Sunday, 30 August 2026

मौसम की भविष्यवाणी - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर

मौसम की भविष्यवाणी  - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर
20 अगस्त से 31 अगस्त तक अंतराल के साथ भारी वर्षा की भविष्यवाणी जौनपुर सहित पूरे देश के लिए हुई सच आगे भी 10 सितंबर तक वर्षा का क्रम जारी रहेगा
आज जौनपुर और आसपास के जनपदों का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहेगा

जबकि कल का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और 26 डिग्री सेल्सियस रहेगा इसी बीच सापेक्षिक आर्द्रता की मात्रा न्यूनतम 85 प्रतिशत और अधिकतम 100% रहेगी हवा की दिशा मुख्य रूप से  पूर्वी उत्तर पूर्वी और वेग 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगा

वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद अच्छा 20 से लेकर 60 के बीच रहेगा और अल्ट्रावायलेट किरणों की तीव्रता 1 से 4 के बीच रहेगी। धूप छांव के बीच बूंदाबांदी और  हल्की मध्यम कहीं-कहीं तेज और कहीं-कहीं बहुत तेज वर्षा जौनपुर और आसपास के सभी जनपदों में होने की संभावना  है 

  कल भी अधिकांश स्थानों में बूंदाबांदी और बाकी स्थानों में हल्की मध्यम और कहीं-कहीं तेज वर्षा जारी रहेगी और यह वर्षा से धीरे-धीरे कमजोर होगी और 31 अगस्त तक चलेगी

 उसके बाद भी छिटपुट वर्षा का दौर सितंबर के प्रथम स्थान सप्ताह में जारी रह सकता है।  इसका कारण यह है कि मानसून एक चक्र के रूप में दिल्ली पंजाब शिमला बरेली नेपाल बिहार बंगाल उड़ीसा मध्य प्रदेश महाराष्ट्र के उत्तरी गुजरात के पश्चिमी भाग और राजस्थान के पूर्वी भागों में घूम कर वर्षा करता रहेगा ।

 इसलिए 10 सितंबर तक इन सभी भागों में और देश के अधिकांश भागों में वर्षा होगी इसके बाद लानिनो का प्रभाव तेज होगा और 15 सितंबर से वर्षा समाप्त हो जाएगी हल्की-फुल्की वर्षा सितंबर के आखिरी अक्टूबर के प्रथम भाग में हो सकती है 

अभी तक जौनपुर और आसपास के क्षेत्र में 800 मिलीलीटर वर्ष के मुकाबले 630 मिलीमीटर वर्षा हुई है जबकि यहां पर वार्षिक वर्षा का औसत 900 मिमी से 1000 मिली मीटर के बीच होता है पिछले वर्ष यहां पर 1000 मिलीलीटर वर्षा हुई थी

 ऐसी संभावना है कि सितंबर के अंत तक यहां पर 700 मिमी वर्षा हो सकती है और दिसंबर तक वर्षा की यह मात्रा 800 मिलीलीटर तक जा सकती है फिर भी सामान्य वर्षा में 15 से 20% की कमी होना निश्चित है पूरे देश का यही हाल रहेगा केवल एक चौथाई भारत में सामान्य से अधिक वर्षा होगी ।

मानसून के प्रचंड ऊर्जा और वेग पर अल नीनो का प्रभाव 1 अगस्त से 10 सितंबर तक प्रभावहीन होने से ही वर्षा हो रही है इसमें 25 अगस्त से 5 सितंबर तक भारी वार्षिक भी सम्मिलित है

 इसके बाद अलनिनो का प्रभाव फिर से बढ़ेगा जिससे सितंबर में वर्षा की स्थितियां बेहद खराब हो सकती हैं और सूखे जैसी स्थिति आ सकती है। 15 सितंबर के बाद अलनीनो फिर से प्रभावी हो जाएगा यह मत हमारे केंद्र द्वारा महीनों पहले बार-बार कही और लिखीगई थी। ।

 इस प्रकार दो सूखे जैसी स्थितियां जून और जुलाई में बीत चुकी हैं तीसरे की जो भविष्यवाणी हमारे केंद्र ने किया था वह सितंबर में आना लगभग निश्चित है लेकिन इसके बाद एक और चक्र संघनन वाष्पन और विक्षोभ से प्रभावित होगा जिससे सितंबर के अंत में वर्षा होने से खेती बागवानी और सभी लोगों को लाभ हो सकता है। 

इसके अलावा 24 अगस्त से 31 अगस्त तक भारी मूसलाधार वर्षा की हमारे केंद्र की भविष्यवाणी एक बार फिर 49 वर्षों की भांति पूरी तरह सत्य हुई अभी गर्मी वर्षा उमस और पसीने से पीछा 15 अक्टूबर के बाद ही पूरी तरह समाप्त होगा इसके साथ ही 27 अगस्त से वर्षा कमजोर पडने की हमारे केंद्र की भविष्यवाणी भी सही हुई और सितंबर के अंत तक मानसून के वापसी की बात भी बिल्कुल सही होगी। 

और इस वर्ष 3 बार सूखा पडने की भविष्यवाणी भी सही होगी जिसमें दो बार पड़ चुका है जून और जुलाई में अगला सितंबर में आने वाला है  और वर्षा भी पिछले वर्ष से 15 से 20% कम होने के बाद बिल्कुल सही होगी सबसे अच्छी बात ही है कि मानसूनी वर्षा का केंद्र मध्य भारत में एक सप्ताह तक चलता रहेगा जिससे कि उत्तर प्रदेश बिहार छत्तीसगढ़ उड़ीसा मध्य प्रदेश राजस्थान के पूर्वी भाग दिल्ली हिमालय के उत्तरी भागों नेपाल और राजस्थान के पूर्वी महाराष्ट्र के उत्तरी और गुजरात के  पूर्वी भागों में मध्य और तेज वर्षा होगी ।

इन्हीं बातों को तमाम प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया नकल करके हमेशा की तरह थोड़ा इधर-उधर बढ़कर छाप देंगे इन सब बातों को आप लोग बाद में पढ़ लीजिएगा कि कैसे चालाकी से दूसरों की चीज को अपना बना लेते हैं और मौसम विभाग जो कमजोर जाडे की बात कह रहा है वह भी उसी तरह पूरी तरह से गलत होगी जैसे कि उसके सामान्य से अधिक वर्षा की भविष्यवाणी पूरी तरह गलत हुई है । 

मानसून 26-31 अगस्त तकउत्तर प्रदेश के पश्चिमी भागों दिल्ली राजस्थान के पूर्वी भागों गुजरात के कुछ भागों महाराष्ट्र के उत्तरी और मध्य प्रदेश तथा उड़ीसा बिहार झारखंड के पश्चिमी भागों में केंद्रित हो जाएगा जहां पर अनेक स्थानों पर मध्यम भारी कहीं-कहीं मूसलाधार वर्षा होगी कितना है वर्षा हो लेकिन संपूर्ण देश में वर्षा का घाटा पूरा नहीं होगा और मैंने पहले भी लिख दिया है कि सितंबर से अल नीनो का प्रभाव तेज होने से वर्षा बहुत ही कमजोर होगी और अगस्त की तरह मानसून का प्रभाव अलनिनो से ऊपर नहीं जा पाएगा इस्कल खंड में चिंता एवं नेपाल अफगानिस्तान अमेरिका और दक्षिण पूर्वी एशिया में भूकंप ज्वालामुखी विस्फोट सुनामी लहरों और ग्लेशियर विस्फोट तथा जिलों के बह जाने से पहले कल जैसा दृश्य उपस्थित होगा

दुर्गा शक्ति नागपाल और सबीना खातून प्रशासनिक सेवा और न्यायिक सेवा में टकराव - डॉ दिलीप कुमार सिंह

 दुर्गा शक्ति नागपाल और सबीना खातून प्रशासनिक सेवा और न्यायिक सेवा में टकराव  - डॉ दिलीप कुमार सिंह
 दुर्गा शक्ति नागपाल हमेशा विवाद और चर्चाओं में रहे हैं बालू खनन को लेकर अखिलेश यादव के समय में वह बहुत बुरी तरह से घिर गई थी जब सारी भारतीय प्रशासनिक सेवा ने उनका साथ दिया और बड़ी मुश्किल से उनकी कुर्सी बची थी अभी ताजा मामला फिर से चर्चाओं में है जब उन्होंने देवीपाटन मंडल के कमिश्नर की हैसियत से सिविल जज सबीना खातून को तथा कथित ढंग से फोन करके पूछताछ किया और उन्हें धमकी दिया जिस पर न्यायपालिका विशेष कर उच्च न्यायालय बहुत कठोर कदम उठाया है हैं और उन्हें अवमानना का प्रथमदृष्टया दोषी पाया है।

वास्तव में भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय न्यायपालिका के बीच यह टकराव आज से नहीं है यह स्वतंत्रता के बाद से ही चला आ रहा है जिसमें दोनों तंत्र एक दूसरे पर हावी होने सोच रखते हैं तो आइए देखते हैं कि आखिर देवीपाटन मंडल की आयुक्त और सिविल से सबीना खातून का मामला इतना चर्चित क्यों हुआ और यह इतना तूल क्यों पकड़ रहा है।

 यहां पर एक बात विशेष रूप से यह भी उल्लेखनीय है कि दुर्गा शक्ति नागपाल का संबंध सीधे-सीधे जौनपुर से है और वह जौनपुर की बहू है क्योंकि उनके पति अभिषेक सिंह भी आई ए एस थे और वर्तमान में त्यागपत्र देकर सोशल मीडिया और समाज सेवा में सक्रिय हैं दोनों का विवाह 2012 ईस्वी में हुआ था यह एक अंतरजातीय विवाह था उनके प्रति अभिषेक सिंह अभिनय की दुनिया और अन्य कर्म के कारण अच्छे खासे चर्चित रहते हैं और श्री राम मंदिर दर्शन के लिए अयोध्या में उन्होंने कई मुफ्त बसें भी चलाई थी।

 दूसरी तरफ सिविल जा सीनियर डिवीजन सबीना खातून भी दुर्गा शक्ति नागपाल की तरह एक अनुशासन पसंद और ईमानदार और कार्य के प्रति समर्पित न्यायिक अधिकारी मानी जाती हैं अनुशासन के मामले में वह बहुत कठोर हैं और उनकी भी अपनी एक अलग छवि है वास्तव में दोनों के मध्य अगस्त 2026 में  हुए टेलिफोनिक विवाद की जड़ 30 साल पहले का एक मुकदमा ज्योति विद्या मंदिर बनाम राज्य उत्तर प्रदेश को लेकर हैं  यह मुकदमा 1997 से चल रहा है और इस पर ज्योति विद्या मंदिर के पक्ष में न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश भी पारित है  राज्य सरकार का मानना है कि यह सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करके बनाया गया है जबकि ज्योति मंदिर विद्यालय के लोगों का कहना है कि यह उनकी अपनी जमीन है वर्तमान समय में इस पर स्थगन आदेश पारित है और यह मुकदमा सबीन खान की अदालत में चल रहा था जो फिलहाल दूसरे न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया है सूत्रों के अनुसार दुर्गा शक्ति नागपाल ने इस पर पूछताछ किया और सबीना खान का व्यक्तिगत नंबर लेकर उनसे बातचीत किया जो उस समय अवकाश पर चल रही थी बताया जाता है कि दुर्गा शक्ति नागपाल के कठोर पूछताछ और धमकी भरे दृष्टिकोण से सबीना खान नाराज हो गई  और उन्होंने जिला जज और उच्च न्यायालय को पत्र लिखकर इस बारे में शिकायत किया और उन पर अनुचित प्रभाव डालने न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला करने और अमर्यादित भाषा बोलने का आरोप लगाया उधर कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा भी प्रशासनिक न्यायाधीश को इस मामले में पत्र लिखकर सबीना खान पर अमर्यादित भाषा बोलने उन्हें धमकाए जाने और मुकदमे में ढीला ढाला आरो का बनाए जाने का आरोप लगाया इस मामले में जनपद न्यायालय और उच्च न्यायालय ने प्रथम दृष्टि दुर्गा शक्ति नागपाल आयुक्त के व्यवहार और कार्यशैली पर आपत्ति जताते हुए इसे न्यायपालिका पर सीधा हमला बताया और उन्हें न्यायिक अवमानना का दोषी पाया।

 इस मामले पर न्यायमूर्ति सैयद हसन कमर रिजवी ने बहुत गंभीर दृष्टिकोण अपनाते हुए इस मामले में दुर्गा शक्ति नागपाल पर न्यायिक अवमानना के लिए पर्याप्त कारण का पाया और उनके आचरण को न्यायपालिका पर हमला बताया जबकि दुर्गा शक्ति नागपाल ने सबीना खान पर अप शब्दों और अमर्यादित भाषा का आरोप लगाते हुए कहा था कि उनका मामला केवल पैरवी करके इस दीर्घकालीन मुकदमे को समाप्त करना था उधर सिविल जज सबीना खान ने इस प्रोटोकॉल का उल्लंघन न्यायपालिका की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप मानते हुए यह आप भी लगाया कि दुर्गा शक्ति नागपाल ने उनके संस्कारों पर टिप्पणी किया था यह मामला अत्यंत संवेदनशील चर्चित हो गया है जिसे प्रशासनिक सेवा और न्यायपालिका में सीधे टकराव के रूप में देखा जा रहा है   कहा तो यहां तक गया है कि दुर्गा शक्ति नागपाल ने खुद को सीनियर प्रशासनिक सेवा का अधिकारी बनाते हुए सबीना खान पर रोब डालने की कोशिश किया था बहरहाल सच क्या है यह दोनों के फोन रिकॉर्ड सामने आने पर ही पता चल सकेगा।

[8/30, 12:56 PM] Dr  Dileep Kumar singh: वर्तमान में सिविल जज सीनियर डिवीजन से बिना खान का जन्म 1983 ईस्वी में हुआ था और 2017 में उन्होंने न्यायिक सेवा प्रारंभ किया था यह मामला इतना अधिक तूल पकड़ गया है कि माननीय उच्च न्यायालय ने इसको अवमानना देखने वाली पीठ के सामने संदर्भित कर दिया है इतना ही नहीं न्यायिक सेवा संघ ने एक बैठक कर इस पर कठोर आपत्ति प्रकट किया है और यह कहा है कि यह मामला सरकार की तरफ से सरकारी अधिवक्ता देखते हैं तो दुर्गा शक्ति नागपाल का सीधे-सीधे इस मामले में पूछताछ करने का कोई अधिकार नहीं है

 उच्च न्यायालय ने  सीधे-सीधे  यह कहा की कोई भी प्रशासनिक अधिकारी कितना ही वरिष्ठ क्यों ना हो वह किसी मुकदमे को लेकर जज से सीधे-सीधे बात नहीं कर सकता है इसके लिए उसके अपने राज्य के अधिवक्ता होते हैं वह अपनी वरिष्ठता का हवाला देते हुए न्यायिक अधिकारियों को अनुचित प्रभाव में लेने या अनुचित काम करने की मंशा रखता है तो उसे न्यायिक और मानना माना जाएगा वर्तमान समय में उच्च न्यायालय की अवमान्य पीठ के सम्मुख है और यह देखना है कि इस मामले का अंत कहां और कैसे होता है एक बात अवश्य है कि जिस तरह से पुलिस प्रशासन न्यायपालिका और राज्य तथा केंद्र सरकारी काम कर रही हैं उसे जन सामान्य को तो कोई भी लाभ नहीं पहुंच रहा है जनता दोनों तरफ से चक्की में पिस रही है उसे एक तरफ पुलिस से हमेशा डर लगा रहता है तो दूसरे और प्रशासनिक और न्यायिक कार्रवाई से भी जनता भयभीत रहती है उसकी सुनने वाला कोई नहीं है देश की आजादी से आज तक जितने भी कदम उठाए गए उसमें वर्ग विशेष का अधिकारी और वर्ग विशेष का अधिकारी और राजनेता वर्ग का तथा नए कार्य का चाहे जितना लाभ हुआ हो और उनके वेतन भत्ते सुविधाएं चाहे जितनी बड़ी हो लेकिन सिविल क्रिमिनल राजा सूचक बंदी के करोड़ों करोड़ों लंबित मुकदमे यही दिखाते हैं कि यदि सच्चाई ईमानदारी कर्तव्यनिष्ठा और समर्पित मन से सारे तंत्र काम करते तो आज यह स्थिति नहीं आती वास्तविक धरातल पर तो स्थिति इतनी खराब है जो कहने लायक भी नहीं है लेकिन 99% भारत के लोग पुलिस और प्रशासन के डर से तथा न्यायिक अवमानना की कार्रवाई के चलते कुछ भी कहने सुनने से डरते रहते हैं और बचते रहते हैं और इसीलिए देश और देश की जनता का हाल बेहाल है।

बाकी बहुत कुछ बातें लिखने लायक नहीं है वह स्वच्छ शीशे की तरह पारदर्शी और बिल्कुल साफ है और सच्चाई सारी दुनिया देख रही है एक बड़ा सच यह भी है कि आज के समय में 95% जनता पुलिस प्रशासन और न्यायपालिका में ना तो अपना काम कर सकती है और ना मुकदमे लड़ सकती है इससे अधिक शोचनीय स्थिति एक देश की और क्या हो सकती है  ना तो अपना काम कर सकती है और ना मुकदमे लड़ सकती है इससे अधिक शोचनीय स्थिति एक देश की और क्या हो सकती हैं जहां पर95% जनता को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पुलिस प्रशासन और न्यायपालिका की शरण में जाने के लिए भ्रष्टाचार से होकर गुजरना पड़े इतना अवश्य है कि आज भी सभी टैटो में न्यायपालिका सबसे अधिक स्वच्छ पारदर्शी है और अधिकांश न्यायाधीश आज भी इमानदारी से अपने कर्तव्य का निर्वहन करना चाहते हैं लेकिन उनकी परेशानी यह है कि उनके अपने लोगों से लेकर घर परिवार सगे संबंधी राजनेता अपराधी सभी 99% अनुचित काम लेकर सिफारिश करने जाते हैं और किसी भी तरह से अपना काम कराना चाहते हैं यह एक ऐसा बिंदु है जहां पर बड़े से बड़े व्यक्ति को सोचना पड़ता है

जौनपुर जनपद की मेधावी और प्रतिभाशाली छात्रा शिप्रा सिंह पुत्री डॉ दिलीप कुमार सिंह एवं श्रीमती पद्मा सिंह ने नेट एवं पीएचडी की संपन्न परीक्षा में 194 अंक प्राप्त करके नेट परीक्षा क्वालीफाई करते हुए सहायक प्राध्यापक और पीएचडी में प्रवेश की पात्रता की उपलब्धि प्राप्त किया है।

जौनपुर जनपद की मेधावी और प्रतिभाशाली छात्रा शिप्रा सिंह पुत्री डॉ दिलीप कुमार सिंह एवं श्रीमती पद्मा सिंह ने नेट एवं पीएचडी की संपन्न परीक्षा में 194 अंक प्राप्त करके नेट परीक्षा क्वालीफाई करते हुए सहायक प्राध्यापक और  पीएचडी में प्रवेश की पात्रता की उपलब्धि प्राप्त किया है। 


प्रारंभ से ही मेधावी और प्रतिभाशाली छात्रा रही प्राथमिक शिक्षा डायट और ब्लॉसम तथा रामेश्वर शिशु विहार और राज कॉलेज से लिया और बाद में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से एम बी ए  प्रथम श्रेणी अंक में उच्च स्थान के एमबीए की परीक्षा उत्तीर्ण करते हुए बी एड और एम एड की परीक्षाएं भी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया है पिछले वर्ष भी इस परीक्षा में शिप्रा सिंह ने पीएचडी के लिए अर्हता प्राप्त की थी लेकिन कुछ अंकों से नेट में अर्हता नहीं प्राप्त कर पाई थी उन्होंने सिद्ध कर दिया कि कर्म और प्रतिभा का कोई विकल्प नहीं होता है और यह सफलता सारे घरेलू काम करते हुए अत्यंत विपरीत परिस्थितियों में प्राप्त की गई है। 

संप्रति प्रतियोगी परीक्षाओं में तैयारी कर रही शिप्रा सिंह को इस उपलब्धि पर उनके परिवार के लोगों   सभी मित्रों परिजनों और प्रेस के लोगों द्वारा शुभाकांक्षी लोगों के द्वारा बधाई और शुभकामनाएं दिया है और उज्जवल भविष्य की कामना किया है।

Thursday, 27 August 2026

मिल-जुलकर रहने और इंसानी सम्मान पर कुरान की सोच*

*मिल-जुलकर रहने और इंसानी सम्मान पर कुरान की सोच*
भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश है, जो दुनिया के सबसे ज़्यादा धार्मिक विविधता वाले देशों में से एक है। इस समुदाय के लिए, इंसानी सम्मान और शांति से मिल-जुलकर रहने के बारे में कुरान की सोच कोई काल्पनिक धार्मिक विचार नहीं है। यह कई धर्मों, भाषाओं और परंपराओं वाले देश में रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शक है। ऐसे समय में जब सार्वजनिक चर्चाओं में अक्सर एकता का आधार तलाशा जाता है, यह देखना ज़रूरी है कि कुरान हर इंसान की अहमियत और मिल-जुलकर रहने के कर्तव्य के बारे में क्या कहता है।
कुरान इंसानी अहमियत पर अपनी चर्चा किसी खास समुदाय से नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत से शुरू करता है। सूरह अल-इसरा में, अल्लाह कहता है: "हमने आदम की औलाद को सम्मान दिया है, उन्हें ज़मीन और समुद्र में यात्रा कराई है, उन्हें अच्छी और जायज़ चीज़ें दी हैं, और उन्हें अपनी बहुत सी रचनाओं से कहीं ज़्यादा श्रेष्ठ बनाया है" (17:70)। व्याख्या करने वालों ने लंबे समय से यह माना है कि यह सम्मान हर इंसान को मिलता है, चाहे उसका धर्म, नस्ल या हैसियत कुछ भी हो - सिर्फ़ इंसान होने के नाते। इस नज़रिए से, सम्मान दौलत, खानदान या ताकत से हासिल की जाने वाली चीज़ नहीं है; यह बनाने वाले की तरफ़ से पूरी इंसानियत को जन्मसिद्ध अधिकार के तौर पर दिया गया है। इसका मतलब है कि इंसानी ज़िंदगी और इंसानी अहमियत का सम्मान इस बात को पहचानने से शुरू होता है कि हर व्यक्ति में यह ईश्वर-प्रदत्त सम्मान मौजूद है। इंसानी अहमियत की इस साझा सोच को सूरह अल-हुजरात में और आगे बढ़ाया गया है, जहाँ कुरान सिर्फ़ मुसलमानों को नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत को संबोधित करता है: "हमने तुम्हें एक पुरुष और एक स्त्री से पैदा किया है और तुम्हें अलग-अलग समुदायों और कबीलों में बांटा है ताकि तुम एक-दूसरे को जान सको। सच तो यह है कि अल्लाह की नज़र में तुममें सबसे नेक वही है जो सबसे ज़्यादा नेक-कार है" (49:13)। इब्न कसीर जैसे पारंपरिक व्याख्याकार बताते हैं कि यह आयत खानदान, कबीले, रंग या राष्ट्रीयता पर आधारित घमंड को खत्म करने के लिए आई थी। यह आयत साफ़ करती है कि असली बड़प्पन नेक-कारी और अच्छे व्यवहार में है, न कि जन्म या पृष्ठभूमि में। कुरान दूसरों को विश्वास की आज़ादी देने के बारे में भी उतना ही स्पष्ट है। सूरह अल-बकराह घोषणा करता है: "धर्म के मामले में कोई ज़बरदस्ती नहीं होनी चाहिए, क्योंकि सच झूठ से साफ़ तौर पर अलग है" (2:256)। सदियों से विद्वानों ने इसे एक स्थायी सिद्धांत के रूप में समझा है कि किसी को भी कोई धर्म अपनाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, क्योंकि आस्था दिल और ज़मीर का मामला है। धर्म की आज़ादी के संवैधानिक वादे पर बने देश के लिए, कुरान का यह सिद्धांत भारत की "सर्व धर्म समभाव" यानी सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान की सभ्यतागत प्रतिबद्धता से गहराई से मेल खाता है।
सहिष्णुता से आगे बढ़कर, कुरान मानने वालों को उन लोगों के प्रति सक्रिय दया और न्याय का व्यवहार करने के लिए कहता है जो दूसरे धर्मों के हैं और उनके साथ शांति से रहते हैं। सूरह अल-मुमताहना में कहा गया है: "अल्लाह तुम्हें उन लोगों के साथ अच्छा और न्यायपूर्ण व्यवहार करने से नहीं रोकता जो धर्म के कारण तुमसे लड़ते नहीं हैं और तुम्हें तुम्हारे घरों से निकालते नहीं हैं। सचमुच, अल्लाह न्याय करने वालों से प्यार करता है (60:8)।" यह आयत मानने वाले को केवल साथ रहने से आगे बढ़कर दूसरे धर्मों के पड़ोसियों के साथ अच्छा व्यवहार करने, निष्पक्षता और दया दिखाने की सकारात्मक ज़िम्मेदारी की ओर ले जाती है। यह मूल्य भारत के गांवों, मोहल्लों और मिली-जुली बस्तियों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी अक्सर एक ही गली, एक ही स्कूल और एक ही तरह के सुख-दुख साझा करते हैं।
असल में, भारतीय मुसलमानों ने सदियों से इस कुरानी नैतिकता को देश के साझा सांस्कृतिक जीवन में अपनाया है। पूरे भारत में यात्रा करने वाले सूफी संत - जिनमें अजमेर के ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भी शामिल हैं - दया की उस भावना के प्रतीक बन गए जिसने हर पृष्ठभूमि के लोगों का स्वागत किया। अजमेर की दरगाह ख्वाजा साहेब, जिसका प्रबंधन आज अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय द्वारा 'दरगाह ख्वाजा साहेब अधिनियम, 1955' के तहत किया जाता है, इस विरासत को आगे बढ़ा रही है: यह हर साल विभिन्न धर्मों के लाखों श्रद्धालुओं का स्वागत करती है और कई तरह के कल्याणकारी काम करती है, जैसे सामुदायिक भोज, रमज़ान में मुफ़्त भोजन, तीर्थयात्रियों के लिए चिकित्सा सहायता, और विधवाओं, बेसहारा महिलाओं और ज़रूरतमंद छात्रों की मदद। यह एक आधुनिक, सरकारी तौर पर दर्ज उदाहरण है कि कैसे इस्लामी परंपरा पर आधारित सूफी संस्थानों ने खुलेपन, सेवा और धर्म से परे साझा अपनापन की संस्कृति को बढ़ावा दिया है।
यही भावना उस व्यापक परंपरा में भी मिलती है जिसे अक्सर "गंगा-जमुनी तहज़ीब" कहा जाता है - उत्तरी भारत की मिली-जुली संस्कृति जिसमें हिंदू और मुसलमान पीढ़ियों से एक-दूसरे के त्योहार मनाते आए हैं, कव्वाली जैसी कलात्मक परंपराओं को साझा करते आए हैं, और शिष्टाचार और सम्मान की एक साझा भाषा विकसित की है। भारत सरकार का अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय, जिसे भारत के अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण और विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए बनाया गया था, ऐसे संस्थानों और पहलों का समर्थन करना जारी रखता है। यह एक ऐसे विविध और समावेशी समाज के प्रति संवैधानिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसमें ऊपर बताई गई कुरानी मूल्यों को स्वाभाविक रूप से अपनाया जाता है।
भारतीय मुस्लिम समुदाय के लिए, ये कुरानी शिक्षाएं आस्था का विषय भी हैं और देश के सामूहिक जीवन में योगदान भी। वे हर मानने वाले को यह देखने के लिए प्रेरित करती हैं इंसानी गरिमा को सार्वभौमिक मानना, समुदायों के बीच के अंतर को बंटवारे के बजाय आपसी पहचान और सम्मान का मौका समझना, हर व्यक्ति की अंतरात्मा की स्वतंत्रता का सम्मान करना और हर धर्म के पड़ोसियों के साथ न्याय और दया का व्यवहार करना। विविधता में एकता पर गर्व करने वाले देश में, इन कुरानी सिद्धांतों को अपनाना एक धार्मिक कर्तव्य और नागरिक योगदान, दोनों है—यह इस बात की याद दिलाता है कि सच्चा विश्वास और सच्चा सह-अस्तित्व हमेशा साथ-साथ चलते रहे हैं।

फ़रहत अली खान 
एम ए गोल्ड मेडलिस्ट

Tuesday, 25 August 2026

मौसम की भविष्यवाणी - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर

मौसम की भविष्यवाणी  - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर
आज जौनपुर और आसपास के जनपदों का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहेगा जबकि कल का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और 28 डिग्री सेल्सियस रहेगा इसी बीच सापेक्षिक आर्द्रता की मात्रा न्यूनतम 85 प्रतिशत और अधिकतम 100% रहेगी हवा की दिशा मुख्य रूप से दक्षिणी दक्षिणी पूर्वी और वेग 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगा वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद अच्छा 30 से लेकर 60 के बीच रहेगा और अल्ट्रावायलेट किरणों की तीव्रता 1 से 3 के बीच रहेगी।
 24 और 25 अगस्त की तरह आज भी अधिकांश स्थानों में भारी और बाकी स्थान में मध्यम वर्षा जारी रहेगी और यह वर्षा कल से धीरे-धीरे कमजोर होगी और 31 अगस्त तक चलेगी 

अभी तक जौनपुर और आसपास के क्षेत्र में 800 मिलीलीटर वर्ष के मुकाबले 605 मिलीमीटर वर्षा हुई है जबकि यहां पर वार्षिक वर्षा का औसत 900 मिमी से 1000 मिली मीटर के बीच होता है पिछले वर्ष यहां पर 1000 मिलीलीटर वर्षा हुई थी 


मानसून के प्रचंड ऊर्जा और वेग पर एल नीनो का प्रभाव 1 अगस्त 10 सितंबर तक प्रभावहीन होने से ही वर्षा हो रही है इसके बाद अलनिनो का प्रभाव फिर से बढ़ेगा जिससे सितंबर में वर्षा की स्थितियां बेहद खराब हो सकती हैं और सूखे जैसी स्थिति आ सकती है


 इस प्रकार दो सूखे जैसी स्थितियां जून और जुलाई में बीत चुकी हैं तीसरे की जो भविष्यवाणी हमारे केंद्र ने किया था वह सितंबर में आना लगभग निश्चित है लेकिन इसके बाद एक और चक्कर संघनन वाष्पन और विक्षोभ से प्रभावित होगा जिससे सितंबर के अंत में वर्षा होने से खेती बागवानी और सभी लोगों को लाभ हो सकता है 


इसके अलावा 24 अगस्त से 26 अगस्त तक भारी मूसलाधार वर्षा की हमारे केंद्र की भविष्यवाणी एक बार फिर 49 वर्षों की भांति पूरी तरह सत्य हुई अभी गर्मी वर्षा उमस और पसीने से पीछा 15 अक्टूबर के बाद ही पूरी तरह समाप्त होगा

न्यूज 2:
 जौनपुर और आसपास के जनपदों को विशेष कर जौनपुर के दक्षिणी भागों और वाराणसी से लेकर भदोही मिर्जापुर गाजीपुर अब से 1 घंटे के अंदर कहीं-कहीं बहुत भारी मूसलाधार वर्षा तो बाकी जगह माध्यम से भारी वर्षा दो दिन तक होने वाली है अन्य जनपदों में भी यही स्थिति होने वाली है जो जौनपुर के आसपास हैं अयोध्या प्रयागराज में भी ऐसा ही होने वाला है इसलिए आप सब लोग सावधान रहें डॉ दिलीप कुमार सिंह
 कल शाम 7 बज कर 4 मिनट को हमारे केंद्र के द्वारा किए गए भीषण मूसलाधार वर्षा की भविष्यवाणी जौनपुर प्रतापगढ़ सुल्तानपुर आजमगढ़ गाजीपुर वाराणसी दीनदयाल नगर रावटसगंज और अयोध्या प्रयागराज तथा आसपास के जनपदों के लिए ईश्वर की कृपा से पूरी तरह सही हुई अभी-यह भीषण मूसलाधार मूसलाधार वर्षा आज और मध्यम वर्षा कल भी जारी रहेगी डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर

Monday, 24 August 2026

आज का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहेगा जबकि कल का अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहेगा जौनपुर नगर क्षेत्र में हल्की वर्षा बूंदाबांदी और कई पडोसी जिलों में हल्की सामान्य मध्यम वर्षा होने की आशा है कल भी लगभग यही मौसम रहेगा गर्मी उमस पसीना जारी रहेगा की कुछ स्थानों पर अच्छी वर्षा हो सकती है।

आज का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहेगा जबकि कल का अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहेगा जौनपुर नगर क्षेत्र में हल्की वर्षा बूंदाबांदी और कई पडोसी जिलों में हल्की सामान्य मध्यम वर्षा होने की आशा है कल भी लगभग यही मौसम रहेगा गर्मी उमस पसीना जारी रहेगा की कुछ स्थानों पर अच्छी वर्षा हो सकती है। 
वायु गुणवत्ता सूचकांक 40 से 60 के बीच हवा के दिशा मुख्य रूप से पूर्वी दक्षिणी रहेगी और गति 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी

पराबैंगनी किरणों की तीव्रता 1 से 3 के बीच रहेगी और प्रदूषण की मात्रा न्यूनतम रहेगी यह मौसम 30 अगस्त के बाद फिर से बदल जाएगा

हमारे केंद्र के द्वारा जनवरी से जून तक 35 बार  लिखित भविष्यवाणी की गई थी केवल काम चलाने लायक वर्षा होगी इसलिए खेती और बागवानी मुख्य रूप से सूखी फसलों वाली करें क्योंकि इस वर्ष पिछले साल के अपेक्षा 70 से 80% वर्षा होगी ।
अभी तक 700 मिली लीटर वर्षा होनी चाहिए थी लेकिन आज तक की वर्षा जोड़ने पर केवल 450 मिलीलीटर  वर्षा जौनपुर में हुई है अभी आशा है कि  30 अगस्त तक वर्षा और होगी  मानसूनी बादलों के संघनन वाष्पन और स्थानीय विक्षोभ के कारण जौनपुर और पड़ोसी जनपद पर केंद्रित होने से लगातार कई दिन  वर्षा की स्थिति बनी है आर्य वर्षा मानव पशु पक्षियों खेती-बाड़ी बागवानी के लिए वरदान है - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि और निदेशकअलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र

Sunday, 23 August 2026

सावन की पूर्णिमा और रक्षाबंधन महापर्व - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

सावन की पूर्णिमा और रक्षाबंधन महापर्व - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 
सावन महीना परम पवित्र होता है पूरे सावन महीने में पर्व और त्योहार सबसे अधिक संख्या में मनाये जाते हैं सर्वप्रथम तो संपूर्ण सावन को भगवान शिव का महीना मानकर उनकी पूजा अर्चना की जाती है इसी महीने में 15 अगस्त का राष्ट्रीय स्वतंत्रता का पर्व मनाया जाता है और इसी महीने की अंतिम दिन परम पवित्र रक्षाबंधन या राखी का महापर्व पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है यह हरियाली का महीना है और सारी धरती हरी भरी रहती है और ऑक्सीजन की प्रचुरता होने से सब कुछ करो ताजा दिखता है हरियाली का तीज का महापर्व भी इसी महीने में मनाया जाता है और पुत्रदा एकादशी भी सावन महीने में ही मनाए जाते हैं सावन की हरियाली देखकर ही कहा गया है -

**सावन की तो बात निराली चारों तरफ बिछी हरियाली**

भारत विश्व का सबसे प्राचीन और सबसे पवित्र देश है जो सतयुग त्रेता द्वापर में दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली देश था और यह हर्षवर्धन के कल तक सारी दुनिया का सिरमौर था इसको सोने की चिड़िया भी कहा जाता था लेकिन लगातार 1000 वर्ष के आक्रमण और लूटपाट पहले मुसलमानों और फिर अंग्रेजों के द्वारा किया गया जिससे यह देश कंगाल और निर्धन हो गया और अनेक व्रत पर्व त्यौहार प्रथम परंपराएं दूषित हो गई फिर भी धीरे-धीरे सारी प्रथम परंपराएं फिर से कायम हो रही है और अब सोशल मीडिया और इंटरनेट का समय हो जाने से भारत के सनातनी लोगों को यह पता चल गया है कि हमारा भोजन वस्त्र रहन-सहन आवास की प्रथा और जीवन प्रणाली तथा भोजन प्रणाली व्रत पर्व त्यौहार दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हैं जो प्रकृति और पर्यावरण के साथ समस्त जीवधारियों से तादात्म्य स्थापित करके चलते हैं। 

भारत के हर महीने में अनेक व्रत पर्व त्यौहार पडते हैं लेकिन सबसे प्रमुख पर्व में चार हैं जिसमें रक्षाबंधन ब्राह्मणों का अर्थात पठन-पाठन मंत्र वाचन पूजा पाठ करने वालों का दशहरा या विजयदशमी क्षत्रियों का अर्थात शक्तिशाली अस्त्र विद्या में निपुण देश और जनता की रक्षा करने वालों का दीपावली वैश्यों का अर्थात जो भी देश को धन-धन सुख समृद्धि संपन्नता से भर दे उनका और होली का महापर्व शूद्रों का अर्थात जो सेवा भावना से ओत-प्रोत हों और जो सच्चे मन से सब की सेवा करने वाले हों का त्यौहार है। यह ध्यान देना अति आवश्यक है कि प्राचीन काल में वर्ण व्यवस्था थी जाति प्रथा नहीं थी और किसी भी वर्ण का व्यक्ति संबंधित वर्ण का गुण होने पर उसमें आसानी से स्थान पर जाता था जाति प्रथा मुगल और अंग्रेजों की देन थी लेकिन तब भी सनातनी समाज के द्वारा ऐसा कोई बंधन नहीं था की एक जाति का व्यक्ति दूसरी जाति में नहीं जा सकता था। 

उदाहरण के लिए ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र चक्रवर्ती सम्राट विश्व रथ थे लेकिन अपने अपार ज्ञान त्याग तपस्या के कारण व ब्रह्म ऋषि हुए और उन्होंने गेहूं नारियल भैंस गायत्री मंत्र एंटीमैटर एंटी एनर्जी एंटी यूनिवर्स का निर्माण और खोज किया द्रोणाचार्य एक ब्राह्मण होते हुए भी परम अतिरथी योद्धा थे और एकलव्य शूद्र होकर भी महान धनुर्धर था कर्ण सूत पुत्र होकर भी महाभारत के सर्वश्रेष्ठ योद्धाओं में एक था हेमचंद्र हेमू विक्रमादित्य और भामाशाह जैसे लोग वैश्य होकर भी महान योद्धा थे इसी प्रकार लोमश ऋषि काग भूसुंडी सूतजी शौनक जी गृत्समद शबरी मतंग ऋषि दादू रविदास गाडगे जैसे अनगिनत लोग दलित और निम्न जातियों से और वर्ण से होकर भी सर्वश्रेष्ठ ऋषि मुनि तपस्वी सन्यासी थे जिनकी पूजा स्वयं ब्राह्मण और बड़े-बड़े सम्राट भी किया करते थे। 

इस वर्ष सावन महीने में 28 अगस्त के दिन रक्षाबंधन का परम पवित्र महापर्व संपूर्ण भारत में मनाया जाएगा इस दिन घी का दीपक रोली हल्दी कुमकुम अक्षत राखी के साथ सजाकर बहनें अपने भाई लोगों को स्नान ध्यान करके बांधती हैं और निम्नलिखित महा वैदिक मंत्र पढ़ती हैं -
"" येन बद्धो बलिः राजा दानवेन्द्र महाबलो
तेन त्वां प्रतिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल""

यदि कोई स्त्री संस्कृत मंत्र ना पढ़ सके तो केवल इतना हिंदी में कहना चाहिए कि जिस राखी ने परम प्रतापी महाबली राजा बाली को बांध दिया मैं वही रखी तुम्हें बांधती हूं यह तुम्हारी हमेशा रक्षा करें यह मंत्र बोले बिना राखी बांधने का कोई अर्थ नहीं होता है

इसटे बाद उन्हें अच्छा भोजन खिलाती हैं बदले में भाई अपनी सामर्थ्य के अनुसार कुछ ना कुछ प्रदान करते हैं लेकिन सबसे बड़ी बात में अपनी बहन को आजीवन रक्षा करने का वचन देते हैं यह जाति धर्म देश काल की सीमाओं से परे हैं और इसे सनातनी गैर सनातनी क्रिश्चियन मुस्लिम में यहूदी शैतान राक्षस देव जातियां सभी मनाते हैं  ध्यान देने योग्य बात है कि यह केवल भाई बहन का ही महापर्व नहीं है छोटे लोग बड़े और सम्मानित लोगों को अपने पिता और गुरु को और सीमा पर तैनात सैनिकों को भी राखी बांधते हैं यदि किसी का भाई ना हो तो वह ईश्वर को ही अपना भाई मानकर उन्हें राखी समर्पित कर सकती हैं यदि भाई ना आ सके तो उनके नाम से मंत्र पढ़कर पूजा गृह में रखी रखने से भी उसका पूरा फल मिलता है। 

रक्षाबंधन का त्यौहार राखी के दिन अर्थात सावन पूर्णिमा के दिन ही प्रारंभ हुआ था इसके बारे में अनेक सामाजिक धार्मिक आध्यात्मिक दार्शनिक और ऐतिहासिक कथाएं हैं सबसे पहले रक्षाबंधन महापर्व का वर्णन भगवती लक्ष्मी द्वारा बलि को राखी बांधने से प्राप्त होता हैरक्षाबंधन का अगला वर्णन इंद्र की परम सती पत्नी शची के द्वारा इंद्र को राखी बांधने से प्राप्त होता है जब देवराज इंद्र और देवता राक्षसों से हार रहे थे तब देवगुरु बृहस्पति के निर्देश पर मंत्रों से पूरित रेशम के रक्षा को देवी शची ने इंद्र की कलाई पर बांधा था जिससे देवताओं की विजय हुई और राक्षस हार गए द्रौपदी जी के द्वारा भगवान कृष्ण को राखी बांधने का प्रसंग विश्व विख्यात है ही जब शिशुपाल के वध बाद के समय उनकी अंगुली में सुदर्शन चक्र से चोट लग गई तो द्रौपदी ने तत्काल अपनी साड़ी फाड़ कर भगवान कृष्ण को बांध दिया था जिसका मूल्य उन्होंने चीर हरण में चुकाया महाभारत में अनेक लोगों के द्वारा राखी बांधने का वर्णन मिलता है राजा महाराजा सामान्य जनता सभी रक्षाबंधन बड़े ही उत्साह से मनाते हैं इस दिन पुरोहित घर-घर जाकर अपने यजमानों को राखी बंद कर बदले में अन्य धन वस्त्र प्राप्त करते हैं यद्यपि यह प्रथा अब धीरे-धीरे लुप्त हो रही हैं इसी दिन शिष्य अपने गुरुजनों को भी राखी बांधते हैं वैसे रानी करमती द्वारा हुमायूं को राखी बांधने की कथा आती है लेकिन यह सही नहीं है क्योंकि हुमायूं रानी कर्मावती की रक्षा करने के स्थान पर बहादुर शाह से मिल गया और मेवाड़ का बुरी तरह से पतन हो गया और 30000 रानियों को कर्मावती के साथ जौहर करना पड़ा था।

इस वर्ष कब बांधी जाएगी राखी

ज्योतिष और पंचांग के अनुसार इस वर्ष शुक्रवार के दिन 28 अगस्त को सुबह 5:57 से 9:48 तक राखी बांधने का योग है क्योंकि पूर्णिमा तिथि 9:49 पर समाप्त हो जा रहे हैं इसलिए इसी कालखंड में जो लगभग 4 घंटे का है नहा धोकर स्वच्छ वस्त्र पहनकर भाई का मुंह पूर्व की तरफ रखकर थाली में अक्षत रोली रक्षाबंधन मिठाई और पुष्प सजाकर घी का दीपक जलाकर राखी बांधना चाहिए भाई को अपने बहन की आज जीवन रक्षक का वचन देकर आशीर्वाद और शक्ति के अनुसार उपहार देना चाहिए इसके बाद भोजन मिष्ठान ग्रहण करके तभी प्रस्थान करना चाहिए सबसे बड़ी बात इस समय भादरा की छाया भी नहीं रहेगी क्योंकि सूर्योदय के पहले ही भद्रा समाप्त हो रही है इस प्रकार उत्साह से विधि विधान के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाना चाहिए