Wednesday, 25 February 2026

‌ एक 26 फरवरी से 10 मार्च तक मौसम की भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर

‌ एक 26 फरवरी से 10 मार्च तक मौसम की भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 

‌ आज अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहेगा जबकि कल 30 डिग्री सेल्सियस तापमान पर हो जाएगा और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहेगा।कल से बहुत तेजी से बढ़ेगी गर्मी और मार्च के प्रथम सप्ताह में भीषण गर्मी पड़ेगी‌ जौनपुर पूर्वांचल आसपास उत्तर प्रदेश पश्चिम उत्तर मध्य और दक्षिण भारत के अनेक भागों में तापमान अचानक ही उछलकर 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के भीषण स्तर पर पहुंच जाएगा 

जबकि इस कालखंड में न्यूनतम तापमान 15 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा अर्थात सुबह और रात सुहानी होगी बढ़ती हुई प्रचंड अचानक गर्मी का असर हर जीव जंतु मनुष्य और पेड़ पौधों पर पड़ेगा इससे देर से बोई गई फसलों के उत्पादन पर भी असर पड़ेगा ‌ महाराष्ट्र राजस्थान पंजाब हरियाणा मध्य प्रदेश और उड़ीसा तथा दक्षिण के पथरी भागों पर अचानक इस भरी हुई गर्मी के कारण 10 मार्च से 20 मार्च के बीच संपूर्ण भारत में अनेक मौसम के परिवर्तन आंधी तूफान झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला बिजली की चमक और गरज ‌ के साथ तेज हवाओं या आंधी तूफान का जन्म होगा और गई हुई विक्षोभ बनेंगे। जिसके कारण प्राकृतिक आपदाओं का भी सामना करना होगा भारत के अलावा भूमध्य रेखा से कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच के स्थान में एवं दक्षिण पूर्वी एशिया में भूकंप ज्वालामुखी सुनामी लहरें ‌ और कहीं कहीं भीषण वर्षा भूस्खलन देखने को मिलेगा हिंद महासागर और प्रशांत महासागर तथा अटलांटिक महासागर के कई क्षेत्रों में भीषण समुद्री चक्रवातों के जन्म होने की संभावना प्रतीत हो रही है। 

अचानक एकदम तेजी से बढ़ाने वाली गर्मी का कारण सूर्य के अंदर प्रचंड विस्फोट सौर कलंक और सौर ज्वालाओं का बना है इसमें पृथ्वी पर उत्पन्न भीषण विविध प्रकार के प्रदूषण और जहरीली हवा एवं प्लास्टिक के कूड़ा कचरा का भी बहुत बड़ा हाथ है जिसके कारण उत्पन्न जहरीली हवा अनेक परिवर्तन संपूर्ण दुनिया में करेगी। इस बार की गर्मी 1 मार्च से लेकर 15 अक्टूबर तक चलेगी और 15 अप्रैल से लेकर 15 जून तक पूरे देश में गर्मी अपने चरम शिखर पर होगी उत्तर के मैदाने में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस एवं भारत के कई स्थानों में 49 डिग्री सेल्सियस के बीच अंतर को पार करेगी

होलाष्टक और शुभ तथा मांगलिक कार्य-डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि ‌ प्रस्तावना

होलाष्टक और शुभ तथा मांगलिक कार्य-डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 
‌ प्रस्तावना 
होलाष्टक एक महत्वपूर्ण कालखंड है होली के 8 दिन पहले शुरू होता है और होलिका दहन के साथ समाप्त हो जाता है जब बसंत रितु चरम पर होती है और शीतल मंद सुगंधित पवन ‌ के झोंके जीवन को नई स्फूर्ति से भर देते हैं और नए जीवन का उत्साह हो जाता है इस कालखंड में होलाष्टक होली का महापर्व और बसंत रितु तथा नया सनातन भारतीय वर्ष परम पावन नवरात्रि और श्री रामनवमी पड़ते हैं जो भारत के लिए एक नवीन चेतना का संचार करते हैं।

किस लिए होलाष्टक का कालखंड पड़ा 

होलाष्टक का कार्य ‌ कालखंड भक्त शिरोमणि प्रहलाद और हिरण्यकश्यप के साथ जुड़ा हुआ है प्रहलाद श्री हरि विष्णु के अनन्य भक्त थे और हिरण्यकश्यप स्वयं को ईश्वर मानता था इसलिए उसने स्वयं को ईश्वर घोषित कर दिया और सारी प्रजा को ईश्वर मानने को बाध्य किया।‌ लेकिन प्रह्लाद ने अपने पिता को बहुत बार समझाया कि श्री हरि विष्णु ही ईश्वर है उन्हीं की पूजा करो क्रोधित होकर पहले तो हिरण्यकश्यप ने प्रहलाद को अपनी बहन को लेकर के साथ जलाने का प्रयास किया इसके बाद पहाड़ से नीचे धकेल दिया फिर हाथी से कुचलकर मारने का प्रयास किया और अनगिनत कष्ट दिए अंत में प्रहलाद को खंभे से बांधकर कहा अपने ईश्वर को बुलाओ अन्यथा तुम्हारा वध कर दूंगा तभी भगवान नरसिंह इस खंबे से निकल पड़े और हिरण्यकश्यप का अपनी जगह पर बैठ कर अपने नाखून से चीर डाला तभी से 8 दिन का होलाष्टक का पर्व ईश्वर भक्ति और प्रहलाद की भक्ति की शक्ति के रूप में मनाया जाता है।

‌ होलाष्टक में क्या-क्या पूरी तरह से वर्जित है 


होलिका दहन से 8 दिन पहले तक सभी प्रकार के शुभ मांगलिक कार्य पूरी तरह से वर्जित किए गए हैं इस कालखंड में गृह प्रवेश करना मना है कोई भी विवाह करना पूरी तरह वर्जित है वहां मकान सहित हर खरीदारी भी पूरी तरह वर्जित है इसके अलावा नया कार्य शुरू करने की भी पूरी तरह माना ही है इस कालखंड में ग्रह नक्षत्र और मौसम के प्रभाव से ‌ धूम धड़ाका हर्षोल्लास गाजा बाजा और संगीत पूरी तरह सेमाना है‌ ऐसा न करने पर आने वाले समय में उसका भीषण परिणाम दिखाई देता है इस बार यह 24 फरवरी से लेकर 3 मार्च होलिका दहन के दिन तकहै। 


होलाष्टक में क्या-क्या करना चाहिए 

प्लास्टिक में भगवान श्री हरि विष्णु माता लक्ष्मी भगवान शिव मां पार्वती बजरंगबली की पूजा उपासना करना चाहिए अपने इष्ट देवी देवता का ध्यान पूजन भी कर सकते हैं इसके अलावा हनुमान जी का नाम लेकर हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ भी करना चाहिए अपना ध्यान भक्ति आराधना में लगाने से इस कालखंड में सत्य की मानसिक अनुभूति होती है और मां को बहुत ही गहरी शांति प्राप्त होती है जीवन को नई दिशा भी मिलती है 

उपसंहार 

यदि सांस्कृतिक और वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो यह कालखंड बहुत ही संक्रमण कालीन होता है इस समय हर्ष और उल्लास का कार्य करने से मन में विरोधी शक्तियां प्रकट हो जाती हैं और शुभ मांगलिक कार्य का अच्छा परिणाम नहीं निकलता है इस कालखंड में होने वाले विवाह वहां खरीददारी इत्यादि भी अंत में बुरा प्रभाव ही देता है यह जाड़े के अंत और गर्मी के प्रारंभ का बसंत ऋतु का मौसम है हमारे प्राचीन ऋषि मुनि और मनुष्यों ने बहुत ही गहन अध्ययन और अनुसंधान करके विभिन्न प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य तथा व्रत पर्व अनुष्ठान पूजा पाठ यज्ञ हवन का आविष्कार किया है जिसे आज पूरी दुनिया मान रही है लेकिन हम लोग भटक गए हैं यह देखकर बड़ा आश्चर्य हो रहा है कि तमाम लोग विवाह पूजा पाठ अखंड रामायण जैसे कार्य भी इस कालखंड में कर रहे हैं इसका निर्णय व स्वयं करेंगे कि इसका क्या परिणाम होता है।

Monday, 16 February 2026

दीवानी न्यायालय जौनपुर में महाशक्तिशाली बम की फैल गई भगदड़ सड़कों पर पैर रखने की जगह नहीं बची हाहाकार मचा देखो विस्फोट होता है कि आजमगढ़ की तरह केवल अफवाह ही निकलती है जौनपुर: .

ख़बर सूत्रों से::;दीवानी न्यायालय जौनपुर में महाशक्तिशाली बम की फैल गई भगदड़ सड़कों पर पैर रखने की जगह नहीं बची हाहाकार मचा देखो विस्फोट होता है कि आजमगढ़ की तरह केवल अफवाह ही निकलती है      परिसर में अफरा तफरी का माहौल 
 जौनपुर: .                सूचना की कॉपी 
        सोर्स  : डिफेंस काउंसिल डा दिलीप सिंह 
जौनपुर कचहरी और पुलिस लाइन को बम से उड़ाने की धमकी

जौनपुर: दिवानी कचहरी और पुलिस लाइन को बम से उड़ाने की धमकी भरा एक ई-मेल मंगलवार की सुबह पुलिस अधीक्षक के सरकारी ई-मेल पर आते ही हड़कंप मच गया। तत्काल पुलिस की अलग अलग टीमों ने कचहरी पहुंचकर सघन जांच अभियान शुरू कर दिया। बार एसोसिएशन के सहयोग से कचहरी को खाली कराया जा रहा है। पुलिस और बार के पदाधिकारियों ने सभी से अपील किया कि कचहरी को जितना जल्दी हो परिसर को खाली कर दें।  जिस समय धमकी भरा ई-मेल आया उस समय कचहरी में करीब 5 से 8 हजार लोगों की भीड़ थी।  अचानक बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल प्राप्त होते ही हड़कंप की स्थिति मन गई। लोग अचानक जब कचहरी से बाहर निकले तो बाहर गांधी तिराहे तक भीषण जाम लग गया। पुलिस लाइन में भी आंतरिक दस्ते की टीम ने सघन जांच अभियान शुरू किया। एसएसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि ई-मेल मिलने के बाद जांच की जा रही है। अभी तक कुछ मिला नहीं है।

 भारत का कोई सबसे चालाक व्यक्ति भी किसी अन्य देश की सीमा पार नहीं कर सकता है यहां सैना पुलिस बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स और ‌ सात स्तरीयगुप्तचर तंत्र के रहते हुए भी 100/1000/ 100000 लाख नहीं करोड़ों की संख्या में ‌ बांग्लादेशी रोहिंग्या आतंकी घुस बैठिए पाकिस्तान और तमाम मुस्लिम देशों को लोग  ‌ एक अंदामाद की तरह नहीं डरता से भाई रोक-टोक आ रहे हैं ‌ 1947 से यही कम चल रहा है सरकार कोई हो प्रधानमंत्री कोई हो लेकिन लाल बहादुर शास्त्री को छोड़कर इनका अवैध घुसपैठ कभी नहीं रुक सबसे अधिक मोदी जी के शासनकाल में आए हैं और इनकी संख्या 20 करोड़ हो गई है किसी भी सुरक्षा तंत्र या एजेंसी का अब कोई मतलब नहीं रह गया है जब जहां चाहेंगे आतंकी वही विस्फोट करके उड़ा देंगे इसके पहले भी अनगिनत हमले हुए हैं कुछ नहीं कर पाए लोग आखिर भारत में ही क्यों ‌ दूसरे देश में घुसते ही तुरंत गोली मार दिया जाता है और यहां कबाब बिरयानी खिलाकर 20 से 30 साल तक उसका परीक्षण किया जाता है।दुनिया का हर व्यक्ति घुस जाता है एक ही अर्थ हो सकता है या तो सरकार ऐसा चाहती होगी या तो सारे तंत्र बिक चुके हैं।

‌‌ और यह भी निश्चित है कि कहीं ना कहीं ऐसा कांड होगा क्योंकि शैतान सारे देश में फैल चुके हैं और 2047 तक अपना लक्ष्य पाने के लिए हर रास्ता अपनाने को तैयार हैं जब सब लोग निश्चित हो जाएंगे तब यह कांड होगा और जहां कह रहे हैं वहां नहीं होगा इस देश की हालत इतनी खराब है कि थाने में घुसकर भी पूरे थाने को बम से उड़ाया जा सकता है बाकी की बात ही छोड़ दीजिए सबसे सुरक्षित सैन्य विभाग में पुलवामा जैसा कांड हो सकता है तो पूरा देश असुरक्षित ही है आप स्वयं सुरक्षित रहें तभी सुरक्षित रह पाएंगे‌ इसमें कहीं ना कहीं योगी जी के विरुद्ध भी षड्यंत्र और साजिश गहरा है

आज वर्ष का प्रथम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है लेकिन भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए भारत में ग्रहण और उसके सूतक का कोई प्रभाव नहीं होगा इसलिए आज भारतीय पंचांगों में इस ग्रहण की कोई परिचर्चा नहीं की गई है

आज वर्ष का प्रथम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है लेकिन भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए भारत में ग्रहण और उसके सूतक का कोई प्रभाव नहीं होगा इसलिए आज भारतीय पंचांगों में इस ग्रहण की कोई परिचर्चा नहीं की गई है 

यह ग्रहण अंटार्कटिका ऑस्ट्रेलिया और दक्षिणी अमेरिका तथा आसपास के कुछ भागों में दिखाई देगा भारतीय समय के अनुसार या 3:26 मिनट दोपहर के बाद से प्रारंभ होगा और रात में 7:58 तक चलेगा और 5:37 पर इसका चरम उत्कर्ष होगा 

हमारे केंद्र ने इस ग्रहण का इसलिए वर्णन नहीं किया कि इसका भारत में ना तो कोई असर होगा और ना कहीं से दिखाई देगा 

फिर भी यदि कोई सावधानी करना चाहे तो खाने-पीने की सामानों में तुलसी के पत्ते एवं दूब घास डालकर आराम से बिना किसी दुविधा के अपना कार्य रोज की तरह करते रहें 

इस ग्रहण का प्रभाव भारत पर कुछ विशेष नहीं पड़ेगा लेकिन इतना अवश्य है कि इसका प्रभाव अमेरिका ऑस्ट्रेलिया दक्षिण पूर्वी एशिया चीन और अरब देशों पर भीषण रूप से पड़ेगा जिसके कारण हिंसा मार्केट अचानक भयानक युद्ध समुद्र में उथल-पुथल सुनामी लहरें ज्वालामुखी विस्फोट एवं कुछ मध्यम तेज भूकंप एक सप्ताह के अंदर इन क्षेत्रों में एवं आसपास आ सकते हैं कभी-कभी इसके प्रभाव से दूरस्थ भागों में भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं रोग बीमारियों का प्रभाव भी उपयुक्त क्षेत्र में अधिक होगा-डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं दीर्घकालिक ‌ विज्ञान अनुसंधान केंद्रजौनपुर

Sunday, 15 February 2026

हक से नतीजों तक: MGNREGA को VBGRAM-G से बदलने का मामला*

*हक से नतीजों तक: MGNREGA को VBGRAM-G से बदलने का मामला* 

पब्लिक पॉलिसी को नतीजों से आंका जाना चाहिए, न कि भावना, पुरानी यादों या राजनीतिक निशानियों से। MGNREGA को रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण एक्ट, 2025 के लिए विकसित भारत गारंटी से बदलने पर उम्मीद के मुताबिक विरोध शुरू हो गया है। आलोचकों का कहना है कि नया कानून अधिकारों को कमजोर करता है, राज्यों पर बोझ डालता है, ताकत को सेंट्रलाइज़ करता है और महात्मा गांधी की विरासत को मिटा देता है। हालांकि, ये आपत्तियां असल पॉलिसी डिज़ाइन के बजाय राजनीतिक सोच के बारे में ज़्यादा बताती हैं।

यह मुख्य दावा कि VB GRAM G अधिकारों पर आधारित फ्रेमवर्क को खत्म करता है, इस गलत सोच पर आधारित है कि कानूनी हक अपने आप ताकत में बदल जाता है। MGNREGA के साथ दो दशकों का अनुभव इस सोच की सीमाएं दिखाता है। लगातार वेतन में देरी, मांग पूरी न होना, खराब क्वालिटी की संपत्ति बनाना और असमान तरीके से लागू करना, उस अधिकार को लगातार खोखला कर रहा है जिसे न्यायसंगत माना जाना चाहिए था।  एक अधिकार जो समय पर, बड़े पैमाने पर और लगातार नहीं दिया जा सकता, वह असल में अधिकार के तौर पर काम करना बंद कर देता है। VB GRAM G रोज़गार में मदद देने की राज्य की ज़िम्मेदारी को वापस नहीं लेता है। यह टाइमलाइन लागू करके, फंडिंग को नतीजों से जोड़कर और जवाबदेही को इंस्टीट्यूशनल बनाकर उस ज़िम्मेदारी को फिर से बनाता है। यह कमज़ोरी नहीं है। यह सुधार है।

असल में, नया एक्ट भारत की विकास की सोच में एक ज़रूरी बदलाव को दिखाता है। MGNREGA को बहुत ज़्यादा ग्रामीण संकट के समय में राहत देने के तरीके के तौर पर डिज़ाइन किया गया था। संकट में रोज़गार को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक स्थायी हिस्सा मानने से ठहराव के सामान्य होने का खतरा है। VB GRAM G साफ़ तौर पर शॉर्ट टर्म रोज़गार को रोज़ी-रोटी बनाने, स्किलिंग और प्रोडक्टिव एसेट बनाने से जोड़ता है। काम के दिनों की गिनती से लेकर सस्टेनेबल आजीविका बनाने तक का बदलाव एक बुनियादी सच्चाई को पहचानता है। इज़्ज़त सिर्फ़ से नहीं मिलती रोज़गार से नहीं, बल्कि इनकम में स्थिरता, प्रोडक्टिविटी और ऊपर की ओर बढ़ने की संभावना से आती है। एक वेलफेयर सिस्टम जो समय के साथ नहीं बदलता, वह गरीबी खत्म करने के बजाय निर्भरता को और मज़बूत करता है।

राज्यों पर बढ़ते वित्तीय बोझ की चिंताएं भी जांच करने पर खत्म हो जाती हैं।

पहले के फ्रेमवर्क के तहत, राज्यों को केंद्रीय फंड मिलने में देरी, बिना प्लान वाली देनदारियों और पिछली लागत शेयरिंग विवादों के कारण अक्सर अनिश्चितता का सामना करना पड़ता था।

VB GRAM G स्पष्ट वित्तीय भूमिकाएं, मध्यम अवधि की प्लानिंग और नतीजों से जुड़ी फंडिंग लाता है। अनुमान लगाना ही असली वित्तीय संघवाद की नींव है। राज्यों को आग बुझाने के बजाय प्लान बनाने की क्षमता मिलती है। इससे प्रशासनिक स्वायत्तता कमज़ोर होने के बजाय मज़बूत होती है।

इसी तरह, अत्यधिक केंद्रीकरण के आरोप राष्ट्रीय मानक तय करने को माइक्रोमैनेजमेंट के साथ मिला देते हैं। इतने बड़े कार्यक्रम में, पारदर्शिता, पात्रता और निगरानी के लिए एक जैसे बेंचमार्क ज़रूरी हैं। स्थानीय संस्थाएं काम की पहचान करना, प्रोजेक्ट को लागू करना और डिलीवरी की निगरानी करना जारी रखती हैं। जो बदला है, वह है परफॉर्मेंस और जवाबदेही पर ज़ोर। बिना निगरानी के विकेंद्रीकरण से ऐतिहासिक रूप से मज़दूरों से ज़्यादा बिचौलियों को फायदा हुआ है। VB GRAM G उस संरचनात्मक कमी को ठीक करने की कोशिश करता है।

सबसे भावनात्मक आलोचना कानून से महात्मा गांधी का नाम हटाने से जुड़ी है। यह तर्क असलियत की जगह प्रतीकों को रखता है। गांधी के आर्थिक दर्शन ने उत्पादक श्रम, आत्मनिर्भरता, विकेंद्रीकृत विकास और नैतिक ज़िम्मेदारी पर ज़ोर दिया। सिस्टम की अक्षमता को बर्दाश्त करते हुए उनका नाम बनाए रखना उस विरासत का सम्मान नहीं है। एक कार्यक्रम जो टिकाऊ सामुदायिक संपत्तियों, स्थानीय उद्यम और आजीविका की स्थिरता पर केंद्रित है, वह गांधीवादी सिद्धांतों के कहीं ज़्यादा करीब है, बजाय इसके कि जो जीवनयापन के काम को अपने आप में एक लक्ष्य मानता है।

सुधार से स्वाभाविक रूप से विरोध होता है, खासकर जब यह पुरानी राजनीतिक कहानियों को बाधित करता है। लेकिन सामाजिक नीति समय के साथ स्थिर नहीं रह सकती। भारत की जनसंख्या का दबाव, वित्तीय मजबूरियां और विकास की महत्वाकांक्षाएं इसकी मांग करती हैं। ऐसे साधन जो मापने योग्य नतीजे देते हैं। VB GRAM G ग्रामीण रोज़गार नीति को इनपुट-आधारित अधिकार से आउटकम-आधारित गारंटी की ओर ले जाने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है। इस बदलाव के लिए सतर्कता, सुधार और अनुशासित कार्यान्वयन की ज़रूरत होगी। लेकिन सुधार का पूरी तरह से विरोध करना ज़्यादा बड़ी विफलता होगी।

नीति निर्माताओं के सामने असली विकल्प करुणा और दक्षता, या अधिकारों और सुधार के बीच नहीं है। यह एक ऐसी कल्याणकारी व्यवस्था के बीच है जो बदलती वास्तविकताओं के अनुकूल हो और दूसरी जो अपनी सीमाओं के सामने आने के बहुत बाद भी पुरानी व्यवस्थाओं से चिपकी रहे। VB GRAM G सोच में एक विकास का संकेत देता है। यह सार्वजनिक खर्च को स्थायी ग्रामीण समृद्धि में बदलना चाहता है। यही महत्वाकांक्षा, न कि राजनीतिक पुरानी यादें, राष्ट्रीय बहस को परिभाषित करनी चाहिए।

लेखक के बारे में: निर्वा मेहता एक राजनीतिक विश्लेषक और स्तंभकार हैं जो सार्वजनिक नीति, शासन और राष्ट्रीय सुरक्षा पर लिखती हैं। उनका काम भारत और उससे बाहर सत्ता संरचनाओं, राज्य के व्यवहार और नीतिगत विकल्पों के दीर्घकालिक परिणामों पर केंद्रित है। फरहत अली खान 
एम ए गोल्ड मेडलिस्ट

Saturday, 14 February 2026

12 फरवरी से 25 फरवरी तक मौसम की भविष्यवाणी

12 फरवरी से 25 फरवरी तक मौसम की भविष्यवाणी 

आज जौनपुर और आसपास अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहेगा सुबह बहुत ठंडी और गलन रहेगी दिन में सुहावना मौसम रहेगा 15 फरवरी तक इसी तरह मौसम बना रहेगा वायु गुणवत्ता सूचकांक 100 से 200 के बीच पराबैंगनी किरणों की तीव्रता 5 से 7 वायु की दिशा पश्चिम और गति 11 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा बहुत तेज होगी प्रदूषण और जहरीली हवा की मात्रा भयानक रहेगी सापेक्षिक आर्द्रता 50% से 80% के बीच रहेगी 

कल के मौसम के बारे में आकलन है कि अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगी वायु गुणवत्ता सूचकांक 100 से 200 के बीच ही रहेगा पराबैंगनी किरणों की तीव्रता भी और अन्य चीजें भी कल जैसी रहेंगी 

हिमालय के पर्वतों पर उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर हिमाचल प्रदेश नेपाल भूटान सिक्किम अरुणाचल प्रदेश में बर्फबारी के कारण उसका असर ठंड और गलन के रूप में उत्तर के मैदान में भी पड़ेगा मध्य और दक्षिण भारत में गर्मी तेजी से बढ़ेगी 

अभी जौनपुर और आसपास तथा उत्तरी भारत में वर्षा की संभावना 25 फरवरी तक बहुत ही काम है इसलिए किसानों को चाहिए तत्काल सिंचाई कर दें फरवरी के अंत और मार्च के प्रथम सप्ताह में एक बार मौसम में फिर से परिवर्तन और बादल तथा बूंदाबांदी की संभावना बन रही है 

कुल मिलाकर 15 मार्च तक अंतिम रूप से ठंड गलन और शीत का मौसम पूरी तरह समाप्त हो जाएगा ‌ इसके बाद गर्मी तेजी से बढ़ेगी जो मार्च के अंदर तक बहुत ही तेज और उग्र हो जाएगी फरवरी की तरह मार्च महीने में भी काफी परिवर्तन और झंझावात का योग बन रहा है उत्तरी और पश्चिमी उत्तरी मध्य और दक्षिणी भारत हर जगह गर्मी फैल जाएगी 

जहां तक विश्व के मौसम की बात है तो अमेरिका कनाडा ग्रीनलैंड यूरोप रूस चीन कोरिया जापान मंगोलिया और उत्तरी अरब प्रायद्वीप में बर्फबारी जारी रहेगी और ठंड का असर बढ़ता रहेगा 

फरवरी के अंतिम और मार्च के प्रथम 15 दिनों में विश्व में विशेष कर दक्षिण पूर्वी एशिया दक्षिणी अमेरिका अब प्रायद्वीप ईरान भारत पाकिस्तान जापान अफगानिस्तान नेपाल में कई स्थानों पर हाल के माध्यम और कुछ भयानक भूकंप आने की प्रबल संभावना है रूस का पूर्वी इलाका भी इसकी चपेट में आएगा 

अमेरिका यूरोप और उत्तरी एशिया में भयानक बवंडर प्रचंड बर्फ के तूफान और कुछ वहां चक्रवातों का जन्म होगा अटलांटिक और प्रशांत महासागर इसके केंद्र बिंदु में रहेंगे-डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर

Friday, 13 February 2026

जनपद न्यायालय जौनपुर के जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि के नेतृत्व और सचिन सिविल जज सुशील कुमार सिंह की देखरेख में एक विधिक जागरूकता साक्षरता शिविर का आयोजन

‌‌ आज जनपद न्यायालय जौनपुर के जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि के नेतृत्व और सचिन सिविल जज सुशील कुमार सिंह की देखरेख में एक विधिक जागरूकता साक्षरता शिविर का आयोजन
जिला महिला चिकित्सालय जौनपुर में आयोजित किया गया ‌ इसमें सुशील कुमार सिंह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल जनपद न्यायालय जौनपुर देवेंद्र कुमार यादव काउंसलर परिवार न्यायालय सीमा सिंह काउंसलर जिला चिकित्सालय जौनपुर देवव्रत यादव श्रम आयुक्त चिकित्सा अधीक्षक और उपमुख्यमंत्री चिकित्सा अधीक्षक श्रम प्रवर्तन अधिकारी एवं चिकित्सालय के डॉक्टर नर्स एवं अन्य कर्मचारी गण उपस्थित रहे 

इस विषय में कन्या भ्रूण हत्या एवं घटना हुआ लिंग अनुपात पर सिविल जज सचिव सुशील कुमार सिंह ने लिंग अनुपात सुधारने पर जोर दिया और बताया कि इसके उल्लंघन पर 3 से 5 वर्ष की सजा एवं 10000 से लेकर उससे अधिक का अर्थ दंड देने के साथ ही ऐसे प्रयोगशाला क्लिनिक और पैथोलॉजी का रजिस्ट्रेशन हमेशा के लिए निरस्त किया जा सकता है उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा इस विषय में हर संभव सहायता देने की बातकही ।

डॉ दिलीप कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल ने कहा कि भारत में कभी महिला और पुरुष में कोई भेदभाव नहीं रहा इसलिए यहां नारी को ‌ पुरुष से छोटा या बड़ा नहीं कह कर उसे अर्धांगिनी कहा गया और देवों के देव महादेव का एक नाम अर्धनारीश्वर भी है यहां की संस्कृत में नारियों की पूजा होती है और यह देश गार्गी मैत्री आपला घोषा  विश्वावारा सीता अनसूया सावित्री पार्वती कल्पना चावला सुनीता विलियम्स बछेंद्री पाल मेरी काम पीटी उषा साइना नेहवाल का देश है उन्होंने कहा कि इस विषय पर नारियों को आगे आकर जन जागरूकता फैलानी होगी ‌।‌ जब नारी के अश्रु गिरे तो देश उजड़ वह जाए जब नारी खिलखिला उठे मधुमय वसंत छा जाए। ‌ उन्होंने कहा कि घटाताइलिंग अनुपात और स्त्रियों की संख्या देश में अराजकता अपराध और यौन अपराधों को जन्म दे रहे हैं।
इसी क्रम में देवेंद्र कुमार यादव ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और उसके द्वारा दी जा रही सहायता के बारे में विस्तार से बताया श्रम आयुक्त देवव्रत यादव ने नई नारियों को दी जाने वाली सरकारी सुविधाओं की विस्तार से चर्चा किया उपमुख्यमंत्री चिकित्सा अधीक्षक ने कन्या भ्रूण हत्या और घटते लिंगानुपात पर विस्तार से जानकारी दिया और धन्यवाद मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारा दिया गया संचालन काउंसलर सीमा सिंह के द्वारा किया गया।