दुनिया में इस्लाम धर्म के प्रचार का वास्तविक कारण -डॉ दिलीप कुमार सिंह [1/27, 7:46 AM] Dr Dileep Kumar singh: प्रेम के द्वारा धर्म युद्ध अर्थात लव जिहाद के द्वारा 90% इस्लाम पूरी दुनिया में फैला और इसका सबसे सरल रूप यह है कि जहां पर सुंदर लड़कियां होगी वहां पर धनी विधर्मी पुरुष और लौंडे और यदि सनातनी पुरुष धनी या उच्च पद पर हैं तो वहां पर सुंदर विधर्मी लौंडिया तितली की तरह तब तक मंडराती रहती हैं जब तक उनको अपने प्रेम जाल में फंसा कर उनकी सारी संपत्ति धन वैभव पर कब्जा न जमा लें उनकी पहली शर्त ही होती है बिधर्मी बनाना यह भी उनके द्वारा दी जाने वाली शिक्षाओं में से एक है जिसको अभी तक कोई समझ नहीं पाया था दुनिया में 90 प्रतिशत विधर्मी इसी हथियार से बने हैं और उन्होंने सबको मुस्लिम बनाया -हैडॉक्टर दिलीप कुमार सिंह
इसके लिए अब देश के भौगोलिक स्थिति को समझना आवश्यक है भयानक मरुस्थल घनघोर गर्मी और भयंकर ठंड के मौसम में रहने वालों के लिए रेत ऊंट और खजूर के अलावा कुछ भी उपलब्ध नहीं था विपरीत परिस्थितियों के कारण मार काट मचाना और अन्य जगहों को लूटपाट कर अपना जीवन चलाना इनका शुरू से ही लक्ष्य था प्राचीन काल में भारत जब ईरान तक फैला था तब इंद्रप्रस्थ की राजधानी होने से राजद्रोह लोगों को इस तरह काला पानी की सजा अरब के भयंकर रेगिस्तान में दी जाती थी जैसे अंग्रेज भारतीय लोगों को अंडमान निकोबार में काला पानी की सजा देते थे अधिकांश लोग तो मर ही जाते थे लेकिन धीरे-धीरे लोगों ने वहां पर मर्द्यान्न अर्थात नकल स्थान को खोज लिया और धीरे-धीरे वही बसने लगे कालांतर में इनकी संख्या बढ़ गई तो सनातन धर्म से स्वाभाविक विरोध होने के कारण संगठित होकर भारत पर आक्रमण करना प्रारंभ कर दिया। यह सतयुग त्रेता द्वापर से लेकर आज तक विद्यमान है बस उसका रंग ढंग अलग हो गया है।
[1/27, 8:43 AM] Dr Dileep Kumar singh: 1500 वर्ष में यही इन लोगों के द्वारा किया गया है और 90% से अधिक लोग इसी हथियार से मुस्लिम बने हैं यह रास्ता उनके पैगंबर द्वारा दिखाया गया है जिन्होंने खुद ऐसा ही करके इस धन दौलत और स्त्री के द्वारा मुस्लिम धर्म को उत्पन्न किया था । अपनी चतुराई और बुद्धि से उन्होंने ऐसा साम्राज्य खड़ा कर लिया कि बड़े-बड़े महापुरुष और धर्म प्रचारक देखते रह गए
पूरी दुनिया में और भारत में और जौनपुर में भी आप इन लोगों का जितने भी बड़े प्रतिष्ठान संस्थान व्यापारिक केंद्र देख रहे हैं वह सभी हमारे आपकी ही धन की परिणीति है और यही इनका धन कमाने का मुख्य जरिया है । लेकिन यह इनका गुण है और आपका अवगुण है दुनिया एक जंगल है जिसमें शिकार और शिकारी दोनों रहते हैं लेकिन हर शिकार शिकारी के हाथ नहीं आता सबसे आसान शिकार शिकारी के हाथ में आ जाता है वही हाल इनका भीहै।
आप पूरी दुनिया में एक भी ऐसा उदाहरण नहीं देख सकते जहां किसी गैर धर्म वाले ने इनके किसी धनी महिला से विवाह करके उसे अपना धर्म वाला बना लिया हो और उसकी धन दौलत पर कब्जा कर लिया हूं उल्टा यदि कभी ऐसा हो भी गया तो वही लोग मुसलमान बनकर पूरी दुनिया को मुस्लिम बनाने में पूरे जोर से जुट जाते हैं
आप लोग अचानक ही देखते हैं कि बांग्लादेश में अमर पाकिस्तान और विदेशों से तथा दिल्ली मुंबई से मुसलमान छोटी सी अनजान जगह पर पहले हाथ पैर जोड़कर लोगों की सेवा करके जय श्री राम बोलकर बस जाते हैं और अचानक ही इतनी तेजी से आगे बढ़ जाते हैं कि आप समझ नहीं पाते कि उसके मूल में आप ही के घर गांव गली मोहल्ले का धनी पुरुष या धनी महिला है और पुरुष को स्त्रियों की स्त्रियों को पुरुष की आवश्यकता होती है
यह लोग कहीं भी जाते हैं तो पहले यही देखते हैं कि कौन सा पुरुष दुराचारी लंपट है जिसे स्त्रियों की आवश्यकता है और कौन सी स्त्री ऐसी है जो अपने धर्म परिवार समाज से ज्यादा वासना पूर्ति के लिए इच्छुक रहती है या फिर ऐसी स्त्री जिसके बच्चे ना हो या जिनके पति बाहर गए हो या जिसका पति बीमार रोगी हो वह इनका सबसे आसान शिकार होता है वहां पर घुसपैठ करके या लोग अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हैं । मस्जिदों में ऐसी महिलाएं नियुक्त की जाती हैं जो दिन भर गली मोहल्ले घर-घर में घूम कर ऐसी महिलाओं की खोज करती है जिनके प्रति बाहर हैं बीमार हैं या बहुत धनवान है और व्यापार इत्यादि के सिलसिले में घर बहुत कम आते हैं वहां इनकार सिक्का चलता है और दाल गल जाती है क्योंकि केवल पैसे और भोजन से ही दुनिया नहीं चलती है यह बात जो भूल जाता है वह अपनी पत्नी से हाथ धो बैठता है।
यदि बार-बार प्रयास करने पर भी ऐसी स्त्री ऐसी स्त्री या ऐसा पुरुष उनके वश में नहीं होता तब वह अगला शिकार खोजने लगते हैं हमारे अपने जौनपुर के बांधगांव अतरही खलीलपुर जैसे अनगिनत गांव और हॉट मिलियंस के पास सराय मोहल्ला और अनेक ऐसे मोहल्ले मानी गुरैनी सोंगर भादी इसका जीता जागता उदाहरण है।
इसका कारण महिलाओं की प्रकृति भी है जो इसका सबसे आसान शिकार बनती हैं यदि उनको मीठा-मीठा बोलकर चापलूसी करके उनको पटा लो तो वह कुछ भी करने को तैयार हो जाती है और ऐसा सर्वे हुआ है कि बलात्कार की शिकार 99 % महिलाएं किसी से भेद नहीं खोलती हैं जिसका यह मुसलमान भरपूर फायदा उठाते हैं । इनका भेद तभी पता चलता है जब वह गर्भवती हो जाती है या पकड़ी जातीहैं।
ऐसा देखा गया है कि अकेले में इन वासना रूपी शैतानों द्वारा अनगिनत बलात्कार किए गए हैं जिसमें कुछ ही मामले खुल पाए हैं और ऐसा काम करते हैं जो घर के अंदर महिलाओं से संबंधित है जैसे शौचालय की सफाई चूड़ी का बेचना प्लंबरिंग का काम इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक का काम इसका परिणाम होता है कि गैर मुसलमान होते हुए भी इन महिलाओं के गर्भ से पैदा होने वाले लोग मुसलमान होते हैं और बड़े होकर सनातन धर्म का घोर विरोध और मुस्लिम धर्म का घनघोर समर्थन करते हैं
क्योंकि यह शैतान होते हैं इनको लज्जा शर्म होती नहीं है केवल अपने वासना पूर्ति और दो रोटी से मतलब रखते हैं और इसीलिए यह प्रयास अपने काम से सफल हो जाते हैं इसीलिए जिनका घर के भीतर बुलाने का निश्चित फल होता है कि आपके घर का विनाश और घर की महिलाओं लड़कियों का उनके साथ भाग जाना या खुद आपका ही उनके घर की महिलाओं लड़कियों के साथ संबंध हो जाना इसीलिए इस धर्म में महिलाओं को खेती और कामवासना का यंत्र माना जाता है जिन्हें घर के भीतर नकाब हिजाब बुर्का में सुरक्षित रखा जाता है।
यह इतनी चालाक होते हैं कि 10-20 -100 रुपए का सामान आपको बहुत ही सस्ता देते हैं ,लेकिन यदि हजार लाख करोड रुपए की बात है तो इतना बड़ा विश्वासघात करते हैं कि आप जब तक समझ पाते हैं तब तक चिड़िया खेत चुग जाती है यह सभी काम आज से ही आप ध्यान देंगे तो समझ में आ जाएगा
इनके बीच से गांधी बराक ओबामा और नेल्सन मंडेला जैसे लोग पैदा होते रहते हैं जो इतनी चालाकी से इस्लामी कारण कर देते हैं कि लोगों को समझ ही में नहीं आता और यही वजह है कि आज लंदन और न्यूयॉर्क जैसे विश्व के महानगरों का महापौर मुसलमान है जिसका कोई भी राजनेता कारण नहीं समझ सकता क्योंकि यहां पर केवल पांच प्रतिशत मुसलमान है।
इसीलिए एक मुसलमान कितना ही गरीब हो आफत का मारा हो कभी भी मुस्लिम बाहुल्य गांवों और मोहल्ले में नहीं जाता है वह ऐसी जगह जाता है जहां पर कोई मुसलमान नहीं होता पहले भीख मांगता है औरतों को बेचकर अपना साम्राज्य खड़ा करता है गैर धर्म की महिलाओं से संबंध बनाता है और फिर धीरे-धीरे वह गांव मोहल्ला देखते-देखते मुस्लिम हो जाता है यह सब शोध बिल्कुल निष्पक्ष मौलिक है और 35 वर्ष लगातार गहन निरीक्षण परीक्षण करके लिखा गया है
गैर मुसलमान में थोड़ी बहुत दया करुणा उदारता मानवीय मूल्य मदद करने की भावना कृतज्ञता होती है लेकिन इनमें एक पैसे की नहीं पैसा और स्त्री के लिए अपने सगे मां-बाप की हत्या कर देते हैं किसी से कोई भी संबंध नाजायज नहीं है ऐसे भी उदाहरण मिले हैं जहां सगी मां के साथ विवाह कर लिया गया है तो फिर यह किसके हो सकते हैं जिस किसी गैर मुस्लिम ने इन्हें भाई बनाया तो वह दिन में भैया रात को सैया हो जाती हैं उनसे किसी प्रकार की दया और मानवीय मूल्य की आशा करने वाले सबसे बड़े मुर्ख होते हैं और इनको दया करके जो छोड़ देते हैं उनका विनाश निश्चित है जैसे पृथ्वीराज चौहान वीर हमीर ईरान के पारसी और यूरोप के लोग चारों तरफ इनका हाहाकार मचा हुआ है और लोग समझ नहीं पाते कि ऐसा कैसे हो रहा है जबकि मैंने जो लिखा है वही बिल्कुल सही है।
जिस तरह आज्ञा की अंधकार की सत्य की कोई सीमा नहीं होती है वैसे उनके पतन की कोई सीमा नहीं होती है यदि एक सांप को और इनको साथ में रखना है तो बेशक सांप को आप साथ रख सकते हैं गुरु गोविंद सिंह दाहिर के सेनापति के कथन और अनगिनत उदाहरण देखकर भी आपकी आंखें मूंद जाती हैं क्योंकि इनका मूल्य शूर्पणखा और कालयवन असुर और दानव तथा राक्षस हैं याद कीजिए भगवान श्री कृष्ण ने कितनी बुद्धिमानी से ऐसे भीमकाय शैतान योद्धा का सम्राट मुछुकुंद से वध कराया था। अब के सारे लोग भारत से निकल गए मलिक छोड़ चांडाल हैं जिन्हें प्राचीन काल में वशिष्ठ की आज्ञा से देश निकाला गया था जिसका ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र ने विरोध किया था सम्राट सूरदास के नेतृत्व में 10 राजाओं से हुआ युद्ध इन्हीं राक्षसों के विरुद्ध युद्ध था यहां पर सारे कबीले आज भी इन्हीं के वंशज हैं
सबसे बड़ी बात यह है की सबसे घातक इनके हुए लोग होते हैं जो प्रेम का मानव मूल्यों का समर्थन करते हैं लेकिन अंदर से सबसे खतरनाक और कट्टर मुसलमान होते हैं सूफी संत पीर फकीर इसी श्रेणी में आते हैं गाजी मियां भी इसी श्रेणी के व्यक्ति थे उनके अनुयाई आज भी यही कर रहे हैं समाज के दिन मुसलमान को आप उधर और सनातनी धर्म के निकट पाते हैं वही सबसे अधिक घातक और विनाशकारी सिद्ध होते हैं इसका उदाहरण कश्मीर से मिलता है जहां पर एक भी मुसलमान किसी एक हिंदू परिवार को निशानी के तौर पर भी बचाने नहीं आया और भारत में पृथ्वीराज राणा प्रताप हम्मीर देव सहित अनगिनत लोगों ने इन भगोड़े लोगों को अपनी सेवा में घर में उच्च स्थान दिया जिसकी वजह से बुरी तरह हार गए और चित्तौड़ का जौहर हुआ । जब 1948 में पाकिस्तान ने भारत पर आक्रमण किया तो सभी मुस्लिम सीन जो भारत की थी उनके साथ मिलकर भयंकर लूटपाट बलात्कार हिंसा की थी।
सबसे बड़ी बात है कि जो महिलाएं मुस्लिम होकर बच्चे पैदा करती हैं वह उनका जीवन भर भयंकर धार्मिक कट्टरता सिखाती हैं और चाहते हैं कि उनकी तरह सारे लोग भी धर्मी हो जाए ताकि उनको ताना ने मारे जब सूर्पंखा की नाक कटी तो उसने प्रण किया कि ऐसा समझ पैदा करूंगी जहां नाक कटी हुई औरतों का राज्य हो और उसने कर दिखाया अपने सगे भाई का खानदान नष्ट कर दिया। आप कितना ही सोच लो पंचर चाप से राष्ट्रपति अधिकारी से चपरासी सब के सब एक ही हैं बस आपको लगता है कि यह सिया है सुनाई है अंसारी है ज्वाला है बरेलवी है देहलवी है दुनिया में 99% लोगों को यह भी नहीं मालूम कि इन मुसलमानों में 172 जातियां हैं और एक जाति वाला दूसरे के मस्जिद में नमाज भी नहीं पढ़ सकता लेकिन जिस तरह गलत लोग बारीक लोगों के विरुद्ध एक हो जाते हैं वैसे ही 172 लोग किसी भी खतरे के समय एक हो जाते हैं और तब इनको अलग समझने वाला मारा जाता है।
यह इतने चालाक होते हैं कि गरीब लोगों में अनुसूचित जाति जनजाति और दलित लोगों में घुसकर उनके हमदर्द बनते हैं और उन्हें सनातन धर्म के रक्षक राजपूत और ब्राह्मणों के खिलाफ भड़काते रहते हैं और मोका मिलते ही उनकी बहन बेटियों को लेकर भाग जाते हैं फिर कुछ दिन बाद आकर बेशर्मी से उन्हीं के घर मोहल्ले में रहते हैं और जैसे ही संख्या बढ़ती है तो सभी अनुसूचित जाति जनजाति दलित और जंगली जातियों को मिटा कर सनातन धर्म स्थापित कर देते हैं मलेशिया इंडोनेशिया इसके सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है ।
कभी आपने ध्यान दिया है कि आज के जमाने में जब हम आप दो बच्चों को पालन पोषण नहीं कर पा रहे हैं तब यह लोग 20 30 बच्चों को कैसे जिला खिला रहे हैं यदि ऐसा किया होता तो आप समझ गए होते लेकिन ऐसा करता नहीं दुर्भाग्य से हमारे विचारक प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लोग हमारे कट्टर सनातनी राजनेता और तमाम हिंदू संगठन और दलों ने कभी इस पर गहराई से विचार मंथन नहीं किया बल्कि विचार मंथन करते-करते उसमें से खुद अधिकांश लव जिहाद के शिकार हो गए वाराणसी में दुर्गा माता मंदिर के पास स्थित जनकपुरी कॉलोनी का उदाहरण देख लो पहले सारे बंगाली और ब्राह्मण थे आज सारे मुसलमान हैं। इसी क्रम में होता मिलियन के पास राज होटल मोहल्ला रिजवी खान और सराय कॉलोनी देख लो यह सब के सब सनातनी हिंदू लोगों की रखैल थी और आज 90 प्रतिशत यहां मुसलमान है
नेहरू खानदान जिन्ना खानदान इमरान खान का विदेशी महिला से विवाह भारत के फिल्मी जगत में हो रहे लव जिहाद सहित अनगिनत ऐसे उदाहरण आप देख सकते हैं जहां इन लोगों ने सब कुछ धीरे-धीरे अपने नियंत्रण और कब्जे में कर लिया। अगर कमजोर हैं संख्या में काम है तो यह लोग इतना भोले भाले ढंग से रहते हैं कि आप समझ ही नहीं सकते लेकिन मौका पाते ही ऐसी भयानक राक्षसी काम कर देंगे की आपको विश्वास ही नहीं होगा। बबुल का कांटा और विधर्मी एक जैसा होता है इसे जितना दूर रहो उतना ही अच्छा है और उसी में आपकीभलाई है
इनके बारे में कहा गया है की धरती आसमान एक हो सकती है बाबुल में बेल फर सकता है बालू से तेल निकल सकता है अपनी धरती से आसमान पर जा सकता है सूरज पश्चिम से उग सकता है और सारे असंभव काम हो सकते हैं यहां तक की कुत्ता भी शुरूक्का पानी पी सकता है लेकिन तब भी इनका विश्वास करने वाला विनाश को निश्चित रूप से प्राप्त होता है
यह जिस देश में समझ में परिवार में रहते हैं जिस थाली में खाते हैं उसी में छेद करते हैं और खून की तरह धीरे-धीरे सब कुछ का डालते हैं कोई भी एक गांव परिवार गली मोहल्ला ले लीजिए जहां एक मुस्लिम परिवार बसा है और हमें उदाहरण बताओ कि वहां से वह भाग गया है बल्कि धीरे-धीरे वहां के सारे गैर मुसलमान ही अंत में भाग गए हैं वह ऐसा काम करेंगे कि आपको मजबूरन भागना पड़ेगा जैसे जितनी चीज आपको पसंद नहीं है आपके धर्म के विरुद्ध हैं आपके स्वभाव के विरुद्ध है वही करेंगे और जब संख्या में और शक्ति में अधिक हो जाएंगे तो जबरदस्ती करेंगे जैसे हड्डी खाकर फेंक देना रास्ते में मल मूत्र करना जोर-जोर से अजान पढ़ना घर की लड़कियों महिलाओं से छेड़खानी करना मौका मिलते ही उनसे बलात्कार कर देना लात खाकर भी फिर वही काम करना चोरी डकैती करना और मौका मिलने पर लूटमार करके लड़कियों को लेकर भाग जाना यही सब इनका पूरी दुनिया में आज तक का काम है । सबसे बड़ी बात है कि गलत और राक्षसी काम करके इनको लज्जा भी नहीं आती है ऐसे लोगों का आप क्या कर सकतेहो। प्राचीन काल में अपने देव और राक्षस युद्ध सुना था उसी के वंशज हैं और उनके लिए जगह-जगह मद्रास मस्जिदों इमामबाड़ों में शुक्राचार्य जैसे अनगिनत धर्म गुरु भरे पड़ेहैं।
दुनिया भर में इन्होंने प्रत्यक्ष युद्ध करके कोई लड़ाई आज तक नहीं जीता है जितने भी लड़ाई हुई है विश्वास घात करके लव जिहाद करके या गैर धर्म के लोगों की सेनो को अपनी ओर मिलकर ही जीता है चाहे मक्का मदीना का प्रारंभ हो या आनंदपाल से राणा प्रताप से हम्मीर देव से बप्पा रावल से किसी से इनका युद्ध रहा हो और हारने पर अपनी पगड़ी रखकर और कुरान अल्लाह की सौगंध खाकर आपसे क्षमा याचना करते हैं और जीतने वाला दया करके इनको छोड़ देता है लेकिन जिस तरह घायल सर्प आकार पूरे जोर से काटता है उससे भी ज्यादा तेजी से है लोग हमला करके दया क्षमा परोपकार दिखाने वाले को जड़ से नष्ट कर देते हैं। बचपन से ही उनके बच्चों को भेड़ बकरी ऊंट गाय बैल काटना सिखाया जाता है और इन्हें पूरा हत्यारा बना दिया जाता है।
उनके यहां कभी भी लंगर का या दान का कार्यक्रम नहीं होता केवल लेने का कार्यक्रम होता है उनके यहां माफी नहीं होती है साफी होती है तमराज किलविश इनके आगे कुछ नहीं है जब तक लोग उनके साथ नहीं रहते या इसे दूर रहते हैं तब तक इन बातों पर विश्वास नहीं करते और जब तक जानते हैं तो का वर्षा जब कृषि सुखाने अब पछताए होत का चिड़िया चुग गई खेत वाली बात होती है 58 मुस्लिम देशों को कश्मीर करना केरल बंगाल बांग्लादेश असम सहित सबका हाल देखकर भी इनके जादू टोने से लोग उबर नहीं पाते हैं इनका धर्म मजहबुद्दीन इनाम कुछ नहीं होता है केवल लाभ मिथुन और भरपूर भोजन और दुनिया की सभी अच्छी चीजों का विनाश करके अंधेरा आज्ञा सत्य और राक्षसी तत्व फैलाना ही इनका लक्ष्य है।
एक बात और कहना चाहूंगा कि इस धर्म के लोगों के यहां अगर आप कहेंगे तो उसमें निश्चित रूप से कुछ न कुछ भयानक प्रदूषण गंदगी अवश्य रहेगी विशेष करके मल मूत्र थूक और वीर्य तथा वर्जित पशुओं का मांस इनमें से कुछ न कुछ आवश्यक रहता है यह मैंने स्वयं जासूसी करके देखा है और अनेक मुस्लिम लोगों ने मुझे बता कर सावधान भी किया है उनका यह कहना है कि यदि आप अल्लाह कुरान पैगंबर सरिया और हदीस की शपथ लेकर कहेंगे तो कोई भी मुसलमान तैयार नहीं होगा चाहे आप उनके घर कब भोजन ग्रहण करो या ना ग्रहण करो इसीलिए प्राचीन काल के पूर्वज उनके यहां कुछ नहीं खाते थे और उनको तुर्क म्लेच्छ कहां करते थे इस चीज को आप खुद भी परीक्षण करके सच्चाई जान सकते हैं इतना अवश्य है कि सिया सुनने को और सुन्नी शिया को कहता है और यही बात 172 जातियों में बांटा यह समुदाय एक दूसरे को कहता है लेकिन खुद को निर्दोष और निष्पाप मानता है
यह भी सत्य है कि दुनिया का मुस्लिम और गैर मुस्लिम कभी एक साथ नहीं रह सकता इनका रहना बेर और केला के समान होता है जिसमें केले का विनाश निश्चित होता है चीन में अमर श्रीलंका इजरायल जैसे लोग उनके विरुद्ध सफल हो सकते हैं। दूसरा रास्ता है संपूर्ण दुनिया एक हो जाए और अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए इन पर सामूहिक आक्रमण करें और इन पर जड़ से प्रहार कर मिटा दें आज अमेरिका यूरोप चीन जापान ऑस्ट्रेलिया कनाडा सब इसी समस्या से जूझ रहे हैं और यह चंड मुंड रक्तबीज की तरह फैलते जा रहे हैं।तभी कुछ संभव है नहीं तो निम्नलिखित पंक्तियों याद रखो हम रहे या ना रहे लेकिन यह पंक्तियां हमेशा गूंजती रहेंगे जो मैंने अपने बचपन में लिखी थी-
**चहुं दिशा में राक्षसी सेना खाड़ी ब्रह्मास्त्र लेकर विष्णु गायब है सुदर्शन चक्र लेकर।
रुद्र भी गायब सभी दिव्यास्त्र लेकर ।
मैं नहीं अब कृष्ण अर्जुन रामजी इस धरा पर ।
सांप जैसे जहर भरकर घूमते शैतान चहूं दिश
देश का बचना कठिन है धर्म बचाना अति कठिन है **-डॉ दिलीप कुमार सिंह