Wednesday, 21 October 2026

***देसी कुतिया मराठी बोल**#आधा तीतर आधा बटेर#: मेरा जूता है जापानी ये पतलून इंग्लिश तानी फिर सर पर लाल टोपी रुसी फिर भी दिल है हिंदुस्तानी :

मौसम की भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 
आज का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस रहेगा हल्के बादलों के बीच वर्षा की कोई संभावना नहीं है हवा की दिशा उत्तरी पश्चिमी और गति 5 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से 250 के बीच रहेगा और पराबैंगनी किरणों की तीव्रता 4 से 7 के बीच रहेगी जबकि सापेक्षिक आर्द्रता 50 से 80% के बीच रहेगी हवा की दिशा उत्तरी पश्चिमी रहेगी जो बाद में पश्चिमी हो जाएगी 

कल के मौसम के बारे में अनुमान है की मौसम धूप युक्त और सुहावना रहेगा अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के साथ काफी सुहाना और ठंडा रहेगा ।रहेगा हल्के बादल भी रहेंगे वर्षा की कोई संभावना नहीं है वायु गुणवत्ता सूचकांक 250 से 300 के बीच बना रहेगा जबकि पराबैंगनी किरणों की तीव्रता भी 4 से 7 के बीच रहेगी

सापेक्षिक आर्द्रता 50 से 50% के बीच 150 से 250 के बीच बना रहेगा जबकि पराबैंगनी किरणों की तीव्रता भी 4 से 7 के बीच रहेगी सापेक्षिक आर्द्रता 50 से 50% के बीच रहेगी जबकि वायु की गति 5 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी इस बीच सूर्योदय सुबह 5:30
पर और सूर्यास्त सायंकाल 6:00 बजे होगा

दक्षिण भारत में अनेक स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होगी बाकी भारत शुष्क रहेगा हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी तथा अरब सागर के बीच केरल के तटों पर एक चक्रवात का जन्म होगा जिसे एक सप्ताह बाद भारत के अधिकांश भागों में फिर वर्षा होगी l
इस प्रकार ईश्वर की कृपा और आप सब की शुभकामनाओं से 50 वर्ष से हमारा अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 99%  सच्चाई की दर से लाखों लाख भविष्यवाणी करता आ रहा है जो समग्र ब्रह्मांड खेल राजनीतिक अर्थ धर्म दर्शन विज्ञान सब के बारे में है

 अभी कल के मैच के ईश्वरीय चमत्कार को छोड़कर ना होने की भविष्यवाणी सही हुई खेल राजनीति की सारी बातें सही हुई 2028 तक योगी जी के प्रधानमंत्री बनने की बात की लोग राह देख रहे हैं अगले वर्ष योगी के है जाने की और अरब देशों के भयानक विनाश की भविष्यवाणी भी सही होगी आजादी के बाद लाल बहादुर शास्त्री को छोड़कर सारे प्रधानमंत्री द्वारा मुस्लिम विकास की भविष्यवाणी भी सच हो गई है कल्याण सिंह लाल बहादुर शास्त्री सुभाष चंद्र बोस भाभा और इन जैसे सच्चे लोगों की हत्या करना या डरा धमका कर शांत करना विदेशी इशारों वाली भविष्यवाणी भी बिल्कुल सही हुई है इस तरह आप जुड़े रहें सत्य चीजें पढ़ते रहें

आज से 5 महीने पहले मैंने एक और भविष्यवाणी किया था कि अक्टूबर 2026 से यूरोप अमेरिका और भारत में बसे मुसलमान हत्या आगजनी लूटपाट कत्लेआम लेआम बलात्कार हिंसा का ऐसा शैतानी राक्षसी खेल खेलेंगे की दुनिया हाहाकार कर उठेगी सबसे ज्यादा प्रचंड प्रहार उन देशों पर होगा जिन्होंने भारत की तरह दया करके मुसलमानों को अपने देश में शरण दिया है इसमें यूरोप अमेरिका भारत फ्रांस जर्मनी अल्बानिया बेल्जियम नीदरलैंड प्रमुख होंगे पूरी दुनिया में एक निर्णायक युद्ध तुर्क मुस्लिम मुसलमान और गैर मुसलमान के बीच में होगा जिसमें मुसलमानों की पराजय और उनका विनाश निश्चित है अब देखना है यह भविष्यवाणी कितना सही होती है दिनांक 15 अक्टूबर 2026
[10/21, 7:41 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: वोकल फार लोकल और स्वदेशी के क्रम में आज से लेकर हमेशा के लिए अनिवार्य नियम संसद से पारित किया जाए की सभी देसी और स्थानीय उत्पादन का प्रयोग करना सभी प्रधानमंत्री राष्ट्रपति मंत्री संसाधन विधायकों और प्रथम ब्रिटिश श्रेणी के अधिकारियों व्यापारियों धन कुबेर लोगों और समस्त सरकारी तंत्रों के लिए अनिवार्य किया जाए और विदेशी सामान खरीदने और उसका उपयोग करने वाले लोगों को आजीवन कारावास से लेकर ॅमृत्यु दंड की सजा का प्रावधान किया जाए और यदि कोई भी दुकानदार व्यापारी कोई भी विदेशी सामान बेचता हुआ मिले तो उसको भी यही सजा दिया जाए इससे एक वर्ष में ही चारों ओर स्वदेशी उत्पादों का बोलबाला हो जाएगा और विदेशी सारे सामान अपने आप समाप्त हो जाएंगे

 तब भी एक बड़ा प्रश्न बचा रहेगा कि विदेशी भाषा और विदेशी नीतियों पर बने नियम कानून का और विदेशी प्रोटोकॉल का क्या होगा और भारत की रक्षा प्रणाली का क्या होगा जो 99% विदेशी आयात पर आधारित है और सभी नकली सनातनी लोगों का राजनेताओं का सांसदों विधायकों मंत्रियों का अधिकारियों का धन कुबेर और माफिया लोगों का धर्म गुरु लोगों का क्या होगा जो घर के अंदर से घर के बाहर 99% विदेशी सामानों का उपयोग सामने और चोरी छुपे करते हैं यहां तक की विदेशी महिलाएं और पुरुष भी उनकी प्राथमिकता होते हैं 

इसलिए आप लोग सरकारी तंत्र के फालतू वाहियात ऊल  जलूल स्वदेशी हिंदी हिंदी हिंदुस्तान रामराज जैसी चीजों पर ध्यान न दीजिए अपने आवश्यकता और समर्थ के अनुसार खरीददारी कीजिए जब चारों तरफ विदेशी शब्दों विदेशी तारों विदेशी विज्ञापनों का बोलबाला है और देश के शीर्ष राजनेता जानबूझकर 50% अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं जैसे गुड मॉर्निंग बनारस पढ़ेगा इंडिया बढ़ेगा इंडिया बोलेगा इंडिया खेलेगा इंडिया अमूल दूध पीता है इंडिया अरे फार्म पर फॉर्म गुड मॉर्निंग गुड इवनिंग तब आम जनता को इस चक्कर में पढडने की आवश्यकता ही नहीं है
[संघ से जुड़ा कोई व्यक्ति बुद्धिजीवी या नेता बताये की राम राज्य हिंदी हिंदू हिंदुस्तान और स्वदेशी के प्रतीक वाले संघ के साथ आर एस एस का पुछल्ला क्यों जुड़ा हुआ है क्यों भारतीय जनता दल की जगह भारतीय जनता पार्टी है और क्यों भारत के सभी पार्टियों दल की जगह पार्टी शब्द का प्रयोग करती है और क्यों न्यासा शब्द की जगह ट्रस्ट को जबरदस्ती चलाया जाता है और न्यास परिषद की जगह श्राइन बोर्ड क्यों लिखा जाता है 

कुल मिलाकर एक बात समझ लो जितने भी सनातनी धर्म संगठन धर्मगुरु संत महंत आचार्य कथावाचक राजनेता प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री राज्यपाल नेता धन कुबेर और माफिया तथा पंचर चाप से लेकर राष्ट्रपति प्रधानमंत्री कार्यालय में काम करने वाले एवं अभिनेता है किसी का भी अंग्रेजी के बिना और काले अंग्रेज बन चलने वाला नहीं है यही भारत का अंतिम सच है क्योंकि यहां का व्यक्ति यह मान ही नहीं सकता कि बिना अंग्रेजी के भारत का विकास हो सकता है बिना अंग्रेजी स्कूल में पढ़े काले अंग्रेज बन अंग्रेजी सभ्यता संस्कृति को अपने अंग्रेजी नए वर्ष को मनाई हैप्पी क्रिसमस कहे भारत में रहकर आगे बढ़ा जा सकता है जब तक यह काला सच सबके दिल के अंदर घर-कर के बैठा रहेगा.

तब तक भारत के सभी राजनेता और भारत की सनातनी जनता सारे राजनीतिक दल और सभी सनातनी संगठन जिसमें प्रमुख है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हंसी का उपवास का अपमान और कलंक का पत्र बना रहेगा बुरा लगे या भला पर अंतिम सच यही है मां और अंतरात्मा से सभी मैकाले के मानस पुत्र विदेशीकृत दास और काले अंग्रेज बनकर रह गए हैं जबकि दुनिया के सारे विकसित देश और विश्व की महान शक्तियां अपने देश की सभ्यता संस्कृति भाषा वेशभूषा के आधार पर ही आगे बढ़ी है और भारत को पांच मेल खिचड़ी साधु कड़ी बनाकर पूरे विश्व में हंसी और अपमान का पत्र बना दिया गया है जिसको कहते हैं **देसी कुतिया मराठी बोल**
#आधा तीतर आधा बटेर#
: मेरा जूता है जापानी ये पतलून इंग्लिश तानी फिर सर पर लाल टोपी रुसी फिर भी दिल है हिंदुस्तानी :

जब यह अधकचरा लोग खत्म होंगे और कोई सच्चा सनातनी स्वदेशी नेता आएगा तभी इसमें सुधार होगा।

वैसे एक बात और याद दिला दूं जो बड़ा करवा नंगा और काला सच है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 90% लोग हिंदी कम अंग्रेजी धुआंधार बोलते हैं मोदी जी की तरह लेकिन पूरी तरह अंग्रेजी बोल नहीं पाते और पूरा अंग्रेजी बोलने पर उन्हें समझने वाला भी कोई नहीं है इन दो कर्म से उन्हें हिंदी और क्षेत्रीय भाषाएं बोलना पड़ता है तो समझ में नहीं आता कि कैसा भारत बना रहे हैं यह लोग 

वैसे अंग्रेजी प्रेमी काले अंग्रेज बने भारत के लोगों को मैं याद दिला दूं कि चीन दुनिया की सबसे बड़ी विश्व शक्ति है खेल सकती है अंतरिक्ष शक्ति है आर्थिक शक्ति है और सैन्य शक्ति है वहां उधर के लोग अंग्रेजी बोलने के लिए लिए जाते हैं यही हाल जापान कोरिया जर्मनी फ्रांस स्पेन पुर्तगाल ब्राज़ील और अब के देश का है जहां कोई अंग्रेजी भाषा नहीं अंग्रेजी संविधान नहीं अंग्रेजी नियम कानून नहीं अंग्रेजी सभ्यता संस्कृति नहीं है क्योंकि भारत के लोग तो यह भी नहीं जानते कि बिना अंग्रेजी बोले ही दुनिया के सारे देश विश्व की शक्ति बने हैं - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

Tuesday, 20 October 2026

विजयदशमी (दशहरा, आयुध-पूजा)

*विजयदशमी (दशहरा, आयुध-पूजा)
विशेष मैं प्रारंभ में ही बता देना चाहता हूं कि सामान्य जनता अस्त्र-शस्त्र हाथ में लेकर केवल इतना ही कहे की है अस्त्र-शस्त्रों के देवता आदि देव भगवान महादेव मैं आपके अस्त्र-शस्त्र धारण करके उनकी पूजा करता हूं और अपने देश और धर्म की सुरक्षा की याचना करता हूं इतना ही शस्त्र पूजा के लिए बहुत है बाकी विधि विधान बड़े और ज्ञानी लोगों के लिए है 
          आश्विन (क्वार) मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजय दशमी या दशहरे के नाम से मनाया जाता है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था। इसे असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। इसीलिये इस दशमी को विजयादशमी के नाम से जाना जाता है। दशहरा वर्ष की तीन अत्यन्त शुभ तिथियों में से एक है, अन्य दो हैं चैत्र शुक्ल की एवं कार्तिक शुक्ल की प्रतिपदा। इस वर्ष यह शुभ पर्व 20 अक्टूबर मंगलवार के दिन मनाया जाएगा।

इसी दिन लोग नया कार्य प्रारम्भ करते हैं, शस्त्र-पूजा की जाती है। प्राचीन काल में राजा लोग इस दिन विजय की प्रार्थना कर रण-यात्रा के लिए प्रस्थान करते थे। इस दिन जगह-जगह मेले लगते हैं। रामलीला का आयोजन होता है। रावण का विशाल पुतला बनाकर उसे जलाया जाता है। दशहरा अथवा विजयदशमी भगवान राम की विजय के रूप में मनाया जाए अथवा दुर्गा पूजा के रूप में, दोनों ही रूपों में यह शक्ति-पूजा का पर्व है, शस्त्र पूजन की तिथि है। हर्ष और उल्लास तथा विजय का पर्व है। भारतीय संस्कृति वीरता की पूजक है, शौर्य की उपासक है। व्यक्ति और समाज के रक्त में वीरता प्रकट हो इसलिए दशहरे का उत्सव रखा गया है। दशहरा का पर्व दस प्रकार के पापों- काम, क्रोध, लोभ, मोह मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, हिंसा और चोरी के परित्याग की सद्प्रेरणा प्रदान करता है।
शस्त्र पूजन विधि एवं मंत्र
सायंकाल में नित्यकर्म से निवृत्त होकर सभी प्रकार के अस्त्र-शस्त्रादि को एकत्र करके हाथ में जलपुष्पादि के साथ अपना नाम, गोत्रादि के साथ संकल्प करें, यथा-''ममक्षेमारोग्य आदि सिद्धयर्थं यात्रायांविजय सिद्धयर्थं गणपतिमातृका श्रीराम, शिवशक्ति व सूर्यादि देवता अपराजिता शमीपूजन-अस्त्र-शस्त्रादि पूजनानि करिष्ये।' 

पुष्पाक्षत लेकर स्वऽस्तिवाचन, गणेश पूजन तथा शक्ति-मंत्र, खड्ग-मंत्र एवं अग्नि यंत्र-मंत्र से पुष्पाक्षत एवं तिलक लगाकर सत्कार पूजन करने के पश्चात् अपराजिता पूजन, भगवान राम, शिव, शक्ति (दुर्गा), गणेश तथा सूर्यादि देवताओं का पूजन करके आयुध-अस्त्र-शस्त्रों (हथियारों) की पूजा इस प्रकार करें- 

शक्ति मंत्र: शक्तिस्त्वं सर्वदेवानां गुहस्य च विशेषत:। 
शक्ति रूपेण देवि त्वं रक्षां कुरु नमोऽस्तुते॥ 

अग्नि यंत्र-मंत्र: अग्निशस्त्र नमोऽस्तुदूरत: शत्रुनाशन। 
शत्रून्दहहि शीघ्रं त्वं शिवं मे कुरु सर्वदा॥

खड्ग मंत्र: इयं येन धृताक्षोणी हतश्च महिषासुर:। 
ममदेहं सदा रक्ष खड्गाय नमोऽस्तुते॥

सभी प्रकार के अस्तशस्त्रो को तिलक लगाकर पुष्प अर्पण कर देवी अपराजिता की आरती करनी चाहिये।

दशहरे का महत्त्व
भारत कृषि प्रधान देश है इसलिए जब किसान अपने खेत में सुनहरी फसल उगाकर अनाज रूपी संपत्ति घर लाता है तो उसके उल्लास और उमंग का पारावार नहीं रहता। इस प्रसन्नता के अवसर पर वह भगवान की कृपा को मानता है और उसे प्रकट करने के लिए वह उसका पूजन करता है। समस्त भारतवर्ष में यह पर्व विभिन्न प्रदेशों में विभिन्न प्रकार से मनाया जाता है। महाराष्ट्र में इस अवसर पर सिलंगण के नाम से सामाजिक महोत्सव के रूप में भी इसको मनाया जाता है। सायंकाल के समय पर सभी ग्रामीणजन सुंदर-सुंदर नव वस्त्रों से सुसज्जित होकर गाँव की सीमा पार कर शमी वृक्ष के पत्तों के रूप में 'स्वर्ण' लूटकर अपने ग्राम में वापस आते हैं। फिर उस स्वर्ण का परस्पर आदान-प्रदान किया जाता है।

विजय पर्व के रूप में दशहरा
दशहरे का उत्सव शक्ति और शक्ति का समन्वय बताने वाला उत्सव है। नवरात्रि के नौ दिन जगदम्बा की उपासना करके शक्तिशाली बना हुआ मनुष्य विजय प्राप्ति के लिए तत्पर रहता है। इस दृष्टि से दशहरे अर्थात विजय के लिए प्रस्थान का उत्सव का उत्सव आवश्यक भी है।

भारतीय संस्कृति सदा से ही वीरता व शौर्य की समर्थक रही है। प्रत्येक व्यक्ति और समाज के रुधिर में वीरता का प्रादुर्भाव हो कारण से ही दशहरे का उत्सव मनाया जाता है। यदि कभी युद्ध अनिवार्य ही हो तब शत्रु के आक्रमण की प्रतीक्षा ना कर उस पर हमला कर उसका पराभव करना ही कुशल राजनीति है। भगवान राम के समय से यह दिन विजय प्रस्थान का प्रतीक निश्चित है। भगवान राम ने रावण से युद्ध हेतु इसी दिन प्रस्थान किया था। मराठा रत्न शिवाजी ने भी औरंगजेब के विरुद्ध इसी दिन प्रस्थान करके हिन्दू धर्म का रक्षण किया था। भारतीय इतिहास में अनेक उदाहरण हैं जब हिन्दू राजा इस दिन विजय-प्रस्थान करते थे।

इस पर्व को भगवती के 'विजया' नाम पर भी 'विजयादशमी' कहते हैं। इस दिन भगवान रामचंद्र चौदह वर्ष का वनवास भोगकर तथा रावण का वध कर अयोध्या पहुँचे थे। इसलिए भी इस पर्व को 'विजयादशमी' कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि आश्विन शुक्ल दशमी को तारा उदय होने के समय 'विजय' नामक मुहूर्त होता है। यह काल सर्वकार्य सिद्धिदायक होता है। इसलिए भी इसे विजयादशमी कहते हैं।

ऐसा माना गया है कि शत्रु पर विजय पाने के लिए इसी समय प्रस्थान करना चाहिए। इस दिन श्रवण नक्षत्र का योग और भी अधिक शुभ माना गया है। युद्ध करने का प्रसंग न होने पर भी इस काल में राजाओं (महत्त्वपूर्ण पदों पर पदासीन लोग) को सीमा का उल्लंघन करना चाहिए। दुर्योधन ने पांडवों को जुए में पराजित करके बारह वर्ष के वनवास के साथ तेरहवें वर्ष में अज्ञातवास की शर्त दी थी। तेरहवें वर्ष यदि उनका पता लग जाता तो उन्हें पुनः बारह वर्ष का वनवास भोगना पड़ता। इसी अज्ञातवास में अर्जुन ने अपना धनुष एक शमी वृक्ष पर रखा था तथा स्वयं वृहन्नला वेश में राजा विराट के यहँ नौकरी कर ली थी। जब गोरक्षा के लिए विराट के पुत्र धृष्टद्युम्न ने अर्जुन को अपने साथ लिया, तब अर्जुन ने शमी वृक्ष पर से अपने हथियार उठाकर शत्रुओं पर विजय प्राप्त की थी। विजयादशमी के दिन भगवान रामचंद्रजी के लंका पर चढ़ाई करने के लिए प्रस्थान करते समय शमी वृक्ष ने भगवान की विजय का उद्घोष किया था। विजयकाल में शमी पूजन इसीलिए होता है।

दशहरे पर करने के कुछ विशेष उपाय

-- दशहरे के द‌िन नीलकंठ पक्षी का दर्शन बहुत ही शुभ होता है। माना जाता है क‌ि इस द‌िन यह पक्षी द‌िखे तो आने वाला साल खुशहाल होता है।

--  दशहरा के द‌िन शमी के वृक्ष की पूजा करें। अगर संभव हो तो इस द‌िन अपने घर में शमी के पेड़ लगाएं और न‌ियम‌ित दीप द‌िखाएं। मान्यता है क‌ि दशहरा के द‌िन कुबेर ने राजा रघु को स्वर्ण मुद्राएं देने के ल‌िए शमी के पत्तों को सोने का बना द‌िया था। तभी से शमी को सोना देने वाला पेड़ माना जाता है।

-- रावण दहन के बाद बची हुई लकड़‌ियां म‌िल जाए तो उसे घर में लाकर कहीं सुरक्ष‌ित रख दें। इससे नकारात्मक शक्‍त‌ियों का घर में प्रवेश नहीं होता है।

-- दशहरे के द‌िन लाल रंग के नए कपड़े या रुमाल से मां दुर्गा के चरणों को पोंछ कर इन्‍हें त‌िजोरी या अलमारी में रख दें। इससे घर में बरकत बनी रहती है।

आप सभीको विजय दशमी की हार्दिक शुभकामनायें

मौसम की भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

मौसम की भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 
आज का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस रहेगा हल्के बादलों के बीच वर्षा की कोई संभावना नहीं है हवा की दिशा उत्तरी पश्चिमी और गति 5 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से 250 के बीच रहेगा और पराबैंगनी किरणों की तीव्रता 4 से 7 के बीच रहेगी जबकि सापेक्षिक आर्द्रता 50 से 80% के बीच रहेगी हवा की दिशा उत्तरी पश्चिमी रहेगी जो बाद में पश्चिमी हो जाएगी 

कल के मौसम के बारे में अनुमान है की मौसम धूप युक्त और सुहावना रहेगा अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के साथ काफी सुहाना और ठंडा रहेगा ।रहेगा हल्के बादल भी रहेंगे वर्षा की कोई संभावना नहीं है वायु गुणवत्ता सूचकांक 250 से 300 के बीच बना रहेगा जबकि पराबैंगनी किरणों की तीव्रता भी 4 से 7 के बीच रहेगी

सापेक्षिक आर्द्रता 50 से 50% के बीच 150 से 250 के बीच बना रहेगा जबकि पराबैंगनी किरणों की तीव्रता भी 4 से 7 के बीच रहेगी सापेक्षिक आर्द्रता 50 से 50% के बीच रहेगी जबकि वायु की गति 5 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी इस बीच सूर्योदय सुबह 5:30
पर और सूर्यास्त सायंकाल 6:00 बजे होगा

दक्षिण भारत में अनेक स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होगी बाकी भारत शुष्क रहेगा हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी तथा अरब सागर के बीच केरल के तटों पर एक चक्रवात का जन्म होगा जिसे एक सप्ताह बाद भारत के अधिकांश भागों में फिर वर्षा होगी l
इस प्रकार ईश्वर की कृपा और आप सब की शुभकामनाओं से 50 वर्ष से हमारा अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 99%  सच्चाई की दर से लाखों लाख भविष्यवाणी करता आ रहा है जो समग्र ब्रह्मांड खेल राजनीतिक अर्थ धर्म दर्शन विज्ञान सब के बारे में है

 अभी कल के मैच के ईश्वरीय चमत्कार को छोड़कर ना होने की भविष्यवाणी सही हुई खेल राजनीति की सारी बातें सही हुई 2028 तक योगी जी के प्रधानमंत्री बनने की बात की लोग राह देख रहे हैं अगले वर्ष योगी के है जाने की और अरब देशों के भयानक विनाश की भविष्यवाणी भी सही होगी आजादी के बाद लाल बहादुर शास्त्री को छोड़कर सारे प्रधानमंत्री द्वारा मुस्लिम विकास की भविष्यवाणी भी सच हो गई है कल्याण सिंह लाल बहादुर शास्त्री सुभाष चंद्र बोस भाभा और इन जैसे सच्चे लोगों की हत्या करना या डरा धमका कर शांत करना विदेशी इशारों वाली भविष्यवाणी भी बिल्कुल सही हुई है इस तरह आप जुड़े रहें सत्य चीजें पढ़ते रहें

आज से 5 महीने पहले मैंने एक और भविष्यवाणी किया था कि अक्टूबर 2026 से यूरोप अमेरिका और भारत में बसे मुसलमान हत्या आगजनी लूटपाट कत्लेआम लेआम बलात्कार हिंसा का ऐसा शैतानी राक्षसी खेल खेलेंगे की दुनिया हाहाकार कर उठेगी सबसे ज्यादा प्रचंड प्रहार उन देशों पर होगा जिन्होंने भारत की तरह दया करके मुसलमानों को अपने देश में शरण दिया है इसमें यूरोप अमेरिका भारत फ्रांस जर्मनी अल्बानिया बेल्जियम नीदरलैंड प्रमुख होंगे पूरी दुनिया में एक निर्णायक युद्ध तुर्क मुस्लिम मुसलमान और गैर मुसलमान के बीच में होगा जिसमें मुसलमानों की पराजय और उनका विनाश निश्चित है अब देखना है यह भविष्यवाणी कितना सही होती है दिनांक 15 अक्टूबर 2026

Monday, 19 October 2026

एक बहुत ही खतरनाक षड्यंत्र जो देश की आजादी के समय से ही चल रहा है ‌ ‌

एक बहुत ही खतरनाक षड्यंत्र जो देश की आजादी के समय से ही चल रहा है ‌ ‌
आपने ध्यान दिया होगा कि जैसे ही दीपावली एकादशी नानक जयंती कार्तिक पूर्णिमा आती है 

वैसे ही एक सप्ताह पहले से पूरे देश में विशेष कर दिल्ली में भयानक प्रदूषण की चर्चा अचानक ही समाचार पत्र पत्रिकाएं बुद्धिजीवी लोग और न्यायपालिका के लोग  और सारी सरकार और उसका तंत्र विदेशी हाथों में बिककर करने लगते हैं 

फिर अचानक एक याचिका डाली जाती है और तुरंत आदेश हो जाता है कि इस साल प्रदूषण को रोकने के लिए पटाखे पूरी तरह से प्रतिबंधित होंगे 

और जब यही पटाखे ईद बकरीद वारावफात क्रिसमस और नए अंग्रेजी वर्ष में दीपावली से 100 गुना अधिक पूरी दुनिया में छोड़े जाते हैं तब कहीं कोई प्रदूषण नहीं फैलता है 

दूसरी नौटंकी पराली जलाने को लेकर हैं जबकि अब इस‌ पराली का कोई नामोनिशान नहीं है ।

हर वर्ष ऐसा ही होता है जैसे ही दीपावली आती है दुनिया भर की नौटंकी शुरू हो जाती है और सरकार भी इस काम में खूब सहयोग न्यायपालिका का करती है 

मजे की बात यह है कि हर बार की तरह इस बार भी आज दिनांक 20 अक्टूबर तक पूरे भारत के किसी भी समाचार पत्र पत्रिका सोशल मीडिया में इस भयानक विषैले प्रदूषण का कहीं कोई जिक्र नहीं है। 


जबकि जौनपुर मुंबई कानपुर सहित भारत के लगभग सभी नगरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के आसपास हैं जब दीपावली एकादशी और कार्तिक पूर्णिमा और नानक जी की जयंती आ जाएगी तब सनातन धर्म को उत्साह उल्लास से पर्व मनाने से रोकने के लिए सारा ज्ञान उदल दिया जाएगा पानी बचाने का ज्ञान ईद बकरीद 12 वफात गुड फ्राइडे न्यू इंग्लिश ईयर और क्रिसमस पर नहीं बघारा जाता है इसी तरह जानवरों की दया वाला पाठ बकरीद पर नहीं बघारा जाता जब करोड़ों पशु एक ही झटके मेंअल्लाह को प्यारी है कुर्बानी के नाम पर और गटक लिए जाते हैं हलाल कर दिए जाते हैं जब नवरोज में और बड़ी प्रतियोगिताओं में रंग और शराब उड़ेली जाती है तब भी भारत का सारा सरकारी तंत्र और प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया विदेशी इशारों पर एकदम चुप रहती है सबको केवल पैसा चाहिए। 


डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

कुछ बिके हुए लोगों ने आज के बजाय कल नवमी बनाने का प्रयास किया लेकिन वह बुरी तरह असफल रहा वह उदया तिथि लेकर भरम और संदेह विदेशी लोगों के इशारों पर पैदा कर रहे थे।

: कुछ परम आवश्यक बातें-

 माता रानी के भक्तों के लिए नौ दिन  कितने जल्दी बीत गए पता ही नहीं चला आज सुबह 10:51 पर उनका पूजन हवन बहुत सुंदर ढंग से हो गया 


कुछ बिके हुए लोगों ने आज के बजाय कल नवमी बनाने का प्रयास किया लेकिन वह बुरी तरह असफल रहा वह उदया तिथि लेकर भरम और संदेह विदेशी लोगों के इशारों पर पैदा कर रहे थे। 

अब उन लोगों को यह भी बता दें कि कल दशहरा है विजयदशमी का पर्व यह भी उदय तिथि के अनुसार नहीं है क्योंकि यह 12:51 पर कल लगेगा ऐसे में जो पंगा पंथी लोग उदया तिथि लेकर चलते हैं उनके अनुसार दशहरा 21 अक्टूबर को मनाई जाएगी क्योंकि उदय तिथि 21 अक्टूबर को मिलेगी। 

ऐसे लोग सनातन धर्म को तोड़फोड़ कर बर्बाद करने का पूरा प्रयास कर रहे हैं और खुद मांस मदिरा महिला मत्सय मिथुन और गलत काम करते हुए भ्रष्ट हो रहे हैं और दूसरों को भ्रष्ट कर रहे हैं उनके बच्चे सब के सब स्कूल अंग्रेजी मीडियम में या विदेश में पढ़ते हैं शेर से पर तक विदेशी भाषा विदेशी सभ्यता में ग्रस्त हैं और विवाह संस्कार शुभ मांगलिक काम भी अंग्रेजी ढंग से कर रहे हैं

 इनको आता जाता कुछ नहीं है स्वयं भी विदेशी बने रहते हैं और इसलिए सनातन धर्म का घनघोर विनाश हो रहा है पैसों के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं


 तो अब मैं आपको सही-सही चीज बता रहा हूं आज 19 अक्टूबर को नवरात्रि का पूजन हवन 10:51 के बाद हो गया इस व्रत का पारण कल 12:51 पर करके भोजन खा सकते हैं लेकिन 9 दिन का व्रत रहने वाले अभी आज और कल 12:50 तक अन्न का सेवन नहीं करेंगे।

 कल 20 अक्टूबर को ही दशहरा विजयादशमी और लंपट दुराचारी बलात्कारी आतंकी शैतान छिनरों कुपंथियों के सम्राट रावण वध के साथ संपन्न होगा यह सब बातें पूर्ण वैज्ञानिक और प्रामाणिक हैं इसलिए और कुछ सुनने की आवश्यकता नहीं है - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978
[10/19, 7:27 PM] Dileep Singh Rajput Jounpur: [10/19, 7:17 PM] Dr  Dileep Kumar singh: कुछ बहुत उपयोगी बातें जब पांडव लक्ष्य गिरी भेजे गए तब युधिष्ठिर  की आयु 23 वर्ष में वह 1 वर्ष और रहे ह
[10/19, 7:18 PM] Dr  Dileep Kumar singh: वहां से निकाल कर वे 1 साल एक चक्र नगरी और द्रौपदी स्वयंवर में रहे
[10/19, 7:19 PM] Dr  Dileep Kumar singh: द्रौपदी स्वयंवर से लौट करवे हस्तिनापुर में लगभग 6 वर्ष रहे तब हस्तिनापुर के बगल खंडवप्रस्थ बसाया जा रहा था

इसके बाद हुए में अपना राज्य हार गए और 14 वर्ष वनवास अज्ञातवास में रहना पड़ा
[10/19, 7:20 PM] Dr  Dileep Kumar singh: इसके बाद 23 वर्ष तक पांडवों ने खंडवप्रस्थ राज किया और राजसूय यज्ञ इसके बाद 14 वर्ष अज्ञातवास पूरा किया
[10/19, 7:21 PM] Dr  Dileep Kumar singh: इसके बाद पांडव लोगों ने 36 वर्ष तक राज किया
[10/19, 7:24 PM] Dr  Dileep Kumar singh: 36 वर्ष बाद पांडवों ने राज्य परीक्षित को सौंप कर भारत सहित सारी धरती की यात्रा 5 वर्ष में किया इसके बाद हिमालय पर स्वर्गारोहण कर गए
[10/19, 7:25 PM] Dr  Dileep Kumar singh: इस तरह जब युधिष्ठिर स्वर्ग में गए तब वह पूरे 100 वर्ष के हो चुके थे

यूरोप में बसे हुए मुसलमानों ने फ्रांस सहित दर्जनों देशों पर भीषण आक्रमण किया वाहन जला दिए दुकान लूट लिया भयंकर मारकाट किया घरों में घुसकर महिलाएं औरतें उठा लेंगे और सड़कों पर खुलेआम बलात्कार किया जिस तरह इजराइल के साथ किया

यूरोप में बसे हुए मुसलमानों ने फ्रांस सहित दर्जनों देशों पर भीषण आक्रमण किया वाहन जला दिए दुकान लूट लिया भयंकर मारकाट किया घरों में घुसकर महिलाएं औरतें उठा लेंगे और सड़कों पर खुलेआम बलात्कार किया जिस तरह इजराइल के साथ किया था

कोहराम  मचा दिया कई पुलिस वाले मारे गए और हजारों घायल हुए यूरोप ने विशेष कर फ्रांस ने वही पागलपन किया जो पृथ्वीराज चौहान ने किया था 16 बार गोरी को हराया और छोड़ दिया 17 वीं  में गोरी ने उसको धोखे से हराकर आंखें निकाल लिया यूरोप के लोग खुद को बड़ा समझदार और सभ्य समझ कर दुनिया को रास्ता दिखाते हैं हालात यह हो गई है कि अब उनका बचना मुश्किल हो गया है 

भारत तो गांधी नेहरू कांग्रेस और विदेशी विशेष कर अमेरिका यूरोप के चलते खंड-खंड हो गया और बचा भारत भी मुसलमान जल्दी ही खत्म कर देंगे लेकिन यह यूरोप अमेरिका भी जल्दी समाप्त हो जाएंगे। 

तब धरती पर चारों ओर शैतानों का अट्टहास गूंजेगा और पूरी धरती दुर्गंध पाप अंधकार सत्य और हिंसा से भर जाएगी 

इस समय यूरोप में कानून व्यवस्था का नामोनिशान नहीं है भीख मांग कर पैर पड़कर बसे हुए मुसलमानों ने पूरे यूरोप की धरती को कुचल डाला है और पृथ्वीराज जैसा मूर्ख फ्रांस का राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रा कानून की दुहाई दे रहा है इसको यह पता ही नहीं की देवताओं के लिए कानून की आवश्यकता ही नहीं होती और शैतान राक्षस कानून को मानते ही नहीं है जैसी करनी वैसा फल भोगो आज नहीं तो कल

 सात खंड हो चुके भारत को यदि बचाना है तो इस घटना से सभी गैर मुसलमान को एक होना होगा और दुनिया को भी बचाना है तो उसे इसराइल श्रीलंका म्यांमार अमेरिका और इजरायल जैसा बनना होगा गलती मुसलमान की नहीं बल्कि क्रिश्चियन और सनातनी हिंदू की है जो सांप को पालकर उस जहर के बजाय अमृत की आशा करते हैं

** किंचित बबुर फरै जो बेल
बालू पेरे निकरै तेल
ओरी के पानी बडेरी पे जाय
शेर बाघ हरियाली खाय 
नदियां उल्टी धार बहाल
हिजड़न के लडिका होइ जाय
नाग के विष अमृत होइ जाय
सूरज मे बर्फ जमि जाय
कुक्कुर पानी पियै शुरुक्का
तबौ? न मानो तुरुक तुरुक्का

 - डॉ दिलीप कुमार सिंह
[10/19, 7:16 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: मुसलमानों को खत्म करने कि बात करने वाले फ्रांस के हुक्मरानों ने फ्रांस कि क्या हालत कर दी आइये पढ़िए।

लाज़िम है कि हम भी देखेंगे..... 

फ्रांस आज जल रहा है और भीषण दंगा और आगजनी की चपेट में है.... वहां की जनता ने ऐतिहासिक टाउन हॉल में आग लगा दी है जो जलकर ख़ाक हो गया।

यह टाउनहॉल जिस लिमोज शहर में था उसका मेयर Émile Roger Lombertie "छोटा फैंटा" है जो कहता था कि “मुस्लिम विचारधारा” हिंसा का कारण है, मुसलमानों का व्यवहार “जानवरों जैसे” हैं।

आज वही लिमोज शहर जल रहा है और वहां के बहुसंख्य ही उसे जला रहे हैं, आज उन्हें इस्लामफोबिया से कोई मतलब नहीं।

फ्रांस पश्चिमी देशों में इस्लामफोबिया का गढ़ था जहां इस्लामिक व्यवस्था और संस्कृति पर हर दिन सरकार कोई ना कोई रोक लगाती थी। 

कभी हिजाब पर , कभी मस्जिदों पर, कभी नमाज़ पर कभी अज़ान पर और कभी मुस्लिम पहचान पर, यहां तक कि वहीं की एक अश्लील पत्रिका "शार्ली आब्दो" स्वतंत्रता के नाम पर हमारे नबी हज़रत मुहम्मद ﷺ के सांकेतिक अश्लील चित्र अपने फ्रंट पेज पर छापा करती थी।

फ्रांस के 2025 के IFOP सर्वे में पिछले पांच सालों में 66% फ्रांसीसी मुसलमानों ने नस्लीय व्यवहार और धार्मिक भेदभाव का अनुभव किया। 

इनमें सबसे आम जगहें थीं नौकरी खोजते समय 51% , घर खोजते समय 46%, पुलिस चेक के दौरान 51%, इसके अतिरिक्त फ्रांस के 82% मुसलमानों का मानना है कि मुस्लिम-विरोधी घृणा फ्रांस में फैली हुई है, और 81% कहते हैं कि यह पिछले १० सालों में बढ़ी है और यहां तक कि हिजाब पहनने वाली महिलाओं में डर और भेदभाव का अनुभव सबसे ज्यादा है।

आज इस सबके बावजूद फ्रांस जल रहा है , क्योंकि वहां की सरकारें फ्रांस में इस्लामफोबिया बढ़ाने में लगी रहीं और देश में सामान्य सिस्टम बिगड़ गया।

फ़्रांस में स्कूलों की बदहाली और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के ख़िलाफ़ लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं और देशभर में हिंसा भड़क उठी है। सरकार के मुताबिक़, क़रीब 5.5 लाख लोगों के सड़कों पर उतर चुके हैं ।

राजधानी पेरिस और दूसरे इलाक़ों में इमारतों में आग लगा दी गई. कई शहरों में लूटपाट शुरू हो गई..... ऐतिहासिक टाउनहॉल जला दिया गया है... 

लाज़िम है कि हम भी देखेंगे.......
[10/19, 7:17 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: भारत में बसे  तुरुक मुस्लिम का लेख पढ़ो जो फ्रांस की लूटपाट बलात्कार हिंसा मारकाट कत्ले आम आगजनी के लिए मुसलमानों नव को सही और फ्रांस को ही गलत बता रहा है जिसने मुसलमानो को ही शरण दिया था इसी से समझ लो कि अपने बगल नाग और करैत तथा वाईपर और टाइपिंग सांप को रखकर  सो सकते हो लेकिन बगल पड़ोस में स्थित मुस्लिम के रहते आप कभी भी चैन सुख से नहीं सो सकते हो कब उठकर अल्लाह हू अकबर करते हुए सारे परिवार को हलाल कर देगा कोई सीमा नहीं है यह तो अपने ही मां-बाप भाई-बहन को हलाल करके अपनी ही बेटी बहन महिलाओं को जिबह कर देते हैं

न्यूज़  no 2

[10/18, 5:35 PM] Dr  Dileep Kumar singh: यदि अब भी किसी के मन में अष्टमी और नवमी को लेकर कोई शंका संदेह रह गया है तो फिर से बता दे रहा हूं कि कल महाष्टमी का पूजन हवन सूर्योदय से लेकर 10:51 तक है

। जबकि महानवमी का हवन पूजन 10:51 से 12:58 तक है यदि कोई इस समय तक हवन पूजन किसी वजह से ना कर सके तो उसके लिए शाम को 5:48 तक हवन पूजन का समय रहेगा
[10/18, 5:44 PM] Dr  Dileep Kumar singh: सामान्य जनता को इस पर बहुत कुछ सोचने समझने की आवश्यकता नहीं है इसलिए आराम से 19 को नवमी का हवन पूजन सायंकर 5:45 तक करें 20 को 5:12 के बाद व्रत का पारण करें जटिल नियम कानून पूजा करने वाले लोगों को ज्योतिषी लोगों को कर्मकांडी लोगों को पुरोहित लोगों को और साधु संत सन्यासी लोगों को लागू होता है यदि कोई यह कहना चाहता है कि 20 तारीख को उदया तिथि के अनुसार नवमी का हवन पूजन किया जाएगा तो 20 अक्टूबर को ही 12:50 के बाद पारण करना संभव नहीं होगा उससे अधिक वैज्ञानिक है कि 19 को ही महाष्टमी और महानवमी दोनों का पूजा पाठ हवन संपन्न कर लिया जाए और 20 तारीख को 12:50 दोपहर के बाद पारण कर लिया जाए ऐसा अनेक बार हुआ है जबकि महा अष्टमी और महानवमी का पूजा पाठ और हवन एक ही तिथि में हुआ है लेकिन उसी दिन हवन पूजन और पारण करना उचित नहीं होता और यदि किसी को पारण करते हैं तो फिर वह पारण एकादशी में चला जाएगा  यह कर्मकांड खगोल भौतिकी के नियम के अनुसार चलता है और ऐसा इसीलिए है क्योंकि पृथ्वी ना तो 360 दिन में और मैं 365 दिन में और न मुसलमान के अनुसार 352 दिन में सूर्य की एक परिक्रमा करती है इसी को सुधारने के लिए व्रत त्यौहार पंचांग बनाए गए हैं क्योंकि पृथ्वी की संपूर्ण परिक्रमा का सही समय 365 दिन 5 घंटे 51 मिनट 45 सेकंड का होता है इसी से अंग्रेजी महीना में लीप ईयर बनता है और सनातनी हिंदू महीने में अधिक मास और मलमास होते हैं

Sunday, 18 October 2026

व्रत में कैसा भोजन करें - 9415623583 डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

 व्रत में कैसा भोजन करें - 9415623583 डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 
 हमारे देश में हर महीने कोई ना कोई भारत त्यौहार उत्सव पड़ता ही रहता है विशेष कर महिलाओं के लिए हर महीने में व्रत करना ही पड़ता है यह कोई अंधविश्वास नहीं बल्कि पूर्ण वैज्ञानिक व्यवस्था और शरीर शुद्ध साफ करने की सर्वश्रेष्ठ प्रक्रिया है इसलिए कुछ वस्तुओं को बताया जा रहा है जिसको खाकर आप सारे रिकॉर्ड मानसिक रूप से पूर्ण स्वस्थ रहते हुए ईश्वर भक्ति कर सकते हैं 

1 - पपीता - व्रत के दौरान इससे पेट साफ होता है , और रोग प्रति रोधक श्रमता बढ़ती है। कच्चा और पक्का दोनों पपीता खाना चाहिए कच्चे पपीते का हलवा प्लेटलेट्स का सबसे अच्छा स्रोत है इसकी सब्जी भी खाना चाहिए पका पपीता तो अमृत है। 

2 - मौसमी - व्रत के इस मौसम में संक्रमण रोग हावी रहते है ऐसे में विटामिन - सी  से भरपूर मौसमी सक्रमण से बचाती है। यह तुरंत ऊर्जा लेकर शरीर को स्वस्थ रखते हैं और रोग बीमारियों से बचाती है 

3 - केला - यह  तुरंत ऊर्जा प्रवाह का काम करता है और व्रत की थकान होने से बचाता है। इसमें ग्लूकोज और पचाने योग या सर्वोत्तम चीज होती हैं इसका रस अर्थात जोश भी दूध के साथ बनाकर पिया जाता है लेकिन पेड़ का पाक केला सर्वोत्तम है कच्चा केला सप्ताह में एक बार सब्जी बनाकर अवश्य खाना चाहिए 

4 - सिंघाड़ा - इसे खाने से आलस व् अकड़न दूर होती है और हड्डियो को केल्सियम मिलता है। यह शुद्ध चीज है और पाचन तत्व और गुना से भरपूर है इसको कच्चा या पक्का या रोटी की तरह बनाकर खाया जाता है 

5 - छाछ और दही- पानी की कमी नही होने देता। तुरंत ऊर्जा देता है सुबह सेवन करना चाहिए शाम को नहीं सेंधा नमक और जीरा डालकर पीना अमृत के समान है रक्त नलिकाओं की सफाई भी करता है 

6- आलू - उबला या भुना आलू पोटेशियम का प्रभावी स्त्रोत है शरीर में वसा की मात्रा बढ़ाने या बराबर रखने में मददगार होता है आलू शरीर में एसिडिटी अर्थात अम्लता भी नहीं होने देता है, जो लोग रक्त चाप अर्थात ब्लड प्रेशर या केंसर से ग्रसित है उनके लिए यह फायदे मंद है, आलू में सोडा , पोटाश , और विटामिन ए और डी भी होता है आलू का सबसे पोस्टिक तत्व विटामीन सी होता है।

7- साबु दाना - साबु दाना शरीर में जमा अतिरिक्त पानी को निकलने का काम करता है यह किडनी की सफाई का भी काम करता है। यह आसानी से बच जाता है और हर जगह सुलभ है आसानी से बन भी जाता है इसको उबालकर टिकिया बनाकर तमाम प्रकार से प्रयोग किया जाता है 

8 - नारियल पानी - यह शरीर में व्रत के दौरान हुए इलेक्टोलाइट असंतुलन को कम करने का काम करता है। यह ब्रह ऋषि विश्वामित्र का आविष्कार है जिन्होंने गेहूं भैंस और नए स्वर्ग का निर्माण किया था यह हर प्रकार से हर रूप में सर्वश्रेष्ट होता है। 

9 - कुट्टू - इसका आटा , हलवा , दलिया , या खीर बनाने मे काम लाया जाता है वह व्रत में भी पाचन तंत्र को दुरुस्त रहता है लेकिन इन्हें पकाने के लिए घी आदि का प्रयोग न करे वर्ना सेहत को नुकसान  होगा।

10 - सेंधा नमक - सेंधा नमक वात , कफ , और पित को दूर करता है पाचन में सहायता होता है सेंधा नमक में पोटेशियम और मैग्नीशियम होता है ह्रदय रोग नही होता ही। शुद्ध रूप में इसको ही नमक की जगह खाना चाहिए जब समुद्री नमक नहीं था तब यही खाकर भारत के लोग स्वस्थ रहते थे। 

11 - दही - दही में भरपूर मात्रा में  केल्शियम और पोटेशियम होता है दही खाने से पाचन ठीक रहता है मन को शांत करता है लेकिन रात को दही ना खाये खाये तो चोक कर खाये। यह शरीर के लिए रामबाण दवा होते हैं 

12 - मूँगफली - मूँगफली में आयरन , नियासिन , फोलेट , केल्शियम और जिंक होता है मूँगफली में 426 केलोरिज, 5 ग्राम कार्बो हैड्रेडट होता है, 17 ग्राम प्रोटीन और 35 ग्राम फेट होता है थोड़े से मूँगफली में विटामिन ई , के , भी और बी 6 भी भरपूर मात्रा में होता है त्वचा में चमक आती है मूँगफली खाने से कब्जी की समस्या नहीं होती है। गैस और एसिडिटी की समस्या से भी राहत मिलती है। मूंगफली में आमेगा - 6 वसा भी भरपूर मात्रा में मिलता है।

13 - मखाना - मखाना खाने से तुरंत एनर्जी देता है जल्दी पच जाता है तनाव कम होता है और नींद अच्छी आती है, रात में सोते समय दूध के साथ मखाने खाने ने नींद अच्छी आती है, मखाने को घी में भूनकर चाय के साथ ले सकते है मखाने की खीर भी खाये।
[10/18, 7:48 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: आज परम पवित्र नवरात्रि का आठवां दिन और वरदान देने वाली महागौरी का दिन है अखंड और भयानक तपस्या करने के कारण इनका रंग काला पड़ गया था लेकिन भगवान शिव की कृपा से इन्होंने इतना सुंदर और गोरा शरीर प्राप्त कर लिया कि सारा ब्रह्मांड उनकी चमक से फीका पड़ गया तभी से यह महागौरी कही गई चार भुजाओं वाली यह देवी सुख शांति समृद्धि संतान देकर पिछले पापों का नाश करने वाली  हैं एक हाथ में त्रिशूल शिवजी की तरह दूसरे हाथ में डमरू शिवजी की तरह तीसरा हाथ अभय की मुद्रा में और चौथा हाथ सभी कामनाओं को पूरा करने वाला एक प्रकार से भगवान शिव की शक्ति और उनकी प्रतिष्ठा आया है उन्हें की तरह बैल पर सवार हैं है ओम महागौर्ये नमः इनका महामंत्र है और केवल महा अष्टमी का व्रत रख लेने से ही संपूर्ण नवरात्रि का पूरा फल मिल जाता है क्योंकि यह भगवान शिव की परमप्रिय  अर्धांगिनी है 

परम पावन कल शारदीय नवरात्रि का सप्तम दिन और महाकाल रात्रि देवी का दिन है यह काले नीले वर्ण की अत्यंत भयंकर और उग्र स्वभाव की एक हाथ में विकराल तलवार लेकर दूसरे हाथ में वज्र से शत्रुओं का संहार करती हैं और शत्रुओं का खून खप्पर में पीते हुए चौथा हाथ लोगों को अभयदान की मुद्रा में उठाएं रखती हैं 

इनका परिवहन गधा है जब राक्षस शैतान और काली शक्तियों अंधकार से निकलकर प्रकाश सत्य और सच्चाई निगल जाती है तब इनका जन्म देवी पार्वती से होता है वैज्ञानिक रूप से ब्लैक होल अर्थात कृष्ण नक्षत्र का प्रतीक है जो अंधेरा काली ऊर्जा काले द्रव्यमान और काली शक्तियों का रूप होता है जिसको अंग्रेजी में डार्क एनर्जी कहा जाता है  जिनको संसार में कोई भी श्वेत विवर के अलावा नियंत्रित नहीं कर सकता है। 


इसलिए जब यह समस्त सृष्टि का विनाश करते हुए आगे वही श्वेत नक्षत्र की शक्तियों वाले भगवान शिव को उनके आगे जाकर लेटना पड़ा और जैसे ही इनका पर भगवान शिव के ऊपर पड़ा वैसे ही लज्जा और आश्चर्य से उनकी जीभ निकल आई जो संसार की ब्रह्मांडों के नष्ट होने से निकलने वाली ऊर्जा का प्रतीक है। 


अब तक आपने देवी जी के साथ स्वरूपों को जाना पहली शैलपुत्री जो जन्म लेकर एक कन्या बनी फिर ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए ब्रह्मचारिणी इसके बाद किशोर अवस्था वाली चंद्रघंटा तत्पश्चात ऊर्जा का साकार रूप कुष्मांडा और फिर माता के रूप में स्कंदमाता फिर वैवाहिक रूप से कात्यानदेश के यहां जन्मे का त्यागी और फिर विनाश लीला करने वाली महाकाली जिन्हें शुभंकरी भी कहती हैं क्योंकि यह सभी सज्जन लोगों और अच्छी शक्तियों का संबल बनाकर सारे दुष्ट शक्तियों का संघार कर देती है  जय मां कालरात्रि की
[10/18, 7:48 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: बहुत दूर से चलकर देखो 
अविरल दादा बाल गोपाले आए हैं
 झोला झप्पड़ लाए हैं अपने साथ-साथ वे दोनों 
सारी खुशियां लाए हैं ट्रेन प्लेन से आए हैं उनके घर के दादा-दादी नाना नानी बहुत-बहुत हर्षाए हैं
 छोटी और शिवानी देखो दौड़ दौड़ कर आए हैं
 होला झप्पड पाए हैं 
झोल का सब टाफी बिस्किट और मिठाई खाई हैं 
उधर बीटाणु शांत खड़ी है बहुत-बहुत सकुचाई है  देवी मां का स्वयं अंश है सबको खुशियां लाई है 
नवरात्रि में देवी मां ने सबको ही वरदान दिया है
 दीर्घायु सुख शांति समृद्धि का सबको ही खुब दान दिया है
 अब सब बच्चे पढ़ने लिखने फिर से वापस जाएंगे 
ऊंचा सा पद पाएंगे
 देश धर्म परिवार को अपने आगे बहुत बढ़ाएंगे 
सीधे-साधे प्यारे बच्चे बार-बार घर आते हैं  घर आकर यह प्यारे बच्चे सबको खुश कर जाते हैं माता-पिता को हर्षित करके फिर आगे बढ़ जाते हैं - डॉ दिलीप कुमार सिंह
[10/18, 7:48 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: मौसम की भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 

आज का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहेगा हल्के बादलों के बीच वर्षा की संभावना नहीं है हवा की दिशा उत्तरी पूर्वी और गति 5 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी वायु गुणवत्ता सूचकांक 150 से 250 के बीच रहेगा और पराबैंगनी किरणों की तीव्रता 4 से 7 के बीच रहेगी जबकि सापेक्षिक आर्द्रता 50 से 90% के बीच रहेगी हवा की दिशा उत्तरी पूर्वी रहेगी

कल के मौसम के बारे में अनुमान है की मौसम धूप युक्त और सुहावना रहेगा अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहेगा हल्के बादल भी रहेंगे वर्षा की कोई संभावना नहीं है वायु गुणवत्ता सूचकांक 150 से 250 के बीच बना रहेगा जबकि पराबैंगनी किरणों की तीव्रता भी 4 से 7 के बीच रहेगी

सापेक्षिक आर्द्रता 50 से 50% के बीच 150 से 250 के बीच बना रहेगा जबकि पराबैंगनी किरणों की तीव्रता भी 4 से 7 के बीच रहेगी सापेक्षिक आर्द्रता 50 से 50% के बीच रहेगी जबकि वायु की गति 5 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी इस बीच सूर्योदय सुबह 5:30
पर और सूर्यास्त साइन कल 6:00 बजे होगा

इस प्रकार ईश्वर की कृपा और आप सब की शुभकामनाओं से 50 वर्ष तक हमारा अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978 99 परीक्षित सच्चाई किधर से लाखों लाख भविष्यवाणी करता आ रहा है जो समग्र ब्रह्मांड खेल राजनीतिक अर्थ धर्म दर्शन विज्ञान सब के बारे में है

 अभी कल के मैच के ईश्वरी चमत्कार को छोड़कर ना होने की भविष्यवाणी सही हुई खेल राजनीति की सारी बातें सही हुई 2028 तक योगी जी के प्रधानमंत्री बनने की बात की लोग राह देख रहे हैं अगले वर्ष योगी के है जाने की और अरब देशों के भयानक विनाश की भविष्यवाणी भी सही होगी आजादी के बाद लाल बहादुर शास्त्री को छोड़कर सारे प्रधानमंत्री द्वारा मुस्लिम विकास की भविष्यवाणी भी सच हो गई है कल्याण सिंह लाल बहादुर शास्त्री सुभाष चंद्र बोस भाभा और इन जैसे सच्चे लोगों की हत्या करना या डरा धमका कर शांत करना विदेशी इशारों वाली भविष्यवाणी भी बिल्कुल सही हुई है इस तरह आप जुड़े रहें सत्य चीज पढ़ते रहें
[10/18, 7:48 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: आज सुबह 8:57 से महाष्टमी की तिथि प्रारंभ होगी इसलिए आज लोग व्रत रखेंगे कल सुबह 10:51 तक जौनपुर और आसपास के क्षेत्र के लिए अष्टमी की तिथि है और इसी के अंदर इनका पूजा पाठ कन्या भोजन सब समाप्त हो जाएगा आज ही नवमी का व्रत भी रखा जाएगा और कल 11:00 बजे नवमी का पूजा पाठ होगा जो लोग 9 दिन व्रत रह रहे हैं उनके लिए पारण दशहरा का दिन 20 अक्टूबर को सूर्योदय के बाद मंगलवार के दिन किया जाएगा आप लोग किसी प्रपंच में और किंतु परंतु में ना पड़े यही ज्योतिष पंचांग का सत्य है और सबसे बड़ा सत्य यही है कि शुद्ध मन से आप कोई भी पूजा पाठ व्रत करेंगे तो उसका पूरा फल आपको मिलेगा बा शर्तें की आप धीरे-धीरे अपने पाप और बुरे कर्म छोड़ने जाएं कुछ लोग अनर्गल उदय तिथि का चक्कर देकर कल अर्थात 19 को जन्माष्टमी का व्रत बना रहे हैं उनको पूछो कि क्या वे दसवीं में उदया तिथि के अनुसार नवमी का पूजा पाठ करेंगे और एकादशी के दिन व्रत का पारण करेंगे अपने लाभ के लिए अंधविश्वास को बढ़ाने के कारण और खुद कुकर्मी होकर भी दूसरों को सदाचार की शिक्षा देने के कारण ही अपना देश बर्बाद हो रहा है।

यह वही लोग हैं जो खुद को पुजारी संत महात्मा कथा वाचक और धर्मगुरु कहते हैं जमकर मांस मदिरा का सेवन करके महिलाओं के साथ पकड़े जाते हैं विदेशी ढंग के शौचालय और विदेशी ढंग के महलों में रहकर हवाई जहाज से यात्रा करके भौतिक सुख सुविधाओं का पूरा उपभोग करते हुए जनता को मूर्ख बनाकर सादा जीवन उच्च विचार का उपदेश देते हैं उनके घर के लड़के पूरी तरह अंग्रेज और अंग्रेजी सभ्यता में पारंगत हैं और हेलो हाय डैडी मम्मी पापा कहते हुए विदेश में शिक्षा ग्रहण करते हैं और लगभग सभी कुकर्म और दुराचार तथा गबन और घपला घोटाला करते हुए पकड़े जाते हैं यह जनता के बीच में ना जाकर अनुकूलित शानदार कमरों में जीवन बिता कर देश को नष्ट और बर्बाद कर रहे हैं इनके चक्कर में गूगल इंटरनेट और याहू के चक्कर में ना पड़ो अपने मूल पुस्तकों को पढ़ो उसमें सारी चीज बिल्कुल साफ-साफ लिखो हैं।


 इसीलिए एक कसाई ब्रह्म ऋषि से श्रेष्ठ है एक पतिव्रता स्त्री के आगे सबसे बड़ा तपस्वी हार जाता है और अनसूया जैसी नारी के आगे ब्रह्मा विष्णु शिव जी बच्चे बन जाते हैं सच्चे पथ का अनुगमन करो उसी में सुख शांति और आनंद है। अपने माता-पिता की सेवा करो पति अपने पत्नी का पत्नी अपने पति का ध्यान भरें यही सबसे बड़ी और एकमात्र पूजा है नया सामान ना खरीद हो लेकिन वह आज भी दरिद्र का दरिद्र ही है 
।। 

जितने भी साधु संत संत महात्मा मठाधीश धर्म गुरु हैं वह सभी सरकार प्रायोजित हैं सरकार उसका तंत्र अधिकारी और विपक्षी नेता मिलकर कभी बागेश्वर बाबा कभी आसाराम कभी राम रहीम कभी मुरारी बापू कभी रामदेव जैसे दुराचारी लोगों को आगे करके प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया में विश्व विख्यात कर देंगे और उनके आगे सर झुका कर प्रणाम करेंगे और बाद में उन्हें जेल में डाल देंगे रातों-रात सरकार और उसका तंत्र जिसे चाहता है उसे आगे बढ़ा देता है बाकी लोगों के पास कोई सिद्धि गुण सदाचार जैसी कोई चीज नहीं होती है और सरकार और विपक्षी दल उनके माध्यम से सारी सुख सुविधा लेकर काला धन सफेद करती है यह रहस्य आपको समझ में नहीं आएगा।। 


तभी तो धर्म स्थान में भी विशिष्ट और अति विशिष्ट का चक्कर लगाकर जनता को 5 से 10 घंटे भीड़ में खड़ा करके इन कुकर्मी दुराचारी बलात्कारी महाभ्रष्ट लंपट राजनेताओं अधिकारियों सांसदों विधायकों मंत्रियों को सीधे दर्शन दिया जाता है क्या ईश्वर के घर में भी ऐसा भेदभाव हो सकता है इसीलिए सभी राजनेता पुजारी पांडे भयंकर रोग बीमारियों से ग्रस्त होकर कुत्ते और सूअर की मौत मरते हैं  - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि