मौसम की भविष्यवाणी - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर
20 अगस्त से 31 अगस्त तक अंतराल के साथ भारी वर्षा की भविष्यवाणी जौनपुर सहित पूरे देश के लिए हुई सच आगे भी 10 सितंबर तक वर्षा का क्रम जारी रहेगा
आज जौनपुर और आसपास के जनपदों का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहेगा
जबकि कल का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और 26 डिग्री सेल्सियस रहेगा इसी बीच सापेक्षिक आर्द्रता की मात्रा न्यूनतम 85 प्रतिशत और अधिकतम 100% रहेगी हवा की दिशा मुख्य रूप से पूर्वी उत्तर पूर्वी और वेग 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगा
वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद अच्छा 20 से लेकर 60 के बीच रहेगा और अल्ट्रावायलेट किरणों की तीव्रता 1 से 4 के बीच रहेगी। धूप छांव के बीच बूंदाबांदी और हल्की मध्यम कहीं-कहीं तेज और कहीं-कहीं बहुत तेज वर्षा जौनपुर और आसपास के सभी जनपदों में होने की संभावना है
कल भी अधिकांश स्थानों में बूंदाबांदी और बाकी स्थानों में हल्की मध्यम और कहीं-कहीं तेज वर्षा जारी रहेगी और यह वर्षा से धीरे-धीरे कमजोर होगी और 31 अगस्त तक चलेगी
उसके बाद भी छिटपुट वर्षा का दौर सितंबर के प्रथम स्थान सप्ताह में जारी रह सकता है। इसका कारण यह है कि मानसून एक चक्र के रूप में दिल्ली पंजाब शिमला बरेली नेपाल बिहार बंगाल उड़ीसा मध्य प्रदेश महाराष्ट्र के उत्तरी गुजरात के पश्चिमी भाग और राजस्थान के पूर्वी भागों में घूम कर वर्षा करता रहेगा ।
इसलिए 10 सितंबर तक इन सभी भागों में और देश के अधिकांश भागों में वर्षा होगी इसके बाद लानिनो का प्रभाव तेज होगा और 15 सितंबर से वर्षा समाप्त हो जाएगी हल्की-फुल्की वर्षा सितंबर के आखिरी अक्टूबर के प्रथम भाग में हो सकती है
अभी तक जौनपुर और आसपास के क्षेत्र में 800 मिलीलीटर वर्ष के मुकाबले 630 मिलीमीटर वर्षा हुई है जबकि यहां पर वार्षिक वर्षा का औसत 900 मिमी से 1000 मिली मीटर के बीच होता है पिछले वर्ष यहां पर 1000 मिलीलीटर वर्षा हुई थी
ऐसी संभावना है कि सितंबर के अंत तक यहां पर 700 मिमी वर्षा हो सकती है और दिसंबर तक वर्षा की यह मात्रा 800 मिलीलीटर तक जा सकती है फिर भी सामान्य वर्षा में 15 से 20% की कमी होना निश्चित है पूरे देश का यही हाल रहेगा केवल एक चौथाई भारत में सामान्य से अधिक वर्षा होगी ।
मानसून के प्रचंड ऊर्जा और वेग पर अल नीनो का प्रभाव 1 अगस्त से 10 सितंबर तक प्रभावहीन होने से ही वर्षा हो रही है इसमें 25 अगस्त से 5 सितंबर तक भारी वार्षिक भी सम्मिलित है
इसके बाद अलनिनो का प्रभाव फिर से बढ़ेगा जिससे सितंबर में वर्षा की स्थितियां बेहद खराब हो सकती हैं और सूखे जैसी स्थिति आ सकती है। 15 सितंबर के बाद अलनीनो फिर से प्रभावी हो जाएगा यह मत हमारे केंद्र द्वारा महीनों पहले बार-बार कही और लिखीगई थी। ।
इस प्रकार दो सूखे जैसी स्थितियां जून और जुलाई में बीत चुकी हैं तीसरे की जो भविष्यवाणी हमारे केंद्र ने किया था वह सितंबर में आना लगभग निश्चित है लेकिन इसके बाद एक और चक्र संघनन वाष्पन और विक्षोभ से प्रभावित होगा जिससे सितंबर के अंत में वर्षा होने से खेती बागवानी और सभी लोगों को लाभ हो सकता है।
इसके अलावा 24 अगस्त से 31 अगस्त तक भारी मूसलाधार वर्षा की हमारे केंद्र की भविष्यवाणी एक बार फिर 49 वर्षों की भांति पूरी तरह सत्य हुई अभी गर्मी वर्षा उमस और पसीने से पीछा 15 अक्टूबर के बाद ही पूरी तरह समाप्त होगा इसके साथ ही 27 अगस्त से वर्षा कमजोर पडने की हमारे केंद्र की भविष्यवाणी भी सही हुई और सितंबर के अंत तक मानसून के वापसी की बात भी बिल्कुल सही होगी।
और इस वर्ष 3 बार सूखा पडने की भविष्यवाणी भी सही होगी जिसमें दो बार पड़ चुका है जून और जुलाई में अगला सितंबर में आने वाला है और वर्षा भी पिछले वर्ष से 15 से 20% कम होने के बाद बिल्कुल सही होगी सबसे अच्छी बात ही है कि मानसूनी वर्षा का केंद्र मध्य भारत में एक सप्ताह तक चलता रहेगा जिससे कि उत्तर प्रदेश बिहार छत्तीसगढ़ उड़ीसा मध्य प्रदेश राजस्थान के पूर्वी भाग दिल्ली हिमालय के उत्तरी भागों नेपाल और राजस्थान के पूर्वी महाराष्ट्र के उत्तरी और गुजरात के पूर्वी भागों में मध्य और तेज वर्षा होगी ।
इन्हीं बातों को तमाम प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया नकल करके हमेशा की तरह थोड़ा इधर-उधर बढ़कर छाप देंगे इन सब बातों को आप लोग बाद में पढ़ लीजिएगा कि कैसे चालाकी से दूसरों की चीज को अपना बना लेते हैं और मौसम विभाग जो कमजोर जाडे की बात कह रहा है वह भी उसी तरह पूरी तरह से गलत होगी जैसे कि उसके सामान्य से अधिक वर्षा की भविष्यवाणी पूरी तरह गलत हुई है ।
मानसून 26-31 अगस्त तकउत्तर प्रदेश के पश्चिमी भागों दिल्ली राजस्थान के पूर्वी भागों गुजरात के कुछ भागों महाराष्ट्र के उत्तरी और मध्य प्रदेश तथा उड़ीसा बिहार झारखंड के पश्चिमी भागों में केंद्रित हो जाएगा जहां पर अनेक स्थानों पर मध्यम भारी कहीं-कहीं मूसलाधार वर्षा होगी कितना है वर्षा हो लेकिन संपूर्ण देश में वर्षा का घाटा पूरा नहीं होगा और मैंने पहले भी लिख दिया है कि सितंबर से अल नीनो का प्रभाव तेज होने से वर्षा बहुत ही कमजोर होगी और अगस्त की तरह मानसून का प्रभाव अलनिनो से ऊपर नहीं जा पाएगा इस्कल खंड में चिंता एवं नेपाल अफगानिस्तान अमेरिका और दक्षिण पूर्वी एशिया में भूकंप ज्वालामुखी विस्फोट सुनामी लहरों और ग्लेशियर विस्फोट तथा जिलों के बह जाने से पहले कल जैसा दृश्य उपस्थित होगा