Friday, 4 September 2026

मौसम की भविष्यवाणी - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर( ईश्वर की कृपा से चमत्कार से भारी भविष्यवाणी यूरोप जापान चीन के सुपर कंप्यूटरों को फेल करने वाली पढ़ते रहे 49 सालों की तरह आगे भी)

 मौसम की भविष्यवाणी  - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर( ईश्वर की कृपा से चमत्कार से भारी भविष्यवाणी यूरोप जापान चीन के सुपर कंप्यूटरों को फेल करने वाली पढ़ते रहे 49 सालों की तरह आगे भी) 
20 अगस्त से 31 अगस्त तक और फिर 1 सितंबर से 4 सितंबर तक अंतराल के साथ भारी वर्षा की भविष्यवाणी जौनपुर सहित पूरे देश के लिए हुई सच आगे भी 10 सितंबर तक वर्षा का क्रम जारी रहेगा

आज और कल अर्थात तीन और चार सितंबर को माध्यम से भरी कहानी-कहानी बहुत भारी वर्षा जौनपुर और आसपास के सभी जनपदों अयोध्या प्रयागराज सहित मध्य भारत और देश के अधिकांश भागों में तेज आंधी तूफान बहुत तेज हवाओं बिजली की गलत चमक और झंझा झाकॊर गान गर्जन वारिड माला के साथ जारी रहेगी और भगवान श्री कृष्णा जलाभिषेक करने के बाद 5 सितंबर से वर्षा धीमी होती जाएगी

आज जौनपुर और आसपास के जनपदों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहेगा आज 20 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के साथ तेज वर्षा कहीं-कहीं आंधी तूफान का रूप धारण कर लेगी। 

जबकि कल का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और 27 डिग्री सेल्सियस रहेगा इसी बीच सापेक्षिक आर्द्रता की मात्रा न्यूनतम 85 प्रतिशत और अधिकतम 100% रहेगी हवा की दिशा मुख्य रूप से  पूर्वी उत्तर पूर्वी और वेग 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगा।

वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद अच्छा 20 से लेकर 30 के बीच रहेगा और अल्ट्रावायलेट किरणों की तीव्रता 1 से 2 के बीच रहेगी। दिन भर  हल्की मध्यम कहीं-कहीं तेज और कहीं-कहीं बहुत तेज वर्षा जौनपुर और आसपास के सभी जनपदों में होने की संभावना  है। 

  कल भी अधिकांश स्थानों में बूंदाबांदी और बाकी स्थानों में हल्की मध्यम और कहीं-कहीं तेज वर्षा जारी रहेगी और यह वर्षा से धीरे-धीरे कमजोर होगी और 11 सितंबर तक चलेगी। कल एक सप्ताह बाद सूर्य का दर्शन होने की संभावना बन रही है 

  छिटपुट वर्षा का यह दौर सितंबर के प्रथम स्थान सप्ताह में जारी रह सकता है। बीच-बीच में अच्छी वर्षा भी 11 सितंबर तक होगी इसका कारण यह है कि मानसून एक चक्र के रूप में दिल्ली पंजाब शिमला बरेली नेपाल बिहार बंगाल उड़ीसा मध्य प्रदेश महाराष्ट्र के उत्तरी गुजरात के पश्चिमी भाग और राजस्थान के पूर्वी भागों में घूम घूम कर वर्षा करता रहेगा ।

 इसलिए 11 सितंबर तक इन सभी भागों में और देश के अधिकांश भागों में वर्षा होगी इसके बाद अलनिनो का प्रभाव तेज होगा और 15 सितंबर से वर्षा समाप्त हो जाएगी हल्की-फुल्की वर्षा सितंबर के आखिरी अक्टूबर के प्रथम भाग में हो सकती है 

अभी तक जौनपुर और आसपास के क्षेत्र में 800 मिलीलीटर वर्ष के मुकाबले 700 मिलीमीटर वर्षा हुई है जबकि यहां पर वार्षिक वर्षा का औसत 900 मिमी से 1000 मिली मीटर के बीच होता है पिछले वर्ष यहां पर 1000 मिलीलीटर वर्षा हुई थी

 ऐसी संभावना है कि सितंबर के अंत तक यहां पर 790 मिमी वर्षा हो सकती है और दिसंबर तक वर्षा की यह मात्रा 850 मिलीलीटर तक जा सकती है फिर भी सामान्य वर्षा में 15 % की कमी होना निश्चित है पूरे देश का यही हाल रहेगा केवल एक चौथाई भारत में सामान्य से अधिक वर्षा होगी ।

मानसून के प्रचंड ऊर्जा और वेग पर अल नीनो का प्रभाव 1 अगस्त से 10 सितंबर तक प्रभावहीन होने से ही वर्षा हो रही है इसमें 25 अगस्त से 5 सितंबर तक भारी वर्षा भी सम्मिलित है

 इसके बाद अलनिनो का प्रभाव फिर से बढ़ेगा जिससे 15 सितंबर से वर्षा की स्थितियां बेहद खराब हो सकती हैं और सूखे जैसी स्थिति आ सकती है। 15 सितंबर के बाद अलनीनो फिर से प्रभावी हो जाएगा यह मत हमारे केंद्र द्वारा महीनों पहले बार-बार कही और लिखीगई थी। ।

 इस प्रकार दो सूखे जैसी स्थितियां जून और जुलाई में बीत चुकी हैं तीसरे की जो भविष्यवाणी हमारे केंद्र ने किया था वह सितंबर में आना लगभग निश्चित है लेकिन इसके बाद एक और चक्र संघनन वाष्पन और विक्षोभ से प्रभावित होगा जिससे सितंबर के अंत में वर्षा होने से खेती बागवानी और सभी लोगों को लाभ हो सकता है। 

इसके अलावा 24 अगस्त से 31 अगस्त तक भारी मूसलाधार वर्षा की हमारे केंद्र की भविष्यवाणी एक बार फिर 49 वर्षों की भांति पूरी तरह सत्य हुई अभी गर्मी वर्षा उमस और पसीने से पीछा 15 अक्टूबर के बाद ही पूरी तरह समाप्त होगा इसके साथ ही 7 सितंबर से वर्षा कमजोर पडने की हमारे केंद्र की भविष्यवाणी भी सही होगी और सितंबर के अंत तक मानसून के वापसी की बात भी बिल्कुल सही होगी। 

और इस वर्ष 3 बार सूखा पडने की भविष्यवाणी भी सही होगी जिसमें दो बार पड़ चुका है जून और जुलाई में अगला सितंबर में आने वाला है  और वर्षा भी पिछले वर्ष से 15 से 20% कम होने के बाद बिल्कुल सही होगी सबसे अच्छी बात ही है कि मानसूनी वर्षा का केंद्र मध्य भारत में एक सप्ताह तक चलता रहेगा जिससे कि उत्तर प्रदेश बिहार छत्तीसगढ़ उड़ीसा मध्य प्रदेश राजस्थान के पूर्वी भाग दिल्ली हिमालय के उत्तरी भागों नेपाल और राजस्थान के पूर्वी महाराष्ट्र के उत्तरी और गुजरात के  पूर्वी भागों में मध्यम और तेज वर्षा होगी ।

इन्हीं बातों को तमाम प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया नकल करके हमेशा की तरह थोड़ा इधर-उधर बढ़कर छाप देंगे इन सब बातों को आप लोग बाद में पढ़ लीजिएगा कि कैसे चालाकी से दूसरों की चीज को अपना बना लेते हैं और मौसम विभाग जो कमजोर जाडे की बात कह रहा है वह भी उसी तरह पूरी तरह से गलत होगी जैसे कि उसके सामान्य से अधिक वर्षा की भविष्यवाणी पूरी तरह गलत हुई है । 

मानसून 26-31 अगस्त तकउत्तर प्रदेश के पश्चिमी भागों दिल्ली राजस्थान के पूर्वी भागों गुजरात के कुछ भागों महाराष्ट्र के उत्तरी और मध्य प्रदेश तथा उड़ीसा बिहार झारखंड के पश्चिमी भागों में केंद्रित हो जाएगा जहां पर अनेक स्थानों पर मध्यम भारी कहीं-कहीं मूसलाधार वर्षा होगी कितना है वर्षा हो लेकिन संपूर्ण देश में वर्षा का घाटा पूरा नहीं होगा और मैंने पहले भी लिख दिया है कि सितंबर से अल नीनो का प्रभाव तेज होने से वर्षा बहुत ही कमजोर होगी और अगस्त की तरह मानसून का प्रभाव अलनिनो से ऊपर नहीं जा पाएगा इस् काल खंड में चीन ताइवान एवं नेपाल अफगानिस्तान अमेरिका और दक्षिण पूर्वी एशिया में भूकंप ज्वालामुखी विस्फोट सुनामी लहरों और ग्लेशियर विस्फोट तथा जिलों के बह जाने से पहले कल जैसा दृश्य उपस्थित होगा
[8/31, 7:17 PM] Dr  Dileep Kumar singh: जौनपुर में सामान्य रूप से पूरे वर्ष में 900 से 1000 मिली मीटर वर्षा होती है लेकिन पिछले कई वर्षों में यह वर्ष 700 से 800 मिली मीटर हो रही थी लेकिन 2025 में पूरी 1000 मिली मीटर वर्षा हुई थी जहां तक वर्षा के महीना की बात है तो सामान्य रूप से जून में 100 मिली मीटर जुलाई में 250 मिलीमीटर अगस्त में 250 मिलीलीटर और सितंबर में  100 मिली मीटर वर्षा होती है इस प्रकार इन चार महीना में 600 से 700 मिमी औसत वर्षा होती है इस वर्ष जौनपुर में जून में 35 से 50 मिलीमीटर जुलाई में 125 से 135 मिलीलीटर और अगस्त में 255 से 235 म वर्षा हो चुकी है सितंबर में आशा है कि 50 से 70 मिलीमीटर वर्षा होगी इस प्रकार अभी तक जनवरी से 31 अगस्त तक 700 मिमी वर्षा हो चुकी है जबकि जून जुलाई अगस्त में लगभग 550  मिलीमीटर वर्षा हुई है जो 100 एमएल काम है बंगाल की खाड़ी से गुजरने वाला चक्रवात उड़ीसा छत्तीसगढ़ होकर इस समय भुवनेश्वर पटना लखनऊ भोपाल के बीच केंद्रित है इसलिए 2 सितंबर तक इन  भागों में घनघोर वर्षा होना निश्चित है इसके बाद ही 11 सितंबर के आसपास अंतराल देकर वर्ष जारी रहेगी
[9/1, 7:12 AM] Dr  Dileep Kumar singh: पिछले 24 घंटे में अगस्त के अंतिम दिन 100 मिलीमीटर वर्षा में है इस प्रकार अगस्त महीने में 250 मिली मीटर के मुकाबले 255 मिलीलीटर वर्षा हुई है 31 अगस्त और 1 सितंबर को भारी मूसलाधार वर्षा लगातार होगी जबकि 2 सितंबर को हल्की मध्यम तेज वर्षा होगी इसके बाद भी वर्षा का करम 11 सितंबर तक जारी रहेगाP

पूर्ण स्वस्थ रहने के कुछ भयंकर नियम- डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि (व्यंग्य रचना)

पूर्ण स्वस्थ रहने के कुछ भयंकर नियम- डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि (व्यंग्य रचना) 
अगर आप चाहते हैं की पूरी तरह स्वस्थ रहें तो घर का बना भोजन तत्काल छोड़कर होटल और धामू में खाना शुरू करो और गंदी नाली के ऊपर खड़े होकर समोसा छोला टिकिया और नकली ब्रेड बटर मक्खन खाना शुरू कर दो और भी स्वस्थ रहना है तो अपनी पत्नी को छोड़कर बाजारू औरतों का सेवन करना शुरू कर दो और भी स्वस्थ रहना है तो सदाचार छोड़कर छिनरपन करो 

और भी स्वस्थ रहना है तो सड़े गले ब्रेड पाव रोटी बिस्किट नकली मक्खन लगाकर खाओ और चाऊमीन बर्गर हैम बर्गर कुरकुरे धकाधक चटपटे पटापट वडा पाव तीखी और मसालेदार चीजों का सेवन करना शुरू करो और मैगी रोज बनाकर खाओ और भी स्वस्थ रहना हो तो शराब सिगरेट बीड़ी सुरती अफीम गांजा भांग एलसीडी और नशीली चीजों का सेवन करना शुरू कर दो। बाहर जीव देखने के लिए घर में बने भोजन में हजार कमी दिखाते रहो। और आधुनिक जमाना है तो एक पटिया एक पत्नी की जगह कपड़े की तरह पति-पत्नी बदलते रहो बाकी टाइल्स और नील धर्म फ्रिज और बड़े-बड़े बोर तो हैं ही काम आ जाएंगे ।

और भी स्वस्थ रहना है तो हमारे देश में आविष्कार किए गए चना गुड़ हलवा पुरी सुखी और हरी सब्जियां दाल खूब पकाकर बनाया गया चावल और रोटी इत्यादि छोड़कर गंदे तेल और सारे गाने मसाले से बने हुए बाहरी चटपटी चीजों का सेवन करो और पूर्ण स्वस्थ रहना है तो आयुर्वेद और देश की जड़ी बूटियां को छोड़कर एलोपैथी पूरी तरह अपना लो। जिस घर भी आसानी से परेशान होने वाले बच्चे पेट चीर कर अस्पताल में पैदा हो पैदल चलना तो बिलकुल छोड़ दो मूत्र त्याग भी करना है तो मोटरसाइकिल से जाओ। 

पेड़ की दातुन छोड़कर टूथब्रश और मंजन अपना लो और सुबह-शाम समय से भोजन की जगह आधी रात को बिना समय के भोजन करना शुरू करो 8:00 बजे के बाद उठना शुरू करो और घर में दादी नानी मां की कहानी सुनना छोड़कर मोबाइल में धुआंधार सिर खपाते रहो फिर देख लो यमराज भी तुम्हारे पास नहीं आएगा रोग बीमारी की तो बात ही छोड़ दो। 


एक बात और कहना चाहेंगे मानसिक रूप से स्वस्थ रहना है तो अपने सुंदर और प्यार भरे कजरी चैता होली दिवाली दशहरा रक्षाबंधन के गीत सुंदर कविताएं और हमारे पूर्वज जैसी रचनाएं पढ़ने छोड़कर गंदे भद्दे अश्लील मैथुनी भोजपुरी गाने विशेष कर मनोज तिवारी निरहुआ पवन सिंह हनी आम्रपाली बालेश्वर त्यागी निरहुआ से  उच्च कोटि की महिलाओं और पुरुषों के गाने सुनो और पुणे सांसद विधायक बनकर बैकुंठ धाम चले जाओ यदि तुमने यह सुना की तुम सन्ग जनम जनम के फेरे तो नर्क में जाओगे और अगर यह सुना की झलक दिखलाओ एक बार आओ उसके बाद भाग जाओ तो आपको स्वर्ग से विमान सीधे बैकुंठ के ऊपर ले जाएगा आदमी का कोई भरोसा ना दोस्ती का कोई ठिकाना वफा का बदला है बेवफाई अजब जमाना है यह जमाना। 


धार्मिक यात्रा और तीर्थ व्रत में भी जाकर रंगरेलियां मानो और केदारनाथ और नेपाल जैसे भयंकर प्रलय का सामना करो घर के लोगों को देखकर कर खाओ और बाहर के लोगों से हंस मुस्करा कर बात करो क्योंकि संकट के समय बाहरी लोग ही काम आते हैं पड़ोसी और सगे संबंधी लोगों से दूर-दूर रहो और सोशल मीडिया पर लाखों अनुचर अंग्रेजी में फॉलोअर बना लो क्योंकि विवाह करने करनी और हर संकट में वही हजारों की संख्या में आकर आपका उद्धार कर देंगे ।
और अंत में अभी तो यह अंगड़ाई है
 आगे और लड़ाई है 

कलयुग है कलयुग की छाया और तमराज किलविश के प्रभाव को देखते हुए विश्व कवि गोस्वामी तुलसीदास जी ने बहुत पहले ही कह दिया था-** जो नहीं देखा नहीं सुना जो मनहू समाय।

 सो सब देखिए कलयुगहिं। 
कुछ भी कहा न जाए 

बिना पैसे के पूरी तरह स्वस्थ करने वाले हमारे पूर्वजों के नियम योग व्यायाम कसरत कुश्ती आइस्पाइस गुंटी कौडी जांता चक्की पीसना झाडू लगानाछोड़ दो और मॉर्निंग वॉक करना शुरू करो हाकी  फुटबॉल बैडमिंटन टेनिस जैसे महंगे खेल खेलो जिससे बुढ़ापे में एक-एक अंग पर लगी हुई चोटें तुमको खूब आराम पहुंचाएं और सीधे बिना विमान के स्वर्ग ले जाएं - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

जौनपुर-आज़मगढ़ सहित पूरे भारत की हवेलियाँ 30 साल में ही खंडहर कैसे बन गईं?*

*जौनपुर-आज़मगढ़ सहित पूरे भारत की हवेलियाँ 30 साल में ही खंडहर कैसे बन गईं?*
सबसे बड़ा कारण क्षत्रिय धर्म के तेज से युक्त सदाचार संस्कार से भरी हुई नारियों ने जब से अपना ही घर जलाना टीवी मोबाइल और फिल्मों के चक्कर में पड़कर वेश्या जैसी स्त्रियों का अनुकरण करना शुरू कर दिया तब से सब कुछ खंडहर बन गया 

मैंने अपने घर को ऐसा  होते आँख से देखा है।

हमारे जौनपुर, आजमगढ़  के बहुत गाँव में ठाकुर साहब के पास 120 बीघा खेत था। दरवाजे पर  ट्रैक्टर, 10 भैंस, घर पर हमेशा 10-35 लोग खाना खाते थे। पूरे इलाके में इज्जत थी।

आज... उसी हवेली में 4 हिस्से हो गए हैं। बीच में दीवार उठ गई है। एक हिस्सा बिक गया, दो हिस्सों में ताला लगा है, एक में केस चल रहा है। लड़के बनारस, दिल्ली कमाने चले गए।

सोचा, जमीन तो वही है, फिर पैसा कहाँ गया?

इस पर अमेरिका में 3000 अमीर परिवारों पर 20 साल तक रिसर्च हुई। और जो बात निकली, वो बिल्कुल हमारे पूरब की कहानी है।

*90% परिवारों का पैसा तीसरी पीढ़ी तक खत्म हो जाता है। कारण क्या?*

लोग सोचते हैं - बाजार, किस्मत, खर्चा।
रिसर्च कहती है - *कारण पैसा नहीं है।*

*60% कारण - घर में बात बंद हो जाना।*
दादा जब तक था, सब एक जगह बैठते थे। दादा गया तो भाई-भाई ने अलग-अलग बैठक बना ली। रसोई अलग, खेत अलग, दिल अलग। एक-दूसरे से बात ही बंद।

*25% कारण - बेटे को सिखाया ही नहीं।*
बाप ने बेटे को जमीन तो दे दी, पर हिसाब-किताब, कचहरी, खाद-पानी का भाव कभी सिखाया नहीं। बेटा मालिक तो बन गया, पर मालिक वाली अक्ल आई ही नहीं।

बस, यहीं से कहानी खत्म शुरू होती है।

मेरे दादा कहते थे -
*पहली पीढ़ी कमाती है, उसे भूख पता है।*
*दूसरी पीढ़ी रखती है, उसने सिर्फ थाली देखी है।*
*तीसरी पीढ़ी बेचती है, उसे लगता है थाली रोज आएगी।*

आज पूरब के हर दूसरे गाँव की यही कहानी है।

जो 10% परिवार आज भी जुड़े हैं, उन्होंने सिर्फ एक काम किया है -
*महीने में एक बार बिना मोबाइल के साथ बैठना, और खुल के 3 बात पूछना - हमारे पास क्या है? इसे कैसे बचाना है? बच्चों को क्या सिखाना है?*

विरासत तिजोरी में नहीं, साथ बैठने में है।

आपके गाँव में भी ऐसी कोई घर,हवेली देखी है जो देखते-देखते खंडहर बन गई? नाम मत लिखिए, बस हाँ लिख दीजिए, कहानी सबकी एक ही है।

एक सच्ची घटना करोना काल की*जिनके लिए तुम मरते हो उनका तो हाल देखो

*एक सच्ची घटना करोना काल की*
जिनके लिए तुम मरते हो उनका तो हाल देखो 
 गोपाल सिंह एक सेवानिवृत अध्यापक सुबह दस बजे तक वे एकदम स्वस्थ प्रतीत हो रहे थे। शाम के सात बजते- बजते तेज बुखार के साथ-साथ, वे सारे लक्षण दिखाई देने लगे, जो एक कोरोना पॉजीटिव मरीज के अंदर दिखाई देते हैं। 40000 कि उनके पेंशन से ही सारा परिवार चलता है और दिखाने के लिए सारा परिवार उनकी बड़ी सेवा करता था 

*परिवार के सदस्यों के चेहरों पर खौफ़ साफ़ दिखाई पड़ रहा था ।*
*उनकी चारपाई घर के एक पुराने बड़े से बाहरी कमरे में डाल दी गयी, जिसमें इनके पालतू कुत्ते मार्शल का बसेरा था।*

*गोपाल जी कुछ साल पहले एक छोटा सा घायल पिल्ला सड़क से उठाकर लाये थे और अपने बच्चे की तरह पाला और इसका नाम दिया _मार्शल_।*

*इस कमरे में अब  गोपाल जी, उनकी चारपाई और उनका प्यारा मार्शल है।*

*दोनों बेटों-बहुओं ने दूरी बना ली और बच्चों को भी पास ना जानें के निर्देश दे दिए गयेl*

*सरकार द्वारा जारी किये गये नम्बर पर फोन कर के सूचना दे दी गयी।*

*खबर मुहल्ले भर में फैल चुकी थी, लेकिन मिलने कोई नहीं आया।*

*साड़ी के पल्ले से मुँह लपेटे हुए, हाथ में छड़ी लिये पड़ोस की कोई एक बूढी अम्मा आई और गोपाल जी की पत्नी से बोली - अरे कोई इसके पास दूर से खाना भी सरका दो, वे अस्पताल वाले तो इसे भूखे में ही ले जाएँगे उठा के*।

अब प्रश्न ये था कि उनको खाना देने के लिये कौन जाए ?

*बहुओं ने खाना अपनी सास को पकड़ा दिया अब गोपाल जी की पत्नी के हाथ, थाली पकड़ते ही काँपने लगे, पैर मानो खूँटे से बाँध दिये गए हों।*

*इतना देखकर वह पड़ोसन बूढ़ी अम्मा बोली- अरी तेरा तो पति है, तू भी ........। मुँह बाँध के चली जा और दूर से थाली सरका दे, वो अपने आप उठाकर खा लेगा।*

यह सारा वार्तालाप  गोपाल जी चुपचाप सुन रहे थे, उनकी आँखें नम थी और काँपते होठों से उन्होंने कहा कि.....
*कोई मेरे पास ना आये तो बेहतर है, मुझे भूख भी नहीं है।*

*इसी बीच एम्बुलेंस आ जाती है और गोपाल जी को एम्बुलेंस में बैठने के लिये बोला जाता है।*

*गोपाल जी घर के दरवाजे पर आकर एक बार पलट कर अपने घर की तरफ देखते हैं*।

*पोती-पोते प्रथम तल की खिड़की से मास्क लगाए दादा को निहारते हुए और उन बच्चों के पीछे सर पर पल्लू रखे उनकी दोनों बहुएँ दिखाई पड़ती हैं।*

*घर के दरवाजे से हटकर बरामदे पर, दोनों बेटे काफी दूर अपनी माँ के साथ खड़े थे।*

*विचारों का तूफान  गोपाल जी के अन्दर उमड़ रहा था उनकी पोती ने उनकी तरफ हाथ हिलाते हुए टाटा एवं बाई बाई कहा।*

*एक क्षण को उन्हें लगा कि जिंदगी ने अलविदा कह दिया*।

गोपाल जी की आँखें आँसुओं से लबलबा उठी।
*उन्होंने बैठकर अपने घर की देहरी को चूमा और एम्बुलेंस में जाकर बैठ गये।*

*उनकी पत्नी ने तुरंत पानी से भरी बाल्टी घर की उस देहरी पर उलेड दी, जिसको गोपाल जी चूमकर एम्बुलेंस में बैठे थे।*

*इसे तिरस्कार कहो या मजबूरी, लेकिन ये दृश्य देखकर कुत्ता भी रो पड़ा और उसी एम्बुलेंस के पीछे - पीछे हो लिया, जो गोपाल जी को अस्पताल लेकर जा रही थी*।

गोपाल जी अस्पताल में 14 दिनों के अब्ज़र्वेशन पीरियड में रहे। उनकी सभी जाँच सामान्य थी उन्हें पूर्णतः स्वस्थ घोषित करके छुट्टी दे दी गयी।

*जब वह अस्पताल से बाहर निकले तो उनको अस्पताल के गेट पर उनका कुत्ता मार्शल बैठा दिखाई दिया ।*

*दोनों एक दूसरे से लिपट गये। एक की आँखों से गंगा तो एक की आँखों से यमुना बहे जा रही थी।*

*जब तक उनके बेटों की लम्बी गाड़ी उन्हें लेने पहुँचती, तब तक वो अपने कुत्ते को लेकर किसी दूसरी दिशा की ओर निकल चुके थे।*

*उसके बाद वो कभी दिखाई नहीं दिये।*

फिर उनके फोटो के साथ उनकी गुमशुदगी की खबर छपी थी *अखबार में लिखा था कि सूचना देने वाले को 40 हजार का ईनाम दिया जायेगा।*

*40 हजार - हाँ जिसे पढ़कर  उन्हे ध्यान आया कि इतनी ही तो मासिक पेंशन आती थी उनकी, जिसको वो परिवार के ऊपर हँसते गाते उड़ा दिया करते थे।*

एक बार गोपाल जी के जगह पर स्वयं को खड़ा करो कल्पना करो कि इस कहानी में किरदार आप हो।

*आपका सारा अहंकार और सब मोह माया खत्म हो जाएगा।*
जीवन में अपना कुछ नहीं है 
*कोई अपना नहीं है जब तक लोगों का स्वार्थ है, तभी तक आपके सब अपने हैं।*

*कोरोना ने आकर दुनिया में जो मौत का ताण्डव किया उसने सच में,लोगों को जीवन का सार समझा दिया*।

एक सच्ची घटना करोना काल की*जिनके लिए तुम मरते हो उनका तो हाल देखो

*एक सच्ची घटना करोना काल की*
जिनके लिए तुम मरते हो उनका तो हाल देखो 
 गोपाल सिंह एक सेवानिवृत अध्यापक सुबह दस बजे तक वे एकदम स्वस्थ प्रतीत हो रहे थे। शाम के सात बजते- बजते तेज बुखार के साथ-साथ, वे सारे लक्षण दिखाई देने लगे, जो एक कोरोना पॉजीटिव मरीज के अंदर दिखाई देते हैं। 40000 कि उनके पेंशन से ही सारा परिवार चलता है और दिखाने के लिए सारा परिवार उनकी बड़ी सेवा करता था 

*परिवार के सदस्यों के चेहरों पर खौफ़ साफ़ दिखाई पड़ रहा था ।*
*उनकी चारपाई घर के एक पुराने बड़े से बाहरी कमरे में डाल दी गयी, जिसमें इनके पालतू कुत्ते मार्शल का बसेरा था।*

*गोपाल जी कुछ साल पहले एक छोटा सा घायल पिल्ला सड़क से उठाकर लाये थे और अपने बच्चे की तरह पाला और इसका नाम दिया _मार्शल_।*

*इस कमरे में अब  गोपाल जी, उनकी चारपाई और उनका प्यारा मार्शल है।*

*दोनों बेटों-बहुओं ने दूरी बना ली और बच्चों को भी पास ना जानें के निर्देश दे दिए गयेl*

*सरकार द्वारा जारी किये गये नम्बर पर फोन कर के सूचना दे दी गयी।*

*खबर मुहल्ले भर में फैल चुकी थी, लेकिन मिलने कोई नहीं आया।*

*साड़ी के पल्ले से मुँह लपेटे हुए, हाथ में छड़ी लिये पड़ोस की कोई एक बूढी अम्मा आई और गोपाल जी की पत्नी से बोली - अरे कोई इसके पास दूर से खाना भी सरका दो, वे अस्पताल वाले तो इसे भूखे में ही ले जाएँगे उठा के*।

अब प्रश्न ये था कि उनको खाना देने के लिये कौन जाए ?

*बहुओं ने खाना अपनी सास को पकड़ा दिया अब गोपाल जी की पत्नी के हाथ, थाली पकड़ते ही काँपने लगे, पैर मानो खूँटे से बाँध दिये गए हों।*

*इतना देखकर वह पड़ोसन बूढ़ी अम्मा बोली- अरी तेरा तो पति है, तू भी ........। मुँह बाँध के चली जा और दूर से थाली सरका दे, वो अपने आप उठाकर खा लेगा।*

यह सारा वार्तालाप  गोपाल जी चुपचाप सुन रहे थे, उनकी आँखें नम थी और काँपते होठों से उन्होंने कहा कि.....
*कोई मेरे पास ना आये तो बेहतर है, मुझे भूख भी नहीं है।*

*इसी बीच एम्बुलेंस आ जाती है और गोपाल जी को एम्बुलेंस में बैठने के लिये बोला जाता है।*

*गोपाल जी घर के दरवाजे पर आकर एक बार पलट कर अपने घर की तरफ देखते हैं*।

*पोती-पोते प्रथम तल की खिड़की से मास्क लगाए दादा को निहारते हुए और उन बच्चों के पीछे सर पर पल्लू रखे उनकी दोनों बहुएँ दिखाई पड़ती हैं।*

*घर के दरवाजे से हटकर बरामदे पर, दोनों बेटे काफी दूर अपनी माँ के साथ खड़े थे।*

*विचारों का तूफान  गोपाल जी के अन्दर उमड़ रहा था उनकी पोती ने उनकी तरफ हाथ हिलाते हुए टाटा एवं बाई बाई कहा।*

*एक क्षण को उन्हें लगा कि जिंदगी ने अलविदा कह दिया*।

गोपाल जी की आँखें आँसुओं से लबलबा उठी।
*उन्होंने बैठकर अपने घर की देहरी को चूमा और एम्बुलेंस में जाकर बैठ गये।*

*उनकी पत्नी ने तुरंत पानी से भरी बाल्टी घर की उस देहरी पर उलेड दी, जिसको गोपाल जी चूमकर एम्बुलेंस में बैठे थे।*

*इसे तिरस्कार कहो या मजबूरी, लेकिन ये दृश्य देखकर कुत्ता भी रो पड़ा और उसी एम्बुलेंस के पीछे - पीछे हो लिया, जो गोपाल जी को अस्पताल लेकर जा रही थी*।

गोपाल जी अस्पताल में 14 दिनों के अब्ज़र्वेशन पीरियड में रहे। उनकी सभी जाँच सामान्य थी उन्हें पूर्णतः स्वस्थ घोषित करके छुट्टी दे दी गयी।

*जब वह अस्पताल से बाहर निकले तो उनको अस्पताल के गेट पर उनका कुत्ता मार्शल बैठा दिखाई दिया ।*

*दोनों एक दूसरे से लिपट गये। एक की आँखों से गंगा तो एक की आँखों से यमुना बहे जा रही थी।*

*जब तक उनके बेटों की लम्बी गाड़ी उन्हें लेने पहुँचती, तब तक वो अपने कुत्ते को लेकर किसी दूसरी दिशा की ओर निकल चुके थे।*

*उसके बाद वो कभी दिखाई नहीं दिये।*

फिर उनके फोटो के साथ उनकी गुमशुदगी की खबर छपी थी *अखबार में लिखा था कि सूचना देने वाले को 40 हजार का ईनाम दिया जायेगा।*

*40 हजार - हाँ जिसे पढ़कर  उन्हे ध्यान आया कि इतनी ही तो मासिक पेंशन आती थी उनकी, जिसको वो परिवार के ऊपर हँसते गाते उड़ा दिया करते थे।*

एक बार गोपाल जी के जगह पर स्वयं को खड़ा करो कल्पना करो कि इस कहानी में किरदार आप हो।

*आपका सारा अहंकार और सब मोह माया खत्म हो जाएगा।*
जीवन में अपना कुछ नहीं है 
*कोई अपना नहीं है जब तक लोगों का स्वार्थ है, तभी तक आपके सब अपने हैं।*

*कोरोना ने आकर दुनिया में जो मौत का ताण्डव किया उसने सच में,लोगों को जीवन का सार समझा दिया*।

Sunday, 30 August 2026

मौसम की भविष्यवाणी - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर

मौसम की भविष्यवाणी  - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर
20 अगस्त से 31 अगस्त तक अंतराल के साथ भारी वर्षा की भविष्यवाणी जौनपुर सहित पूरे देश के लिए हुई सच आगे भी 10 सितंबर तक वर्षा का क्रम जारी रहेगा
आज जौनपुर और आसपास के जनपदों का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहेगा

जबकि कल का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और 26 डिग्री सेल्सियस रहेगा इसी बीच सापेक्षिक आर्द्रता की मात्रा न्यूनतम 85 प्रतिशत और अधिकतम 100% रहेगी हवा की दिशा मुख्य रूप से  पूर्वी उत्तर पूर्वी और वेग 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगा

वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद अच्छा 20 से लेकर 60 के बीच रहेगा और अल्ट्रावायलेट किरणों की तीव्रता 1 से 4 के बीच रहेगी। धूप छांव के बीच बूंदाबांदी और  हल्की मध्यम कहीं-कहीं तेज और कहीं-कहीं बहुत तेज वर्षा जौनपुर और आसपास के सभी जनपदों में होने की संभावना  है 

  कल भी अधिकांश स्थानों में बूंदाबांदी और बाकी स्थानों में हल्की मध्यम और कहीं-कहीं तेज वर्षा जारी रहेगी और यह वर्षा से धीरे-धीरे कमजोर होगी और 31 अगस्त तक चलेगी

 उसके बाद भी छिटपुट वर्षा का दौर सितंबर के प्रथम स्थान सप्ताह में जारी रह सकता है।  इसका कारण यह है कि मानसून एक चक्र के रूप में दिल्ली पंजाब शिमला बरेली नेपाल बिहार बंगाल उड़ीसा मध्य प्रदेश महाराष्ट्र के उत्तरी गुजरात के पश्चिमी भाग और राजस्थान के पूर्वी भागों में घूम कर वर्षा करता रहेगा ।

 इसलिए 10 सितंबर तक इन सभी भागों में और देश के अधिकांश भागों में वर्षा होगी इसके बाद लानिनो का प्रभाव तेज होगा और 15 सितंबर से वर्षा समाप्त हो जाएगी हल्की-फुल्की वर्षा सितंबर के आखिरी अक्टूबर के प्रथम भाग में हो सकती है 

अभी तक जौनपुर और आसपास के क्षेत्र में 800 मिलीलीटर वर्ष के मुकाबले 630 मिलीमीटर वर्षा हुई है जबकि यहां पर वार्षिक वर्षा का औसत 900 मिमी से 1000 मिली मीटर के बीच होता है पिछले वर्ष यहां पर 1000 मिलीलीटर वर्षा हुई थी

 ऐसी संभावना है कि सितंबर के अंत तक यहां पर 700 मिमी वर्षा हो सकती है और दिसंबर तक वर्षा की यह मात्रा 800 मिलीलीटर तक जा सकती है फिर भी सामान्य वर्षा में 15 से 20% की कमी होना निश्चित है पूरे देश का यही हाल रहेगा केवल एक चौथाई भारत में सामान्य से अधिक वर्षा होगी ।

मानसून के प्रचंड ऊर्जा और वेग पर अल नीनो का प्रभाव 1 अगस्त से 10 सितंबर तक प्रभावहीन होने से ही वर्षा हो रही है इसमें 25 अगस्त से 5 सितंबर तक भारी वार्षिक भी सम्मिलित है

 इसके बाद अलनिनो का प्रभाव फिर से बढ़ेगा जिससे सितंबर में वर्षा की स्थितियां बेहद खराब हो सकती हैं और सूखे जैसी स्थिति आ सकती है। 15 सितंबर के बाद अलनीनो फिर से प्रभावी हो जाएगा यह मत हमारे केंद्र द्वारा महीनों पहले बार-बार कही और लिखीगई थी। ।

 इस प्रकार दो सूखे जैसी स्थितियां जून और जुलाई में बीत चुकी हैं तीसरे की जो भविष्यवाणी हमारे केंद्र ने किया था वह सितंबर में आना लगभग निश्चित है लेकिन इसके बाद एक और चक्र संघनन वाष्पन और विक्षोभ से प्रभावित होगा जिससे सितंबर के अंत में वर्षा होने से खेती बागवानी और सभी लोगों को लाभ हो सकता है। 

इसके अलावा 24 अगस्त से 31 अगस्त तक भारी मूसलाधार वर्षा की हमारे केंद्र की भविष्यवाणी एक बार फिर 49 वर्षों की भांति पूरी तरह सत्य हुई अभी गर्मी वर्षा उमस और पसीने से पीछा 15 अक्टूबर के बाद ही पूरी तरह समाप्त होगा इसके साथ ही 27 अगस्त से वर्षा कमजोर पडने की हमारे केंद्र की भविष्यवाणी भी सही हुई और सितंबर के अंत तक मानसून के वापसी की बात भी बिल्कुल सही होगी। 

और इस वर्ष 3 बार सूखा पडने की भविष्यवाणी भी सही होगी जिसमें दो बार पड़ चुका है जून और जुलाई में अगला सितंबर में आने वाला है  और वर्षा भी पिछले वर्ष से 15 से 20% कम होने के बाद बिल्कुल सही होगी सबसे अच्छी बात ही है कि मानसूनी वर्षा का केंद्र मध्य भारत में एक सप्ताह तक चलता रहेगा जिससे कि उत्तर प्रदेश बिहार छत्तीसगढ़ उड़ीसा मध्य प्रदेश राजस्थान के पूर्वी भाग दिल्ली हिमालय के उत्तरी भागों नेपाल और राजस्थान के पूर्वी महाराष्ट्र के उत्तरी और गुजरात के  पूर्वी भागों में मध्य और तेज वर्षा होगी ।

इन्हीं बातों को तमाम प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया नकल करके हमेशा की तरह थोड़ा इधर-उधर बढ़कर छाप देंगे इन सब बातों को आप लोग बाद में पढ़ लीजिएगा कि कैसे चालाकी से दूसरों की चीज को अपना बना लेते हैं और मौसम विभाग जो कमजोर जाडे की बात कह रहा है वह भी उसी तरह पूरी तरह से गलत होगी जैसे कि उसके सामान्य से अधिक वर्षा की भविष्यवाणी पूरी तरह गलत हुई है । 

मानसून 26-31 अगस्त तकउत्तर प्रदेश के पश्चिमी भागों दिल्ली राजस्थान के पूर्वी भागों गुजरात के कुछ भागों महाराष्ट्र के उत्तरी और मध्य प्रदेश तथा उड़ीसा बिहार झारखंड के पश्चिमी भागों में केंद्रित हो जाएगा जहां पर अनेक स्थानों पर मध्यम भारी कहीं-कहीं मूसलाधार वर्षा होगी कितना है वर्षा हो लेकिन संपूर्ण देश में वर्षा का घाटा पूरा नहीं होगा और मैंने पहले भी लिख दिया है कि सितंबर से अल नीनो का प्रभाव तेज होने से वर्षा बहुत ही कमजोर होगी और अगस्त की तरह मानसून का प्रभाव अलनिनो से ऊपर नहीं जा पाएगा इस्कल खंड में चिंता एवं नेपाल अफगानिस्तान अमेरिका और दक्षिण पूर्वी एशिया में भूकंप ज्वालामुखी विस्फोट सुनामी लहरों और ग्लेशियर विस्फोट तथा जिलों के बह जाने से पहले कल जैसा दृश्य उपस्थित होगा

दुर्गा शक्ति नागपाल और सबीना खातून प्रशासनिक सेवा और न्यायिक सेवा में टकराव - डॉ दिलीप कुमार सिंह

 दुर्गा शक्ति नागपाल और सबीना खातून प्रशासनिक सेवा और न्यायिक सेवा में टकराव  - डॉ दिलीप कुमार सिंह
 दुर्गा शक्ति नागपाल हमेशा विवाद और चर्चाओं में रहे हैं बालू खनन को लेकर अखिलेश यादव के समय में वह बहुत बुरी तरह से घिर गई थी जब सारी भारतीय प्रशासनिक सेवा ने उनका साथ दिया और बड़ी मुश्किल से उनकी कुर्सी बची थी अभी ताजा मामला फिर से चर्चाओं में है जब उन्होंने देवीपाटन मंडल के कमिश्नर की हैसियत से सिविल जज सबीना खातून को तथा कथित ढंग से फोन करके पूछताछ किया और उन्हें धमकी दिया जिस पर न्यायपालिका विशेष कर उच्च न्यायालय बहुत कठोर कदम उठाया है हैं और उन्हें अवमानना का प्रथमदृष्टया दोषी पाया है।

वास्तव में भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय न्यायपालिका के बीच यह टकराव आज से नहीं है यह स्वतंत्रता के बाद से ही चला आ रहा है जिसमें दोनों तंत्र एक दूसरे पर हावी होने सोच रखते हैं तो आइए देखते हैं कि आखिर देवीपाटन मंडल की आयुक्त और सिविल से सबीना खातून का मामला इतना चर्चित क्यों हुआ और यह इतना तूल क्यों पकड़ रहा है।

 यहां पर एक बात विशेष रूप से यह भी उल्लेखनीय है कि दुर्गा शक्ति नागपाल का संबंध सीधे-सीधे जौनपुर से है और वह जौनपुर की बहू है क्योंकि उनके पति अभिषेक सिंह भी आई ए एस थे और वर्तमान में त्यागपत्र देकर सोशल मीडिया और समाज सेवा में सक्रिय हैं दोनों का विवाह 2012 ईस्वी में हुआ था यह एक अंतरजातीय विवाह था उनके प्रति अभिषेक सिंह अभिनय की दुनिया और अन्य कर्म के कारण अच्छे खासे चर्चित रहते हैं और श्री राम मंदिर दर्शन के लिए अयोध्या में उन्होंने कई मुफ्त बसें भी चलाई थी।

 दूसरी तरफ सिविल जा सीनियर डिवीजन सबीना खातून भी दुर्गा शक्ति नागपाल की तरह एक अनुशासन पसंद और ईमानदार और कार्य के प्रति समर्पित न्यायिक अधिकारी मानी जाती हैं अनुशासन के मामले में वह बहुत कठोर हैं और उनकी भी अपनी एक अलग छवि है वास्तव में दोनों के मध्य अगस्त 2026 में  हुए टेलिफोनिक विवाद की जड़ 30 साल पहले का एक मुकदमा ज्योति विद्या मंदिर बनाम राज्य उत्तर प्रदेश को लेकर हैं  यह मुकदमा 1997 से चल रहा है और इस पर ज्योति विद्या मंदिर के पक्ष में न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश भी पारित है  राज्य सरकार का मानना है कि यह सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करके बनाया गया है जबकि ज्योति मंदिर विद्यालय के लोगों का कहना है कि यह उनकी अपनी जमीन है वर्तमान समय में इस पर स्थगन आदेश पारित है और यह मुकदमा सबीन खान की अदालत में चल रहा था जो फिलहाल दूसरे न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया है सूत्रों के अनुसार दुर्गा शक्ति नागपाल ने इस पर पूछताछ किया और सबीना खान का व्यक्तिगत नंबर लेकर उनसे बातचीत किया जो उस समय अवकाश पर चल रही थी बताया जाता है कि दुर्गा शक्ति नागपाल के कठोर पूछताछ और धमकी भरे दृष्टिकोण से सबीना खान नाराज हो गई  और उन्होंने जिला जज और उच्च न्यायालय को पत्र लिखकर इस बारे में शिकायत किया और उन पर अनुचित प्रभाव डालने न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला करने और अमर्यादित भाषा बोलने का आरोप लगाया उधर कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा भी प्रशासनिक न्यायाधीश को इस मामले में पत्र लिखकर सबीना खान पर अमर्यादित भाषा बोलने उन्हें धमकाए जाने और मुकदमे में ढीला ढाला आरो का बनाए जाने का आरोप लगाया इस मामले में जनपद न्यायालय और उच्च न्यायालय ने प्रथम दृष्टि दुर्गा शक्ति नागपाल आयुक्त के व्यवहार और कार्यशैली पर आपत्ति जताते हुए इसे न्यायपालिका पर सीधा हमला बताया और उन्हें न्यायिक अवमानना का दोषी पाया।

 इस मामले पर न्यायमूर्ति सैयद हसन कमर रिजवी ने बहुत गंभीर दृष्टिकोण अपनाते हुए इस मामले में दुर्गा शक्ति नागपाल पर न्यायिक अवमानना के लिए पर्याप्त कारण का पाया और उनके आचरण को न्यायपालिका पर हमला बताया जबकि दुर्गा शक्ति नागपाल ने सबीना खान पर अप शब्दों और अमर्यादित भाषा का आरोप लगाते हुए कहा था कि उनका मामला केवल पैरवी करके इस दीर्घकालीन मुकदमे को समाप्त करना था उधर सिविल जज सबीना खान ने इस प्रोटोकॉल का उल्लंघन न्यायपालिका की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप मानते हुए यह आप भी लगाया कि दुर्गा शक्ति नागपाल ने उनके संस्कारों पर टिप्पणी किया था यह मामला अत्यंत संवेदनशील चर्चित हो गया है जिसे प्रशासनिक सेवा और न्यायपालिका में सीधे टकराव के रूप में देखा जा रहा है   कहा तो यहां तक गया है कि दुर्गा शक्ति नागपाल ने खुद को सीनियर प्रशासनिक सेवा का अधिकारी बनाते हुए सबीना खान पर रोब डालने की कोशिश किया था बहरहाल सच क्या है यह दोनों के फोन रिकॉर्ड सामने आने पर ही पता चल सकेगा।

[8/30, 12:56 PM] Dr  Dileep Kumar singh: वर्तमान में सिविल जज सीनियर डिवीजन से बिना खान का जन्म 1983 ईस्वी में हुआ था और 2017 में उन्होंने न्यायिक सेवा प्रारंभ किया था यह मामला इतना अधिक तूल पकड़ गया है कि माननीय उच्च न्यायालय ने इसको अवमानना देखने वाली पीठ के सामने संदर्भित कर दिया है इतना ही नहीं न्यायिक सेवा संघ ने एक बैठक कर इस पर कठोर आपत्ति प्रकट किया है और यह कहा है कि यह मामला सरकार की तरफ से सरकारी अधिवक्ता देखते हैं तो दुर्गा शक्ति नागपाल का सीधे-सीधे इस मामले में पूछताछ करने का कोई अधिकार नहीं है

 उच्च न्यायालय ने  सीधे-सीधे  यह कहा की कोई भी प्रशासनिक अधिकारी कितना ही वरिष्ठ क्यों ना हो वह किसी मुकदमे को लेकर जज से सीधे-सीधे बात नहीं कर सकता है इसके लिए उसके अपने राज्य के अधिवक्ता होते हैं वह अपनी वरिष्ठता का हवाला देते हुए न्यायिक अधिकारियों को अनुचित प्रभाव में लेने या अनुचित काम करने की मंशा रखता है तो उसे न्यायिक और मानना माना जाएगा वर्तमान समय में उच्च न्यायालय की अवमान्य पीठ के सम्मुख है और यह देखना है कि इस मामले का अंत कहां और कैसे होता है एक बात अवश्य है कि जिस तरह से पुलिस प्रशासन न्यायपालिका और राज्य तथा केंद्र सरकारी काम कर रही हैं उसे जन सामान्य को तो कोई भी लाभ नहीं पहुंच रहा है जनता दोनों तरफ से चक्की में पिस रही है उसे एक तरफ पुलिस से हमेशा डर लगा रहता है तो दूसरे और प्रशासनिक और न्यायिक कार्रवाई से भी जनता भयभीत रहती है उसकी सुनने वाला कोई नहीं है देश की आजादी से आज तक जितने भी कदम उठाए गए उसमें वर्ग विशेष का अधिकारी और वर्ग विशेष का अधिकारी और राजनेता वर्ग का तथा नए कार्य का चाहे जितना लाभ हुआ हो और उनके वेतन भत्ते सुविधाएं चाहे जितनी बड़ी हो लेकिन सिविल क्रिमिनल राजा सूचक बंदी के करोड़ों करोड़ों लंबित मुकदमे यही दिखाते हैं कि यदि सच्चाई ईमानदारी कर्तव्यनिष्ठा और समर्पित मन से सारे तंत्र काम करते तो आज यह स्थिति नहीं आती वास्तविक धरातल पर तो स्थिति इतनी खराब है जो कहने लायक भी नहीं है लेकिन 99% भारत के लोग पुलिस और प्रशासन के डर से तथा न्यायिक अवमानना की कार्रवाई के चलते कुछ भी कहने सुनने से डरते रहते हैं और बचते रहते हैं और इसीलिए देश और देश की जनता का हाल बेहाल है।

बाकी बहुत कुछ बातें लिखने लायक नहीं है वह स्वच्छ शीशे की तरह पारदर्शी और बिल्कुल साफ है और सच्चाई सारी दुनिया देख रही है एक बड़ा सच यह भी है कि आज के समय में 95% जनता पुलिस प्रशासन और न्यायपालिका में ना तो अपना काम कर सकती है और ना मुकदमे लड़ सकती है इससे अधिक शोचनीय स्थिति एक देश की और क्या हो सकती है  ना तो अपना काम कर सकती है और ना मुकदमे लड़ सकती है इससे अधिक शोचनीय स्थिति एक देश की और क्या हो सकती हैं जहां पर95% जनता को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पुलिस प्रशासन और न्यायपालिका की शरण में जाने के लिए भ्रष्टाचार से होकर गुजरना पड़े इतना अवश्य है कि आज भी सभी टैटो में न्यायपालिका सबसे अधिक स्वच्छ पारदर्शी है और अधिकांश न्यायाधीश आज भी इमानदारी से अपने कर्तव्य का निर्वहन करना चाहते हैं लेकिन उनकी परेशानी यह है कि उनके अपने लोगों से लेकर घर परिवार सगे संबंधी राजनेता अपराधी सभी 99% अनुचित काम लेकर सिफारिश करने जाते हैं और किसी भी तरह से अपना काम कराना चाहते हैं यह एक ऐसा बिंदु है जहां पर बड़े से बड़े व्यक्ति को सोचना पड़ता है