Wednesday, 22 April 2026

आखिर क्यों प्रचंड और विकराल हो रही है गर्मी

आखिर क्यों प्रचंड और विकराल हो रही है गर्मी -
डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 

भारत सहित संपूर्ण दुनिया में गर्मी की तीव्रता और उसकी अवधि दोनों लगातार बढ़ रही है जिस पर बहुत गहराई से विचार मंथन करने के बाद निम्नलिखित तथ्य सामने आते हैं -

सबसे पहला कारण है लगातार धरती पर हरित क्षेत्र का ‌ हरियाली पेड़ पौधों और वनस्पतियों का कम होते जाना और सीमेंट तथा कंक्रीट  ईंट पत्थर के जंगलों का लगातार बढ़ते चला जाना है ‌‌ इसके कारण धरती सूर्य की गर्मी को शक कर धडधकने लगती है जैसा की पथरी इलाकों और सीमेंट की सड़क पर आपने देखा होगा।

इन सब कारणों से जहां धरती पर ऑक्सीजन की कमी हो रही है वहीं पर वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार खराब होता जा रहा है और पराबैंगनी किरणों की तीव्रता भी बहुत तेजी से बढ़ रही है इसलिए गर्मी जलाने और झुलसाने वाली बन गई है ।

जितना ही अधिक धरती की सतह पर सीमेंट कंक्रीट और ईंट पत्थर बढ़ते चले जाएंगे उतना ही गर्मी और ऊष्मा का परावर्तन और अवशोषण बढ़ेगा और यह एक कच्चे मकान और पक्के मकान में रहकर आसानी से देखा जा सकता है
[4/21, 6:05 PM] Dr  Dileep Kumar singh: लगातार गर्मी बढ़ने का दूसरा कारण लगातार सूखी पछुआ तेज हवाएं चलना और किसी भी विक्षोभ के जन्म न लेने का कारण है ‌ जिसके कारण गर्म हवाएं शुष्क जमीन और भट्ठी हुई धरती लगातार गर्म होती चली जाती है और इस समय भारत का 90% भूभाग आज की धरती बन गया है और अधिकांश भागों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से लेकर 47 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है जब ‌ लगातार आंधी तूफान और विक्षोभ का जन्म होता है तब तापमान नियंत्रित हो जाता है जो कि इस बार 15 अप्रैल से 25 अप्रैल तक बिल्कुल नहीं होना है‌ जिसके कारण पूरे देश में जम्मू कश्मीर हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत को छोड़कर हर जगह ताप लहर अर्थात लू चल रही हैं।

तीसरा प्रमुख कारण है सूर्य के सतह पर लगातार प्रचंड विस्फोट सौर कलंक और सौर ज्वालामुखी उत्पन्न होना जो सूर्य के चारों ओर लाखों किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ती है और इनमें भयंकर विकिरण पैदा होता है जिससे कभी-कभी धरती पर रेडियो तरंग और संचार में बाधा आ जाती है इस समय सूर्य पर या प्रक्रिया चरम पर है जिससे गर्मी और भी भयंकर हो रही उत्तरी गोलार्ध में यह प्रक्रिया अप्रैल से जून तक और दक्षिणी गोलार्ध में नवंबर से जनवरी तक चलती है जहां सूर्य की किरणें प्रभावी होती हैं । इसके अलावा तेरी गोलार्ध में सूर्य का पृथ्वी के सीधे ऊपर आना भी भयंकर गर्मी का कारण बन जाता है।

लगातार प्रचंड गर्मी और तप लहर तथा ल बहने का चौथा कारण ‌ धरती पर लगातार बढ़ रहे उद्योग धंधे और कल कारखाने हैं जो धरती की सतह लगातार गर्म करते चले जा रहे हैं इसके कारण धरती पर गर्मी बढ़ती चली जा रही है ।

पांचवा कारण विराट संख्या में बढ़ रहे दो पहिया चार पहिया और अन्य प्रकार के चलने वाले वाहन ट्रेन हवाई जहाज रॉकेट और अंतरिक्ष यान से उत्पन्न गर्मी है आज से 100 साल पहले जिन सड़कों पर 10 या 20 वाहन दौड़ते थे आज वहां लाखों करोड़ों की संख्या में दिन-रात वहां ट्रेन हवाई जहाज जलयान चलते हुए भयानक गर्मी और प्रदूषण तथा जहरीली गैसें पैदा कर रहे हैं यदि आप कभी सड़क पर चलते हुए किसी बड़े ट्रक या बस या वहां के बगल से गुजरते हैं तो आपको खुद उसके गर्म हवा का झोंका अनुभव हुआ होगा ।

छठ कारण धरती पर लगातार हो रहे युद्ध और हथियारों का प्रयोग आतिशबाजी और पटाखा और इसके साथ-साथ इससे उत्पन्न गर्मी और ऊर्जा है इसमें भूमिगत परमाणु परीक्षण भी शामिल है यह सभी धरती को निरंतर गम करते चले जा रहे हैं ‌ तापमान उतना ही रहता है लेकिन खुले धूप और पेड़ के छाया में तापमान का 10 डिग्री सेल्सियस और कमरे में 5 डिग्री सेल्सियस का अंतर होता है यदि पहले की तरह आज भी धरती 95 प्रतिशत पेड़ पौधे हरियाली से आच्छादित हो जाए तो औसत तापमान अपने आप 10 डिग्री सेल्सियस कम हो जाएगा ।

सातवां कारण हर जगह फैल रहे वातानुलित यंत्र बड़े-बड़े सेट ग्रह बिजली के और गैस के चूल्हे और उसके साथ-साथ उपयोग की जाने वाली प्रसाधन सामग्री भी है जो लगातार जहरीली गैस और कार्बन डाइऑक्साइड तथा गर्मी छोड़ती रहती है ।

आठवां कारण अलादीन का प्रभाव है जो एक बहुत बड़े भूभाग पर होने वाली प्राकृतिक घटना है जिसके कारण समुद्र की सतह का तापमान अचानक बहुत बढ़ जाता है या भयंकर गर्मी और सुख पैदा करता है दुर्भाग्य से इस बार भारत अफ्रीका और अमेरिका के भूभाग अलनीनो से प्रभावित हो रहे हैं जिसके कारण गर्मी का बढ़ना और कम वर्षा का होना भी निश्चित है 

इसके अतिरिक्त और भी बहुत से कारण है जिसमें मोबाइल और अन्य टावरों की बढ़ाते हुए संख्या बैटरी का अधिक से अधिक प्रयोग प्रदूषण और गंदगी का लगातार बढ़ता धरती और आकाश तथा जल का लगातार प्रदूषित होते जाना आभूषण बनाने वाले दुकानों से जहरीला और गंदा पानी बह कर नदी नालों में मिल जाना जिनकी रासायनिक क्रिया से भीषण गर्मी पैदा होती है साथ-साथ कागजों पर ‌ और भाषणों में वृक्षारोपण और हरियाली इसके अन्य कारण है ‌ इसके कारण मनुष्य की प्रतिरोधक क्षमता लगातार कम होती चली जा रही है सीमेंट कंक्रीट और ईंट पत्थर धरती पर बढ़ते चले जाने के कारण धरती के जल सूखने की क्षमता भी कम हो जाती है और जल की कमी भयंकर गर्मी पैदा करती है संक्षेप में आधुनिक विज्ञान टेक्नोलॉजी और मानव सभ्यता वह हर काम कर रही है जिससे भयानक गर्मी लगातार बढ़ रही है जो समस्त सृष्टि के लिए एक भयंकर खतरा है।

Sunday, 19 April 2026

पूरे वर्ष भर दुनिया युद्ध हिंसा तनाव से जूझती रहेगी-डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978

पूरे वर्ष भर दुनिया युद्ध हिंसा तनाव से जूझती रहेगी-डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978

जनवरी 2026 और फिर मार्च 2026 में हमारे केंद्र के द्वारा ग्रह नक्षत्र ज्योतिष और पंचांग के आधार पर एवं रौद्र नामक संवत्सर के प्रभाव के विस्तृत विवेचना करते हुए संपूर्ण संसार की विवेचना की गई थी और कहा गया था कि पूरे वर्ष भर रूस चीन अमेरिका पहन के अंदर से मिली मार और नूरा कुश्ती करके अपना प्रभाव सारी दुनिया पर स्थापित कर लेंगे ‌ यह तीनों देश ऊपर से एक दूसरे का विरोधी होने का दिखावा करेंगे लेकिन अंदर से तीनों एक होंगे और पूरी दुनिया में युद्ध की आग भड़का कर अपने अस्त्र-शस्त्र और अन्य सामान बेचकर तेल सहित दुनिया के ऊर्जा संसाधनों पर नियंत्रण करेंगे और बिल्कुल वैसा ही हो रहा है 


पहले हमारे केंद्र के द्वारा यह भविष्यवाणी की गई थी कि अमेरिका इजरायल मिलकर ईरान पर विध्वंसक आक्रमण करेंगे जिसमें ईरान का भीषण नुकसान होगा चीन और रूस पहन के पीछे ईरान को अपने हथियार बेचकर प्रचुर धन संपत्ति अर्जित करेंगे और 10 अप्रैल के आसपास अमेरिका और ईरान की सलाह हो जाएगी जो अधिक दिन नहीं चलेगी 

इसी क्रम में अब अमेरिका रूस और चीन मिलकर ताइवान को लेकर पूरी दुनिया में युद्ध कब वातावरण पैदा करेंगे जिसमें अमेरिका अपने हथियार ताइवान को इस तरह बचकर अपार संपत्ति अर्जित करेगा जैसे ईरान से रूस और चीन ने अर्जित किया था और 20 अप्रैल के आसपास चीन ताइवान का संघर्ष शुरू होने की स्थिति बन सकती है जिसमें चीन ताइवान पर कब्जा करने की पूरी कोशिश करेगा लेकिन लगभग सफलता के कगार से उसे वापस लौटना पड़ेगा इस युद्ध में कोरिया और जापान तथा अन्य देश भी सम्मिलित होंगे ‌ यद्यपि विनाशकारी युद्ध टल जाएगा और विश्व युद्ध की कोई आशंका नहीं रहेगी।

इसके बाद ठंड पड़ चुका रूस और यूक्रेन का युद्ध फिर से प्रारंभ हो जाएगा और इस युद्ध में अमेरिका और चीन अपने हथियार और अन्य संसाधन बेचकर काफी धन संपत्ति अर्जित करेंगे यह तीनों देश मिलकर भारत को पाकिस्तान और अन्य देशों की सहायता से काफी नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे लेकिन ग्रह नक्षत्र और पंचांग की मजबूत स्थिति के कारण भारत को अधिक नुकसान नहीं होगा मैंने पहले भी कहा और फिर कह रहा हूं इन सभी परिस्थितियों में मोदी जी की स्थिति बहुत कमजोर हो जाएगी देश के अंदर और बाहर उनकी लोकप्रियता बहुत तेजी से घट जाएगी 

अप्रैल के अंतिम सप्ताह में खड़ी का युद्ध फिर से भड़क सकता है और इजरायल लेबनान के अंदर काफी जमीन कब्जा कर लेगा और वेस्ट बैंक तथा गोलन पहाड़ियों का काफी भूभाग कब्जा करके वहां से मूल निवासियों को भगा देगा इस प्रकार वर्ष के अंत में एक वृहत्तर इजरायल की नींव पड़ जाएगी।

यह सभी होना निश्चित है इसके अलावा पूरी दुनिया में तोड़फोड़ हिंसा आतंकवाद एवं दुर्घटनाओं तथा अपराध का बोलबाला रहेगा मैं और जून में भीषण प्राकृतिक आपदाएं और दुर्घटनाएं घटित होगी और दुनिया के समीकरण तेजी से बदल जाएंगे जो हाल लीबिया इराक का हुआ है उससे भी बुरा हाल ईरान का होगा और अंत में अरब देशों की सहायता से अमेरिका ईरान को कुचल देगा भूकंप ज्वालामुखी विस्फोट सुनामी लहरों और भौगोलिक परिवर्तन की बर्फीले तूफान और ग्लेशियरों से व्यापक विनाश होगा 

तेल और हथियारों की खरीद में दुनिया की आर्थिक शक्ति पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ेगा और सभी देशों को अपनी आधी आमदनी इन दोनों चीजों पर खत्म करनी पड़ेगी अनेक नए-नए हथियारों का आविष्कार होगा और द्रोण युद्ध से भी आगे की युद्ध की प्रणाली का प्रयोग किया जाएगा सभी अनुमान के विपरीत पाकिस्तान में विभाजन सफल नहीं होगा इस प्रकार दुनिया को अनेक आश्चर्यजनक स्थितियों से गुजरना पड़ेगा और सब का मूल ईरान चीन और अमेरिका ही होंगे आश्चर्यजनक रूप से कोरिया इन सभी प्रकरण पर बिल्कुल चुपचाप तमाशा देखता रहेगा

अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम -डॉ दिलीप कुमार सिंह

अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम -डॉ दिलीप कुमार सिंह 
अक्षय तृतीया एक ऐतिहासिक दिन है जो इस वर्ष 19/20 अप्रैल को मनाया जाएगा यह पर्व विशेष रूप से इस समय भगवान परशुराम से जुड़ गया है जो भगवान श्री हरि विष्णु के अवतार थे लेकिन अक्षय तृतीया कई महत्वपूर्ण महापुरुषों और कथाओं से ही जुड़ा हुआ है अक्षय तृतीया प्रति वर्ष वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन पड़ता है और इस वर्ष तिथि19/ 20 अप्रैल को पड़ रही है 

सबसे पहले तो अक्षय तृतीया पवित्र दिन है और यह आदि देव ऋषभदेव के साथ जुड़ा हुआ है जिन्होंने घनघोर तपस्या करके तीनों लोकों में हाहाकार मचा दिया था और पूरे 400 दिन के बाद गन्ने के रस से अपना व्रत पूरा किया था इसलिए जैन पंथ के लोग इसे बहुत ही उत्साह से मनाया करते हैं इसके अलावा इसी दिन भगवान श्री हरि विष्णु के अवतार भागवत परशुराम जी का जन्म धरती पर महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के यहां हुआ था जिनकी तपोस्थली जमदग्निपुरम जमैथा गांव में है उन्हीं के नाम से जौनपुर का नाम पहले जमदग्निपुरम रखा गया था जो कालांतर में जौनपुर हो गया।

अक्षय तृतीया के दिन ही द्रौपदी को भगवान सूर्य के द्वारा उनके कष्टों को देखते हुए अक्षय पात्र दिया गया था जो तब तक खाली नहीं होता था जब तक भोजन बनाने वाला उसको खा नहीं लेता था। दुर्योधन के कहने पर जब दुर्वासा ऋषि ‌ पांडवों के यहां गए तब उनको अक्षय पात्र द्वारा ही तृप्त किया गया था एक अन्य घटनाक्रम में सदानीरा सरस्वती नदी के किनारे आज के दिन ही ब्रह्म ऋषि वेद व्यास ने महाभारत की कथा भगवान गणेश जी को बोलकर लिखाना शुरू किया था भगवान वेदव्यास ‌ का ज्ञान सरस्वती नदी की तेज ध्वनि से भंग होता था विनय करने पर भी उन्होंने ध्यान नहीं दिया तब वेदव्यास जी के के श्राप के कारण ही सरस्वती जमीन के अंदर चली गई। और अदृश्य रूप में बह रहीहैं।

एक अन्य घटनाक्रम में इसी दिन परम पवित्र देव नदी गंगा मां का "धरती पर हुआ था जिससे समस्त भारत का और सगर पुत्रों का कल्याण हुआ था और ‌ देव नदी गंगा को पृथ्वी पर लाने वाले भागीरथ के नाम पर गंगा मां का नाम भागीरथी पड़ा सगर पुत्रों के नाम पर ही समुद्र का नाम सागर पड़ा। आज के दिन ही विप्र सुदामा अपने बाल सखा भगवान श्री कृष्ण से मिलने द्वारका गए थे और भगवान श्री कृष्ण ने सुदामा के पूरे गांव को ही द्वारका जैसा बना दिया था।‌ और उनको आदर्श मित्र मानकर उन्हें धन-धान्य से भर दिया था।

इस वर्ष वैसे तो अक्षय तृतीया दिन में 11 ‌ बजे के आसपास 19 अप्रैल को ही लग जाएगी जो 20 अप्रैल को 8:37 तक रहेगी लेकिन उदया तिथि के अनुसार 30 अप्रैल के दिन ही भगवान परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया मनाया जाएगी ।

20 अप्रैल को सुबह से 9 बजे तक अक्षय तृतीया का पूजा पाठ व्रत अनुष्ठान करने का सर्वश्रेष्ठ समय है इस दिन भगवान विष्णु माता लक्ष्मी को प्रतिमा रखकर उसे लाल वस्त्र से ढक कर लाल या पीले रंग के कपड़े बिस हुए चौकी पर रखा जाता है और उनको सत्तू खीर चना मौसमी फल और मिठाई का भोग लगाया जाता है और पूजा करने के पहले प्रतिमा को गंगाजल से धोया जाता है। 

भगवान परशुराम किसी धर्म और जाति विशेष के नहीं थे यह संपूर्ण पृथ्वी पर फैले हुए पाप और अत्याचार और निरंकुश राजाओं को सही मार्ग पर लाने के लिए कटिबद्ध थे इसी क्रम में उन्हें अनेकों महायुद्ध करने पड़े इसलिए उन्होंने भयंकर तपस्या करके भगवान शिव से अद्वितीय फरसा और धनुष बाण प्राप्त किया जिसके सामने बड़े से बड़ा महान योद्धा भी पराजित हो जाता था ।

भगवान परशुराम अद्वितीय पितृ भक्त थे पिता के कहने पर उन्होंने माता रेणुका का गर्दन काट लिया लेकिन जब पिता ने वर मांगने को कहा तो उन्होंने वर मांग कर माता को जीवित कर दिया जिससे परम प्रसन्न हुए परशुराम जी को उनके पूज्य पिता जमदग्नि ऋषि ने इच्छा मृत्यु का वरदान दिया और परशुराम आज भी धरती पर विभीषण ब्रह्म ऋषि मार्कंडेय हनुमान जी आल्हा कृपाचार्य अश्वत्थामा और हनुमान जी के साथ अमर हैं 

अक्षय तृतीया पर बहुत से दुष्प्रचार किया जाते हैं जैसे कि इस दिन आभूषण खरीदना वाहन खरीदना मकान  ‌ कपड़ा जमीन संपत्ति इत्यादि खरीदना बहुत शुभ माना जाता है लेकिन मैं बहुत प्रामाणिक रूप से बता दूं कि इसका भगवान परशुराम या अक्षय तृतीया पर खरीदारी से कोई संबंध ही नहीं यह बड़े-बड़े धन कुबेर सेठ महाजन की मीडिया वालों की चाल है कि इसी दिन नई चीजों को खरीदना चाहिए जबकि ऐसा कुछ नहीं है ‌ इस दिन केवल नमक या अस्त्र-शस्त्र खरीदनाचाहिए। ऐसा ही जनप्रतवाद और झूठा समाचार धनतेरस के दिन फैलाया जाता है जहां वैद्यनाथ धनवंतरी से खरीदारी से कोई संबंध ही नहीं है इसलिए आप चाहे जो भी खरीदारी करें या निर्माण करें उसका ‌  अक्षय तृतीय से कुछ भी लेना देना नहीं है विज्ञापन और टीवी तथा रेडियो के चक्कर में पढ़कर अपने पैसे बर्बाद करने का कोई अर्थ नहीं है ।

भगवान परशुराम का बड़े-बड़े परम वीरों से युद्ध हुआ जिसमें सहस्त्रार्जुन को उन्होंने मार कर  21 बार उसके वंश का विनाश किया। लेकिन सनातन धर्म को तोड़ने वाले लोगों ने इसे यह कह कर प्रसारित किया कि उन्होंने 21 बार धरती से सभी क्षत्रियों का विनाश कर दिया था जो कि बिल्कुल झूठ है नहीं तो उन्हीं के समय में राम लक्ष्मण और राजा दशरथ जनक ‌ और स्वयंवर में आए हुए सैकड़ो क्षत्रिय य राजा और अन्य लोग कहां से होते । उन्होंने रावण को भी मुक्त कराया‌ भगवान परशुराम केवल श्री राम लक्ष्मण और भीष्म पितामह से ही पराजित हुए थे। था और भगवान श्री राम से उनका आखिरी युद्ध हुआ था जिसमें उनके पराजित होना पड़ा और उनके तेज का भगवान श्री राम ने हरण कर लिया जिसका अर्थ यह भी है कि जब एक अवतार आ गया तो पीछे के अवतार की प्रासंगिकता समाप्त हो गई भगवान परशुराम ने अनंत गति से चलने का अपना वरदान सुरक्षित रखा और आज ‌ विवाह अनंत वेग से विसरण करते हैं।भारत की धरती को ऐसे ही परम बुद्धिमान महा तेजस्वी परशुराम जी की आवश्यकता है जो शैतान राक्षस और विधर्मी लोगों का संघर्ष करके देश में राम राज्य का मार्ग प्रशस्त करें।

Thursday, 16 April 2026

देश में अति पिछड़ी मुस्लिम महिलाओं को तैंतीस में से तीन प्रतिशत मिले आरक्षण मुस्लिम महासंघ*

*देश में अति पिछड़ी मुस्लिम महिलाओं को तैंतीस में से तीन प्रतिशत मिले आरक्षण मुस्लिम महासंघ* 
अखिल भारतीय मुस्लिम महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष फ़रहत अली खान ने कहा देश में सबसे ज्यादा दबी कुचली ज़िंदगी गुजार रही हैं मुस्लिम महिलाएं।
अगर मुस्लिम महिलाएं सांसद और विधायक बनकर लोकसभा,राज्य सभा एवं विधानसभा में जाएंगी तभी अपनी समस्याओं को देश के संवैधानिक पटल पर रख सकती हैं।

महिला आरक्षण बिल सराहनीय और स्वागत योग्य बिल है जिसकी समय के अनुसार बहुत आवश्यकता है । 

जहां तक महिला आरक्षण बिल का सवाल है हम सभी देशवासी स्वागत करते हैं।

मगर हम अपने देश के मुखिया से अपना सुझाव निवेदन पूर्वक रख रहे हैं।
तैंतीस प्रतिशत में से कुल तीन प्रतिशत परिसीमन के बाद मुस्लिम महिला को भी आरक्षण दिया जाए

जो समय के अनुसार बहुत ज़रूरी है।
हमारे सुझाव पर गंभीरता से विचार करने की कृपा करें।
फ़रहत अली खान 
राष्ट्रीय अध्यक्ष मुस्लिम महासंघ

Wednesday, 15 April 2026

बर्बरीक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर थे। बर्बरीक के लिए तीन बाण ही काफी थे जिसके बल पर वे कौरवों और पांडवों की पूरी सेना को समाप्त कर सकते थे। युद्ध के मैदान में भीम पौत्र बर्बरीक दोनों खेमों के मध्य बिन्दु एक पीपल के वृक्ष के नीचे खड़े हो गए और यह घोषणा कर डाली कि मैं उस पक्ष की तरफ से लडूंगा जो हार रहा होगा। बर्बरीक की इस घोषणा से कृष्ण चिंतित हो गए।

बर्बरीक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर थे। बर्बरीक के लिए तीन बाण ही काफी थे जिसके बल पर वे कौरवों और पांडवों की पूरी सेना को समाप्त कर सकते थे। युद्ध के मैदान में भीम पौत्र बर्बरीक दोनों खेमों के मध्य बिन्दु एक पीपल के वृक्ष के नीचे खड़े हो गए और यह घोषणा कर डाली कि मैं उस पक्ष की तरफ से लडूंगा जो हार रहा होगा। बर्बरीक की इस घोषणा से कृष्ण चिंतित हो गए।

भीम के पौत्र बर्बरीक के समक्ष जब अर्जुन तथा भगवान श्रीकृष्ण उसकी वीरता का चमत्कार देखने के लिए उपस्थित हुए तब बर्बरीक ने अपनी वीरता का छोटा-सा नमूना मात्र ही दिखाया। कृष्ण ने कहा कि यह जो वृक्ष है ‍इसके सारे पत्तों को एक ही तीर से छेद दो तो मैं मान जाऊंगा। बर्बरीक ने आज्ञा लेकर तीर को वृक्ष की ओर छोड़ दिया।

जब तीर एक-एक कर सारे पत्तों को छेदता जा रहा था उसी दौरान एक पत्ता टूटकर नीचे गिर पड़ा। कृष्ण ने उस पत्ते पर यह सोचकर पैर रखकर उसे छुपा लिया की यह छेद होने से बच जाएगा, लेकिन सभी पत्तों को छेदता हुआ वह तीर कृष्ण के पैरों के पास आकर रुक गया। तब बर्बरीक ने कहा कि प्रभु आपके पैर के नीचे एक पत्ता दबा है कृपया पैर हटा लीजिए, क्योंकि मैंने तीर को सिर्फ पत्तों को छेदने की आज्ञा दे रखी है आपके पैर को छेदने की नहीं।

उसके इस चमत्कार को देखकर कृष्ण चिंतित हो गए। भगवान श्रीकृष्ण यह बात जानते थे कि बर्बरीक प्रतिज्ञावश हारने वाले का साथ देगा। यदि कौरव हारते हुए नजर आए तो फिर पांडवों के लिए संकट खड़ा हो जाएगा और यदि जब पांडव बर्बरीक के सामने हारते नजर आए तो फिर वह पांडवों का साथ देगा। इस तरह वह दोनों ओर की सेना को एक ही तीर से खत्म कर देगा।

तब भगवान श्रीकृष्ण ब्राह्मण का भेष बनाकर सुबह बर्बरीक के शिविर के द्वार पर पहुंच गए और दान मांगने लगे। बर्बरीक ने कहा- मांगो ब्राह्मण! क्या चाहिए? ब्राह्मणरूपी कृष्ण ने कहा कि तुम दे न सकोगे। लेकिन बर्बरीक कृष्ण के जाल में फंस गए और कृष्ण ने उससे उसका शीश मांग लिया।

बर्बरीक द्वारा अपने पितामह पांडवों की विजय हेतु स्वेच्छा के साथ शीशदान कर दिया गया। बर्बरीक के इस बलिदान को देखकर दान के पश्चात श्रीकृष्ण ने बर्बरीक को कलियुग में स्वयं के नाम से पूजित होने का वर दिया। आज बर्बरीक को खाटू श्याम के नाम से पूजा जाता है। जहां कृष्ण ने उसका शीश रखा था उस स्थान का नाम खाटू है।

अनजाने रहस्य :

1. खाटू श्याम अर्थात मां सैव्यम पराजित:। अर्थात जो हारे हुए और निराश लोगों को संबल प्रदान करता है।

2. खाटू श्याम बाबा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर हैं उनसे बड़े सिर्फ श्रीराम ही माने गए हैं।

3. खाटूश्याम जी का जन्मोत्सव हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।

4. खाटू का श्याम मंदिर बहुत ही प्राचीन है, लेकिन वर्तमान मं‍दिर की आधारशिला सन 1720 में रखी गई थी। इतिहासकार पंडित झाबरमल्ल शर्मा के मुताबिक सन 1679 में औरंगजेब की सेना ने इस मंदिर को नष्ट कर दिया था। मंदिर की रक्षा के लिए उस समय अनेक राजपूतों ने अपना प्राणोत्सर्ग किया था।

5. खाटू श्‍याम मंदिर परिसर में लगता है बाबा खाटू श्याम का प्रसिद्ध मेला। हिन्दू मास फाल्गुन माह शुक्ल षष्ठी से बारस तक यह मेला चलता है। ग्यारस के दिन मेले का खास दिन रहता है।

6. बर्बरीक देवी के उपासक थे। देवी के वरदान से उसे तीन दिव्य बाण मिले थे जो अपने लक्ष्य को भेदकर वापस उनके पास आ जाते थे। इसकी वजय से बर्बरिक अजेय थे।

7. बर्बरीक अपने पिता घटोत्कच से भी ज्यादा शक्तिशाली और मायावी था।

8. कहते हैं कि जब बर्बरिक से श्रीकृष्ण ने शीश मांगा तो बर्बरिक ने रातभर भजन किया और फाल्गुन शुक्ल द्वादशी को स्नान करके पूजा की और अपने हाथ से अपना शीश काटकर श्रीकृष्ण को दान कर दिया।

9. शीश दान से पहले बर्बरिक ने महाभारत का युद्ध देखने की इच्‍छा जताई तब श्रीकृष्‍ण ने उनके शीश को एक ऊंचे स्थान पर स्थापित करके उन्हें अवलोकन की दृष्टि प्रदान की।

10. युद्ध समाप्ति के बाद जब पांडव विजयश्री का श्रेय देने के लिए वाद विवाद कर रहे थे तब श्रीकृष्ण कहा कि इसका निर्णय तो बर्बरिक का शीश ही कर सकता है। तब बर्बरिक ने कहा कि युद्ध में दोनों ओर श्रीकृष्ण का ही सुदर्शन चल रहा था और द्रौपदी महाकाली बन रक्तपान कर रही थी।

11. अंत में श्रीकृष्ण ने वरदान दिया की कलियुग में मेरे नाम से तुम्हें पूजा जाएगा और तुम्हारे स्मरण मात्र से ही भक्तों का कल्याण होगा।

जय श्री श्याम ,जय खाटूश्याम जी बाबा 🚩🙏🏻

सनातन धर्म एक ऐसा प्राचीनतम ब्रह्मांड व्यापी धर्म है जिसमें वह सब कुछ है जिसको अन्य कहीं नहीं पाया जा सकता ।

एक बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति 

सनातन धर्म एक ऐसा प्राचीनतम ब्रह्मांड व्यापी धर्म है जिसमें वह सब कुछ है जिसको अन्य कहीं नहीं पाया जा सकता ।
दुनिया में कोई भी वस्तु एक जैसी नहीं है दो सगे भाई बहन भी नहीं इसलिए दुनिया की कोई भी वस्तु पूरे वास्तु के समान नहीं हो सकते ।

लेकिन हमारे ‌ देश के बिके बुद्धिजीवी और मकर राजनेता विदेशी हाथों में खेलते हुए दुनिया भर का नकली उच्च नीच और असमानता जैसा जहर वह दिए और सनातन धर्म चिन्ह भिन्न होने लगा ‌

यहां तक की सनातन धर्म को सुधार करने के लिए जो ईश्वरीय महामानव अवतार के रूप में आए जैसे भगवान बुद्ध महावीर स्वामी गुरु नानक देव चार्वाक इनके पथ को अलग धर्म का नाम देकर आदिवासी वनवासी जंगल वासी और असभ्य कबीलाई लोगों को सनातन धर्म से अलग घोषित कर इसको दुनिया में केवल अब से इंडोनेशिया मलेशिया और कजाकिस्तान से श्रीलंका में और बाद में केवल भारत में सीमित कर दिया गया। 

इस अंधकार में भारत लगभग 1000 वर्ष पड़ा रहा लेकिन यहां के बड़े-बड़े ऋषि मुनि जिसमें सभी वर्ण और जातियों के लोग शामिल थे उन्होंने सनातन धर्म की पहचान मिटने नहीं दिया ।

यदि आपके पद प्रतिष्ठा तन संपत्ति है तो घर और बाहर का हर व्यक्ति आपका मान सम्मान करेगा और याद नहीं है तो अपनी जात बिरादरी तो छोड़ो घर के लोग ही आपको उठकर बाहर फेंक देंगे ।

ऐसे में दुनिया भर की गलत धारणा सनातन धर्म के बारे में फैलाई गईं जबकि यहां कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार से आस्तिक या नास्तिक रूप से आराम से रहते हुए सारा जीवन अपने ढंग से जी सकता है बशर्ते कि वह अन्य के जीवन में हस्तक्षेप ना करें ।

जो सनातन धर्म मिलेच शैतान विधर्मी लोगों को भी अपने बीच जीने का अवसर देता है वह अपने ही सनातनी भाइयों के बीच उच्च नीच का भेद कैसे कर सकता है यही समझाने की बात है लेकिन हर जाति के मठाधीश और स्वयंभू नेता अपने घर परिवार साथ वीडियो को मालामाल करने के लिए अपने जाति वालों को इसे समझना नहीं दे रहे हैं और अधिकांश धर्म गुरु संत महंत पुजारी पांडे कथावाचक सरकार सरकारी तंत्र धन कुबेर लोगों और विदेशी हाथों में बिक चुके हैं इसलिए सच समझने में लोगों को परेशानी हो रही है ।‌ इसमें से अधिकांश सरकार के पालतू और विदेशी लोगों के द्वारा खरीदे गए लोग हैं जो संस्कृत हिंदी की जगह अंग्रेजी बोलकर देश में पापा मम्मी डैडी हाय हेलो खाना मुबारक शुक्रिया गुड मॉर्निंग शादी शहर जैसी चीज फैलाना चाहते हैं।


आप सनातनी हो चाहे जो हो जिस जाति के हो लेकिन इतना याद रखो कि जिस दिन‌ मलिक्छ विधर्मी शैतान राक्षस काटना शुरु करेंगे जैसे कि वह उत्तरी दक्षिणी अमेरिका यूरोप अरब प्रायद्वीप अफगानिस्तान पाकिस्तान बांग्लादेश कश्मीर में कटे हैं उसे दिन या नहीं पूछेंगे कि तुम स्वर्ण हो छतरी हो ब्राह्मण हो श्रीवास्तव हो हरिजन हो या मौर्य हो या कुछ भी हो घास भूसा गाजर मूली साग भाजी की तरह एक तरफ से काट डालेंगे ।

धीरे-धीरे अब बात लोग समझ रहे हैं लेकिन अभी भी कुछ उनके नेता यह समझना नहीं दे रहे हैं जो इनके किसी काम के नहीं है इसी तरह जितने समाज है उनके अध्यक्ष उनकी सीन सब की सब फालतू हैं धीरे-धीरे सब लोग सनातन धर्म में आ रहे हैं क्योंकि वह जान चुके हैं कि यह नेता कल को क्रिश्चियन या फिर मुस्लिम हो जाएंगे और हम मझधार में फंस जाएंगे ।

जल्दी ही आप देखेंगे कि इन सब की दुकान बंद हो जाएगी सारे उच्च और निम्न वर्ग के लोग एक होकर अपने सनातन धर्म का पालन करेंगे और एक साथ मिलकर इन सभी लोगों को इस तरह मिटा देंगे जैसे कभी वीर शिवाजी महाराणा प्रताप सुहेलदेव हमीर राजा की तरह देश की हर जाति वर्ण की जनता ने विदेशी शैतानों म्लैच्छों का समूल नाश किया था ।

यह समय आ चुका है जल्दी ही धीरे-धीरे यह सबको दिखाने लगेगा इतना सब समझ चुके हैं कि एक  मां के दो सगे बेटे जो एक कलेक्टर और एक चपरासी है एक समान मान सम्मान इज्जत नहीं पा सकते तो बाकी की बात ही क्या है भगवान राम और कृष्णा शबरी और विदुर का झूठा खा सकते हैं लेकिन किसी भी अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़े वर्ग के किसी नेता ने अपने ही  जाति वर्ग के किसी व्यक्ति के घर उसकी झूठी खाली और झूठा भोजन खाया है क्या बस इतना ही समझना है और पूरी दुनिया यह सुन ले 

जूनागढ़ टूटा किंतु खड़ा गिरनार है होते ही रहेंगे सिंह यहां की गुफाओं में।

हमारा दुर्भाग्य केवल यही है कि हमने धोखा अपनों से खाया अपनों से हार गए दुनिया में यह दम नहीं था जो भी सनातनी कट्टर अगुवा बनकर आता है वह अंत में गांधी और फिर विदेशी हाथों में बिका सिद्ध हो जाता है। ‌ और तब काला धन भ्रष्टाचार भूख महंगाई बेरोजगारी घूसखोरी चीन पाकिस्तान द्वारा छीना गया भूभाग हिंदी भाषा राम राज्य स्वदेशी हिंदी हिंदू हिंदुस्तान सब कुछ खो जाता है इन गद्दार और देशद्रोही लोगों के कारण।

हमें तो अपनों ने लूटा गैरों में कहां दम था हमारी किश्ती वहीं टूटी जहां पानी कम था लेकिन 

यदा यदा ही धर्मस्य वाली कहावत अंत में सही सिद्ध होगी -डॉ दिलीप कुमार सिंह

Monday, 13 April 2026

परम पवित्र शीतला चौकिया धाम को अपवित्र कर रहे हैं यहां के भ्रष्ट घूसखोर और दुराचारी पंडे पुरोहित -डॉ दिलीप कुमार सिंह

परम पवित्र शीतला चौकिया धाम को अपवित्र कर रहे हैं यहां के भ्रष्ट घूसखोर और दुराचारी पंडे पुरोहित -डॉ दिलीप कुमार सिंह 
जौनपुर में माता शीतला देवी का परम पवित्र चौकिया धाम है जिसमें लोगों की अटूट आस्था और विश्वास है और बहुत दूर-दूर से लोग दर्शन करने यहां आते हैं पर्व त्यौहार और नवरात्रि एवं अन्य मंगल शुभ अवसर पर यहां बहुत लंबी चौड़ी भीड़ होती है लेकिन यहां की सड़क और गलियों को कब्जा करके इतना तंग और शंकर बना दिया गया है कि लोग 1 किलोमीटर पहले से ही पैदल चलने को विवश होते हैं मैंने चौकिया के पांडे पुरोहितों को कई बार मना किया कि अपनी गंदगी दुराचार घूसखोरी भ्रष्टाचार और जबरदस्ती वसूली की आदत छोड़कर सदाचारी पवित्र होकर कम करो लेकिन जब 25 वर्षों के प्रयास के बाद भी यह नहीं सुधरे तब यह नंगा सच इन लोगों की काली करतूत का लिखना पड़ रहा है और बड़े दुर्भाग्य की बात है कि यही सच भारत के अधिकांश धर्म स्थान और मंदिरों तथा शक्तिपीठों का है जिसके कारण सनातन धर्म से लोगों की आस्था बहुत तेजी से घट रही है और लोग क्रिश्चियन मुस्लिम या नए बौद्ध इत्यादि बना रहे हैं 

अभी भी कर या पांच प्रतिशत पांडे पुरोहित पुजारी ठीक-ठाक और अच्छे चरित्र के हैं जैसे कि चौकिया मंदिर के पीछे तालाब पर स्थित भैरव बाबा का मंदिर है जिसके दोनों पुजारी बहुत ही लोकप्रिय व्यावहारिक और अच्छे चरित्र के हैं ना कभी जबरदस्ती पैसा वसूलते हैं और ना अति विशिष्ट कतार में पैसा लेकर लोगों को अंदर जाने देते हैं और बहुत ही सौम्य तथा मृदु व्यवहार भी करते हैं ‌ लेकिन शीतला चौकिया मंदिर की बात कितनी अधिक गंदी हो चुकी है कि यदि आप सभी इस पर अपने विचार व्यक्त नहीं करेंगे और इस पोस्ट को लाइक कमेंट शेयर करके अधिक से अधिक प्रसारित नहीं करेंगे तो यह लोग सुधरने वाले नहीं है। 

चौकिया सहित सभी तीर्थ स्थान का यही हाल है कि एक साधारण कतर भक्तों की लगती है और एक वीआईपी कतर पैसे और पद प्रतिष्ठा को लेकर बनाई जाती है जिसमें ढेर सारा पैसा पुरोहित और वहां ड्यूटी देने वाले पुलिस और दलालों की सहायता से वसूल लिया जाता है और यह लोग मिलकर के मिली मर नूरा कुश्ती करके लाइन को और लंबी करते हैं जिससे कतार में खड़े हुए परिवार के लोग बच्चे लोग या जिन्हें तुरंत दर्शन की आदत होती है बगल होकर इन पुजारी पांडे पुरोहित लोगों से संपर्क करते हैं और यह लोग पीछे के दरवाजे से उनका प्रवेश कर देते हैं इस कारण से भीड़ इतनी हो जाती है कि लोगों की सांस फूलने लगती है कई लोग चौकिया में गिरकर बेहोश हो चुके हैं और कई लोग मर भी चुके हैं जिनको बड़ी चतुराई से पुलिस की सहायता से छिपा दिया गया है क्योंकि अंदर जगह नहीं है और गर्मी के मौसम में वहां पर 5 मिनट खड़े रहना अपनी मृत्यु को दावत देना है जब घंटे से कतार में खड़ा व्यक्ति देखा है कि उसके आगे पैसे देकर लोग आ जाते हैं तो वह बहुत क्रोधित और उत्तेजित हो जाता है और इसीलिए बर्दाश्त से बाहर हो जाने पर पांडा पुरोहित और पुलिस वालों से मारपीट चौकिया में होती रहती है अन्य स्थानों का भी लगभग यही हाल है। 

मैं सनातनी जनता से अनुरोध करूंगा कि यदि ईश्वर के घर पर भी यह हाल है और मंदिरों में भी लोग एक समान नहीं है तो ऐसी जगह जाने का दर्शन पूजन करने का क्या लाभ है ऐसी जगह जाना ही नहीं चाहिए चार या पांच प्रतिशत लोग आज भी शीतला चौकिया में ऐसे पंडित पुरोहित और पुजारी हैं जो बहुत अच्छे स्वभाव के और सदाचारी हैं लेकिन बाकी सब के सब महाभ्ष्ट घूसखोर और चरित्रहीन कुकर्मी हैं ‌ इनमें से अधिकांश तो विभिन्न प्रकार का नशा और मदिरापान करते हैं और मुफ्त में तीर्थ यात्रियों का हराम का पैसा खाकर इतने मोटे ताजे हो जाते हैं कि पुलिस की लाठी टूट सकती है लेकिन इन्हें चोट लगने का कोई प्रश्न नहीं होता यह लोग गाल गुलाबी नैन शराबी और हराम का खाकर गर्मी से भरपूर होकर विभिन्न प्रकार के कुकर्म में भी करते हैं।

और सबसे बड़ी बात इसमें जो रसिक रंगीन स्वभाव के पंड व पूरोहित पुजारी और पुलिस वाले होते हैं वह मंदिर के गर्भ गृह से लेकर निकास स्थान तक खड़े रहते हैं और महिलाओं को बड़े-बड़े ढंग से उनके संवेदनशील स्थानों को पकड़ कर बाहर भीतर करते रहते हैं यदि कोई विरोध करने का साहस करता है तो सभी लोग एक होकर उस पर टूट पड़ते हैं और पुलिस चुपचाप तमाशा देखती रहती हैं लेकिन यदि कोई बड़े पद प्रतिष्ठा वाला व्यक्ति गलती से सामान्य लोगों की कतार में खड़ा है या कोई इन जैसे दुष्ट पंडे पुरोहित पुजारी से जबर  व्यक्ति होता है तब यह इनको मार मार कर कचूमर निकाल देता है और वहां भगदड़ मच जाती है।

पहले यहां केवल शीतल जी की मूर्ति ही थी लेकिन बाद में इन भ्रष्ट पंडा व पुरोहित पुजारी और दलाल लोगों ने मिलकर इसके हर कोने पर एक दर्जन से अधिक मूर्तियां बनाकर छोटे-छोटे मंदिर बना दिए हैं जहां पर खड़े हुए सबसे भ्रष्ट और चरित्रहीन मोटे ताजे लोग जबरदस्ती टीका लगाकर और पूजा करा कर लोगों से पैसा वसूली करते हैं और न देने पर गंदी गालियां भी बकते हैं यह लोग इतने बेहद निर्लज्ज बेशर्म है कि इनको लात घूंसा और गालियां खाने का भी कोई डर या भय नहीं है बस इन्हें पैसा चाहिए किसी भी कीमत पर चाहिए जिसके लिए यह कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। पुलिस प्रशासन का इन्हें कोई भी डर नहीं है क्योंकि वह लोग भी इनके लूट में शामिल होते हैं और पहुंचने पर दर्शन विशिष्ट ढंग से करा दिया जाता है। इनकी गंदगी इतनी अधिक है कि सब कुछ लिखना भी बहुत कठिन है इनमें से अधिकांश लोग गांजा भांग शराब नशे का सेवन करके कुकर्म करते हैं इसीलिए चौकिया के आसपास बसे हुए पांडव पुरोहित उनसे मिले पुलिस और दलाल के घर में ज्यादातर लोग अपंग और अपाहिज अंधे लंगड़े लूले पैदा होते हैं किसी के घर जाकर आप देख सकते हैं तब भी यह लोग अपने को सुधार कर पवित्र और ईश्वर भक्त नहीं बनते हैं।

दर्शन करने वाले जनता विशेष कर स्त्रियां भी कम नहीं होती हैं जब तक वह एक दर्जन देवी देवताओं के आगे मत्था ना टेक लें और सबको पैसा ना दे दें सब पर फूल माला ना चढ़ा ले तब तक उन्हें संतुष्टि ही नहीं होती है यह तो ऐसी ही बात है कि कामधेनु गाय को पाने के बाद बकरी और छेड़ी को दुहना होता है। औरतों की ऐसी मूर्खता और अंधविश्वास का लाभ है चरित्रह दुराचारी गंदे स्वभाव के पंडे पुजारी वसूलकर अशोक खैरात और राम रहीम जैसा कांड कर जाते हैं और लोक लाज के नाच उसको लोग प्रदर्शित नहीं करते हैं। 

यदि आप लोग शीतला चौकिया दर्शन करने गए हैं तो मेरी लिखी हुई बातें एक-एक अक्षर आपको सही लगेगी और यदि नहीं गए हैं तो विश्वास करना कठिन होगा की धर्म स्थान पर क्या सच में जितने गंदे दुश्चरित्र रसिक रंगीन और निर्लज्ज लोग पंडा पुरोहित पुजारी बनकर ऐसा कांड करते हैं और भी ऐसी बहुत सी चीज हैं जो लिखने लायक भी नहीं है ।

अंत में मैं आप सभी से शासन प्रशासन और पुलिस से कहना चाहूंगा की इस पर तुरंत ध्यान देते हुए ऐसे पंडित पुरोहित पुजारी लोगों पर लगाम लगाइए और आप सबसे निवेदन है कि वहां केवल दर्शन करें फूल माला पैसा कुछ भी ना चढ़ाएं क्योंकि वहां आप ईश्वर और माता शीतला देवी का दर्शन करने जाते हैं फूल माला पैसा चढ़ाने नहीं जाते हैं यदि आपको पैसा सोना चांदी या अन्य सामान देना ही है तो शीतला माता को मत दो जिनके पास संपूर्ण ब्रह्मांड की संपत्ति है और जिसे मांगने आप जाते हो बल्कि यह धन और पैसा अपने समाज और धर्म के अच्छे लोगों की पढ़ाई लिखाई और उनकी उन्नत के काम में लगा दो तो विश्वास रखो या पंडे पुरोहित पुजारी दलाल और ड्यूटी देने वाले पुलिसकर्मी अपने आप सुधर जाएंगे नहीं तो यह चरित्रहीन गंदे और रसिक रंगीन स्वभाव के एक कुंतल से दो कुंतल भर वाले हरामखोर लोग इसी तरह अपनी गंदी हरकत करते हुए जनता को लूटते रहेंगे और धीरे-धीरे सारे हिंदू तीर्थ और धर्म स्थान कलंकित हो जाएंगे और लोग वहां जाना छोड़ देंगे मैंने जो भी बात लिखा है उसे पर निष्पक्ष राय दीजिए कि क्या इसमें से एक भी बात गलत है ‌ महिलाओं से भी निवेदन है कि यदि वे दर्शन करने जाती हैं और यह पांडे पुरोहित पुलिस वाले या मा उपस्थित  लंपट कामुक छिनरे कुपंथी दुराचारी और मैथुनिक ‌ पंडित पुरोहित पुजारी पुलिस वाले या उनके सहयोगी आपको गलत ढंग से छूते हैं या अश्लील हरकत करते हैं तो पहले जूते चप्पल से उनकी धुनाई करें और तुरंत 1098 1090 पर फोन करके पुलिस बुलाकर इनको उनके हवाले कर दे या फिर 15100 नंबर पर डायल करें ऐसा करने पड़े लोग कुछ दिन बस सुधर जाएंगे और शीतला माता चौकिया की पवित्रता विद्यमान रहेगी - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि
[4/1, 10:15 PM] +91 94511 61205: Sahi baat kaha hai ap ne