकतम 35 से लेकर 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। इसी वर्ष के बाद से हल्के गुलाबी ठंड का आरंभ हो जाएगा और 15 मार्च तक किसी न किसी तरह चलता रहेगा वर्षा कहानी देश कहीं धीमी कहीं बहुत तेज होगी 

कारण
 
बंगाल की खाड़ी में बनने वाला तीव्र दबाव और उसके फसस्वरूप एक हल्के मध्यम दर्जे का चक्रवात का बनना जो तेज भी हो सकता है जिससे अल नीनो का प्रभाव फिर से घटेगा और पूर्वांचल मध्य भारत दक्षिण भारत से लेकर गुजरात महाराष्ट्र तक माध्यम से भरी और तटीय भागों में भारी मूसलाधार वर्षा होगी और इसी के साथ 5 अक्टूबर से मानसून का समापन हो जाएगा  - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

23 सितंबर 2026 जारी करने का समय: 01:30 PMबजे*

*प्रेस विज्ञप्ति दिनांक:
  23 सितंबर 2026 जारी करने का समय: 01:30 PMबजे* 

विषय: पश्चिम-मध्य एवं उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा अवदाब (Deep Depression) 23 सितंबर 2026 की रात तक उत्तर आंध्र प्रदेश–दक्षिण ओडिशा तटों को विशाखापत्तनम एवं गोपालपुर के बीच, कलिंगपट्टनम के निकट, पार करने की बहुत अधिक संभावना है। इसके प्रभाव से 23 एवं 24 सितंबर को उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश, दक्षिण आंतरिक ओडिशा तथा दक्षिण छत्तीसगढ़ में, तथा 24 एवं 25 सितंबर को तेलंगाना में भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है।

पिछले 24 घंटों में 0830 बजे IST तक दर्ज मौसम:

❖ दक्षिण ओडिशा में अत्यंत भारी वर्षा (≥21 सेमी) दर्ज की गई।

❖ तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय ओडिशा, असम एवं तटीय कर्नाटक में बहुत भारी वर्षा (12–20 सेमी) दर्ज की गई।

❖ पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, सौराष्ट्र, तेलंगाना, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, पश्चिम बंगाल तथा मिजोरम में भारी वर्षा (7–11 सेमी) दर्ज की गई।

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी:

❖ आज, 23 सितंबर 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के अधिकांश हिस्सों, पूरी दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश एवं गुजरात के कुछ हिस्सों से आगे वापस लौट गया है।

मौसम प्रणालियां, पूर्वानुमान एवं चेतावनियां:

❖ कल का पश्चिम-मध्य एवं उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा अवदाब पिछले 6 घंटों में 05 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम की ओर बढ़ा और आज 23 सितंबर 2026 को 0830 बजे IST पर इसी क्षेत्र में 18.0°N अक्षांश एवं 84.6°E देशांतर के पास केंद्रित था। यह कलिंगपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से लगभग 60 किमी दक्षिण-पूर्व, विशाखापत्तनम से 140 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व, गोपालपुर (ओडिशा) से 150 किमी दक्षिण और पुरी (ओडिशा) से 240 किमी दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में था। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और 23 सितंबर की रात तक विशाखापत्तनम एवं गोपालपुर के बीच, कलिंगपट्टनम के निकट गहरे अवदाब के रूप में उत्तर आंध्र प्रदेश–दक्षिण ओडिशा तट को पार करने की बहुत अधिक संभावना है।

❖ पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर पछुआ हवाओं में एक गर्त के रूप में मौजूद है, जिसकी धुरी लगभग 81°E देशांतर के साथ 28°N अक्षांश के उत्तर में है।

❖ निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

❖ मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में पश्चिम-मध्य एवं उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में स्थित गहरे अवदाब के केंद्र से थाईलैंड की खाड़ी तक एक गर्त बना हुआ है।

उत्तर-पश्चिम भारत:

❖ जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 23–26 सितंबर, हिमाचल प्रदेश में 24–29 सितंबर, उत्तराखंड में 23–25 सितंबर तथा 29 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर छिटपुट से बिखरी वर्षा की संभावना।

❖ हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली तथा पंजाब में 25–29 सितंबर; पूर्वी एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28–29 सितंबर; पश्चिमी राजस्थान में 23–29 सितंबर तथा पूर्वी राजस्थान में 23 सितंबर एवं 28–29 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर छिटपुट से बिखरी वर्षा की संभावना।

❖ जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 28–29 सितंबर तथा उत्तराखंड में 26–28 सितंबर के दौरान काफी व्यापक से व्यापक वर्षा की संभावना।

❖ पूर्वी राजस्थान में 24–27 सितंबर के दौरान काफी व्यापक से व्यापक वर्षा की संभावना।

❖ जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 28 सितंबर, हिमाचल प्रदेश में 27 सितंबर तथा उत्तराखंड में 25–27 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक, बिजली एवं तेज हवाएं चलने की संभावना। हवा की गति 40–50 किमी प्रति घंटे, झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हिमाचल प्रदेश में 26 सितंबर को तेज हवाएं 30–40 किमी प्रति घंटे, झोंकों के साथ 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। 

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❖ उत्तराखंड में 28 सितंबर तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28–29 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक एवं बिजली गिरने की संभावना।

❖ उत्तराखंड में 28 सितंबर तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25–27 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना। 24 सितंबर तथा 27 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी भारी वर्षा की संभावना। इसके अलावा 26–27 सितंबर को उत्तराखंड तथा 25–26 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की संभावना।

मध्य भारत:

❖ पश्चिमी मध्य प्रदेश में 23–29 सितंबर, पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 सितंबर एवं 29 सितंबर तथा विदर्भ में 29 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर छिटपुट से बिखरी वर्षा की संभावना।

❖ पूर्वी मध्य प्रदेश में 24–28 सितंबर, विदर्भ में 23–28 सितंबर तथा छत्तीसगढ़ में 23–29 सितंबर के दौरान काफी व्यापक से व्यापक वर्षा की संभावना।

❖ पूर्वी एवं पश्चिमी मध्य प्रदेश में 25–27 सितंबर, विदर्भ में 23–25 सितंबर तथा छत्तीसगढ़ में 25–26 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक, बिजली एवं तेज हवाएं चलने की संभावना। हवा की गति 40–50 किमी प्रति घंटे तथा झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पूर्वी एवं पश्चिमी मध्य प्रदेश में 23–24 सितंबर को तेज हवाएं 30–40 किमी प्रति घंटे तथा झोंकों के साथ 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

❖ विदर्भ में 26 सितंबर तथा छत्तीसगढ़ में 27 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक एवं बिजली गिरने की संभावना।

❖ पश्चिमी मध्य प्रदेश में 25–26 सितंबर, छत्तीसगढ़ एवं पूर्वी मध्य प्रदेश में 23–24 सितंबर तथा 27 सितंबर और विदर्भ में 23 सितंबर तथा 26 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना। छत्तीसगढ़ एवं पूर्वी मध्य प्रदेश में 25–26 सितंबर तथा विदर्भ में 24–25 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की भी संभावना।

❖ छत्तीसगढ़ में 23–24 सितंबर को थंडरस्क्वॉल (हवा की गति 50–60 किमी प्रति घंटे, झोंकों के साथ 70 किमी प्रति घंटे तक) की संभावना।

❖ छत्तीसगढ़ में 23 एवं 24 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा की संभावना।

पूर्वी भारत:

❖ अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में 23–29 सितंबर, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में 23–27 सितंबर, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड एवं ओडिशा में 23–26 सितंबर तथा बिहार में 24–27 सितंबर के दौरान काफी व्यापक से व्यापक वर्षा की संभावना।

❖ उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में 28–29 सितंबर, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड एवं ओडिशा में 27–29 सितंबर तथा बिहार में 23 सितंबर एवं 28–29 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर छिटपुट से बिखरी वर्षा की संभावना।

❖ अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में 23–29 सितंबर, गंगीय पश्चिम बंगाल एवं झारखंड में 23–25 सितंबर, बिहार में 23–26 सितंबर तथा ओडिशा में 25–26 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक, बिजली एवं तेज हवाएं चलने की संभावना। हवा की गति 40–50 किमी प्रति घंटे तथा झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में 23–25 सितंबर, झारखंड में 26–29 सितंबर तथा बिहार में 27 सितंबर को तेज हवाएं 30–40 किमी प्रति घंटे तथा झोंकों के साथ 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

❖ अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में 23–24 सितंबर, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में 23 एवं 26 सितंबर, गंगीय पश्चिम बंगाल एवं झारखंड में 23 एवं 25 सितंबर, बिहार में 23 सितंबर एवं 25–26 सितंबर तथा ओडिशा में 23–24 सितंबर एवं 27 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में 24–25 सितंबर तथा बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल एवं झारखंड में 24 सितंबर और ओडिशा में 25–26 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की भी संभावना।

❖ ओडिशा में 23–24 सितंबर को थंडरस्क्वॉल (हवा की गति 50–60 किमी प्रति घंटे, झोंकों के साथ 70 किमी प्रति घंटे तक) की संभावना।

❖ ओडिशा में 23 एवं 24 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा की संभावना।

पूर्वोत्तर भारत:

❖ अरुणाचल प्रदेश में 23–24 सितंबर एवं 28 सितंबर, असम एवं मेघालय में 23–28 सितंबर तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा में 23–24 सितंबर एवं 27 सितंबर को काफी व्यापक से व्यापक वर्षा की संभावना।

❖ अरुणाचल प्रदेश में 25–27 सितंबर एवं 29 सितंबर, असम एवं मेघालय में 29 सितंबर तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा में 25–26 सितंबर एवं 28–29 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर छिटपुट से बिखरी वर्षा की संभावना।

❖ अरुणाचल प्रदेश में 23–25 सितंबर, असम एवं मेघालय में 23–27 सितंबर तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा में 23–26 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक एवं बिजली गिरने की संभावना।

❖ असम एवं मेघालय में 24–28 सितंबर तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा में 23 सितंबर एवं 27–28 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना। असम एवं मेघालय में 23 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की भी संभावना।

पश्चिम भारत:

❖ कोंकण एवं गोवा तथा मराठवाड़ा में 23 सितंबर को काफी व्यापक से व्यापक वर्षा की संभावना। 

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❖ कोंकण एवं गोवा तथा मराठवाड़ा में 24–29 सितंबर, गुजरात क्षेत्र एवं मध्य महाराष्ट्र में 23–29 सितंबर तथा सौराष्ट्र एवं कच्छ में 23–25 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर छिटपुट से बिखरी वर्षा की संभावना।

❖ कोंकण एवं गोवा में 23–24 सितंबर तथा मध्य महाराष्ट्र एवं मराठवाड़ा में 23–26 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक, बिजली एवं तेज हवाएं चलने की संभावना। हवा की गति 40–50 किमी प्रति घंटे तथा झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

❖ गुजरात क्षेत्र में 23 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक एवं बिजली गिरने की संभावना।

❖ कोंकण एवं गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में 23 सितंबर तथा मराठवाड़ा में 23–24 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना।

❖ मध्य महाराष्ट्र एवं मराठवाड़ा में 24–26 सितंबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की संभावना।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत:

❖ तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल में 23–29 सितंबर; केरल एवं माहे तथा लक्षद्वीप में 27–29 सितंबर; तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम तथा तटीय कर्नाटक में 26–29 सितंबर; उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा एवं दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 24–29 सितंबर तथा तेलंगाना में 23 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर छिटपुट से बिखरी वर्षा की संभावना।

❖ केरल एवं माहे तथा लक्षद्वीप में 23–26 सितंबर; तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम तथा तटीय कर्नाटक में 23–25 सितंबर; उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा एवं दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 23 सितंबर तथा तेलंगाना में 24–29 सितंबर के दौरान काफी व्यापक से व्यापक वर्षा की संभावना।

❖ तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम तथा तेलंगाना में 25 सितंबर; रायलसीमा में 23–24 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक, बिजली एवं तेज हवाएं चलने की संभावना। हवा की गति 40–50 किमी प्रति घंटे तथा झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल में 23–24 सितंबर; केरल एवं माहे में 23–26 सितंबर; तटीय कर्नाटक, उत्तर आंतरिक कर्नाटक एवं दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 23–25 सितंबर; तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम में 26–27 सितंबर; रायलसीमा में 25–27 सितंबर तथा तेलंगाना में 26 सितंबर को तेज हवाएं 30–40 किमी प्रति घंटे, झोंकों के साथ 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

❖ तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम तथा केरल एवं माहे में 23–25 सितंबर, तटीय कर्नाटक में 24 सितंबर, उत्तर आंतरिक एवं दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 23–24 सितंबर, रायलसीमा में 23 सितंबर तथा तेलंगाना में 26 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना। तटीय कर्नाटक में 23 सितंबर तथा तेलंगाना में 23–25 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की भी संभावना।

❖ तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम तथा तेलंगाना में 23–24 सितंबर को थंडरस्क्वॉल (हवा की गति 50–60 किमी प्रति घंटे, झोंकों के साथ 70 किमी प्रति घंटे तक) की संभावना।

❖ तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम तथा रायलसीमा में 23–27 सितंबर और तेलंगाना में 23–26 सितंबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की संभावना।

❖ तेलंगाना में 24 एवं 25 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा की संभावना।

हवा की चेतावनी:

❖ पश्चिम-मध्य एवं उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में 24 सितंबर की शाम तक 55–65 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने तथा झोंकों के साथ 75 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।

❖ दक्षिण ओडिशा–उत्तर आंध्र प्रदेश एवं यनम के तटों के साथ तथा आसपास 24 सितंबर की शाम तक 55–65 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं तथा झोंकों के साथ 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।

❖ बंगाल की खाड़ी के उत्तर एवं दक्षिण से सटे क्षेत्रों में 24 सितंबर तक 50–60 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं तथा झोंकों के साथ 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

❖ पश्चिम बंगाल तथा दक्षिण आंध्र प्रदेश एवं यनम के तटों के साथ एवं आसपास 23 सितंबर की सुबह से 24 सितंबर की शाम तक 45–55 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं तथा झोंकों के साथ 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

समुद्र की स्थिति:

❖ पश्चिम-मध्य एवं उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में 24 सितंबर की शाम तक बहुत अशांत समुद्री स्थिति रहने की संभावना है तथा इसके बाद धीरे-धीरे सुधार होगा।

❖ उत्तर आंध्र प्रदेश–ओडिशा–पश्चिम बंगाल के तटों के साथ एवं आसपास 24 सितंबर की शाम तक समुद्र अशांत से बहुत अशांत रहने की संभावना है और इसके बाद धीरे-धीरे सुधार होगा।

❖ दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के आसपास के क्षेत्रों में 23 एवं 24 सितंबर को समुद्र अशांत रहने की संभावना है।

मछुआरों के लिए चेतावनी:

❖ मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे 24 सितंबर तक पश्चिम-मध्य एवं उससे सटे उत्तर-पश्चिमी तथा दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आंध्र प्रदेश–ओडिशा–पश्चिम बंगाल के तटों के साथ एवं आसपास समुद्र में न जाएं। 

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सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई (≥7 सेमी)

कल 0830 बजे IST से आज 0830 बजे IST तक विभिन्न मौसम उपखंडों में:

❖ ओडिशा: कोरापुट — 23 सेमी
❖ तटीय आंध्र प्रदेश: श्रीकाकुलम (पलासा) — 14 सेमी
❖ असम: चामागुरी — 14 सेमी
❖ तटीय कर्नाटक: अंकोला (जिला उत्तर कन्नड़) — 12 सेमी
❖ गंगीय पश्चिम बंगाल: कांथी/कॉन्टाई — 10 सेमी
❖ गोवा: डाबोलिम — 10 सेमी
❖ अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह: मायाबंदर — 9 सेमी
❖ पूर्वी उत्तर प्रदेश: कानपुर तहसील (कानपुर शहर) — 8 सेमी
❖ मध्य महाराष्ट्र: भिवपुरी–कर्जत (रायगढ़) — 8 सेमी
❖ मिजोरम: आशापारा — 8 सेमी
❖ सौराष्ट्र: ऊना (गिर सोमनाथ) एवं राजुला (अमरेली) — 7 सेमी
❖ उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम: भटकावा टी.ई. — 7 सेमी। 

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Monday, 21 September 2026

आगामी मौसम की प्रमुख भविष्यवाणियां 22 सितंबर से होगा मौसम में परिवर्तन और 23 सितंबर की रात से 29 सितंबर के बीच एक बार अंतिम है रूप से अच्छी वर्षा 5 दिन होने के प्रबल संभावना है । क्योंकि बंगाल की खाड़ी में बनेगा एक चक्रवात जो पूर्वोत्तर भारत से उड़ीसा आंध्र मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश बिहार छत्तीसगढ़ तक वर्षा करेगा

आगामी मौसम की प्रमुख भविष्यवाणियां 
 22 सितंबर से होगा मौसम में परिवर्तन और 23 सितंबर की रात से 29 सितंबर के बीच एक बार अंतिम है रूप से अच्छी वर्षा 5 दिन होने के प्रबल संभावना है । क्योंकि बंगाल की खाड़ी में बनेगा एक चक्रवात जो पूर्वोत्तर भारत से उड़ीसा आंध्र मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश बिहार छत्तीसगढ़ तक वर्षा करेगा 
आज का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहेगा और आज से जौनपुर सहित आसपास का मौसम बदल जाएगा दोपहर के बाद कभी भी वर्षा हो सकती है और कल से भयंकर गर्मी उमस पसीना से छुटकारा मिल जाएगा। 

कल का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस होगा लेकिन इसका अनुभव 35 डिग्री और 30 डिग्री सेल्सियस होने से हल्की गर्मी उमस और पसीना का मौसम रहेगा आज और कल हल्की से मध्यम वर्षा कहीं-कहीं तेज वर्षा  का अनुमान है हमारे केंद्र की भविष्यवाणी के अनुसार 22 सितंबर से 29 सितंबर तक सुहावना मौसम रहेगा और झंझा चकोर गान गर्जन वारिदमाला क विद्युत की गरज चमक के साथ माध्यम से तेज कहीं-कहीं बहुत तेज वर्षा होगी ।

जौनपुर और आसपास के जनपदों में 19 सितंबर से 22 सितंबर तक धूप छांव बादलों के साथ बूंदाबादी हल्की वर्षा के योग हैं लेकिन ज्यादातर सूखा ही रहेगा मध्यम भारत और कुछ समुद्र तटीय  स्थानों पर भारी  चक्रवाती वर्षा के योग बन रहे हैं इसमें एक-दो दिन का अंतर हो सकता है। जिसका असर दो तिहाई भारत पर पड़ेगा 

हवा की दिशा लगातार बदलती रहेगी पहले पूर्व फिर उत्तर पूर्व और फिर पूर्वी दक्षिणी पूर्वी हो जाएगी और हवा का वेग 10 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे होगा वायु गुणवत्ता सूचकांक इस समय 15 से लेकर 50 के बीच रहेगी। 22 से 25 सितंबर तक वर्षा का वेग बढ़ेगा आंध्र उड़ीसा बिहार छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश के पूर्वी भागों और बंगाल में आंधी तूफान आएगा 

 विशेष कर 24 सितंबर से 30 सितंबर तक  वायु गुणवत्ता सूचकांक यह 10 के आसपास आ जाएगी जो जौनपुर के लिए एक अद्भुत बात है क्योंकि यहां पर वायु गुणवत्ता सूचकांक वर्ष में भी 100 से नीचे कभी-कभी आती है और इस वर्ष पूरे 3 महीने वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 से नीचे रहे हैं सापेक्षिक आर्द्रता इस कालखंड में 50% से 99% के बीच रहेगी इस प्रकार गर्मी उमस और पसीना जारी रहेगा लेकिन केवल 10:00 बजे से 3:00 के बीच पराबैंगनी किरणों की तीव्रता इस कालखंड में 1 से लेकर 6 के बीच रहेगी। 

तापमान इस कालखंड में न्यूनतम 25 से लेकर 27 डिग्री और अधिकतम 28- 35 से लेकर डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। 

कारण
 
बंगाल की खाड़ी में बनने वाला तीव्र दबाव और उसके फसस्वरूप एक हल्के मध्यम दर्जे का चक्रवात का बनना जो तेज भी हो सकता है जिससे अल नीनो का प्रभाव फिर से घटेगा और पूर्वांचल मध्य भारत दक्षिण भारत से लेकर गुजरात महाराष्ट्र तक माध्यम से भरी और तटीय भागों में भारी मूसलाधार वर्षा होगी और इसी के साथ 5 अक्टूबर से मानसून का समापन हो जाएगा  और हल्की ठंड का श्री गणेश हो जाएगा और गर्मी उमस पसीने का जोर समाप्त हो जाएगा - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978 15( सितंबर 2026 को यह भविष्यवाणी लिखी गई है)

Sunday, 20 September 2026

*23 सितंबर एक अद्भुत भौगोलिक दिन- डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि*

*23  सितंबर एक अद्भुत भौगोलिक दिन- डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि*
अंतरिक्ष से देखने पर नीले हरे रंग की हमारी धरती घूमते हुए अनंत ब्रह्मांड का अद्भुत ग्रह है क्योंकि अभी तक एक भी ग्रह पृथ्वी की तरह खोजा नहीं जा सका है जो जीव जंतु हवा पानी और वनस्पतियों से युक्त हो। धरती सचमुच अपने सौरमंडल का ही नहीं अपनी आकाशगंगा का भी सबसे अद्भुत ग्रह है और यहां पर घटने वाली भौगोलिक घटनाएं भी परम विचित्र हैं अपनी आकाशगंगा के दो खरब सूर्य के बीच कई हजार खरब ग्रह नक्षत्र में धरती पर ही जीवन विद्यमान है ऐसी ही एक अद्भुत भौगोलिक घटना 22 दिसंबर 21 जून 23 सितंबर और 21 मार्च को को घटित होती है जब सबसे बड़ी रात और सबसे छोटा दिन होता है और 21 मार्च तथा 23 सितंबर को धरती पर दिन रात सर्दी गर्मी बराबर होती है। 

पृथ्वी बाहर से देखने पर गोल दिखती है लेकिन यह पूरी तरह गोल नहीं है बल्कि उत्तरी दक्षिणी ध्रुव पर नारंगी की तरह हल्की चपटी है और यह अपने अक्ष पर 23.50अंश झुकी हुई है इसीलिए धरती पर दिन-रात बराबर नहीं रहता है क्योंकि धरती पर सूर्य की किरणें सामान नहीं पड़ती है इसलिए धरती पर दिन-रात अंधेरा उजाला बराबर नहीं रहता है अभी तक लगभग 5000 खरब आकाशगंगाएं खोजी जा चुकी हैं और धरती उन सब में अनूठी हैं

पृथ्वी के सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करने के कारण मौसम और ऋतु में बदलता है जबकि पृथ्वी के अपने अक्ष पर लट्टू की तरह घूमने के कारण दिन और रात होते हैं इसी परिक्रमण और परिभ्रमण के कारण सूर्य पूर्व में उगता हुआ और पश्चिम में डूबता हुआ दिखाई देता है और सभी ग्रह नक्षत्र तारे आकाशगंगा पूर्व में उगती हुई और पश्चिम में डूबती हुए दिखाई देते हैं अपने लट्टू को देखा होगा वह अपने अक्ष पर घूमते हुए आगे भी बढ़ता रहता है ठीक इसी तरह हमारी धरती भी अपने अक्ष पर घूमते हुए सौरमंडल में पूरे सौर परिवार के साथ आकाशगंगा में आगे बढ़ती रहती है और हर घंटे हम अंतरिक्ष में 107000 किलोमीटर की मुफ्त यात्रा कर चुके होते हैं और अपनी आकाशगंगा भी अन्य आकाशगंगाओं की परिक्रमा कर रही है और सारी आकाशगंगाएं किसकी परिक्रमा कर रही है विज्ञान को ज्ञात नहीं है हमारे अनुसार वे भगवान शिव और भगवती पार्वती की परिक्रमा करते रहते हैं क्योंकि आकाशगंगा हजारों समूह बनाकर स्थानीय ब्रह्मांड बनाते हैं और ऐसे लाखों ब्रह्मांड कृष्ण विवर अर्थात ब्लैक होल में और ब्लैक होल श्वेत विवर अर्थात व्हाइट हॉल में समा जाते हैं और ब्लैक होल तथा व्हाइट होल महाकाली में और महाकाली स्वयं भगवान शिव में समा जाते हैं तब यह परमाणु मात्र का रह जाता है ।

23 सितंबर को धरती पर दिन रात सर्दी गर्मी बराबर रहते हैं जैसा कि इस समय आप देख रहे हैं लगभग 12 घंटे का दिन और 12 घंटे की रात हो रही है यह बात आप पंचांग और विज्ञान में भी देख सकते हैं हमारे प्राचीन काल के ऋषि मुनि वैज्ञानिक दार्शनिक बुद्धिजीवी कितने विद्वान थे जिन्होंने लाखों वर्ष पहले धरती सूर्य आकाश गंगा सहित अनंत ब्रह्मांड की सटीक जानकारी और ग्रहण की ज्वार भाटा सहित हर विवरण हर जानकारी दे दिया था वह अनंत ब्रह्मांड में प्रकाश की गति से भी तेज मन की गति से यात्रा करने में सक्षम थे।

अब सितंबर से लेकर नवंबर तक लगातार बसंत जैसा मौसम रहेगा नवंबर में सर्दी बढ़ने लगेगी और गर्मी कम होने लगेगी और धीरे-धीरे ठंड आ जाएगी यही हाल फरवरी और मार्च में भी होती है जब फागुन और चैत्र महीने में ठंडी गर्मी बराबर होती है ऐसा केवल धरती पर ही होता है अन्य ग्रहों में ऐसी स्थिति नहीं है क्योंकि बुद्ध और शुक्र भयंकर गम है जहां 500 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान रहता है तो वही मंगल और बृहस्पति पर बहुत ठंडा दिन रहता है वहां का तापमान सोने से भी नीचे रहता है मंगल ग्रह पर औसत तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहता है जबकि शनि अरुण वरुण और यह ग्रह पर हमेशा बर्फ जमी रहती है। वहीं पर बुद्ध का एक दिन धरती के 243 दिन के बराबर होता है ।

22 दिसंबर को उत्तरी गोलार्ध में  जाड़ा पड़ता है और सबसे छोटा दिन होता है जबकि सबसे बड़ी रात होती है जब सूर्य मकर संक्रांति करता है तब मकर संक्रांति के दिन 15 जनवरी के आसपास उत्तरी गोलार्ध में दिन बड़ा होने लगता है और रात धीरे-धीरे छोटी होने लगती है इसलिए उत्तरी गोलार्ध में नवंबर से लेकर फरवरी तक घनघोर जाड़ा पड़ता है जबकि दक्षिणी गोलार्ध में इस समय गर्मी की ऋतु होती हैं इसीलिए दक्षिण अफ्रीका दक्षिण अमेरिका और आस्ट्रेलिया तथा न्यूजीलैंड में इस समय जाड़े में गर्मी के ऋतु चल रही है। 

इसी प्रकार 21 जून को उत्तरी गोलार्ध में सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात होती है इसके बाद धीरे-धीरे सूर्य दक्षिणायन हो जाता है और उत्तरी गोलार्ध में वर्षा और उसके बाद जाड़े की ऋतु आने लगती है जबकि दक्षिणी गोलार्ध में इस समय जाड़े का मौसम शुरू हो जाता है इस प्रकार अप्रैल से जून जुलाई तक घनघोर गर्मी पड़ती है। 

इसके विपरीत 21 मार्च और 23 सितंबर ऐसा समय है जब सारी धरती पर दिन-रात बराबर होते हैं और सर्दी गर्मी भी बराबर होती है इसलिए सितंबर अक्टूबर में और फरवरी मार्च में सारी दुनिया में और भारत में भी मौसम सुहावना और बसंत का होता है यह सभी धरती के अपने अक्ष पर झुकी होने पूरी तरह से गोल नहीं होने और परिक्रमण और परिभ्रमण के कारण होता है हिंदी में आधे कुवार से लेकर आधे अगहन तक और आधे फागुन से लेकर आधे वैशाख तक मौसम सुहाना ऋतु बसंत और सर्दी गर्मी जाड़ा दिन रात बराबर रहते हैं। 

एक बात और है कि ठंड में जैसे-जैसे उत्तरी ध्रुव की ओर जाते हैं वैसे-वैसे दिन छोटे और रातें बड़ी होने लगती है भारत के दक्षिणी भागों में और विषुवत वृत्त पर 12 घंटे के दिन 12 घंटे की रात होता है जबकि मध्य भारत जौनपुर और आसपास दिसंबर में लगभग 14 घंटे की रात और 10 घंटे का दिन होता है कश्मीर और उसके उत्तरी भागों में और चीन तथा अरब देशों में इस समय 8 घंटे का दिन और 16 घंटे की रात होता है जबकि 66 अंश उत्तरी अक्षांश पर केवल रात होती है और उत्तरी ध्रुव पर 6 महीने की रात होती है जबकि इस समय दक्षिणी ध्रुव पर 6 महीने केवल दिन होता है ऐसा माना जाता है कि विश्व काव्य रामायण का भीषण धुरंधर महायोद्धा कुंभकर्ण उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव पर बारी-बारी से 6 महीने सोया करता था। 

इस प्रकार धरती के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव पर 6 महीने के दिन और 6 महीने की रात होती है यहां 6 महीने सूर्य डूबा रहता है और गर्मी में 6 महीने रात में भी सूर्य निकल रहता है फिनलैंड नार्वे जहां पर  दो महीना केवल दिन होता है उसका दृश्य देखने लाखों लोग जाया करते हैं यहां पर रंग-बिरंगे प्रकाश की किरणें फैल जाते हैं जिनको मेरु प्रभा कहते हैं धरती पर यह अद्भुत भौगोलिक घटनाएं 22 दिसंबर 21 जून 23 सितंबर और 21 मार्च का दिन अद्भुत भौगोलिक घटना बना देती हैं।

हर एक गैर मुसलमान से मेरा 45 वर्षों से एक ही प्रश्न है आखिर एक भी मुसलमान पैगंबर अल्लाह कुरान शरण हदीस के विरुद्ध कुछ क्यों नहीं करता

हर एक गैर मुसलमान से मेरा 45 वर्षों से एक ही प्रश्न है आखिर एक भी मुसलमान पैगंबर अल्लाह कुरान शरण हदीस के विरुद्ध कुछ क्यों नहीं करता 


दूसरा दुनिया का कोई भी मुसलमान एक मुसलमान या मुस्लिम सैना या मुस्लिम धर्म गुरु या मुस्लिम शासक के द्वारा सामूहिक हत्या बलात्कार कत्लेआम आतंक के विरुद्ध एक शब्द क्यों नहीं बोलना कोई भी भारतीय मुसलमान कश्मीर बांग्लादेश पाकिस्तान अफगानिस्तान भारत के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में भयंकर शैतानी हरकतों का विरोध क्यों नहीं करता चौथा एक भी मुसलमान यह नहीं बताता की ईद क्यों मनाई जाती है पांचवा एक भी मुसलमान हलाला और तीन तलाक के विरुद्ध नहीं बोलना

 छठां तीन तलाक बिल पास होने के बाद अचानक देश की सारी महिलाएं नकाब हिजाब बुर्का में क्यों आ गई जज कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक महिलाएं भी यही कर रही हैं सातवां कोई भी मुसलमान 150 फीट हूर और गिलमों को पाने की इच्छा क्यों नहीं छोड़ता है आखिर 5 फीट के मुस्लिम 150 फीट के इन लोगों का क्या उखाड़ पाएंगे 


पूरी दुनिया का हर मुसलमान मौका पाते हैं अन्य धर्म की एक वर्ष से 9 वर्ष की सभी लड़कियों के साथ बलात्कार क्यों करता है क्या शबाब इतना ज्यादा शक्तिशाली है और अंतिम प्रश्न जो जो चीज इस्लाम धर्म में हराम है दुनिया के हर मुसलमान  उसका त्याग क्यों नहीं करते हैं यदि किसी मुस्लिम या मुस्लिम धर्म गुरु के पास इसका उत्तर है तो अवश्य दें
 
कोई मुसलमान  चांद के दो टुकड़े करना हवा में उड़कर मक्का से यरुशलम जाना कालीन पर उड़ना सूर्य का कीचड़ में डूबना पृथ्वी का चपटी होना जैसे विज्ञान विरुद्ध गलत चीजों का विरोध क्यों नहीं करता  और दुनिया का हर मुसलमान किसी को कुछ देना क्यों नहीं चाहता है हमेशा लेना ही क्यों चाहता है