आखिर क्यों प्रचंड और विकराल हो रही है गर्मी -
डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि
भारत सहित संपूर्ण दुनिया में गर्मी की तीव्रता और उसकी अवधि दोनों लगातार बढ़ रही है जिस पर बहुत गहराई से विचार मंथन करने के बाद निम्नलिखित तथ्य सामने आते हैं -
सबसे पहला कारण है लगातार धरती पर हरित क्षेत्र का हरियाली पेड़ पौधों और वनस्पतियों का कम होते जाना और सीमेंट तथा कंक्रीट ईंट पत्थर के जंगलों का लगातार बढ़ते चला जाना है इसके कारण धरती सूर्य की गर्मी को शक कर धडधकने लगती है जैसा की पथरी इलाकों और सीमेंट की सड़क पर आपने देखा होगा।
इन सब कारणों से जहां धरती पर ऑक्सीजन की कमी हो रही है वहीं पर वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार खराब होता जा रहा है और पराबैंगनी किरणों की तीव्रता भी बहुत तेजी से बढ़ रही है इसलिए गर्मी जलाने और झुलसाने वाली बन गई है ।
जितना ही अधिक धरती की सतह पर सीमेंट कंक्रीट और ईंट पत्थर बढ़ते चले जाएंगे उतना ही गर्मी और ऊष्मा का परावर्तन और अवशोषण बढ़ेगा और यह एक कच्चे मकान और पक्के मकान में रहकर आसानी से देखा जा सकता है
[4/21, 6:05 PM] Dr Dileep Kumar singh: लगातार गर्मी बढ़ने का दूसरा कारण लगातार सूखी पछुआ तेज हवाएं चलना और किसी भी विक्षोभ के जन्म न लेने का कारण है जिसके कारण गर्म हवाएं शुष्क जमीन और भट्ठी हुई धरती लगातार गर्म होती चली जाती है और इस समय भारत का 90% भूभाग आज की धरती बन गया है और अधिकांश भागों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से लेकर 47 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है जब लगातार आंधी तूफान और विक्षोभ का जन्म होता है तब तापमान नियंत्रित हो जाता है जो कि इस बार 15 अप्रैल से 25 अप्रैल तक बिल्कुल नहीं होना है जिसके कारण पूरे देश में जम्मू कश्मीर हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत को छोड़कर हर जगह ताप लहर अर्थात लू चल रही हैं।
तीसरा प्रमुख कारण है सूर्य के सतह पर लगातार प्रचंड विस्फोट सौर कलंक और सौर ज्वालामुखी उत्पन्न होना जो सूर्य के चारों ओर लाखों किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ती है और इनमें भयंकर विकिरण पैदा होता है जिससे कभी-कभी धरती पर रेडियो तरंग और संचार में बाधा आ जाती है इस समय सूर्य पर या प्रक्रिया चरम पर है जिससे गर्मी और भी भयंकर हो रही उत्तरी गोलार्ध में यह प्रक्रिया अप्रैल से जून तक और दक्षिणी गोलार्ध में नवंबर से जनवरी तक चलती है जहां सूर्य की किरणें प्रभावी होती हैं । इसके अलावा तेरी गोलार्ध में सूर्य का पृथ्वी के सीधे ऊपर आना भी भयंकर गर्मी का कारण बन जाता है।
लगातार प्रचंड गर्मी और तप लहर तथा ल बहने का चौथा कारण धरती पर लगातार बढ़ रहे उद्योग धंधे और कल कारखाने हैं जो धरती की सतह लगातार गर्म करते चले जा रहे हैं इसके कारण धरती पर गर्मी बढ़ती चली जा रही है ।
पांचवा कारण विराट संख्या में बढ़ रहे दो पहिया चार पहिया और अन्य प्रकार के चलने वाले वाहन ट्रेन हवाई जहाज रॉकेट और अंतरिक्ष यान से उत्पन्न गर्मी है आज से 100 साल पहले जिन सड़कों पर 10 या 20 वाहन दौड़ते थे आज वहां लाखों करोड़ों की संख्या में दिन-रात वहां ट्रेन हवाई जहाज जलयान चलते हुए भयानक गर्मी और प्रदूषण तथा जहरीली गैसें पैदा कर रहे हैं यदि आप कभी सड़क पर चलते हुए किसी बड़े ट्रक या बस या वहां के बगल से गुजरते हैं तो आपको खुद उसके गर्म हवा का झोंका अनुभव हुआ होगा ।
छठ कारण धरती पर लगातार हो रहे युद्ध और हथियारों का प्रयोग आतिशबाजी और पटाखा और इसके साथ-साथ इससे उत्पन्न गर्मी और ऊर्जा है इसमें भूमिगत परमाणु परीक्षण भी शामिल है यह सभी धरती को निरंतर गम करते चले जा रहे हैं तापमान उतना ही रहता है लेकिन खुले धूप और पेड़ के छाया में तापमान का 10 डिग्री सेल्सियस और कमरे में 5 डिग्री सेल्सियस का अंतर होता है यदि पहले की तरह आज भी धरती 95 प्रतिशत पेड़ पौधे हरियाली से आच्छादित हो जाए तो औसत तापमान अपने आप 10 डिग्री सेल्सियस कम हो जाएगा ।
सातवां कारण हर जगह फैल रहे वातानुलित यंत्र बड़े-बड़े सेट ग्रह बिजली के और गैस के चूल्हे और उसके साथ-साथ उपयोग की जाने वाली प्रसाधन सामग्री भी है जो लगातार जहरीली गैस और कार्बन डाइऑक्साइड तथा गर्मी छोड़ती रहती है ।
आठवां कारण अलादीन का प्रभाव है जो एक बहुत बड़े भूभाग पर होने वाली प्राकृतिक घटना है जिसके कारण समुद्र की सतह का तापमान अचानक बहुत बढ़ जाता है या भयंकर गर्मी और सुख पैदा करता है दुर्भाग्य से इस बार भारत अफ्रीका और अमेरिका के भूभाग अलनीनो से प्रभावित हो रहे हैं जिसके कारण गर्मी का बढ़ना और कम वर्षा का होना भी निश्चित है
इसके अतिरिक्त और भी बहुत से कारण है जिसमें मोबाइल और अन्य टावरों की बढ़ाते हुए संख्या बैटरी का अधिक से अधिक प्रयोग प्रदूषण और गंदगी का लगातार बढ़ता धरती और आकाश तथा जल का लगातार प्रदूषित होते जाना आभूषण बनाने वाले दुकानों से जहरीला और गंदा पानी बह कर नदी नालों में मिल जाना जिनकी रासायनिक क्रिया से भीषण गर्मी पैदा होती है साथ-साथ कागजों पर और भाषणों में वृक्षारोपण और हरियाली इसके अन्य कारण है इसके कारण मनुष्य की प्रतिरोधक क्षमता लगातार कम होती चली जा रही है सीमेंट कंक्रीट और ईंट पत्थर धरती पर बढ़ते चले जाने के कारण धरती के जल सूखने की क्षमता भी कम हो जाती है और जल की कमी भयंकर गर्मी पैदा करती है संक्षेप में आधुनिक विज्ञान टेक्नोलॉजी और मानव सभ्यता वह हर काम कर रही है जिससे भयानक गर्मी लगातार बढ़ रही है जो समस्त सृष्टि के लिए एक भयंकर खतरा है।