Thursday, 30 April 2026

दिन महीना और समय के साथ एक-एक अक्षर सत्य हुए भविष्यवाणी 49 वर्षों की तरह और लगातार 49 वर्षों की तरह मित्र के वश में छिपे शत्रु केवल आलोचना करने वाले लोग प्रशंसा से हमेशा दूर रहने वाले आस्तीन के सांप और ईर्ष्या द्वेष जलन से भरे हुए लोग चारों खाने चित्र धड़ाम हो गए

दिन महीना और समय के साथ एक-एक अक्षर सत्य हुए भविष्यवाणी 49 वर्षों की तरह और लगातार 49 वर्षों की तरह मित्र के वश में छिपे शत्रु केवल आलोचना करने वाले लोग प्रशंसा से हमेशा दूर रहने वाले आस्तीन के सांप और ईर्ष्या द्वेष जलन से भरे हुए लोग चारों खाने चित्र धड़ाम हो गए

 आज और कल के मौसम की भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 

‌‌ आज तेज पूर्वी हवाओं के साथ चलेगा तेज आंधी तूफान अंधड़ छा जाएंगे घने बादल और आज से एक सप्ताह तक मौसम बादल बरसा वाला रहेगा अधिकतम तापमान में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की आएगी कमी 

आज जौनपुर और आसपास का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के साथ ‌‌ कल से थोड़ा कम तापमान होगा ‌ लेकिन भयानक गर्मी और उमस आज भी जारी रहेगी। ‌‌ दोपहर के बाद तेज हवाओं झंझावात बिजली की चमक गरज के साथ बूंदाबांदी कहीं-कहीं वर्षा जौनपुर सहित  ‌ संपूर्ण उत्तर भारत और पूर्वांचल और आसपास पर होने की प्रबल संभावना है ‌ आज और कल झंझा झकोर घन गर्जन तड़ित और वारिदमाला का दृश्य पैदा होगा ‌ बहुत ही भयंकर उमश पसीना के कारण लोग पसीने से तर तर हो जाएंगे।‌ लेकिन शाम होते होते सबको भयंकर राहत मिलेगी एक बार फिर से बता देना चाहता हूं कि भीषण गर्मी के कारण अचानक चक्रवर्ती लंगडी आंधी आने की संभावना है सावधान रहें आशा से अधिक विनाशकारी हो गया वज्रपात वर्षा आंधी तूफान

न्यूनतम तापमान भी 28 डिग्री सेल्सियस होगा हवा की दिशा  पूर्वी रहेगी‌ बहुत तेज हवाएं चलने आंधी तूफान अंधड़ आने की संभावना है ।

कल का न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और उच्चतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस होने की प्रबल संभावना है। 
नमी की मात्रा बढ़ेगी हवाओं की दिशा पूर्वी उत्तर पूर्वी बनी रहेगी। ‌ आज की तरह कल भी तेज हवा आंधी तूफान अंधड़ झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला ‌ आंखों को चकाचौंध कर देने वाली विद्युत का दृश्य पैदा होगा।

वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 से 100 के बीच पराबैंगनी किरणों की तीव्रता 5से 7 के बीच रहेगी ‌ दोपहर के बाद और साघ्यंकाल ‌ के बीच तेज हवा आंधी तूफान के साथ कहीं-कहीं बूंदाबादी तो कहीं-कहीं हल्की वर्षा होगी।

सापेक्षिक आर्द्रता अर्थात हवा जल की मात्रा 35 प्रतिशत से 80% के बीच रहेगी। 

आज वर्षा ‌ बूंदाबांदी की प्रबल संभावना है ‌ सुबह मौसम शांत रहेगा लेकिन बाद में ‌ बादलों के साथबहुत तेज हवा चलेगी लेकिन आज बहुत तेज हवा से लेकर आंधी तूफान अंधड़ जौनपुर और आसपास के जिलों में झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला  ‌ वर्षा के साथलंबे क्षेत्र में ‌ कसंपूर्णउत्तर भारत मेंआ सकते हैं। कल अर्थात 29 अप्रैल को दूर-दूर तक झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला के साथ हल्की सामान्य वर्षा होगी

 भीषण गर्मी के पश्चात कल से गर्मी में  कमी होने उमस और आर्द्रता बढ़ने और 28 अप्रैल से 2 मई के बीच हल्की वर्षा का मौसम रहने की ‌ तापमान के 7-10 डिग्री सेल्सियस गिरने की प्रबल संभावना है।
: जो लोग यह कह रहे हैं कि आपकी भविष्यवाणी के अनुसार आज आंधी तूफान वर्षा नहीं हुई तो उनको मैं बता दूं कि दोपहर से शाम के बीच जो हमारी भविष्यवाणी है आंधी तूफान वर्ष की वह निश्चित रूप से सही होगी सावधान रहें

सारे चुनावी एग्जिट पोल चाहे जो कहीं लेकिन मैं दो महीने पहले की अपनी भविष्यवाणी फिर से दोहरा रहा हूं बंगाल में भाजपा 140 प्लस माइनस 25 सीट प्राप्त करेगी ‌ जबकि असम में हेमंत विश्व शर्मा एक बार फिर बहुमत पा जाएंगे‌ तमिलनाडु में विभाजित जनादेश प्राप्त होगा केरल में स्थिति वामपंथी के पक्ष में और पुडुचेरी में भाजपा गठबंधन को सत्ता प्राप्तहोंगे

‌ इस प्रकार 2 महीने पहले की बिल्कुल सटीक निष्पक्ष चमत्कार पूर्ण भविष्यवाणी के अनुसार दो राज्यों में भाजपा दो राज्यों में विपक्षी दल और एक में कांटे की टक्कर होगी। तमिलनाडु और केरल में मोदी अमित शाह का प्रयास बहुत ही बुरी तरह फेल होगा-डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर  01/03/1926

Wednesday, 29 April 2026

आज और कल के मौसम की भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

 आज और कल के मौसम की भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 

‌‌ आज तेज पूर्वी हवाओं के साथ चलेगा तेज आंधी तूफान अंधड़ छा जाएंगे घने बादल और आज से एक सप्ताह तक मौसम बादल बरसा वाला रहेगा अधिकतम तापमान में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की आएगी कमी 
डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 


आज जौनपुर और आसपास का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के साथ ‌‌ कल से थोड़ा कम तापमान होगा ‌ लेकिन भयानक गर्मी और उमस आज भी जारी रहेगी। ‌‌ दोपहर के बाद तेज हवाओं झंझावात बिजली की चमक गरज के साथ बूंदाबांदी कहीं-कहीं वर्षा जौनपुर सहित राजस्थान पर होने की प्रबल संभावना है ‌ आज और कल झंझा झकोर घन गर्जन तड़ित और वारिदमाला का दृश्य पैदा होगा ‌ बहुत ही भयंकर उमेश पसीना के कारण लोग पसीने से तर तर हो जाएंगे।

न्यूनतम तापमान भी 28 डिग्री सेल्सियस होगा हवा की दिशा  पूर्वी रहेगी‌ बहुत तेज हवाएं चलने आंधी तूफान अंधड़ आने की संभावना है ।

कल का न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और उच्चतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस होने की प्रबल संभावना है। 
नमी की मात्रा बढ़ेगी हवाओं की दिशा पूर्वी उत्तर पूर्वी बनी रहेगी। ‌ आज की तरह कल भी तेज हवा आंधी तूफान अंधड़ झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला ‌ आंखों को चकाचौंध कर देने वाली विद्युत का दृश्य पैदा होगा।

वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 से 100 के बीच पराबैंगनी किरणों की तीव्रता 5से 7 के बीच रहेगी ‌ दोपहर के बाद और साघ्यंकाल ‌ के बीच तेज हवा आंधी तूफान के साथ कहीं-कहीं बूंदाबादी तो कहीं-कहीं हल्की वर्षा होगी।

सापेक्षिक आर्द्रता अर्थात हवा जल की मात्रा 35 प्रतिशत से 80% के बीच रहेगी। 

आज वर्षा ‌ बूंदाबांदी की प्रबल संभावना है ‌ सुबह मौसम शांत रहेगा लेकिन बाद में ‌ बादलों के साथबहुत तेज हवा चलेगी लेकिन आज बहुत तेज हवा से लेकर आंधी तूफान अंधड़ जौनपुर और आसपास के जिलों में झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला  ‌ वर्षा के साथलंबे क्षेत्र में ‌ कसंपूर्णउत्तर भारत मेंआ सकते हैं। कल अर्थात 29 अप्रैल को दूर-दूर तक झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला के साथ हल्की सामान्य वर्षा होगी

 भीषण गर्मी के पश्चात कल से गर्मी में  कमी होने उमस और आर्द्रता बढ़ने और 28 अप्रैल से 2 मई के बीच हल्की वर्षा का मौसम रहने की ‌ तापमान के 7-10 डिग्री सेल्सियस गिरने की प्रबल संभावना है।
[4/29, 2:51 PM] Dr  Dileep Kumar singh: जो लोग यह कह रहे हैं कि आपकी भविष्यवाणी के अनुसार आज आंधी तूफान वर्षा नहीं हुई तो उनको मैं बता दूं कि दोपहर से शाम के बीच जो हमारी भविष्यवाणी है आंधी तूफान वर्ष की वह निश्चित रूप से सही होगी सावधान रहें
[4/29, 5:52 PM] Dr  Dileep Kumar singh: हॉट मिलियन कर नगर पालिका परिषद के बीच स्थित इमली वाली मस्जिद की नीम का पेड़ टूट कर आधा गिर गया है जो तारों पर लटकते हुए सड़क पूरी तरह रोक दिया है आवागमन पूरी तरह बंद है यह डाइट के पूर्व सटा हुआ है
[4/29, 5:54 PM] Dr  Dileep Kumar singh: हमारे केंद्र की कल की भविष्यवाणी के अनुसार आज जौनपुर में प्रचंड आंधी तूफान चक्रवात और वर्षा एक साथ हुए और भयंकर वज्रपात ने सबका दिल दहला कर रख दिया भयंकर आंधी की अधिकतम गति 6065 किलोमीटर प्रति घंटे रही जो 5 साल में सर्वाधिक थी जौनपुर न्यायालय में कई पेड़ टूट कर गिर गए पीपा पुल के ऊपर अचला देवी मंदिर में स्थित नेम और अन्य चार पांच पेड़ गिर गए जिससे रास्ता पूरी तरह बंद है ‌ भविष्यवाणी के अनुसार झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला ‌ और आंखों को चक्कर चंद कर देने वाली विद्युत का भयंकर दृश्य प्रलय काल के समान उपस्थित हुआ काफी विनाशकारी आंधी तूफान रहा सबसे बड़ी संख्या में 56 और 3 से जुड़ गए और कई मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए सौभाग्य ही रहा की मनुष्यों की कोई हानि नहीं हुई
[4/29, 6:03 PM] Dr  Dileep Kumar singh: जौनपुर नगर क्षेत्र में 20 से 30 मिलीलीटर और कई पश्चिमी क्षेत्र में 40 से 50 मिलीलीटर वर्षा हुई है बिजली की आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं सभी नालियां जाम हो चुके हैं और बचाव कार्य के लिए कोई दिख नहीं रहा है ‌ विवाह का मुहूर्त होने से सड़क जाम है और प्रदूषण तथा पराबैंगनी किरणों में कमी हुई है वायु गुणवत्ता सूचकांक ‌ 100 से 50 तक आ गया है ‌ इस मध्यम श्रेणी के चक्रवात ने सभी सरकारी दावों की पोल खोल दी है
[4/29, 6:05 PM] Dr  Dileep Kumar singh: भयंकर वज्रपात के साथ  ‌ जबरदस्त ओलावृष्टि हुई जौनपुर के अनेक भागों में तथा पड़ोसी जिलों में हुई है
[4/29, 6:43 PM] Dr  Dileep Kumar singh: 22 अप्रैल से लेकर कल 28 अप्रैल तक लगातार हमने इस भयानक आंधी तूफान चक्रवात की बार-बार चेतावनी और सूचना दिया था जिससे काफी लोग सतर्क हो गए थे और उनका काफी लाभ भी हुआ

भगवान बुद्ध और बुद्ध पूर्णिमा -

: भगवान बुद्ध और बुद्ध पूर्णिमा -डॉ दिलीप कुमार सिंह को 
भगवान बुद्ध मानवता के सर्वोच्च प्रतिमान बन चुके हैं भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्ण ‌‌ और भगवान बुद्ध के अतिरिक्त संपूर्ण संसार में लोकप्रिय कोई नहीं हुआ जितना भगवान बुद्ध है सच्चे अर्थों में उन्हें विश्व का और ज्ञान का प्रकाश स्तंभ कहा जा सकता है कम से कम 50 देशों में भगवान बुद्ध के मत के अनुयाई रहते हैं इनकी संख्या 180 करोड़ से भी ज्यादा है यह इस बात का प्रमाण है कि ढाई हजार से अधिक वर्ष बीत जाने के बाद भी भगवान बुद्ध  ‌ और उनके उपदेश तथा शिक्षाएं इस धरती पर जागृत है ।

भगवान बुद्ध का जन्म लुंबिनी नामक स्थान पर हुआ था जो पहले भारत का एक गणराज्य था और वर्तमान में यह नेपाल में है इस बात से स्पष्ट है कि प्राचीन काल में नेपाल भी भारत का एक अंग था यह भी ध्यान देने वाली बात है कि भगवती सीता देवी के पिता महाराज जनक जो ब्रह्म ऋषियों से बड़े ज्ञानी थे इसी मिथिला के थे जो तक भारत का अंग था और वर्तमान में यह नेपाल में  है। भगवान बुद्ध श्री राम के वश में ही उत्पन्न हुए लेकिन इक्ष्वाकु वंश बिगड़ कर शाक्य वंश हो गया।

भगवान बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ गौतम था ।जन्म देने के कुछ समय बाद ही उनकी मां महामाया देवी का स्वर्गवास हो गया था लेकिन ‌ सौतेली माता प्रजापति गौतमी ने उनका पालन पोषण किया इससे उनके नाम के आगे गौतम लग गया जिन्होंने भगवान बुद्ध को असली मां से भी अधिक में और प्रेम दियाऔर अंत तक  रहा। भगवान बुद्ध के जन्म के समय बड़े-बड़े ज्योतिषियों ने भविष्यवाणी की थी किया  या तो यह बालक चक्रवर्ती सम्राट होगा और सारे पृथ्वी को जीत लेगा या ऐसा महानतम सन्यासी होगा जिसका ज्ञान सारी धरती को जीत लेगा इसलिए उनके पिता शुद्धोधन ने हर संभव प्रयास किया की बालक दुनिया के दुखों से कष्ट से पीड़ा से बिल्कुल अनजान रहें लेकिन नियति को तो कुछ और स्वीकार था।

भगवान बुद्ध को सांसारिक सुख में लिप्त रहने के लिए उनके पिता ने उनके लिए सर्दी गर्मी और वर्षा ऋतु के लिए तीन अलग-अलग शानदार महल सुंदर से सुंदर बाग बगीचा और वाटिका लगाया और उसे समय की सबसे सुंदर स्त्री यशोधरा से उनका विवाह भी कर दिया लेकिन भगवान बुद्ध को ईश्वरीय संदेश स्वप्न में आते ही रहते थे उनका सारथी छंदक बहुत ही बुद्धिमान था और वह भगवान बुद्ध को राजा के वचनों के अनुसार दुख और परेशानी ‌ वृद्धावस्था रोग और मृत्यु के दृश्यों से दूर रखता था।

सिद्धार्थ बचपन से ही बहुत शक्तिशाली और मेधावी थे खेलकूद में सबसे आगे रहते थे उनका चचेरा भाई देवदत्त उनका सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी था ।एक बार उसने हंस को तीर मार दिया भगवान बुद्ध ने उसकी सेवा किया दोनों में विवाद हुआ की हंस किसका है और राजा ने निर्णय दिया कि बचाने वाले का अधिकार करने वाले से अधिक होता है इसलिए हंस सिद्धार्थ का है एक बार उनके राज्य में युद्ध की प्रतियोगिता हुई सिद्धार्थ गौतम सब प्रतियोगिता में सबसे आगे रहे लेकिन उड़ते हुए पक्षी को अपने करुणा के कारण मारना अस्वीकार दिया उनका लक्ष्य वेध अचूक होता था।

भगवान बुद्ध एक बार महल से बाहर जनता के बीच घूमने निकले वहां पर उन्होंने वास्तविक जीवन को देखा उन्होंने एक भिखारी को देखा एक मरे हुए व्यक्ति को देखा और एक संन्यासी को देखा ‌ कंकाल मात्रा हुए रोगी व्यक्ति कोऔर भी अनेक दृश्य देख जिससे वह बहुत विचलित हो गए सारथी ही के द्वारा सब कुछ ज्ञात होने पर और यह ज्ञात होने पर की सभी को अंत में मर जाना है और भी अधिक विचलित हो गए लेकिन सन्यासी के तेज से बहुत प्रभावित हुए और अंत में निश्चय किया की पुत्र और पत्नी राजपाट धन-धान्य को छोड़कर उन्हें सन्यासी बनना है ‌ और जरा जीर्णता मृत्यु पर खोज करना है।

एक दिन संकल्प करके आधी रात को हुए भवन से बाहर निकल पड़े सारथी के साथ नदी के किनारे आए और अपना वस्त्र आभूषण की समान देकर सारथी को विदा किया अपने बाल उतार दिए और ज्ञान की खोज में निकल पड़े वहां उन्होंने गुरु अलार कलाम और उद्रक राम पुत्र से गंभीर ज्ञान प्राप्त हुआ लेकिन मन को संतोष नहीं हुआ और भी बड़े-बड़े ज्ञानी ऋषि मुनि से मिले पर वह नहीं मिला जो वह खोजने गए थे अर्थात् जरा जीर्णता और मृत्यु से छुटकारा पाने का परम ज्ञान इसलिए वे आगे बढ़ते चले गए इसी क्रम में उन्हें सारनाथ में छः तेजस्वी शिष्य मिले जिनके साथ उन्होंने धनघोर तपस्या किया और सूख कर बिल्कुल कांटा हो गए फिर भी उन्हें उनके परम ज्ञान प्राप्त नहीं हुआ।

इसी अवस्था में सुजाता नाम की कन्या पुत्र जन्म की खुशी में खीर लेकर वृक्ष देवता को चढ़ाने आई और कंकाल मात्र भगवान बुद्ध को देखकर समझी कि यही साक्षात वृक्ष देवता हैं और खीर अर्पित कर दिया भगवान बुद्ध ने बड़े प्रेम से खीर खाया यह देखकर उनके छह शिष्य भगवान बुद्ध की तपस्या खंडित हो गई ।‌ यही ब्रह्म लोगों में नगरवधू आम्रपाली को लेकर भी फैला था जो संपूर्ण संसार में सबसे सुंदर स्त्री थी जो समय के साथ स्वयं ही दूर हो गया।

इसके बाद भगवान बुद्ध बोधगया में नदी के किनारे विराट पीपल के वृक्ष के नीचे बैठे और यह सोचकर अखंड समाधि लगाए कि या तो मेरा महाप्रयाण हो जाएगा या परम ज्ञान प्राप्त हो जाएगा इस दशा में पूरे 1 महीने तक ध्यान मग्न समाधि में लीन रहे। और अंत में 1 सप्ताह के बाद उन्हें परम ज्ञान प्राप्त हुआ इस क्रिया को बुद्धत्व की प्राप्ति कहा जाता है तब से वह भगवान बुद्ध कह गए बाद में उनके शिष्यों को पश्चाताप हुआ और उन्होंने क्षमा याचना किया इसके बाद संपूर्ण जीवन भगवान बुद्ध ने पूरे विश्व में दया परोपकार करुणा शांति अहिंसा का संदेश फैलाया ।

आज भले लोग बौद्ध धर्म को अलग धर्म मान रहे हैं लेकिन भगवान बुद्ध ने इसे अलग धर्म नहीं माना उन्होंने केवल सनातन धर्म में आई कमी अंधविश्वास और रूढ़ियों को हटाकर परम दिव्य ज्ञान का प्रकाश फैलाया और पूरी दुनिया में उनके ज्ञान का प्रकाश फैल गया उन्होंने अंगुलिमाल जैसे शैतानी डाकू को भी अपने बश में करके अपने महान शक्ति का प्रदर्शन किया और अंत में 80 वर्ष की अवस्था में 483 ईसा पूर्व में उन्होंने कुशीनगर में महापरिनिर्वाण प्राप्त किया। उनका जन्म मृत्यु और ज्ञान प्राप्ति तीनों एक ही दिन हुआ था यह बहुत ही विलक्षण घटना थी भगवान बुद्ध एक ऐसे महान विभूति हैं जिनके ज्ञान का प्रकाश दिग्दिगंत में फैल रहा है ईश्वर को लेकर वे नास्तिक नहीं थे लेकिन उसकी गलत व्याख्या की गई है ईश्वर के बारे में उन्होंने अपने विचार कभी व्यक्त नहीं किया आज भगवानपुर और उनकी शिक्षाओं की पूरे विश्व को आवश्यकता है।

भगवान बुद्ध की जयंती वैशाख पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है इसको बुद्ध जयंती वैसाख वेसाक विशाख बुन सागा दाव फो दैन फैट दैन जैसे नाम से भी जाना जाता है भगवान बुद्ध की जयंती वैसाख पूर्णिमा समस्त सनातनी मानते हैं क्योंकि भगवान बुद्ध भगवान विष्णु के नवें अवतार माने जाते हैं दसवां और अंतिम अवतार भगवान कल्कि चुका है जो कलयुग के अंत में जन्म लेंगे। यहां पर बड़ी ही धूमधाम से भगवान बुद्ध के धर्मस्थली  उनके जन्म स्थान लुंबिनी और महापरिनिर्वाण स्थान कुशीनगर में मनाया जाता है इस अवसर पर भगवान बुद्ध को याद करते हुए उनकी शिक्षाओं का प्रचार प्रसार किया जाता है जो पहली बार सम्राट अशोक के द्वारा देश-विदेश में की गई थी।

और अंत में इतना कहना चाहूंगा कि दया परोपकार क्षमता करुणा शक्ति सत्य अहिंसा के साक्षात मूर्तिमान स्वरूप भगवान बुद्ध का अनुयाई या भिक्षुक या भंते अगर सुख सुविधाओं के साथ विलासी जीवन व्यतीत करता है धन कम कर कोठी बंगले गाड़ी में रहता है हवाई जहाज और प्रथम श्रेणी के लोग पाठयम में यात्रा करता है तो वह न केवल धूर्त है बल्कि भगवान बुद्ध की शिक्षाओं के बिल्कुल उल्टा करके उनके धर्म पंथ को बर्बाद करता है यही कारण था कि बौद्ध धर्म भारत से लगभग नष्ट हो गया और आज भी जो तथा कथित भगवान बुद्ध के अनुयाई हैं उसमें 99% लोग भोग विलास का जीवन बिताकर उनके शिक्षाओं को खंड-खंड करते हुए बौद्ध धर्म का विनाश कर रहे हैं।

डॉ दिलीप कुमार सिंह 

Tuesday, 28 April 2026

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नालसा नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के दिशा निर्देश पर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर के तत्वावधान में जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि के नेतृत्व में ‌एवं ‌ सिविल जज सीनियर डिवीजन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुशील कुमार सिंह की देखरेख में आज एक विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का और आयोजन बदलापुर तहसील जौनपुर में आयोजित किया गया जिसका विषय बच्ची देवी प्रति उत्तर प्रदेश राज्य एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर के द्वारा किए गए कार्यों का विवरण सम्मिलित रहा ।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नालसा नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के दिशा निर्देश पर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर के तत्वावधान में जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि के नेतृत्व में ‌एवं ‌ सिविल जज सीनियर डिवीजन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुशील कुमार सिंह की देखरेख में आज एक विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का और आयोजन बदलापुर तहसील जौनपुर में आयोजित किया गया जिसका विषय बच्ची देवी प्रति उत्तर प्रदेश राज्य एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर के द्वारा किए गए कार्यों का विवरण सम्मिलित रहा ।

इस अवसर पर सुशील कुमार सिंह सचिव ‌ सिविल जज सीनियर डिवीजन ‌ ‌ आशुतोष खरवार सिविल जज जूनियर डिवीजन ‌ जज ग्राम न्यायालय ‌ डॉ दिलीप कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल जनपद न्यायालय जौनपुर ‌ तहसीलदार ‌मध्यस्थ ‌ पैनल लायर ‌  पी‌एलवी ‌‌ विद्वान अधिवक्ता गण और कर्मचारी गण बड़ी संख्या में वादकारीगण एवं प्राधिकरण के कर्मचारी सुनील कुमार मौर्य और  उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सिविल ज़ज सीनियर डिवीजन सचिव सुशील कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह तहसीलदार एवं तहसीलदार तहसील ‌ बदलापुर ग्राम न्यायालय के न्यायाधिकारी के द्वारा बच्ची देवी के मुकदमे में पारित न्यायपालिका के निर्णय को विस्तार से समझाते हुए कहा गया कि हर एक नागरिक को जब तक वह दोषी सिद्ध न हो जाए संविधान और न्याय के द्वारा प्रदत्त तथा संपूर्ण विधिक अधिकार सुनिश्चित करना राज्य सरकार और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है यदि कोई व्यक्ति जेल में निरुद्ध है ‌ और जमानत हो जाने पर जमानत दर्द प्रस्तुत नहीं कर पा रहा है तो इसकी सूचना जेल अधीक्षक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को देगा इसके पश्चात उसकी सामाजिक आर्थिक रिपोर्ट मंगा कर एक महीने का समय देखकर व्यक्तिगत बंध  पत्र पर जेल में बंद बंदी को छोड़ दिया जाएगा और उसे न्यायालय द्वारा दिए गए समय सीमा के अंदर अपने जमानत दर एवं कागजात प्रस्तुत करना होगा ।

विद्वान वक्ताओं ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का जीवन और उसकी स्वतंत्रता तथा अधिकार केवल विधि के द्वारा स्थापित सिद्धांतों के अतिरिक्त कम नहीं किया जा सकता है ‌ इस अवसर पर सचिव महोदय एवं डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल के द्वारा विधिक साक्षरता जागरूकता के बारे में बताते हुए मध्यस्थता ‌ लीगल एड डिफेंस सिस्टम पैनल लायर जेल विजिटर ‌ एवं फ्रंट ऑफिस तथा पैरेलल लीगल वालंटियर के बारे में संपूर्ण जानकारी देते हुए बताया गया की कोई भी पीड़ित प्रताड़ित महिला चाहे वह जिस वर्ग जाति धर्म की हो धनी हो या निधन हो प्राधिकरण की सेवाएं बिल्कुल मुफ्त में दी जाती हैं यदि पीड़ित और प्रताड़ित व्यक्ति अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ी जाति का है तो भी उसकी सारी सेवाएं निशुल्क दी जाती है इस अवसर पर लोक अदालत एवं स्थाई लोक अदालत एवं वैवाहिक प्री लिटिगेशन के बारे में भी विस्तार से बताया गया। 

इस सेमिनार का संचालन डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉ दिलीप कुमार सिंह के द्वारा किया गया और धन्यवाद तथा आभार अध्यक्ष अधिवक्ता संघ तहसील बदलापुर के द्वारा दिया गया

सनातन धर्म तंत्र मंत्र मठ मंदिर आश्रम शक्तिपीठ धाम और तीर्थ स्थान का निष्पक्ष मौलिक विवेचन -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक

सनातन धर्म तंत्र मंत्र मठ मंदिर आश्रम शक्तिपीठ धाम और तीर्थ स्थान का निष्पक्ष मौलिक विवेचन -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक 

कालचक्र के प्रभाव और कलयुग के आगमन के कारण आज हर अच्छी चीज बुरी और बुरी चीज अच्छी दिखाई दे रही है तमराज किलविश का साम्राज्य बढ़ रहा है और अंधेरा दिनों दिन उजाले को निकल रहा है सत्य सत्य से हर रहा है सदाचार दुराचार के आगे नतमस्तक है और अज्ञान के आगे ज्ञान हर रहा है तभी तो धर्म ग्रंथो की मौलिक बातों को उल्टा सीधा करके सच को दबाकर सत्य को दिखाई जा रहा है एक प्रसंग में जो आजकल बहुत टीवी चैनल और इंटरनेट पर चल रहा है  ‌ कारण के द्वारा इंद्र की पराजय का है जो कि कभी हुआ ही नहीं था इसलिए आज हम सनातन धर्म ‌ स्थल मठ मंदिर आश्रम धाम शक्तिपीठ और तीर्थ स्थान का बिल्कुल स्पष्ट मौलिक और निष्पक्ष विवेचन करेंगे 

सबसे पहले यह आप सभी निश्चित रूप से जानने की हमारा सनातन धर्म जो मूल रूप से है वह बिल्कुल सत्य ज्ञान और उजाले का प्रतीक है पूरी तरह प्रकृति पर्यावरण विज्ञान धाम दर्शन के अनुकूल है और सारे संसार का हर व्यक्ति इसमें समाहित हो सकता है इसी प्रकार आज के 100 वर्ष पहले तक बने हुए सभी तीर्थ स्थान धाम मठ मंदिर शक्तिपीठ एवं आश्रम बिल्कुल ही सही और सच्चे हैं और यहां पर सकारात्मक ऊर्जा और दिव्य शक्तियों का निवास है ‌ लेकिन आजकल तमाम नकली साइन मंदिर मैहर देवी और वैष्णो माता के मंदिर शीतला धाम ‌ विंध्यवासिनी देवी और तमाम देवी देवताओं भगवान का नकली मंदिर बनाकर विज्ञापन और मीडिया में उसकी जोर-शोर से प्रशंसा करके लूटने का काम किया जा रहा है इससे आपको सावधान रहने की आवश्यकता है। 

यह संसार कर्म स्थल है अपने कर्म का फल सबको भोगना पड़ता है या निश्चित और अटल है यहां तक की देवी देवता और ईश्वर भी यदि धरती पर आ जाते हैं तो उनको भी कम का भोग भोगना पड़ता है भले ही वह भगवान श्री राम श्री कृष्णा अष्ट पशु अप्सराय देवी देवता भगवान श्री कृष्णा महावीर स्वामी भगवान बुद्ध नानक या कोई भी महापुरुष रहे हो उनका इतिहास चरित्र आपको पता है की किस तरह से पूर्व जन्म के कृत्य के कारण भगवान श्री कृष्ण अंत में जरा नाम के ब्याध के द्वारा बैकुंठ धाम गमन किये।

‌ यदि आप 100 वर्ष पहले स्थापित मठ मंदिर शक्तिपीठ धाम धर्म के केंद्र एवं अन्य धार्मिक सांस्कृतिक और दार्शनिक तथा वैज्ञानिक शक्तिपीठों का अध्ययन करेंगे तो पाएंगे कि यह धरती के अति विशिष्ट स्थान है जैसे कि महाकाल उज्जैन जो भारत का केंद्र भाग है और यहां पर जब भी भारत की राजधानी बनी भारत उन्नति के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचा और दिल्ली में जब भी राजधानी बनाई गई देश टुकड़े-टुकड़े होकर बर्बाद हुआ भीषण युद्ध हुए और धन जन संस्कृति सभ्यता एवं प्रकृति पर्यावरण का अभूतपूर्व नुकसान हुआ। 

इतना स्पष्ट जान लीजिए कि जब भगवान श्री कृष्णा पर लोग चले गए उसी दिन से कलयुग धरती पर उतर आया अपने अनुचर और तमराज किलविश के साथ वह धरती पर घूमता रहा लेकिन पांडव श्री कृष्णा और उनके परम शक्तिशाली विश्व विजेता परीक्षित का इतना बड़ा प्रताप था कि उसकी धरती पर कहीं रुकने की जगह नहीं मिल रही थी। सम्राट परीक्षित स्वयं प्रवेश बदलकर संपूर्ण धरती का अवलोकन अपने पवन गति वाले अश्व से किया करते थे। 

एक बार उनके साम्राज्य में एक अद्भुत पाप कर्म घटित हो गया तब उन्हें बड़ा आश्चर्य हुआ कि यह कैसे हुआ इसके बाद जब वह अपने अश्व पर कारण जानने के लिए निकले तब उन्होंने देखा एक भयंकर काला बहुत लंबा चौड़ा पुरुष इस धर्म और पाप का केंद्र है ‌ जो बहुत ही भयंकर था और उसकी आंखें अंगारे बरसा रहे थे।

यह देखकर परम तेजस्वी परीक्षित ने बिना डरे पलक झपकते ही अश्व से कूद कर उसकी गर्दन दबोच कर धरती पर गिरा दिया और पूछा तू कौन है जो सम्राट परीक्षित के राज्य में धर्म और पाप कर्म करने की चेष्टा कर रहा है और इस तरह कुमार स्वरूप गौ माता और उसके बछड़े को पीड़ा दे रहा है मृत्यु के भाई से थर-थर कांपते हुए कलयुग ने कहा है प्रभु यह कलयुग है और हमें साक्षात श्री हरि विष्णु के द्वारा इस युग का प्रधान नियुक्त करके धरती पर पाप अन्याय अत्याचार अधर्म अज्ञान अनाचार दुराचार बढ़ाने के लिए भेजा गया है।

इस पर क्रोध से लाल पीले परीक्षित ने अपनी भयंकर तलवार उसकी गर्दन काटने के लिए उठा लिया तब वह उनके पैरों पर गिरकर शरणागत हो गया और अपने रहने के लिए केवल पांच जगह मांगा तब सम्राट परीक्षित ने उससे कहा तुम हुए के स्थान पर सोने में वेश्याओं के घर जहां पाप कर्म होते हैं और जहां धर्म होता है वहां पर निवास करो इस पर कलयुग तत्काल ही गायब होकर उनके मुकुट में समा गया इसके बाद उन्होंने कलयुग के प्रभाव से तपस्यारत ऋषि के गले में एक मरा हुआ सांप डाल दिया और उसके पुत्र के श्राप देने के कारण तक्षक नाग के काटने के कारण स्वर्ग धाम सिद्धार्थ गए। 

इसलिए आप ‌ मठ मंदिर धर्म स्थान तीर्थ आश्रम हर जगह यात्रा कीजिए लेकिन ध्यान रखें की 95 प्रतिशत से अधिक कलयुग के साधु संत ऋषि मुनि मनुष्य पुरोहित पांडे कथा वाचक धर्म गुरु और इन स्थानों से जुड़े हुए नौकर चाकर सब के सब दुराचारी मानस मंदिर महिला का सेवन करने वाले और पंचमाकर संयुक्त होते हैं सावधानी रखनी आवश्यक है वरना आपका भी शोषण हो जाएगा चौकिया धाम में जाकर आप पुरोहित पंडितों की अश्लीलता पैसों की लालच और महिलाओं के प्रति गंदे व्यवहार को अपनी आंखों से देख सकते हैं।

एक बात और भी कहना चाहता हूं कि कलयुग का प्रभाव स्त्रियों और लड़कियों पर भी है जितने भी कांड हो रहे हैं 99% उनकी सहमति और रजामंदी से हो रहे हैं ‌ लेकिन जब उनका काम हो जाता है कुकर्मे पूरा हो जाता है ‌ या जब संबंधित व्यक्ति से लाभ या पैसा मिलना बंद हो जाता है या जब वह पकड़ी जाती हैं तो सर आप पुरुषों पर लगाकर खुद दूर है जाती हैं इसलिए सभी को सावधानी रखना आवश्यकहै। 

यदि कोई भी महिला किसी साधु संत महात्मा ज्योति धर्मगुरु के पास अपने पति माता-पिता या परिवार की चोरी से आती है कोई भी स्त्री या लड़की विनाशकारी मंत्र या सम्मोहन विद्या सिखाती है कोई भी स्त्री या लड़की अकेले में बार-बार उनसे मिलने जाती है तो वह स्वयं ही उनको गलत काम का आमंत्रण देती है ऐसे में इन वर्ग से जुड़े लोगों को सावधान रहना चाहिए और किसी भी महिला या लड़की को अकेले अपने आश्रम मठ मंदिर में आने नहीं देना चाहिए यदि वे ऐसा करते हैं तो राम रहीम आसाराम बापू संत रामपाल और अशोक खैरात की तरह उनका पतन निश्चित है। 


एक बात और इस समय कलयुग में कम से कम 60 से 90% साधु संत महंत धर्म गुरु मुस्लिम या क्रिश्चियन होते हैं जो सनातन धर्म को भगवा वस्त्र पहनकर बदनाम करते हैं और स्त्रियों लड़कियों का जमकर शोषण करते हैं और पैसा भी वसूली करते हैं धर्म स्थान में टीका लगाने से लेकर फल फूल माला बेचने का अधिकतर काम यही करते हैं जो उसे दूषित करके बेचते हैं ‌ कितने तो पुजारी पांडे मुस्लिम बन गए हैं जिन्हें पहचान पाना बहुत मुश्किल है सलीम वास्तविक जैसे लोगों का उदाहरण अभी-अभी सामने आया है इसलिए पहले जांच परख कर तभी किसी पर विश्वास करना चाहिए 


इस प्रकार यह निष्कर्ष निकलता है कि सनातन धर्म मूल रूप से जो है वह दुनिया का सबसे सुंदर सबसे श्रेष्ठ सबसे उदार सबसे कल्याणकारी सबसे वैज्ञानिक प्रकृति और पर्यावरण के अनुकूल धरती के हर मनुष्य का धर्म है इसी तरह 100 वर्ष पहले बने हुए सारे मठ मंदिर आश्रम धर्म स्थान तीर्थ और सभी धार्मिक केंद्र बिल्कुल सही है जितने नए बने हुए हैं वह सब प्रचार और विज्ञापन के सहारे बने हुए हैं यदि व्यक्ति जांच पर रखकर इस धरती पर रहकर काम करता है तो वह न कभी धोखा खाता है और ना कभी उसको भयादोहन किया जा सकता है

Sunday, 26 April 2026

अप्रैल के अंतिम सप्ताह और मई के प्रथम सप्ताह के मौसम की प्रामाणिक भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर

अप्रैल के अंतिम सप्ताह और मई के प्रथम सप्ताह के मौसम की प्रामाणिक भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 

अप्रैल महीने में 14 अप्रैल से लगातार अग्निवर्ष हो रही है और इस कालखंड में लगातार उच्चतम तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है और हवा लगातार पश्चिम और उत्तर पश्चिमी बनी हुई है ‌ सापेक्षिक आर्द्रता के भयंकर रूप से सात प्रतिशत तक गिर जाने से चारों तरफ अग्नि वर्षा और शरीर सुख जाने का मौसम लगातार बना हुआ है अधिकतम आद्रता इस बीच 40 से 50% बनी हुई है हवा की गति लगातार 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा और हवा के झोंके 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा अंधड़ ‌ और कहीं कहीं आंधी तूफान में बदलते चले जा रहे हैं ‌ अप्रैल महीने में लगभग 100 वर्ष में 45 डिग्री सेल्सियस पर कभी पार नहीं हुआ था लेकिन इस बार कई पारा 45 डिग्री सेल्सियस पार कर चुका है और अभी अप्रैल के अंतिम सप्ताह में इसके 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने की आशा है।

अब सभी को यह उत्सुकता है की आने वाला अंतिम अप्रैल का सप्ताह कैसा रहेगा सबसे पहले दवाओं की गति देखा जाता है अभी लगातार पश्चिम और उत्तर पश्चिमी हवा 2 दिन तक इसी तरह कायम रहेगी और इसकी गतिविधि 15 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी तापमान 2 दिनों तक चरम पर पहुंच जाने की आशा है विशेष करके 26 और 27 अप्रैल को इसके 46 डिग्री सेल्सियस छू लेने की संभावना है न्यूनतम तापमान भी 30 से 31 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाएगा जिससे सबको बहुत अधिक परेशानी होगी ‌ दो-तीन दिनों के बाद हवा की दिशा उत्तर उत्तर पूर्वी और फिर पूर्वी हो जाएगी कल अर्थात 26 अप्रैल को आंधी तूफान के साथ मध्यम घने बादल होंगे लेकिन वर्षा नहीं होगी‌।

28 से 30 अप्रैल के बीच एक बार फिर से मौसम तेजी से बदल जाएगा जब मध्य घने बादल घने बादलों में परिवर्तित हो जाएंगे और विशेष कर 29 और 30 अप्रैल को हल्की वर्षा गरज चमक और तूफान तथा वज्रपात के साथ जौनपुर ही नहीं दूर-दूर तक होने की आशा बन रही है इन सभी घटनाओं में एक दिन आगे पीछे हो सकता है तो वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार 50 से 100 के बीच अच्छा बना रहेगा पराबैंगनी किरणों की तीव्रता 8 से 10 के बीच बहुत भयानक रहेगी ‌ इसके बाद 30 अप्रैल से तापमान गिरेगा और इसके अधिकतम तापमान में 10 से 12 डिग्री तक गिरने की संभावना है‌ न्यूनतम तापमान में भी 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी और ऐसी संभावना है कि एक में से 7 में के बीच अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस रहेगा इस प्रकार में का प्रथम सप्ताह अपेक्षाकृत कम गर्म रहेगा और दूसरे सप्ताह से फिर भयंकर गर्मी शुरू हो जाएगी गर्मी का प्रचंड प्रहार मैं और जून में भी आंधी पानी वज्रपात झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला आंखों को चकाचौंध ‌ कर देने वाली विद्युत के साथ जारी रहेगा मैं और जून में भयंकर चक्रवार्ती आंधी आ सकती है। 

इस प्रकार मौसम का प्रमाणिक वर्णन अप्रैल के अंतिम सप्ताह और मैं के प्रथम सप्ताह के लिए ज्योतिष पंचांग गणित और विज्ञान तथा उपग्रह से प्राप्त आंकड़े और भारत की देसी कहावत और पशु पक्षियों कीट पतंगों  ‌ की चाल और व्यवहार के अध्ययन के बाद 49 वर्षों की तरह आप सभी के जनहित के लिए प्रकाशित किया जा रहा है।

24 से लेकर 27 अप्रैल तक भयंकर गर्मी के जौनपुर और भारत के सारे कीर्तिमान टूटेंगे सभी लोग सावधान रहो हमेशा की तरह 49 वर्षों से लाखों भविष्यवाणियों की तरह यह सुझाव और चेतावनी भी दे रहा हूं

मौसम की भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक  अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 
24 से लेकर 27 अप्रैल तक भयंकर गर्मी के जौनपुर और भारत के सारे कीर्तिमान टूटेंगे सभी लोग सावधान रहो हमेशा की तरह 49 वर्षों से लाखों भविष्यवाणियों की तरह यह सुझाव और चेतावनी भी दे रहा हूं

  प्रचंड हवाओं भीषण गर्मी के साथ आज से ‌‌ बरसेगी आग चलेगी लू अर्थात तापलहर ‌ मच जाएगा हाहाकार ‌ एक सप्ताह तक होगी अग्नि वर्षा तापमान हो जाएगा 45 डिग्री सेल्सियस के पार  बिल्कुल सूखा भयंकर गर्मी तेज हवा वाला मौसम 

आज का अधिकतम तापमान 45  डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के साथ बहुत ही भीषण गर्म होगा और भीषण गर्मी की शुरुआत ‌ आज सुबह से ही हो जाएगी ।‌ दिन तेज चटक शीशे जैसी धूप  हल्के बादल वाला रहेगा।‌‌ सापेक्षिक आर्द्रता 9 प्रतिशत तक गिर जाने और भयंकर गर्मी पैदा करने वाले बादलों के कारण दिन भयंकर गरम और असह्य होगा।‌ अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता भी गिरकर 30% हो जाएगी आज और 3 दिन तक बाहर निकालने योग्य मौसम नहीं रहेगा

कल अधिकतम तापमान 46डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहेगा हल्के बादल रहेंगे भयंकर तापलहर  लू के साथ आंधी अंधड़ तूफान  ‌‌तेज हवा  रहेगी और हवा की गति तेज होगी ‌ शरीर को जलाने वाली और सुखा देने वाली गर्मी सबको झुलसा कर रख देगी ‌ चारों हाहाकार मच जाएगा।

इस बीच चार-पांच दिनों तक जौनपुर  सहित संपूर्ण भारत    आंधी तूफान बहुत तेज हवा और अंधड़ ‌ लगातार विद्यमान रहेगा हवा की दिशा पश्चिम और हवा की गति 15 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा होगी सापेक्षिक आद्रता  9% से लेकर 40% के बीच और वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 से लेकर 100 के बीच रहेगा पराबैंगनी किरणों की तीव्रता 9 से 11 के बीच रहेगी 

हमारे अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर ‌ द्वारा ‌ चेतावनी दी जाती है कि 10 से 15 दिन अर्थात 9 से  27 अप्रैल तक मौसम बिल्कुल साफ और सूखा भयानक रहेगा इसी बीच किसान अपना खेती किसानी का सारा काम समाप्त कर ले इसके बाद मौसम फिर से भयानक रूप से बिगड़ेगा ।‌‌ 27 अप्रैल के आसपास एक दो  दिन आगे पीछे हल्की वर्षा का योग बन रहा है किसान सावधान रहे‌ 27 अप्रैल से  1 मई के बीच कभी भी वर्षा हो सकती है इसके बाद थोड़ा बहुत एक-दो दिन आराम रहेगा।

मौसम आंधी तूफान अंधड़ तेज़ हवा भयंकर गर्मी का यह खेल अप्रैल और मई दोनों महीना में चलता रहेगा और सभी सरकारी गैर सरकारी मौसम विभागों के विपरीत इस बार का मौसम बहुत ही गर्म ‌ औरभयंकर रहेगा और वर्षा भी कम और अनियमित होगी जिससे सूखा जैसी स्थितियां बनेंगी

 कभी बहुत भयानक वर्षा होगी तो कभी बीच-बीच में सूखा रहेगा। दक्षिण भारत के केरल कर्नाटक महाराष्ट्र आंध्र और उड़ीसा के कई भागों में  ‌ पूर्वोत्तर भारत और हिमालय क्षेत्र में  ‌ 20 से 23 अप्रैल के बीच और मध्य प्रदेश के दक्षिण में छिटपुट वर्षा होगी ‌ अप्रैल के बिल्कुल अंतिम भाग में मौसम में परिवर्तन संभव है।

मानसून के केरल में प्रवेश करने की संभावना 29 में से 5 जून के बीच बन रही है संपूर्ण दुनिया में गर्मी बहुत भयंकर रूप से बढ़ेगी। अकाल महामारी फैलने की संभावना है 

मौसम के आकस्मिक परिवर्तन और उतार-चढ़ाव के कारण रोग बीमारियां बहुत तेजी से फैलेंगे और पक्षियों और पशुओं से रोग फैलेगा । 20 से 30 अप्रैल के बीच दुनिया में भयंकर आंधी तूफान भूकंप ज्वालामुखी विस्फोट विशेष कर जापान और दक्षिण पूर्वी एशिया में आने की और भारत में भी आने की संभावना है

इसलिए सभी लोग भयंकर गर्मी के लिए तैयार रहे चार-पांच दिन तक भयानक लू चलने लगेगी और तापमान 44-47 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाएगा‌ उत्तर पश्चिम उत्तर और मध्य भारत गुजरात और महाराष्ट्र उड़ीसा में यह तापमान 47 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर जाएगा।
भयंकर गर्मी और प्रचंड आप लहर का कारण 

पहला कारण 

बुद्धिमान मानव जाति के द्वारा पेड़ पौधे हरियाली और जंगल काटकर उसकी जगह सीमेंट कंक्रीट और एक पत्थर के जंगल बढ़ा देना आप सभी को पता है की एक पत्थर सीमेंट और कंक्रीट दिन पर गर्मी शक कर जमीन गर्म करते हैं और रात को वह गर्मी वापस वायुमंडल में छोड़ते हैं जिससे रातें भयंकर गर्म हो रही है पहले ऐसा नहीं होता था रात ठंडी हो जाती थी क्योंकि जमीन कच्ची हरी-भरी पेड़ पौधों और पानी से युक्त होती थी

[4/20, 5:42 PM] Dr  Dileep Kumar singh: दूसरा कारण किसी भी प्रकार के पश्चिमी विक्षोभ का ना बनना और साफ स्वच्छ आसमान 

तीसरा कारण है तेज सूखी हवाओं का चलना और नमी का भयंकर रूप से गिरकर सात  प्रतिशत तक पहुंच जाना

चौथा कारण है जल के स्रोत तालाब कुएं ए बावली का सूख जाना और जमीन की मिट्टी की जगह कंक्रीट और सीमेंट की सड़क ‌ कच्चे मकान और छप्पर की जगह सीमेंट और कंक्रीट के मकान का जाल विछ जाना

और सबसे बड़ा कारण है परम बुद्धिमान मानव जाति के द्वारा भाषणों में और कागजों पर हरियाली और वृक्षारोपण करके तालाब कुआ बावली को केवल भाषण से भर देना मौके पर पूरे जमीन बंजर उसर वृक्ष विभिन्न और जल विहीन होना
 और अंतिम कारण है सूर्य पर उत्पन्न होने वाले प्रचंड विस्फोट के कारण और सौर कलंक जिससे लाखों किलोमीटर लंबी ज्वाला धरती समेत पूरे सौरमंडल तक फैल जाती हैं
[4/20, 5:44 PM] Dr  Dileep Kumar singh: बाकी हरियाली का लगातार पेड़ पौधों के साथ कम होना सीमेंट और कंक्रीट के जंगल का बढ़ना जो ग्रीन हाउस प्रभाव उत्पन्न करताहै