Thursday, 26 March 2026

भगवान श्रीराम एवं श्री रामनवमी का महापर्व -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि प्रस्तावना

: भगवान श्रीराम एवं श्री रामनवमी का महापर्व -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 

प्रस्तावना 

भगवान श्री राम का जन्म त्रेता युग में पुनर्वसु नक्षत्र चतुर्थ चरण और कर्क लग्न में हुआ था चैत्र का महीना था और मंगलवार का दिन बसंत की ऋतु थी ऐसे ही समय में भगवान श्री राम ने धरती पर श्री हरि विष्णु के अंश रूप में अवतार लिया और माता कौशल्या को चकित और थकित देखकर उन्होंने बाल रूप में आकर रोना शुरू कर दिया। उनके जन्म के समय लग्न भाव में चंद्रमा और बृहस्पति जबकि तृतीय पराक्रम के भाव में राहु चतुर्थ सुख और माता के भाव में शनि सातवें पत्नी के भाव में मंगल नवम भाग्य के भाव में शुक्र और केतु कर्म के भाव दशम में सूर्य और एकादश लाभ के स्थान पर बुध विराजमान थे उसे समय सारी प्रकृति वातावरण और तीनों लोक प्रफुल्लित थे इसलिए कहा गया है -
**भगवान राम के जन्मदिवस के पावनतम शुभ अवसर 
शीतल मंद सुगंध पवन लेकर बसंत ऋतु आई है**

भगवान श्री राम के धरती पर जन्म लेने के कारण -

भगवान श्री राम साक्षात श्री हरि विष्णु के अवतार थे उनका धरती पर अवतरण "बहुत कारणों से हुआ जिसमें विश्व मोहिनी को लेकर नारद जी का श्राप विश्व विख्यात है !इसके अलावा मनु और शतरूपा की महा प्रचंड तपस्या राजा प्रताप भानु को ब्राह्मणों के द्वारा श्राप और जय विजय उनके सर्वप्रिय द्वारपाल को सनकादि ऋषियों द्वारा दिया गया श्राप और धरती की आर्त पीड़ा आततायी दुराचारी रावण का अत्याचार इसके और कछुए की कथा प्रमुख कारण है श्री लक्ष्मण आदि शेषनाग के और भगवती सीता स्वयं साक्षात श्री लक्ष्मी जी का अवतार थीं। भरत और शत्रुघ्न उनके आयुध और शंख और चक्र।थे तथा बंदर भालू के रूप में उत्पन्न हुए हनुमान सुग्रीव नल नील जांबवान इत्यादि देवताओं के अंश थे इन सभी का उद्देश्य धरती पर राक्षसों के विनाश और रावण वध के साथ पूरा हो गया था।

श्री राम का व्यक्तित्व और उनकी संक्षिप्त कथा -

भगवान श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम समस्त लोकों में परम पूज्य *न भूतो ना भविष्यति *की कल्पना को साकार करते हैं उनका राम राज्य आज भी संपूर्ण सृष्टि का शासन का सबसे बड़ा मानदंड माना जाता है मांगे बारिधि देहिं जल रामचंद्र के राज ।अपने परिवार सभी भाइयों प्रजा और मित्रों तथा भगवती सीता को वह अपने प्राण से भी अधिक प्रिय मानते थे लेकिन धर्म सत्य के लिए किसी को छोड़ने में एक पल भी नहीं लगाया और राक्षसों के द्वारा पीड़ित और प्रताड़ित दंडकारण्य के ऋषि मुनियों की पीड़ा देखकर उन्होंने धरती को निश्चित करने का प्रण ले लिया-

निशिचर हीन करहुं मही भुज उठाइ प्रण कीन्ह 
सकल मुनिन के आश्रमन 
जाइ जाइ सुख दीन्ह!

उनका हर रूप दिव्य कल्पना के परे और अद्भुत अनुपम असाधारण वर्णन से परे हैं बाल्यकाल से ही परम बुद्धिमान होना किशोरावस्था में भाई लक्ष्मण के साथ ताड़का सुबाहु मारीच जैसे महामायावी राक्षसों का संघार और समुद्र के किनारे फेंक देना तीनों लोकों से त्यागी गई अहिल्या को जीवन दान देना शिव जी के महा प्रलयंकारी पिनाक धनुष को तोड़ देना परशुराम को पराजित करना निषाद राज केवट के साथ आत्मीय प्रेम शबरी के झूठे बेर खाना परम सती अनसूया और अत्री के आश्रम में जाना भारद्वाज से भेंट करना चित्रकूट और पंचवटी में निवास कर वहां को स्वर्ग बना देना पशु पक्षियों और जटायु तक को अपना बना लेना सीता हरण के बाद मनुष्य की तरह करुण विलाप करना  गिद्धराज जटायु को परम गति देना माता सती को उनके कर्तव्य का बोध कराना परम तेजस्वी अगस्त्य ऋषि और ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र से ब्रह्मांड को विनाश करने वाले दिव्यास्त्र का प्राप्त करना वैष्णो माता को कलयुग में मिलने का वरदान देना फिर बंदर भालू की सेना एकत्र करके परम तेजस्वी ब्रह्म ऋषि अगस्त्य की सहायता से तीनों लोकों के विजेता रावण को समुद्र पर पुल बांधकर मारना और लंका का राज्य बिना किसी संकोच के विभीषण को सौंप देना वापस आते समय परम सखा केवट राज से मिलना और हनुमान जी को अयोध्या भेज कर भरत को जीवित रखना अश्वमेध यज्ञ करना सीता जी के वनवास के बाद परम उदासीन होकर भी सारे काम को पूरी तन्मयता से करना और अंत में सीता जी के पृथ्वी में समाहित हो जाने के बाद सभी भाइयों और प्रजा के साथ परम पवित्र सरयू नदी में स्नान के साथ अपने विष्णु लोक में प्रवेश करना या उनकी संक्षेप में महा गाथा है

जो लंका शिव रावणहिं हर्ष सहित अति दीन्ह ।
सो लंका विभीषणहिं सकुच सहित प्रभु दीन्ह।

जे न मित्र दुख होहिं दुखारी ;
 तिनहीं विलोकित पातक भारी।

श्री रामनवमी और श्री राम की कथा 

श्री राम तीनों लोकों में परम पूज्य हैं और उनकी यश गाथा दुनिया की सभी भाषाओं में है भारत की हर भाषाओं में तो राम कथा है ही जिसमें वाल्मीकि माघ और भाष कंबन कृतवास गोस्वामी तुलसीदास केशव  जैसे अनगिनत महाकवि विश्व कवि हैं वही इंडोनेशिया थाईलैंड अंग्रेजी फ्रांसीसी रूसी जर्मन अरबी और उर्दू सहित दुनिया की हर भाषाओं में भगवान श्री राम की कथा थोड़े से अंतर के साथ विद्यमान है जिसमें देशकाल परिस्थितियों का भी योग है लेकिन सबका आधार विश्व कवि ब्रह्म ऋषि वाल्मीकि की सात कांड वाली रामायण है जिसमें उन्होंने भगवान श्री राम के बारे में एक ही श्लोक में सब कुछ कह दिया है 

** समुद्रे इव गांभीर्ये स्थर्ये   
च हिमवान इव।
कालाग्नि समं क्रोधं क्षमया पृथ्वी सम।

इसके अलावा ब्रह्म ऋषि आदि कवि फिर से लिखते हैं-

** इक्ष्वाकु वंश प्रभवो
 रामै नाम जनै श्रुत:
नियतात्मा महावीर्यो द्युतिमान धृतिमान वशी।

वाल्मीकि ने अपने रामायण में श्री राम के चरित्र को गहराई से वर्णित किया है जिसमें हर जगह उनके ईश्वरत्व की स्पष्ट झलक मिलती हैं जबकि गोस्वामी जी के श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम के चरम उत्कर्ष हैं।

 अन्य प्रमुख बिंदु 

महापर्व रामनवमी विश्व भर में मनाई जाती है लेकिन फिर भी रामेश्वरम अयोध्या भद्राचलम सीतामढ़ी जनकपुरी वाराणसी में विशेष रूप से मनाई जाती है उसमें बहुत से लोग संपूर्ण दिन का उपवास करते हैं इसके लिए नियम है या तो आधी रात से लेकर आधी रात तक या फिर आधी रात से दोपहर तक उनका व्रत करना चाहिए। श्री रामनवमी को जगह-जगह अनेक बड़े-बड़े कार्यक्रम होते हैं लेकिन सबसे प्रमुख होता है श्री राम की भव्य शोभायात्रा जिसे झांकी भी कहते हैं जिसमें संपूर्ण रामायण के चरित्र और भगवान श्री राम को साकार किया जाता है यह शोभा यात्रा बहुत ही अद्भुत और अनुपम होती है ।

पूजा पाठ का विधान 

पूजा करने के लिए अधिकतर लोग श्री राम लक्ष्मण सीता जी और हनुमान की मूर्तियां चित्र के साथ पूजा पाठ करते हैं लेकिन बहुत से लोग उसमें भगवान श्री राम के संपूर्ण परिवार को सम्मिलित करते हैं दोनों विधान अपने जगह उत्तम है भगवान श्री राम की पूजा श्री राम नवमी के दिन चंदन अक्षत धूप दीप कुमकुम पुष्प और मिष्ठान तथा फल और अन्य सामग्री के साथ किया जाता है इस दिन सुंदर कांड राम रक्षा स्त्रोत या हनुमान चालीसा का पाठ समय और सामर्थ्य के अनुसार किया जाता है और पूजा के पश्चात आरती के बाद प्रसाद वितरण होता है बहुत से लोग भोजन कराते हैं उसके पश्चात दान भी देते हैं ।

रोग और बीमारियों में रामनवमी के दिन किए जाने वाले अचूक उपाय 

श्री राम नवमी के दिन कुछ विशेष चौपाई और मंत्र लक्ष्य प्राप्ति और रोग बीमारियों के लिए अचूक होते हैं असाध्य रोग बीमारियों को ठीक करने के लिए श्री हनुमान जी के मंदिर में पूर्ण श्रद्धा विश्वास के साथ भगवान श्री राम भगवती सीता मां का ध्यान करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। इसी तरह जिसके संतान न हो उसे नारियल लाल कपड़े में लपेटकर ओम नमः शिवाय महामंत्र 108 बार श्रद्धा विश्वास के साथ पढ़ना चाहिए। इसी प्रकार धन-धन ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए मुख्य द्वार पर गाय के घी या तिल के तेल के 11 दीपक जलाना चाहिए निश्चित रूप से मनोकामना पूरी होती है ।

वर्ष 2026 की रामनवमी 

इस वर्ष 2026 ई या विक्रम संवत 2083 में उदया तिथि के अनुसार श्री रामनवमी  27मार्घ को मनाया जाएगी श्री रामनवमी के दिन सुकर्मा योग रवि पुष्य योग सर्वार्थ सिद्धि योग शिववास योग जैसे बहुत महत्वपूर्ण महायोग मिल रहे है। इसका आरंभ कर्क लग्न में पुनर्वसु नक्षत्र चतुर्थ चरण में त्रेता युग में हुआ था जब भगवान श्री राम का बैकुंठ धाम से धरा पर अवतरण हुआ था ।श्री रामनवमी के दिन शुद्ध मन से विधि विधान से पूजा पाठ करने या केवल श्री राम नाम जपने से ही सुख शांति समृद्धि स्वास्थ्य ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है *राम से बड़ा राम का नाम* संसार में प्रसिद्ध है और रामबाण अचूक माना ही जाता है!

उपसंहार 

भारत के अनेक महान पर्व और त्योहार और मांगलिक कार्य सीधे-सीधे श्री राम से जुड़े हैं चैत्र मास की बासंतिक नवरात्रि भगवान श्री राम के जन्म से जुड़ी है जबकि आश्विन में भगवान श्री राम का नाम श्रीलंका पर परम अत्याचारी दुराचारी अहंकारी रावण के वध के कारण जुड़ा हुआ है। श्री राम की शक्ति पूजा तो जगत विख्यात है ही उनकी भगवान शिव के प्रति अचल भक्ति भी एक उदाहरण है भगवान श्री राम भगवान शिव की तरह भक्तों को सहज ही प्राप्त हैं और सब का उद्धार करने वाले हैं 
**निर्मल मन जो सो मोहि पावा। 
मोहि कपट छलछिद्र न भावा।

एक तथ्य यह भी है कि वर्ष 2026 में श्री रामनवमी 27 मार्च को 2027 में 15 अप्रैल को और 2028 में 4 अप्रैल को क्रमशः शुक्र बृहस्पति और मंगलवार को पड़ेगी ‌ आता है इस वर्ष 2026 में श्री रामनवमी 27 मार्च को मनाई जाएगी।
उपसंहार 

इस प्रकार भगवान श्री राम का चरित्र उनके जन्म के समान ही अनंत कोटी विश्व में व्याप्त है जो कालजयी है अपने मातृभूमि और मां के प्रति उनका अनन्य प्रेम सबके लिए अनुकरणीय है 

अपि च स्वर्णमयी लंका लक्ष्मण मे न रोचते 
जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी।

जन्मभूमि मम परम सुहावन। उत्तर दिशि सरयू बह पावन। यद्यपि सब बैकुंठ बखाना ‌
वेद पुराण विदित जग जाना ।अवधपुरी सम प्रिय नहीं सोऊ। यह प्रसंग जानत कोउ कोऊ।

शिवद्रोही मम दास कहावा सो नर सपनेहु मोहिं न भावा।

भगवान श्री राम समस्त विश्व में रमते हैं और सब का कल्याण करते हैं जो उनके नाम में ही छिपा है जग में सुंदर हैं दो नाम चाहे कृष्ण कहो या राम।

भगवान श्री राम का जीवन चरित्र और उनका कृतित्व इतना व्यापक विराट और अनंत है की जिसका कोई और ओर छोर नहीं है मानव जाति में संपूर्ण सृष्टि में आज तक उनसे महान कोई भी उत्पन्न नहीं हुआ अंत में हम परम पवित्र श्री रामनवमी के अवसर पर केवल इतना ही कहेंगे -

जग में अब तक जो भी आये भगवान राम सर्वोत्तम हैं,
 उनका प्यारा न्यारा जीवन आदर्श और अति उत्तम है 
आओ हम सब मिलकर  भगवान राम का स्मरण करें 
उनके जीवन को अपना कर हम मानवता को धन्य करें।

खाड़ी युद्ध और अमेरिका क्या सचमुच विश्व युद्ध होगा -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

 खाड़ी युद्ध और अमेरिका क्या सचमुच विश्व युद्ध होगा -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 

लगातार 28 दिन से ईरान पर अमेरिका और इजरायल का भीषण आक्रमण और ईरान के द्वारा भयानक प्रत्यक्रमण जारी है इस भीषण महायुद्ध ने सारी दुनिया को अब बहुत गहराई से प्रभावित करना प्रारंभ कर दिया है तेल के इस खेल में तेल गैस पेट्रोलियम का अभाव लगातार पूरी दुनिया में बढ़ रहा है विशेष कर खाड़ी देशों पर निर्भर भारत चीन जापान और एशिया के सभी देशों में डीजल पेट्रोल गैस और इससे संबंधित वस्तुओं की कीमत बढ़ने से हर जगह महंगाई बढ़ती चली जा रही है मोदी जी और पुतिन ने तो इसे कोरोना काल की कोविद जैसी स्थिति करार दिया है तो क्या सचमुच कोई विश्व युद्ध परमाणु नाभिकीय जैव रासायनिक युद्ध होने वाला है और क्या भारत सहित दुनिया को सचमुच बहुत गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है इसका निष्पक्ष तथ्य परक विवेचन आवश्यक है।


ईरान जिसका प्राचीन नाम भारत फारस है और अंग्रेजी में से परसिया कहते हैं वह तीन और से जमीन से और एक तरफ समुद्र से घिरा है जिसको ईरान की खाड़ी ‌ ‌या फारस की खाड़ी कहते हैं ‌ यह दुनिया का सबसे प्राचीन स्थल और पुरानी सभ्यता में सा रहा है और भारत पर सबसे अधिक आक्रमण इसी देश ने किए हैं उसी के दिखाएं रास्ते पर बाद में सिकंदर तुर्क मुसलमान अंग्रेज लोग भारत को जीतते चले आए हैं।

दूसरी तब दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश संयुक्त राज्य अमेरिका है जो संसार का चौथा सबसे बड़ा देश है उसका साथ संसार का सबसे विकसित शक्तिशाली साहसी और देशभक्त ‌ देश इजराइल दे रहा है जो 58 मुस्लिम देशों से गिरा हुआ है और जिसकी कहानियां सारे विश्व के लिए उदाहरण बन गई है । इजरायल की जनसंख्या लगभग एक करोड़ ईरान की जनसंख्या लगभग 10 करोड़ और संयुक्त राज्य अमेरिका की जनसंख्या लगभग 35 करोड़ है ‌ अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी सैनिक शक्ति है इजराइल चौथी और ईरान ‌ दसवीं बड़ी सैन्य शक्ति है इजरायल की सेवा में लगभग 2 लाख जबकि ईरान की सेवा में छह लाख और संयुक्त राज्य अमेरिका की सेवा में 12 से 15 लाख सैनिक है ‌ अमेरिका जल थल नभ तीनों में सर्वश्रेष्ठ है जबकि जमीन के युद्ध और ‌ लड़ाकू विमान के युद्ध में और गुप्तचर तंत्र में इजराइल का कोई जोड़ नहीं है जबकि प्रक्षेपास्त्र और द्रोण युद्ध में ईरान इस समय दुनिया में सबसे आगे हैं 

संयुक्त राज्य अमेरिका और इसराइल दोनों परमाणु शक्ति हैं जबकि ईरान अभी इसके नजदीक पहुंचने वाला है कई बार इसके परमाणु बम कार्यक्रम को इजरायल द्वारा नष्ट कर दिया गया भारत की सहायता से इसराइल पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम भी नष्ट करना चाहता था ‌ लेकिन भारतीय सरकार डर के कारण पीछे हट गई ईराने कैसी जगह पर स्थित है जहां अमेरिका को छोड़कर वह संपूर्ण दुनिया को परमाणु और प्रक्षेपास्त्र तथा ड्रोन तकनीक से ब्लैकमेल कर सकता है और पूरे संसार के लिए खतरे की घंटी है दुनिया का 90% आतंकवाद और आतंकवादी ईरान से ही पलीत और पोषित है जिसमें हूती हिजबुल्ला जैसे संगठन सम्मिलित हैं ‌ इस बात पर विशेष ध्यान देना है कि दुनिया में सबसे अधिक आतंकवाद भारत झेल रहा है।

दुनिया में उसी का इतिहास है जो शक्तिशाली रहा है खूंखार रहा है जिसे दुनिया की सभ्यताओं को नष्ट किया है चाहे वह सिकंदर रहे हो चंगेज खान गजनी गोरी हिटलर नेपोलियन स्टालिन मुसोलिनी औरंगजेब अकबर या खलीफा सबने शक्तिशाली होकर दुनिया को नष्ट और बर्बाद किया और दुनिया पर राज किया आज यही काम अमेरिका ढाई सौ वर्ष से कर रहा है और दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति बना हुआ है। यही काम करके चीन और रूस भी आगे बढ़ना चाहते हैं यही काम कभी इराक ने किया था जिसे नष्ट कर दिया गया 

ईरान और अमेरिका तथा इजराइल में 28 दिनों के युद्ध में दोनों पक्षों की भीषण हानि हुई है और इजरायल ने अप्रत्याशित रूप से मिसाइल और द्रोण का प्रयोग करके अमेरिका और इसराइल को गहरा झटका दिया है लेकिन तुलनात्मक रूप से ईरान का काफी भाग खंडहर हो चुका है और वहां के समाचार पूरी तरह बाहर नहीं आ रहे हैं अमेरिका और इजरायल ने उसके लगभग सभी उच्च स्तर के अधिकारी और प्रशासक तथा सेनानायके को मार गिराया है इसलिए एक प्रकार से ईरान अंतिम लड़ाई लड़ रहा है जो दीपक के लौ की तरह अंतिम चरण में है ‌ या तो ईरान समर्पण कर देगा या फिर ईरान का नेतृत्व अमेरिका के किसी पिट्ठू के हाथ में चला जाएगा यह निश्चित है।

इस भीषण युद्ध के विश्व युद्ध में बदलने की कितनी संभावना है हमने दो महीने पहले भी ज्योतिष और पंचांग का आकलन करके कहा था कि यह युद्ध भीषण तो होगा लेकिन इसके विश्व युद्ध में बदलने की बहुत अधिक आशा नहीं है परमाणु जैव नाभिकीय अस्त्र-शस्त्र प्रयोग की भी आशा कम ही है लेकिन इसकी संभावना बनी हुई है। ऐसा माना जाता है कि लाख दावे के बाद भी ईरान का अधिकतर ड्रोन और मिसाइल खत्म हो चुका है और उसकी सैन्य शक्ति हवाई सेवा और जल सेवा बहुत कमजोर हो चुकी हैं ऐसे में वह निर्णायक हमले को कितने दिन झेल सकेगा यह देखा जाना ‌ बहुत ही रोमांचक होगा 

ऐसा प्रतीत नहीं होता और ना ऐसा कोई कारण है जिससे सीधे-सीधे ईरान के पक्ष में कोई देश खड़ा दिखे चीन और रूस सीधे-सीधे कभी भी ईरान का साथ नहीं देंगे भले ही अंदर-अंदर वे अपने अस्त्र-शास्त्र बेचकर स्वयं को मजबूत बना रहे हैं 58 मुस्लिम देशों में भी ऐसा कोई नहीं दिख रहा जो ईरान का साथ देगा चोरी छुपे आर्थिक मदद दे सकते हैं सबसे खूंखार और धर्मांध देश तुर्की और पाकिस्तान हैं लेकिन यह भी सीधे-सीधे ईरान का साथ नहीं देंगे क्योंकि यदि ईरान इस युद्ध को जीत जाता है जो संभव है तो ईरान उनके लिए भी कॉल बन जाएगा ‌ क्योंकि ईरान का इतिहास बहुत ही गंदा रहा है और दूसरे ईरान पूरे दुनिया को शिया मुस्लिम धरती में बदलने का सपना देख रहा है जो सुनी लोगों को कदापि बर्दाश्त नहीं हो सकता है ‌ बची खुची आशा ईरान ने दो दर्जन देशों पर आक्रमण करके समाप्त कर दी है‌।

दूरी इस तरफ अमेरिका है और आश्चर्यजनक रूप से इस बार यूरोप के देश और नाटो संगठन और अमेरिका का मित्र देश प्रत्यक्ष रूप में अमेरिका और इजरायल के साथ इस युद्ध में सम्मिलित नहीं हुआ है बल्कि फ्रांस और इंग्लैंड ने तो खुले रूप में इसे अस्वीकार कर दिया है जिससे ट्रंप बहुत क्रोधित हो चुके हैं यह यूरोप और नाटो के लिए खतरे की घंटी है क्योंकि यूक्रेन को जीत लेने के बाद रूस महाशक्ति बनने के लिए सीधे-सीधे यूरोप की तरफ बढ़ेगा तब यह देश बिल्कुल विवश हो जाएंगे इसलिए आज नहीं तो कल नाटो यूरोप के देश और अमेरिका के मित्र देश अमेरिका के साथ खड़े होंगे लेकिन लगता है कि इसकी नौबत ही नहीं आएगी। 


सबसे बड़ा खतरनाक काम ईरान ने हॉरमुज जलडमरूमध्य को बंद करके उठाया है जो पूरे विश्व के लिए खतरे की घंटी है और ऐसा करना ईरान के लिए अंतरराष्ट्रीय शर्तों का खुले आम उल्लंघन है ऐसा करके वह अपना अधिकार संयुक्त राष्ट्र संघ और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के लिए खो चुका है‌ इससे धीरे-धीरे विश्व के देश और विश्व जनमत ईरान के विरुद्ध होता जा रहा है और ऐसी स्थिति में अमेरिका का साथ देने के लिए देश बाध्य होंगे। दुनिया का 20% खनिज तेल यहां से होकर जाता है यदि स्थिति ऐसी रही तो गैस और तेल आयात करने वाले देश वैकल्पिक ऊर्जा की खोज करेंगे और अन्य देशों पर निर्भर होंगे जैसे कि भारत ने किया है तब फिर यह खनिज तेल अरब देशों के लिए वरदान की जगह अभिशाप हो जाएगा 

अमेरिका और इजरायल ने यह कदम बहुत सोच समझ कर उठाया है और जहां ईरान में 3000 से अधिक सैनिक और लोग मारे गए हैं वहीं अमेरिका और इजराइल में कुल मिलाकर 50 लोग भी नहीं मारे गए हैं यह सीधे-सीधे एक दर्पण है जिसको देखकर ईरान और उसके पक्ष में बोलने वाले लोगों को सावधान होना चाहिए वैसे भी ईरान में हताहतों की संख्या बहुत अधिक है‌ और इसराइल इस स्थिति में है कि जब भी चाहेगा वह ईरान के किसी भी नेता को मार गिराएगा यदि इसराइल और अमेरिका ने ऐसा नहीं किया तो मध्य पूर्व में उनका नियंत्रण समाप्त हो जाएगा और अमेरिका का स्थान ईरान ले लेगा और चीन तथा रूस उसके साथ होंगे और शक्ति संतुलन बिगड़ जाएगा। ऐसा होना इजरायल के संपूर्ण अस्तित्व के लिए खतरे की घंटी होगा इजरायल भारत नहीं है कि शत्रु को आगे बढ़ते हुए अपना विनाश देखता रहेगा। 

इजराइल 1948 में स्थापित हुआ और तब से वह लगातार अपना विस्तार करता चला जा रहा है आज वह अपने क्षेत्रफल का 5 से 10 गुना विस्तार कर चुका है और आने वाले भविष्य में वह लेबनान और आसपास के देशों को जीतकर एक बेहतर इसराइल बनाने की योजना पर जुटा हुआ है अभी तक उसने लेबनान का 15% भूभाग अपने अधिकार में कर लिया है यदि इसराइल ऐसा नहीं करेगा तो ईरान या फिर अन्य कोई अरब का देश उसका अस्तित्व समाप्त कर देगा इजराइल का बड़ा होना आवश्यक भी है क्योंकि यदि कोई मुस्लिम देश परमाणु बम बना लेता है तो छोटे से इसराइल में भीषण नुकसान करना उसके लिए आसान हो जाएगा 

खेल और युद्ध तथा रणनीति कितना ही बाहर बैठकर बनाया जाए लेकिन इसके प्रारंभ होने के बाद स्थितियां पूरी तरह से बदल जाती हैं इसराइल और अमेरिका ने 15 दिन में ईरान का खत्म करके समर्पण करने की योजना बनाई थी जो सफल नहीं हुई इसका कारण केवल ईरान की मिसाइल और ड्रोन टेक्नोलॉजी और पहाड़ों के नीचे भूमिगत सुरंगों में रखे गए उसके हथियार थे अमेरिका और इजरायल ने यदि शक्तिशाली जमीनी अभियान अर्थात ग्राउंड ऑपरेशन शुरू किया होता तो अब तक ईरान घुटने टेक चुका होता और एक समय के बाद इन देशों को विवश होकर ग्राउंड ऑपरेशन करना होगा तब ईरान अपने आप ढह जाएगा इस ग्राउंड ऑपरेशन में बहुत भयानक और भीषण खतरे होंगे लेकिन बिना ऐसा किया अमेरिका और इसराइल निर्णायक विजय प्राप्त नहीं करेंगे।

ईरान और इजरायल ने अपने क्रॉस एजेंट से धोखा खाया ज्यादातर मुस्लिम देशों ने अमेरिका की भर्ती दिखाते हुए भी चोरी छिपे ईरान की मदद की और ईरान के सैन्य ठिकानों और उनकी सेवा की ठीक-ठाक स्थिति गुप्त रूप से ईरान तक पहुंचाई जिससे 15 देश में ईरान ने अमेरिका के सैनिकों और अमेरिकी सैनिकों को भयंकर नुकसान पहुंचा अमेरिका और इसराइल इस स्थिति के लिए तैयार नहीं थे इसलिए उनका भीषण नुकसान भी हुआ इसके अलावा अरब देशों ने अप्रत्याशित रूप से इस सैनिक कार्यवाही में अमेरिका से अलग रहकर ईरान का काम आसान कर दिया यह अमेरिका भूल गया कि एक मुस्लिम कभी भी दूसरे मुस्लिम के विरुद्ध और गैर मुसलमान का साथ नहीं देगा अब यह भूल अमेरिका और इसराइल सुधार रहे हैं 

युद्ध के इस चरण में अमेरिका और इजरायल ने अपनी गलतियों को सुधारते हुए ईरान की द्रोण और मिसाइल टेक्नोलॉजी को डिकोड कर लिया है और अपने लोहे की दीवार अर्थात आयरन डोम को सुधार कर उसे शक्तिशाली बनाया है और भविष्य में उसे क्या करना है इसका भी खड़ा अर्थात रोड मैप तैयार कर लिया है ऐसा प्रतीत होता है कि अप्रैल के प्रथम सप्ताह या 15 अप्रैल के आसपास तक यह लड़ाई अत्यंत भयंकर होकर ईरान की हार के साथ समाप्त हो जाएगी। 

आने वाले समय में रौद्र नामक संवत्सर और मंगल के मंत्री और बृहस्पति के राजा होने का प्रभाव भारत सहित पूरे विश्व की राजनीति पर पड़ेगा और रूस चीन अमेरिका आपसी मिली मर और नूरा कुश्ती के तहत कनाडा ग्रीनलैंड ऑस्ट्रेलिया और अरब देशों में अपना आधिपत्य जमा सकते हैं ‌ सबसे कठिन और जटिल स्थिति भारत की है जहां अप्रैल से बहुत ही भयानक स्थितियां आर्थिक मंदी और भीषण महंगाई उत्पन्न होगी कोरोना कल के कोविद जैसी तो नहीं लेकिन उससे मिलती-जुलती स्थिति भारत सहित दुनिया के कई देशों में उत्पन्न हो सकती है भारत को अत्यधिक सावधान रहना पड़ेगा अन्यथा यह युद्ध समाप्त होने के बाद उसके ऊपर चीन पाकिस्तान का गहरा दबाव पड़ सकता है और अमेरिका पूरी तरह भारत के विरुद्ध हो चुका है
[3/27, 11:00 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: इस युद्ध में एक और अप्रत्याशित स्थिति उत्पन्न हुई जिसके लिए और अमेरिका और इसराइल तैयार नहीं थे अमेरिका का यह मानना था कि वह भारत की तरह अपने एजेंट भेज कर वहां पर विद्रोह करके तहत पलट कर देगा लेकिन ऐसा नहीं हो पाया ‌ ईरान में भीषण आंतरिक नरसंहार के द्वारा इस विद्रोह को कुचल दिया गया इसके अलावा ईरान को थोड़ा हल्के में लेना भी इसराइल और अमेरिका को भारी पड़ा इस युद्ध का वास्तविक असर युद्ध समाप्त होने के बाद पड़ेगा अमेरिका और इजरायल की अर्थव्यवस्था में तीन प्रतिशत की गिरावट आई है जबकि ईरान में यह बहुत भयानक है वहां का कोई भी समाचार बाहर निकाल कर नहीं आ पा रहा है ‌ होती और हिजबुल्ला जैसे परोक्षसी संगठनों ने ईरान का काम आसान किया हुआ है क्योंकि इसराइल पूरी शक्ति से ईरान से नहीं लड़ पा रहा है उधर चीन और रूस भी अपना अपना हित साधने में जुटे हुए हैं इस युद्ध में भारत को कोई भी पूछ नहीं रहा है 

एक बड़ी आश्चर्यजनक स्थिति और है कि प्रक्षेपास्त्र मिसाइल के सबसे बड़े भंडार करने वाले किम उन जंग का शांत बैठा रहना उनके ईरान की तरफ सम्मिलित होने पर युद्ध की दशा और दिशा बदल जाती लेकिन उनका मौन रहना भी इस युद्ध को गहराई से प्रभावित कर रहा है इसके अतिरिक्त अमेरिका में कुछ राजनेताओं और बड़े अधिकारियों का त्यागपत्र भी अमेरिका के लिए चिंता का कारण बना है‌ धीरे-धीरे ईरान विकट परिस्थितियों में फंस रहा है और अप्रैल के 10 दिन इस युद्ध के निर्णायक सिद्ध होंगे ‌ इसी समय यह युद्ध बहुत ही भयानक हो जाएगा और ईरान को ग्राउंड ऑपरेशन में भीषण हर मिलेगी और खड़ग द्वीपों पर अमेरिका के अधिकार के साथ ही इसराइल के परास्त होने और हमेशा के लिए हार्मुज ‌ जल डमरू मध्य से उसका नियंत्रण समाप्त होने की पूरी पूरी संभावना दिख रही है‌ इसके बाद वह भी इराक पाकिस्तान और लीबिया की तरह एक साधारण देश बनकर रह जाएगा इन सभी घटनाओं से भारत को देश में छिपे हुए देशद्रोही गद्दारों से सावधान रहने की आवश्यकता है‌ इस युद्ध ने यह भी सिद्ध कर दिया है कि किसी अनुशासित और देशभक्त देश को जीतकर बर्बाद करना इतना आसान नहीं होता है जितना सोचा जाता है‌ और यह भी दिखाया है कि रूस चीन अमेरिका और यूरोप के देश अपने को जितना शक्तिशाली दिखाते हैं उसका वह टुकड़े के बराबर नहीं है। यह बात फिर से बता देना चाहता हूं कि दुनिया ठीक हो वैसे ही चल रही है जैसे कि अमेरिका चला रहा है जब उसके पास हथियारों का कचरा और पुराने हथियार हो जाते हैं तब वह उन सभी कूड़ा कचरा हथियारों को लड़ाई में झोंक कर अपने को पूरा कचरा मुक्त कर लेता है और अपनी शक्ति में वृद्धि करता रहता है।

जब सारा सरकारी तंत्र खुद प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री और अधिकारी चिल्ला चिल्ला कर कह रहे हैं कि देश में डीजल पेट्रोल गैस या किसी भी चीज की कमी नहीं है तो जनता इतनी घबराई क्यों हुई

जब सारा सरकारी तंत्र खुद प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री और अधिकारी चिल्ला चिल्ला कर कह रहे हैं कि देश में डीजल पेट्रोल गैस या किसी भी चीज की कमी नहीं है तो जनता इतनी घबराई क्यों हुई है 

इसका कारण मोदी द्वारा लगाया गया लॉकडाउन है जब सरकार ने ऐसे ही व्यर्थ में अनर्गल प्रलब्ध करते हुए सबको आश्वासन दिया और पूरे देश ने इतनी बुरी स्थिति झोली जिसका कोई हाल बेहाल नहीं था 

उसे समय योगी जी को छोड़कर सारा तंत्र सारे नेता अधिकारी कर्मचारी गायब हो चुके थे और लोगों ने परिवार के साथ आईसीसी दुर्दशा जिला जिसका कोई अंत नहीं है हजारों किलोमीटर लोगों को पैदल चलना पड़ा हजारों लोग रास्ते में मर गए कितने तो भूख प्यास के कारण मर गए सहायता के नाम पर कहीं किसी को कुछ नहीं मिला 

कोरोना कल में सरकार और उसके तंत्र तथा उससे मिले हुए लोगों ने इतनी कमाई किया कि आज भी वह मालामाल है 

सीधे-सीधे मेरा मानना है कि मोदी जी और उसके तंत्र की बातों पर अब किसी को एक पैसे का विश्वास नहीं रह गया है इसलिए हर जगह लोगों की भीड़ और लाइन लगी हुई है और ऐसा होना स्वाभाविक भी है देश में कभी भी कभी भी अप्रत्याशित स्थिति हो सकती है और लॉकडाउन लग सकता है 

इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि सारे अधिकारी कर्मचारी सांसद विधायक मंत्री खुद अपना घर महीना के लिए भर रहे हैं किसी के घर जाकर देख सकते हैं 

और यही वजह है कि पूरे देश में भगदड़ का वातावरण है 

यदि आपको याद है तो योगी जी को छोड़कर कोई भी ऐसा नेता बता दो जो लॉकडाउन की अवधि में किसी को दिखाई पड़ा हो

आज ही अर्थात 26 मार्च बृहस्पतिवार के दिन ही क्यों अष्टमी और नवमी तिथि है -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक

आज ही अर्थात 26 मार्च बृहस्पतिवार के दिन ही क्यों अष्टमी और नवमी तिथि है -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक 

सनातन धर्म को समझना सबके बस की बात नहीं है यह पूर्ण वैज्ञानिक ढंग है जिसकी प्रामाणिकता और सत्यता के आगे सुपर कंप्यूटर और आधुनिक क्वांटम साइंस भी फेल है इसीलिए इसमें बड़े-बड़े धर्म के आचार्य ज्योतिषी और विद्वान किसी चीज का अंतिम रूप से निर्धारण करते हैं और इसका निर्धारण देश काल परिस्थिति वातावरण शुभ मुहूर्त लगन और पंचांग के पांचो अंगों का अध्ययन करके किया जाता है ।


आज अष्टमी की तिथि अर्थात माता महागौरी के समय का कल 11:45 पर समाप्त हो जाएगा इसलिए अष्टमी की पूजा शुभ मुहूर्त के अनुसार सुबह 6:16 से सुबह 7:48 के बीच में है समय के साथ लगन और शुभ मुहूर्त भी देखा जाता है इसके अलावा अशुभ मुहूर्त राहुकाल और तमाम योग भी देखे जाते हैं ।


धर्म और विज्ञान तथा ज्योतिष तीनों के अनुसार आज 11:49 दोपहर से महानवमी की तिथि लग रही है जो कल 10:05 से 10:06 के बीच सुबह समाप्त हो जाएगी ऐसे में वह दिया तिथि का कोई भी महत्व नहीं है जैसा कि कुछ मुर्ख लोग और कंप्यूटर और इंटरनेट पढ़कर तमाम लोग उदया तिथि कह कर चिल्ला रहे हैं जबकि ऐसा कुछ नहीं है एक दिन में 24 घंटे होते हैं और 24 घंटे में 4 घंटे किसी तिथि के रहने का कोई अर्थ नहीं होता है जबकि 20 घंटे पहले ही बीत जा चुके हैं और कल 10:00 बजे सुबह तक कोई विशेष शुभ मुहूर्त भी नहीं मिल रहा है ।

बहुत सी महिलाएं और टीवी और अखबार पढ़ कर तथा मोबाइल देखकर खुद को विद्वान बनाने वाले मूर्ख लोग उदय तिथि चिल्ला रहे हैं जबकि इन लोगों को 100 में 100 मालूम ही नहीं क्यों दया तिथि क्या है यदि इसे पूछा जाए कि राहुकाल क्या है तो बात नहीं पाएंगे जिस तरह तोता जीवन भर राम राम कहता है लेकिन उसकी मुक्ति नहीं होती और जिस तरह गंगा के पवित्र जल में अनगिनत मछली घड़ियाल मगरमच्छ और जीव जंतु रहते हैं लेकिन दिन-रात गंगा स्नान करके भी उनको मुक्ति नहीं मिलती क्योंकि उन्हें उसे चीज का महत्व ही नहीं पता है यदि किसी को तराशा हुआ हीरा और कच दे दिया जाए तो उसको समझ में ही नहीं आएगा कि एक हीरे का मूल्य इस वजन के कांच के मूल्य से अर्बन गुना अधिक है ।

ऊपर से मीडिया सोशल मीडिया इंटरनेट और टेलीविजन पर दुनिया भर की ज्ञान विज्ञान की चीज परोसकर सबको भ्रमित कर दिया गया है जबकि सारे इंटरनेट और पंचांग में नीचे लिखा रहता है कि इस कार्य को करने के पहले केवल हमारे ऊपर निर्भर ना रहे बल्कि विद्वान ज्योतिषी से संपर्क करें इसके बाद भी यदि लोगों को नहीं दिखाई पड़ता तो कोई क्या किया जाए ।


इन मूर्ख लोगों से पूछा जाए की करवा चौथ और श्री कृष्ण जन्माष्टमी जैसे महान पर्व क्या उदया तिथि से मनाया जाते हैं‌ इसीलिए हर काम सबको नहीं करना चाहिए जिस तरह आज आरक्षण से बड़े-बड़े डॉक्टर इंजीनियर जज कलेक्टर अर्थ का अनर्थ कर रहे हैं वही हाल सबका हो रहा है और झोलाछाप डॉक्टर भी किताब पढ़ कर बड़े-बड़े ऑपरेशन कर दे रहे हैं और जबरदस्ती यमराज को बुला ले रहे हैं। 

इस संदर्भ में एक बात और बताना चाहते हैं वाल्मीकि रामायण और समस्त धर्म ग्रंथो के अनुसार भगवान श्री राम का जन्म चैत्र मास की परम पवित्र नवमी तिथि को अभिजीत मुहूर्त में हुआ था जिसका समय 12:27 दोपहर है ऐसे में 27 को महानवमी और श्री राम की पूजा करने वाले लोग यह पूजा कैसे कर सकेंगे जबकि 10:00 बजे ही नवमी की तिथि समाप्त हो जा रही है। 

थोड़े में इतना ही कहूंगा कि विदेशी सुपर कंप्यूटर और विदेशी ढांचे पर आधारित मोबाइल इंटरनेट टेलीविजन समाचार पत्र सनातन धर्म के बच्चे खुशी अंश को भी नष्ट बर्बाद कर रहे हैं और यही वजह है कि हमारे धार्मिक ग्रंथ रामायण महाभारत वेद पुराण असल में लिखा कुछ गया है और उसको  दिखाया कुछ जाता है इसलिए विद्वान लोगों को यह चाहिए की सोच समझ कर ही कोई काम करें और जो रास्ता हमारे विद्वान धर्मगुरु ज्योतिषी और सच्चे वैज्ञानिक बताते हैं उसका पालन करें ।


एक और उदाहरण देना चाहता हूं कि अभी होलाष्टक में लाखों विवाह संपन्न हुए लाखों लोगों ने मकान दुकान खरीदे वाहन खरीदे उनका क्या हाल होगा अगले साल आप खुद देख लेना जबकि होलाष्टक में समस्त शुभ और पवित्र चीज पूरी तरह वर्जित हैं वहां किसी को उदया तिथि अस्थि तिथि का ज्ञान नहीं हुआ इसी तरह विवाह में पूरी तरह से अंग्रेजी वेशभूषा पहन कर लोग अश्लील गंदे गाने गाते हुए शराब पीकर राजा रानी बनाकर सिंहासन पर बैठ जाते हैं यह सब किस धर्म ग्रंथ में लिखा है यदि पूछा जाए तो इन सब की नानी मर जाती हैं आप बताओ जब अंग्रेजी भाषा में पूजा पाठ करोगे तो उसका कौन सा फल मिलेगा यदि आप साइकिल की चाबी को कर की चाबी में लगाओगे या रेडियो का रिमोट टेलीविजन में डालोगे तो क्या वह चलेगा क्या किसी जानवर से या पक्षी से स्त्री या पुरुष विवाह कर ले तो उस वंश की उत्पत्ति होगी मूर्ख लोगों को मूर्ख की बात समझाना ही उचित है ।


बाकी यह कलयुग है तो कलयुग का प्रभाव पादना निश्चित है परम पूजनीय तुलसीदास जी पहले ही कह गए कि आजकल रास्ता वही है जो सबको पसंद में आता है पंडित वही है जो गाल बजाता है सच्ची पतिव्रता नारियां या तो गहनों से हीन या तो नाममात्र के गहने पहने होती हैं वही वेश्या प्रकृति की स्त्रियां गहनों से सर से पैर तक लड़ी हुई दिखाई देती हैं जिसके बड़े-बड़े नाखून बाल और दाढ़ी होती है वही महा पंडित कहा जाता है जो ज्यादा दिखावा करता है वह बड़ा कथावाचक संत महात्मा हो जाता है और अंत में बलात्कार करता हुआ जेल में जाता है जिसकी पत्नी मर जाए ‌ संपूर्ण संपत्ति नष्ट हो जाए वह विभिन्न पत्नियों ‌ औरतों को भोगने के लिए और औरतों से भोग करने के लिए सन्यासी बनाकर सारे कुकर्म करता हुआ भगवा वस्त्र और भारत के साधु संतों को बदनाम करता है ।‌ और रोज ऐसे ही समाचार पढ़ रहे हैं संत रामपाल आसाराम ज्योतिष तांत्रिक मुल्ला***** मौलवी फादर साब जेल जा रहे हैं

इसलिए विवश होकर यह लेख लिखना पड़ा और सारे लेख का अंत यही है कि 26 तारीख को 11:00 बजे के पहले महा अष्टमी समाप्त हो जाएगी और इसमें पूजा पाठ का समय 6:16 से 6:48 तक है यदि किसी कारण से यह पूरा ना हो तो इस समय के अंदर ही पूजा पाठ प्रारंभ कर देना चाहिए।

और महानवमी पर्व में हवन पूजन 11 बज कर 49 मिनट से 12: 57 के भीतर ही कर लेना चाहिए और 1:00 बजे के बाद तो हवन पूजन करने का कोई अर्थ ही नहीं रह जाएगा।


बाकी उदया तिथि वालों का हाल में बता दे रहा हूं जितने लोग उदय तिथि को लेकर 27 मार्च को महानवमी मनाएंगे उन सबके यहां अंबानी और अदाणी नौकर बनकर उनकी हाजिरी लगाने आ जाएंगे इन सब का नाम पता नोट करो और देखो उनके अगले साल गाड़ी बंगला हाथी घोड़े हवाई जहाज सब हो जाएंगे‌ जिस तरह होलाष्टक और बिना लग्न के विवाह और अन्य शुभ कार्य करने वाले आज बिल गेट्स और मार्क जुकरबर्ग बनकर घूम रहे हैं और अधातु के चक्कर लगाते हुए खुद को धन्य समझ रहे हैं -डॉ दिलीप कुमार सिंह

Tuesday, 24 March 2026

भगवान श्री राम (एक अद्भुत कविता) भगवान राम के जन्म दिवस के स्वागत के शुभ अवसर पर, शीतल मंद सुगंध पवन लेकर बसंत ऋतु आई है, कूक रही पेड़ों पर कोयल ध्वनि लगती शहनाई है ।नया वर्ष भी शुरू हुआ है महक उठी अमराई है ,

भगवान श्री राम (एक अद्भुत कविता) 
भगवान राम के जन्म दिवस के स्वागत के शुभ अवसर पर,

 शीतल मंद सुगंध पवन लेकर बसंत ऋतु आई है,

 कूक रही पेड़ों पर कोयल ध्वनि लगती शहनाई है ।

नया वर्ष भी शुरू हुआ है महक उठी अमराई है ,

सोने सी फसलें लहराती नई कोपलें छाई हैं ।

आंगन आंगन द्वार सजा है  चहुंदिश बंदनवार सजा है ,

मलय पवन के झोंकों ने धरती पर स्वर्ग रचाई है ,

श्री राम जन्म के पावन तन शुभ अवसर पर शीतल मंद सुगंध पवन लेकर वसंत ऋतु आई हैं।

 विश्वामित्र वशिष्ठ अयोध्या के जन हर्षित ,

माता पिता प्रजा सभी अतिशय हैं हर्षित ,

ऋषि मुनि सज्जन के सारे  दुख है  कर्षित ,
  दानव राक्षस भाग चले देते ना कहीं दिखाई हैं ।

श्री राम जन्म के पावन तम शुभ अवसर पर शीतल मंद सुगंध पवन लेकर वसंत ऋतु आई हैं ।

जग में अब तक जो भी आए भगवान राम सर्वोत्तम हैं ,

उनका प्यारा न्यारा जीवन आदर्श और अति उत्तम है।

 आओ हम सब मिलकर के श्रीराम नाम स्मरण करें ।
उनका जीवन अपना करके मानवता का कल्याण करें ।

भगवती सिया हनुमत लक्ष्मण सब रामचंद्र के अनुचर हैं,
सारी दुनिया का कण-कण ही श्री राम नाम का दर्पण है ,
दुख बीत गए  सुख आया है, सारी वसुधा बैकुंठ बनी ,अद्भुत प्यारी छवि पा करके,
 कोयल ने मीठी तान भरी ,
आकाश और पाताल सभी सुंदरतम बने दिखाई हैं ।

श्री राम जन्म के पावन तन शुभ अवसर पर शीतल मंद सुगंध पवन लेकर बसंत ऋतु आई हैं।

 

सभी को ‌ महानवमी और श्री राम जन्म दिन कीबधाई शुभकामनाएं अभिनंदन वंदन और नमन


 वर्ष 1987 में रचित कविता  प्रथम पुरस्कार प्राप्त     ‌ पूर्वांचल विश्वविद्यालय में

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नालसा नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के दिशा निर्देश पर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नालसा नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के दिशा निर्देश पर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर के तत्वावधान में जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार सिंह के नेतृत्व में आज एक विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का और आयोजन केराकत तहसील जौनपुर में आयोजित किया गया जिसका विषय बच्ची देवी प्रति उत्तर प्रदेश राज्य एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर के द्वारा किए गए कार्यों का विवरण सम्मिलित रहा 

इस अवसर पर सुशील कुमार सिंह सचिव ‌ सिविल जज सीनियर डिवीजन ‌ पवन गुप्ता सिविल जज जूनियर डिवीजन ‌ जज ग्राम न्यायालय ‌ डॉ दिलीप कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल जनपद न्यायालय जौनपुर ‌ अध्यक्ष तहसील अधिवक्ता संघ एवं महामंत्री ‌ वरिष्ठ अधिवक्ता दुर्गेश शर्मा तहसीलदार ‌ अजीत कुमार नायब तहसीलदार हुसैन अहमद मध्यस्थ ‌ पैनल लेयर ‌ अनिल सोनकर पी‌एलवी ‌‌ विद्वान अधिवक्ता गण और कर्मचारी गण बड़ी संख्या में वादकारीगण एवं प्राधिकरण के कर्मचारी सुनील कुमार मौर्य और राकेश कुमार यादव उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सिविल जा सीनियर डिवीजन सचिव सुशील कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार तहसील केराकत ग्राम न्यायालय के न्यायाधिकारी प्रमोद कुमार गुप्ता के द्वारा बच्ची देवी के मुकदमे में पारित न्यायपालिका के निर्णय को विस्तार से समझाते हुए कहा गया कि हर एक नागरिक को जब तक वह दोषी सिद्ध न हो जाए संविधान और न्याय के द्वारा प्रदत्त तथा संपूर्ण विधिक अधिकार सुनिश्चित करना राज्य सरकार और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है यदि कोई व्यक्ति जेल में निरुद्ध है ‌ और जमानत हो जाने पर जमानत दर्द प्रस्तुत नहीं कर पा रहा है तो इसकी सूचना जेल अधीक्षक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को देगा इसके पश्चात उसकी सामाजिक आर्थिक रिपोर्ट मंगा कर एक महीने का समय देखकर व्यक्तिगत बंध  पत्र पर जेल में बंद बंदी को छोड़ दिया जाएगा और उसे न्यायालय द्वारा दिए गए समय सीमा के अंदर अपने जमानत दर एवं कागजात प्रस्तुत करना होगा ।

विद्वान वक्ताओं ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का जीवन और उसकी स्वतंत्रता तथा अधिकार केवल विधि के द्वारा स्थापित सिद्धांतों के अतिरिक्त कम नहीं किया जा सकता है ‌ इस अवसर पर सचिव महोदय एवं डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल के द्वारा विधिक साक्षरता जागरूकता के बारे में बताते हुए मध्यस्थता ‌ लीगल एड डिफेंस सिस्टम पैनल लायर जेल विजिटर ‌ एवं फ्रंट ऑफिस तथा पैरेलल लीगल वालंटियर के बारे में संपूर्ण जानकारी देते हुए बताया गया की कोई भी पीड़ित प्रताड़ित महिला चाहे वह जिस वर्ग जाति धर्म की हो धनी हो या निधन हो प्राधिकरण की सेवाएं बिल्कुल मुफ्त में दी जाती हैं यदि पीड़ित और प्रताड़ित व्यक्ति अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ी जाति का है तो भी उसकी सारी सेवाएं निशुल्क दी जाती है इस अवसर पर लोक अदालत एवं स्थाई लोक अदालत एवं वैवाहिक फ्री लिटिगेशन के बारे में भी विस्तार से बताया गया। 

इस सेमिनार का आयोजन डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉ दिलीप कुमार सिंह के द्वारा किया गया और धन्यवाद तथा आभार अध्यक्ष एवं महामंत्री अधिवक्ता संघ तहसील केराकत के द्वारा दिया गया

Monday, 23 March 2026

तत्कालीन सपा जिला अध्यक्ष श्री वीरेंद्र गोयल और मुस्लिम महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष फ़रहत अली खान ईद के मुबारक मौके पर गले मिलकर मुबारकबाद देते हुए*।

 *तत्कालीन सपा जिला अध्यक्ष श्री वीरेंद्र गोयल और मुस्लिम महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष फ़रहत अली खान ईद के मुबारक मौके पर गले मिलकर मुबारकबाद देते हुए*।

[ *तत्कालीन सपा जिला अध्यक्ष श्री वीरेंद्र गोयल और मुस्लिम महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष फ़रहत अली खान ईद के मुबारक मौके पर गले मिलकर मुबारकबाद देते हुए*।

अखिल भारतीय मुस्लिम महासंघ गत पंद्रह वर्षों से रमज़ान और ईद के मुबारक मौके पर शजरकारी करके देश के मुसलमानों से अपील करता है कि हर खुशी के मौके को शजरकारी कर यादगार और खुशगवार बनाया जा सकता है।