Tuesday, 7 April 2026

गैस सिलेंडरों की भयानक कालाबाजारी का डरावना सच भारत में यदि रहना है चींटी हाथी उठा के ले गई तब भी हां हां कहना है

गैस सिलेंडरों की भयानक कालाबाजारी का डरावना सच 

भारत में यदि रहना है चींटी हाथी उठा के ले गई तब भी हां हां कहना है

बिना प्रमाण के कुछ भी कहना और लिखना नहीं चाहिए विशेष करके तब जब सरकारी तंत्र के विरुद्ध लिखना हो आज हम एक ऐसी ज्वलंत समस्या की सच्चाई लिख रहे हैं जिससे सारा देश विशेष कर 95 परीक्षित जनता जूझ रही हैं 

जब से खाड़ी युद्ध छिड़ है तब से आप लोग बराबर मोदी जी सभी मुख्यमंत्री जिम्मेदार तंत्र ‌ सांसद विधायक मंत्रियों और सुजाता शर्मा सचिव को सुन रहे हैं कि देश में गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है सब कुछ सामान्य है कुछ विरोधी तत्व और विपक्षी दल इसका झूठ उसे प्रचार कर रहे हैं।

उनका यह भी कहना था कि प्रिंट इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया में जो गैस एजेंसी पर लंबी लाइन गैस न मिलने की समस्या और डिलीवरी तीन दिन में न मिलने की शिकायत है सब झूठी है और प्रायोजित है इसलिए मैंने समय की प्रतीक्षा किया और तब तक प्रतीक्षा किया जब तक अपना खुद का गैस सिलेंडर बुकिंग नहीं कराया 

आज जबकि कल ही ईरान ने अमेरिका के पैरों पर झुक कर समर्पण कर दिया है और हॉरमुज का जल डमरू मध्य खोल दिया है तब तो स्थितियां सामान्य होनी चाहिए थी लेकिन कहानी उल्टी है अब आप खुद ही देख लीजिए।

आप बुकिंग रसीद देख लीजिए 5 दिन पहले की है सरकार के दिशा निर्देशों के अनुक्रम में और जिलापुर के अधिकारी और जिलाधिकारी जौनपुर के आश्वासन के क्रम में मैंने तीन दिन प्रतीक्षा किया चौथे दिन भी प्रतीक्षा किया लेकिन बुकिंग होने के बाद भी गैस सिलेंडर नहीं आया 

इसके बाद मैं गैस देने वाले नौकर से बात किया तो उसने कहा साहब मैं अभी गैस गोदाम से लौटा हूं एक भी सिलेंडर ना आया है ना गैस गोदाम में है इसके बाद मैं एजेंसी के मालिक से बात किया उन्होंने भी यही बात दोहराई 

अब आप ही बताओ कि ऐसी स्थिति में जनता चोरी बेईमानी कालाबाजारी ना करे तो क्या करें अगर आपातकाल के लिए सिलेंडर का भंडारण न करे तो क्या करें‌ उन लोगों की हालत सोचो जिनके एक ही सिलेंडर होगा और गैस खत्म होने के बाद 5 दिन वह कैसे भोजन पानी कर रहे होंगे। 

देश के पांच प्रेषक तंत्र जिसमें अधिकारी सरकारी कर्मचारी सांसद विधायक मंत्री प्रधानमंत्री राष्ट्रपति बड़े-बड़े लोग माफिया और धन कुबेर और ‌ विपक्षी दलों के सांसद विधायक जिला स्तर के राजनेता हैं उनको तो कभी कोई कमी नहीं होगी क्योंकि उनके पास भी ना कहे ही एक फोन पर सिलेंडर यही एजेंसी के मालिक लोग पहुंचा देंगे लेकिन सामान्य जनता का क्या 

आप आए दिन रोज इन सभी उत्तरदाई तंत्र सरकार उसके मंत्री सांसद विधायक जिला स्तर के नेता जिला अधिकारी जिला पूर्ति अधिकारी को सुनते होंगे कि देश में सब कुछ सामान है कहीं भी गैस सिलेंडर की कमी नहीं है और 90 लाख सिलेंडर की रोज बुकिंग हो रही है तो आखिर वह जा कहां रही है यही यक्ष प्रश्न है 


जब खाड़ी युद्ध प्रारंभ नहीं हुआ था तो 24 घंटे में सिलेंडर स्वयं एजेंसी के नौकर पहुंचा देते थे बल्कि पूछते थे कि सिलेंडर चाहिए तो बता दो तो क्या सामान्य जनता की यह शिकायत सही है कि गैस सिलेंडर हर जगह उपलब्ध है लेकिन ₹100 से ₹1000 अलग से देने पर कालाबाजारी में चाहे जितने सिलेंडर ले लो इसी का लाभ उठा कर होटल और रेस्टोरेंट वाले बड़े-बड़े लोग और अन्य लोग गैस सिलेंडरों का भंडारण कर रहे हैं आज तक एक भी होटल या रेस्टोरेंट बंद नहीं हुआ 

अब ऐसे में भारत की क्या दशा और दिशा होगी यह तो जिम्मेदार सरकार और तंत्र एवं उनके चापलूस चाटुकार दलाल चमचे मक्खनबाज और 420 लोग ही जाने जो मॉल मलाई से भरपूर मक्खन रसमलाई मोहन भोग बैकुंठ भोग शिलाजीत वियाग्रा और लिपिडेक्स जैसी चीज दिखाकर गाल गुलाबी नैन शराबी होकर अशोक खरात जैसे कामों का अंजाम दे रहे हैं 


सरकार को शायद धरातल की सच्चाई मालूम नहीं है कि यदि आज चुनाव हो जाए तो भाजपा 100 सीट भी नहीं पहुंच पाएगी जिसका प्रमाण पांच राज्यों में हो रहे चुनाव का है यदि असम में किसी तरह भाजपा की सरकार वह भी हेमंत विश्व शर्मा के नाते बन जाए तो बहुत बड़ी बात है मोदी जी को कोई चिंता नहीं है उन्होंने तो भरपूर राजभोग बुढ़ापे में कर ही लिया है और फकीर की तरह झोला उठाकर चल देंगे विधर्मी शैतानों का भरपूर विकास हो गया और देश की सारी सुविधाओं का 60% वही लोग मजा ले रहे हैं 


ऐसे सभी लोग जिनके अंदर मानवता बची हुई है और जो सच्चाई पसंद करते हैं अपना विचार इस पोस्ट पर अवश्य लिखेंगे और शायद सरकार और उसके तंत्र का डर है कि कोई व्यक्ति सामने नहीं आता है आने वाला नेस्तनाबूद हो जाता है ‌ प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया की भी एक सीमा है वह क्या कर सकते हैं सरकार से कोई लड़ नहीं सकता 

इसीलिए कहा गया है कि इस घर को आग लग गई घर के चिराग से -डॉ दिलीप कुमार सिंह

संपूर्ण देश के मौसम की विस्तृत भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

संपूर्ण देश के मौसम की विस्तृत भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 

आज हल्के बादल और मध्यम गर्मी और कल ‌ 8 अप्रैल को जौनपुर और आसपास होने वाली हैं वर्षा ‌ गिरेगा तापमान

 ‌‌ जौनपुर और आसपास आज का अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहेगा कल अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना ‌ जौनपुर और आसपास के जिलों में आजकल और परसों तेज बारिश और ओलावृष्टि का खतरा टला‌ लेकिन तेज हवा आंधी तूफान का मौसम जारी रहेगा 8 अप्रैल को एक बार फिर वर्षा की संभावना बन रही है  ‌ 9 अप्रैल के बाद कम से कम 10 दिनों तक मौसम सूखा और शांत तथा फसलों की कटाई मड़ाई के योग्य रहेगा

3 अप्रैल से 9 अप्रैल तक‌ संपूर्ण भारत में मौसम तूफानी झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला बिजली ‌ और घनघोर गरज चमकगर्जन वाला रहेगा इस कालखंड में अधिकांश देश में बूंदाबांदी  से लेकर हल्की वर्षा होगी और कहीं कहीं ओलावृष्टि का भी खतरा बना हुआ है 

इस कालखंड में संपूर्ण देश में अधिकांश जगह 20 किलोमीटर से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने आंधी तूफान का खतरा बना हुआ है और कहीं धूल भरी आंधी तो कहीं हल्की वर्षा बूंदाबांदी के साथ आंधी तूफान आएगा और कहीं-कहीं बहुत प्रचंड बवंडर का रूप भी धारण करके आंधी की गति 70 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है ।

जौनपुर और आसपास के जनपदों में इस आंधी तूफान का विशेष कर वर्ष का खतरा सबसे कम है लेकिन यहां भी गोदावरी से हल्की वर्षा इस कालखंड में होगी ।

पूरे देश की वायु गुणवत्ता में आश्चर्यजनक रूप से कल्पना के पार सुधार हुआ है और कहीं-कहीं तो यह वायु गुणवत्ता सूचकांक शून्य से 30 तक पहुंच गई है जैसे कि तिरुअनंतपुरम कन्याकुमारी और आसपास के क्षेत्र में पूर्वोत्तर भारत में जौनपुर और मुंबई तथा अन्य भागों में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत ही अच्छी 30 से लेकर 60 के बीच बनी हुई है ऐसा बहुत लंबे समय बाद देखा गया है जबकि वर्ष कल में भी इन स्थानों की वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 से 100 के बीच रहता है ।

रौद्र नामक नए वर्ष के आरंभ होने के कारण सूर्य मंडल पर प्रचंड विस्फोट और भयंकर सौर ज्वालाओं के कारण‌ लाखों किलोमीटर की लंबी विकिरण वाली सौर ज्वालाएं अंतरिक्ष में फैल रही हैं जिनकी गति हजारों किलोमीटर प्रति घंटा है इससे दुनिया भर में अनेक विक्षोभ बना रहे हैं और आंधी तूफान चक्रवात ज्वालामुखी विस्फोट के साथ-साथ अफगानिस्तान ईरान भारत दक्षिण पूर्वी एशिया जापान और अमेरिका के तटवर्ती भागों में चार से लेकर 8 सेक्टर पैमाने पर एक महीने तक भूकंप आने का खतरा बना रहेगा 

भारत में इस काल खंड में अधिकतम तापमान 30 से लेकर 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 से लेकर 22 डिग्री सेल्सियस बना रहेगा 10 अप्रैल से भयंकर गर्मी पड़ेगी और उमस रहेगी इस समय हवा की दिशा भी पूरे भारत में लगातार परिवर्तित होती रहेगी मौसम के इस भयानक मोड लेने के कारण सबको हर जगह बहुत सावधान रहने की आवश्यकता है विशेष क्रांति के समय सुरक्षित रहें घर के अंदर रहे इस वर्ष तूफान और झंझावात का असर सबसे पहले पाकिस्तान उत्तर पश्चिम भारत इसके बाद मध्य और पूर्वी भारत और अंत में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में पड़ेगा।
[4/8, 5:40 AM] Dr  Dileep Kumar singh: हमारे केंद्र की भविष्यवाणी के अनुसार आज सुबह से ही वर्षा शुरू हो जाएगी जो दिन में दो-तीन बार होगी तेज हवा के झोंकों के साथ आज मौसम बहुत ही ठंडा और सुहाना रहेगा अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहेगा झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला ‌ और बिजली की गलत चमक के बीच वर्षा होगी ‌ कल हमारे केंद्र की भविष्यवाणी के अनुसार जम्मू कश्मीर पाकिस्तान राजस्थान गुजरात से लेकर लखनऊ तक वर्षा हुई और आज जौनपुर प्रतापगढ़ मिर्जापुर भदोही सोनभद्र मिर्जापुर आजमगढ़ गाजीपुर अंबेडकर नगर अयोध्या और आसपास के समस्त पूर्वांचल के जिले सम्मिलित रहेंगे

कल के बारे में अनुमान है कि मौसम धीरे-धीरे साफ हो जाएगा और कई दिनों तक आप मौसम रहेगा कल का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहेगा

डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल द्वारा अभियुक्त को दोष मुक्त कराया गया

डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल द्वारा अभियुक्त को दोष मुक्त कराया गया 
मुकदमा नंबर सत्र परीक्षण संख्या 352 /11 स्टेट प्रति नीरज मिश्रा न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायालय जौनपुर थाना कोतवाली धारा 489 बी 489 सी मुकदमा अपराध संख्या 123 सन 11 ‌ के प्राचीन मुकदमे में डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल जनपद न्यायालय जौनपुर डॉ दिलीप कुमार सिंह के द्वारा अभियुक्त नीरज मिश्रा को दोष मुक्त कराया गया ।

मुकदमा उपर्युक्त में पुलिस द्वारा अभियुक्त नीरज मिश्रा को जाली नोटों के साथ पकड़ने का आरोप लगाया गया था जिसे सिद्ध करने में अभियोजन पक्ष पूरी तरह असफल रहा और मामले के तथ्य और परिस्थितियों को देखते हुए डिफेंस काउंसिल के विद्वतापूर्ण तर्क के द्वारा ‌ संतुष्ट होकर विद्वान न्यायाधीश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वितीय शौरिक सिद्दीकी ‌ ‌ द्वारा उभय पक्ष की बात सुनने के उपरांत मेरिट पर अभियुक्त नीरज मिश्रा को मुक्त कर दिया तरफ अभियोजन पक्ष से अरुण कुमार पाठक द्वारा किया गया था।

Sunday, 5 April 2026

देश में कितना भयानक परिवर्तन आ रहा है एक झलक मिलते हैं लोग कहीं जाते हैं

देश में कितना भयानक परिवर्तन आ रहा है एक झलक मिलते हैं लोग कहीं जाते हैं यदि छोटा भी पुरस्कार सम्मान ही स्मृति चिन्ह पाए जाते हैं या फूल माला से उन्हें सम्मानित किया जाता है तो अपने साथ अपने फोटोग्राफर लेकर चलते हैं और उसको खूब बढ़ा चढ़ा कर इस तरह से उच्च प्रदर्शन अर्थात हाईलाइट करते हैं मानो उन्हें भारत रत्न और संयुक्त राष्ट्र संघ का पुरस्कार और नोबेल पुरस्कार मिल गया है ।‌ और बहुत बाद में मुझे पता चला की बड़े-बड़े नेता नेती और अन्य लोग अपने चापलूसों की फौज भी ताली बजाने के लिए साथ लेकर जाते हैं इसलिए जब यह 10 20 50 100 लोग ताली पीटते हैं तो बाकी को भी पीटना पड़ता है।

एक हम लोगों का समय था 1971 से लेकर आज तक ‌ जनपद अस्त्र से लेकर प्रदेश देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार स्मृति चिन्ह सम्मान पत्र प्रमाण पत्र एवं अनगिनत विजेता वैजयंती अर्थात ट्रॉफी इतना प्राप्त किया जिसको 1 दिन में कोई गिन नहीं सकता । ‌ एक बात और है कि मैं बहुत पहले से ही शायद 1990 से ऐसी जगह पर जाना छोड़ दिया था जहां छोड़ डकैत बलात्कारी दुष्कर्म धन माफिया और गबन करने वाले ‌ जनता का धन चूसने वाले भ्रष्ट और घूसखोरी लोग अध्यक्ष मुख्य अतिथियों संचालक नियुक्त होते हैं क्योंकि वहां जनक खुद को अपमानित करने के बराबर है यह ऐसा न करता तो आज एक कमरा भरकर केवल पुरस्कार प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह से भरा होता।

यह पुरस्कार स्मृति चिन्ह ट्रॉफी सम्मान पत्र और प्रमाण पत्र दर्जन या सौ नहीं बल्कि हजारों की संख्या में है और आश्चर्य की बात है कि हजारों में से मैंने एक भी छायाचित्र किसी से कहकर नहीं खिंचवाया ‌ कुछ असली शुभचिंतक लोगों ने खींच कर भेज दिया वहीं पड़े हुए हैं यदि मैं ऐसा करता तो आज मेरे घर में इन सबको रखने की जगह नहीं होती आज भी नहीं है ।‌ इतना अवश्य है कि हमारे 99% सहयोगी साथी और विभाग में साथ का काम करने वाले लोगों ने और ऊपर से शुभचिंतक बनने का ढोंग करने वालों ने कभी भी एक भी छायाचित्र या वीडियो बनाकर मुझे आज तक नहीं भेजा है।

यही कारण है कि आज 1 वर्ष में एक जिले में हजारों लोग अचानक बड़ी तेजी से ऊपर उठते हैं या यूं कहिए कि ऊपर उठाए जाते हैं और अगले वर्ष उनका नाम और निशान नहीं रहता इसलिए बाद कम कीजिए पुरस्कार इसमें चिन्ह तो नश्वर है बहुत जल्दी समाप्त हो जाएंगे यदि चाहते हो दुनिया तुम्हें याद करे तो तुम दुनिया के ऊपर दया करो यदि चाहते हो कि तुमको लाभ हो तो सब का भला करो याद रखो ।

अनगिनत राही गये इस राह से उनका पता क्या।
 पर गए कुछ छोड़ ईश्वर अपने पैरों की निशानी।


यही हाल भारत के हर क्षेत्र का है लाल बहादुर शास्त्री को छोड़कर आज तक कोई भी प्रधानमंत्री ऐसा नहीं हुआ जिसको याद किया जा सके जो भारत भक्ति सनातन भक्त हो इसी तरह डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को छोड़कर कोई भी सनातन भक्त भारत भक्ति राष्ट्रपति नहीं हुआ इसलिए किसी का नाम याद नहीं किया जाता ।


अच्छे लोगों का नाम धीरे-धीरे फैलता है और मरने के बाद पूरी दुनिया में छा जाता है जबकि जबरदस्ती चमचों के सहारे पाए हुए लोग अधिक स्थाई नहीं रहते यही हाल संत महंत धर्म गुरु मताधिक और उपदेश तथा वाचन का है जो अंदर से बिल्कुल काले और अधिकांश दुष्कर्म होते हैं और पड़कर जेल जाते हैं अपना नुकसान तो करते ही हैं इससे देश कलंकित होता है और धर्म का सम्मान घटना है जितने भी धर्मगुरु हैं यह सभी इसी श्रेणी के हैं इसमें अपवाद केवल बाबा कीनाराम ‌ भगवान अवधूत राम और अघोर पंथ के अनुयाई और चुनार के पीठाधीश्वर कहे जा सकते हैं जिनका मुख्यालय शक्तेशगढ़ में है । वैसे तो और भी बहुत है लेकिन धन कुबेर राजनेताओं और अपराधियों का संरक्षण न देने के कारण इनका नाम प्रचारित प्रसारित नहीं है यही कारण है कि मंचों पर अपराधी दुराचारी दुष्कर्म बलात्कारी और पानी की तरह पैसा बहाने वाले जब सादा जीवन उच्च विचार और सदाचार का उपदेश देते हैं तो जनता को यही लगता है कि इनको जूता चप्पल निकाल कर मर जाए।

यही कारण है कि जौनपुर के 99% लोग 10 साल पहले के किसी भी प्रख्यात विभूति का नाम पूछने पर नहीं बता सकते हैं ‌ वास्तव में यदि देखा जाए तो राजनेता धर्म गुरु कथावाचक माफिया आवर्धन कुबेर एक दूसरे की मदद करते हुए उनका महिमा मंडल करके मान सम्मान प्राप्त करते हैं जिसके वह पात्र नहीं होते हैं इसलिए एक दूसरे के सहयोग से सभी फलते फूलते रहते हैं और विधान संविधान के समानांतर गुंडा माफिया नक्सलवाद का राज चलता रहता है।

इस देश में सबसे कठिन काम है सच को उजागर करना और सही बात करना क्योंकि ऐसा करने पर सबसे पहले आपके अपने लोग फिर बाहरी लोग फिर मठाधीश और राजनेता और धन कुबेर माफिया सभी क्रोधित हो जाते हैं और यही कारण है आपने देखा कि यदि पश्चिम के एपस्टीन फाइल्स  की तरह भारत में ऐसी कोई फाइल बनाई जाए तो 99% राजनेता धर्मगुरु कथा वाचक माफिया और धन कुबेर और बड़े-बड़े अधिकारी पश्चिम फाइल की जद में आएंगे लेकिन जो भी इसको खोलना है या तो मार दिया जाता है या ब्लैकमेल किया जाता है या फिर साम दाम दंड भेद से पटा लिया जाता है जैसे इस समय कई लोगों ने बड़े-बड़े नेताओं की पोल खोलने का प्रयास किया लेकिन प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने डर के कारण नहीं छापा क्योंकि यह इतने बड़े घड़ियाल के बारे में है जो सबको निगल जाएंगे तो अपने साथ अपने फोटोग्राफर लेकर चलते हैं और उसको खूब बढ़ा चढ़ा कर इस तरह से उच्च प्रदर्शन अर्थात हाईलाइट करते हैं मानो उन्हें भारत रत्न और संयुक्त राष्ट्र संघ का पुरस्कार और नोबेल पुरस्कार मिल गया है ।‌ और बहुत बाद में मुझे पता चला की बड़े-बड़े नेता नेती और अन्य लोग अपने चापलूसों की फौज भी ताली बजाने के लिए साथ लेकर जाते हैं इसलिए जब यह 10 20 50 100 लोग ताली पीटते हैं तो बाकी को भी पीटना पड़ता है।

एक हम लोगों का समय था 1971 से लेकर आज तक ‌ जनपद अस्त्र से लेकर प्रदेश देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार स्मृति चिन्ह सम्मान पत्र प्रमाण पत्र एवं अनगिनत विजेता वैजयंती अर्थात ट्रॉफी इतना प्राप्त किया जिसको 1 दिन में कोई गिन नहीं सकता । ‌ एक बात और है कि मैं बहुत पहले से ही शायद 1990 से ऐसी जगह पर जाना छोड़ दिया था जहां छोड़ डकैत बलात्कारी दुष्कर्म धन माफिया और गबन करने वाले ‌ जनता का धन चूसने वाले भ्रष्ट और घूसखोरी लोग अध्यक्ष मुख्य अतिथियों संचालक नियुक्त होते हैं क्योंकि वहां जनक खुद को अपमानित करने के बराबर है यह ऐसा न करता तो आज एक कमरा भरकर केवल पुरस्कार प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह से भरा होता।

यह पुरस्कार स्मृति चिन्ह ट्रॉफी सम्मान पत्र और प्रमाण पत्र दर्जन या सौ नहीं बल्कि हजारों की संख्या में है और आश्चर्य की बात है कि हजारों में से मैंने एक भी छायाचित्र किसी से कहकर नहीं खिंचवाया ‌ कुछ असली शुभचिंतक लोगों ने खींच कर भेज दिया वहीं पड़े हुए हैं यदि मैं ऐसा करता तो आज मेरे घर में इन सबको रखने की जगह नहीं होती आज भी नहीं है ।‌ इतना अवश्य है कि हमारे 99% सहयोगी साथी और विभाग में साथ का काम करने वाले लोगों ने और ऊपर से शुभचिंतक बनने का ढोंग करने वालों ने कभी भी एक भी छायाचित्र या वीडियो बनाकर मुझे आज तक नहीं भेजा है।

यही कारण है कि आज 1 वर्ष में एक जिले में हजारों लोग अचानक बड़ी तेजी से ऊपर उठते हैं या यूं कहिए कि ऊपर उठाए जाते हैं और अगले वर्ष उनका नाम और निशान नहीं रहता इसलिए बाद कम कीजिए पुरस्कार इसमें चिन्ह तो नश्वर है बहुत जल्दी समाप्त हो जाएंगे यदि चाहते हो दुनिया तुम्हें याद करे तो तुम दुनिया के ऊपर दया करो यदि चाहते हो कि तुमको लाभ हो तो सब का भला करो याद रखो ।

अनगिनत राही गये इस राह से उनका पता क्या।
 पर गए कुछ छोड़ ईश्वर अपने पैरों की निशानी।


यही हाल भारत के हर क्षेत्र का है लाल बहादुर शास्त्री को छोड़कर आज तक कोई भी प्रधानमंत्री ऐसा नहीं हुआ जिसको याद किया जा सके जो भारत भक्ति सनातन भक्त हो इसी तरह डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को छोड़कर कोई भी सनातन भक्त भारत भक्ति राष्ट्रपति नहीं हुआ इसलिए किसी का नाम याद नहीं किया जाता ।


अच्छे लोगों का नाम धीरे-धीरे फैलता है और मरने के बाद पूरी दुनिया में छा जाता है जबकि जबरदस्ती चमचों के सहारे पाए हुए लोग अधिक स्थाई नहीं रहते यही हाल संत महंत धर्म गुरु मताधिक और उपदेश तथा वाचन का है जो अंदर से बिल्कुल काले और अधिकांश दुष्कर्म होते हैं और पड़कर जेल जाते हैं अपना नुकसान तो करते ही हैं इससे देश कलंकित होता है और धर्म का सम्मान घटना है जितने भी धर्मगुरु हैं यह सभी इसी श्रेणी के हैं इसमें अपवाद केवल बाबा कीनाराम ‌ भगवान अवधूत राम और अघोर पंथ के अनुयाई और चुनार के पीठाधीश्वर कहे जा सकते हैं जिनका मुख्यालय शक्तेशगढ़ में है । वैसे तो और भी बहुत है लेकिन धन कुबेर राजनेताओं और अपराधियों का संरक्षण न देने के कारण इनका नाम प्रचारित प्रसारित नहीं है यही कारण है कि मंचों पर अपराधी दुराचारी दुष्कर्म बलात्कारी और पानी की तरह पैसा बहाने वाले जब सादा जीवन उच्च विचार और सदाचार का उपदेश देते हैं तो जनता को यही लगता है कि इनको जूता चप्पल निकाल कर मर जाए।

यही कारण है कि जौनपुर के 99% लोग 10 साल पहले के किसी भी प्रख्यात विभूति का नाम पूछने पर नहीं बता सकते हैं ‌ वास्तव में यदि देखा जाए तो राजनेता धर्म गुरु कथावाचक माफिया आवर्धन कुबेर एक दूसरे की मदद करते हुए उनका महिमा मंडल करके मान सम्मान प्राप्त करते हैं जिसके वह पात्र नहीं होते हैं इसलिए एक दूसरे के सहयोग से सभी फलते फूलते रहते हैं और विधान संविधान के समानांतर गुंडा माफिया नक्सलवाद का राज चलता रहता है।

इस देश में सबसे कठिन काम है सच को उजागर करना और सही बात करना क्योंकि ऐसा करने पर सबसे पहले आपके अपने लोग फिर बाहरी लोग फिर मठाधीश और राजनेता और धन कुबेर माफिया सभी क्रोधित हो जाते हैं और यही कारण है आपने देखा कि यदि पश्चिम के एपस्टीन फाइल्स  की तरह भारत में ऐसी कोई फाइल बनाई जाए तो 99% राजनेता धर्मगुरु कथा वाचक माफिया और धन कुबेर और बड़े-बड़े अधिकारी पश्चिम फाइल की जद में आएंगे लेकिन जो भी इसको खोलना है या तो मार दिया जाता है या ब्लैकमेल किया जाता है या फिर साम दाम दंड भेद से पटा लिया जाता है जैसे इस समय कई लोगों ने बड़े-बड़े नेताओं की पोल खोलने का प्रयास किया लेकिन प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने डर के कारण नहीं छापा क्योंकि यह इतने बड़े घड़ियाल के बारे में है जो सबको निगल जाएंगे

Friday, 3 April 2026

संपूर्ण देश के मौसम की विस्तृत भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

संपूर्ण देश के मौसम की विस्तृत भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 
3 अप्रैल से 9 अप्रैल तक‌ संपूर्ण भारत में मौसम तूफानी झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला बिजली ‌ और घनघोर गर्जन वाला रहेगा इस कालखंड में अधिकांश देश में गोदावादी से लेकर हल्की वर्षा होगी और कहीं कहीं ओलावृष्टि का भी खतरा बना हुआ है 

इस कालखंड में संपूर्ण देश में अधिकांश जगह 20 किलोमीटर से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने आंधी तूफान का खतरा बना हुआ है और कहीं धूल भरी आंधी तो कहीं हल्की वर्षा बूंदाबांदी के साथ आंधी तूफान आएगा और कहीं-कहीं बहुत प्रचंड बवंडर का रूप भी धारण करके आंधी की गति 70 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है 


जौनपुर और आसपास के जनपदों में इस आंधी तूफान का विशेष कर वर्ष का खतरा सबसे कम है लेकिन यहां भी गोदावरी से हल्की वर्षा इस कालखंड में होगी 

पूरे देश की वायु गुणवत्ता में आश्चर्यजनक रूप से कल्पना के पार सुधार हुआ है और कहीं-कहीं तो यह वायु गुणवत्ता सूचकांक शून्य से 30 तक पहुंच गई है जैसे कि तिरुअनंतपुरम कन्याकुमारी और आसपास के क्षेत्र में पूर्वोत्तर भारत में जौनपुर और मुंबई तथा अन्य भागों में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत ही अच्छी 30 से लेकर 60 के बीच बनी हुई है ऐसा बहुत लंबे समय बाद देखा गया है जबकि वर्ष कल में भी इन स्थानों की वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 से 100 के बीच रहता है 


रौद्र नमक नए वर्ष के आरंभ होने के कारण सूर्य मंडल पर प्रचंड विस्फोट और भयंकर सौर ज्वालाओं के कारण‌ लाखों किलोमीटर की लंबी विकिरण वाली सौर ज्वालाएं अंतरिक्ष में फैल रही हैं जिनकी गति हजारों किलोमीटर प्रति घंटा है इससे दुनिया भर में अनेक विक्षोभ बना रहे हैं और आंधी तूफान चक्रवात ज्वालामुखी विस्फोट के साथ-साथ अफगानिस्तान ईरान भारत दक्षिण पूर्वी एशिया जापान और अमेरिका के तटवर्ती भागों में चार से लेकर 8 सेक्टर पैमाने पर एक महीने तक भूकंप आने का खतरा बना रहेगा 

भारत में इस्कल खंड में अधिकतम तापमान 30 से लेकर 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 से लेकर 22 डिग्री सेल्सियस बना रहेगा 10 अप्रैल से भयंकर गर्मी पड़ेगी और उमस रहेगी इस समय हवा की दिशा भी पूरे भारत में लगातार परिवर्तित होती रहेगी मौसम के इस भयानक मोड लेने के कारण सबको हर जगह बहुत सावधान रहने की आवश्यकता है विशेष क्रांति के समय सुरक्षित रहें घर के अंदर रहे इस वर्ष तूफान और झंझावात का असर सबसे पहले पाकिस्तान उत्तर पश्चिम भारत इसके बाद मध्य और पूर्वी भारत और अंत में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में पड़ेगा

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशन एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ की देखरेख में जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार एवं सचिव सिविल जज सीनियर डिवीजन सुशील कुमार सिंह देखरेख में पराविधिक स्वयंसेवक प्रशिक्षण कार्यक्रम जनपद न्यायालय जौनपुर

प्रेस विज्ञप्ति 

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशन एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ की देखरेख में जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार एवं सचिव सिविल जज सीनियर डिवीजन सुशील कुमार सिंह  देखरेख में पराविधिक स्वयंसेवक प्रशिक्षण कार्यक्रम जनपद न्यायालय जौनपुर के सभागार आयोजित किया गया ‌ इस कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सभी न्यायाधीश गण सीजेएम श्वेता यादव सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर सुशील कुमार सिंह चीफ डिफेंस काउंसिल अनिल कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉ दिलीप कुमार सिंह ,

असिस्टेंट डिफेंस काउंसिल प्रकाश तिवारी और अनुराग चौधरी बाल विकास अधिकारी चंदन राय  सहायक श्रमायुक्त देवव्रत यादव काउंसलर देवेन्द्र यादव मध्यस्थ संजय कुमार उपाध्याय अधिवक्ता मध्यस्थ मनोज कुमार वर्मा प्राधिकरण के कर्मचारी गण और ‌ पैरेलीगल वॉलिंटियर्स उपस्थित रहे।
[4/3, 12:30 PM] Dileep Singh Rajput Jounpur: कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद सुशील कुमार के द्वारा देवी सरस्वती को माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन  और ‌  उद्बोधन के साथ हुआ ‌ मंचासीन जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि प्रधान न्यायाधीश अतिरिक्त जिला जज अनिल कुमार यादव और नोडल अधिकारी रंजीत कुमार का ‌ स्वागत अनिल कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह असिस्टेंट डिफेंस काउंसिल प्रकाश तिवारी और अनुराग चौधरी ‌ के द्वारा ‌ पौधा देकर किया गया
[4/3, 12:57 PM] Dileep Singh Rajput Jounpur: प्रशिक्षण के क्रम में ‌ कार्यक्रम कासंचालन करते हुए ‌ डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल के द्वारा ‌ पैरालेगल वॉलिंटियर्स की परिभाषा और उनके कार्य और अधिकारों के बारे में बताया गया ‌ काउंसलर देवेंद्र कुमार यादव के द्वारा ‌ जिला परिषद प्राधिकरण के बारे में बाल विकास अधिकारी चंदन राय के द्वारा सरकार के द्वारा दी गई योजनाओं के बारे में सहायक श्रमायुक्त  देवव्रत यादव के द्वारा श्रम संबंधित कानूनों के बारे में ‌ मध्यस्थ संजय कुमार उपाध्याय द्वारा‌ मध्यस्थता के बारे में ‌ असिस्टेंट लीगल एंड डिफेंस काउंसिल अनुराग चौधरी प्रकाश तिवारी ‌ प्रतिरक्षक के बारे में विजय ‌ शंकर श्रीवास्तव ‌ द्वारा स्थाई लोक अदालत के बारे में मनोज वर्मा द्वारा वैवाहिक कानून के बारे में और श्रीमती उर्वशी सिंह के द्वारा पैरा लीगल वॉलिंटियर्स के बारे में प्रशिक्षण दिया गया
[4/3, 4:53 PM] Dileep Singh Rajput Jounpur: कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण का समापन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर सुशील कुमार सिंह के द्वारा अधिकार मित्र पैरालीगल वॉलिंटियर्स के अधिकार और कर्तव्य के उद्बोधन के साथ हुआ

Thursday, 2 April 2026

धुएं में घुलता कल: स्योहारा ग्राम फैजुल्लापुर में बेखौफ ‘मौत के नशे मैं डूबा काला कारोबार’!

धुएं में घुलता कल: स्योहारा ग्राम फैजुल्लापुर में बेखौफ ‘मौत के नशे मैं डूबा काला कारोबार’!
                /स्योहारा। डॉ०उस्मान ज़ैदी)
स्योहारा से सटे ग्राम फैजुल्लापुर में इन दिनों एक ऐसा ‘धुआं’ उठ रहा है, जो सिर्फ हवा को नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को भी जहरीला बना रहा है। शान-ओ-शौकत और आधुनिकता के नाम पर चल रहे अवैध हुक्का बारों ने नई पीढ़ी को नशे की अंधेरी खाई की ओर धकेल दिया है। हैरत की बात यह है कि यह सब कुछ प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे खुलेआम संचालित हो रहा है, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
कूल बनने की चाह में खोता बचपन सूत्रों के अनुसार, ग्राम फैजुल्लापुर में दिन ढलते ही इन हुक्का बारों में महफिलें सजने लगती हैं। स्कूल-कॉलेज के छात्र ‘ट्रेंड’ और ‘स्टाइल’ के नाम पर यहां पहुंच रहे हैं। बताया जाता है कि हुक्के में केवल फ्लेवर ही नहीं, बल्कि संदिग्ध नशीले पदार्थों का मिश्रण भी परोसा जा रहा है, जो युवाओं के शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा हमला कर रहा है। कोडवर्ड में चलता है ‘काला खेल’यह अवैध कारोबार बेहद शातिराना ढंग से संचालित किया जा रहा है। बाहर से सामान्य दिखने वाली जगहों के अंदर आलीशान व्यवस्था और धुएं से भरे कमरे तैयार किए गए हैं। खास ग्राहकों के लिए ‘कोडवर्ड’ का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि किसी बाहरी व्यक्ति को इसकी भनक तक न लग सके।ग्रामवासियों का फूटा गुस्सा
गांव के लोगों का कहना है कि इस नशे के अड्डे ने पूरे माहौल को बिगाड़ दिया है।एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया:हमारे बच्चे पढ़ाई छोड़कर वहां घंटों बैठते हैं। अगर यह सब नहीं रुका, तो आने वाली पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी।”
ग्रामवासियों का साफ कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे लोगों का भरोसा प्रशासन से उठता जा रहा है।ग्राम प्रधान डॉ. मोहम्मद उमेर अंसारी का सख्त रुख ग्राम प्रधान डॉ. मोहम्मद उमेर अंसारी ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:“फैजुल्लापुर की धरती पर नशे का यह खेल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ी के साथ खिलवाड़ है। प्रशासन को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करनी चाहिए,उन्होंने आगे कहा कि गांव की गरिमा और युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। प्रशासन पर उठते बड़े सवाल प्रतिबंध के बावजूद यह अवैध हुक्का बार कैसे संचालित हो रहे हैं? क्या पुलिस को इसकी जानकारी नहीं, या फिर अनदेखी की जा रही है?
 युवाओं के स्वास्थ्य से हो रहे खिलवाड़ की जिम्मेदारी कौन लेगा? नशा: हर अपराध की जड़ है!विशेषज्ञों का मानना है कि नशा न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि अपराधों की जड़ भी बनता है। ऐसे में इस तरह के अड्डों का संचालन समाज के लिए गंभीर खतरा बन चुकहै/
            ---------- शेर:----------&
“धुआं उठता रहा और हम खामोश रहे,
कल राख में बदलेंगे, ये अंदेशा आज से है।”
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