Saturday, 13 June 2026

परीक्षाओं की तानाशाही और निरंकुश्ता परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राओं के लिए अभिशाप बनी -डॉ दिलीप कुमार सिंह

‌‌ परीक्षाओं की तानाशाही और निरंकुश्ता परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राओं के लिए अभिशाप बनी -डॉ दिलीप कुमार सिंह 

अद्भुत सरकार है और अद्भुत है उसका परीक्षा तंत्र हर बार हर परीक्षा में या तो प्रश्न पत्र आउट हो जाते हैं या लीक हो जाते हैं या कुछ न कुछ तकनीकी कमी के कारण लाखों लाख छात्रों की परीक्षा एक झटके में रद्द हो जाती है और हर एक छात्रा का हजारों रुपए पानी में डूब जाता है ।

इसके अलावा भारत की परीक्षाएं भी धन्य है जो सीधे-सीधे सनातन धर्म पर प्रहार हैं यह देखकर बहुत ही अपमानित महसूस किया जाता है कि इस परीक्षा में सनातनी महिलाओं के हार मंगलसूत्र नाक और कान में पहनने वाले आभूषण यहां तक की पैरों में पहनने वाली पायल और मीना तक निकाल लिया जाता है क्या सचमुच पागल हो गया है हमारा परीक्षा तंत्र इन चीजों से परीक्षा में भला क्या खतरा हो सकता है समझ के बाहर है ।‌ तुम्हें जब नाका भेजो बुर्का की बात आती है तो सारा तंत्र प्रशासन और न्यायपालिका भी चुप हो जाती है।


जहां तक घड़ी और किसी डिजिटल उपकरण को ले जाना है वहां तक तो कुछ बात समझ में भी आती है लेकिन ऐसा सिस्टम क्यों नहीं विकसित करते हैं की छात्राओं के प्रवेश करते समय ही ऐसी मशीन लगा दीजिए जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए लेकिन ऐसा कुछ नहीं होने वाला है ‌ हम लोग तो इतनी परीक्षा दे डाले नल का नामोनिशान नहीं कभी कुछ भी ऐसा नहीं देखने को मिला जैसा आजकल नंगा नाच हो रहा है ‌ कहावत है कि चोर को सब चोर और बेईमान को सब बेईमान‌ दुराचारी को सब दुराचारी ही दिखते हैं।

एक खेल और खेलते हैं हमारे परीक्षा से जुड़े हुए तथाकथित युग पुरुष लोग‌ परीक्षाओं को इतना दूर-दूर कर देते हैं की बस ट्रेन सड़क सब कुछ जाम हो जाता है और अधिकांश परीक्षार्थियों के लिए अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचना बहुत टेढ़ी खीर हो जाती है जिस देश में छल कपट विश्वासघात बेईमानी चोरी घूसखोरी भ्रष्टाचार रग रग में भरा हो वहां पर कुछ भी सफल होने वाला नहीं है हर साल लगभग सभी परीक्षाओं में परीक्षा रद्द होती है बेईमानी होती है भ्रष्टाचार होता है सब कुछ जानकार भी लोग चुपचाप रहते हैं और सफल हो जाने वाले तीस मार खान तुर्रम खान बन जाते हैं ।

यदि सचमुच लोगों में नैतिकता और सदाचार होती तो हर एक विद्यालय में एक परीक्षा आयोजित होती जिसमें प्रारंभिक परीक्षा ले ली जाती यदि विद्यालय का तंत्र ईमानदार है तो एक निश्चित अंक पाने वाले छात्रों को ही मुख्य परीक्षा में स्थानिक स्कूल कॉलेज से परीक्षा लेकर भेजा जा सकता है इससे 90% भीड़ अपने आप समाप्त हो जाएगी और सही और योग्य छात्र छात्राएं आराम से मुख्य परीक्षा देने जाएंगे लेकिन ऐसी कुछ भी चीज करना इन लोगों के बस की बाहर की बात है क्योंकि इसमें भी 95% लोग वही होते हैं जो स्वयं ही छल कपट चोरी बेईमानी पैसों के बल पर नियुक्त हो जाते हैं ।

सुना तो यहां तक गया है कि जब राजनेताओं बड़े-बड़े अधिकारियों माफिया धन कुबेर और दलालों के बच्चे नियत अनुपात में चुने नहीं जाते तो जानबूझकर परीक्षा में प्रश्न पत्र आउट कर दिया जाता है या लीक हो जाता है या परीक्षा होने के बाद भी इन्हीं लोगों में से कोई न्यायालय में चला जाता है और सब कुछ तभी ठीक होता है जब उनके छात्रों का बच्चों का समायोजन हो जाता है 

‌ परीक्षा दे रहे छात्र-छात्राओं को कितना परेशानी कष्ट होता है यह वही जानते हैं या उनके साथ जाने वाले अभिभावक लोग जानते हैं मोटी रकम लेने के बाद भी अधिकांश विद्यालय में परीक्षा सेंटरों पर पानी तक की व्यवस्था नहीं रहती है अनेक स्थानों में तो बिना पंखे की ही परीक्षा आयोजित होती है इसके अलावा परीक्षा के दिन परीक्षा टेंपो वाहन चालक यहां तक की पानी बेचने वाले और जलपान नाश्ता वाले भी खुले आम लूट करते हैं₹10 की चीज ₹20 से ₹50 तक और ₹10 के भाड़े की जगह ₹100 वसूले जाते हैं और उनके साथ गए अभिभावक लोगों को बैठने की भी कोई जगह नहीं दी जाती है बरसात धूप या फिर ठंड में कांपते हुए समय बिताना उनकी मजबूरी है परीक्षा समाप्त होने के बाद इतना जाम और हाहाकार मचता है कि लोगों को वापस घर पहुंचना कठिन हो जाता है इसमें सबसे ज्यादा परेशानी स्त्रियों और लड़कियों को होती है और उनके घर सुरक्षित पहुंचना भी एक चमत्कार होता है।

ईश्वर ही जाने क्या-क्या खेल हो रहा है इस देश में और इस देश को बना पाना बचा पाना संभव नहीं रह गया है पैसा पे हुए चल दलाल और चमचे गुणगान करते हैं असली सच पुलिस छिपा देती है सब कुछ लिप पोर्ट कर साफ कर दिया जाता है और पता चलता है कि कल पान बीड़ी सुरती खाने वाले मदिरा पीने वाले लोग बड़े-बड़े पदों पर चुन लिए जाते हैं और उनके साथी सहयोगी यहां तक की शिक्षक भी मुंह फाड़ कर देखते रह जाते हैं विश्वास ना हो तो देख लीजिए देश के 90% से अधिक लोग ऊंचे पदों पर द्वितीय या तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण है और इसी कारण से तुलसीदास जी ने मंत्र के मुंह से कहां डाला की कोई भी राजा बने हमको कोई हानि नहीं है इसीलिए भारत की जनता एन देशभक्त हो पाती है और नाराज भक्त हो पाती है और यह लंबा खेल नीचे से ऊपर तक चलता रहता है आठवां वेतन प्राप्त लोगों को 95% लोगों की दुख पीड़ा कष्ट महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार से क्या लेना देना है वह भी राजनेताओं की तरह सरपट को गाना और घास को गेहूं बोलते रहेंगे

धार्मिक पहचान और देश के जुड़ाव में बैलेंस* :*भारत का आगे का रास्ता*

Friday, 12 June 2026

डॉ. मन्नान ज़ैदी के नेतृत्व में मानव सेवा का महाअभियान, समाजसेवियों का हुआ भव्य सम्मान!

डॉ. मन्नान ज़ैदी के नेतृत्व में मानव सेवा का महाअभियान, समाजसेवियों का हुआ भव्य सम्मान!
     ( सब हेडलाइन)
वरिष्ठ पत्रकार डॉ. उस्मान ज़ैदी के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ गरिमामयी समारोह, शेखचिल्ली की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
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स्योहारा। मानव सेवा, सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण के उद्देश्य को लेकर कार्यरत नयी लहर फाउंडेशन द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. मन्नान ज़ैदी ने किया, जबकि कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में प्रसिद्ध कॉमेडी कलाकार शेखचिल्ली अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में समाज सेवा, रक्तदान, स्वास्थ्य सहायता तथा जरूरतमंद लोगों की मदद के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले समाजसेवियों को नयी लहर फाउंडेशन की ओर से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सभी सम्मानित अतिथियों को शील्ड भेंट कर उनके कार्यों की सराहना की गई।प्रसिद्ध हास्य कलाकार शेखचिल्ली ने अपनी मनोरंजक प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह को खूब हँसाया। उनकी प्रस्तुतियों के दौरान पूरा सभागार तालियों और ठहाकों से गूंज उठा। शेखचिल्ली की टीम से रुखसाना, जाहिद, कैफ, अजय, बंटी एवं रिफाकत विशेष रूप से मौजूद रहे।
कार्यक्रम में Arshee,Blood ,Help ,Seva ,की ओर से हाफ़िज़ अथर हुसैन, महबूब शेख, नदीम अख्तर, शमीम अहमद सहित अनेक समाजसेवियों ने सहभागिता कर समाजहित के कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
इस अवसर पर नयी लहर फाउंडेशन की टीम के सक्रिय सदस्य जुबैर ज़ैदी, डॉ. रईस अहमद, फैज़ान, नूर चौधरी, फरमान चौधरी, वकार चौधरी, मोहम्मद ज़ैद, रचना देवी एवं दीक्षित सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।समारोह का आयोजन वरिष्ठ पत्रकार डॉ. उस्मान ज़ैदी के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। अपने संबोधन में डॉ. मन्नान ज़ैदी ने कहा कि नयी लहर फाउंडेशन लगातार स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रही है। संस्था जरूरतमंद एवं असहाय लोगों को निःशुल्क चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ गंभीर बीमारियों के उपचार एवं ऑपरेशन में भी सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज सेवा केवल एक कार्य नहीं, बल्कि मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।डॉ. मन्नान ज़ैदी ने समाजहित में कार्य करने वाले सभी लोगों का सम्मान करते हुए कहा कि ऐसे समर्पित व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।उन्होंने भविष्य में भी जनकल्याण एवं मानव सेवा से जुड़े कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, समाजसेवियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। नयी लहर फाउंडेशन ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुँचाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए मानव सेवा के इस मिशन को और अधिक व्यापक बनाने की घोषणा की। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. उस्मान ज़ैदी जब समाज में संवेदनशील लोग आगे बढ़कर जरूरतमंदों का हाथ थामते हैं, तभी मानवता का वास्तविक स्वरूप दिखाई देता है। नयी लहर फाउंडेशन द्वारा किया गया यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि समाज सेवा और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का एक प्रेरणादायक अभियान है। ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई ऊर्जा पैदा करते हैं।"डॉ. मन्नान ज़ैदी (संस्थापक, नयी लहर फाउंडेशन)हमारा उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करना है। नयी लहर फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य और मानव सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य करती रहेगी तथा जरूरतमंद लोगों तक हर संभव मदद पहुँचाने का प्रयास जारी रखेगी।"
       ---बॉक्स में ---
"सम्मान, सेवा और संवेदनशीलता का संगम बना नयी लहर फाउंडेशन का भव्य समारोह"
"डॉ. मन्नान ज़ैदी के नेतृत्व में मानवता को मिला नया आयाम"
"शेखचिल्ली की हास्य प्रस्तुति और समाजसेवियों के सम्मान ने जीता सभी का दिल"
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Wednesday, 10 June 2026

कश्मीर के हिन्दू राज्य का इतिहास -डॉ दिलीप कुमार सिंह

कश्मीर के हिन्दू राज्य का इतिहास -डॉ दिलीप कुमार सिंह 
कश्मीर दो शब्दों से मिलकर बना है  क: +समीर जिसका अर्थ है जल और वायु अर्थात संपूर्ण धरती पर कश्मीर की हवा और पानी सबसे शुद्ध ताजी और स्फूर्ति दायक थी ऐसा इसलिए था कि हिमालय पर्वत पर बर्फ से ढके शिखरों से आने वाला पानी तमाम खनिज पदार्थ और जड़ी बूटियों से मिलकर अमृत के समान स्वास्थ्यवर्धक हो जाता था और वही हाल वहां की हवा का भी रहता था शुभ्र स्वच्छ बर्फ को छूकर बहती हवा केसर जड़ी बूटियों और तमाम औषधियों से संयुक्त होकर अत्यंत सुगंधित ऑक्सीजन से ओतप्रोत हो जाती थी।

इस प्रदेश की स्थापना परम प्रतापी ब्रह्मा के पुत्र कश्यप ब्रह्म ऋषि ने किया था और उन्हीं के नाम पर कैस्पियन सागर का नाम भी पड़ा जिसको पहले कश्यप सागर कहा करते थे और उसकी खोज सर्वप्रथम फौजी स्वभाव वाले कश्यप जी ने ही किया था कश्मीर एक विशाल राज्य था जिसकी सीमाएं वर्तमान में अफगानिस्तान कजाकिस्तान कैलाश मानसरोवर से होती हुई आधे पंजाब और हिमाचल प्रदेश तक फैली हुई थी और इसका क्षेत्रफल लगभग 1500000 वर्ग किलोमीटर में था सतयुग त्रेता और द्वापर युग में बड़े-बड़े ब्रह्म ऋषि संत महात्मा और दार्शनिक लोगों की तपस्थली थी और यहां पर अनेकानेक राजसूय यज्ञ हुए भगवान श्री राम के और युधिष्ठिर के छोड़े गए अश्व भी वहां गए जहां पर उस समय के राजाओं से उनका घनघोर युद्ध हुआ था महा योद्धा किरात यहीं के निवासी थे जिनके वेश में अर्जुन से भगवान शिव ने स्वयं घनघोर युद्ध किया था

आज जो कश्मीर भारत में है और जिस कश्मीर की बात हम करते हैं वह धरती का स्वर्ग कहा जाने वाला कश्मीर नहीं है वह असली कश्मीर का केवल एक चौथाई है असली कश्मीर तो पाकिस्तान आजाद कश्मीर मुजफ्फराबाद में है दुनिया की सबसे सुंदर जड़ी बूटियां सबसे स्वच्छ ताजा पानी और स्वास्थ्यवर्धक फल फूल मिलते हैं और यहां रहने वाले लोग आराम से 100 वर्ष तक जीते हैं 1988 89 में मुझे ईश्वर की कृपा से आजाद कश्मीर एक सप्ताह जाने का मौका प्राप्त हुआ और वहां की असाधारण अद्भुत और कल्पना से परे ‌ का सौंदर्य देखकर हो गया था उसके बाद कश्मीर में भयानक याद पहले और सब कुछ तहस हो गया‌ बचा हुआ कश्मीर तो केवल कहने के लिए है और श्रीनगर तक के भूभाग ही धरती का स्वर्ग कहे जाने योग्य है।

कश्मीर और भारत दोनों के इतिहास की सही और प्रामाणिक जानकारी अत्यंत आवश्यक है।प्राचीन काल में भारत का क्षेत्रफल मुख्य भूभाग का लगभग 25000000 और किलोमीटर था और है आधे अरब प्रायद्वीप पूरे ईरान कैस्पियन सागर से होता हुआ अरब और उससे अलग हुए मुस्लिम गणराज्य और एक तिहाई चीन संपूर्ण तिब्बत को लेते हुए म्यांमार थाईलैंड लाओस वियतनाम सिंगापुर मलेशिया इंडोनेशिया श्रीलंका तक फैला हुआ था इसके अलावा अमेरिका और यूरोप ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका अंटार्कटिका उस समय जंगली राज थे और वहां भी भारत का शासन था धीरे धीरे सम्राट जन्मेजय के बाद भारत की सीमाएं सिकुड़ना आरंभ हुई और अंतिम बार चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के समय में भारत का राज्य मक्का मदीना और तुर्की तक फैला हुआ था कश्मीर सदैव से भारत का सबसे बड़ा और ‌ सबसे सबसे सुंदर और पवित्र राज्य था।

अखंड कश्मीर से ही उत्तर भारत के सभी प्रमुख नदियां जैसे सिंधु ब्रह्मपुत्र झेलम रवि व्यास सतलज चिनाव ‌ निकलते हैं जो सदैव अपनी से भारी जड़ी बूटियां से युक्त स्वच्छ और ताजी होती है‌ संसार की सबसे ऊंची 20 चोटियों में से 15 तो केवल कश्मीर में ही हैं

पहले का विराट कश्मीर तक फैला हुआ था जिसमें कैलाश मानसरोवर यक्ष गंधर्व और देवता लोक था।यहीं पर ऋषि मुनि तपस्या करते थे और अनंत ब्रह्मांड के रहस्य खोज लेते थे यहीं से सुमेरु का शिखर दिखाई देता था और यही से स्वर्ग का रास्ता जाता था यहां पर सिद्ध योगी तपस्वी रहते हैं जो हजारों लाखों वर्ष के हैं डॉ दिलीप कुमार सिंह

भगवती पार्वती ने यही के हिमवान शिखर पर दक्ष के पुत्री के रूप में जन्म लिया और अपने प्रदेशों के अपमान होने पर खुद को यज्ञ में स्वागत कर दिया और प्रजापति दक्ष का यज्ञ विध्वंस हो गया था।कश्मीर का इतिहास अत्यंत गौरवशाली था लेकिन धीरे-धीरे उसे वामपंथी और कांग्रेसी इतिहासकारों ने विदेशी साजिश के तहत धूल धूल सहित कर दिया और यहां तक कह दिया कि परम पवित्र दिव्य अमरनाथ की गुफा एक मुस्लिम गडरिया खोजी थी जो पूरी तरह झूठी बात है जब पांडव लोग हिमालय पर चढ़ते हुए स्वर्गारोहण किए थे उस समय दिया गुफा विद्यमान थी या ज्ञान विज्ञान कला कौशल धर्म-दर्शन और वेद पुराण स्मृतियों का मुख्य ‌ केंद्र यहीं पर था यहीं पर अर्जुन दिग्विजय करते हुए आए थे और यहां से आगे उत्तरी ध्रुव तक गए थे

कल्हण के राजतरंगिणी से ज्ञात होता है। अशोक के पुत्र जालौक को कश्मीर में हिन्दू सभ्यता के प्रसार का श्रेय है ‌‌। कनिष्क के समय  कश्मीर कुण्डल वन के नाम से जाना गया। कश्मीर में कार्कोटवंश उत्पलवंश लोहारवंश के शासकों ने शासन किया। कार्कोट वंश में क्रमशः दुर्लभवर्धन चन्द्रापीड तारापीठ मुक्तापीड । सबसे प्रतापीय ललितादित्य हुआ कश्मीर को सजाने एवं संवारने का कार्य अधिक किया । ‌ उसने कश्मीर की सीमाओं को ईरान उत्तराखंड और तिब्बत तक पहुंचा दिया था और अब देश के आक्रमण का भीषण प्रतिकार किया थाकश्मीर में सूर्य का मार्तण्ड मंदिर उसी के समय में बना । उसके बाद जयपीड शासक हुआ। उत्पलवंश में अवन्तिवर्मन शंकरवर्मन गोपाल वर्मन  इसी के समय यश्कर नामक व्यक्ति ने शासन सम्हाला उसके बाद रानी दिद्दा का शासन हुआ जो दुराचारी महिला थी ।

जम्मू और कश्मीर के फल फूल जड़ी बूटियां केसर और शिल्प तथा कला अद्भुत हैं और यहां के निवासी भी गोरे चिट्टे ‌ लंबे कद के होते हैं‌ यहां की झीलों में बिहार करना अपने आप में नंदनकानन और स्वर्ग में बिहार करने जैसा है और बाग बगीचे सुगंधित उद्यान अपने आप में एक प्रतिमान है कला साहित्य त्याग तपस्या हर क्षेत्र में कश्मीर पहले सिरमौर और भारत का मुकुट था
 लोहार वंश में संग्राम राज  अनंत कलश  व हर्ष उच्छल सुस्सल भिक्षाक्षर जय सिंह राजतरंगिणी का विवरण जयसिंह के शासन के साथ समाप्त हो जाता है। कश्मीर में 1339 ई में  मुस्लिम शासन की स्थापना होती है। इसके बाद कई कालखंड आए और धीरे-धीरे मुस्लिम जनसंख्या बढ़ती गई और हिंदू अल्पसंख्यक हो गए लेकिन 200 वर्षों के बाद कश्मीर में फिर से सनातनी धर्म का शासन हो गया जो 1947 तक रहा ‌ एक बार फिर से महान सेवा नायक हरि सिंह नलवा ने इसकी सीमाओं को चीन तक फैला दिया था।और महाराजा हरी सिंह के साथ समाप्त हुआ यद्यपि इसके बाद भी वहां पर राजे रजवाड़े बचे हैं ।सम्राट ललितादित्य के बाद से ही यहां पर मुस्लिम घुसपैठ शुरू हुई और आज वहां 99% मुसलमान है।  नेहरू के चलते कश्मीर आज पूरी तरह से मुस्लिम राज्य बन चुका है जिसको फिर से कश्मीरी सनातनी लोगों से बसाने का प्रयास जारी है‌ राजनीति कुर्सी और मुस्लिम देशों की‌ खिचड़ी के चलते कश्मीर आज अधर में झूल रहा है‌ देखना है कब इसको अगले ललितादित्य या हरि सिंह नलवा प्राप्त होते हैं

Saturday, 6 June 2026

ी*चप्पल जनता पार्टी** का अतिशीघ्र गठन होगा राष्ट्र वादी फ़रहत अली खान

*भावी चप्पल जनता पार्टी* का अतिशीघ्र गठन होगा राष्ट्र वादी फ़रहत अली खान 
राष्ट्र वादी विचार धारा से जुड़े रामपुर यूपी के रहने वाले फ़रहत अली खान जो उन बुद्धिजीवियों,लेखकों और चिंतको में से हैं जो कि टीवी डिबेट से लेकर अपने राष्ट्रवादी विचारों , लेखों और देशभक्ति के लिए जाने जाते हैं।

उन्होंने कहा देश को कुछ अधर्मी गद्दार एक जीव का नाम रखकर युवाओं और समाज को गुमराह करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।
इसमें  सोशल मीडियावीर इनका साथ दे रहे हैं।
सरकार और क़ानून पूरी तरह से जागरूक है जो कि उनकी नापाक साज़िशों को  नाकाम कर देगा।

हम लोगों को इनकी हर गतिविधियों पर पूरी तरह नज़र रखना है यह जिम्मेदारी हमारी भी बनती है। 
देश क़ानून और सरकार के खिलाफ उठनी वाली आवाजों को नाकाम करने में सहयोग करना हमारा राष्ट्रीय धर्म है।

उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रवादी लोगों का समर्थन मिला तो *चप्पल* जो इनका इलाज है।
इस नाम से एक मुहिम चलाई जाएगी।

जिसकी तैयारी की जा रही है।
फ़रहत अली खान 
*संस्थापक भावी चप्पल जनता पार्टी*

Thursday, 4 June 2026

देश के मौसम की व्यापक भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 5 जून से लेकर 20 जून तक महाराष्ट्र मध्य प्रदेश उड़ीसा आंध्र प्रदेश बिहार झारखंड उत्तर प्रदेशपं

देश के मौसम की व्यापक भविष्यवाणी  -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 5 जून से लेकर 20 जून तक महाराष्ट्र मध्य प्रदेश उड़ीसा आंध्र प्रदेश बिहार झारखंड उत्तर प्रदेशपंजाब हरियाणा दिल्ली बेहद गर्म और पसीने से भरा रहेगा जब की 4 जून को दूसरी बार मानसून केरल में प्रवेश करेगा और केरल कर्नाटक गोवा तमिलनाडु में पांच जून तक फैल जाएगा 10 जून तक या महाराष्ट्र ‌ आंध्र प्रदेश उड़ीसा बंगाल सिक्किम नेपाल भूटान अरुणाचल प्रदेश असम मिजोरम त्रिपुरा मेघालय मणिपुर में फैल जाएगा 

15 जून तक यह गुजरात और मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के दक्षिणी भागों में पहुंच जाएगा ‌ जबकि 20 जून तक इसके दक्षिणी और पूर्वी उत्तर प्रदेश बिहार और दक्षिणी पूर्वी राजस्थान में पहुंचने की संभावनाएं हैं 25 जून तक यह दिल्ली और उत्तराखंड में पहुंच जाएगा 30 जून तक इसके संपूर्ण भारत में पहुंचकर फैल जाने की आशा है 


जौनपुर और आसपास भी है 18 से 21 जून के आसपास पहुंच रहा है तब तक भयंकर गर्मी कितना और प्रचंड अल्ट्रावायलेट किरणें बहुत ही भीषण रूप में रहेंगे इस कालखंड में कुछ आंधी तूफान वज्र पर बिजली की गरज और चमक के साथ होने वाली वर्षा जो दो बार संभव है कुछ राहत देगी बाकी समय भीषण और प्रचंड रहेगा ‌ लोग गर्मी से पागल हो जाएंगे जिसकी वजह है कि 40 से 43 डिग्री सेल्सियस का तापमान वास्तविक रूप में 47 से 51 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा 18 जून के आसपास इसमें राहत की संभावना है 

इस बार का मानसून अनिश्चित अनियमित विलंबित और बीच-बीच में टूटने वाला रहेगा जिससे बार-बार सूखा और काल की स्थितियां पैदा होगी खेती किसानी बागवानी इत्यादि करने वालों को इसका ध्यान रखना होगा ‌ इसके साथ-साथ अचानक ही एक ही साथ भयानक वर्षा होने से भी भयंकर स्थितियां पैदा होगी वर्ष का समय कम लेकिन तीव्रता बहुत अधिक रहेगी अधिकांश वर्षा झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला बिजली ‌‌ की गरज और चमक तथा भयानक वज्रपात के साथ होगा धन-धन और पशुओं के भीषण हानि होगी कुल मिलाकर अभी 10 दिनों तक भयानक गर्मी उमस पसीना झेलने को विवश रहना पड़ेगा हवा लगातार बदलती रहेगी और हवा की गति धीमी होने से गर्मी पसीना और भी अधिक होगा 

इन सभी का कारण वर्षा और हरियाली का पेड़ पौधों का लगातार भयानक रूप से घटते चले जाना सीमेंट कंक्रीट और पत्थर के जंगल और पक्की फर्श का लगातार विस्तार होना वातावरण में प्रदूषण गंदगी और विकिरण के कारण प्रचंड पराबैंगनी किरणों का निर्माण ओजोन की परत में छेद और संतुलन सूर्य में होने वाली बहुत ही भयानक परमाणु नाभिकीय अभिक्रियाएं और उत्सर्जित होने वाला विकिरण हिमालय का अमीर और तिब्बत के पत्थर तथा ध्रुव प्रदेशों में बर्फ और ग्लेशियर की कमी जगह-जगह रेडियो और मोबाइल के टावर जल स्रोतों का लगातार घटना और धरती की नमी का काम होना तथा भूमध्य सागर और विषुवत प्रदेशों में जलवायु में असंतुलन ‌ इसका प्रमुख कारण है प्राकृतिक संसाधनों का दोहन पत्थर और पर्वतों का वनस्पति और पेड़ पौधों से विहीन हो जाना जैसी परिस्थितियों प्रकृति को पूरी तरह से बदलकर उग्र और भयानक बना रहे हैं और यह सब कुछ आज की पढ़ी-लिखी वैज्ञानिक पीढ़ी का कमाल है यदि कुछ बहुत ही बड़ा कार्य इन सबको रोकने के लिए नहीं किया गया तो भयानक विनाश प्रचंड चक्रवात और तूफान ज्वालामुखी विस्फोट सुनामी लहरों और भूकंप मानव सभ्यता को तहस-नहस कर देंगे

Wednesday, 3 June 2026

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान के अंतिम वर्ष के छात्रों की इंटर्नशिप अर्थात प्रशिक्षण जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि के निर्देशन और सचिव पूर्ण कालिक सुशील कुमार सिंह की देखरेख में प्रारंभ हुआ

आज वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान के अंतिम वर्ष के छात्रों की इंटर्नशिप अर्थात प्रशिक्षण जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि के निर्देशन और सचिव पूर्ण कालिक सुशील कुमार सिंह की देखरेख में प्रारंभ हुआ 
इन छात्रों को वैदिक सहायता प्रतिरक्षा विभाग के मुख्य ‌ विधिक प्रतिरक्षा सलाहकार ‌ अनिल कुमार सिंह उपमुख्य प्रतिरक्षा सलाहकार डॉ दिलीप कुमार सिंह और सहायक विधिक प्रतिरक्षा सलाहकार प्रकाश तिवारी और अनुराग चौधरी के द्वारा एक महीने तक चलने वाले प्रशिक्षण हेतु प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया जिसमें विधि व्यवसाय और न्यायालय परिसर के बारे में विस्तार से बताया गया 
और उनको विधि व्यवसाय पूरा करने के बारे में और उसके बाद विस्तृत आयाम का विवेचन करते हुए विधि व्यवसाय के ‌ द्वारा विधिक सलाहकार अभियोजन अधिकारी न्यायाधीश कंपनी और अन्य ‌ क्षेत्र के बारे में बताया गया