Tuesday, 17 March 2026

भाजपा अपने मुख्य बिंदु चुनाव की घोषणाएं जिसे मोदी भक्त एजेंडा कहते हैं बखूबी कर रही हैं रामराज समान

भाजपा अपने मुख्य बिंदु चुनाव की घोषणाएं जिसे मोदी भक्त एजेंडा कहते हैं बखूबी कर रही हैं 

रामराज समान नागरिक संहिता महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार लाल पिता शाही संवेदनहीनता का खात्मा हिंदी हिंदू हिंदुस्तान भारत पाकिस्तान अधिकृत और चीन अधिकृत भारतीय भू भाग भारत में मिलना यह सभी बातें तो कांग्रेस ‌ की घोषणा पत्र में थी भाजपा ने तो अपने चुनाव में कहा ही था कि सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास और वोट के लिए केवल सनातन का साथ और 2047 में देश को या तो इंग्लैंड को या तो फिर मुसलमान को सौंप देना है इस काम में उनके साथ खरीदे गए चापलूस चाटुकार दलाल चमचे मक्खनबाज और चार सौ बीस ‌ लोग पूरी दक्षता से कर रहे हैं इसीलिए मुलायम को भारत रत्न दिया गया अखिलेश प्रियंका परिवार लाल ममता को अभय दान दिया गया और यूजीसी बिल लाया गया और भी अनेक अच्छे काम किए गए जबरदस्ती पद्मिनी फिल्म दिखाए गए सी लगाकर और अनुसूचित जाति जनजाति विधायक के लिए सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को तुरंत ही बदल गया संसद के द्वारा इस तरह अनेक अनगिनत चीज हैं जो दिखती है कि मोदी सर्वश्रेष्ठ हैं ऊपर से पालघर कंगना राणावत कमलेश तिवारी अश्वनी उपाध्याय बी सिंह जैसे लोगों के कांड किसी को अपने बराबर तो दूर अपने आगे पीछे दाएं बाएं खड़े होने के पहले ही उसको छांट देना यही एकमात्र उपलब्धि है मोदी की अटल बिहारी की तरह

ब्रह्मांड के महानायक ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

ब्रह्मांड के महानायक ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि
समस्त संसार के सबसे प्रतापी सम्राट और सबसे बड़े ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र की जीवन कथा उनके जीवन के समान ही परम अद्भुत और अपने ढंग की पूरे विश्व में अकेली कथा है ।ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र कान्यकुब्ज  अर्थात कन्नौज के सम्राट थे उनकी एक और राजधानी गाधिपुर थी जिसको आज गाज़ीपुर कहा जाता है ‌ वह कुश वंश के थे और उनका समय सतयुग के अंत से लेकर द्वापर के बीच तक पाया जाता है वह एक बहुत ही न्याय प्रिय और प्रजा को अपना मानने वाले सबके प्रति समान भाव वाले पूरी पृथ्वी के एकछत्र सम्राट थे उनके पिता का नाम गाधि और मां का नाम सुमति था तथा पत्नी का नाम सत्यवती था। उनके राज्य में प्रजा पूरी तरह प्रसन्न थी और संपूर्ण धरती हरियाली धन-धान्य से आच्छादित थे और चारों ओर शीतल मंद सुगंधित मलय पवन के झोंके बहते रहते थे ।
हजारों वर्षों तक राज करने के बाद एक बार वह सेना सहित संपूर्ण पृथ्वी की परिक्रमा करने ‌‌ और शिकार खेलने निकले और घूमते-घूमते ब्रह्म ऋषि वशिष्ठ के आश्रम में जाकर पहुंचे वहां पर वशिष्ठ ने उनका अपूर्व स्वागत सत्कार किया और कुछ देर रुकने को कहा इस पर विश्वामित्र सोच में पड़ गए कि वह इतने बड़े सेना और दलबल के साथ वहां पर कैसे रुकेंगे। 

लेकिन ब्रह्म ऋषि वशिष्ठ का आग्रह देखकर वह रुक गये और उन्हें यह देखकर बहुत ही आश्चर्य हुआ कि ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र की कामधेनु गाय ने पलमात्र में ही उनके लाखों सैनिकों के लिए छह प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन और प्रत्येक चीजें उत्पन्न कर दिया। इस गाय का चमत्कार देखकर विश्वामित्र आश्चर्यचकित हो गए और वह गाय मांगने लगे वशिष्ठ जी ने कहा कि गाय मेरी मां के समान है और वही हमारे संपूर्ण आश्रम और शिष्यों का आधार है इसको छोड़कर आप कुछ भी ले लीजिए‌ लेकिन ब्रह्म ऋषि की बात ना मानकर सम्राट विश्वरथ अर्थात  विश्वामित्र अपने है पर अड़े रहे। और बलपूर्वक सैनिकों को कामधेनु को ले जाने को कहा कामधेनु ने उन सैनिकों को मार गिराया और वशिष्ठ के पास जाकर बोले कि मेरी रक्षा कीजिए ।

वशिष्ठ ने कहा की विश्वामित्र भूमंडल के स्वामी हैं और मैं राजा को श्राप भी नहीं दे सकता और उनके सैनिकों से लड़ भी नहीं सकता इस पर कामधेनु ने अनगिनत शक हूण किरात पहलव‌ ‌ और अन्य विकराल विदेशी सैनिक पैदा किए जिन्हें विश्वमित्र ने पल भर में मार गिराया इस पर उसने भयंकर अस्त्र-शस्त्रों से सज्जित महा पराक्रमी योद्धाओं को उत्पन्न किया और वशिष्ठ के साथ मिलकर विश्वामित्र के 100 में से 99 पुत्रों को और सारी सेना को मार गिराया।

सम्राट विश्वामित्र अपनी दुर्दशा पर अत्यंत लज्जित हुए  ‌ एकमात्र बचे अंतिम पुत्र को संपूर्ण धरती का राज पाट सौंप दिया और उन्होंने कठोर परिश्रम करके भगवान शिव को प्रसन्न करके समस्त दिव्यास्त्र प्राप्त किया और बदला लेने की भावना से फिर वशिष्ठ के आश्रम में आए और अग्नि अस्त्र छोड़कर उनके आश्रम को भस्म कर दिया इस पर वशिष्ठ ने खुद आगे  आकर अपने ब्रह्म दंड की सहायता से विश्वामित्र का सामना किया विश्वामित्र ने भगवान शिव से प्राप्त सभी दिव्यास्त्रों अग्नि वरुण रूद्र इंद्र पाशुपत मोहन गंधर्व जूंभण ‌ दारुण वज्र ब्रह्म पाश नागपाश नाग अस्त्र वरुण पास पिनाक दंड पैशाच क्रंच धर्म चक्र कालचक्र विष्णु चक्र मंथन कराल विद्याधर कालास्त्र सम्मोहन प्रतीप भार्गव ब्रह्मशिर नारायण अस्त्र और ब्रह्मास्त्र के साथ प्रस्वाप्न अस्त्र का प्रयोग किया लेकिन वशिष्ठ के ब्रह्म दंड के आगे वे सब के सब विफल रहे।

इसके बाद इसके बाद विश्वामित्र अत्यंत ही दुखी हुए और उन्होंने कहा धिग बलं क्षत्रिय बलं ब्रह्म तेजो बलो बलं‌ और उन्होंने ब्रह्म ऋषि बनाने के लिए सारा जीवन दांव पर लगा दियाब्रह्म ऋषि बनने के क्रम में उन्होंने उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका ग्रीनलैंड उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव सहित मंगोलिया अरब प्रायद्वीप अफ्रीका हर जगह घनघोर तपस्या किया लेकिन कुछ नहीं मिला इसके बाद देवभूमि में हिमालय पर्वत क्षेत्र में उन्होंने इतना भयंकर और घनघोर तपस्या किया कि इंद्र डर गए और विश्वामित्र की तपस्या भंग करने के लिए मेनका नाम की अप्सरा को भेजा जिसने विश्वामित्र की तपस्या भंग किया और उससे शकुंतला नाम की कन्या हुई जिसके पुत्र भरत के नाम पर इस देश का नाम भारत पड़ा। काम के वशीभूत होकर तपस्या भंग होने से विश्वामित्र अत्यंत ही दुखी हुए ‌ और उनकी घोर तपस्या से प्राप्त शक्तियां नष्ट हो गई और इस क्रम में उन्होंने एक बार फिर से तपस्या प्रारंभ किया। इसके बाद अपनी पत्नी के साथ विंध्य क्षेत्र पर करके दक्षिण भारत में चले गये और 1000 वर्ष तक घनघोर तपस्या किया और ब्रह्मा जी ने प्रसन्न होकर उनका राजर्षि कहकर संबोधित किया। 

इस पर विश्वामित्र बहुत ही दुखी हुए की चले थे ब्रह्म ऋषि बने और केवल राजर्षि बन पाए इसी बीच उन्होंने तपस्या कर रहे  वशिष्ठ को मारने के लिए सरस्वती का आवाहन किया सरस्वती ने वशिष्ठ को विश्वामित्र के सामने तो लाया लेकिन फिर से किनारे पर प्रवाहित कर दिया और विश्वामित्र ने सरस्वती नदी को श्राप दे दिया ‌ वशिष्ठ के मन में भी विश्वामित्र को जान से मारने की विचारधारा आई लेकिन उन्होंने इस पर नियंत्रण स्थापित कर लिया।

 इसी बीच महाराजा त्रिशंकु  ने सदेह स्वर्ग जाने के लिए वशिष्ठ से प्रार्थना किया लेकिन उन्होंने ठुकरादिया‌ ‌ जब उनके पुत्र से कहा तो उन्होंने क्रोधित होकर उन्हें श्राप दे दिया। जब उन्होंने यह निवेदन विश्वामित्र से किया तो उन्होंने कहा यदि दुराचारी और छल कपट युक्त इंद्र को स्वर्ग का राजा बनाया जा सकता है तो ‌ त्रिशंकु स्वर्ग क्यों नहीं जा सकते यह कहकर उन्होंने दिव्य विमान का निर्माण कर अपने तपोवन से उन्हें स्वर्ग में पहुंचा दिया लेकिन देवताओं ने त्रिशंकु को स्वर्ग से नीचे फेंक दिया लेकिन विश्वामित्र ने उन्हें अपने तपबल से रोक दिया और वह उल्टे रह गए इस पर क्रोधित होकर विश्वामित्र ने अपने तप की शक्ति से प्रति ऊर्जा प्रति ब्रह्मांड प्रतिकण श्याम ऊर्जा  ‌ सप्त ऋषि और 27 नक्षत्र जैसी चीजों से युक्त एक अलग से सृष्टि रची और वहां पर त्रिशंकु को स्थापित कर दिया नर्मदा नदी का जन्म त्रिशंकु से ही हुआ माना जाता है।

अब तक विश्वामित्र की शक्ति इतनी बढ़ चुकी थी की संपूर्ण ब्रह्मांड में उनको चुनौती देने वाला कोई नहीं बचा था अपने को ब्रह्म ऋषि सिद्ध करने के लिए उन्होंने एक महान यज्ञ किया जिसमें वशिष्ठ और उनके पुत्रों को छोड़कर सारी सृष्टि के लोग उपस्थित हुए और वशिष्ठ के पुत्रों को विश्वामित्र ने आवेश में आकर मार दिया इसी बीच उन्होंने हरिश्चंद्र की परीक्षा लेते हुए उनके मृतक पुत्र रोहित को जीवित कर दिया। 

वशिष्ठ और विश्वामित्र के संघर्ष का एक और बड़ा मोड़ भारत के लिए आया जब 10 राजा विश्वामित्र की तरफ से लड़े और सुदास वशिष्ठ की तरफ से अकेले लड़े विश्वामित्र का कथन था यदि सबको चांडाल यवन और मलेक्छ कहकर भारत से निकाल दिया गया तो आगे चलकर वे भारत के लिए खतरा बनेंगे और यही सही हुआ। इन सब के अलावा कुछ अन्य घटनाएं भी हुई ,जब ‌ विश्वामित्र ने सब कुछ त्याग कर सारा ध्यान घनघोर तप पर लगाया और उन्होंने गायत्री मंत्र का आविष्कार किया जिन्हें वेद माता कहते हैं अकेले ही उन्होंने ऋग्वेद कर तृतीय मंडल और उसके 62 सूक्त लिख डाले ‌ इसके अलावा उन्होंने नए-नए ग्रह नक्षत्र की रचना किया और एक अलग अलग से सृष्टि का निर्माण प्रारंभ किया उन्होंने बलि प्रथा को समाप्त करते हुए बालक शुन:शेप की रक्षा किया‌ और किसी भी प्रकार की बाली को यज्ञ के विरुद्ध बताया ।

उन्होंने ही योग विद्या की खोज किया और विश्वरथ सम्राट से विश्वामित्र हो गए जिसका अर्थ ‌‌ संपूर्ण सृष्टि में सभी का मित्र होना है और वास्तव में वह इस योग्य थे मानवता के प्रति समर्पित व्यक्तित्व पूरे श्रेष्ठ में ऐसा अन्य कोई नहीं पाया गया।
हमारे देश का यह दुर्भाग्य रहा है कि जो अति महामानव  थे जो देवताओं से भी योग्य थे उनको भुला दिया गया है ताकि लोग अपने इतिहास को भूल जाएं यही हाल ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र को लेकर भी हैं जबकि उनकी शिक्षाओं को हर जगह पढ़ना चाहिए संपूर्ण सृष्टि में वही अकेले ऐसे व्यक्ति हैं जिनके पास ब्रह्म ऋषि ‌ चक्रवर्तीसम्राट और समस्त अस्त्र शस्त्रों का सर्वोच्च ज्ञान हो वह एक ऐसे महान वैज्ञानिक थे जिन्होंने परमाणु हाइड्रोजन  जैव रासायनिक हथियारों का ‌ और माया विद्या का अविष्कार करके हर एक प्रकार के दिव्यास्त्रों का निर्माण किया था।

 वह कुटी में या पेड़ के नीचे बैठकर माला जपने वाले ब्रह्म ऋषि नहीं थे बल्कि सृष्टि को सर्वोच्च बनाने वाले महान महामानव  थे जिन्होंने अपने महान तप शक्ति से देवताओं को पीछे छोड़कर ब्रह्म ऋषि का ‌ परम पद प्राप्त किया भारत भूमि को रावण जैसे राक्षसों से मुक्त करने शिवजी का धनुष तोड़ने में उनकी सबसे बड़ी भूमिका थी जिन्होंने श्री राम और लक्ष्मण को हर प्रकार से शास्त्र और शास्त्र से और ज्ञान से भूख और प्यास से सुरक्षित करके  ‌ बला और अतिबला विद्या सीखकर और हर प्रकार के ज्ञान विज्ञान शास्त्र और शास्त्र तथा दिव्यास्त्रों का ज्ञानदेकरउन्हें विश्व का सर्वश्रेष्ठ महायोद्धा बनाया भूत प्रेत पिशाच और माया अस्त्रों से बचने का उपाय खोजने वाले वे पहले और अंतिम महान वैज्ञानिक थे अभी उनके बारे में जितना ज्ञात है उससे भी अधिक अज्ञात है देश की रक्षा करने वाले सभी लोगों को सुबह उठकर ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र का स्मरण करके उनके पद चिह्न पर चलने का प्रयास करना चाहिए। ‌ भगवान श्री राम और लक्ष्मण को जगत विजेता बनने का सौभाग्य प्राप्त उन्होंने अहिल्या का उद्धार कराया और भगवती सीता के विवाह में महत्वपूर्ण भूमिकाओं का निर्माण किया उन्होंने भूख प्यास पर विजय पाने के लिए मंत्रों और रसायनों का निर्माण किया ‌ अहिल्या का उद्धार करना उनकी एक महान उपलब्धि है एक ही यज्ञ करके उत्तर भारत को राक्षसों से मुक्त कर दिया था।

ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र कितने महान हो गए थे कि एक बार पूरी धरती पर महान दुर्भिक्ष पड़ा लोग सारे उपाय करके हार गए लेकिन काल दूर नहीं हुआ तब उन्होंने चांडाल बहेलिया के घर रखी हुई कुत्ते की हड्डी खाकर उसकी शक्ति के द्वारा सारी धरती पर वर्षा करा कर सारी धरती हरा-भरा कर दिया था इस प्रकार उनके चरित्र ना भूतों न भविष्यति वाला है और आज तक विश्वामित्र इस सृष्टि में केवल एक ही हुए हैं और आगे भी एक ही रहेंगे‌ आज इस महान संकट काल में पड़े हुए सनातन धर्म और भारत देश को विश्वामित्र के पद चोन पर चलते हुए शास्त्र और शस्त्र दोनों ज्ञान सीख कर देश से हर प्रकार की शैतानी और राक्षसी शक्तियों को समाप्त करना चाहिए

आज से मौसम में होगा परिवर्तन नवरात्र में जौनपुर और आसपास दवा आदि तेज हवाएं और हल्की वर्षा के संकेत -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक

आज से मौसम में होगा परिवर्तन नवरात्र में जौनपुर और आसपास दवा आदि तेज हवाएं और हल्की वर्षा के संकेत -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक 

पूरे भारत में मौसम परिवर्तन के बाद अब जौनपुर और आसपास मौसम परिवर्तन की बारी है आज 17 मार्च को सुबह 5:00 से 5:00 बजे तक जौनपुर और आसपास काफी घने मध्यम बादल छाए रहेंगे लेकिन वर्षा नहीं होगी अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहेगा ‌ इस बीच हवा की दिशा दक्षिणी दक्षिणी पूर्वी और गति 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा होगी प्रदूषण की मात्रा कम होगी और वायु गुणवत्ता सूचकांक 100 से 160 हो जाने से हवा काफी ताजी और स्वच्छ महसूस होगी पराबैंगनी किरणों की तीव्रता 4-6 रहेगी जो मध्यम है।

कल के मौसम के बारे में अनुमान है कि अधिकतम तापमान 36 और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहेगा हवा की दिशा बदलकर पूर्वी उत्तरी पूर्वी हो जाएगी हवा की दिशा तीन-चार दिन लगातार परिवर्तित होती रहेगी बाकी वह गुणवत्ता सूचकांक पराबैंगनी किरणों की तीव्रता प्रदूषण और गंदगी की मात्रा आज की तरह ही विद्यमान रहेगी ‌ तापमान और अन्य दशाएं भी लगभग इसी तरह रहेंगे 

19 मार्च से मौसम में और भी तेज परिवर्तन होगा और बादलों की आवाजाही बहुत तेज हो जाएगी ‌ इसके बाद 20 मार्च के दिन माता रानी का अभिषेक करने के लिए जौनपुर सुल्तानपुर प्रतापगढ़ भदोही सोनभद्र प्रयागराज अयोध्या अंबेडकर नगर आजमगढ़ गाजीपुर और आसपास के जनपदों में कहीं-कहीं बूंदाबादी तो कहीं हल्की वर्षा के योग हैं अधिक वर्षा नहीं होने से खेती को नुकसान नहीं करेगा। इतना अवश्य है की जबरदस्त बिजली की चमक गरज झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला ‌ का दृश्य अनेक स्थानों पर तेज हवाओं के साथ दृश्य मन होगा इससे मौसम में ठंड भी आएगी और मौसम का परिवर्तन भी होगा और मौसम में गंदगी और प्रदूषण की मात्रा कुछ समय के लिए ही सही लेकिन घट जाएगी ‌ कुछ जगह ओलावृष्टि से नुकसान भी हो सकता है

यह मौसम के परिवर्तन की सारी गतिविधियां पश्चिम के हल्के विक्षोभ के कारण और अरब सागर बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न दबाव और जल की सतह गर्म होने के कारण बन रहे हैं हमारे केंद्र द्वारा पहले भी लिखा गया था कि मार्च बहुत ही परिवर्तित हलचल वाला और बूंदाबांदी वर्षा वाला मौसम रहेगा कहानी-कहानी ओलावृष्टि हो सकती है लेकिन जौनपुर और आसपास ऐसी कोई भी संभावना नहीं है।

20 मार्च से तापमान में अचानक बहुत तेज गिरावट आएंगे और यह 36 डिग्री से घटकर 32 डिग्री हो जाएगा और न्यूनतम तापमान भी 22 23 डिग्री से घट कर 17 18 डिग्री तक आ जाएगा और 22 मार्च से मौसम फिर सामान्य हो जाने की आशा है इसके बाद एक सप्ताह से 10 दिन का मौका किसानों को अपने फसल काटने और उसको मड़ाई करने के लिए मिलेगा इस अवसर का लाभ सभी को उठाना चाहिए‌ मार्च के अंतिम भाग और अप्रैल के प्रथम सप्ताह में मौसम में एक बार फिर से परिवर्तन देखने को मिलेगा

Monday, 16 March 2026

आज से मौसम में होगा परिवर्तन नवरात्र में जौनपुर और आसपास दवा आदि तेज हवाएं और हल्की वर्षा के संकेत -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक

आज से मौसम में होगा परिवर्तन नवरात्र में जौनपुर और आसपास दवा आदि तेज हवाएं और हल्की वर्षा के संकेत -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक 

पूरे भारत में मौसम परिवर्तन के बाद अब जौनपुर और आसपास मौसम परिवर्तन की बारी है आज 17 मार्च को सुबह 5:00 से 5:00 बजे तक जौनपुर और आसपास काफी घने मध्यम बादल छाए रहेंगे लेकिन वर्षा नहीं होगी अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहेगा ‌ इस बीच हवा की दिशा दक्षिणी दक्षिणी पूर्वी और गति 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा होगी प्रदूषण की मात्रा कम होगी और वायु गुणवत्ता सूचकांक 100 से 160 हो जाने से हवा काफी ताजी और स्वच्छ महसूस होगी पराबैंगनी किरणों की तीव्रता 4-6 रहेगी जो मध्यम है।


कल के मौसम के बारे में अनुमान है कि अधिकतम तापमान 36 और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहेगा हवा की दिशा बदलकर पूर्वी उत्तरी पूर्वी हो जाएगी हवा की दिशा तीन-चार दिन लगातार परिवर्तित होती रहेगी बाकी वह गुणवत्ता सूचकांक पराबैंगनी किरणों की तीव्रता प्रदूषण और गंदगी की मात्रा आज की तरह ही विद्यमान रहेगी ‌ तापमान और अन्य दशाएं भी लगभग इसी तरह रहेंगे 

19 मार्च से मौसम में और भी तेज परिवर्तन होगा और बादलों की आवाजाही बहुत तेज हो जाएगी ‌ इसके बाद 20 मार्च के दिन माता रानी का अभिषेक करने के लिए जौनपुर सुल्तानपुर प्रतापगढ़ भदोही सोनभद्र प्रयागराज अयोध्या अंबेडकर नगर आजमगढ़ गाजीपुर और आसपास के जनपदों में कहीं-कहीं बूंदाबादी तो कहीं हल्की वर्षा के योग हैं अधिक वर्षा नहीं होने से खेती को नुकसान नहीं करेगा। 

यह मौसम के परिवर्तन की सारी गतिविधियां पश्चिम के हल्के विक्षोभ के कारण और अरब सागर बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न दबाव और जल की सतह गर्म होने के कारण बन रहे हैं हमारे केंद्र द्वारा पहले भी लिखा गया था कि मार्च बहुत ही परिवर्तित हलचल वाला और बूंदाबांदी वर्षा वाला मौसम रहेगा कहानी-कहानी ओलावृष्टि हो सकती है लेकिन जौनपुर और आसपास ऐसी कोई भी संभावना नहीं है।

20 मार्च से तापमान में अचानक बहुत तेज गिरावट आएंगे और यह 36 डिग्री से घटकर 32 डिग्री हो जाएगा और न्यूनतम तापमान भी 22 23 डिग्री से घट कर 17 18 डिग्री तक आ जाएगा और 22 मार्च से मौसम फिर सामान्य हो जाने की आशा है इसके बाद एक सप्ताह से 10 दिन का मौका किसानों को अपने फसल काटने और उसको मड़ाई करने के लिए मिलेगा इस अवसर का लाभ सभी को उठाना चाहिए‌ मार्च के अंतिम भाग और अप्रैल के प्रथम सप्ताह में मौसम में एक बार फिर से परिवर्तन देखने को मिलेगा

हिन्दू लडकीयां लव जिहाद का शिकार क्यो हो रही है

हिन्दू लडकीयां लव जिहाद का शिकार क्यो हो रही है 

‌ किसी भी मुस्लिम के दुआ ताबीज तंत्र-मंत्र को काटने का एक ही तरीका है सूअर का कोई भी चीज अपने पास और अपने घर में रखो प्राचीन काल में महिलाएं सूअर की हड्डी का बना मीणा पहनकर ही मुस्लिम धर्म का शिकार होने से बची थी।

इसका एक कारण तंत्र भी हो सकता है 
जयपुर झोटवाड़ा क्षेत्र में एक बेहद सम्मानीय व प्रतिष्ठित व्यक्ति की बेटी, एक कपडे बेचने वाले मुलले के साथ चली गई, पुलिस ने गिरफ्तार किया तो घर वालों को दुश्मन बता कर मिलने से भी इन्कार कर दिया व मुस्लिम युवक के साथ रहने का बयान दिया तब घरवाले ने कहा कि कोई बात नहीं है, तुम्हारी खुशी के लिए हम इसी युवक के साथ शादी कर देते हैं, किसी भी तरह से बेटी से मुलाकात की और घर वाले की कुछ समझदार स्त्रीयो ने उसके तुरन्त कपड़े उतार कर दुसरे पहनाए व कमर पर, गले में व हाथ पर डोरे बंधे हुए थे उनको काट कर फेक दिया, और सुवर के दात से बंधा हुआ डोरा गले मे पहना दिया, गौ मूत्र आदि जबर्दस्ती पीला दिया। 
कुछ देर बाद लडकी ने कहा कि मै यहां पर कैसे आ गई.. 
उसे कुछ भी याद नहीं आ रहा था 
उसका तंत्र टुटने पर, युवक के खिलाफ अपहरण बलात्कार आदि का केस दर्ज किया गया। 
सुवर का दांत हर मुस्लिम तंत्र को काटने मे समर्थ है। 
कपड़े बेचने से पुर्व कपडो पर तंत्र करके लडकी को दिया गया था। उससे वह वशीभूत होकर उसके साथ चली गई। 
दुसरी कहानी 
- गुलाबी नगरी में चार दरवाजा करके एक जगह है। परकोटे के अंदर आने वाले इस क्षेत्र में मुस्लिम की आबादी है।
    ये केस 2015 का है। एक साधारण सुशील औऱ धार्मिक लड़की नेहा आयु 20  वर्ष परकोटे के बाहर अपने से बड़े 2 भाई, 1 बहन और माता पिता के साथ रहती थी। 
    दिखने में सौम्य और सुंदर तो थी ही पढ़ने में भी होशियार ही थी।  कॉलेज में भी अपने काम से काम रखने की आदत थी।  वही पर एक लड़का उसके पीछे पड़ गया। 1-2 बार बात करने का प्रयास किया तो उसने झिड़क दिया। तब उसने लड़की के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी।
     लड़की को परफ्यूम का नया नया शौक लगा था। दिसम्बर के अंत मे उसका जन्मदिन आता था। तो लड़के ने एक सिफली अमल करने वाले को पैसे देकर परफ्यूम में कुछ क्रिया करवाई और जहाँ से स्नेहा परफ्यूम लेती थी उसे कुछ पैसे देकर वही परफ्यूम देने का लालच दे दिया।
   जन्मदिन से पूर्व नेहा की सहेलियों ने मिलकर उसे गिफ्ट देने लिए परफ्यूम देने का प्लान बनाया। सभी ने अलग अलग छोटी 3 परफ्यूम स्प्रे लिए। कॉलेज के बाहर पास ही एक गार्डन में छोटा सा केक काटा गया और गिफ्ट दिए गए। यही सारा झोल हो गया।उसमे सिफली अमल वाली बोतल भी मिला दी गयी।
   धीरे धीरे नेहा ने जब सभी परफ्यूम उपयोग में लिये तो उसे अजीब से अनुभव होने शुरू हो गए।
    अप्रैल माह में अचानक से वो घर से चली गयी। जानकारी निकलने पर पता लगा कि किसी नीच के साथ है और दोनो शहर से बाहर चले गए है। 
    मेरा सम्पर्क उनसे तब नेहा के जीजाजी के जरिये हुआ था। उन्होंने घटना बताई और कहा कि ये समस्या है। जितनी जल्दी हो सके समाधान करना है। यहाँ ध्यान में बैठकर सारे क्रोस पॉइंट देखे। फिर उस परफ़्यूम की बोतल के साथ अन्य सभी बोतल को जलाया गया।  फिर नेहा की लोकेशन को ढूंढना शुरू किया। किसी के मन को असामान्य से सामान्य करने के लिए एक सात्विक मार्ग है। बहुत जल्दी या कहे कि कुछ घन्टो में व्यक्ति पर चाहे कितनी भी भारी ऊर्जा हो पर कुछ घन्टो के लिए उसकी मनोदशा उस अवस्था मे हो जाती है कि वो वापस अपने घर पर आ जाये और जानकारी बता सके। पर इसमें बहुत अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है और उसके बाद स्वास्थ्य पर कुछ घन्टो के लिए विपरीत असर भी होता है। क्योंकि यहाँ ऊर्जा बदलनी पड़ती है।
    अगले दिन सुबह 8 बजे के करीब नेहा वापस घर आई। जिस नीच ने यह कार्य किया था। उसका दंड स्वयं भगवती ने उसे इतना बुरा दिया कि फिलहाल भंगार ही चुका है।
   2019 में नेहा का विवाह सम्पन्न हुआ। 2 संतान हो चुकी है। सभी खुशी से रह रहे है। 
    कहने का अर्थ यही है कि जो भी परफ़्यूम या निजी वस्तु आप विशेष रुप से नारी शक्ति ले तो वही से लीजिये जहाँ पर आपको अटूट विश्वास हो।
   आजकल टेलीग्राम में 21 दिन में भूत सिद्धि वाले नाली वाले छपरी भरे है  जो उल्टे सीधे काम कर रहे है।पैसे के लिए पागल दुकान वाले तक कई बार इनका साथ देकर किसी का जीवन नरक बनाने से बाज नही आते।
अतः सावधान रहें सतर्क रहें सुरक्षित रहें मुललो से किसी भी प्रकार की कोई वस्तुओं को खरीदने से पुर्व अपने परिवार के लोगों के बारे में जरूर सोचे, खाने-पीने की वस्तु अशुद्ध व विषेली हो सकती है।

‌‌ किसी भी मुस्लिम से संबंध रखें तो उसमें सूअर का कुछ भी मिला दीजिए अपने आप वह या तो मुस्लिम धर्म छोड़ देगा या तो सनातनी हिंदू बन जाएगा और उसके यहां जाएं तो धीरे से सूअर का एक बार फेंक कर चले आए या सूअर की हड्डी मत कोई भी एक अंक फिर चमत्कार देखो इन चीजों को यदि आप मजार मस्जिद इमामबाड़े कब्र में भी फेंक देंगे तो भी सब कुशवाहा हो जाएगा

अत्यंत ही विध्वंसक काला और खूनी सच -डॉ दिलीप कुमार सिंह

अत्यंत ही विध्वंसक काला और खूनी सच -डॉ दिलीप कुमार सिंह 

पूरी दुनिया में विशेष कर भारत में विधर्मी शैतानों का बहुत ही विनाशकारी काला और खूनी खेल चल रहा है वैसे तो इस वर्ष बाद का विश्लेषण 1400 वर्ष से ही हो रहा है लेकिन पूरी तरह विश्लेषण ना होने से दुनिया के देश धीरे-धीरे विधर्मी शैतान के देश बनते चले जा रहे हैं कैसे बना रहे हैं क्या हो रहा है लिए बिल्कुल सच-सच समझने की कोशिश करते हैं। ‌ इसके पहले भी पूरी दुनिया में लव जिहाद का लेख मैंने ही लिखा था उसके बाद ही इस भयानक खेल से लोगों का परिचय हुआ था।

यह सारा खेल शुरू होता है जनसंख्या के पलायन से जिसको हमारे यहां के काले अंग्रेज चेंज आफ डेमोग्राफिक कहते हैं और यह इतना खुला है लेकिन फिर भी लोग इस खेल को जाने में या अनजाने में क्यों नहीं समझ पाते हैं इसका भी कारण है जब कभी भी किसी भी मुस्लिम समूह का किसी गैर मुस्लिम समूह में प्रवेश होता है तो वह दिन-रात अपनी जनसंख्या बढ़ाते हैं और प्रारंभ में जहां अल्पमत में जाते हैं उनका धर्म उनके भगवान देवी देवता ऊपर से मानते हुए अंदर ही अंदर जिस हाड़ी में खो इस हांडी में छेद करो की नीति अपनाते रहते हैं‌ अधिक जनसंख्या वृद्धि के कारण जब किसी मुस्लिम देश में इनका रहना संभव नहीं हो पता तब वह गैर मुस्लिम देश की ओर एक बहुत सोची समझी रणनीति के तहत पलायन करते हैं और हाथ पैर जोड़कर भीख मांग कर सुर सुंदरी दान करके ऐसे देश में बस जाते हैं जहां का राष्ट्र नायक गद्दार अपने देश और धर्म के प्रति दोगला और सुरा सुंदरी का शौकीन और चरित्र से कमजोर होता है यही वजह है कि म्यांमार और बांग्लादेश के मुस्लिम बगल ही स्थित चीन में न जाकर कश्मीर न्यूजीलैंड ऑस्ट्रेलिया कनाडा में पहुंच रहे हैं लेकिन जहां पर देशभक्त कट्टर लोग हैं वहां पर यह समूह के समूह खदेड़ दिए जा रहे हैं ‌ इनका सबसे आसान शिकार भारत और ऑस्ट्रेलिया इटली और इंग्लैंड जैसे देश हैं जिनको उपयुक्त सारी चीज बहुत अच्छी लगती हैं और जो अपने देश और धर्म के प्रति अंत में गद्दार ही सिद्ध होते हैं ।

किसी देश में एक जगह पर कब्जा करके हजार फिर लाख की संख्या में बस कर इनका काम खत्म नहीं होता यह दिन-रात बच्चे पैदा करते हैं छोटी-मोटी चोरी करते हैं फिर जहां ताकतवर होते हैं वहां पर लूट और डकैती करते हैं और अंत में आतंकवाद का रास्ता पकड़ लेते हैं क्योंकि आज के दौर में लोग दो बच्चों को नहीं पाल पाए तो यह 15 से 25 बच्चे कैसे पालते हैं सबको पता है ।


‌ इनको कुछ खेल तो बहुत ही खतरनाक और कल्पना से भी पड़े होते हैं उदाहरण के रूप में आपने देखा होगा कि मुसलमान का टोना टोटका जादू रोग बीमारियों और अन्य चीजों पर कभी-कभी कम कर जाता है लेकिन उसके पीछे इनका तंत्र मंत्र टोना टोटका नहीं काम करता बल्कि यह लोग रोग बीमारी को समझते हैं और झाड़ फूंक तो बहाना होता है किसी भी स्त्री पुरुष का रोग समझा करिए महंगी महंगी दवाई उसको पानी में घोलकर पिलाते हैं और मूर्ख स्त्री पुरुष समझते हैं कि इसकी दुआ ताबीज से हमारा रोग सही हो रहा है इसके अलावा नौकरी दिलाने में स्थानांतरण करने में कहीं-कहीं यह उच्च अधिकारियों से मिले रहते हैं और पैसा देकर कर देते हैं तो लोग समझते हैं कि इसके दुआ तभी से हमारी नौकरी लग गई यह हमारा मनपसंद जगह पर ट्रांसफर हो गया इसके अलावा सारी औरतें यदि गैर इस्लामी से विवाह करती हैं तो उसको मुसलमान बनने पर वाद्य करते हैं और पुरुष तो पहले ही महिलाओं को मुसलमान बना कर तब जाकर निकाह करते हैं।
इसके बाद इनका अगला खतरनाक खेल शुरू होता है यह पता करते हैं कि अगल-बगल के गांव गली मोहल्ले में कौन ऐसा व्यक्ति है जो प्रभावशाली है पैसे वाला है या उसके जमीन जायदाद हैं लेकिन वह शराबी नशेड़ी और रसिक तथा दुराचारी और अपने धर्म के प्रति आधा अधूरा विश्वास रखने वाला है उसकी छत्रछाया में बस करवे उसकी सारी चीज अपने घर से देते हैं और धीरे-धीरे अपने घर की लड़कियां उस और उसके लड़कों से विवाहित करके अंत में उसका धर्म परिवर्तन करके कब्जा कर लेते हैं इसके बाद में पड़ोसियों से भी यही चल चलते हैं। 

यह लोग मिली मार और नूरा कुश्ती के तहत आगे बढ़ते हैं और पुरुष लोग अन्य धर्म की लड़कियां और स्त्रियों को फंसाते हैं इसके बाद धीरे-धीरे मेलजोल बढ़ा लेते हैं छोटे-मोटे उपहार देते हैं और बाद में उनका कोई दवा या रसायन खिलाकर बलात्कार करके वीडियो बना लेते हैं छोटी-छोटी बच्चियों को तो डरा कर बलात्कार करते हैं और वह डर के मारे कुछ बोलते ही नहीं जब तक पता चलता है तब तक बहुत कुछ बीत जाता है पुरुष जहां स्त्रियों का शिकार करते हैं वही मुस्लिम धर्म की स्त्रियां ऐसे दुराचारी रसिक और धनी पुरुषों का शिकार करती है जो अपनी पत्नी से संतुष्ट नहीं रहते और धीरे-धीरे इनका यही खेल आगे बढ़ता चला जाता है इसके लिए यह पड़ोस में बसे हुए लोगों को अपने घर बुलाते हैं काला जादू टोना टोटका करते हैं लेकिन यह केवल दिखाने के लिए होता है वास्तव में वह ऐसी जड़ी बूटियों और दावों को जानते हैं जिनसे स्त्री पुरुषों का चरित्र और उनका मिजाज आसानी से बदला जा सकता है ।

यह काम केवल अपढ़ लंठ गंवार ‌ पंचर छाप रिक्शावाला मजदूर ही नहीं बल्कि पढ़े-लिखे लोग डॉक्टर इंजीनियर राष्ट्रपति संसद विधायक सब के सब यही एक काम करते हैं अर्थात दारुल हरब को दारुल इस्लाम में बदलने की दिन रात कोशिश करते रहते हैं और इनका शिकार भी आराम से मिलते हैं क्योंकि हर एक समाज में कुछ ऐसी चरित्रहीन महिलाएं और पुरुष होते हैं जो भले ही बाद में बोटी बोटी काट कर फेंक दिए जाएं जमीन में गढ़ दिए जाएं या फ्रिज में बंद कर दिए जाएं लेकिन उनको ऐसे ही दुराचारी कामी और अप्राकृतिक मैथुन करने वाले मुस्लिम लोगों की आवश्यकता होती है। 

और जैसे ही मुसलमान कहीं बसते हैं तो पहले काम उनके घर में एक छोटी मस्जिद मजार बनती है जो कि इस्लाम धर्म में कहीं है ही नहीं इसके बाद जब 100 200 की संख्या में हो जाते हैं तो एक मस्जिद बनने लगती है विरोध करने पर रोक देते हैं लेकिन फिर धीरे-धीरे मांस मदिरा महिला मिथुन मुद्रा का प्रयोग करके सरकारी तंत्र और प्रभावशाली लोगों को खरीद कर अपना काम बन ही लेते हैं अतरही ‌ खलीलपुर बांध गांव ‌ जैसे अनगिनत गांव इसका उदाहरण है लेकिन असली खेल मस्जिद बनने के बाद शुरू होता है । यह लोग घर-घर में फेरी लगते हैं रेड्डी सामान बेचते हैं सब्जी बेचते हैं वास्तव में उनके गुप्तचर तंत्र वाले होते हैं और यही सब कुछ पता लगा लेते हैं और ऐसे ऐसे कांड कर देते हैं जिस पर जल्दी किसी को विश्वास नहीं होता और यह सभी लोग घरों में सब जाते हैं जब पुरुष लोग बाहर होते हैं यदि गलती से पुरुष भी घर पर मिल गया तभी हम लोग बहाना बनाकर उधर से निकल जाते हैं।

जैसे ही मस्जिद बनती है वैसे ही दूर-दूर के चोर डकैत आतंकी दुराचारी देशद्रोही और काला धन तथा नकली मुद्रा चलने वाले लोग उसमें मौलवी या प्रबंधक के रूप में आकर रहने लगते हैं और वह ऐसे पुरुष और महिलाओं को नियुक्त करते हैं जो शहर गली गांव मोहल्ले में जाकर यह पता करते हैं कि कौन सी स्त्री रंगीन रसिक दुराचारी स्वभाव की है और कौन सा पुरुष ऐसे स्वभाव का है सबसे पहले उसको ही फंसाते हैं इसके बाद यह लोग पता करते हैं कि किसका पति लंबे समय से बाहर है क्योंकि उसकी पत्नी को जो चाहिए उसको यह देते हैं फिर पता करते हैं कि कौन लंबे समय से बीमार है कौन सी महिला ऐसी है जिसके बच्चे नहीं हो रहे हैं कौन सा पुरुष ऐसा है जो नपुंसक है या जिसकी वासना शक्ति कमजोर है इसके साथ-साथ धनी और पैसे वाले घर को भी चिन्हित करते हैं यदि हर प्रकार से फेल होते हैं तब चोरी डकैती डालना शुरू करते हैं और मौका पाते हैं तो खून कत्ल करके लूट कर भाग जाते हैं ।

अपनी बस्ती इस तरह से टांग और संकरी बनाते हैं जहां पुलिस और प्रशासन का पहुंच पाना बड़ा मुश्किल है और आम जनता फस जाए तो उसे रास्ता ही नहीं मिलता जौनपुर के किसी भी मुस्लिम कॉलोनी में या आजमगढ़ के सराय मीर में चले जाइए मेरी बात अपने आप समझ में आ जाएगी पता लगा दुकान किसी चीज की है व्यापार अंदर कुछ और हो रहा है किरण सब्जी से लेकर हर सामान बेचने वाले यही करते हैं ज्यादातर यह लोग ऐसे सामान भेजते हैं जो घर के अंदर से या महिलाओं से संबंधित होते हैं जैसे बिजली की वायरिंग प्लंबरिंग चूड़ी श्रृंगार प्रसाधन और धीरे-धीरे महिलाओं को अपने जाल में फंसाते हैं जबरदस्ती भी बलात्कार कर लेते हैं ‌ क्योंकि इनका कोई दरब है लाज शर्म तो होती नहीं क्योंकि इनको मालूम है कि 100 में 90 स्त्रियां तो डर के मारे बताएंगी नहीं ‌ और जीवन भर ब्लैकमेल होती रहेंगी और 10 जो बताएंगे उसको भी धीरे-धीरे पुलिस प्रशासन की सहायता से हल कर लेते हैं चाहे मुद्रा खर्च कर देते हैं चाहे महिला या फिर मदिरा ‌ का सहारा लेना पड़े और सनातनी हिंदू में 99% तीनों में से किसी एक पर बिक ही जाते हैं क्योंकि इनका धर्म इतना कमजोर होता है कि चरित्र अपने आप भ्रष्ट हो जाता है जिन मर्दों की हड्डी तक सड़ गई है उसे मजार पर जाकर यह मूर्ख उससे कुछ पाने की आशा करते हैं ।

जैसे ही मुस्लिम किसी स्त्री को फसता है या मुस्लिम महिला किसी पुरुष को फंसाती है पहले बड़े प्रेम से एक दो महीने काम चलता है और इस बीच बड़े प्रेम से उसकी सारी सीडी और वीडियो तैयार हो जाती है तब ब्लैकमेलिंग और वसूली का लंबा खेल शुरू होता है जिसमें 70 से लेकर 90% सफलता मिलती है और भेद खुलना को होता है तो वही हाल होता है जो हो रहा है अर्थात तेजाब में डुबोकर मारना बोटी बोटी काट कर फ्रिज में रख देना हाथ पैर तोड़कर बोर में भरकर जमीन में गढ़ देना और अस्पतालों की सहायता से छोटे और स्वस्थ बच्चे बच्चियों के अंग को निकाल कर बेच देना आश्चर्य की बात है कि भारत जैसे गैर मुस्लिम देश में यह लोग सब कुछ आंखों के आगे कर रहे हैं इसके बाद भी लोगों को समझ में नहीं आ रहा है ‌ यदि आपको यह जानना है कि कौन सा पुरुष या स्त्री मुसलमान से फंसी है तो उसका एक ही तरीका है यदि कभी हिंदू मुस्लिम में लड़ाई होती है तो यह हम पुरुष और महिलाएं मुसलमान का पक्ष लेते हैं भले उन्हें घर समाज धर्म और देश के विरुद्ध जाना पड़े आपने देखा होगा कि ऐसे कांड करने वाली लड़कियां अपने मां-बाप का कहना भी नहीं सुनती हैं क्योंकि उनके दिमाग में उनका अब्दुल सलीम करीम रहीम हलीम तैमूर सबसे अच्छा होता है।

यह खेल इतने पर ही नहीं रुकता जितने भी खाने पीने वाले सामान है सब्जियां है फल हैं जूस है दही है दूध दही लस्सी है सब में अपना मल मूत्र थूक वीर्य और प्रतिबंधित पशुओं के मांस का कुछ न कुछ अंश जरूर मिलते हैं 1 2 /1000 /लाख नहीं करोड़ों की संख्या में ऐसे वीडियो पूरी दुनिया में लोग देखे हैं फिर भी नहीं समझते आ रहा है इस प्रकार सारा पैसा कमा कर उसको मस्जिद में भेजा जाता है जहां से सीधा या आतंकवादी गुटों में जाता है जो गैर मुस्लिम देश में दंगा फसाद तोड़फोड़ हत्याएं ट्रेन की पटरी उखाड़ देना मौका पाने पर सामूहिक बलात्कार करना होली दिवाली दशहरा में लूटपाट और हत्या कर देना और अनेक रूपों में काम आता है यह सब बातें कल्पना नहीं है पूरी तरह सच है बल्कि सच को काफी काम करके दिखाया जा रहा है जिससे पहले से ही कमजोर और कर हो चुके सनातनी लोग डर के मारे बेहोश ना हो जाए‌ रंग गुलाल अबीर बेचते समय हाथ से कपड़े पर चाहे जितना लगे लेकिन अगर सनातनी हिंदू के द्वारा एक छींटा भी पड़ गया तो तुरंत ही हत्या कर देते हैं वह भी शैतानी ढंगसे। 

आपस में खूब लड़ने वाले सनातनी इनके आगे भीगी बिल्ली बन जाते हैं उदाहरण के रूप में यदि किसी ठाकुर और हरिजन में लड़ाई हो जाए तो तुरंत ही वह उसे पर अनुसूचित जाति जनजाति का केस लगा लगा लेकिन यही काम मुस्लिम से हो तो वह चुपचाप मार खाता रहेगा इतना ही नहीं घर की औरतें जो घर में शेरनी की तरह दहाड़ती है और अपना घर परिवार पति बेटे सबको नाश करती हैं जैसे ही लव जिहादी के साथ जाती हैं तो बकरी की तरह में में करने लगते हैं और नंगी या आधी नंगी रहने वाली स्वच्छंद यही महिलाएं नकाब हिजाब बुर्का पहनकर सारा जीवन घर की कोठरी में आराम से बिता देती हैं अब इससे बड़ी मूर्खता और इससे बड़ा जड़ बुद्धि वाला भला किसी और कहा जाए ।

एक बात और है की सरकारी वर्ग में इनके जितने लोग चपरासी से राष्ट्रपति तक नियुक्त होते हैं वह सब लाज शर्म छोड़कर अपने वर्ग के चोर डकैत अपराधी ब्लैक मिलर हत्यारा के नियम कानून संविधान छोड़कर पूरी पूरी मदद खुलेआम करते हैं यह आपने अनेक बार देखा भी होगा यदि रोक टोक जाए तब भी नहीं सुनते हैं और निलंबित हो जाने पर सुर सुंदरी और मुद्रा वाली सीधी पड़कर अंत में फिर से पद स्थापित हो जाते हैं और अपना काम जारी रखते हैं अपने सरकारी ड्यूटी पर रहते हुए भी लैब जिहाद सहित अनगिनत जिहाद प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष करते हुए देश का सारा गोपनीय भेद मुस्लिम देशों में भेजते रहते हैं और भारत में होने वाली तोड़फोड़ रेल गाड़ियों बेसन हवाई जहाज की दुर्घटना और अन्य विधानसभा में 95 % हाथ इन्हीं का रहता है लेकिन आश्चर्यजनक रूप से लालू जैसे लोग गोधरा की हत्याकांड को रेल दुर्घटना करार दे देते हैं। 

इन लोगों से पार पाना हो तो इसराइल चीन म्यांमार श्रीलंका कोरिया जैसा बनना होगा अन्यथा धर्म और देश पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा यह लोग गांधी अटल बिहारी मोदी जैसे लोगों को तो जमकर पसंद करते हैं लेकिन लाल बहादुर शास्त्री योगी जी हेमंत विश्व शर्मा पुष्कर धामी जैसे लोगों को देखकर ही मूत्रत्याग करने लगते हैं जो कुछ सही कारण थे मैंने बता दिया यदि इसके अलावा कोई छूट गया हो तो आप सभी लोगों से निवेदन है कि उसको भी लिखेंगे ताकि इस लेख को और सुधारा जा सके और सबसे बड़े प्रामाणिक रूप में देश और सनातन धर्म बढ़ाने में योगदान दिया जा सके अंत में केवल यही कहना चाहूंगा-

‌ किंचित बबुर फरै जो बेल 
बालू पेरे निकले तेल।

ओरी के पानी बड़ेरी पर जाए।
 धरती आकाश एक हो जाए।

नदिया उल्टी धार बहाय कटहल में आम फलि जाय।
 जाए हिजड़ा फिर से पुरुष कहाय ।

कुकुर पानी पिए शुरूक्का।

तबौ न मानो तुरुक तुरुक्का।

  जे ना मानेस गयल काम से।

जो मानेस बचि जात बा।बोया पेड़ बबूल का 
 आम कहां से खात बा जय श्री राम

खाड़ी युद्ध में अलग थलग पड़ चुका है भारत डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह


खाड़ी युद्ध में अलग थलग पड़ चुका है भारत डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह 

खाड़ी युद्ध में पूरी दुनिया में सबसे बुरे फंसा है भारत मुझे समझ में नहीं आता कि हमारे विदेश नीति के विश्लेषक सरकार और बुद्धिजीवी ‌ और तथा प्रतीत बड़े मीडिया वाले कितनी सतही विवेचना करते हैं चाहे पैसा या किसी अन्य प्रभाव में लगभग सारे लोग कह रहे हैं कि भारत खाड़ी युद्ध में सबसे सही नीति पर चल रहा है लेकिन क्या यह सच है आई आपको बिल्कुल सच-सच और निष्पक्ष बताते हैं इस समय दुनिया का सारा तेल अमेरिका यूरोप रूस के कब्जे में है ईरान को छोड़ दिया जाए तो आप को यह जान का राष्ट्रीय होगा कि अरब देशों में केवल उनको स्वामित्व अर्थात रॉयल्टी दी जाती है सारा फायदा यूरोप और अमेरिका की तेल कंपनियां ले रही हैं इस प्रकार जिस तेल और गैस को हम अरब देशों से खरीद रहे हैं वह हमारा सपना है और यही वजह है कि दुनिया भर की नौटंकी करने के बाद भी भारत में जबरदस्त महंगाई और तेल की कीमत बढ़ रही है और बढ़ती चली जाएगी। 

जल्दी ही अमेरिका ईरान को तहस-नस कर देगा मैं खाड़ी युद्ध प्रारंभ होने के 1 दिन पहले यह बात बिल्कुल साफ-साफ बताएं कि यह युद्ध किसी भी तरह मार्च के अंतिम हफ्ते से लेकर अप्रैल के पहले हफ्ते में समाप्त हो जाएगा ‌‌ जिसमें ईरान तहस-नहस हो जाएगा और इराक कुवैत सऊदी अरब कतर और संयुक्त अरब अमीरात और अन्य देशों की भांति यहां भी पूरी तरह अमेरिका का कब्जा हो जाएगा मैंने आपको पहले ही बता दिया कि दुनिया का आधुनिक मध्यकालीन इतिहास इन्हीं चोर डकैत लुटेरे हत्यारों का इतिहास है और उन्हीं को बहुत बड़ा माना गया है गजनी गोरी अकबर और औरंगजेब जहांगीर चंगेज खान नादिर शाह सब के सब नंबर एक के खूनी कत्ली दुराचारी और सनातन धर्म के विध्वंसक थे ईरान को लेकर ईरान की बड़ी वह वही करने वाले निहायत ही मूर्खतापूर्ण विश्लेषण करने वाले लोग या भूल जाते हैं की सबसे पहला आक्रमण भारत पर ईरान ने ही किया तब से धर्म भले बदल गया लेकिन आज भी ईरान लगातार आक्रमण कर रहा है इसका प्रत्यक्ष आक्रमण तो महाराजा रणजीत सिंह के बाद समाप्त हो गया लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से वह भारत के सभी विरोधी देश का सहायक है और दुनिया का 90 प्रतिशत आतंकवादी ‌ पैदा करके उनकी सहायता केवल ईरान ही करता है ।


जिस दिन यह युद्ध समाप्त होगा उसे दिन भारत में पेट्रोल गैस की कीमतें बेतहाशा बढ़ेगी और तब वह बहुत बड़ी महंगाई और अव्यवस्था के दौर में घुस जाएगा और यही वर्तमान शासन तंत्र के पतन का और नए नेतृत्व के आने का कारण बनेगा यह सभी बातें आप सभी लोग लिखकर नोट कर लीजिए अमेरिका यूरोप और चीन वास्तव में एक ही है जो अपने-अपने समझौते के अनुसार सारी दुनिया पर अपना नियंत्रण कर रहे हैं भारत को बड़ी चालाकी से तीनों देशों ने दूध की मक्खी की तरह बाहर फेंक दिया और भारत का शासन तंत्र अपने मुंह मियां मिट्ठू बन रहा है और पैसा पे हुए चापलूस चाटुकार दलाल चमचे 420 मक्खनबाज लोग आंख मुड़ कर बाबा ही कर रहे हैं जबकि सनातन धर्म और अखंड भारत की एक भी समस्या आज तक हल नहीं हुई है कश्मीर में खाने के लिए धारा 370 हटाया गया लेकिन एक भी कश्मीरी बसाए नहीं जा सके उल्टा बचे कुछ लोग मार दिए गए हां उद्योगपतियों के लिए रास्ता खुल गया जितना लूट सकते हैं लूट रहे हैं आज भी आपको जम्मू कश्मीर में अलग सिम लेना पड़ता है। 

अमेरिका ने तो भारत को मदद करने लायक भी नहीं समझा उसने चीन जापान सहित दर्जनों देशों को हार्मोन में आकर अपनी सेवा के साथ ईरान का घमंड चूर-चूर करने के लिए आवाहन किया और सारे देश जा भी रहे हैं लेकिन भारत की औकात एक बार ट्रंप ने फिर से बता दिया है वास्तव में ट्रंप को मोदी के नकली और दोहरे स्वभाव से बहुत अधिक चिढ़ है और उनका मुस्लिम प्रेमी होना और सनातन धर्म के प्रति समर्पित ना होना उनको बहुत ही ज्यादा अखर जाता है कि जो व्यक्ति अपने का नहीं हुआ वह अमेरिका या दुनिया का कैसे होगा ‌ वह अभी देख रहे हैं कि वोट सनातनी लोगों से हैं मांगते हैं और उन्हीं को चोट देखकर विधर्मी शैतानों का विकास करते हैं अन्यथा आज कश्मीर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भारत में होता समान नागरिक संहिता और जनसंख्या नीति लागू हो गई होती महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार लाल पिता शाही घूसखोरी पर और उद्योगपतियों पर प्रभावी नियंत्रण होता पुलिस तंत्र आज कानून व्यवस्था अपने हाथ में लेकर नहीं चलता और सबसे बड़ी बात वक्फ बोर्ड और मदरसा बोर्ड समाप्त हो गया होता । लेकिन उल्टा वैसे मोदी जी ने संवैधानिक बनाकर वेतन भत्ते सरकार के द्वारा देना जारी रखा है बल्कि बढ़ा दिया है।

नई दुनिया में मुख्य रूप से क्रिश्चियन यहूदी और मुसलमान का संघर्ष है चीन बौद्ध धर्म का अगुवा है जो खेल इस समय दुनिया में चल रहा है उसके अनुसार अमेरिका जल्दी ही ग्रीनलैंड उसके बाद कनाडा और उसके बाद अगल-बगल के दीप समूहों पर कब्जा कर लेगा उधर रूस यूक्रेन और अगल-बगल के देशों पर कब्जा कर लेगा और चीन काफी देश पर पहले ही कब्जा कर चुका है अमेरिका रूस के साथ मिलकर अरब देशों में प्रभुत्व को बंटवारा करते हुए ऑस्ट्रेलिया पर कब्जा कर लेगा क्योंकि यह सब जानते हैं यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो जल्दी ही मुसलमान सारी दुनिया पर कब्जा करके उसे तहस-नहस कर देंगे और हर सृजनात्मक वैज्ञानिक और सच्ची चीजों के मुसलमान दुनिया में सबसे घनघोर विरोधी है उनकी सारी दुनिया अल्लाह पैगंबर कुरान हदीस और शरीयतण में सिमटी हुई है उसके आगे पीछे कुछ देखना ही नहीं चाहते ऐसे में उनसे सिवाय विनाश आतंकवाद सामूहिक लूटपाट सामूहिक हत्याएं बलात्कार और शैतानी ढंग के नरसंहार के अलावा कोई आसान नहीं की जा सकती। 

अभी भी यह समय भारत के लिए है कि वह किसी भी तरह खाड़ी युद्ध में अमेरिका का साथ दे और आने वाली दुनिया में कम से कम अपने अस्तित्व को बचा सके क्योंकि आने वाले समय में जल्दी ही रूस चीन अमेरिका एक हो जाएंगे यूरोप अमेरिका का पिछलग्गू है ही तब भारत को दुनिया में रास्ता खोजना मुश्किल हो जाएगा नेहरू की तरह अपने मुंह मियां मिट्ठू बनना और आत्मा मुक्त होना भारत वासियों के लिए बहुत खतरनाक सिद्ध होगा।