Saturday, 26 September 2026

मुझे स्वयं ही विश्वास नहीं होता दूसरों को क्या कहा जाए 50 वर्ष से ज्योतिष मौसम खेल राजनीति अनंत ब्रह्मांड और दुनिया भर की अनगिनत घटनाओं की भविष्यवाणी जब मैं खुद पढ़ता हूं तो मुझे स्वयं ही विश्वास नहीं होता तो दूसरे कैसे करेंगे 50 वर्ष बहुत लंबा समय होता है ।

मुझे स्वयं ही विश्वास नहीं होता दूसरों को क्या कहा जाए 50 वर्ष से ज्योतिष मौसम खेल राजनीति अनंत ब्रह्मांड और दुनिया भर की अनगिनत घटनाओं की भविष्यवाणी जब मैं खुद पढ़ता हूं तो मुझे स्वयं ही विश्वास नहीं होता तो दूसरे कैसे करेंगे 50 वर्ष बहुत लंबा समय होता है ।

 लेकिन यह सभी लाखों भविष्यवाणी समाचार पत्र पत्रिकाओं प्रिंट इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया में और विभिन्न चैनलों में लिखित रूप से 50 वर्ष से विद्यमान है इसलिए विश्वास न करने का कोई कारण भी नहीं होता इसमें कई भविष्यवाणी है तो 1975 से 1990 की संभव जैसी लगती है लेकिन संजोग से वह टीडी कॉलेज की बल्लरी और मंथन पत्रिकाओं में सुरक्षित हैं जैसे कि अमेरिका रूस का झूठ बोलने की चंद्रमा पर हवा और पानी नहीं है सौरमंडल में कई जगह जल जीवन और वनस्पतियां तथा जीव प्रकार विद्यमान है स्काई लैब से दुनिया की क्षति ना होना 1999 2012 और 2020 में धरती पर कोई प्रलय नहीं होना 2030 के पहले कोई परमाणु युद्ध नहीं होना और धरती पर अंधेरा नहीं छा जाना जैसी और विश्व कप में भारत की विजय जैसी महान भविष्यवाणियां सम्मिलित हैं

मौसम संबंधित सुनामी लहर के 2004 की भविष्यवाणी जहां में स्वयं चेन्नई समुद्र तट पर था और हजारों लोगों को बचाया भारत के चंद्रयान मंगलयान के बारे में सुनामी और भूकंप के बारे में बीजेपी मोदी कांग्रेस ट्रंप इत्यादि के बारे में सब की सब भविष्यवाणी बिल्कुल सही हुई है

 इसी तरह मौसम की गहन विवेचन करते समय 15 अगस्त को जब मैं अगस्त के अंतिम सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में मध्य चक्रवात और उसके द्वारा विराट मात्रा में जल की वर्षा और 50 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार की हवाएं और 70% भारत के प्रभावित होने की भविष्यवाणी की तो नासा इसरो और दुनिया भर के मौसम वैज्ञानिक तो छोड़ दो हमारे अपने लोग भी हंसी में उड़ा दिए थे लेकिन कुछ अपने लोगों को पूर्ण विश्वास था किया बिल्कुल सही होगा

इसी तरह 23 सितंबर से वृषभ प्रारंभ होकर उसके 27 तक चलने और 24 25 और 26 दिसंबर को लगातार तीन दिन तीन रात तूफानी वर्षा आंधी तूफान के साथ लगातार जौनपुर और भारत तथा आसपास होने की बातें एक-एक अक्षर ईश्वर की कृपा से सही हुई यहां तक मुझे विश्वास था कि लोगों को अपने खेतों की सिंचाई करने से भी मना कर दिया था और आज जबकि आंधी पानी तूफान वर्षा जौनपुर और पूर्वांचल में चरम पर है तब मैंने सुबह से शाम तक तीन बार कल मौसम साफ हो जाने की लगभग असंभव सी भविष्यवाणी किया है 

इसी तरह खेलो इंडिया का नारा सुपर फ्लॉप होना एशियाई खेलों में अधिकतम इस बार 11 स्वर्ण पदक के साथ 5 से 8 में स्थान के बीच रहना ओलंपिक और विश्व प्रतियोगिताओं में भारत की घनघोर दुर्गति होना और 2028 तक योगी जी के प्रधानमंत्री होने और मोदी जी का पतन होना जैसी असंभव सी भविष्यवाणियां भी शामिल हैं। चीन भारत ब्राजील का शक्तिशाली होना और एक दशक के अंदर अमेरिका यूरोप अरब देशों का पतन होना जैसी आश्चर्यजनक भविष्यवाणी अभी से कर दे रहा हूं 

हमारे अपने घर परिवार सभी संबंधी और मित्रों के अलावा डॉक्टर मनोज मिश्रा जनसंचार विभाग के अध्यक्ष पूर्वांचल विश्वविद्यालय मुकेश श्रीवास्तव डॉक्टर प्रणव  मिश्रा एवं पूर्व कुलपति डॉक्टर वंदना सिंह आरपी सिंह संजय कुमार उपाध्याय भूपेश सिंह वशिष्ठ नारायण शुक्ला पूर्व अध्यक्ष सुभाष चंद्र यादव  सुधा सिंह डॉक्टर वंदना दुबे  डॉ सरोज सिंह  जज वशिष्ठ नारायण सिंह ध्रुवेश यादव के के मौर्य प्रकाश चंद्र शुक्ला डॉक्टर एक शर्मा डॉक्टर विनोद कनौजिया डॉक्टर बृजेश कुमार ठाकुर अंजनी सिंह  शिवकुमार यादव कंचन सिंह सचिन अमर सिंह अनिल कुमार सिंह कप्तान डॉक्टर एलपी संध्या सिंह संतोष कुमार श्रीवास्तव मौर्य सतना यादव  प्रशांत सिंह प्रमोद चंद्रगुप्त सुनील कुमार गुप्ता कमलेश अग्रहरि जैसे अनगिनत जाने माने लोग पूर्ण विश्वास करते हुए हमें प्रोत्साहित करके अपनी शुभकामनाएं देते रहते हैं जौनपुर की प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विशेष कर राम जी जायसवाल मारकंडे मिश्रा दीपक श्रीवास्तव दीपक मिश्रा मनीष श्रीवास्तव शुभांशु जयसवाल डॉक्टर प्रमोद वॉचेस पति आदर्श गुरु गणपत सहाय स्वर्गीय और दम्मूजी ओमप्रकाश जायसवाल उनके पुत्र स्वर्गीय विवेक जायसवाल अखिलेश सिंह गुरुजी राजेश श्रीवास्तव बच्चा भैया विनोद कुमार प्रजापति  ओम वेबसाइट चैनल सहित अन्य लोगों का भी में बहुत आभारी हूं जानबूझकर न छापने के लिए दैनिक जागरण  और अमर उजाला परिवार का और भी आभारी हूं 

इन सभी हर क्षेत्र की भविष्यवाणियों का समय पूर्व लिख देने से सबका बहुत लाभ होता है और लोग समय रहते काफी कुछ अपना बचाव कर लेते हैं इसमें व्यक्तिगत रूप से यश कीर्ति प्रतिष्ठा पाना मेरा बिल्कुल लक्ष्य नहीं है राजनीति राजनेताओं और बड़े लोगों से बिल्कुल दूर रहना मेरा सबसे बड़ा लक्ष्य है।

मौसम की भविष्यवाणी और पूर्व की भविष्यवाणी का आकलन - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978 15

मौसम की भविष्यवाणी और पूर्व की भविष्यवाणी का आकलन - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978 15
आज जौनपुर और संपूर्ण पूर्वांचल में और समस्त आसपास के जनपदों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान24 डिग्री सेल्सियस और स्वच्छ हवा वाला रहेगा यह बहुत आश्चर्य की बात है क्योंकि तापमान में केवल एक डिग्री सेल्सियस का अंतर साल में केवल दो-तीन बार होता है और इतना ठंडा मौसम अगहन अर्थात नवंबर के अंतिम भाग में ही होता है दिन भर रात भर लगातार अनवरत तूफानी वर्षा 40 से 70 किलोमीटर की भयानक तेज  हवाओं आंधी तूफान झंझा झकोर गर्जन तड़ित वारिदमाला और प्रचंड चक्रवार्ती हवाओं के भारी से भारी मूसलाधार वर्षा आंधी के साथ होगी। 

कल अर्थात 27 सितंबर के बारे में हमारे केंद्र की भविष्यवाणी है कि आंधी तूफान और वर्षा का वेग लगभग पूरी तरह थम जाएगा और 5-6 दिन के बाद धूप होगी लेकिन ठंड कायम रहेगी और न्यूनतम तापमान गिरकर तेज डिग्री सेल्सियस हो जाएगा और पंखा चलाने पर एक से भी अधिक ठंड होगी इसके बाद धीरे-धीरे 28 सितंबर तक पूरे देश से अर्नब नाम के इस चक्रवात का असर पूरी तरह समाप्त होगा आंधी तूफान वर्षा भी समाप्त हो जाएगी और तापमान गिरकर न्यूनतम 23 और अधिकतम 30 डिग्री सेल्सियस तक आ जाएगा और ठंड और भी बढ़ जाएगी झंझा झकॊर घन तड़ित वारिदमाला और प्रचंड चक्रवार्ती हवाओं का क्रम बहुत कमजोर पड़ जाएगा और 28 अक्टूबर तक मौसम साफ हो जाएगा जौनपुर और आसपास इस 4 दिन के कालखंड में 100 से 160 मिली मीटर वर्षा होने की भविष्यवाणी है और अभी तक 100 मिलीमीटर वर्षा आज 26 सितंबर की सुबह तक हो चुकी है 

  यह भविष्यवाणी आप सबको 15 अगस्त से आज तक बार-बार 15 दिन से भेजी जा चुकी है और सभी को फसलों की सिंचाई करने से मना किया गया था ताकि सबके हजारों लाखों रुपए बच सके जहां तक संपूर्ण भारत की बात है तो उड़ीसा आंध्र प्रदेश बिहार झारखंड बंगाल बांग्लादेश नेपाल भूटान सिक्किम असम अरुणाचल प्रदेश मिजोरम त्रिपुरा नागालैंड मेघालय में भारी से बहुत भारी मूसलाधार वर्षा 60 से 100 किलोमीटर वेग वाली प्रचंड तूफानी हवाओं के साथ होगा जो कल तक समाप्त हो जाएगा इसके बाद लखनऊ से मध्य प्रदेश महाराष्ट्र राजस्थान दिल्ली उत्तराखंड पश्चिमी उत्तर प्रदेश पंजाब हरियाणा के कुछ भागों में आजकल और परसों यह चक्रवाती वर्षा 25 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे वाली तूफानी हवाओं के साथ होगी और वहां भी मौसम 29 सितंबर को साफ हो जाएगा अर्थात पूरे भारत से इस चक्रवर्ती वर्ष का 29 सितंबर तक समापन हो जाएगा और इसी के साथ संपूर्ण भारत का मौसम बदल जाएगा और आश्चर्यजनक रूप से 25 सितंबर से ठंड  25 सितंबर से ठंड कब प्रारंभ हो जाएगा जो अगले वर्ष 15 मार्च तक चलता रहेगा इस वर्ष की ठंड बहुत विकराल होगी और सभी सीमाओं और कीर्तिमान को तोड़ देगी इसीलिए ठंड के मौसम की अभी से भविष्यवाणी कर दे रहा हूं जो प्रमाण रहेगा इस बार ठंड के मौसम में जौनपुर पूर्वांचल सहित 80% भारत में बहुत ही कठिन विकराल ठंड कोर पाल पोस्ट तुषार मा ठंड के साथ पड़ेगी और कई कई दिनों तक धूप नहीं होगी बीच-बीच में झंझा झकॊर घन गर्जन के साथ वर्षा होगी जिससे ठंड और भी विकराल हो जाएगी ध्रुव प्रदेशों से आने वाली हवाएं जबरदस्त ठंड की वृद्धि करके हाहाकार मचा देंगी यह ठंड इस बार मध्य प्रदेश गुजरात उड़ीसा को पार कर आंध्र प्रदेश कर्नाटक और महाराष्ट्र मुंबई तक आहा कर मचा देगी इन इस पोस्ट को परिवार के तौर पर हमेशा की तरह रखा जा सकता है  25 सितंबर 2026  द्वारा डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह

Friday, 25 September 2026

*जब आपका पड़ोसी सुरक्षित महसूस करे: अच्छे पड़ोस का इस्लामी मतलब*

*जब आपका पड़ोसी सुरक्षित महसूस करे: अच्छे पड़ोस का इस्लामी मतलब*

एक शांतिपूर्ण समाज की शुरुआत बड़े-बड़े भाषणों से नहीं होती। इसकी शुरुआत घर के बहुत करीब से होती है: क्या बगल में रहने वाला व्यक्ति सुरक्षित, सम्मानित और महत्वपूर्ण महसूस करता है? यह सरल लेकिन गहरा सिद्धांत पैगंबर मुहम्मद की एक शक्तिशाली बात के केंद्र में है, जो सहीह अल-बुखारी 6016 में दर्ज है। अबू शुराइह ने बताया कि पैगंबर ने तीन बार कहा, "अल्लाह की कसम, वह ईमान वाला नहीं है!" जब साथियों ने पूछा कि उनका क्या मतलब है, तो पैगंबर ने समझाया कि वह व्यक्ति जिसका पड़ोसी उसके नुकसान से सुरक्षित महसूस नहीं करता।
बात को दोहराना महत्वपूर्ण है। पैगंबर अपनी बात एक बार भी कह सकते थे, लेकिन उन्होंने इसे तीन बार दोहराया। यह दिखाता है कि इस्लाम पड़ोसियों के अधिकारों और भावनात्मक सुरक्षा को कितनी गंभीरता से लेता है। यह घटना किसी खास झगड़े या किसी खास पड़ोसी का ज़िक्र नहीं करती जिसे नुकसान पहुँचाया गया हो। बल्कि, यह एक सामान्य नैतिक सिद्धांत स्थापित करती है। किसी व्यक्ति की धार्मिक प्रतिबद्धता को उसके आस-पास रहने वाले लोगों के साथ उसके व्यवहार से अलग नहीं किया जा सकता।
शब्दों का चयन भी महत्वपूर्ण है। पैगंबर ने सिर्फ़ यह नहीं कहा कि किसी व्यक्ति को अपने पड़ोसी पर शारीरिक हमला नहीं करना चाहिए। उन्होंने पड़ोसी के उसके नुकसान से सुरक्षित महसूस न करने के बारे में बात की। इससे यह शिक्षा और व्यापक हो जाती है। सुरक्षा में शारीरिक हिंसा, डराना-धमकाना, धमकियाँ, परेशान करना, संपत्ति को नुकसान पहुँचाना, लगातार परेशान करना और जानबूझकर नुकसान पहुँचाने के अन्य तरीकों से आज़ादी शामिल है। पड़ोसी के सुरक्षित महसूस करने का मतलब है कि वह बिना इस डर के रह सके कि बगल में रहने वाला व्यक्ति क्या कर सकता है।
यह सिद्धांत तब और भी शक्तिशाली हो जाता है जब हम सोचते हैं कि पड़ोसी का धर्म, भाषा, जाति, राजनीतिक विचार या सामाजिक पृष्ठभूमि हमसे अलग हो सकती है। इस्लाम अच्छे पड़ोस के रिश्ते को पूरी समानता पर निर्भर नहीं बनाता। कुरान पड़ोसी को उन लोगों में शामिल करता है जिनके साथ मुसलमान को अच्छा व्यवहार करना चाहिए। सूरह अन-निसा 4:36 में, अल्लाह की इबादत का आदेश देने के बाद, आयत मानने वालों को माता-पिता, रिश्तेदारों, अनाथों, ज़रूरतमंदों और पास और दूर के पड़ोसियों के साथ दयालुता दिखाने का निर्देश देती है। इस सूची में पड़ोसियों को शामिल करना इस्लामी नैतिकता में सामाजिक ज़िम्मेदारी के महत्व को दर्शाता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि पड़ोसियों के बीच हर असहमति ईमान की कमी है। इंसानों के बीच असहमति तो होगी ही। पड़ोसियों की जीवनशैली, राय और उम्मीदें अलग-अलग हो सकती हैं। इस्लामी सिद्धांत यह नहीं कहता कि कभी झगड़ा नहीं हो सकता। इसके बजाय, असहमति को क्रूरता, अपमान या जान-बूझकर नुकसान पहुँचाने का बहाना नहीं बनना चाहिए। यह फ़र्क आज के घनी आबादी वाले शहरी समाजों में खास तौर पर अहम है। अपार्टमेंट बिल्डिंग, पड़ोस और मिली-जुली कम्युनिटी में अलग-अलग बैकग्राउंड के लोग एक-दूसरे के करीब आते हैं। शोर, पार्किंग, प्रॉपर्टी की सीमा, बच्चों का खेलना, पालतू जानवर, कंस्ट्रक्शन का काम या निजी असहमति कभी-कभी तनाव पैदा कर सकती है।
इस्लाम का नज़रिया यह है कि हर असहमति को लड़ाई न बनने दिया जाए। यह सब्र, बातचीत, निष्पक्षता और संयम को बढ़ावा देता है। बुखारी 6016 के ठीक बाद दर्ज एक और बात इसी सिद्धांत को पुख्ता करती है। पैगंबर ने कहा कि जो कोई अल्लाह पर यकीन रखता है, उसे अपने पड़ोसी को नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए, अपने मेहमान का सम्मान करना चाहिए और अच्छी बात कहनी चाहिए या चुप रहना चाहिए। यह आस्था, व्यवहार और सामाजिक सद्भाव के बीच एक खूबसूरत रिश्ता बनाता है। आस्था सिर्फ़ निजी इबादत से नहीं दिखाई जाती। यह इसमें भी झलकती है कि जब लोग हमसे मिलते हैं तो उन्हें कैसा अनुभव होता है।
यह कम्युनिटी के लिए खास तौर पर अहम है। जब पड़ोसी एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं, तो छोटी-मोटी असहमति को गंभीर झगड़े बनने से पहले ही सुलझाया जा सकता है। जो व्यक्ति जानता है कि उसका पड़ोसी तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय उसकी बात सुनेगा, उसके शांति से बात करने की संभावना ज़्यादा होती है। अच्छा पड़ोस दयालुता के मौके भी बनाता है। किसी बुज़ुर्ग पड़ोसी का हाल-चाल पूछना, बीमारी में किसी की मदद करना, इमरजेंसी में किसी परिवार की सहायता करना या बस लोगों का सम्मानपूर्वक अभिवादन करना छोटी बातें लग सकती हैं, लेकिन ऐसे काम सामाजिक भरोसा पैदा करते हैं।
भारत जैसे विविध समाजों में इस सिद्धांत का बहुत महत्व है। एक अच्छे मुसलमान को डर के बजाय सुरक्षा का ज़रिया, चिंता के बजाय भरोसा दिलाने वाला और दुश्मनी के बजाय दयालु बनने की कोशिश करनी चाहिए। पड़ोसी यह कह सके: "हो सकता है कि मैं इस व्यक्ति की हर बात से सहमत न होऊँ, लेकिन मुझे पता है कि वह मुझे जान-बूझकर नुकसान नहीं पहुँचाएगा।" यही पैगंबर की शिक्षा की खूबसूरती है। यह एक महान धार्मिक सिद्धांत को रोज़मर्रा की ज़िंदगी में लाता है। इस्लाम का जवाब साफ़ है; एक मानने वाले को कोशिश करनी चाहिए कि उसके आस-पास के लोग उससे सुरक्षित महसूस करें और उसके चरित्र पर भरोसा करें।

फ़रहत अली खान 
एम ए गोल्ड मेडलिस्ट

भारत के गैर मुसलमानों का बहुत ही भयानक कड़वा लेकिन नंगा सच यह है कि गैर मुसलमानों की 70% औरतें और 60% पुरुष मुसलमानों के इसलिए गुलाम है क्योंकि इन सभी का मैथुनी वीडियो मुसलमानों के पास सुरक्षित है।

 भारत के गैर मुसलमानों का बहुत ही भयानक कड़वा लेकिन नंगा सच यह है कि गैर मुसलमानों की 70% औरतें और 60% पुरुष मुसलमानों के इसलिए गुलाम है क्योंकि इन सभी का मैथुनी वीडियो मुसलमानों के पास सुरक्षित है। 

विशेष कर सांसद विधायक मंत्री और उससे ऊपर के लोग तथा सरकारी अधिकारी और प्रभावशाली कर्मचारी लोगों के लिए यह बिल्कुल सत्य है आप भी इस पर थोड़ा गहराई से खोज कीजिए अपने आप नंग3सच सामने आ जाएगा तब आप खुद समझ जाएंगे कि आखिर यह सभी लोग मुसलमानों का विकास क्यों कर रहे हैं 

और क्यों मुसलमानों से डरते हैं और क्यों मुसलमान से डरते हैं क्योंकि अपना काला नंगा मैथुनी सच सबके सामने लाए जाने के डर से वह सब कुछ करते हैं जो उनके वीडियो में कैद सच मुसलमानों के हाथ में सुरक्षित है
। 

मैंने कई लोगों पर खुद जांच करके देखा और सच पाया है हर महत्वपूर्ण स्थान पर लव जिहादी मुस्लिम महिला या पुरुष बहुत चालाकी के साथ घुसे हुए हैं कोई नाच गाने वाला है कोई समस्या भी है कोई एनजीओ वाला है कोई उदारवादी है तो कोई सफाई कर्मी है कोई कबाड़ वाला तो कोई पंचर छाप है कोई सांसद विधायक मंत्री है और यह भी सच है कि यदि आप मुसलमान के घर आते जाते हैं या मुसलमान आपके घर आते जाते हैं तो आप निश्चित रूप से उनके द्वारा बलात्कार के शिकार हैं जो लाज शर्म के नाते आप छिपाते रहते हैं लेकिन अंत में भांडा फूट जाता है
[9/25, 9:28 PM] Dr  Dileep Kumar singh: इसलिए इतनी जल्दी हो सके इन विधर्मी शैतानों से छुटकारा प्राप्त कर लो डरो नहीं सच अपने घर वालों को बता दो वरना यह लोग मरते समय तक ब्लैकमेल करके तुम सबको बार-बार मरते रहेंगे इनका एक ही धर्म है हर जगह फैल कर कब्जा करना और लाभ कमाना बाकी सब उनके लिए धर्म के विरुद्ध हैं लेकिन मूर्ख गैर मुसलमान इनमें भी अच्छा और खराब मुसलमान खोजते हैं या तो ऐसी ही बात हुई कि सांप में आप यह सोचें की नाग करैत ब्लैक मांबा और रसेल वाइपर में कौन काम खतरनाक है क्योंकि सबके काटने से मृत्यु होना निश्चित है और उधर से उधर अच्छे से अच्छा मुसलमान है तब भी उसके लिए कुरान पैगंबर अल्लाह शरीयत हदीस ही सब कुछ है वेद और पुराण भजन कीर्तन मंदिर और गुरुद्वारा नहीं और एक बात ध्यान रखो पूरी दुनिया का मुसलमान किसी भी आफत और विपत्ति में महामारी में दुर्घटना और भयंकर विनाश में मुस्लिम देश में नहीं जाता वह रोग आकर दया के नाम पर सांप की तरह दिल में घुस जाता है और मौका पाते ही काट कर सबको मार कर अपना अधिकार कर लेता है कुछ उदाहरण देखकर भी आपको समझ में नहीं आता जैसे कश्मीर केरल पश्चिम बंगाल बांग्लादेश अफगानिस्तान पाकिस्तान और अन्य मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र को देख लीजिए यूरोप में गोशनिया हरजोविनिया और रूस में 15 मुस्लिम देशों को देख लीजिए सब कुछ विनाश कर डाला पर भी समझ में नहीं आए तो आपको हलाल होना ही है इसे बचाना है तो आपको चीन म्यांमार श्रीलंका इजरायल अमेरिका जैसा बनना होगा

मौसम की भविष्यवाणी और पूर्व की भविष्यवाणी का आकलन - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978 15आज जौनपुर और संपूर्ण पूर्वांचल में और समस्त आसपास के

मौसम की भविष्यवाणी और पूर्व की भविष्यवाणी का आकलन - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978 15
आज जौनपुर और संपूर्ण पूर्वांचल में और समस्त आसपास के जनपदों में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान और स्वच्छ हवा वाला रहेगा दिन भर रात भर लगातार अनवरत तूफानी वर्षा 40 से 60 किलोमीटर की भयानक तेज  हवाओं आंधी तूफान झंझा झकोर गर्जन तड़ित वारिदमाला और प्रचंड चक्रवार्ती हवाओं के साथ होगी। 

कल अर्थात 26 सितंबर के बारे में हमारे केंद्र की भविष्यवाणी है कि आंधी तूफान 40 से 65 किलोमीटर वाले प्रचंड चक्रवर्ती वायु वेग के साथ भारी वर्षा दिन भर रात भर होती रहेगी 

 और तापमान गिरकर न्यूनतम 23 और अधिकतम 27 डिग्री सेल्सियस तक आ जाएगा और ठंड और भी बढ़ जाएगी झंझा झकॊर घन तड़ित वारिदमाला और प्रचंड चक्रवार्ती हवाओं का क्रम अनवरत जारी रहेगा 27 को यह बहुत कमजोर पड़ जाएगा और 28 अक्टूबर तक मौसम साफ हो जाएगा जौनपुर और आसपास इस 4 दिन के कालखंड में 100 से 160 मिली मीटर वर्षा होने की भविष्यवाणी है 

  यह भविष्यवाणी आप सबको बार-बार 15 दिन से भेजी जा चुकी है और सभी को फसलों की सिंचाई करने से मना किया गया था ताकि सबके हजारों लाखों रुपए बच सके जहां तक संपूर्ण भारत की बात है तो उड़ीसा आंध्र प्रदेश बिहार झारखंड बंगाल बांग्लादेश नेपाल भूटान सिक्किम असम अरुणाचल प्रदेश मिजोरम त्रिपुरा नागालैंड मेघालय में भारी से बहुत भारी मूसलाधार वर्षा 60 से 100 किलोमीटर बैग वाली प्रचंड तूफानी हवाओं के साथ होगा जो आज समाप्त हो जाएगा इसके बाद लखनऊ से मध्य प्रदेश महाराष्ट्र राजस्थान दिल्ली उत्तराखंड पश्चिमी उत्तर प्रदेश पंजाब हरियाणा के कुछ भागों में आजकल और परसों यह चक्रवर्ती वर्षा 25 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे वाली तूफानी हवाओं के साथ होगी और वहां भी मौसम 29 सितंबर को साफ हो जाएगा अर्थात पूरे भारत से इस चक्रवर्ती वर्ष का 29 सितंबर तक समापन हो जाएगा और इसी के साथ संपूर्ण भारत का मौसम बदल जाएगा और आश्चर्यजनक रूप से 25 सितंबर से ठंड  25 सितंबर से ठंड कब प्रारंभ हो जाएगा जो अगले वर्ष 15 मार्च तक चलता रहेगा इस वर्ष की ठंड बहुत विकराल होगी और सभी सीमाओं और कीर्तिमान को तोड़ देगी  25 सितंबर 2026 ई द्वारा डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह

विशेष जागरूकता अभियान की विशिष्ट समिति में डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह का चयन

विशेष जागरूकता अभियान की विशिष्ट समिति में डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह का चयन
डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल जनपद न्यायालय जौनपुर का गांधी जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशन में विशेष जागरूकता अभियान की विशिष्ट समिति में चयन किया गया है। उनके साथ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र प्रसाद यादव अरविंद कुमार चौबे लिपिक और शिव शंकर सिंह पैरा लीगल वालंटियर इस समिति में है यह समिति विद्यालय के किशोर बालक बालिकाओं को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के विषय पर चुने गए विद्यालयों में जाकर सरल और सही जानकारी देकर 500 एक्ट के प्रावधानों से उनको अवगत कराते हुए इस विषय में जागरूक करने का दायित्व सौंपा गया है इस अवसर पर जनपद के प्रबुद्ध लोगों परिजनों और प्रेस तथा मीडिया से जुड़े लोगों ने डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह को बधाई और शुभकामनाएं दिया है  ज्ञात होगी डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह 35 वर्षों से लगातार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में परामर्शदाता मध्यस्थता अधिकारी स्थाई लोक अदालत पीठ में सदस्य सहित विविध पदों पर कार्य कर चुके हैं

: धर्म दर्शन विज्ञान और पितृविसर्जन का महापर्व -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञान ज्योतिष शिरोमणिप्रस्तावना

: धर्म दर्शन विज्ञान और पितृविसर्जन का महापर्व -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञान ज्योतिष शिरोमणि
प्रस्तावना 
अपने पूर्वजों पितरों के प्रति समर्पित इस बार का 16 दिनों का पितृपक्ष बहुत ही अद्भुत और अनूठा है बहुत वर्षों में एक दो बार ऐसा संजोग बनता है जब पितृपक्ष का आरंभ वर्षा से हो जो बहुत कम होता है  इसका अतिरिक्त इस वर्ष पितृपक्ष के आरंभ से ही ठंडा सुखद शीतल सुहाना मौसम है जो बहुत लंबे समय के बाद ही दिखता है अन्यथा शरद पूर्णिमा से ही ठंड का आरंभ होता है भादो महीने के कोख से ज्यादा निकलता है इस बार यह पूरी तरह सही हो रहा है 

पितृ विसर्जन के दिन क्या करें 

पितृ विसर्जन के दिन भी सामान्य रूप से वही सब किया जाता है जो इसके पहले 15 दिन में किया जाता है लेकिन इसमें एक अंतर है की दर्पण और श्राद्ध दोपहर की बेला में किया जाता है पिंडदान और श्रद्धा सुबह शाम नहीं किया जाता है लेकिन आपातकाल में ऐसा कर भी सकते हैं पितृपक्ष के दिन प्रतिदिन की भांति सुबह उठ कर नित्य क्रिया से निवृत्त होकर शुद्ध और शांत चित्र से स्नान करें इसके बाद प्रतिदिन की तरफ दक्षिण मुंह करके अपने पितरों को पानी गंगाजल दूध मिलकर उसमें अक्षत काला तिल और सफेद हल्के पीले पुष्प तथा कुश के साथ जलांजलि दें तत्पश्चात पिंडदान करें भजन को पिंड बनाकर पूर्वजों को अर्पित करने की क्रिया ही पिंडदान कहलाती है 

पंचबली और अन्य क्रियाएं 

इसके पश्चात भोजन जो श्राद्ध के निमित्त बना है उसको पांच प्राणियों में खिला देते हैं जिसमें गाय कुत्ता कौवा चींटी मछली या देवताओं के नाम पर निकाला गया भोजन होता है और इसी पांच लोगों के नाम पर इसे पंच बली कहा जाता है यह क्रिया संपन्न हो जाने पर पितरों को खीर और पूड़ी का भोग लगाया जाता है जो उन्हें अत्यंत प्रिय होता है फिर विद्वान सदाचारी सुपात्र व्यक्ति को भोजन कर कर अपने समर्थ के अनुसार दान दक्षिणा दे सकते हैं यह काम सबके लिए अनिवार्य नहीं है इच्छा अनुसार किया जा सकता है लेकिन आप पात्र व्यक्ति को भोजन और दक्षिण का दान नहीं करना चाहिए।

इसके पश्चात पीपल की पूजा करके उसमें जल देना चाहिए और दक्षिण दिशा में दीपक जलाना चाहिए विशेष श्राद्ध पूजा करने वालों को 16 बत्तियों वाले दीपक को जलाना चाहिए जो सरसों के तेल का होना चाहिए और यह दीपक दक्षिण दिशा में रखना चाहिए लेकिन यह नियम सबके लिए नहीं है यदि कोई श्रद्धा पूर्वक रोज की तरह तर्पण करके केवल गाय कुत्ते कौवे चींटी मछली को ही भोजन दे देता है तो वही पर्याप्त है। हमारे देवी देवता वैदिक रीति रिवाज के अनुसार शुद्ध विचार और अंतःकरण से अपनी पूजा से ही संतुष्ट हो जाते हैं बहुत अधिक पाखंड बढ़ने से लाभ की जगह हानि होती है जैसे आजकल विवाह संस्कार सहित हर शुभ और मांगलिक तथा दुख के कार्य में में हो रहा है।

पितृ विसर्जन के दिन क्या-क्या वर्जित है 

कुछ और बातों पर ध्यान पितृ विसर्जन के दिन रखना आवश्यक है इस दिन कोई भी नया कार्य शुरू न करें कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य इस दिन करना मना है इसके साथ-साथ कम से काम पूरे दिन गलत आचरण या दूसरों की बुराई करना या किसी के साथ छल कपट करना भी पूरी तरह वर्जित है  यह दिन पितरों को खुशी के साथ विदाई देने का है और विदाई के दिन कोई भी नया काम वैसे भी नहीं किया जाता है सारे सारांश का मूल्य यही है क्योंकि विदाई के बाद व्यक्ति बाहर भीतर से पूरी तरह दुखी होता है ऐसे में शुभ मांगलिक और खुशी का काम वैसे भी नहीं किया जाता है पितर भी हमारे लिए जीवित व्यक्ति के समान है इसीलिए कोई भी नया काम या खुशी का काम इस दिन वर्जित किया जाता है इन 15 दिनों में चोरी बेईमानी झूठ अधूरा कर छल कपट विश्वास घाट जैसी चीज पूरी तरह वर्जित है जो हर एक पर्व त्यौहार पर वर्जित रहता है क्योंकि उन पितरों का दिन है जिन्होंने हमारे भविष्य के लिए अपना वर्तमान बलिदान किया है 

इस वर्ष कब से कब तक है पितृपक्ष

इस वर्ष रविवार 27 सितंबर से पितृपक्ष प्रथम दिन का प्रारंभ हो रहा है जो 10 अक्टूबर शनिवार के दिन समाप्त होगा इस प्रकार यह कालखंड 15 दिन का है इसमें पूर्णिमा तिथि को जोड़ देने पर यह 16 दिन का हो जाता है और पूर्णिमा की तिथि 26 सितंबर रविवार के दिन है पूर्णिमा के श्रद्धा से लेकर अमावस्या के श्राद्ध तक हर तिथि का विधि विधान ऊपर लेख में विस्तार से दिया गया है इतना अवश्य है की धरती के स्वर्ग अखंड कश्मीर से समुद्र के स्वर्ग कन्याकुमारी वर्षा और हरियाली के स्वर्ग आसाम चेरापूंजी की पहाड़ियों से शुष्कता वीरानी त्याग वीरता के स्वर्ग राजस्थान तक  फैले हुए दिव्य भारतवर्ष की पवित्र भूमि पर हम लोग पेड़ पौधे वृक्ष कंकड़ पत्थर पहाड़ नदी समुद्र के साथ पितरों की भी पूजा करते हैं और आज यह अटल ध्रुव वैज्ञानिक सत्य है कि ब्रह्मांड के कण-कण  में जीवन है और जिन पितरों की हम पूजा करते हैं उन्हीं के कारण आज हम जीवित हैं इसलिए आप केवल स्नान करके अपने पूर्वजों को याद करते हुए केवल जल ही दे दे वही उनके लिए पर्याप्त होगा और सनातन धर्म अखंड भारत के लिए बलिदान होने वाले पितरों को भी मेरी तरह तर्पण करें  तो और भी अच्छा रहेगा ।