Sunday, 5 April 2026

देश में कितना भयानक परिवर्तन आ रहा है एक झलक मिलते हैं लोग कहीं जाते हैं

देश में कितना भयानक परिवर्तन आ रहा है एक झलक मिलते हैं लोग कहीं जाते हैं यदि छोटा भी पुरस्कार सम्मान ही स्मृति चिन्ह पाए जाते हैं या फूल माला से उन्हें सम्मानित किया जाता है तो अपने साथ अपने फोटोग्राफर लेकर चलते हैं और उसको खूब बढ़ा चढ़ा कर इस तरह से उच्च प्रदर्शन अर्थात हाईलाइट करते हैं मानो उन्हें भारत रत्न और संयुक्त राष्ट्र संघ का पुरस्कार और नोबेल पुरस्कार मिल गया है ।‌ और बहुत बाद में मुझे पता चला की बड़े-बड़े नेता नेती और अन्य लोग अपने चापलूसों की फौज भी ताली बजाने के लिए साथ लेकर जाते हैं इसलिए जब यह 10 20 50 100 लोग ताली पीटते हैं तो बाकी को भी पीटना पड़ता है।

एक हम लोगों का समय था 1971 से लेकर आज तक ‌ जनपद अस्त्र से लेकर प्रदेश देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार स्मृति चिन्ह सम्मान पत्र प्रमाण पत्र एवं अनगिनत विजेता वैजयंती अर्थात ट्रॉफी इतना प्राप्त किया जिसको 1 दिन में कोई गिन नहीं सकता । ‌ एक बात और है कि मैं बहुत पहले से ही शायद 1990 से ऐसी जगह पर जाना छोड़ दिया था जहां छोड़ डकैत बलात्कारी दुष्कर्म धन माफिया और गबन करने वाले ‌ जनता का धन चूसने वाले भ्रष्ट और घूसखोरी लोग अध्यक्ष मुख्य अतिथियों संचालक नियुक्त होते हैं क्योंकि वहां जनक खुद को अपमानित करने के बराबर है यह ऐसा न करता तो आज एक कमरा भरकर केवल पुरस्कार प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह से भरा होता।

यह पुरस्कार स्मृति चिन्ह ट्रॉफी सम्मान पत्र और प्रमाण पत्र दर्जन या सौ नहीं बल्कि हजारों की संख्या में है और आश्चर्य की बात है कि हजारों में से मैंने एक भी छायाचित्र किसी से कहकर नहीं खिंचवाया ‌ कुछ असली शुभचिंतक लोगों ने खींच कर भेज दिया वहीं पड़े हुए हैं यदि मैं ऐसा करता तो आज मेरे घर में इन सबको रखने की जगह नहीं होती आज भी नहीं है ।‌ इतना अवश्य है कि हमारे 99% सहयोगी साथी और विभाग में साथ का काम करने वाले लोगों ने और ऊपर से शुभचिंतक बनने का ढोंग करने वालों ने कभी भी एक भी छायाचित्र या वीडियो बनाकर मुझे आज तक नहीं भेजा है।

यही कारण है कि आज 1 वर्ष में एक जिले में हजारों लोग अचानक बड़ी तेजी से ऊपर उठते हैं या यूं कहिए कि ऊपर उठाए जाते हैं और अगले वर्ष उनका नाम और निशान नहीं रहता इसलिए बाद कम कीजिए पुरस्कार इसमें चिन्ह तो नश्वर है बहुत जल्दी समाप्त हो जाएंगे यदि चाहते हो दुनिया तुम्हें याद करे तो तुम दुनिया के ऊपर दया करो यदि चाहते हो कि तुमको लाभ हो तो सब का भला करो याद रखो ।

अनगिनत राही गये इस राह से उनका पता क्या।
 पर गए कुछ छोड़ ईश्वर अपने पैरों की निशानी।


यही हाल भारत के हर क्षेत्र का है लाल बहादुर शास्त्री को छोड़कर आज तक कोई भी प्रधानमंत्री ऐसा नहीं हुआ जिसको याद किया जा सके जो भारत भक्ति सनातन भक्त हो इसी तरह डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को छोड़कर कोई भी सनातन भक्त भारत भक्ति राष्ट्रपति नहीं हुआ इसलिए किसी का नाम याद नहीं किया जाता ।


अच्छे लोगों का नाम धीरे-धीरे फैलता है और मरने के बाद पूरी दुनिया में छा जाता है जबकि जबरदस्ती चमचों के सहारे पाए हुए लोग अधिक स्थाई नहीं रहते यही हाल संत महंत धर्म गुरु मताधिक और उपदेश तथा वाचन का है जो अंदर से बिल्कुल काले और अधिकांश दुष्कर्म होते हैं और पड़कर जेल जाते हैं अपना नुकसान तो करते ही हैं इससे देश कलंकित होता है और धर्म का सम्मान घटना है जितने भी धर्मगुरु हैं यह सभी इसी श्रेणी के हैं इसमें अपवाद केवल बाबा कीनाराम ‌ भगवान अवधूत राम और अघोर पंथ के अनुयाई और चुनार के पीठाधीश्वर कहे जा सकते हैं जिनका मुख्यालय शक्तेशगढ़ में है । वैसे तो और भी बहुत है लेकिन धन कुबेर राजनेताओं और अपराधियों का संरक्षण न देने के कारण इनका नाम प्रचारित प्रसारित नहीं है यही कारण है कि मंचों पर अपराधी दुराचारी दुष्कर्म बलात्कारी और पानी की तरह पैसा बहाने वाले जब सादा जीवन उच्च विचार और सदाचार का उपदेश देते हैं तो जनता को यही लगता है कि इनको जूता चप्पल निकाल कर मर जाए।

यही कारण है कि जौनपुर के 99% लोग 10 साल पहले के किसी भी प्रख्यात विभूति का नाम पूछने पर नहीं बता सकते हैं ‌ वास्तव में यदि देखा जाए तो राजनेता धर्म गुरु कथावाचक माफिया आवर्धन कुबेर एक दूसरे की मदद करते हुए उनका महिमा मंडल करके मान सम्मान प्राप्त करते हैं जिसके वह पात्र नहीं होते हैं इसलिए एक दूसरे के सहयोग से सभी फलते फूलते रहते हैं और विधान संविधान के समानांतर गुंडा माफिया नक्सलवाद का राज चलता रहता है।

इस देश में सबसे कठिन काम है सच को उजागर करना और सही बात करना क्योंकि ऐसा करने पर सबसे पहले आपके अपने लोग फिर बाहरी लोग फिर मठाधीश और राजनेता और धन कुबेर माफिया सभी क्रोधित हो जाते हैं और यही कारण है आपने देखा कि यदि पश्चिम के एपस्टीन फाइल्स  की तरह भारत में ऐसी कोई फाइल बनाई जाए तो 99% राजनेता धर्मगुरु कथा वाचक माफिया और धन कुबेर और बड़े-बड़े अधिकारी पश्चिम फाइल की जद में आएंगे लेकिन जो भी इसको खोलना है या तो मार दिया जाता है या ब्लैकमेल किया जाता है या फिर साम दाम दंड भेद से पटा लिया जाता है जैसे इस समय कई लोगों ने बड़े-बड़े नेताओं की पोल खोलने का प्रयास किया लेकिन प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने डर के कारण नहीं छापा क्योंकि यह इतने बड़े घड़ियाल के बारे में है जो सबको निगल जाएंगे तो अपने साथ अपने फोटोग्राफर लेकर चलते हैं और उसको खूब बढ़ा चढ़ा कर इस तरह से उच्च प्रदर्शन अर्थात हाईलाइट करते हैं मानो उन्हें भारत रत्न और संयुक्त राष्ट्र संघ का पुरस्कार और नोबेल पुरस्कार मिल गया है ।‌ और बहुत बाद में मुझे पता चला की बड़े-बड़े नेता नेती और अन्य लोग अपने चापलूसों की फौज भी ताली बजाने के लिए साथ लेकर जाते हैं इसलिए जब यह 10 20 50 100 लोग ताली पीटते हैं तो बाकी को भी पीटना पड़ता है।

एक हम लोगों का समय था 1971 से लेकर आज तक ‌ जनपद अस्त्र से लेकर प्रदेश देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार स्मृति चिन्ह सम्मान पत्र प्रमाण पत्र एवं अनगिनत विजेता वैजयंती अर्थात ट्रॉफी इतना प्राप्त किया जिसको 1 दिन में कोई गिन नहीं सकता । ‌ एक बात और है कि मैं बहुत पहले से ही शायद 1990 से ऐसी जगह पर जाना छोड़ दिया था जहां छोड़ डकैत बलात्कारी दुष्कर्म धन माफिया और गबन करने वाले ‌ जनता का धन चूसने वाले भ्रष्ट और घूसखोरी लोग अध्यक्ष मुख्य अतिथियों संचालक नियुक्त होते हैं क्योंकि वहां जनक खुद को अपमानित करने के बराबर है यह ऐसा न करता तो आज एक कमरा भरकर केवल पुरस्कार प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह से भरा होता।

यह पुरस्कार स्मृति चिन्ह ट्रॉफी सम्मान पत्र और प्रमाण पत्र दर्जन या सौ नहीं बल्कि हजारों की संख्या में है और आश्चर्य की बात है कि हजारों में से मैंने एक भी छायाचित्र किसी से कहकर नहीं खिंचवाया ‌ कुछ असली शुभचिंतक लोगों ने खींच कर भेज दिया वहीं पड़े हुए हैं यदि मैं ऐसा करता तो आज मेरे घर में इन सबको रखने की जगह नहीं होती आज भी नहीं है ।‌ इतना अवश्य है कि हमारे 99% सहयोगी साथी और विभाग में साथ का काम करने वाले लोगों ने और ऊपर से शुभचिंतक बनने का ढोंग करने वालों ने कभी भी एक भी छायाचित्र या वीडियो बनाकर मुझे आज तक नहीं भेजा है।

यही कारण है कि आज 1 वर्ष में एक जिले में हजारों लोग अचानक बड़ी तेजी से ऊपर उठते हैं या यूं कहिए कि ऊपर उठाए जाते हैं और अगले वर्ष उनका नाम और निशान नहीं रहता इसलिए बाद कम कीजिए पुरस्कार इसमें चिन्ह तो नश्वर है बहुत जल्दी समाप्त हो जाएंगे यदि चाहते हो दुनिया तुम्हें याद करे तो तुम दुनिया के ऊपर दया करो यदि चाहते हो कि तुमको लाभ हो तो सब का भला करो याद रखो ।

अनगिनत राही गये इस राह से उनका पता क्या।
 पर गए कुछ छोड़ ईश्वर अपने पैरों की निशानी।


यही हाल भारत के हर क्षेत्र का है लाल बहादुर शास्त्री को छोड़कर आज तक कोई भी प्रधानमंत्री ऐसा नहीं हुआ जिसको याद किया जा सके जो भारत भक्ति सनातन भक्त हो इसी तरह डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को छोड़कर कोई भी सनातन भक्त भारत भक्ति राष्ट्रपति नहीं हुआ इसलिए किसी का नाम याद नहीं किया जाता ।


अच्छे लोगों का नाम धीरे-धीरे फैलता है और मरने के बाद पूरी दुनिया में छा जाता है जबकि जबरदस्ती चमचों के सहारे पाए हुए लोग अधिक स्थाई नहीं रहते यही हाल संत महंत धर्म गुरु मताधिक और उपदेश तथा वाचन का है जो अंदर से बिल्कुल काले और अधिकांश दुष्कर्म होते हैं और पड़कर जेल जाते हैं अपना नुकसान तो करते ही हैं इससे देश कलंकित होता है और धर्म का सम्मान घटना है जितने भी धर्मगुरु हैं यह सभी इसी श्रेणी के हैं इसमें अपवाद केवल बाबा कीनाराम ‌ भगवान अवधूत राम और अघोर पंथ के अनुयाई और चुनार के पीठाधीश्वर कहे जा सकते हैं जिनका मुख्यालय शक्तेशगढ़ में है । वैसे तो और भी बहुत है लेकिन धन कुबेर राजनेताओं और अपराधियों का संरक्षण न देने के कारण इनका नाम प्रचारित प्रसारित नहीं है यही कारण है कि मंचों पर अपराधी दुराचारी दुष्कर्म बलात्कारी और पानी की तरह पैसा बहाने वाले जब सादा जीवन उच्च विचार और सदाचार का उपदेश देते हैं तो जनता को यही लगता है कि इनको जूता चप्पल निकाल कर मर जाए।

यही कारण है कि जौनपुर के 99% लोग 10 साल पहले के किसी भी प्रख्यात विभूति का नाम पूछने पर नहीं बता सकते हैं ‌ वास्तव में यदि देखा जाए तो राजनेता धर्म गुरु कथावाचक माफिया आवर्धन कुबेर एक दूसरे की मदद करते हुए उनका महिमा मंडल करके मान सम्मान प्राप्त करते हैं जिसके वह पात्र नहीं होते हैं इसलिए एक दूसरे के सहयोग से सभी फलते फूलते रहते हैं और विधान संविधान के समानांतर गुंडा माफिया नक्सलवाद का राज चलता रहता है।

इस देश में सबसे कठिन काम है सच को उजागर करना और सही बात करना क्योंकि ऐसा करने पर सबसे पहले आपके अपने लोग फिर बाहरी लोग फिर मठाधीश और राजनेता और धन कुबेर माफिया सभी क्रोधित हो जाते हैं और यही कारण है आपने देखा कि यदि पश्चिम के एपस्टीन फाइल्स  की तरह भारत में ऐसी कोई फाइल बनाई जाए तो 99% राजनेता धर्मगुरु कथा वाचक माफिया और धन कुबेर और बड़े-बड़े अधिकारी पश्चिम फाइल की जद में आएंगे लेकिन जो भी इसको खोलना है या तो मार दिया जाता है या ब्लैकमेल किया जाता है या फिर साम दाम दंड भेद से पटा लिया जाता है जैसे इस समय कई लोगों ने बड़े-बड़े नेताओं की पोल खोलने का प्रयास किया लेकिन प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने डर के कारण नहीं छापा क्योंकि यह इतने बड़े घड़ियाल के बारे में है जो सबको निगल जाएंगे

Friday, 3 April 2026

संपूर्ण देश के मौसम की विस्तृत भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

संपूर्ण देश के मौसम की विस्तृत भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 
3 अप्रैल से 9 अप्रैल तक‌ संपूर्ण भारत में मौसम तूफानी झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला बिजली ‌ और घनघोर गर्जन वाला रहेगा इस कालखंड में अधिकांश देश में गोदावादी से लेकर हल्की वर्षा होगी और कहीं कहीं ओलावृष्टि का भी खतरा बना हुआ है 

इस कालखंड में संपूर्ण देश में अधिकांश जगह 20 किलोमीटर से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने आंधी तूफान का खतरा बना हुआ है और कहीं धूल भरी आंधी तो कहीं हल्की वर्षा बूंदाबांदी के साथ आंधी तूफान आएगा और कहीं-कहीं बहुत प्रचंड बवंडर का रूप भी धारण करके आंधी की गति 70 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है 


जौनपुर और आसपास के जनपदों में इस आंधी तूफान का विशेष कर वर्ष का खतरा सबसे कम है लेकिन यहां भी गोदावरी से हल्की वर्षा इस कालखंड में होगी 

पूरे देश की वायु गुणवत्ता में आश्चर्यजनक रूप से कल्पना के पार सुधार हुआ है और कहीं-कहीं तो यह वायु गुणवत्ता सूचकांक शून्य से 30 तक पहुंच गई है जैसे कि तिरुअनंतपुरम कन्याकुमारी और आसपास के क्षेत्र में पूर्वोत्तर भारत में जौनपुर और मुंबई तथा अन्य भागों में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत ही अच्छी 30 से लेकर 60 के बीच बनी हुई है ऐसा बहुत लंबे समय बाद देखा गया है जबकि वर्ष कल में भी इन स्थानों की वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 से 100 के बीच रहता है 


रौद्र नमक नए वर्ष के आरंभ होने के कारण सूर्य मंडल पर प्रचंड विस्फोट और भयंकर सौर ज्वालाओं के कारण‌ लाखों किलोमीटर की लंबी विकिरण वाली सौर ज्वालाएं अंतरिक्ष में फैल रही हैं जिनकी गति हजारों किलोमीटर प्रति घंटा है इससे दुनिया भर में अनेक विक्षोभ बना रहे हैं और आंधी तूफान चक्रवात ज्वालामुखी विस्फोट के साथ-साथ अफगानिस्तान ईरान भारत दक्षिण पूर्वी एशिया जापान और अमेरिका के तटवर्ती भागों में चार से लेकर 8 सेक्टर पैमाने पर एक महीने तक भूकंप आने का खतरा बना रहेगा 

भारत में इस्कल खंड में अधिकतम तापमान 30 से लेकर 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 से लेकर 22 डिग्री सेल्सियस बना रहेगा 10 अप्रैल से भयंकर गर्मी पड़ेगी और उमस रहेगी इस समय हवा की दिशा भी पूरे भारत में लगातार परिवर्तित होती रहेगी मौसम के इस भयानक मोड लेने के कारण सबको हर जगह बहुत सावधान रहने की आवश्यकता है विशेष क्रांति के समय सुरक्षित रहें घर के अंदर रहे इस वर्ष तूफान और झंझावात का असर सबसे पहले पाकिस्तान उत्तर पश्चिम भारत इसके बाद मध्य और पूर्वी भारत और अंत में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में पड़ेगा

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशन एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ की देखरेख में जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार एवं सचिव सिविल जज सीनियर डिवीजन सुशील कुमार सिंह देखरेख में पराविधिक स्वयंसेवक प्रशिक्षण कार्यक्रम जनपद न्यायालय जौनपुर

प्रेस विज्ञप्ति 

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशन एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ की देखरेख में जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार एवं सचिव सिविल जज सीनियर डिवीजन सुशील कुमार सिंह  देखरेख में पराविधिक स्वयंसेवक प्रशिक्षण कार्यक्रम जनपद न्यायालय जौनपुर के सभागार आयोजित किया गया ‌ इस कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सभी न्यायाधीश गण सीजेएम श्वेता यादव सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर सुशील कुमार सिंह चीफ डिफेंस काउंसिल अनिल कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉ दिलीप कुमार सिंह ,

असिस्टेंट डिफेंस काउंसिल प्रकाश तिवारी और अनुराग चौधरी बाल विकास अधिकारी चंदन राय  सहायक श्रमायुक्त देवव्रत यादव काउंसलर देवेन्द्र यादव मध्यस्थ संजय कुमार उपाध्याय अधिवक्ता मध्यस्थ मनोज कुमार वर्मा प्राधिकरण के कर्मचारी गण और ‌ पैरेलीगल वॉलिंटियर्स उपस्थित रहे।
[4/3, 12:30 PM] Dileep Singh Rajput Jounpur: कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद सुशील कुमार के द्वारा देवी सरस्वती को माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन  और ‌  उद्बोधन के साथ हुआ ‌ मंचासीन जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि प्रधान न्यायाधीश अतिरिक्त जिला जज अनिल कुमार यादव और नोडल अधिकारी रंजीत कुमार का ‌ स्वागत अनिल कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह असिस्टेंट डिफेंस काउंसिल प्रकाश तिवारी और अनुराग चौधरी ‌ के द्वारा ‌ पौधा देकर किया गया
[4/3, 12:57 PM] Dileep Singh Rajput Jounpur: प्रशिक्षण के क्रम में ‌ कार्यक्रम कासंचालन करते हुए ‌ डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल के द्वारा ‌ पैरालेगल वॉलिंटियर्स की परिभाषा और उनके कार्य और अधिकारों के बारे में बताया गया ‌ काउंसलर देवेंद्र कुमार यादव के द्वारा ‌ जिला परिषद प्राधिकरण के बारे में बाल विकास अधिकारी चंदन राय के द्वारा सरकार के द्वारा दी गई योजनाओं के बारे में सहायक श्रमायुक्त  देवव्रत यादव के द्वारा श्रम संबंधित कानूनों के बारे में ‌ मध्यस्थ संजय कुमार उपाध्याय द्वारा‌ मध्यस्थता के बारे में ‌ असिस्टेंट लीगल एंड डिफेंस काउंसिल अनुराग चौधरी प्रकाश तिवारी ‌ प्रतिरक्षक के बारे में विजय ‌ शंकर श्रीवास्तव ‌ द्वारा स्थाई लोक अदालत के बारे में मनोज वर्मा द्वारा वैवाहिक कानून के बारे में और श्रीमती उर्वशी सिंह के द्वारा पैरा लीगल वॉलिंटियर्स के बारे में प्रशिक्षण दिया गया
[4/3, 4:53 PM] Dileep Singh Rajput Jounpur: कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण का समापन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर सुशील कुमार सिंह के द्वारा अधिकार मित्र पैरालीगल वॉलिंटियर्स के अधिकार और कर्तव्य के उद्बोधन के साथ हुआ

Thursday, 2 April 2026

धुएं में घुलता कल: स्योहारा ग्राम फैजुल्लापुर में बेखौफ ‘मौत के नशे मैं डूबा काला कारोबार’!

धुएं में घुलता कल: स्योहारा ग्राम फैजुल्लापुर में बेखौफ ‘मौत के नशे मैं डूबा काला कारोबार’!
                /स्योहारा। डॉ०उस्मान ज़ैदी)
स्योहारा से सटे ग्राम फैजुल्लापुर में इन दिनों एक ऐसा ‘धुआं’ उठ रहा है, जो सिर्फ हवा को नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को भी जहरीला बना रहा है। शान-ओ-शौकत और आधुनिकता के नाम पर चल रहे अवैध हुक्का बारों ने नई पीढ़ी को नशे की अंधेरी खाई की ओर धकेल दिया है। हैरत की बात यह है कि यह सब कुछ प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे खुलेआम संचालित हो रहा है, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
कूल बनने की चाह में खोता बचपन सूत्रों के अनुसार, ग्राम फैजुल्लापुर में दिन ढलते ही इन हुक्का बारों में महफिलें सजने लगती हैं। स्कूल-कॉलेज के छात्र ‘ट्रेंड’ और ‘स्टाइल’ के नाम पर यहां पहुंच रहे हैं। बताया जाता है कि हुक्के में केवल फ्लेवर ही नहीं, बल्कि संदिग्ध नशीले पदार्थों का मिश्रण भी परोसा जा रहा है, जो युवाओं के शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा हमला कर रहा है। कोडवर्ड में चलता है ‘काला खेल’यह अवैध कारोबार बेहद शातिराना ढंग से संचालित किया जा रहा है। बाहर से सामान्य दिखने वाली जगहों के अंदर आलीशान व्यवस्था और धुएं से भरे कमरे तैयार किए गए हैं। खास ग्राहकों के लिए ‘कोडवर्ड’ का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि किसी बाहरी व्यक्ति को इसकी भनक तक न लग सके।ग्रामवासियों का फूटा गुस्सा
गांव के लोगों का कहना है कि इस नशे के अड्डे ने पूरे माहौल को बिगाड़ दिया है।एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया:हमारे बच्चे पढ़ाई छोड़कर वहां घंटों बैठते हैं। अगर यह सब नहीं रुका, तो आने वाली पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी।”
ग्रामवासियों का साफ कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे लोगों का भरोसा प्रशासन से उठता जा रहा है।ग्राम प्रधान डॉ. मोहम्मद उमेर अंसारी का सख्त रुख ग्राम प्रधान डॉ. मोहम्मद उमेर अंसारी ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:“फैजुल्लापुर की धरती पर नशे का यह खेल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ी के साथ खिलवाड़ है। प्रशासन को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करनी चाहिए,उन्होंने आगे कहा कि गांव की गरिमा और युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। प्रशासन पर उठते बड़े सवाल प्रतिबंध के बावजूद यह अवैध हुक्का बार कैसे संचालित हो रहे हैं? क्या पुलिस को इसकी जानकारी नहीं, या फिर अनदेखी की जा रही है?
 युवाओं के स्वास्थ्य से हो रहे खिलवाड़ की जिम्मेदारी कौन लेगा? नशा: हर अपराध की जड़ है!विशेषज्ञों का मानना है कि नशा न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि अपराधों की जड़ भी बनता है। ऐसे में इस तरह के अड्डों का संचालन समाज के लिए गंभीर खतरा बन चुकहै/
            ---------- शेर:----------&
“धुआं उठता रहा और हम खामोश रहे,
कल राख में बदलेंगे, ये अंदेशा आज से है।”
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डॉ. ज़िया उर रहमान की गरिमामयी उपस्थिति में न्यू लाइट पब्लिक स्कूल का वार्षिक परिणाम घोषित, मेधावी छात्रों ने बिखेरी प्रतिभा की चमक!

डॉ. ज़िया उर रहमान की गरिमामयी उपस्थिति में न्यू लाइट पब्लिक स्कूल का वार्षिक परिणाम घोषित, मेधावी छात्रों ने बिखेरी प्रतिभा की चमक!
               स्योहारा/डॉ०उस्मान ज़ैदी)
क्षेत्र के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान न्यू लाइट पब्लिक स्कूल, अथाई शेख में वार्षिक परीक्षा परिणाम वितरण समारोह का आयोजन अत्यंत भव्य एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। समारोह में नन्हे-मुन्ने बच्चों से लेकर प्राथमिक वर्ग के विद्यार्थियों तक ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों का दिल जीत लिया।
विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा जब मेधावी छात्र-छात्राओं को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बच्चों के चेहरे पर सफलता की चमक साफ झलक रही थी।
 मेधावी छात्रों का शानदार प्रदर्शन,पूर्व-प्राथमिक वर्ग में अशरा रब्बानी ने पूरे विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वहीं हिफ़्ज़ा अज़ीम (98%) और अशरा रब्बानी (97%) ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर अपनी मेहनत का परचम लहराया।प्राथमिक वर्ग में हिफ्जां ने टॉप कर यह सिद्ध कर दिया कि लगन और मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। मुख्य अतिथि डॉ. ज़िया उर रहमान का प्रेरणादायक संबोधन कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे डॉ. ज़िया उर रहमान, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को चार चांद लगा दिए। अपने ओजस्वी और प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा—
"शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि यह जीवन को संवारने और समाज को दिशा देने का सबसे सशक्त माध्यम है।"उन्होंने बच्चों को मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का मंत्र देते हुए कहा कि आज के ये नन्हे सितारे ही कल देश का भविष्य हैं। उनकी वाणी ने बच्चों के भीतर नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।
पूर्व सैनिक मोहम्मद असलम का संदेश पूर्व सैनिक मोहम्मद असलम ने बच्चों को अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ देश सेवा की भावना भी हर छात्र के भीतर होनी चाहिए।
विद्यालय के प्रबंधक मोहम्मद जीशान ने अपने प्रभावशाली अंदाज में कहा—"हमारा उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है! जो समाज और देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभाएं।"
उन्होंने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को इस सफलता के लिए बधाई देते हुए विद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प दोहराया। प्रधानाचार्या सना रब्बानी ने अपने अनोखे और प्रभावशाली अंदाज में कहा—हर बच्चा अपने आप में एक अनमोल प्रतिभा है,जरूरत है! तो उसे सही दिशा और मंच देने की। हमारा विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।उन्होंने अभिभावकों के सहयोग और शिक्षकों की मेहनत को इस सफलता का आधार बताया।पूरा कार्यक्रम उत्साह, सम्मान और प्रेरणा का अद्भुत संगम रहा। मेधावी छात्रों के सम्मान के साथ-साथ यह आयोजन शिक्षा के महत्व और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत संदेश देने में सफल रहा।
न्यू लाइट पब्लिक स्कूल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि प्रतिभाओं को तराशने की एक सशक्त प्रयोगशाला है।
       ----------- शेर:-------  बॉक्स में)
डॉ. ज़िया उर रहमान की बातों में था वो असर,
हर दिल में जगा दिया उन्होंने कामयाबी का सफर।
मेहनत की लौ से जगमगाया हर एक नाम,
न्यू लाइट के बच्चों ने रोशन किया मुकाम।
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Tuesday, 31 March 2026

मौसम की भविष्यवाणी

मौसम की भविष्यवाणी
 
हमारे अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र के द्वारा पहले ही विस्तार से बताया जा चुका है कि पश्चिमी विक्षोभ और तीव्रता से बढ़ी हुई अचानक गर्मी से जौनपुर प्रयागराज वाराणसी दीनदयाल नगर सैदपुर गाजीपुर अयोध्या अंबेडकर नगर प्रतापगढ़ सुल्तानपुर मिर्जापुर भदोही रावर्टसगंज शाहगंज कादीपुर और आसपास के सभी स्थानों पर आज से लेकर 1 सप्ताह तक मौसम बहुत तेज हवा वाला आंधी तूफान वाला रहेगा और आज सुबह बहुत तेज हवाओं के बाद ‌ ‌ घने काले बादलों के साथ कई स्थानों पर बूंदाबांदी हल्की वर्षा और कुछ स्थानों पर सामान्य वर्ष सभी होगी इसके बाद मौसम साफ हो जाएगा ।

38 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ मौसम बहुत गर्म रहेगा न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहेगा सुबह बहुत घने काले बादल के बाद दिन में हल्के बादल रह जाएंगे ।

कल और आने वाले दिनों में भी बहुत तेज हवाओं से लेकर आंधी तूफान का मौसम कायम रहेगा  ‌ बेसन गर्मी के विचार अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहेगा।कहीं कहीं बूंदाबादी और हल्की वर्षा भी होगी ‌ इसी बीच बाय गुणवत्ता सूचकांक 100 के आसपास बना रहेगा पराबैंगनी किरणों की तीव्रता न9 से 10 के बीच बहुत ही घातक रहेगी हवा की दिशा उत्तर पश्चिमी पश्चिमी रहेगी और गति 15 से 30 किलोमीटर या उससे भी तेज होगी ‌। सापेक्षिक आर्द्रता 20% से 50% के बीच रहेगी

जितनी भी जल्दी हो सके खेती किसानी का काम संपन्न करें क्योंकि मौसम इसी प्रकार परिवर्तनशील रहेगा मौसम के परिवर्तन और उतार-चढ़ाव के कारण अनेक रोग बीमारियों का राज्य फैलेगा ‌ मच्छर और मक्खियों की भरमार हो जाएगी और बहुत ही सावधान रहने की आवश्यकता है -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर

भारत अजब देश है जहां कभी नाली से चाय बनती है तो कभी सूखी पत्तियों और कूड़े कचरे से बिजली उत्पन्न होती है तो कभी पेशाब और टट्टी से ऐसा करने का दावा किया जाता है कभी पानी से गाड़ियां चलने का दवा होता है लेकिन सच में कुछ नहीं होता अभी जल्दी ही दैनिक जागरण में पाइप के साथ नाली में गैस का चूल्हा जोड़कर चाय बनाते हुए दिखाया गया था

: भारत अजब देश है जहां कभी नाली से चाय बनती है तो कभी सूखी पत्तियों और कूड़े कचरे से बिजली उत्पन्न होती है तो कभी पेशाब और टट्टी से ऐसा करने का दावा किया जाता है कभी पानी से गाड़ियां चलने का दवा होता है लेकिन सच में कुछ नहीं होता अभी जल्दी ही दैनिक जागरण में पाइप के साथ नाली में गैस का चूल्हा जोड़कर चाय बनाते हुए दिखाया गया था 

कुल मिलाकर जनता और राजनेता दोनों ही भारत में अधिकतर विश्वास घाती और धोखेबाज प्रकृति के हैं इसलिए देश भाषणों में और कागजों पर तो खूब उन्नति कर रहा है लेकिन वास्तव में कहीं कोई उन्नति नहीं है जो जिस दल या पार्टी या विचारधारा से जुड़ा है आंख मुड़कर उसी को भगवान बना देता है और बाद में सबका हाल राम रहीम और अशोक खैरात जैसा होता है 

इस देश में ऐसा ही होता रहा और आगे भी ऐसा ही होगा नहीं तो सैकड़ो या हजारों की संख्या में आकर लोग इतने बड़े विराट देश पर राज नहीं करते विदेशी भाषा और विदेशी सभ्यता संस्कृति से जितना प्रेम भारत के लोगों को है उतना दुनिया क्या अनंत ब्रह्मांड में किसी को नहीं होगा 

हमको निस गौरव तथा इस देश का अभिमान है हम न नहीं है पशु नीरा है और मृतक समान है 

इसका फायदा राजनेता उठाकर जनता को लड़ा देते हैं धर्म और जाति के नाम पर स्त्री और पुरुष के नाम पर उच्च और नीचे के नाम पर हिंदू मुस्लिम और इसी के नाम पर और बारी-बारी से मिली मर नूरा कुश्ती करते हुए राज पाठ चलाते रहते हैं गाल गुलाबी नैन शराबी होकर अपनी कम से कम 10 पीढ़ियां तो सुधर ही लेते हैं -

अंत में अपने परिवार का मान सम्मान इज्जत बचाने के लिए राजनेता और जनता दोनों राम रही एम आसाराम बापू फादर वृषभ मुला मौली मौलाना अशोक खैरात जैसों पर सारा दोस्त डाल देते हैं और रूपाली जैसे लोग आराम से फिर से अपना काम शुरू कर देते हैं यही एक पक्षी कानून है जहां कभी महिला तो कभी पुरुष पीड़ित होता है और उसकी सुनने वाला कोई नहीं होता क्योंकि यहां पर लोग सच का साथ नहीं देते बस मजे से चटकारे लेकर ऐसे खुश होते हैं मानो उनका स्वर्ग और बैकुंठ हो मिल गया हो
भारत में यदि रहना है चींटी हाथी उठा के ले गई तब भी हां हां कहना है