संपूर्ण देश के मौसम की विस्तृत भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि
3 अप्रैल से 9 अप्रैल तक संपूर्ण भारत में मौसम तूफानी झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला बिजली और घनघोर गर्जन वाला रहेगा इस कालखंड में अधिकांश देश में गोदावादी से लेकर हल्की वर्षा होगी और कहीं कहीं ओलावृष्टि का भी खतरा बना हुआ है
इस कालखंड में संपूर्ण देश में अधिकांश जगह 20 किलोमीटर से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने आंधी तूफान का खतरा बना हुआ है और कहीं धूल भरी आंधी तो कहीं हल्की वर्षा बूंदाबांदी के साथ आंधी तूफान आएगा और कहीं-कहीं बहुत प्रचंड बवंडर का रूप भी धारण करके आंधी की गति 70 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है
जौनपुर और आसपास के जनपदों में इस आंधी तूफान का विशेष कर वर्ष का खतरा सबसे कम है लेकिन यहां भी गोदावरी से हल्की वर्षा इस कालखंड में होगी
पूरे देश की वायु गुणवत्ता में आश्चर्यजनक रूप से कल्पना के पार सुधार हुआ है और कहीं-कहीं तो यह वायु गुणवत्ता सूचकांक शून्य से 30 तक पहुंच गई है जैसे कि तिरुअनंतपुरम कन्याकुमारी और आसपास के क्षेत्र में पूर्वोत्तर भारत में जौनपुर और मुंबई तथा अन्य भागों में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत ही अच्छी 30 से लेकर 60 के बीच बनी हुई है ऐसा बहुत लंबे समय बाद देखा गया है जबकि वर्ष कल में भी इन स्थानों की वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 से 100 के बीच रहता है
रौद्र नमक नए वर्ष के आरंभ होने के कारण सूर्य मंडल पर प्रचंड विस्फोट और भयंकर सौर ज्वालाओं के कारण लाखों किलोमीटर की लंबी विकिरण वाली सौर ज्वालाएं अंतरिक्ष में फैल रही हैं जिनकी गति हजारों किलोमीटर प्रति घंटा है इससे दुनिया भर में अनेक विक्षोभ बना रहे हैं और आंधी तूफान चक्रवात ज्वालामुखी विस्फोट के साथ-साथ अफगानिस्तान ईरान भारत दक्षिण पूर्वी एशिया जापान और अमेरिका के तटवर्ती भागों में चार से लेकर 8 सेक्टर पैमाने पर एक महीने तक भूकंप आने का खतरा बना रहेगा
भारत में इस्कल खंड में अधिकतम तापमान 30 से लेकर 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 से लेकर 22 डिग्री सेल्सियस बना रहेगा 10 अप्रैल से भयंकर गर्मी पड़ेगी और उमस रहेगी इस समय हवा की दिशा भी पूरे भारत में लगातार परिवर्तित होती रहेगी मौसम के इस भयानक मोड लेने के कारण सबको हर जगह बहुत सावधान रहने की आवश्यकता है विशेष क्रांति के समय सुरक्षित रहें घर के अंदर रहे इस वर्ष तूफान और झंझावात का असर सबसे पहले पाकिस्तान उत्तर पश्चिम भारत इसके बाद मध्य और पूर्वी भारत और अंत में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में पड़ेगा