Monday, 16 March 2026

हिन्दू लडकीयां लव जिहाद का शिकार क्यो हो रही है

हिन्दू लडकीयां लव जिहाद का शिकार क्यो हो रही है 

‌ किसी भी मुस्लिम के दुआ ताबीज तंत्र-मंत्र को काटने का एक ही तरीका है सूअर का कोई भी चीज अपने पास और अपने घर में रखो प्राचीन काल में महिलाएं सूअर की हड्डी का बना मीणा पहनकर ही मुस्लिम धर्म का शिकार होने से बची थी।

इसका एक कारण तंत्र भी हो सकता है 
जयपुर झोटवाड़ा क्षेत्र में एक बेहद सम्मानीय व प्रतिष्ठित व्यक्ति की बेटी, एक कपडे बेचने वाले मुलले के साथ चली गई, पुलिस ने गिरफ्तार किया तो घर वालों को दुश्मन बता कर मिलने से भी इन्कार कर दिया व मुस्लिम युवक के साथ रहने का बयान दिया तब घरवाले ने कहा कि कोई बात नहीं है, तुम्हारी खुशी के लिए हम इसी युवक के साथ शादी कर देते हैं, किसी भी तरह से बेटी से मुलाकात की और घर वाले की कुछ समझदार स्त्रीयो ने उसके तुरन्त कपड़े उतार कर दुसरे पहनाए व कमर पर, गले में व हाथ पर डोरे बंधे हुए थे उनको काट कर फेक दिया, और सुवर के दात से बंधा हुआ डोरा गले मे पहना दिया, गौ मूत्र आदि जबर्दस्ती पीला दिया। 
कुछ देर बाद लडकी ने कहा कि मै यहां पर कैसे आ गई.. 
उसे कुछ भी याद नहीं आ रहा था 
उसका तंत्र टुटने पर, युवक के खिलाफ अपहरण बलात्कार आदि का केस दर्ज किया गया। 
सुवर का दांत हर मुस्लिम तंत्र को काटने मे समर्थ है। 
कपड़े बेचने से पुर्व कपडो पर तंत्र करके लडकी को दिया गया था। उससे वह वशीभूत होकर उसके साथ चली गई। 
दुसरी कहानी 
- गुलाबी नगरी में चार दरवाजा करके एक जगह है। परकोटे के अंदर आने वाले इस क्षेत्र में मुस्लिम की आबादी है।
    ये केस 2015 का है। एक साधारण सुशील औऱ धार्मिक लड़की नेहा आयु 20  वर्ष परकोटे के बाहर अपने से बड़े 2 भाई, 1 बहन और माता पिता के साथ रहती थी। 
    दिखने में सौम्य और सुंदर तो थी ही पढ़ने में भी होशियार ही थी।  कॉलेज में भी अपने काम से काम रखने की आदत थी।  वही पर एक लड़का उसके पीछे पड़ गया। 1-2 बार बात करने का प्रयास किया तो उसने झिड़क दिया। तब उसने लड़की के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी।
     लड़की को परफ्यूम का नया नया शौक लगा था। दिसम्बर के अंत मे उसका जन्मदिन आता था। तो लड़के ने एक सिफली अमल करने वाले को पैसे देकर परफ्यूम में कुछ क्रिया करवाई और जहाँ से स्नेहा परफ्यूम लेती थी उसे कुछ पैसे देकर वही परफ्यूम देने का लालच दे दिया।
   जन्मदिन से पूर्व नेहा की सहेलियों ने मिलकर उसे गिफ्ट देने लिए परफ्यूम देने का प्लान बनाया। सभी ने अलग अलग छोटी 3 परफ्यूम स्प्रे लिए। कॉलेज के बाहर पास ही एक गार्डन में छोटा सा केक काटा गया और गिफ्ट दिए गए। यही सारा झोल हो गया।उसमे सिफली अमल वाली बोतल भी मिला दी गयी।
   धीरे धीरे नेहा ने जब सभी परफ्यूम उपयोग में लिये तो उसे अजीब से अनुभव होने शुरू हो गए।
    अप्रैल माह में अचानक से वो घर से चली गयी। जानकारी निकलने पर पता लगा कि किसी नीच के साथ है और दोनो शहर से बाहर चले गए है। 
    मेरा सम्पर्क उनसे तब नेहा के जीजाजी के जरिये हुआ था। उन्होंने घटना बताई और कहा कि ये समस्या है। जितनी जल्दी हो सके समाधान करना है। यहाँ ध्यान में बैठकर सारे क्रोस पॉइंट देखे। फिर उस परफ़्यूम की बोतल के साथ अन्य सभी बोतल को जलाया गया।  फिर नेहा की लोकेशन को ढूंढना शुरू किया। किसी के मन को असामान्य से सामान्य करने के लिए एक सात्विक मार्ग है। बहुत जल्दी या कहे कि कुछ घन्टो में व्यक्ति पर चाहे कितनी भी भारी ऊर्जा हो पर कुछ घन्टो के लिए उसकी मनोदशा उस अवस्था मे हो जाती है कि वो वापस अपने घर पर आ जाये और जानकारी बता सके। पर इसमें बहुत अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है और उसके बाद स्वास्थ्य पर कुछ घन्टो के लिए विपरीत असर भी होता है। क्योंकि यहाँ ऊर्जा बदलनी पड़ती है।
    अगले दिन सुबह 8 बजे के करीब नेहा वापस घर आई। जिस नीच ने यह कार्य किया था। उसका दंड स्वयं भगवती ने उसे इतना बुरा दिया कि फिलहाल भंगार ही चुका है।
   2019 में नेहा का विवाह सम्पन्न हुआ। 2 संतान हो चुकी है। सभी खुशी से रह रहे है। 
    कहने का अर्थ यही है कि जो भी परफ़्यूम या निजी वस्तु आप विशेष रुप से नारी शक्ति ले तो वही से लीजिये जहाँ पर आपको अटूट विश्वास हो।
   आजकल टेलीग्राम में 21 दिन में भूत सिद्धि वाले नाली वाले छपरी भरे है  जो उल्टे सीधे काम कर रहे है।पैसे के लिए पागल दुकान वाले तक कई बार इनका साथ देकर किसी का जीवन नरक बनाने से बाज नही आते।
अतः सावधान रहें सतर्क रहें सुरक्षित रहें मुललो से किसी भी प्रकार की कोई वस्तुओं को खरीदने से पुर्व अपने परिवार के लोगों के बारे में जरूर सोचे, खाने-पीने की वस्तु अशुद्ध व विषेली हो सकती है।

‌‌ किसी भी मुस्लिम से संबंध रखें तो उसमें सूअर का कुछ भी मिला दीजिए अपने आप वह या तो मुस्लिम धर्म छोड़ देगा या तो सनातनी हिंदू बन जाएगा और उसके यहां जाएं तो धीरे से सूअर का एक बार फेंक कर चले आए या सूअर की हड्डी मत कोई भी एक अंक फिर चमत्कार देखो इन चीजों को यदि आप मजार मस्जिद इमामबाड़े कब्र में भी फेंक देंगे तो भी सब कुशवाहा हो जाएगा

अत्यंत ही विध्वंसक काला और खूनी सच -डॉ दिलीप कुमार सिंह

अत्यंत ही विध्वंसक काला और खूनी सच -डॉ दिलीप कुमार सिंह 

पूरी दुनिया में विशेष कर भारत में विधर्मी शैतानों का बहुत ही विनाशकारी काला और खूनी खेल चल रहा है वैसे तो इस वर्ष बाद का विश्लेषण 1400 वर्ष से ही हो रहा है लेकिन पूरी तरह विश्लेषण ना होने से दुनिया के देश धीरे-धीरे विधर्मी शैतान के देश बनते चले जा रहे हैं कैसे बना रहे हैं क्या हो रहा है लिए बिल्कुल सच-सच समझने की कोशिश करते हैं। ‌ इसके पहले भी पूरी दुनिया में लव जिहाद का लेख मैंने ही लिखा था उसके बाद ही इस भयानक खेल से लोगों का परिचय हुआ था।

यह सारा खेल शुरू होता है जनसंख्या के पलायन से जिसको हमारे यहां के काले अंग्रेज चेंज आफ डेमोग्राफिक कहते हैं और यह इतना खुला है लेकिन फिर भी लोग इस खेल को जाने में या अनजाने में क्यों नहीं समझ पाते हैं इसका भी कारण है जब कभी भी किसी भी मुस्लिम समूह का किसी गैर मुस्लिम समूह में प्रवेश होता है तो वह दिन-रात अपनी जनसंख्या बढ़ाते हैं और प्रारंभ में जहां अल्पमत में जाते हैं उनका धर्म उनके भगवान देवी देवता ऊपर से मानते हुए अंदर ही अंदर जिस हाड़ी में खो इस हांडी में छेद करो की नीति अपनाते रहते हैं‌ अधिक जनसंख्या वृद्धि के कारण जब किसी मुस्लिम देश में इनका रहना संभव नहीं हो पता तब वह गैर मुस्लिम देश की ओर एक बहुत सोची समझी रणनीति के तहत पलायन करते हैं और हाथ पैर जोड़कर भीख मांग कर सुर सुंदरी दान करके ऐसे देश में बस जाते हैं जहां का राष्ट्र नायक गद्दार अपने देश और धर्म के प्रति दोगला और सुरा सुंदरी का शौकीन और चरित्र से कमजोर होता है यही वजह है कि म्यांमार और बांग्लादेश के मुस्लिम बगल ही स्थित चीन में न जाकर कश्मीर न्यूजीलैंड ऑस्ट्रेलिया कनाडा में पहुंच रहे हैं लेकिन जहां पर देशभक्त कट्टर लोग हैं वहां पर यह समूह के समूह खदेड़ दिए जा रहे हैं ‌ इनका सबसे आसान शिकार भारत और ऑस्ट्रेलिया इटली और इंग्लैंड जैसे देश हैं जिनको उपयुक्त सारी चीज बहुत अच्छी लगती हैं और जो अपने देश और धर्म के प्रति अंत में गद्दार ही सिद्ध होते हैं ।

किसी देश में एक जगह पर कब्जा करके हजार फिर लाख की संख्या में बस कर इनका काम खत्म नहीं होता यह दिन-रात बच्चे पैदा करते हैं छोटी-मोटी चोरी करते हैं फिर जहां ताकतवर होते हैं वहां पर लूट और डकैती करते हैं और अंत में आतंकवाद का रास्ता पकड़ लेते हैं क्योंकि आज के दौर में लोग दो बच्चों को नहीं पाल पाए तो यह 15 से 25 बच्चे कैसे पालते हैं सबको पता है ।


‌ इनको कुछ खेल तो बहुत ही खतरनाक और कल्पना से भी पड़े होते हैं उदाहरण के रूप में आपने देखा होगा कि मुसलमान का टोना टोटका जादू रोग बीमारियों और अन्य चीजों पर कभी-कभी कम कर जाता है लेकिन उसके पीछे इनका तंत्र मंत्र टोना टोटका नहीं काम करता बल्कि यह लोग रोग बीमारी को समझते हैं और झाड़ फूंक तो बहाना होता है किसी भी स्त्री पुरुष का रोग समझा करिए महंगी महंगी दवाई उसको पानी में घोलकर पिलाते हैं और मूर्ख स्त्री पुरुष समझते हैं कि इसकी दुआ ताबीज से हमारा रोग सही हो रहा है इसके अलावा नौकरी दिलाने में स्थानांतरण करने में कहीं-कहीं यह उच्च अधिकारियों से मिले रहते हैं और पैसा देकर कर देते हैं तो लोग समझते हैं कि इसके दुआ तभी से हमारी नौकरी लग गई यह हमारा मनपसंद जगह पर ट्रांसफर हो गया इसके अलावा सारी औरतें यदि गैर इस्लामी से विवाह करती हैं तो उसको मुसलमान बनने पर वाद्य करते हैं और पुरुष तो पहले ही महिलाओं को मुसलमान बना कर तब जाकर निकाह करते हैं।
इसके बाद इनका अगला खतरनाक खेल शुरू होता है यह पता करते हैं कि अगल-बगल के गांव गली मोहल्ले में कौन ऐसा व्यक्ति है जो प्रभावशाली है पैसे वाला है या उसके जमीन जायदाद हैं लेकिन वह शराबी नशेड़ी और रसिक तथा दुराचारी और अपने धर्म के प्रति आधा अधूरा विश्वास रखने वाला है उसकी छत्रछाया में बस करवे उसकी सारी चीज अपने घर से देते हैं और धीरे-धीरे अपने घर की लड़कियां उस और उसके लड़कों से विवाहित करके अंत में उसका धर्म परिवर्तन करके कब्जा कर लेते हैं इसके बाद में पड़ोसियों से भी यही चल चलते हैं। 

यह लोग मिली मार और नूरा कुश्ती के तहत आगे बढ़ते हैं और पुरुष लोग अन्य धर्म की लड़कियां और स्त्रियों को फंसाते हैं इसके बाद धीरे-धीरे मेलजोल बढ़ा लेते हैं छोटे-मोटे उपहार देते हैं और बाद में उनका कोई दवा या रसायन खिलाकर बलात्कार करके वीडियो बना लेते हैं छोटी-छोटी बच्चियों को तो डरा कर बलात्कार करते हैं और वह डर के मारे कुछ बोलते ही नहीं जब तक पता चलता है तब तक बहुत कुछ बीत जाता है पुरुष जहां स्त्रियों का शिकार करते हैं वही मुस्लिम धर्म की स्त्रियां ऐसे दुराचारी रसिक और धनी पुरुषों का शिकार करती है जो अपनी पत्नी से संतुष्ट नहीं रहते और धीरे-धीरे इनका यही खेल आगे बढ़ता चला जाता है इसके लिए यह पड़ोस में बसे हुए लोगों को अपने घर बुलाते हैं काला जादू टोना टोटका करते हैं लेकिन यह केवल दिखाने के लिए होता है वास्तव में वह ऐसी जड़ी बूटियों और दावों को जानते हैं जिनसे स्त्री पुरुषों का चरित्र और उनका मिजाज आसानी से बदला जा सकता है ।

यह काम केवल अपढ़ लंठ गंवार ‌ पंचर छाप रिक्शावाला मजदूर ही नहीं बल्कि पढ़े-लिखे लोग डॉक्टर इंजीनियर राष्ट्रपति संसद विधायक सब के सब यही एक काम करते हैं अर्थात दारुल हरब को दारुल इस्लाम में बदलने की दिन रात कोशिश करते रहते हैं और इनका शिकार भी आराम से मिलते हैं क्योंकि हर एक समाज में कुछ ऐसी चरित्रहीन महिलाएं और पुरुष होते हैं जो भले ही बाद में बोटी बोटी काट कर फेंक दिए जाएं जमीन में गढ़ दिए जाएं या फ्रिज में बंद कर दिए जाएं लेकिन उनको ऐसे ही दुराचारी कामी और अप्राकृतिक मैथुन करने वाले मुस्लिम लोगों की आवश्यकता होती है। 

और जैसे ही मुसलमान कहीं बसते हैं तो पहले काम उनके घर में एक छोटी मस्जिद मजार बनती है जो कि इस्लाम धर्म में कहीं है ही नहीं इसके बाद जब 100 200 की संख्या में हो जाते हैं तो एक मस्जिद बनने लगती है विरोध करने पर रोक देते हैं लेकिन फिर धीरे-धीरे मांस मदिरा महिला मिथुन मुद्रा का प्रयोग करके सरकारी तंत्र और प्रभावशाली लोगों को खरीद कर अपना काम बन ही लेते हैं अतरही ‌ खलीलपुर बांध गांव ‌ जैसे अनगिनत गांव इसका उदाहरण है लेकिन असली खेल मस्जिद बनने के बाद शुरू होता है । यह लोग घर-घर में फेरी लगते हैं रेड्डी सामान बेचते हैं सब्जी बेचते हैं वास्तव में उनके गुप्तचर तंत्र वाले होते हैं और यही सब कुछ पता लगा लेते हैं और ऐसे ऐसे कांड कर देते हैं जिस पर जल्दी किसी को विश्वास नहीं होता और यह सभी लोग घरों में सब जाते हैं जब पुरुष लोग बाहर होते हैं यदि गलती से पुरुष भी घर पर मिल गया तभी हम लोग बहाना बनाकर उधर से निकल जाते हैं।

जैसे ही मस्जिद बनती है वैसे ही दूर-दूर के चोर डकैत आतंकी दुराचारी देशद्रोही और काला धन तथा नकली मुद्रा चलने वाले लोग उसमें मौलवी या प्रबंधक के रूप में आकर रहने लगते हैं और वह ऐसे पुरुष और महिलाओं को नियुक्त करते हैं जो शहर गली गांव मोहल्ले में जाकर यह पता करते हैं कि कौन सी स्त्री रंगीन रसिक दुराचारी स्वभाव की है और कौन सा पुरुष ऐसे स्वभाव का है सबसे पहले उसको ही फंसाते हैं इसके बाद यह लोग पता करते हैं कि किसका पति लंबे समय से बाहर है क्योंकि उसकी पत्नी को जो चाहिए उसको यह देते हैं फिर पता करते हैं कि कौन लंबे समय से बीमार है कौन सी महिला ऐसी है जिसके बच्चे नहीं हो रहे हैं कौन सा पुरुष ऐसा है जो नपुंसक है या जिसकी वासना शक्ति कमजोर है इसके साथ-साथ धनी और पैसे वाले घर को भी चिन्हित करते हैं यदि हर प्रकार से फेल होते हैं तब चोरी डकैती डालना शुरू करते हैं और मौका पाते हैं तो खून कत्ल करके लूट कर भाग जाते हैं ।

अपनी बस्ती इस तरह से टांग और संकरी बनाते हैं जहां पुलिस और प्रशासन का पहुंच पाना बड़ा मुश्किल है और आम जनता फस जाए तो उसे रास्ता ही नहीं मिलता जौनपुर के किसी भी मुस्लिम कॉलोनी में या आजमगढ़ के सराय मीर में चले जाइए मेरी बात अपने आप समझ में आ जाएगी पता लगा दुकान किसी चीज की है व्यापार अंदर कुछ और हो रहा है किरण सब्जी से लेकर हर सामान बेचने वाले यही करते हैं ज्यादातर यह लोग ऐसे सामान भेजते हैं जो घर के अंदर से या महिलाओं से संबंधित होते हैं जैसे बिजली की वायरिंग प्लंबरिंग चूड़ी श्रृंगार प्रसाधन और धीरे-धीरे महिलाओं को अपने जाल में फंसाते हैं जबरदस्ती भी बलात्कार कर लेते हैं ‌ क्योंकि इनका कोई दरब है लाज शर्म तो होती नहीं क्योंकि इनको मालूम है कि 100 में 90 स्त्रियां तो डर के मारे बताएंगी नहीं ‌ और जीवन भर ब्लैकमेल होती रहेंगी और 10 जो बताएंगे उसको भी धीरे-धीरे पुलिस प्रशासन की सहायता से हल कर लेते हैं चाहे मुद्रा खर्च कर देते हैं चाहे महिला या फिर मदिरा ‌ का सहारा लेना पड़े और सनातनी हिंदू में 99% तीनों में से किसी एक पर बिक ही जाते हैं क्योंकि इनका धर्म इतना कमजोर होता है कि चरित्र अपने आप भ्रष्ट हो जाता है जिन मर्दों की हड्डी तक सड़ गई है उसे मजार पर जाकर यह मूर्ख उससे कुछ पाने की आशा करते हैं ।

जैसे ही मुस्लिम किसी स्त्री को फसता है या मुस्लिम महिला किसी पुरुष को फंसाती है पहले बड़े प्रेम से एक दो महीने काम चलता है और इस बीच बड़े प्रेम से उसकी सारी सीडी और वीडियो तैयार हो जाती है तब ब्लैकमेलिंग और वसूली का लंबा खेल शुरू होता है जिसमें 70 से लेकर 90% सफलता मिलती है और भेद खुलना को होता है तो वही हाल होता है जो हो रहा है अर्थात तेजाब में डुबोकर मारना बोटी बोटी काट कर फ्रिज में रख देना हाथ पैर तोड़कर बोर में भरकर जमीन में गढ़ देना और अस्पतालों की सहायता से छोटे और स्वस्थ बच्चे बच्चियों के अंग को निकाल कर बेच देना आश्चर्य की बात है कि भारत जैसे गैर मुस्लिम देश में यह लोग सब कुछ आंखों के आगे कर रहे हैं इसके बाद भी लोगों को समझ में नहीं आ रहा है ‌ यदि आपको यह जानना है कि कौन सा पुरुष या स्त्री मुसलमान से फंसी है तो उसका एक ही तरीका है यदि कभी हिंदू मुस्लिम में लड़ाई होती है तो यह हम पुरुष और महिलाएं मुसलमान का पक्ष लेते हैं भले उन्हें घर समाज धर्म और देश के विरुद्ध जाना पड़े आपने देखा होगा कि ऐसे कांड करने वाली लड़कियां अपने मां-बाप का कहना भी नहीं सुनती हैं क्योंकि उनके दिमाग में उनका अब्दुल सलीम करीम रहीम हलीम तैमूर सबसे अच्छा होता है।

यह खेल इतने पर ही नहीं रुकता जितने भी खाने पीने वाले सामान है सब्जियां है फल हैं जूस है दही है दूध दही लस्सी है सब में अपना मल मूत्र थूक वीर्य और प्रतिबंधित पशुओं के मांस का कुछ न कुछ अंश जरूर मिलते हैं 1 2 /1000 /लाख नहीं करोड़ों की संख्या में ऐसे वीडियो पूरी दुनिया में लोग देखे हैं फिर भी नहीं समझते आ रहा है इस प्रकार सारा पैसा कमा कर उसको मस्जिद में भेजा जाता है जहां से सीधा या आतंकवादी गुटों में जाता है जो गैर मुस्लिम देश में दंगा फसाद तोड़फोड़ हत्याएं ट्रेन की पटरी उखाड़ देना मौका पाने पर सामूहिक बलात्कार करना होली दिवाली दशहरा में लूटपाट और हत्या कर देना और अनेक रूपों में काम आता है यह सब बातें कल्पना नहीं है पूरी तरह सच है बल्कि सच को काफी काम करके दिखाया जा रहा है जिससे पहले से ही कमजोर और कर हो चुके सनातनी लोग डर के मारे बेहोश ना हो जाए‌ रंग गुलाल अबीर बेचते समय हाथ से कपड़े पर चाहे जितना लगे लेकिन अगर सनातनी हिंदू के द्वारा एक छींटा भी पड़ गया तो तुरंत ही हत्या कर देते हैं वह भी शैतानी ढंगसे। 

आपस में खूब लड़ने वाले सनातनी इनके आगे भीगी बिल्ली बन जाते हैं उदाहरण के रूप में यदि किसी ठाकुर और हरिजन में लड़ाई हो जाए तो तुरंत ही वह उसे पर अनुसूचित जाति जनजाति का केस लगा लगा लेकिन यही काम मुस्लिम से हो तो वह चुपचाप मार खाता रहेगा इतना ही नहीं घर की औरतें जो घर में शेरनी की तरह दहाड़ती है और अपना घर परिवार पति बेटे सबको नाश करती हैं जैसे ही लव जिहादी के साथ जाती हैं तो बकरी की तरह में में करने लगते हैं और नंगी या आधी नंगी रहने वाली स्वच्छंद यही महिलाएं नकाब हिजाब बुर्का पहनकर सारा जीवन घर की कोठरी में आराम से बिता देती हैं अब इससे बड़ी मूर्खता और इससे बड़ा जड़ बुद्धि वाला भला किसी और कहा जाए ।

एक बात और है की सरकारी वर्ग में इनके जितने लोग चपरासी से राष्ट्रपति तक नियुक्त होते हैं वह सब लाज शर्म छोड़कर अपने वर्ग के चोर डकैत अपराधी ब्लैक मिलर हत्यारा के नियम कानून संविधान छोड़कर पूरी पूरी मदद खुलेआम करते हैं यह आपने अनेक बार देखा भी होगा यदि रोक टोक जाए तब भी नहीं सुनते हैं और निलंबित हो जाने पर सुर सुंदरी और मुद्रा वाली सीधी पड़कर अंत में फिर से पद स्थापित हो जाते हैं और अपना काम जारी रखते हैं अपने सरकारी ड्यूटी पर रहते हुए भी लैब जिहाद सहित अनगिनत जिहाद प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष करते हुए देश का सारा गोपनीय भेद मुस्लिम देशों में भेजते रहते हैं और भारत में होने वाली तोड़फोड़ रेल गाड़ियों बेसन हवाई जहाज की दुर्घटना और अन्य विधानसभा में 95 % हाथ इन्हीं का रहता है लेकिन आश्चर्यजनक रूप से लालू जैसे लोग गोधरा की हत्याकांड को रेल दुर्घटना करार दे देते हैं। 

इन लोगों से पार पाना हो तो इसराइल चीन म्यांमार श्रीलंका कोरिया जैसा बनना होगा अन्यथा धर्म और देश पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा यह लोग गांधी अटल बिहारी मोदी जैसे लोगों को तो जमकर पसंद करते हैं लेकिन लाल बहादुर शास्त्री योगी जी हेमंत विश्व शर्मा पुष्कर धामी जैसे लोगों को देखकर ही मूत्रत्याग करने लगते हैं जो कुछ सही कारण थे मैंने बता दिया यदि इसके अलावा कोई छूट गया हो तो आप सभी लोगों से निवेदन है कि उसको भी लिखेंगे ताकि इस लेख को और सुधारा जा सके और सबसे बड़े प्रामाणिक रूप में देश और सनातन धर्म बढ़ाने में योगदान दिया जा सके अंत में केवल यही कहना चाहूंगा-

‌ किंचित बबुर फरै जो बेल 
बालू पेरे निकले तेल।

ओरी के पानी बड़ेरी पर जाए।
 धरती आकाश एक हो जाए।

नदिया उल्टी धार बहाय कटहल में आम फलि जाय।
 जाए हिजड़ा फिर से पुरुष कहाय ।

कुकुर पानी पिए शुरूक्का।

तबौ न मानो तुरुक तुरुक्का।

  जे ना मानेस गयल काम से।

जो मानेस बचि जात बा।बोया पेड़ बबूल का 
 आम कहां से खात बा जय श्री राम

खाड़ी युद्ध में अलग थलग पड़ चुका है भारत डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह


खाड़ी युद्ध में अलग थलग पड़ चुका है भारत डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह 

खाड़ी युद्ध में पूरी दुनिया में सबसे बुरे फंसा है भारत मुझे समझ में नहीं आता कि हमारे विदेश नीति के विश्लेषक सरकार और बुद्धिजीवी ‌ और तथा प्रतीत बड़े मीडिया वाले कितनी सतही विवेचना करते हैं चाहे पैसा या किसी अन्य प्रभाव में लगभग सारे लोग कह रहे हैं कि भारत खाड़ी युद्ध में सबसे सही नीति पर चल रहा है लेकिन क्या यह सच है आई आपको बिल्कुल सच-सच और निष्पक्ष बताते हैं इस समय दुनिया का सारा तेल अमेरिका यूरोप रूस के कब्जे में है ईरान को छोड़ दिया जाए तो आप को यह जान का राष्ट्रीय होगा कि अरब देशों में केवल उनको स्वामित्व अर्थात रॉयल्टी दी जाती है सारा फायदा यूरोप और अमेरिका की तेल कंपनियां ले रही हैं इस प्रकार जिस तेल और गैस को हम अरब देशों से खरीद रहे हैं वह हमारा सपना है और यही वजह है कि दुनिया भर की नौटंकी करने के बाद भी भारत में जबरदस्त महंगाई और तेल की कीमत बढ़ रही है और बढ़ती चली जाएगी। 

जल्दी ही अमेरिका ईरान को तहस-नस कर देगा मैं खाड़ी युद्ध प्रारंभ होने के 1 दिन पहले यह बात बिल्कुल साफ-साफ बताएं कि यह युद्ध किसी भी तरह मार्च के अंतिम हफ्ते से लेकर अप्रैल के पहले हफ्ते में समाप्त हो जाएगा ‌‌ जिसमें ईरान तहस-नहस हो जाएगा और इराक कुवैत सऊदी अरब कतर और संयुक्त अरब अमीरात और अन्य देशों की भांति यहां भी पूरी तरह अमेरिका का कब्जा हो जाएगा मैंने आपको पहले ही बता दिया कि दुनिया का आधुनिक मध्यकालीन इतिहास इन्हीं चोर डकैत लुटेरे हत्यारों का इतिहास है और उन्हीं को बहुत बड़ा माना गया है गजनी गोरी अकबर और औरंगजेब जहांगीर चंगेज खान नादिर शाह सब के सब नंबर एक के खूनी कत्ली दुराचारी और सनातन धर्म के विध्वंसक थे ईरान को लेकर ईरान की बड़ी वह वही करने वाले निहायत ही मूर्खतापूर्ण विश्लेषण करने वाले लोग या भूल जाते हैं की सबसे पहला आक्रमण भारत पर ईरान ने ही किया तब से धर्म भले बदल गया लेकिन आज भी ईरान लगातार आक्रमण कर रहा है इसका प्रत्यक्ष आक्रमण तो महाराजा रणजीत सिंह के बाद समाप्त हो गया लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से वह भारत के सभी विरोधी देश का सहायक है और दुनिया का 90 प्रतिशत आतंकवादी ‌ पैदा करके उनकी सहायता केवल ईरान ही करता है ।


जिस दिन यह युद्ध समाप्त होगा उसे दिन भारत में पेट्रोल गैस की कीमतें बेतहाशा बढ़ेगी और तब वह बहुत बड़ी महंगाई और अव्यवस्था के दौर में घुस जाएगा और यही वर्तमान शासन तंत्र के पतन का और नए नेतृत्व के आने का कारण बनेगा यह सभी बातें आप सभी लोग लिखकर नोट कर लीजिए अमेरिका यूरोप और चीन वास्तव में एक ही है जो अपने-अपने समझौते के अनुसार सारी दुनिया पर अपना नियंत्रण कर रहे हैं भारत को बड़ी चालाकी से तीनों देशों ने दूध की मक्खी की तरह बाहर फेंक दिया और भारत का शासन तंत्र अपने मुंह मियां मिट्ठू बन रहा है और पैसा पे हुए चापलूस चाटुकार दलाल चमचे 420 मक्खनबाज लोग आंख मुड़ कर बाबा ही कर रहे हैं जबकि सनातन धर्म और अखंड भारत की एक भी समस्या आज तक हल नहीं हुई है कश्मीर में खाने के लिए धारा 370 हटाया गया लेकिन एक भी कश्मीरी बसाए नहीं जा सके उल्टा बचे कुछ लोग मार दिए गए हां उद्योगपतियों के लिए रास्ता खुल गया जितना लूट सकते हैं लूट रहे हैं आज भी आपको जम्मू कश्मीर में अलग सिम लेना पड़ता है। 

अमेरिका ने तो भारत को मदद करने लायक भी नहीं समझा उसने चीन जापान सहित दर्जनों देशों को हार्मोन में आकर अपनी सेवा के साथ ईरान का घमंड चूर-चूर करने के लिए आवाहन किया और सारे देश जा भी रहे हैं लेकिन भारत की औकात एक बार ट्रंप ने फिर से बता दिया है वास्तव में ट्रंप को मोदी के नकली और दोहरे स्वभाव से बहुत अधिक चिढ़ है और उनका मुस्लिम प्रेमी होना और सनातन धर्म के प्रति समर्पित ना होना उनको बहुत ही ज्यादा अखर जाता है कि जो व्यक्ति अपने का नहीं हुआ वह अमेरिका या दुनिया का कैसे होगा ‌ वह अभी देख रहे हैं कि वोट सनातनी लोगों से हैं मांगते हैं और उन्हीं को चोट देखकर विधर्मी शैतानों का विकास करते हैं अन्यथा आज कश्मीर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भारत में होता समान नागरिक संहिता और जनसंख्या नीति लागू हो गई होती महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार लाल पिता शाही घूसखोरी पर और उद्योगपतियों पर प्रभावी नियंत्रण होता पुलिस तंत्र आज कानून व्यवस्था अपने हाथ में लेकर नहीं चलता और सबसे बड़ी बात वक्फ बोर्ड और मदरसा बोर्ड समाप्त हो गया होता । लेकिन उल्टा वैसे मोदी जी ने संवैधानिक बनाकर वेतन भत्ते सरकार के द्वारा देना जारी रखा है बल्कि बढ़ा दिया है।

नई दुनिया में मुख्य रूप से क्रिश्चियन यहूदी और मुसलमान का संघर्ष है चीन बौद्ध धर्म का अगुवा है जो खेल इस समय दुनिया में चल रहा है उसके अनुसार अमेरिका जल्दी ही ग्रीनलैंड उसके बाद कनाडा और उसके बाद अगल-बगल के दीप समूहों पर कब्जा कर लेगा उधर रूस यूक्रेन और अगल-बगल के देशों पर कब्जा कर लेगा और चीन काफी देश पर पहले ही कब्जा कर चुका है अमेरिका रूस के साथ मिलकर अरब देशों में प्रभुत्व को बंटवारा करते हुए ऑस्ट्रेलिया पर कब्जा कर लेगा क्योंकि यह सब जानते हैं यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो जल्दी ही मुसलमान सारी दुनिया पर कब्जा करके उसे तहस-नहस कर देंगे और हर सृजनात्मक वैज्ञानिक और सच्ची चीजों के मुसलमान दुनिया में सबसे घनघोर विरोधी है उनकी सारी दुनिया अल्लाह पैगंबर कुरान हदीस और शरीयतण में सिमटी हुई है उसके आगे पीछे कुछ देखना ही नहीं चाहते ऐसे में उनसे सिवाय विनाश आतंकवाद सामूहिक लूटपाट सामूहिक हत्याएं बलात्कार और शैतानी ढंग के नरसंहार के अलावा कोई आसान नहीं की जा सकती। 

अभी भी यह समय भारत के लिए है कि वह किसी भी तरह खाड़ी युद्ध में अमेरिका का साथ दे और आने वाली दुनिया में कम से कम अपने अस्तित्व को बचा सके क्योंकि आने वाले समय में जल्दी ही रूस चीन अमेरिका एक हो जाएंगे यूरोप अमेरिका का पिछलग्गू है ही तब भारत को दुनिया में रास्ता खोजना मुश्किल हो जाएगा नेहरू की तरह अपने मुंह मियां मिट्ठू बनना और आत्मा मुक्त होना भारत वासियों के लिए बहुत खतरनाक सिद्ध होगा।

Saturday, 14 March 2026

पैसा कर सिफारिश उपहार और यो उपहार देखकर गलत ढंग से प्राप्त किए गए सम्मान पुरस्कार पर प्रतिष्ठा और किसी भी अन्य चीज का कोई मूल्य नहीं होता है

 पैसा कर सिफारिश उपहार और यो उपहार देखकर गलत ढंग से प्राप्त किए गए सम्मान पुरस्कार पर प्रतिष्ठा और किसी भी अन्य चीज का कोई मूल्य नहीं होता है 

क्योंकि उसको पाने वाला खुद ही समझता है कि उसको दिया गया पदपुरस्कार गलत है और वह उसके योग्य नहीं है‌ गलत ढंग से नियुक्त हुआ नीरज कलेक्टर कप्तान कोई भी कर्मचारी स्वयं को अन्य के सामने हीन महसूस करता है।

ऐसा करने से खुद उसका तो लाभ हो जाता है लेकिन देश समाज सरकार का भीषण नुकसान होता है और देश हर क्षेत्र में नीचे गिरने लगता है उसकी कोई समस्या हल नहीं होती खेल राजनीति प्रशासन न्यायपालिका और पुलिस विभाग में भयंकर गिरावट आ जाती है और ऐसे नियुक्त लोग केवल घूसखोरी भ्रष्टाचार लाल पिता शाही और संवेदनहीनता के साथ-साथ दुराचार खुलकर करते हैं 


भारत में 90 से 99 प्रतिशत उपहार सम्मान पद इत्यादि इसी दूसरे रास्ते से प्राप्त किए गए हैं इसलिए फिलहाल यहां किसी क्षेत्र में सुधार होने की कोई ऐसा नहीं है हमारे आपके बीच से जो लोग आगे बढ़े हैं हम लोग अच्छी तरह जानते हैं कि वह कितने योग्य हैं उनके सामने हाथ जोड़कर मजबूरी में या औपचारिकता में नमस्ते भले करने लेकिन डरात्मा में सम्मान पैदा नहीं होता। 

प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया सोशल मीडिया टीवी चैनल और रेडियो के उद्भाशक लोगों से लेकर हर जगह है एक समस्या का हल करते-करते वह समस्या दुर्घटना में बदल जाती है 

केवल एक उदाहरण बता रहा हूं जौनपुर सहित सारे भारत में ठेला खोमचा गुमटी रेहड़ी ‌ सहित स्थानीय दुकानदार जमकर अतिक्रमण करके पूरे नगर को जाम कर देते हैं और देखने वाले दिन रात उसे देखते हैं नेता शासन प्रशासन पुलिस बुद्धिजीवी मीडिया के लोग लेकिन देखकर भी अनदेखा कर देते हैं कुछ तो जानते हैं कि लिखने पढ़ने से कुछ नहीं होगा और जिसको करना है उनके हम महीने में अप्रत्यक्ष दिन कुत्ते का कौरा पहुंच जाता है 

इस देश को आग लग गई देश केचिराग से 

जब कोई आग लगाए तो सावन उसे बुझाने सावन ही आग लगाए उसे कौन बुझाए 

इस देश को देश के गद्दारों ने लूटा यही गम था देश की कष्टि वही जो भी जहां पानी कम था 

इसलिए कहना पड़ता है हमको नेज गौरव तथा निस देश का अभिमान है हम न नहीं है पशु निरा है और मृतक सम्मान है।


अनिल पेट में दाने वस्त्र हैं गेहू पर धागे यदि हमने यह नहीं लुटाए तो हम राज निपटअब आगे 

इससे अधिक लिखने की कोई आवश्यकता नहीं है वैसे भी भारत में दीपक तले अंधेरा घर का जोगी जोगड़ा आज गांव का सिद्ध और घर की मुर्गी दाल बराबर होती है 

कुलकर्णी कर यही है कि जब तक उपयुक्त व्यवस्था चलती रहेगी कुछ नहीं होगा किसी भी धर्म के धर्म गुरु आचार्य संत महंत कथा वाचक बुद्धिजीवी सिर्फ पटक कर मर जाए लेकिन जब तक उसे धर्म की स्त्रियां और लड़कियां नहीं आगे आएंगे धर्म का पतन कोई नहीं रोक सकता यदिकाका जी आप रोक सकते हैं तो रोक कर दिखा दीजिए।
[3/14, 7:36 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: ‌ विद्वान काका जी के हम लोग आभारी हैं जिनके द्वारा निर्मित शब्दों ने नई दिशा दिया है जैसे वाक मैथुन मूत्र पिवक आश्चर्य है कि मोदी जी अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग करते हैं तो क्यों नहीं काका जी को अपने सलाहकार समिति में ले लेते कम से कम ग्रुप को समूह इंडिया को भारत गुड मॉर्निंग को सुप्रभात खाना को भजन मुबारक को  बधाई शुक्रिया को धन्यवाद शादी को विवाह जैसे शब्द तो सिखा ही देंगे और बता देंगे कि हमारे हिंदी शब्द और संस्कृत के शब्द दुनिया में सबसे अधिक उत्तम और वैज्ञानिक है ‌ तब हो सकता है मोदी जी मेक इन इंडिया राइजिंग इंडिया गुड मॉर्निंग बनारस लोकल फार वोकल ‌ केमिकल और एटम जैसे अनगिनत ‌ जबरदस्ती बोल रहे अंग्रेजी शब्द छोड़ द एंड ं
[3/14, 7:36 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: मौसम की भविष्यवाणी आज का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के साथ बहुत गर्म होगा न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहेगा एक सप्ताह के बाद आज आसमान की धुंध काफी साफ सुथरे हो जाएंगे और हल्के बादल रहेंगे तेज हवाओं के कारण लोगों को परेशानी होगी 

कल के मौसम के बारे में भविष्यवाणी है कि तेज से बहुत तेज हवाएं आंधी तूफान जैसी स्थितियां बनेंगे हवाओं की गति 20 से लेकर 40 या 45 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है बादल भी रहेंगे लेकिन वर्ष की कोई भी संभावना नहीं है 

इस समय वायु गुणवत्ता सूचकांक काफी अच्छा शौक के आसपास रहेगी जो अभी तक 400 के आसपास चल रहा था पराबैंगनी किरणों की तीव्रता 5 से 7 और हवा की दिशा आज पश्चिम और कल उत्तर पश्चिमी पूर्वी रहेगी।

भारत के  उत्तरी या और दक्षिणी तथा पूर्वोत्तर भारत में आज कई जगहों पर हल्की-फुल्की बारिश हो सकती है‌ लेकिन जौनपुर का मौसम सूखा और गर्म रहेगा -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

Friday, 13 March 2026

महाशक्ति ‌‌ एवं नारी शक्ति का महापर्व नवरात्रि -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि नवरात्रि का महापर्व और देवी के नौ रूप

महाशक्ति ‌‌ एवं नारी शक्ति का महापर्व नवरात्रि -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 

नवरात्रि का महापर्व और देवी के नौ रूप 

नवरात्रि का महापर्व शक्ति का महापर्व कहा जाता है क्योंकि इन नौ दिनों में मां शक्ति के नौ रूपों की पूजा की जाती है आदि महाशक्ति स्वयं भगवती पार्वती हैं और उनके नौ रूप शैलपुत्री ब्रह्मचारिणी चंद्रघंटा कुष्मांडा स्कंदमाता कात्यायनी कालरात्रि महागौरी और सिद्धिदात्री हैं जिनकी इस नवरात्रि में पूजा अर्चना विधि विधान से की जाती है ध्यान देने योग्य बात यह है कि वर्ष में 9 दिन की नवरात्रि दो बार पड़ती है एक बसंत ऋतु में दूसरी शरद ऋतु में जिसे क्रमशः बासंतिक और शारदीय नवरात्रि कहते हैं बासंतिक नवरात्रि नए भारतीय वर्ष के प्रथम दिन से चैत्र माह के उजले पक्ष के प्रथम दिन से प्रारंभ होता है जबकि शारदीय नवरात्रि क्वार माह के शुक्ल पक्ष से प्रारंभ हो 9 दिन तक चलता है

*कब से कब तक है चैत्र माह का नवरात्रि महापर्व* 

इस वर्ष बासंतिक नवरात्रि चैत्र माह के प्रथम दिन उजाला पक्ष से ‌ 19 मार्च शुरू हो रहा है यह  27  मार्च तक चलेगा और यह सर्वार्थ सिद्धि ‌ नल दंड गजकेसरी अनफा मालवीय पंच  मालव्य महापुरुष पाराशरी वोशी और धन योग अमृत योग जैसे सुंदर योग में शुरू हो रहा है जिसके कारण यह अत्यंत ही महत्वपूर्ण और कल्याणकारी हो गया है सनातन धर्म के अन्य महापर्व की तरह शक्ति का यह महापर्व भी अन्याय पर न्याय की असत्य पर सत्य की और अज्ञान पर ज्ञान की विजय है साथ ही साथ नारी शक्ति को कम आंकने वाले लोगों के लिए यह एक उदाहरण है कि जब कभी नारी अपने सृजनात्मक  या विध्वंसक शक्ति में प्रकट होती है तो उसकी शक्ति के आगे कोई भी नहीं ठहर सकता चाहे वह कितना ही बलशाली हिंसक और राक्षसी पुरुष क्यों न हो

*भगवान श्री राम और शक्ति* 

शक्ति का यह महापर्व नए भारतीय वर्ष के प्रथम दिन से प्रारंभ होता है और श्री रामनवमी के दिन समाप्त हो जाता हैं यह ध्यान देने वाली बात है कि दोनों रामनवमी में भगवान श्री राम अभिन्न रूप से जुड़े हुए हैं बसंत में पढ़ने वाली नवरात्रि उनके जन्म से तो शरद ऋतु में पड़ने वाली नवरात्रि उनके विजय पर्व के साथ अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है और सारा जगत जानता है कि भगवती दुर्गा जी की पूजा करके और भगवान शिव का आशीर्वाद लेकर ही भगवान श्री राम ने तीनों लोकों के विजेता दुर्दांत रावण का वध किया था

नवरात्रि के महापर्व में छिपे हुए वैज्ञानिक और अन्य तथ्य

[3/26, 9:31 PM] Dr  Dileep Kumar singh: चैत्र महीने में पड़ने वाला नवरात्रि इतना महत्वपूर्ण है की देवी दुर्गा माता स्वयं धरती पर 9 दिनों तक आकर अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं और उन्हें सुरक्षा चक्र प्रदान करती है सबसे बड़ा धार्मिक आध्यात्मिक दार्शनिक महत्व इसके वैज्ञानिक पक्ष में छिपा हुआ है चैत्र माह के नौ दिनों तक लोग सात्विक आहार विहार करके तेल मसाले अन्न से दूर रहते हैं तो उनका सारा शरीर पूरी तरह इस प्रकार तरो ताजा होता है जैसे कोई मशीन लगातार चलते-चलते उसकी संपूर्ण मरम्मत करके उसे नया बना दिया जाए ऋतु परिवर्तन गर्मी और जाड़े के संधि काल में पड़ने वाली यह नवरात्रि 9 दिनों तक उचित आहार बिहार पूजा पाठ यज्ञ हवन अनुष्ठान करने से दैहिक दैविक भौतिक तीनों रूपों में चमत्कारिक परिणाम देती है इसमें कोई भी संदेह नहीं है धर्म से जोड़कर जिस प्रकार का संतुलन भोजन और प्रकृति तथा पर्यावरण से हमारे ब्रह्म ऋषि और विद्वानों ने किया वह बड़े से बड़े वैज्ञानिक नियम से भी बड़ा है जहां वैज्ञानिक उन्नति के कारण आज सभी रोगों को जन्म देने वाले फास्ट फूड जंक फूड नकली घी तेल मसाले और कोल्ड ड्रिंक के कारण रोग बीमारियां असाध्य हो गई हैं वही हमारे विज्ञान के रहस्य को समेटे महापर्व मंगल पर्व विवाह समारोह सही ढंग से करने पर पूरे शरीर को रोग मुक्त करके उसे नई ऊर्जा और इस स्फूर्ति से भर देते हैं

कलश (घट) स्थापना और उसकासमय 

धर्म अनुष्ठान पूजा पाठ और कलश स्थापना करने वालों के लिए विशेष रूप से जानना चाहिए कि कलश स्थापना और पूजा पाठ के मुहूर्त के लिए इस बार 19 मार्च को लंबा समय मिल रहा है जो 6:52 से सुबह 7:53 तक रहेगा और अगर अभिजीत मुहूर्त में करना चाहते हैं तो यह 12:05 से 12:53 तक रहेगा ।नवरात्रि का आरंभ नए वर्ष की तरह 19 मार्च को सुबह 6:52 पर हो रहा है । और 27 मार्च को पहला दिन देवी शैल पुत्री का रहेगा इसी तरह से नौ देवियों का 9 दिन पूजा पाठ व्रत अनुष्ठान चलेगा और साथ को नवरात्रि और श्री रामनवमी का समापन हो जाएगा ।

चैत्र नवरात्रि की कथाएं 

चैत्र मास के नवरात्रि मनाने के धार्मिक वैज्ञानिक दार्शनिक आध्यात्मिक कारण के साथ-साथ दो मुख्य कथाएं हैं पहली कथा परम शक्तिशाली सभी देवी देवताओं के लिए अजेय महिषासुर नामक राक्षस को मारने के लिए सभी देवी देवताओं का तेज एक साथ एकत्र हुआ और उनके सभी अस्त्र-शस्त्र एक करके देवी दुर्गा ने 9 दिनों तक घनघोर युद्ध करके महिषासुर राक्षस का वध कर दिया ।दूसरी कथा भगवान श्री राम ने रावण के वध के लिए शक्ति की उपासना किया था और देवी दुर्गा से विजय का वर प्राप्त किया था इसके उपलक्ष्य में भी यह शक्ति का महापर्व मनाया जाता है। इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने संपूर्ण सृष्टि और अनंत ब्रह्मांड का निर्माण किया था।

घट (कलश) स्थापना के नियम 

 कलश या घट स्थापना के लिए बालू बिछाकर उसके ऊपर घट अर्थात कलश रखते हैं उसमें पानी भरकर गंगाजल मिलाकर एक सिक्का चांदी या सफेद रंग का डाल देते हैं फिर कलश के मुंह पर आम के पत्ते के ऊपर नारियल रखा जाता है और कलश को रक्षा से या चुनरी से बांध देते हैं और इसे पूजा स्थान पर देवी दुर्गा के पास रखा जाता है ‌ और ‌ घड़े पर स्वास्तिक का चिह्न भी बनाया जाता हैऔर लोग अपनी शक्ति और सामर्थ्य के अनुसार पूजा पाठ करते हैं कुछ लोग पहले और आठवें दिन तो कुछ लोग पूरे 9 दिन सात्विक रहकर बिना अन्न ग्रहण किये अपने व्रत को पूरा करते हैं ।ध्यान रखने वाली बात यह है कि शुद्ध और सात्विक मन से किया गया एक दिन का पूजा पाठ भी 9 दिन के उपवास से अधिक होता है और उसी का फल प्राप्त होता है। और 9 दिन व्रत रखकर भी जो बुरे कर्म और पापों में लिप्त रहता है उसे फल तो मिलता नहीं ऊपर से उसको दंड भी भोगना पड़ता है प्रत्येक दिन पूजा पाठ के बाद हर देवी का अलग-अलग भोग होता है।

इस बार नौ दिनों का होगा चैत्र का नवरात्रि

इस वर्ष 8 दिन का चैत्र माह का नवरात्रि है और विशेष बातें है कि देवी दुर्गा जी का आगमन डोली (पालकी) पर हो रहा है और प्रस्थान भी हाथी पर हो रहा है जो सनातन धर्म के लिए और भारत देश के लिए बहुत अच्छा है यह स्थिरता शुभ शांति और मांगलिक कार्यों का भी प्रदर्शन है ।इसके साथ ही इस वर्ष नवरात्रि व्रत का पारण भी 27 मार्च 2026को शुक्रवार  के दिन किया जाएगा तिथि के क्षय के कारण इस वर्ष 9 दिन का नवरात्रि मनाया जाएगा विधि विधान और सच्चे मन से 9 दिन माता रानी की पूजा पाठ करने पर व्यक्ति को आत्म साक्षात्कार हो जाता है और कितनों को देवी मां का साक्षात दर्शन भी प्राप्त होता है। पालकी पर आने के कारण पहले चरण बहुत ही हलचल उथल-पुथल और विषम परिस्थिति वाला होगा जबकि हाथी पर जाने के कारण अंतिम चरण बहुत ही अच्छा और भारत के लिए सुख समृद्धि वाला होगा।

‌‌ नवरात्रि के ज्योतिष संबंधित योग 

इस वर्ष बसंत की नवरात्रि में शुक्र उच्च स्थान पर बैठा है जिससे महिलाओं का उत्थान होगा और सद्बुद्धि आएगी बुद्ध ‌ वर्गोत्तम है‌ शनि की महादशा में यह वर्ष प्रारंभ हो रहा है मंगल उच्च भाव में है कालसर्प दोष नए वर्ष में अनुपस्थित है जबकि मंगल के साथ में वर्ष शुरू हो रहा है बृहस्पति राजा है इस प्रकार रौद्र नमक वर्ष अर्थात संवत्सर के कारण साल भर रौद्र रस की प्रधानता रहेगी युद्ध और शीत युद्ध आतंकवाद कई छोटी बड़ी लड़ाई बेहद तेज महंगाई और अपराध के बीच भी भारत प्रगति करेगा और हर क्षेत्र में उपलब्धियां प्राप्त करेगा केंद्र में सत्ता परिवर्तन का योग बनेगा जो एक वर्ष में फली भूत हो जाएगा‌ इस वर्ष नया वर्ष प्रारंभ होने में कई राजयोग हैं जिसमें नल दंड गजकेसरी अनफा मालव्य पंच महापुरुष पाराशरी बोसी और धन राज योग प्रमुख हैं 


पूजा पाठ का विधान 

सामान्य लोगों और गृहस्थ लोगों के लिए जिसमें 99 परीक्षित लोग आते हैं शुद्ध मन से नित्य कर्म करके स्नान ध्यान करते हुए साफ सुथरे कपड़े पहनकर पूजा करना चाहिए देवी पार्वती का ध्यान करते हुए नौ देवियों का अर्थात शैलपुत्री ब्रह्मचारिणी चंद्रघंटा ‌ कुष्मांडा स्कंदमाता ‌ कात्यायनी कालरात्रि महागौरी और सिद्धिदात्री देवी का ध्यान करना चाहिए साफ सुथरी जगह पर लकड़ी का या कोई आसान बेचकर उसे पर लाल कपड़ा रखकर ‌‌ कोई भी देवी का मंत्र पढ़ना चाहिए सबसे पहले संकल्प लेना चाहिए जिसमें हाथ में अक्षत अर्थात बिना टूटा हुआ चावल और जल लेकर अपना नाम पिता का नाम गोत्र दिनांक सहित देवी जी की पूजा करनी चाहिए और आसन पाद्य ‌ अर्थात पैर धोने के लिए जल  अर्घ्य ‌ अर्थात हाथ से जल का दिया जाना आचमन अर्थात मंत्र पढ़कर जल को मुंह से लगाना स्नान अर्थात मूर्ति को गंगाजल मील जल से स्नान करना वस्त्र देवी जी की प्रतिमा या छायाचित्र को अंतर्गत आता है इसके बाद गढ़ में दीप धूप पुष्प और चंदन को जलाना और अर्पण करना होता है फिर नैवेद्य अर्थात भोजन अर्थात प्रसाद को तांबूल के साथ अर्पित करके दक्षिण देकर आरती करते हुए प्रदक्षिणा करना चाहिए

Wednesday, 11 March 2026

‌‌नया भारतीय वर्ष 2083 - डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक ‌ प्रस्तावना

‌‌नया भारतीय वर्ष 2083 - डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक 
‌ प्रस्तावना 

‌‌ नया भारतीय वर्ष विक्रम संवत 2083 ,19 मार्च को सुबह 6:52 से प्रारंभ हो रहा है ग्रह नक्षत्र और कुंडली के अनुसार इस दिन लग्न में सूर्य चंद्रमा शुक्र और शनि मीन राशि में विद्यमान है ‌ बृहस्पति मिथुन राशि में सुख भाव में विद्यमान है और बृहस्पति ही इस वर्ष का राजा है केतु छठे भाव में सिंह राशि में राहु और बुद्ध द्वादश भाव में कुंभ राशि में विद्यमान है।
नया भारतीय वर्ष विक्रम संवत 2083 ,19 मार्च बृहस्पतिवार के दिन से शुभ ग्रह नक्षत्र के संयोग से प्रारंभ होगा इसी दिन से परम पवित्र चैत्र की नवरात्रि भी शुरू होगी जिसे बासंतिक नवरात्रि भी कहते हैं जब भारतीय नया वर्ष शुरू होता है तो संपूर्ण भारत में बड़ा ही पवित्र शुभ और मंगलमय वातावरण होता है वृक्ष नई-नई पत्तियां और कोपलों फल फूलों से लदे रहते हैं फसले पक कर तैयार रहती हैं और चारों ओर कोयल की कूक सुनाई देती है शीतल मंद सुगंधित पवन बहता रहता है और जीवन में उत्साह उमंग अपने चरम शिखर पर होता है और इसके साथ ही साथ चारों ओर प्रसन्नता का वातावरण होता है 

नए वर्ष में पंचांग की स्थिति 

19 मार्च सन 2082 विक्रम संवत चैत्र माह का उजाले पक्ष का पहला दिन बृहस्पतिवार का दिन है इस दिन लग्न भाव में ‌ सूर्य चंद्र शुक्र शनि मीन राशि में है और  ‌ बुद्ध वर्गोत्तम है बृहस्पति चतुर्थ भाव में होकर सुख के घर में और मिथुन राशि में है इसलिए यह वर्ष कन्याओं स्त्रियों के लिए सुखद रहेगा जबकि  शुक्र शनि चंद्र सूर्य चंद्रमा कर्म के भाव में मीन राशि में है यह बहुत लंबे समय के बाद आता है इसलिए इस वर्ष कर्म प्रधान रहेगा ‌ धर्म के भी धूम मचेगी  जबकि बृहस्पति 12 वे अपने घर में मीन राशि में है इसलिए इस वर्ष पूजा पाठ धर्म अनुष्ठान हवन के कामों में बहुत अधिक खर्च होगा । राहुल बुद्ध और मंगल वार में भाव में कुंभ राशि में है जबकि केतु छठे भाव में होकर सिंह राशि में है।शेष घर खाली हैं राहु केतु शुक्र बुध वक्री हैं जो दिखाते हैं कि शत्रु पूरे वर्ष षड्यंत्र करता रहेगा ‌। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खड़ी देश यूरोप और दक्षिणी अमेरिका में भीषण युद्ध और हिंसा होगी  इस वर्ष नल मालव्य पाराशरी ‌ गजकेसरी अनफा ‌ पंच महापुरुष वोशी और धन राज योग होने के कारण धन-धान्य की कमी नहीं होगी। ऐसा मंगल के उच्च भाव में होने से और कालसर्प दोष अनुपस्थित रहने से हो रहा है शनि चंद्रमा मंगल अस्त हैं जबकि शुक्र उच्च भाव में है।

नया भारतीय वर्ष बनाए जाने का कारण और महत्व 

भारत का नया वर्ष बसंत ऋतु में शुरू होता है जिसके अनेक कारण है सबसे पहले और सबसे बड़ा कारण है कि आज के दिन ही हमारे पृथ्वी ग्रह पर लगभग दो अरब वर्ष पूर्ण ब्रह्मा जी द्वारा नई सृष्टि का निर्माण किया गया था ।आज के दिन ही महान सम्राट विक्रमादित्य द्वारा नए विक्रम संवत का प्रारंभ किया गया जिन्होंने भारत की यश पताका का संपूर्ण संसार में फैलाई और जो पूरे संसार के सबसे महान सम्राट और कलयुग के सबसे न्यायप्रिय सम्राट थे । उन्होंने खाड़ी देश और अब तक सनातन धर्म की अस्पत का विस्तार किया था।इस समय बसंत ऋतु भी रहती हैं । फल फूल फसलों का मौसम भी रहता है और नवरात्रि भी ‌ इस दिन से ही ‌ प्रारंभ होता है ।इस महापर्व को गुड़ी पड़वा महाराष्ट्र और आस पास जबकि उगादि आंध्र प्रदेश और कर्नाटक तथा आस पास बैसाखी पंजाब और आस पास बिहू असम और पूर्वोत्तर भारत में कहा जाता है ।

विश्व के मनाए जाने वाले अन्य नव वर्ष 

वैसे तो विश्व में अनेक नए वर्ष होते हैं जैसे क्रिश्चियन और इस्लामी नया वर्ष चीन का नया वर्ष यहूदी लोगों का नया वर्ष लेकिन जो बात भारत के नए वर्ष में है वह कहीं नहीं है क्योंकि इस समय प्रकृति वातावरण जड़ चेतन पेड़ पौधे मनुष्य हर जगह नवीनता रहती है और हर्ष और उल्लास का वातावरण रहता है यह सबसे वैज्ञानिक वर्ष है जो विज्ञान धर्म संस्कृति वातावरण और पर्यावरण पर आधारित होता है ‌ नया भारतीय वर्ष सब कुछ नया-नया कर देता है इस समय सर्दी और गर्मी भी ना अधिक होती है और न कम होती है।‌‌ समस्त पेड़ पौधे जीव जंतु और सौरमंडल में नए जीवन का संचार होता है।‌ इस नए वर्ष में 13 महीने होंगे और 17 में से लेकर 15 जून तक पुरुषोत्तम मास होगा जिसके स्वामी विष्णु होंगे

भारत का नया वर्ष कैसे मनाया जाता है 

इस दिन घरों को और वातावरण को साफ सुथरा किया जाता है सबको बधाई और शुभकामनाएं तथा आशीर्वाद दिया जाता है। हर घर पर केसरिया या भगवा रंग का ध्वज फहराया जाता है घरों को पत्तियों और फूलों से सजाया जाता है विशेष कर आम के पत्तियों से और रंगोली भी बनाई जाती है अनेक प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है सभी संस्थान भी सजाया जाता है और इस दिन विभिन्न प्रकार के कवि सम्मेलन भजन संध्या महा आरती का आयोजन भी होता है इस दिन फल मिठाई और रक्त का दान भी किया जाता है आज के दिन ही पृथ्वी सूर्य का एक चक्कर पूरा कर लेती है इस समय दिन रात ठंडी गर्मी प्रकाश अंधकार सब बराबर होता है जिसके बाद प्रकाश और दिन बड़े होने लगता है ।

नए वर्ष के अधिकारी ग्रह नक्षत्र 

 इस बार के पदाधिकारी राजा बृहस्पति और मंत्री मंगल हैं इस प्रकार दुनिया में ज्ञान प्रकाश और सत्य का प्रभाव अधिक रहेगा स्वामी और सौरमंडल के प्रधान देवता हैं जिसे सारी सृष्टि और सौरमंडल चलता है ‌ मंगल एक क्रूर ग्रह है जिससे युद्ध अराजकता आतंकवाद नरसंहार हिंसा का वातावरण रहेगा ।चैत्र की नवरात्र से प्रारंभ होने वाले इस भारतीय नव वर्ष का नाम रौद्र संवत है। मंगल का गोचर भी बड़े-बड़े परिणाम लाएगा इसके कारण काल महामारी युद्ध विस्फोट भूकंप महामारी नए-नए रोग बीमारियां और अप्रैल में में बहुत बड़ी प्राकृतिक आपदा आने की संभावना बन रही है वर्ष 2082 में ग्रहों का सकारात्मक स्थान रहेगा इस वर्ष सकारात्मक प्रभाव और सही लोगों का प्रभुत्व रहेगा गलत और बुरे लोग मारे जाएंगे या फिर कारागार में जाएंगे ‌ ग्रह गोचर प्रभाव से महिलाएं इस वर्ष बहुत ही उग्र और उन्मादी हो जाएंगी‌ उनके अंदर आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ेगी।

नए भारतीय वर्ष में सूर्य चंद्रमा शुक्र शनि एक साथ मीन राशि में होंगे इसलिए ‌ राजयोगों के साथ मालव्य योग बन रहा है जो शुभ और लाभकारी होता है अमृत सिद्धि  और सर्वार्थ सिद्ध योग भी हैं 60 संवत्सर में से इस बार 54वां संवत्सर है और जिस दिन नए वर्ष की शुरुआत होती है उसे दिन के स्वामी को नए वर्ष का राजा माना जाता है इस वर्ष बृहस्पति को शुरू होने से ‌ देवगुरु बृहस्पति को राजा माना जा रहा है इस वर्ष बुद्ध के कारण औषधि और वनों के क्षेत्र का विस्तार होगा बृहस्पति के प्रभाव से संतुलन रहेगा रोग बीमारियां बढ़ेंगे मंगल शेयर मार्केट ध्वस्त करके फिर से खड़ा करेगा शनि युद्ध और उन्माद तथा विनाशकारी हथियारों का प्रयोग करेगा।

विभिन्न प्रकार की राशियों के लिए मकर राशि वालों को सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है इसके अलावा कर्क राशि मिथुन राशि के लिए भी यह बहुत अच्छा रहेगा साथ ही साथ 29 मार्च को अमावस्या के दिन नए भारतीय वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा मेष राशि भी अच्छा जाएगा कुंभ राशि भी अच्छी रहेगी मीन राशि के लिए ना बहुत अच्छा और ना बहुत खराब रहेगा कन्या राशि के लिए भी वर्ष अच्छा रहेगा शेष ग्रहों के लिए मिला-जुला फल इस वर्ष रहेगा कुल मिलाकर जैसे हिंदी दुनिया की अघोषित विश्व भाषा और भारत की अघोषित राष्ट्रभाषा है उसी तरह नया भारतीय वर्ष अघोषित रूप से पूरी दुनिया का नव वर्ष है।

Tuesday, 10 March 2026

ग्लोबल इंटरनेशनल स्कूल ऑल इंडिया सेवन ए साइड महिला हॉकी प्रतियोगिता में करेगी प्रतिभाग*

*ग्लोबल इंटरनेशनल स्कूल ऑल इंडिया सेवन ए साइड महिला हॉकी प्रतियोगिता में करेगी प्रतिभाग*
 
तेरह से पंद्रह मार्च तक आयोजित होने वाली ध्यानचंद सेवन ए साइड महिला आल इंडिया हॉकी प्रतियोगिता मिल्क रामपुर में आयोजित हो रही है जिसमें देश की नामवर टीमें भाग ले रही हैं। जिसमें रामपुर की महिला हॉकी टीम पहली बार भाग ले रही है स्कूल नेशनल हॉकी में ब्रॉन्ज मेडल विजेता मशीयत फातिमा द्वारा  *ग्लोबल इंटरनेशनल स्कूल हॉकी टीम की जर्सी लांज की गई*।
रामपुर हॉकी जानकारों का मानना है कि महिला हॉकी के इतिहास में ग्लोबल इंटरनेशनल स्कूल द्वारा राष्ट्रीय खेल हॉकी के लिए यह सराहनीय कार्य स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाने वाला अध्याय बनेगा।
इस अवसर पर ग्लोबल इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल अतीबा क़मर और स्पोर्ट्स हेड रूखसार ज़फ़र के अतिरिक्त श्रीमती मारिया फरहत जिला उपाध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा, रविश रिज़वान कशिश चौहान रोशनी आंचल शीतल गुंजन माही नविता किरन सिमरन एवम हॉकी प्रशिक्षक फरहत अली खान मौजूद रहे।