Wednesday, 13 May 2026

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के आदेश एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर ...

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के आदेश एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्व वरदान में एक विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का आयोजन जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जनक कुमारी इंटरमीडिएट कॉलेज सिविल लाइंस जौनपुर में आयोजित किया गया
 इस अवसर पर सिविल जज सचिव पूर्ण काली के सुशील कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह क्षेत्रीय वन अधिकारी शालिनी चौरसिया ‌ जिला चिकित्सालय की परामर्शदाता सीमा सिंह डाटा परिवार न्यायालय देवेंद्र कुमार यादव प्रधानाचार्य जनक कुमारी इंटर कॉलेज शंकर बहादुर सिंह एवं ‌ पुलिस विभाग के अधिकारी प्राधिकरण के सुनील कुमार मौर्य राकेश कुमार यादव एमपीएलबी शिव शंकर सिंह छात्र-छात्राएं और शिक्षक गण उपस्थित रहे 
विधिक साक्षरता जागरूकता संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सचिव पूर्ण कालिक सुशील कुमार सिंह ने प्राधिकरण के कार्य प्राधिकरण के द्वारा दिए जा रही सहायता के बारे में बताते हुए नशा उन्मूलन बच्चों को 18 वर्ष की आयु के बाद ही मोटर वाहन चलाने ड्राइविंग लाइसेंस और इंश्योरेंस बीमा साथ रखने के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि यदि पीड़ित प्रताड़ित लोगों की महिलाओं की लड़कियों की प्रार्थना कहानी सुनी नहीं जाती तो वह वह प्राधिकरण की सहायता ले सकते हैं 

इसी क्रम में डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह शालिनी चौरसिया सीमा सिंह देवेंद्र कुमार यादव के द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और मध्यस्थता केंद्र फ्रंट ऑफिस लीगल एड डिफेंस सिस्टम ‌ पैनल लाऔर और वॉलिंटियर्स सिस्टम  ‌ प्री लिटिगेशन मुकदमा ‌ जेल विजिटरके बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

सुलहयोग्य कोई भी सिविल क्रिमिनल बैंक बीमा चेक बाउंस किराएदारी बैंक बीमा रिचार्ज मुकदमे मध्यस्थता केंद्र क्या राष्ट्रीय लोक अदालत में सरलता से निस्तारित किए जाते हैं जहां कोर्ट फीस वापस हो जाती है और यह अंतिम निर्णय होता है जिसकी कोई अपील पुनरीक्षण नहीं होता । 

इसके अतिरिक्त लीगल एड डिफेंस सिस्टम के बारे में बताया गया जहां गरीब पीड़ित प्रताड़ित निर्धन और जेल में बंद लोगों को विद्वान अधिवक्तागण के द्वारा निशुल्क सहायता दी जाती है ‌ 15100 101 1098 1912 और 100 जैसे नंबरों को हमेशा याद रखना और आपातकाल में सहायता मांगने के बारे में विस्तार से बताया गया।


इस कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह उपमुख्य  प्रतिरक्षा सलाहकार के द्वारा की गई और आभार प्रधानाचार्य जंग बहादुर सिंह के द्वारा किया गया।

सनातन धर्म का महान हत्यारा सैयद सालार मसूद उपनाम गाजी मियां

सनातन धर्म का महान हत्यारा सैयद सालार मसूद उपनाम गाजी मियां 
*जो भी गैर मुसलमान नीच हत्यारे और दुराचारी गाजी मियां के मेले में शामिल होते हैं चाहे वह मानेछा हो या खेता सराय हो या बहराइच हो उन महामूर्ख लोगों के लिए मैं गाजी मियां का सच्चा ऐतिहासिक तथ्य बताता हूं*

*गाजी मियां का असली नाम सैयद सालार गजनबी था जो शैतान आक्रांता और शूर्पणखा के वंशज महमूद गजनी का भतीजा था उसके पास एक आतताई आतंकवादी सेना थी*

*वह अपने चाचा महमूद गजनवी के अधूरे संकल्प को पूरा करना चाहता था और इसलिए उसने प्रण किया था कि 5000 सनातनी लोगों के धर्म परिवर्तन या हत्या के बाद जलपान और 100000 लोगों की हत्या या धर्म परिवर्तन के बाद में भोजन करूंगा इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए उसने अफगानिस्तान से वाराणसी तक विशन लूटमार मचाई*

*हद तो तब हो गई जब उसने जबरदस्ती वाराणसी के तत्कालीन राजा की पुत्री से जबरदस्ती विवाह करने का संदेश राजा के पास भेज दिया डर के मारे कोई प्रतिरोध करने को तैयार नहीं हुआ*

*इसी बीच हुआ राक्षस आतंकी हत्यारा पाकिस्तान पंजाब हरियाणा दिल्ली मथुरा मेरठ को रौंदता हुआ लखनऊ और वाराणसी के पास आ पहुंचा रास्ते में लाखों लोगों का कत्लेआम किया अनगिनत महिलाओं को लूटा भीषण बलात्कार हत्या और लूटपाट से पूरा भारत कांप गया*

*श्रावस्ती के सम्राट वीर सुहेलदेव ने ऐसी विषम परिस्थितियों में उस आतंकी शैतान लुटेरे से लोहा लेने का निश्चय किया और देशभक्त वीर सैनिकों को लेकर सुहेलदेव की सेना से भिड़ गया और पहले ही दिन के भयंकर युद्ध में गजनबी के हजारों सैनिक गाजर मूली की तरह काट डाले गए*

*इस पर उस नाराधम ने अपने आतंकी सैनिकों को भेजकर रात में हजारों गाय चुरा लिया और सेना के आगे खड़ा कर दिया लेकिन परम प्रतापी सुहेलदेव को इसकी सूचना गुप्त चरो से मिल गए और उन्होंने सेना की दो टुकड़ियों बनाई एक को आगे और दूसरे को पीछे खड़ा किया इधर गाजी मियां या सोचकर प्रसन्न था की अब तो सनातनी लोग गायों पर तीर नहीं चलाएंगे और हम आगे बढ़ कर उन्हें आसानी से काट देंगे लेकिन जैसे ही अगले दिन युद्ध शुरू हुआ सुहेलदेव की आधी से अधिक सेना ने इन तुर्कों पर पीछे से भयानक आक्रमण किया और जब तक तुर्क संभाल पाते तब तक हजारों सैनिकों को काटकर गिरा दिया गया इस पर सैयद सालार बौखला कर भागा और वाराणसी जौनपुर होता हुआ मनेछा पहुंचा जहां गाजी मियां की सेना का भयंकर संहार चारों ओर से घेरकर किया गया और इस कार्य में स्थानीय सनातनी लोग शामिल हो गए जिधर भी  गाजी मियां निकलता गांव घर सब लोग गाजी मियां की सेना को काट डालते* 

*सारी सेना के नष्ट हो जाने पर कुछ चुने हुए सैनिकों को लेकर सैयद सालार बहराइच भागा और उस समय प्रसिद्ध मंदिर और उसके पास स्थित लोलार्क कुंड में फिर भयंकर युद्ध हुआ विजय की कोई आसान न देख और अपने सभी सैनिकों के मारे जाने पर गाजी मियां घबराकर लोलार्क कुंड के गहरे पानी में कूद गया लेकिन परम विक्रमशाली सुहेलदेव ने भीम भयंकर लंबा बल्लम मारकर उसके शरीर के आर पार करके उसे उठा लिया और वही दफन कर दिया यही गलती हुई उनसे*

*कालांतर में जब भारत में मुस्लिम राज्य हो गया तो उसे मुस्लिम शासकों ने मजार को पूजा स्थान बनाकर सनातनी लोगों को बाध्य किया कि उसके सामने सिर झुकाये और जत्थे के जत्थे मुसलमान भारत के चारों ओर भेजे जाते  जो लहबर लेकर जाते और जो उनको नीचे झुक कर सलाम नहीं करते उनका सिर काट लेते और महिलाओं को बंदी बना ले जाते इसीलिए जब भी गाजी मियां लहबर लेकर आते थे तो गांव की औरतें डर के कारण नीचे लेट कर उनकी बाकायदा पूजा पाठ करके खूब चढ़ावा देती थी आजाद भारत में कांग्रेस ने सही इतिहास बताने का प्रयास नहीं किया*

*1985 के आसपास भीषण जागृति पैदा हुई और हम लोगों के अथक प्रयासों से गांव-गांव में इन लोगों का आना देशभक्त परमवीर युवकों ने बंद कर दिया और अब कहीं भी गाजी मियां दिखाई नहीं पड़ते फिर भी हजारों लाखों मुर्ख हिंदू अभी भी गाजी मियां के मेले में जाकर अपना सिर झुकाते हैं और भारी-भरकम धनराशि देते हैं दुराचारी औरतें घरवालों को धोखा देकर दुराचार करके आ जाती हैं जैसे शिर्डी के साईं बाबा की असलियत उजागर हो गई वैसे गाजी मियां की असलियत लोग जान गए नतीजा अब केवल नाम मात्र के लोग जाते हैं*

*यही गाजी यही गाजी मियां का असली इतिहास है इसके बाद भी अगर मूर्ख हिंदू स्त्री पुरुष गाजी मियां की पूजा करते हैं या उनके मेले में जाते हैं तो कोई क्या कर सकता है इस सच्चाई को 10 20 50 हजार लाख करोड़ बार नहीं अरबों बार बताया जा चुका है आशा है आप लोग वास्तविक स्थिति समझ गए होंगे* डॉ दिलीप कुमार सिंह

Tuesday, 12 May 2026

इसी को विशुद्ध नौटंकी और जनता के साथ विश्वास घात कहते हैं

कितना बड़ा धोखा देकर कितना बड़ा खेल खेला गया है सरकार और बिजली विभाग के द्वारा उपभोक्ताओं के लिए 

सबसे पहले तो जबरदस्ती सरकार की जिद पूरा करने के लिए सारे पोस्टपेड मी प्रीपेड किए गए और उपभोक्ताओं को अर्बन खरबन रूपों की हानि हुई 

इसी बीच कितने उपभोक्ता बेचारे दौड़ दौड़ कर हर जगह पैसे खर्च किए और कई दिन अंधेरे में रहे कोई शिकायत सुनने वाला नहीं मिला 

इस बारे में मुझे एक उदाहरण रामदायलगंज के नीलू गौड़ का याद आ रहा है जो हर जगह दौड़ा जौनपुर के अधिशासी अभियंता कार्यालय से लेकर मडियाहू के खंड विद्युत अधिकारी सौरभ के पास तक लेकिन उसकी कहीं नहीं सुनी गई और 5000 का बिल अचानक ही बढ़कर ₹50000 कर दिया गया और सभी ने ही कहा कि कुछ नहीं सुनना है पूरा रुपया जमा करो 

ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार और बिजली विभाग मिली मर और नूरा कुश्ती करके जमकर वसूली किया और सारा पैसा शेयर मार्केट में लगा दिए और जब उससे काफी पैसा कमा लिए तब फिर उपभोक्ताओं का प्रीपेड मीटर पोस्ट पेंट कर दिया 


इसी को विशुद्ध नौटंकी और जनता के साथ विश्वास घात कहते हैं सरकार भी मालामाल हो गई और बिजली विभाग भी लेकिन बेचारी जनता कंगाल हो गई और हरामखोरों का एक बार फिर से राज हो गया 

इससे ऊपर से नीचे भ्रष्ट लोगों को कमाई करने में बहुत परेशानी हो रही थी यह दिवस तो में पारदर्शिता के साथ नियम लागू होता तो सबका बहुत अधिक लाभ होता 

ऐसे में सरकार को चाहिए कि पूरे देश में 100 यूनिट बिजली फ्री कर दे क्योंकि देश की 90% जनता 100 यूनिट से कम बिजली का खर्च करती है

सनातन धर्म का महान हत्यारा सैयद सालार मसूद उपनाम गाजी मियां

सनातन धर्म का महान हत्यारा सैयद सालार मसूद उपनाम गाजी मियां 
                       डॉ दिलीप कुमार सिंह


*जो भी गैर मुसलमान नीच हत्यारे और दुराचारी गाजी मियां के मेले में शामिल होते हैं चाहे वह मानेछा हो या खेता सराय हो या बहराइच हो उन महामूर्ख लोगों के लिए मैं गाजी मियां का सच्चा ऐतिहासिक तथ्य बताता हूं*

*गाजी मियां का असली नाम सैयद सालार गजनबी था जो शैतान आक्रांता और शूर्पणखा के वंशज महमूद गजनी का भतीजा था उसके पास एक आतताई आतंकवादी सेना थी*

*वह अपने चाचा महमूद गजनवी के अधूरे संकल्प को पूरा करना चाहता था और इसलिए उसने प्रण किया था कि 5000 सनातनी लोगों के धर्म परिवर्तन या हत्या के बाद जलपान और 100000 लोगों की हत्या या धर्म परिवर्तन के बाद में भोजन करूंगा इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए उसने अफगानिस्तान से वाराणसी तक विशन लूटमार मचाई*

*हद तो तब हो गई जब उसने जबरदस्ती वाराणसी के तत्कालीन राजा की पुत्री से जबरदस्ती विवाह करने का संदेश राजा के पास भेज दिया डर के मारे कोई प्रतिरोध करने को तैयार नहीं हुआ*

*इसी बीच हुआ राक्षस आतंकी हत्यारा पाकिस्तान पंजाब हरियाणा दिल्ली मथुरा मेरठ को रौंदता हुआ लखनऊ और वाराणसी के पास आ पहुंचा रास्ते में लाखों लोगों का कत्लेआम किया अनगिनत महिलाओं को लूटा भीषण बलात्कार हत्या और लूटपाट से पूरा भारत कांप गया*

*श्रावस्ती के सम्राट वीर सुहेलदेव ने ऐसी विषम परिस्थितियों में उस आतंकी शैतान लुटेरे से लोहा लेने का निश्चय किया और देशभक्त वीर सैनिकों को लेकर सुहेलदेव की सेना से भिड़ गया और पहले ही दिन के भयंकर युद्ध में गजनबी के हजारों सैनिक गाजर मूली की तरह काट डाले गए*

*इस पर उस नाराधम ने अपने आतंकी सैनिकों को भेजकर रात में हजारों गाय चुरा लिया और सेना के आगे खड़ा कर दिया लेकिन परम प्रतापी सुहेलदेव को इसकी सूचना गुप्त चरो से मिल गए और उन्होंने सेना की दो टुकड़ियों बनाई एक को आगे और दूसरे को पीछे खड़ा किया इधर गाजी मियां या सोचकर प्रसन्न था की अब तो सनातनी लोग गायों पर तीर नहीं चलाएंगे और हम आगे बढ़ कर उन्हें आसानी से काट देंगे लेकिन जैसे ही अगले दिन युद्ध शुरू हुआ सुहेलदेव की आधी से अधिक सेना ने इन तुर्कों पर पीछे से भयानक आक्रमण किया और जब तक तुर्क संभाल पाते तब तक हजारों सैनिकों को काटकर गिरा दिया गया इस पर सैयद सालार बौखला कर भागा और वाराणसी जौनपुर होता हुआ मनेछा पहुंचा जहां गाजी मियां की सेना का भयंकर संहार चारों ओर से घेरकर किया गया और इस कार्य में स्थानीय सनातनी लोग शामिल हो गए जिधर भी  गाजी मियां निकलता गांव घर सब लोग गाजी मियां की सेना को काट डालते* 

*सारी सेना के नष्ट हो जाने पर कुछ चुने हुए सैनिकों को लेकर सैयद सालार बहराइच भागा और उस समय प्रसिद्ध मंदिर और उसके पास स्थित लोलार्क कुंड में फिर भयंकर युद्ध हुआ विजय की कोई आसान न देख और अपने सभी सैनिकों के मारे जाने पर गाजी मियां घबराकर लोलार्क कुंड के गहरे पानी में कूद गया लेकिन परम विक्रमशाली सुहेलदेव ने भीम भयंकर लंबा बल्लम मारकर उसके शरीर के आर पार करके उसे उठा लिया और वही दफन कर दिया यही गलती हुई उनसे*

*कालांतर में जब भारत में मुस्लिम राज्य हो गया तो उसे मुस्लिम शासकों ने मजार को पूजा स्थान बनाकर सनातनी लोगों को बाध्य किया कि उसके सामने सिर झुकाये और जत्थे के जत्थे मुसलमान भारत के चारों ओर भेजे जाते  जो लहबर लेकर जाते और जो उनको नीचे झुक कर सलाम नहीं करते उनका सिर काट लेते और महिलाओं को बंदी बना ले जाते इसीलिए जब भी गाजी मियां लहबर लेकर आते थे तो गांव की औरतें डर के कारण नीचे लेट कर उनकी बाकायदा पूजा पाठ करके खूब चढ़ावा देती थी आजाद भारत में कांग्रेस ने सही इतिहास बताने का प्रयास नहीं किया*

*1985 के आसपास भीषण जागृति पैदा हुई और हम लोगों के अथक प्रयासों से गांव-गांव में इन लोगों का आना देशभक्त परमवीर युवकों ने बंद कर दिया और अब कहीं भी गाजी मियां दिखाई नहीं पड़ते फिर भी हजारों लाखों मुर्ख हिंदू अभी भी गाजी मियां के मेले में जाकर अपना सिर झुकाते हैं और भारी-भरकम धनराशि देते हैं दुराचारी औरतें घरवालों को धोखा देकर दुराचार करके आ जाती हैं जैसे शिर्डी के साईं बाबा की असलियत उजागर हो गई वैसे गाजी मियां की असलियत लोग जान गए नतीजा अब केवल नाम मात्र के लोग जाते हैं*

*यही गाजी यही गाजी मियां का असली इतिहास है इसके बाद भी अगर मूर्ख हिंदू स्त्री पुरुष गाजी मियां की पूजा करते हैं या उनके मेले में जाते हैं तो कोई क्या कर सकता है इस सच्चाई को 10 20 50 हजार लाख करोड़ बार नहीं अरबों बार बताया जा चुका है आशा है आप लोग वास्तविक स्थिति समझ गए होंगे* डॉ दिलीप कुमार सिंह

मस्तिष्कों को सुन कर देने वाले महान सत्य -डा दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

मस्तिष्कों को सुन कर देने वाले महान सत्य-डा दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि
 हुमायूं 1540 में शेरशाह से हार कर ईरान भाग गया और 1555 में वापस आया अकबर का जन्म 1542 में हुआ अमरकोट में बाकी आप खुद समझ लीजिए मैं समझ में आए तो दिमाग पर जोर दीजिए‌ फिर भी ना समझ में आए तो अर्जुन का सबसे बड़ा और गंभीर प्रश्न श्रीमद् भागवत गीता में खोज लीजिए जिसमें उन्होंने भगवान कृष्ण से कहा कि मैं युद्ध किसी डर के कारण या सगे संबंधियों हत्या ‌ से बचने के कारण से नहीं करना चाहता बल्कि इसकी सही वजह है कि मैं केवल इसीलिए इस ब्रह्मांड व्यापी विश्व युद्ध में भाग नहीं लेना चाहता क्योंकि इसमें बहुत बड़ी संख्या में पुरुष मारे जाएंगे जिसके कारण महिलाओं की संख्या पुरुषों से कई गुना बढ़ जाएगी और पूरा विश्व वर्ण शंकर अर्थात दोगला हो जाएगा जो पूरी दुनिया और सृष्टि के लिए एक अभिशाप है 

इसको इस प्रकार भी समझा जा सकता है कि वैज्ञानिक दृष्टि से वर्णन शंकर प्रजातियां बहुत तेज होती हैं और बहुत अधिक उन्नत करती हैं लेकिन दूसरी तीसरी पीढ़ी जाते-जाते यह सब स्वयं भी बर्बाद होते हैं और देश जाति धर्म सब कुछ बर्बाद कर देते हैं यह एक अटल वैज्ञानिक सत्य है जैसे कि अधिक उत्पादन देने वाली प्रजातियों अधिक दूध देने वाली गाय और भैंस बहुत अधिक समय तक उस तरह नहीं रह पाती जर्सी गाय का उदाहरण देखा जा सकता है और सबसे बड़ी बात इनकी लागत इतनी अधिक होती है कि उसे अनुपात में उनका दूध बहुत ही कम होता है और सबसे बड़ी बात वर्णशंकर प्रजातियां की उत्पादकता मात्रा तो अधिक होती है लेकिन स्वास्थ्य वर्धन और पौष्टिकता बहुत ही कम होती है यह सब अकाट्य के वैज्ञानिक सत्य हैं ।

भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को समझाते हुए कहा था कि यदि ऐसा नहीं होगा तो कलयुग धरती पर आएगा कैसे और ईश्वर किया परिकल्पना है कि हर युग को बार बार आना है तब अर्जुन युद्ध करने के लिए तैयार हुए थे और सम्राट परीक्षित ऐसे महान राजा हुए जो कलयुग के सिर पर पैर रखकर स्वर्ग में आए विमान पर चढ़कर चले गए उसके बाद ही कलयुग का धरती पर आगमन संभव हो पाया था ।


कलयुग ने केवल पांच जगह राजा परीक्षित के पैर पकड़कर मांगा था जहां वहां रह सके इस पर राजा ने कहा जहां दुराचार हो जहां मदिरापान हो जहां नशे का वास हो जहां पर सोना हो और जहां परस्पर कलह हो तुमको मैं वहां बस जाने की आज्ञा देता हूं लेकिन वह भूल गए कि उनका मुकुट भी सोने का था बस तत्काल कलयुग को मौका मिला और सबसे पहले उनके सोने के मुकुट में घुस गया ।


सबको अपने भुज के बल से जीत लिया था उनके अंदर पाप बस गया और आगे चलकर गहन तपस्या में लीन ऋषि के गले में मरा हुआ सांप डाल दिया जब उनके पुत्र ने देखा तो शराब दे दिया कि जिस राजा ने ऐसा कर्म किया है उसको आज के सातवें दिन तक्षक नाग काट लेगा और उसकी मृत्यु को कोई बचा नहीं सकता ऐसा कलयुग का प्रभाव है ।


कलयुग से बचने का एक ही उपाय है ईश्वर का नाम और कीर्तन दुराचारी लोगों से दूरी नशापान मदिरापान करने वालों से बहुत अधिक दूरी और वर्ण शंकर प्रजातियों से अत्यधिक दूरी बनाकर रहे और कोई भी उपाय नहीं है क्योंकि चार लाख 32 हजार साल बहुत लंबी अवधि होती है ।

हर युग अपने परवर्ती युग का दुगना होता है कलयुग से दो गुना बड़ा द्वापर द्वापर से दो गुना बड़ा त्रेता और त्रेता से दो गुना बड़ा सतयुग होता है ।

रामायण महाभारत वेद पुराण और अन्य शास्त्रों में लिखा गया है इस सतयुग के मनुष्य 100000 वर्ष जीवित रहते थे उनकी ऊंचाई 32 फिट होती थी त्रेता आते-आते लोग 10000 वर्ष जीवित रहने लगे और उनकी ऊंचाई घटकर केवल 21 फिट रह गए थे द्वापर में मनुष्यों की औसत ऊंचाई 10 से 11 फिट रह गई और जीवनकाल 1000 वर्ष रह गया था कलयुग के लिए कहा गया है कि 5 फीट से  छह फीट लंबी मानव जाति होगी और अधिकतम 100 वर्ष कोई जी पाएगा यह सब वैज्ञानिक सत्य है जिसको जांचों परखा चुका है। 

इसका एक प्रमाण मिलता है जब भगवान श्री कृष्ण ने विश्व के अपराजिता यवन योद्धा जिससे मुस्लिम वंश चला था कालयवन से धरती के भार को मुक्त कराना चाहा जिसको कोई भी पराजित नहीं कर सकता था तब वह छल कपट का प्रयोग करते हुए उसे हिमालय पर्वत स्थित उस गुफा में ले गए जहां  ‌ ईश्वर और देवी देवताओं से वरदान प्राप्त सतयुग में संपूर्ण राक्षसों का विनाश करने वाला देवताओं का रक्षक सम्राट मचकुंद सो रहा था उसे भी का विशाल शरीर पर भगवान कृष्ण ने अपनी चादर फेंक दिया और गुफा में छुप गए कालयवन  जो लगभग 25 फीट लंबा और 10 कुंतल भारी था जब उसने यह देखा तो लात मार कर कहा अरे कर तू कितना देर छुप कर मुझसे रहेगा दौड़ते दौड़ते थक गया तो सो रहा है । या मुझे धोखा देने का प्रयास कर रहा है।

इसके बाद सम्राट मचकुंड उठे और जैसे उन्होंने आंख खोली उस भयंकर अग्नि ज्वाला निकाली और काले वन जलकर राख हो गया तब भगवान श्री कृष्ण के आगे प्रकट हुए और उन्होंने तत्काल पहचान लिया किया कि ‌ श्री कृष्णा भगवान श्री हरि विष्णु के अवतार हैं 

महाभारत और भागवत पुराण के मूल ग्रंथ में लिखा है कि जब सम्राट गुफा से बाहर आए तो अधिकांश पेड़ पौधे उनसे बहुत छोटे थे और मनुष्य तो उनके आगे बहुत ही छोटे दिखाई पड़ते थे आश्चर्यचकित होकर जब भगवान श्री कृष्णा उन्होंने यह सब जानना चाहा तो बोले हे राजन तीन युग बीत चुके और कलयुग आने वाला है इतना सुनने के बाद सम्राट मुचुकुंद विष्णु के धाम में चले गए कोई भी ज्ञान विज्ञान दर्शन शास्त्र और गणित नहीं है जो भारत वालों ने चरम विकास नहीं कर लिया था । और इसीलिए महाभारत काल में दिव्य अस्त्र-सूत्रों के प्रयोग से धरती का बड़ा भाग वीरान हो गया और सैकड़ो करोड़ लोग मारे गए और फिर से सभ्यता विकसित होने में 2000 वर्ष लग गए जिसे अंधकार कल कहा जाता है महाभारत के बाद भारत का इतिहास फिर मौर्य काल के आसपास प्रारंभ होता है।

लोग रामायण महाभारत धारावाहिक फिल्में देखते हैं इसलिए सच नहीं समझ पाते महाभारत में बिल्कुल स्पष्ट लिखा है कि यदि ब्रह्मास्त्र कहीं भी चलाया जाता है तो उसे क्षेत्र की सारी धरती ऊसरबंजर हो जाती है वहां घास का तिनका भी नहीं उग सकता है और 12 वर्ष तक वहां होने वाली सारी संताने पेड़ पौधे सब विकलांग और विषैले होते हैं ‌ नागासाकी हिरोशिमा और चेर्नोबिल का विनाश और परमाणु केदो में रेडिएशन से करने वाले वैज्ञानिक इस बात का जीता जागता प्रमाण है।इस सच को कोई भी पढ़कर जान सकता है ब्रह्मास्त्र की पूरी शक्ति का प्रयोग करने पर यह सारी धरती को नष्ट कर सकता था जबकि नारायण अस्त्र संपूर्ण आकाशगंगा को और भगवान श्री शिव जी का पाशुपतअस्त्र अनंत कोटि ब्रह्मांड को नष्ट कर सकता था।

सर विज्ञान इस सच पर मौन है एक तरफ तो कहते हैं प्रकाश की गति से अधिक कोई चीज नहीं चल सकती लेकिन कोई भी वैज्ञानिक इस महान सत्य को नहीं बता सका कि यदि ब्रह्मांड का जन्म लगभग 14 अरब वर्ष पहले हुआ तो यह 100 अब वर्ष कैसे फैल गया इसका उत्तर किसी गणितज्ञ वैज्ञानिक के पास नहीं इसका अर्थ यह होता है कि ब्रह्मांड का विस्तार प्रकाश की गति से 8 गुना तेजी से हुआ जो असंभव है यदि किसी के पास इसका उत्तर है तो मुझको इसका उत्तर देने की कृपा करें।

Sunday, 10 May 2026

आज जनपद न्यायालय जौनपुर में प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति ‌ नीरज तिवारी का आगमन हुआ

आज जनपद न्यायालय जौनपुर में प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति ‌ नीरज तिवारी का आगमन हुआ इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि ‌ प्रधान जज पारिवारिक न्यायालय ‌ ‌ प्रीति श्रीवास्तव न्यायाधीश स्थाई लोक अदालत ‌ लालचंद्र गुप्ता ‌ अध्यक्ष ‌ मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल मनोज कुमार अग्रवाल नोडल अधिकारी अपर जिला जज रंजीत कुमार ‌ सचिव सुशील कुमार सिंह सहित सभी न्यायाधीश ‌ जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जौनपुर लीगल एड डिफेंस सिस्टम ‌ जनपद न्यायालय जौनपुर के अनिल कुमार सिंह डॉ दिलीप कुमार सिंह अनुराग चौधरी और प्रकाश तिवारी ‌ अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुभाष चंद्र यादव एवं मंत्री रण बहादुर यादव ‌बैंक  ‌ सहायक श्रमायुक्तके अधिकारी न्यायालय के कर्मचारीगण और बड़ी संख्या में वादकारीगण ‌ मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।

सर्वप्रथम प्रशासनिक  न्यायमूर्ति नीरज तिवारी का स्वागत करके सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन ‌ का कार्यक्रम माननीय न्यामूर्ति के द्वारा किया गया इसी क्रम में नेहरू बालोद्यान की छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। 

प्रशासनिक न्यायमूर्ति ‌ नीरज तिवारीको बैंक के अधिकारियों द्वारा स्मृति चिन्ह और पुष्प गुच्छ शाल  एवं पादप प्रदान ‌ करके उनको सम्मानित किया गया।‌ इसके अतिरिक्त मंचासीन जनपद न्यायाधीश जिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक अध्यक्ष अधिवक्ता संघ एवं अध्यक्ष मोटर एक्सीडेंट  क्लेम ट्रिब्यूनल प्रधान जज पारिवारिक न्यायालय को भी पुष्प गुच्छ और पौधे देकर सम्मानित किया गया।इसी क्रम में 5 पैरा लीगल वॉलिंटियर्स ‌ को सम्मानित किया गया और ‌ उल्लेखनीय कार्य करने वाले श्रमिकों एवं विकलांग व्यक्तियों का सम्मानित करके उन्हें व्हील चेयर सिलाई मशीन इत्यादि प्रदान किया गया।
इस अवसर पर सिविल क्रिमिनल बैंक बीमा एन आई एक्ट राजस्व प्रीलिटिगेशन एवं पारिवारिक वादों का हजारों की संख्या में निस्तारण करके करोड़ों रूपयो की क्षतिपूर्ति एवं प्रतिकर पीड़ित पक्षकारों को दिलाया गया। 

जनपद न्यायाधीश जौनपुर के द्वारा लोक अदालत के संबंध में विवरण प्रस्तुत किया गया और इसी क्रम में उपस्थित समस्त लोगों को न्यायमूर्ति नीरज तिवारी द्वारा संबोधित करते हुए आशीर्वचन दिया गया ‌ कार्यक्रम का संचालन पूर्ण कालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण  ‌ सुशील कुमार सिंह के द्वारा किया गया

Tuesday, 5 May 2026

पांच राज्यों में हुए चुनाव का निष्पक्ष विश्लेषण -डॉ दिलीप कुमार सिंह

पांच राज्यों में हुए चुनाव का निष्पक्ष विश्लेषण -डॉ दिलीप कुमार सिंह 
भारत में पांच राज्यों में मतदान सबसे चर्चित विषय रहा जिन पांच राज्यों में चुनाव हुआ उनमें सभी अत्यंत महत्वपूर्ण थे जिसमें से बंगाल और असम सीमा प्रांत होने के कारण बहुत संवेदनशील थे। जबकि तमिलनाडु केरल और पुडुचेरी दक्षिण भारत के राज्य थे बंगाल के अलावा तमिलनाडु और केरल और पंजाब ऐसे राज्य हैं जहां भाजपा ने कभी भी सत्ता में सीधे प्रतिभा नहीं किया इसलिए इस बार के चुनाव में यह सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण था।

मतदान के पूर्व जो सर्वेक्षण आए थे वह इस बार काफी हद तक ठीक-ठाक रहे लेकिन हमारे केंद्र की भविष्यवाणी एक बार फिर 100% सही उतरी लगभग सभी मतदान सर्वेक्षण में असम और पुडुचेरी में भाजपा गठबंधन को और बंगाल में कांटे का मुकाबला दिखाते हुए तमिलनाडु में ग्रामीण मुनेत्र कड़गम और केरल में यूडीएफ को विजय दिखाया गया था। 

जबकि हमारे केंद्र के द्वारा बंगाल असम और पुडुचेरी में भाजपा गठबंधन की सीधी विजय की भविष्यवाणी की गई थी लेकिन बंगाल में 165 सीटों के मुकाबले भी भाजपा ने 286 सिम प्राप्त कर लिया तमिलनाडु में किसी तीसरे गठबंधन की एकमात्र भविष्यवाणी हमारे केंद्र के द्वारा की गई थी जो टीवीके के विजय होने के साथ पूरी तरह सही हुई ‌ केरल में भाजपा गठबंधन का तीन सीट प्राप्त करना काफी महत्वपूर्ण रहा जबकि तमिलनाडु में भाजपा एक बार फिर से असफल रही। ‌ इन समस्त बिंदुओं का निष्पक्ष और सही विश्लेषण आवश्यक है कि ऐसा क्यों रहा। 

सबसे पहले हम चुनाव परिणाम पर आते हैं पश्चिम बंगाल में कुल 294 सीटें थी‌। लेकिन चुनाव 293 सीट पर हुए आवश्यक बहुमत 147 था लेकिन भाजपा गठबंधन ने 46% मत पाकर और 206 सीट पर सबको आश्चर्य में डाल दिया जबकि कांग्रेस का लगातार चौथी बार विजयी होने का सपना चूर-चूर हो गया ‌ उसकी केवल 81 सीटें और 41% वोट प्राप्त हुए यहां पर ध्यान देना आवश्यक है कि पिछली बार त्रृणमूल कांग्रेस को जबरदस्त 216 स्थान और भाजपा को केवल 77 स्थान प्राप्त हुए थे।

भाजपा में ममता की पराजय और भाजपा की विजय के अनेक कारण चुनाव विश्लेषक देते हैं लेकिन इसमें सबसे प्रमुख भूमिका एस आई आर पी रही जिसमें भाजपा विरोधी लाखों मतदाता जो फर्जी थे हट गए। और यह सबसे बड़ा कारण सिद्ध हुआ क्योंकि यहां पर विजय बहुत अधिक अंतर से नहीं हुआ था और हर एक स्थान से हटाए गए मतदाता उतने ही थे लगभग जीतने से अधिकांश प्रत्याशी विजयी हुए ‌ दूसरा सबसे महत्वपूर्ण कारण योगी जी का जबरदस्त चुनाव प्रचार और उनकी लोकप्रियता थी सच पूछा जाए तो उनके आने के बाद ही भगवा रंग बंगाल की जनता के बीच परवान चढ़ा और हर जगह योगी योगी और उनका बुलडोजर मॉडल कानून व्यवस्था प्रमुख मुद्दा रहा। 

इसके अतिरिक्त महिला डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार कांड ने और उसे पर ममता सरकार की जबरदस्त लीपा पोती ने जन आक्रोश को भड़का दिया सनातन धर्म पर ममता की तीखी टिप्पणी और 5 साल में हजारों हत्या लूट बलात्कार और मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में अत्याचार में सभी सनातनी लोगों को एकजुट किया वह समझ गए कि इस बार नहीं तो कभी नहीं क्योंकि अगले चुनाव तक मुस्लिम मतदाता हर जगह बहुत संख्या हो जाते‌ इसके अतिरिक्त अमित शाह का डेरा डाल देना बहुत बड़ी संख्या में सेना और अर्धसैनिक बलों की नियुक्ति ‌ ममता समर्थक बेईमान अधिकारियों को हटाना और मोदी योगी अमित शाह की धुआंधार चुनावी सभाएं रही और तमाम रक्त पाठ के बाद भी सनातनी जनता ने अपने जान जोखिम में डालकर भाजपा को प्रचंड विजय देकर उसके सभी बहाने बाजी को हमेशा के लिए बंद कर दिया ‌ इसके अतिरिक्त हजारों की संख्या में हर महीने घुसने वाले भगोड़े और आतंकी कानून व्यवस्था की बहुत ही खराब स्थिति महिलाओं पर अत्याचार और भाजपा सरकार द्वारा लोक लुभावना नारों पर भी इसका खूब असर पड़ा।

इसके बाद हम असम पर आते हैं जो बंगाल की तरह बहुत ही संवेदनशील और घुसपैठियों की सबसे अधिक पीड़ा सहन करने वाला राज्य है इस पर बहुत व्यापक आंदोलन भी चलाएंगे यहां कुल 126 सीटें हैं ‌ बहुमत के लिए ‌ 64 विधायकों की आवश्यकता होती है इस बार भाजपा ने पिछले प्रदर्शन से बहुत ऊपर उठकर 102 सिम प्राप्त किया जबकि पिछली बार उसकी केवल 75 स्थान मिले थे कांग्रेस का यहां लगभग सफाया हो गया पिछली बार 50 सीटों से वह केवल 21 स्थान पर सिमट गई निर्दल भी केवल एक स्थान पर सके

इस चुनाव में हेमंत विश्व शर्मा का अपना स्वयं का कद और आकर्षक तथा देशभक्त और उनके किए गए कार्य ‌ योगी की तरह निडरता पूर्वक सनातन धर्म का पक्ष ग्रहण करना ‌ और बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा मार्केट बलात्कार जमीनी कब्ज और कांग्रेस द्वारा उसे समर्थन देना सनातन धर्म को एक करने और हिमंत विश्व शर्मा की प्रचंड विजय का कारण बना और अब और भी अधिक तीव्रता के साथ असम में सनातन धर्म का प्रचार प्रसार होगा। उल्लेखनीय है कि भाजपा यहां पर 48 प्रतिशत वोट पाई जो एक विमान है।


सबसे अधिक चर्चा और निगाहें तमिलनाडु के चुनाव पर भी ‌ लगी हुई थी जहां आजादी के बाद से केवल दो पार्टियों के बीच सट्टा बारी-बारी से विभाजित होती रहती थी। इस बार हमारे केंद्र को छोड़कर सभी ने फिर से डीएमके के सत्ता में आने की घोषणा की जबकि मैं तीसरे गठबंधन अर्थात टीवी के लिए जो भविष्यवाणी किया था वह पूरी तरह सही हुई और सारे इतिहास को बदलते हुए अभिनेता विजय तमिलनाडु की जनता में पहले ही प्रयास में छा गए और 107 सिम जीतकर इतिहास रच दिया उन्हें 35% मत प्राप्त हुए जबकि अन्ना धर्म की 51 और प्रमुख 65 सीटों पर ही सिमट गई पिछली बार अन्ना को 75 और डीएमके को 159 सीट मिली थी। यहां पर जनता हिंदी विरोध और दोनों दलों के भ्रष्टाचार से बुरी तरह उठ चुकी थी बढ़ता हुआ मुस्लिम तुष्टिकरण भी इसका एक बहुत बड़ा कारण बना न्यायपालिका के दीप जलाने के निर्णय भी प्रभावकारी रहे बहुत ही फिल्में अंदाज में फिल्म अभिनेता विजय ने तमिलनाडु की राजनीति में प्रवेश किया और सभी पूर्ण धारणाओं को निर्मल सिद्ध कर दिया तमिलनाडु की जनता देश के मुख्य धारा में जुड़कर विकास चाहती है यह अच्छी तरह से विजय समझ चुके थे लेकिन यहां सबसे अधिक निराशा मोदी जी और भाजपा को प्राप्त हुई उनका कोई भी जादू यहां नहीं चल पाया योगी जी को यहां प्रचार नहीं करने दिया गया इसका भी बहुत बड़ा नुकसान हुआ। आशा है कि अगले 5 साल में विजय तमिलनाडु को देश के मुख्य धारा से जोड़कर उसे विकास के रास्ते पर ले आएंगे 

अगला राज्य केरल शाह जहां आजादी के समय से आज तक सत्ता कांग्रेस और वाम दलों के बीच विभाजित होती रहती थी इस बार भी ऐसा ही हुआ लगभग सभी सर्वेक्षण में और हमारे केंद्र के अनुसार भी कांग्रेस समर्थित यूडीएफ के विजई होने की भविष्यवाणी सही हुई जहां पर पंजाब के अलावा दूसरा राज्य केरल बना जहां भाजपा अपना मान सम्मान बढ़ाने में सफल रहे कल 140 सीटों में बहुमत के लिए 71 सीट आवश्यक होती है। लेकिन कांग्रेस गठबंधन ने 102 सिम प्राप्त कर दो तिहाई से अधिक बहुमत प्राप्त कर लिया और वह मॉडल 35 सीटों पर सिमट कर रह गए पिछली बार आम दलों को 99 सीट प्राप्त हुई थी। यहां पर तीन सीट भाजपा गठबंधन ने भी प्राप्त किया और एक इतिहास बनाया। 

केरल में मुस्लिम धर्मांतरण और सनातनी धर्म के मंदिरों पर किया गया प्रहार निर्णायक भूमिका में रहा जिसमें पद्मनाभ मंदिर और सबरी माला मंदिर ने निर्णायक भूमिका निभाई और न्यायपालिका को बताया कि हम अपने धार्मिक बिंदुओं में हस्तक्षेप सहन नहीं कर पाएंगे वाम दलों से लोग बहुत लंबे समय से पूरी तरह ऊब चुके थे।‌ लव जिहाद की अनगिनत घटनाएं हो रही थी खाड़ी देशों में महिलाओं को निर्यात किया जा रहा था केरल के अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित थी महंगाई की मार और कश्मीर फाइल्स ने भी इसमें निर्णायक भूमिका निभाया सबसे अधिक पढ़े लिखे शिक्षित लोगों का प्रदेश केरल इस बार अलग ढंग से सामने आया और यह संदेश आया कि देश की मुख्य धारा से जुड़कर ही चलना चाहते हैं 


अंतिम राज्य पुडुचेरी था जो एक संघ शासित प्रदेश है जहां केवल 30 स्थान हैं इस बार भाजपा गठबंधन ने 18 स्थान पर विजय प्राप्त किया जो पिछली बार से दो अधिक है कल 35% मतदान लोगों ने भाजपा गठबंधन को दिया अन्य लोगों को इस वर्ष स्थान से संतोष करना पड़ा पुडुचेरी में महर्षि रमण और ओशो का आश्रम है यहां लोग पढ़े-लिखे और समझदार हैं और देश की मुख्य धारा के साथ ही रहना चाहते हैं ‌ असम की तरह यहां भी सत्ता में कोई परिवर्तन नहीं हुआ 

इस प्रकार कहा जा सकता है कि सभी राज्यों के आम चुनाव में यह दिखाया कि देश की जनता देश के मुख्य धारा से जुड़कर आगे बढ़ना चाहती है जिसको रोकने वाले राजनेता और परियों बहुत बुरी तरह से हार गई हिंदी विरोध करने वाले और उत्तर भारत का विरोध करने वाले डीएम के और अन्ना डीएमके का हरण बहुत ही सुखद आश्चर्य है देश बढ़ती महंगाई बेरोजगारी से बुरी तरह परेशान है और आने वाले समय में लोग हमेशा आपस में लड़ने वाले लोगों से दूर ही रहना चाहते हैं इस एन मोदी अमित शाह के अलावा योगी जी को सर्वशक्तिमान और लोकप्रिय नेता के रूप में स्थापित करके उन्हें अग्रिम प्रधानमंत्री होने की सुखद सूचना दे दी है यदि इसका अंदर या बाहर विरोध हुआ तो वह लोग भी हसीए पर चले जाएंगे लोग किसी भी हालत में शांति कानून व्यवस्था चाहते हैं अपराधी लोगों और घुसपैठियों तथा आतंकी अराजक तत्वों को दमन करके सच्चा देशभक्त और सनातनी ही देश का लोकप्रिय व्यक्ति होगा इस बात का जनता ने बिल्कुल स्पष्ट रूप से संकेत दे दिया है यह मोदी जी और अमित शाह के लिए भी सीधा-सीधा संदेश है इसके अलावा हर एक राज्य में जनता ने पूर्ण बहुमत के साथ विजय लोगों को शासन सौंप कर उनके सारे किंतु परंतु और बहाने बाजी को दरकिनार कर दिया है