Thursday, 15 October 2026

आज परम पवित्र शारदीय नवरात्र का छठा दिन देवी कात्यायनी को

 आज परम पवित्र शारदीय नवरात्र का छठा दिन देवी कात्यायनी को समर्पित हैं जो सिंह पर सवार होकर हाथ में तलवार लेकर दोस्तों का नाश करने वाली और अभय देने वाली हैं सुगंधित कमल पुष्प इनकी सुगंध को बिखेर देता है संपूर्ण ब्रह्मांड में व्याप्त है देवी कात्यायन ऋषि की घनघोर तपस्या से प्रसन्न हुई और उनकी पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण कात्यायनी कहा गया जैसा कि आपको बार-बार बताया गया की 9 दिन और रूप नारियों के नौ कर्मों को दिखाते हैं
 सर्वप्रथम महाशक्ति की शक्ति नारी के रूप में शैलपुत्री के रूप में जन्म लेकर ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए ब्रह्मचारी बनती है तत्पश्चात वह किशोरावस्था में चंद्रमा के संबंध शीतल बंद सुगंधित होकर सबको सुखी करती है और उसकी आवाज घटिया के समान मधुर होती है युवा शक्ति आते-आते नई अनंत ऊर्जा और शक्ति से संपन्न होकर कुष्मांडा बन जाती है और फिर वैवाहिक पवित्र संस्कार के बाद मां के रूप में सुशोभित होती है और स्कंदमाता बनती है जिसको कन्यादान करने के लिए कटाएं जैसे महान ऋषि की आवश्यकता  पढ़ती है जो विविध रूपों में संपूर्ण सृष्टि और ब्रह्मांड को आनंदित करती हुई दोस्तों के संघार के लिए कालरात्रि या महाकाली बन जाती हैं जब केवल भगवान शिव ही उसकी ऊर्जा को रोक सकते हैं और जब यह क्रोध समाप्त होता है तब वह देवी महागौरी के रूप में गौर वर्ण होकर प्रकट होती है और सारी काली शक्तियों और कई ऊर्जा श्वेत शक्तियों में बदल जाती है इसलिए महागौरी भगवान शिव को अत्यंत ही प्रिया हैं और अंत में अपने जन्म के बाद सभी कार्यों को सिद्ध करते हुए महाशक्ति में विलीन हो जाती है और यह सभी देवी पर्वतीय दुर्गा जी के ही रूप होते हैं जय माता दी देवी देवताओं कि केवल पूजा ही नहीं करनी चाहिए उनको समझाना बहुत आवश्यक है हमारे सनातन धर्म में कोई भी देवी देवता अस्त्र-शस्त्र से विहीन नहीं है इसलिए सबसे पहले बात है अपनी रक्षा के लिए शक्तिशाली होना और अस्त्र-शस्त्रों का प्रयोग करना जिसको आज दूसरे ढंग से दिखाया जाता है यदि आप शक्ति संपन्न नहीं है तो कोई भी आपका विनाश कर सकता है और ऐसे अनगिनत चंद मुंड रक्तबीज महिषासुर रावण कंस दुर्योधन जरासंध गजनी गोरी बाबर तैमूर लंग औरंगज़ेब और विधर्मी देश भर में घूम रहे हैं

मौसम विभाग खेती किसानी और वर्षा की स्थिति- 


 वैसे तो मौसम विभाग के अधिकांश सूचनाओं से ज्यादा लोग ध्यान नहीं देते हैं लेकिन इधर बार बार आंधी पानी बरसा तूफान का अलर्ट देकर खेती किसानी बागवानी के लिए मौसम विभाग ने चिंता की लकीरें खींच दी है और लोग चिंतित हैं और मौसम की सही जानकारी चाहते हैं तो  हमारे केंद्र के विद्वान लोग और हम आपको मौसम की बिल्कुल सही जानकारी जौनपुर और आसपास के जनपदों के लिए दे रहे हैं ।


आप लोगों को याद होगा कि 9 अक्टूबर को मैंने कहा था कि कम से कम 10 दिन अर्थात 20 अक्टूबर तक कोई भी आंधी पानी तूफान बरसा नहीं आना है इसलिए आप लोग अपनी खेती किसानी बागवानी जमकर कीजिए इसी बीच बार-बार मौसम चेतावनी आने से लोग परेशान होते हैं और होना स्वाभाविक है। 


लेकिन आज 16 अक्टूबर आ गया और हमारे केंद्र की भविष्यवाणी बिल्कुल सही हुई है एक बूंद भी पानी नहीं बरसा है और ना अभी एक सप्ताह तक वर्षा की कोई संभावना है हल्की फुल्की वर्षा बूंदाबांदी से कोई नुकसान होने वाला नहीं है इसलिए आप लोग अपनी खेती बागवानी किसी जारी रखें कोई बहुत बड़ा विक्षोभ या हलचल नहीं है जो कुछ है भी वह केवल हिमालय क्षेत्र और दिल्ली तथा आसपास सिमट कर रह जाएगा यदि कुछ होना है तो अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में ही होगा उसकी भी अधिक संभावना नहीं दिख रही है इसलिए हमारा अल्का शिप्रा ज्योतिष मौसम विज्ञान अनुसंधान केंद्र और पूर्वानुमान केंद्र अपने सूक्ष्म और गहन गणनाओं के आधार पर आप लोगों को आज स्वस्थ करता है कि कृषि खेती बागवानी किसी का काम पूरे जोर शोर से करते रहे मौसम भी बहुत अच्छा रहेगा बादलों की आवाज आई के बाद भी मौसम भयानक होने की संभावना नहीं है अधिकतम तापमान 30 से 32 और न्यूनतम 20 से 22 डिग्री जो खेती किसानी बागवानी के लिए सर्वोत्तम है - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978
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: कल मोदी जी ने एशियाई खेलों में चीन जापान कोरिया को प्रचार कर भारत को पहला स्थान प्राप्त होने पर भारत के पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया और ओलंपिक में अमेरिका रूस चीन जर्मनी इंग्लैंड को पछाड़कर पहला स्थान ले आने की भविष्यवाणी कर दिया है। और जब मोदी जी ने कह दिया तो भारत को विश्व और ओलंपिक चैंपियन होना निश्चित ही है क्योंकि मोदी है तो मुमकिन है मोदी है तो संभव है नहीं हो सकता और जब तक मोदी है तब तक भारत इंडिया ही रहेगा और इंडिया ही शक्तिशाली देश हैं क्योंकि पापा मम्मी मदर फादर दादा माता-पिता से शक्तिशाली होते हैं

 मोदी जी ऐसा महान प्रधानमंत्री जिसने देश को सबसे बड़ी खेल शक्ति सैन्य शक्ति अंतरिक्ष शक्ति विश्व शक्ति और विश्व का सबसे धनी देश बनकर सनातन धर्म की यश पताका पूरी दुनिया में फैला दिया है चीन पाकिस्तान द्वारा कब्जा किया स्थान छीन लिया है और देश को क्या चाहिए देश में घी दूध की नदियां बह रही हैं और भारत सोने की चिड़िया बन गया है। 


लेकिन विपक्षी और विरोधी मानते ही नहीं कि मोदी सुपरमैन है इसलिए मोदी के समर्थक और प्रशंसक बिल्कुल सही है भारत देश में कोई कमी नहीं है और यहां हर घर में चार पहिया से लोग यात्रा करते हुए बुलेट ट्रेन से यात्रा का सपना जल्दी ही पूरा करेंगे जय श्री राम जय माता दी जय हो मोदी जी के समर्थक लोग

अष्टमी और नवमी का व्रत हवन और पूजा पाठ - सनातन धर्म बहुत ही वैज्ञानिक गणना है जो परमाणु घड़ी से भी सटीक होता है ऐसे में इसके व्रत त्यौहार पूजा पाठ यज्ञ हवन बहुत गहराई में जाते हैं।

अष्टमी और नवमी का व्रत हवन और पूजा पाठ - 
सनातन धर्म बहुत ही वैज्ञानिक गणना है जो परमाणु घड़ी से भी सटीक होता है ऐसे में इसके व्रत त्यौहार पूजा पाठ यज्ञ हवन बहुत गहराई में जाते हैं। 


इस वर्ष भी अष्टमी और नवमी की तिथि में दुर्लभ संजोग है इसलिए अधिक विस्तार न करते हुए बताना चाहता हूं कि ज्योतिष विज्ञान धर्म  दर्शन और पंचांग के अनुसार अष्टमी और नवमी कब मनाई जाएगी। 

शारदीय नवरात्रि में अष्टमी की तिथि सूर्योदय के बाद 18 अक्टूबर सुबह 8:27 पर लग रही है और 19 को 10:51 पर समाप्त हो रही है इस प्रकार महाअष्टमी का व्रत करने वाले 18 को व्रत करेंगे और 19 अक्टूबर सूर्योदय से लेकर 10:51 के बीच पूजा पाठ हवन कन्या पूजन और उनको भोजन और दान 19 अक्टूबर को ही करेंगे इसमें कोई संदेह नहीं है। 


इसी प्रकार नवमी का व्रत और पूजन सुबह 19 अक्टूबर को 11:00 बजे के बाद करेंगे इसमें भी कोई संदेह नहीं है अब अपना देश बहुत बड़ा और विशाल है 


इसलिए पूर्वी भारत में 19 अक्टूबर को यह समय सुबह 10:00 बजे तक अष्टमी के लिए और उसके बाद नवमी के लिए रहेगा जबकि पश्चिमी भारत में यह समय सुबह 11:30 बजे अष्टमी का और उसके बाद नवमी का रहेगा इस प्रकार संपूर्ण भारत में महा अष्टमी और महानवमी का व्रत 19 अक्टूबर को ही होगा और इसका पारण 20 अक्टूबर को किया जाएगा जिस दिन विजयादशमी अर्थात दशहरा का पर्व है और यह सूर्योदय के बाद होगा अब यदि किसी को कोई संदेह है तो वह पूछ सकता है - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

Friday, 9 October 2026

आज पितृ विसर्जन के परम पवित्र अवसर पर पत्नी श्रीमती पद्मा सिंह के साथ अपने पूज्य पितरों जिनकी वजह से आज हम जीवित हैं को विधि विधान से उनको उन्हीं की कृपा से चावल खीर फल मिठाई पुष्प जल और दुग्ध घी और गुड़ के साथ अग्नि में हवन करने के साथ अर्पित किया गया

आज पितृ विसर्जन के परम पवित्र अवसर पर पत्नी श्रीमती पद्मा सिंह के साथ अपने पूज्य पितरों जिनकी वजह से आज हम जीवित हैं को विधि विधान से उनको उन्हीं की कृपा से चावल खीर फल मिठाई पुष्प जल और दुग्ध घी और गुड़ के साथ अग्नि में हवन करने के साथ अर्पित किया गया


उनसे प्रार्थना की गई कि हमें अपना मार्गदर्शन दृश्य अदृश्य रूप में देते हुए सद्बुद्धि दे सन्मार्ग पर प्रेषित करें हमारी पीढ़ियां अनंत काल तक चलती रहे और हम भी जीवन पर्यंत पिंडदान तर्पण करते रहें साथ ही साथ हमें स्वस्थ देशभक्त और सनातन भक्त रहने का आशीर्वाद भी दिन और अक्षय यश कीर्ति भी प्रदान करें

 और कुत्ता कौवा चींटी और गाय को भी समस्त उपर्युक्त चीजे अर्पित की गई और अपने मातृकुल पितृ कुल के अलावा अपने सभी सगे संबंधी मित्रागढण परिचित लोगों और अखंड भारत तथा सनातन धर्म की रक्षा के लिए स्वयं को अर्पित करने वाले समस्त पितरों को भी उपर्युक्त वस्तुएं अर्पित करके उनसे प्रार्थना किया गया कि सूक्ष्म ऊर्जा के रूप में निकलने वाले इस सामग्री को धुएं और अग्नि के रूप में स्वीकार करें


 क्योंकि पितरों की कृपा से ही वर्तमान पीढ़ी है और उन्हीं के अखंड प्रताप और कल्पना से परे बलिदान के कारण आज भी सनातन धर्म और भारत देश बचा हुआ है  श्रीमती पद्मा म सिंह डॉ दिलीप कुमार सिंह

मोदी जी की गलत बातों की आलोचना करने का अर्थ है नहीं है की कोई मोदी अभाजपा का विरोधी है सच यही है।

मोदी जी की गलत बातों की आलोचना करने का अर्थ है नहीं है की कोई मोदी अभाजपा का विरोधी है सच यही है
 कि मोदी जी में अब निर्णय लेने की शक्ति नहीं रही जो कुछ देना था देश को दे चुके सारी चीज नियंत्रण से बाहर हैं ऐसे में उन्हें सट्टा स्वयं योगी जी को सौंप कर खुद राष्ट्रपति बन जाना चाहिए अगले वर्ष राष्ट्रपति का पद खाली हो रहा है और अमित शाह को हटाकर उन्हें सलाहकार समिति में मुरली मनोहर जोशी और आडवाणी जी के साथ सम्मिलित कर लेना चाहिए जो लोग मोदी जी की हर बात को आंख मूंद कर सही दे सहित में बता रहे हैं वही देश के सबसे बड़े विश्वास घाती सनातन धर्म और अखंड भारत के सबसे बड़े शत्रु हैं जब तक योगी जी नहीं आए तब तक अतीक और अरशद का मुख्तार अंसारी ओवैसी और आजम खान जैसे लोगों का गुंडा माफिया लोगों का एक छत्र राज चलता था चारों ओर विशेष जाति धर्म के लोग कब्जा किए बैठे थे किसी भी चौराहे से गुर्जर पाना बहुत मुश्किल था रात में अपने घर की बहू बेटियों को लेकर जाना तो लगभग असंभव था पुलिस अधीक्षक कार्यालय से सटे कलेक्ट्रेट में शाम को टहल रही महिलाओं के गने छीन लिए जाते थे आज सब कुछ आसान लगने लगा है ऐसा इसलिए है क्योंकि मोदी जी के अंदर कुर्सी का लालच बैठ गया है और वह सनातन धर्म से दूर मुसलमान का समर्थन करते हुए गोधरा के मोदी की जगह साबरमती के गांधी बन गए हैं अब जिन्हें मोदी जी से लाभ है या पार्टी से पैसा मिल रहा है या जो सरकारी पद पर हैं वह तो उनकी आंख मुड़ कर प्रशंसा करेंगे ही इसमें कोई बुरी बात भी नहीं है लेकिन एक बार कुछ भी लिखने पढ़ने के पहले 100 साल आगे भारत का भाग्य और सनातन धर्म के भविष्य को भी अवश्य देखना चाहिए साथ-साथ चीन का और पाकिस्तान द्वारा छिन गया भारतीय भूभाग बांग्लादेश का पागलपन महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार गुंडागर्दी लाल फीता शाही पुलिस की तानाशाही सरकारी तंत्र की भयानक लूटपाट भ्रष्टाचार घूसखोरी संवेदनहीनता स्वदेशी रामराज्य हिंदी हिंदू हिंदुस्तान हिंदी और राज्य की भाषाओं की दुर्गति अंग्रेजी कब भयंकर विकास मुस्लिम लोगों का भयानक गति से न्यायिक और प्रशासनिक तथा पुलिस सेवा में भर्ती होना अंग्रेजी भाषा और अंग्रेजी व्यवस्था को बढ़ावा देना इंडिया का नाम बदलकर भारत ना किया जाना नए भारतीय वर्ष पर सार्वजनिक अवकाश न घोषित होना और घुसपैठियों लोगों पर चुप रहना जो 22 करोड़ है और ऐसी ही चीजों पर पूरी निष्पक्षता से गहराई से सोच विचार कर सही लिखने का प्रयास करना चाहिए और यह भी सोचना चाहिए की 14 वर्ष में वास्तव में हम खेल में आर्थिक शक्ति में सी पुलिस में सुख समृद्धि में और सैन्य शक्ति में हम कहां खड़े हैं कितने ओलंपिक और विश्व स्तरीय स्वर्ण पदक हमने जीता 2014 में रुपए और डॉलर का अनुपात और आज का अनुपात भी देखना चाहिए क्योंकि हमें मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखते हुए आकाश कुसुम तोड़ना नहीं है नेता लोग तो मजा मार कर चले जाएंगे भोगने के लिए सनातन धर्म ही बचेगा

Wednesday, 7 October 2026

धर्म दर्शन विज्ञान और पितृविसर्जन का महापर्व -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञान ज्योतिष शिरोमणि

धर्म दर्शन विज्ञान और पितृविसर्जन का महापर्व -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञान ज्योतिष शिरोमणि

प्रस्तावना 
अपने पूर्वजों पितरों के प्रति समर्पित इस बार का 16 दिनों का पितृपक्ष बहुत ही अद्भुत और अनूठा है  10 अक्टूबर के दिन पितृपक्ष का समापन अर्थात पितृ विसर्जन भी लग रहा है पितृ विसर्जन के दिन अलग से विशेष क्या करना होता है इसके बारे में पूर्ण प्रमाणिक जानकारी धाम दर्शन विज्ञान और व्यवहार के निचोड़ के रूप में दी जा रही है

पितृ विसर्जन के दिन क्या करें 

पितृ विसर्जन के दिन भी सामान्य रूप से वही सब किया जाता है जो इसके पहले 15 दिन में किया जाता है लेकिन इसमें एक अंतर है की दर्पण और श्राद्ध दोपहर की बेला में किया जाता है पिंडदान और श्रद्धा सुबह शाम नहीं किया जाता है लेकिन आपातकाल में ऐसा कर भी सकते हैं पितृपक्ष के दिन प्रतिदिन की भांति सुबह उठ कर नित्य क्रिया से निवृत्त होकर शुद्ध और शांत चित्र से स्नान करें इसके बाद प्रतिदिन की तरफ दक्षिण मुंह करके अपने पितरों को पानी गंगाजल दूध मिलकर उसमें अक्षत काला तिल और सफेद हल्के पीले पुष्प तथा कुश के साथ जलांजलि दें तत्पश्चात पिंडदान करें भजन को पिंड बनाकर पूर्वजों को अर्पित करने की क्रिया ही पिंडदान कहलाती है 

पंचबली और अन्य क्रियाएं 

इसके पश्चात भोजन जो श्राद्ध के निमित्त बना है उसको पांच प्राणियों में खिला देते हैं जिसमें गाय कुत्ता कौवा चींटी मछली या देवताओं के नाम पर निकाला गया भोजन होता है और इसी पांच लोगों के नाम पर इसे पंच बली कहा जाता है यह क्रिया संपन्न हो जाने पर पितरों को खीर और पूरी का भोग लगाया जाता है जो उन्हें अत्यंत प्रिय होता है फिर विद्वान सदाचारी सुपात्र व्यक्ति को भोजन कर कर अपने समर्थ के अनुसार दान दक्षिणा दे सकते हैं यह काम सबके लिए अनिवार्य नहीं है इच्छा अनुसार किया जा सकता है लेकिन आप पात्र व्यक्ति को भोजन और दक्षिण का दान नहीं करना चाहिए।

इसके पश्चात पीपल की पूजा करके उसमें जल देना चाहिए और दक्षिण दिशा में दीपक जलाना चाहिए विशेष श्राद्ध पूजा करने वालों को 16 बत्तियों वाले दीपक को जलाना चाहिए जो सरसों के तेल का होना चाहिए और यह दीपक दक्षिण दिशा में रखना चाहिए लेकिन यह नियम सबके लिए नहीं है यदि कोई श्रद्धा पूर्वक रोज की तरह तर्पण करके केवल गाय कुत्ते कौवे चींटी मछली को ही भोजन दे देता है तो वही पर्याप्त है। हमारे देवी देवता वैदिक रीति रिवाज के अनुसार शुद्ध विचार और अंतःकरण से अपनी पूजा से ही संतुष्ट हो जाते हैं बहुत अधिक पाखंड बढ़ने से लाभ की जगह हानि होती है जैसे आजकल विवाह संस्कार में हो रहा है।

पितृ विसर्जन के दिन क्या-क्या वर्जित है 

कुछ और बातों पर ध्यान पितृ विसर्जन के दिन रखना आवश्यक है इस दिन कोई भी नया कार्य शुरू न करें कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य इस दिन करना मना है इसके साथ-साथ कम से काम पूरे दिन गलत आचरण या दूसरों की बुराई करना या किसी के साथ छल कपट करना भी पूरी तरह वर्जित है यह दिन पितरों को खुशी के साथ विदाई देने का है और विदाई के दिन कोई भी नया काम वैसे भी नहीं किया जाता है सारे सारांश का मूल्य यही है क्योंकि विदाई के बाद व्यक्ति बाहर भीतर से पूरी तरह दुखी होता है ऐसे में शुभ मांगलिक और खुशी का काम वैसे भी नहीं किया जाता है पिता भी हमारे लिए जीवित व्यक्ति के समान है इसीलिए कोई भी नया काम या खुशी का काम इस दिन वर्जित किया जाता है 

इस प्रकार इस वर्ष पितृ विसर्जन 10 अक्टूबर शनिवार के दिन पड़ रहा है इसके तुरंत बाद ही परम पावन नवरात्रि रविवार के दिन 11 अक्टूबर से शुरू हो जाएगी 15 दिन अपने पितरों को जलांजलि और श्रद्धा सामर्थ्य के अनुसार तर्पण और दान करने से उसकी सूक्ष्म ऊर्जा उन तक पहुंचती है और उनके प्रसन्न होने पर घर में उन्नति होती है और शुभ और मांगलिक कार्य होने लगते हैं लेकिन पाप और बुराई के साथ केवल खाना पूरी करने से न केवल पितरों का अपमान होता है बल्कि उसका भयानक परिणाम भी होता है इसलिए शुद्ध चित्त अपने पाप कर्म को छोड़ते हुए सदाचार सद्गुण अपनाते हुए पूर्ण श्रद्धा और विश्वास से उन पितरों के लिए जलांजलि और तर्पण के साथ  पितृ विसर्जन के दिन पितरों का विसर्जन करना चाहिए पितृ विसर्जन के दिन पितरों का विसर्जन करना चाहिए

Tuesday, 6 October 2026

यदि सत्ता पक्ष केंद्र सरकार को लगता है कि विपक्ष निहित घटिया और गलत प्रचार कर रहे हैं तो तत्कालीन सबको जेल में डाल दो बाकी निर्णय न्यायालय पर छोड़ दो सच्चा यह है कि मिली मर और नूरा कुश्ती सत्ता पक्ष और विपक्ष में करके जनता को मूर्ख बनाया जा रहा है क्योंकि

 यदि सत्ता पक्ष केंद्र सरकार को लगता है कि विपक्ष निहित घटिया और गलत प्रचार कर रहे हैं तो तत्कालीन सबको जेल में डाल दो बाकी निर्णय न्यायालय पर छोड़ दो सच्चा यह है कि मिली मर और नूरा कुश्ती सत्ता पक्ष और विपक्ष में करके जनता को मूर्ख बनाया जा रहा है क्योंकि 
किसी के पास महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार घूसखोरी लूटपाट अराजक तत्व और माफिया तत्व को काबू में करने की हिम्मत नहीं है और सभी आने वाली पीढ़ियां के आगे देश को बर्बाद कर रहे हैं अपने घर में ग्रेनाइट संगमरमर एक मीटर लगाने के लिए 100 मीटर सड़क गड्ढा कर रहे हैं दुनिया भर किनारे बड़ी और विज्ञापन हवाएं सपना दिखाया जा रहे हैं प्रिंट इलेक्ट्रानिक सोशल मीडिया पर कब्जा हो चुका है किसी के पास बोलने की हिम्मत ही नहीं बची है ना बोलना चाहिए वरना अराजकता विपक्ष करेगा जेल में सीधे-साधे लोग जाएंगे
[10/7, 7:31 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: देश में आगे बढ़ाना है तो सच्चाई ईमानदारी कर्तव्य निष्ठा अच्छे गुण कर और प्रकाश की  और जाना छोड़कर तमराज किलविश के अनुसार बनकर सत्ता पक्ष के पीछे-पीछे चलो सारी सुविधाएं मिल जाएंगी   वरना रोटी रोजी के मोहताज होकर दर्द ठोकर खाओगे और घर परिवार सागर संबंधी मित्र कोई भी आपका साथ नहीं देगा कलयुग है कलयुग की तरह रहना सीख लो ऐसा करने वाले चपरासी से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक के 99% कर्मचारी अधिकारी मालामाल है बाकी सारे लोग बेहाल हैं जितनी जल्दी हो सके चापलूसी चाटुकार दलाली मक्खन बाजी चमचागिरी 420cc फ्लोर और ध्यान दो कि गांव का एक छोटा दलाल और नेता भी मालामाल है उसका बंगला है गाड़ी है पैसा है मोती मोती सोने की सीकरी और हर पहनकर घूमता है और उसके घर बड़े-बड़े नेताओं और अधिकारियों का आना-जाना लगा रहता है व्यर्थ में सनकी और पागल बनकर अपना जीवन बर्बाद मत करो वरना किसी को दोष मत देना यही हाल प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया का है जो सरकारी चापलूस चाटुकार हैं उनके ऑफिस रहन-सहन कर्मचारियों का वेतन अमेरिका से भी अच्छा है कभी किसी ने पूछा नहीं की करोड़ों अरबो रुपए का इनका सेट कार्यालय और सुविधाएं आती कहां से हैं सच लिखने वाले पैदल साइकिल या खतरा मोटरसाइकिल से घूम रहे हैं जो अपने से बड़े की चापलूसी और मक्खन बाजी करके उनको माल पहुंचा रहा है वही मालामाल है
[10/7, 7:36 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: मोदी जी पहली बार प्रधानमंत्री बन गए तो उन्हें खतरा अपने देश के उन नेताओं से था जो 70 साल से अधिक थे यशवंत सिंह यशवंत सिन्हा मुरली मनोहर जोशी लाल कृष्ण आडवाणी जो उनके गुरु भी कहे जाते हैं कलराज मिश्र कल्याण सिंह जैसे तमाम बड़े-बड़े दिग्गज थे उन्होंने बड़ी चालाकी से नारा दिया कि 70 साल बाद भाजपा का कोई भी व्यक्ति कोई भी पद नहीं लगा उन्होंने यह सोचा था कि 70 साल होते होते मेरा दो कार्यकाल पूरा होगा और दूसरे में मैं प्रधानमंत्री चुना जाऊंगा या नहीं इस पर उन्हें स्वयं विश्वास नहीं था लेकिन जैसे ही 2019 में चुने गए और 70 साल पर हो गए तो तत्काल ही उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से इस आयु सीमा को 75 वर्ष कर दिया और अब 80 वर्ष करने का विचार कर रहे हैं कोई भी पूरे भाजपा में या विपक्ष में ऐसा नहीं है जो उनके सामने खड़ा हो सके बल्कि विपक्षी दल जितने भी आंदोलन या उल्टी सीधी हरकतें कर रहे हैं सब मोदी जी के कहने से ही कर रहे हैं बस हम आप समझ नहीं पा रहे हैं आज हम ओवैसी मुख्तार नई तथा गठित जैन की पीढ़ी सब उन्हीं की देन है लेकिन इतना किसी की बुद्धि ही नहीं है कि समझ सके ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए उनके विरुद्ध स्वयं ही आंदोलन करवा दिए कितने ही नेताओं अधिकारियों का त्यागपत्र इसी प्रकार कर चुके हैं यदि समझदार हैं तो समझ लीजिए उत्तर प्रदेश का चुनाव योगी जी को हराने के लिए जी तोड़ कोशिश हो रही है क्योंकि अब पूरे देश में मोदी जी के समक्ष खड़ा होने और सच बोलने का साहस केवल योगी में है और वही एकमात्र नेता है जो 2047 तक भारत को इस्लामी राष्ट्र बनने से रोक कर वास्तविक ग्राम राज्य और अखंड भारत का निर्माण कर सकते हैं इसलिए देश के लोग मिलकर अमेरिका यूरोप और अब की सहायता से योगी का इतिहास 2027 में समाप्त कर देना चाहते हैं लेकिन ज्योतिष और पंचांग के अनुसार 2027 में यह लोग स्वयं साफ हो जाएंगे और योगी जी को प्रधानमंत्री बनने से कोई नहीं रोक सकेगा तब पूरे भारत में मुख्तार अरशद आजम ओवैसी अटिक जैसे लोगों का अपने आप सफाई हो जाएगा

कल हुए चक्रवाती वर्षा का गहन विश्लेषण - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978

कल हुए चक्रवाती वर्षा का गहन विश्लेषण - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978 

कल जौनपुर और आसपास के जनपदों में सायंकाल 5:00 बजे से 7:00 बजे तक घनघोर वर्षा वज्रपात और विद्युत की चमक गरज झंझा झकोर घन गर्जन तड़ित और वारिदमाला के साथ हुई इसकी सूचना लगातार 2 दिन पहले से हमारा केंद्र दे रहा था और सबको सावधान कर रहा था और 90% लोगों ने इसका लाभ भी उठाया। 

 इस कालखंड में अनेक स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई इस बीच तेज तूफानी हवाएं चली जिनकी गति 40 से 65 किलोमीटर और कभी-कभी यह 70 किलोमीटर प्रति घंटा पहुंच गई थी और 4:30 प्रारंभ हुई आंधी से 5:00 इतना घना अंधेरा छा गया था कि लग रहा था रात के 10:00 बज गए हैं। 

इस 2 घंटे में हाहाकार करने वाली 50 से 60 मिली मीटर वर्षा हुई और वर्षा का वेग इतना तेज था की छत बहने लगे और सडके नदी बन गई एक घंटे सड़कों से पानी निकालने में लग गया पूरा नगर क्षेत्र भयंकर जाम में फंस गया और दीवानी से कोतवाली तक पहुंचने में 1 घंटे लग गए इसी बीच अमृत विकास योजना में बनी सड़कों पर अनेक लोग गिरकर दोबारा स्नान करके लौटे।

 इस कालखंड में कई पेड़ पौधे भी टूट कर गिर गए इस वर्षा का कारण अचानक उत्पन्न हुआ जो प्रशांत महासागर के दो महा चक्रवात अर्थात सुपर साइक्लोन और अटलांटिक महासागर के एक महा चक्रवात के बीच बने हुए भंवर का परिणाम है जो दुनिया के अनेक स्थानों में बना रहे हैं इस सुपर साइक्लोन में हवाओं की गति 200 से 300 किलोमीटर प्रति घंटा है हमारे केंद्र के द्वारा अक्टूबर महीने में दो बार चक्रवार्ती तूफान और वर्षा की भविष्यवाणी विक्षोभ संघनन और वाष्पन तथा स्थानीय सर्दी गर्मी के असर की गई थी वह पूरी पूरी सही उतरी पहले से सावधान और तैयार लोगों को इस भविष्यवाणी से 90 से 99 प्रतिशत सुरक्षा और राहत मिली 

अभी कल हुई वर्षा आज और कल  तक चलेगी लेकिन यह वर्षा तूफानी या आंधी चक्रवात वाली न होकर सामान्य वर्षा होगी और हल्की मध्यम वर्षा रहेगी इसके बाद अक्टूबर के अंतिम सप्ताह या इसके आसपास एक और वर्षा होने की संभावना है इस वर्ष से पेड़ पौधों के साथ धान की फसलों का भी बहुत नुकसान हुआ है विशेष कर जिंधनों में बालियां आ गई थी वह पूरी तरह गिर चुके हैं प्रकृति का उग्र और तांडव वाला दृश्य अभी लगातार बढ़ता रहेगा और जाड़े में हर रौद्र रूप धारण करके जाड़े को चरम शिखर पर पहुंचा देगा याद रहे कि हमारे केंद्र के द्वारा सितंबर के अंतिम भाग में ठंड की भविष्यवाणी एक एक अक्षर सही उतरी है और 23 सितंबर से ठंड का मौसम लगातार जारी है और यह 15 सितंबर 2027 तक चलेगा क्योंकि जब भी ज्यादा पितृपक्ष के साथ भादो के कोख से उत्पन्न होता है तो वह बहुत ही लंबा बहुत भयानक और बहुत ही चरम शिखर तक जाने वाला होता है और 40 वर्ष बाद ऐसा हुआ है

जौनपुर जनपद में वर्षा के प्रामाणिक आंकड़े भी आपको इसी समय बता दे रहे हैं जौनपुर जनपद में पहले 1000 मिलीलीटर से अधिक वर्षा होती थी पिछले कई वर्ष से यह 900 से 1000 मिली लीटर वर्षा हो रही है जाड़े में जौनपुर जनपद में 700 से 8 मिली लीटर वर्षा होती है और 200 मिली मीटर वर्षा बाकी 8 महीने में होती है इस बार 4 महीने वर्षा काल में कुल 605 मिमी वर्षा हुई है और 200 मिली मीटर वर्सेस के पूर्व हो चुकी है इस प्रकार कल वर्षा 805 मिनी हो गई है औसत वर्षा में लगभग 200 मिलीमीटर की कमी है और ऐसा अनुमान है कि अभी 50 मिलीमीटर वर्षा बचे 4 महीना में होगी इस वर्ष सितंबर में 300 मिली मीटर वर्षा और अगस्त में 200 मिमी वर्षा जून और जुलाई में 100 मिली मीटर वर्षा हुई है और अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में 50 मिली मीटर से अधिक वर्षा हो चुकी है यह वर्ष का बिल्कुल प्रामाणिक और सही आंकड़ा है बाकी सारे लोग अनुमानित आंकड़े इधर-उधर करके दे रहे हैं

भारत के अलावा दुनिया की भविष्यवाणी के बारे में भी बताना चाहता हूं कि दुनिया में तीन शक्तिशाली चक्रवात 1 से 10 अक्टूबर के बीच उत्पन्न होंगे जिसमें से एक बहुत ही शक्तिशाली जापान के दक्षिण पूर्व समुद्र में होगा सभी चक्रवात अधिकतर समुद्र में होंगे इसलिए विनाश लीला 95 प्रतिशत समुद्र में ही रहेगी जहां तक भारत की बात है तो यहां अक्टूबर नवंबर और दिसंबर में बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में दो शक्तिशाली चक्रवात उत्पन्न होने और तटीय भागों में घनघोर वर्षा चलने की प्रबल संभावना दिख रही है यह बातें में तब लिख रहा हूं जब बड़े-बड़े वैज्ञानिक सुपर कंप्यूटर और उपग्रह के आंकड़ों के बाद भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं  1 अक्टूबर के बाद आज फिर से 7 अक्टूबर को यह सब बातें बार-बार दोहरा रहा हूं जिससे लोग सावधान रहे सुरक्षित रहें दो मध्य भूकंप और कई हल्के भूकंप भारत में आएंगे जो चार से 6 के बीच में होंगे जबकि दक्षिण पूर्वी एशिया ईरान अब क्षेत्र अमेरिका और चीन के हिमालय क्षेत्र में दो शक्तिशाली भूकंप भी आ सकते हैं जिनकी तीव्रता डायरेक्टर पर 6 से 8 होगी एक सुनामी लहर भी आएगी