अभी कुछ महीने पहले ईरान और इजराइल में भयानक युद्ध हुआ जिसमें इजरायल की तरफ अमेरिका और उसके मित्र देश थे जबकि ईरान का समर्थन करने वाले तुर्की मुस्लिम देश एवं चीन तथा रूस थे जिसमें दोनों देशों का भीषण विनाश हुआ उसे समय भी हमारे अल्का शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र ने बिल्कुल स्पष्ट भविष्यवाणी किया था कि यह युद्ध जल्दी ही समाप्त हो जाएगा और किसी बड़े युद्ध का कारण नहीं बनेगा और वैसा ही हुआ और दोनों देश भयानक विनाश के पहले ही पीछे हट गए और एक अल्पकालिक अघोषित समझौता अमेरिका के दबाव में हो गया ।
इस समय अमेरिका निर्विवाद रूप से विश्व की सबसे बड़ी महाशक्ति है वैसे तो 1945 से लेकर आज तक अमेरिका को कोई भी चुनौती नहीं दे सका है जिसका सबसे बड़ा कारण है कि अमेरिका एक तो सबसे अधिक धन संपन्न देश है जो सबसे बड़ी अर्थशक्ति खेल शक्ति है और सैन्य शक्ति है दूसरी तरफ वह संपूर्ण दुनिया से बिल्कुल अलग अलग है और उसके शत्रु देश उसे इतनी अधिक दूर हैं कि वह लगभग पूरी तरह सुरक्षित है और आकार में भी इतना बड़ा है कि उसको इसराइल क्यूबा या कोरिया की तरह मिट जाने का खतरा नहीं है ।
इसके अतिरिक्त अमेरिका जल थल नभ में अत्यंत शक्तिशाली है थोड़ी बहुत बराबरी रूस और चीन उसकी कर सकते हैं लेकिन अधिक नहीं उत्तर कोरिया ने निश्चित रूप से प्रक्षेपास्त्र के निर्माण में और परमाणु बम बनाने में बहुत अधिक उन्नत किया है लेकिन वह इतना छोटा है कि अमेरिका के दो हाइड्रोजन बम ही उसका नाम नक्शे से मिट जाएगा इसलिए फिलहाल अमेरिका को बहुत अधिक खतरा नहीं है मध्य पूर्व के दो दर्जन देशों में अमेरिका का सैनिक अड्डा है पाकिस्तान सीधे-सीधे अमेरिका के कब्जे में है जहां सैकड़ों परमाणु बम अमेरिका ने रखे हुए हैं अमेरिका के बी-52 बमबर्षकों का कोई जवाब भी नहीं है।इसके अतिरिक्त इसराइल इसका प्रमुख शक्ति केंद्र है हिंद महासागर के डिगो गार्सिया में अमेरिका का बहुत ही शक्तिशाली नौसैनिक अड्डा है और जापान अमेरिका द्वारा पोषित देश है जहां अमेरिकी सेना जापान की रक्षा करती है इस परिप्रेक्ष्य में भारत का कहीं कोई महत्व ही नहीं है और ना दुनिया में कोई भारत की राय विश्व शांति के लिए लेता ही है।
फरवरी मार्च से लेकर जून जुलाई के बीच ज्योतिष के दर्पण में एक बहुत ही भयानक और विनाशकारी युद्ध ईरान और अरब देशों तथा इजरायल के बीच होता हुआ दिखाई पड़ रहा है जिसमें ईरान का भयानक विध्वंस होना निश्चित है प्रारंभिक सको के बाद इजरायल संभल जाएगा और अमेरिका तथा उसके मित्र देशों की मदद से ईरान पीछे हटेगा और उसकी सीधे सहायता देने वाला कोई भी देश आगे खड़ा नहीं होगा ऐसा ज्योतिष और ज्योतिर्विविज्ञान के दर्पण में बिल्कुल स्पष्ट दिखाई दे रहा है ।
आने वाले समय में फरवरी से लेकर जून जुलाई तक पूरी दुनिया के लिए बहुत ही भयानक विनाशकारी और युद्ध के उन्माद वाला है इस कालखंड में भारत को भी पड़ोसी देशों से युद्ध लड़ना पड़ सकता है बांग्लादेश में भारत विरोधी सरकार का चुना जाना निश्चित है सबसे अधिक नाजुक स्थिति इस समय पूरी दुनिया में इजरायल भारत क्यूबा और कोरिया की है और युद्ध काल में भारत का साथ देने वाला कोई नहीं मिलने वाला है।।
ज्योतिष के दर्पण में ईरान और इजरायल इजरायल और अब देश बेर और केला के समान है जिनका एक साथ रह पाना संभव है। कुछ समय की शांति भले हो लेकिन यह देश एक साथ इस तरह नहीं रह सकते जैसे भारत और पाकिस्तान तथा बांग्लादेश का एक साथ अधिक दिनों तक रह पाना संभव है या तो पाकिस्तान बांग्लादेश को मिटना होगा या फिर भारत को बर्बाद होना निश्चित है पाकिस्तान से भी भयानक और विनाशकारी खतरा बांग्लादेश भारत के लिए होगा ऐसा में कई बार कह चुका हूं और उसमें चीन और अमेरिका बहुत बड़ा खेल खेल रहे हैं और भारतीय नेतृत्व इससे अनजान है। वास्तव में अमेरिका इजरायल और उसके मित्र देशों की जासूसी संस्थाएं हर देश की इतनी जानकारी रखती हैं जितना उसे देश का नेतृत्व खुद नहीं रखता है यही वजह है कि इन देशों को दुनिया की एक-एक चीज पता रहती है।
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ज्योतिष के दर्पण में ऐसा प्रतीत होता है कि प्रारंभ में इजरायल अमेरिका के उकसावे में आकर इसराइल और उसके तथा अमेरिका के समुद्री बेड़े पर प्रक्षेपास्त्रों से सामूहिक हमला करेगा और जवाबी आक्रमण में ईरान का बहुत भारी विध्वंस होगा लड़ाई भयानक रूप ले लेगी और ईरान अकेला पड़ जाएगा यह एक ऐसा युद्ध है जिसमें 1945 के बाद पहली बार परमाणु हाइड्रोजन जैव और रासायनिक बमों का इस्तेमाल होता हुआ दिखाई पड़ रहा है हो सकता है कि अभी यह युद्ध चल जाए लेकिन 1 वर्ष के भीतर ऐसा अवश्य ही होगा इजरायल की वायु सेना और परमाणु केंद्र पूरी तरह से नष्ट हो जाएंगे और इजराइल का क्षेत्रफल बहुत अधिक विस्तृत हो जाएगा ईरान का कई टुकड़ों में विभाजन भी उसी तरह अमेरिका द्वारा होगा जैसे ब्रिटेन ने भारत के 11 टुकड़े कर डाले हैं इस युद्ध से संपूर्ण विश्व प्रभावित होगा इसके अतिरिक्त यूरोप में गृह युद्ध आतंकवाद के भीषण हमले भारत चीन भारत पाकिस्तान और कोरिया में भी युद्ध की स्थितियां बनेंगी भविष्य में ग्रीनलैंड अमेरिका के द्वारा और आस्ट्रेलिया चीन के द्वारा कब्जा किया जाना निश्चित है।
इस प्रकार अंत में इतना लगभग निश्चित हो रहा है कि अब से लेकर जुलाई के अंदर कभी भी ईरान और इजरायल का युद्ध प्रारंभ होगा जो विश्व में कई युद्ध और लड़ाइयां का कारण बनेगा जिसके कारण विश्व में महंगाई और बेरोजगारी और भी भीषण हो जाएगी और युद्ध की एक श्रृंखला प्रारंभ होगी जिसमें कई अनजाने अनदेखे अस्त्र शस्त्रों का प्रयोग किया जाएगा और धरती पर व्यापक तबाही मचेगी। इस्लामी संगठन बनाने का प्रयास सफल होगा और अरब देशों में व्यापक फूट पड़ जाएगी