ज्योतिष और पंचांग के दर्पण में नए वर्ष की भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक
नया भारतीय वर्ष विक्रम संवत 2083 प्रारंभ हो चुका है लगातार 49 वर्षों से देश दुनिया खेल राजनीति चुनाव मौसम सहित अनंत अंतरिक्ष और सृष्टि के बारे में हर वर्ष नए वर्ष पर हमारे केंद्र से संपूर्ण साल की भविष्यवाणी प्रकाशित होती रहती हैं जो ईश्वर की कृपा से 99% सत्य होती हैं ज्योतिष पंचांग के दर्पण में आइए देखते हैं कि इस वर्ष सन 2083 विक्रम संवत और ई सन 2026 में संपूर्ण दुनिया और श्रेष्ठ में क्या कुछ होने वाला है इस लेख को प्रमाण के तौर पर भी आप सब सुरक्षित रखें ऐसी ऐसी घटनाएं होंगी इसके बारे में आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं क्योंकि यह भविष्यवाणी ज्योतिष और पंचांग के अलावा ग्रह नक्षत्रों की चाल गणित और विज्ञान तथा उपग्रह से प्राप्त आंकड़ों एवं संपूर्ण ज्ञान विज्ञान की प्राप्त सीमाओं में अंतर्मन और अंतर ज्ञान एवं दिव्य शक्तियों द्वारा प्राप्त जानकारी के आधार पर और भारत की देसी कहावतें पर आधारित होता है।
इस वर्ष नया भारतीय वर्ष विक्रम संवत 2083 चैत्र माह के शुक्ल पक्ष के प्रथम दिन से परम पावन महान शक्ति पर्व नवरात्रि के साथ प्रारंभ हो रहा है अंग्रेजी इसाई वर्ष के अनुसार या 2026 वर्ष और 19 मार्च का दिन है यह सुबह 6:52 पर बृहस्पति के राजा होने और मंगल के प्रधानमंत्री होने के साथ ही प्रारंभ हो रहा है इस वर्ष जेठ महीने में एक अधिक मास भी लगेगा इसके स्वामी स्वयं श्री हरि विष्णु होंगे और वर्ष 13 महीनों का होगा इसलिए अप्रैल से पड़ने वाले सभी पर्व त्यौहार शुभ और मांगलिक कम एक महीने आगे चले जाएंगे यह अधिक मास 17 में से प्रारंभ होकर 15 जून तक चलेगा
यह भी ध्यान देने की बात है कि इस समय माता रानी पालकी अर्थात डोली पर सवार होकर आएंगे और हाथी पर चढ़कर विदा लेंगे ऐसा संजोग 89 वर्ष के बाद हो रहा है जब पुराने वर्ष में नया वर्ष प्रारंभ हो रहा है इस समय की अपने आकाशगंगा की कुंडली के अनुसार लग्न के भाव में मीन राशि में सूर्य चंद्रमा शुक्र और शनि चार ग्रह हैं बृहस्पति सुख भाव में मिथुन राशि में है केतु षस्टम भाव में सिंह राशि में है जबकि राहु बुध और मंगल 12 में भाव में कुंभ राशि में है शेष दूसरे तीसरे पांचवें सातवें आठवें नवें दसवें और 11 वें भाव खाली हैं इस समय शनि और चंद्र तथा मंगल अस्त हो चुके हैं शुक्र उच्च स्थान पर है बुध वर्गोत्तम है शनि की महादशा में यह वर्ष प्रारंभ हो रहा है और मंगल भी उच्च भाव में है कालसर्प अनुपस्थित है जबकि मांगलिक योग के साथ नया वर्ष प्रारंभ हो रहा है जहां तक बड़े-बड़े राजयोग की बात है तो इस वर्ष के प्रारंभ होते समय नल राजयोग दंड राजयोग केसरी राजयोग और अनफा राजयोग मालव्य पंच महापुरुष राजयोग पाराशरी राजयोग वोशी एवं धन राज योग हैं।
किस प्रकार नए वर्ष का आरंभ होने से एक महीने पहले इन सभी प्रभावों का फल पढ़ना शुरू हो जाएगा जिसके कारण पश्चिम एशिया के मुस्लिम भूमि बहुत बड़े संघर्ष का केंद्र बनेगी और इसकी भीषण हानि तथा मुस्लिम देशों की भीषण राजनीतिक कूटनीतिक पराजयहोगी अप्रैल में प्रारंभ हुआ संघर्ष 15 मार्च के पहले समाप्त हो जाएगा जिसमें इसराइल और अमेरिका हानि के बावजूद विजेता बनकर उभरेंगे भारत का हर प्रकार से नुकसान होगा और विश्व नेता वाली छवि समाप्त हो जाएगी और यहां पर महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार अपराध एवं अपराध लाल फीता शाही संवेदनहीनता चरम पर होगी जिसमें अक्टूबर के पहले कोई सुधार संभव नहीं है ।
दक्षिण अमेरिका अफ्रीका के अधिकांश देश ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में शांति बनी रहेगी बाकी सारी दुनिया महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार अपराध आतंकवाद नक्सलवाद अकाल और प्राकृतिक दुर्घटनाओं से परेशान रहेगी मार्च से में तक दुनिया के 5 बड़े देशों में सत्ता परिवर्तन और एक दर्जन बड़े राजनेताओं का हत्या या सत्ता परिवर्तन का योग है चीन और रूस तथा यूरोप का प्रभाव घटेगा जबकि इसराइल कोरिया ब्राज़ील ऑस्ट्रेलिया का प्रभाव बढ़ेगा मार्च महीना बहुत ही भयानक उथल-पुथल वर्षा चक्रवात बर्फबारी प्रचंड भूकंप ज्वालामुखी विस्फोट और सुनामी लहरों और अंतरिक्ष की दुर्घटनाओं वाला क्षेत्र बनेगा ।
आर्थिक रूप से दुनिया में मंदिर फैल जाएगी भारत में देश का व्यापक असर होगा वर्तमान शासन द्वारा किए जा रहे हैं प्रभाव निष्फल सिद्ध होंगे ग्रह नक्षत्र की चाल बताती है कि भारत के शीर्ष राज नेताओं का प्रभाव प्रधानमंत्री के साथ तेजी से नीचे जाएगा और भारत को आतंकवाद और युद्ध का सामना करना पड़ेगा जिसमें वह विजयी होगा अरब देशों में फूट पड़ जाएगी अमेरिका की राजनीतिक कूटनीति सफल होगी नाटो देश कमजोर होंगे लेकिन यूक्रेन का युद्ध चलता रहेगा इसराइल के क्षेत्रफल सहित उसकी यश कीर्ति का विस्तार होगा एक बहुत बड़ा हमला इसराइल पर होगा जिसमें भयानक कहानी के बाद ईरान परमाणु जैव रासायनिक हथियारों का भयानक कदम उठा सकता है ।
भारत के लिए यह वर्ष बहुत ही कठिनाई वाला है भ्रष्टाचार घूसखोरी रोकने वाली सरकारी खुद ही इसके दलदल में फंसी हुई दिखेंगे केंद्रीय नेतृत्व का साथ अचानक उनके अपने लोग छोड़ देंगे खुलेआम भ्रष्टाचार घूसखोरी फैल जाएगी और न्यायपालिका बहुत बुरी तरह से विफल सिद्ध होगी इसके द्वारा पारित अनेक विरोधी निर्णय और सनातन धर्म के खिलाफ के निर्णय संशोधित किए जाएंगे भारत को ना तो वीटो पावर मिल सकेगा ना संयुक्त राष्ट्र संघ में स्थाई सदस्यता मिलेगी ना तो हिंदी राष्ट्रभाषा और संयुक्त राष्ट्र संघ की भाषा होगी यह निश्चित है कि मोदी का प्रभाव बहुत भयंकर रूप से गिरेगा योगी जी सर्वमान्य वैश्विक नेता के रूप में वर्ष के अंत तक स्थापित हो जाएंगे। यहूदी मुस्लिम और इसी देश में बहुत भयानक युद्ध अचानक विश्वयुद्ध का रूप ले सकता है वैसे इसके संभावना कम है। भारत में सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों का भयानक मिली मार और नूरा कुश्ती जनता के सामने आ जाएगी
फिलहाल पाकिस्तान के टूटकर खंड-खंड होने की कोई भी संभावना नहीं है बांग्लादेश भारत का सबसे बड़ा शत्रु होगा भारत करोड़ों घुसपैठियों की समस्या से गृह युद्ध जैसी स्थिति में आ जाएगा और देश में भीषण देंगे प्रसाद मार काट होगी सौरमंडल में हो रहे प्रचंड विस्फोट और लाखों किलोमीटर फैलने वाली सौर ज्वाला एं हाहाकार मचा देंगे इस वर्ष बहुत ही काम बड़े-बड़े खोज और अविष्कार होंगे और दो रहस्यमय रोग और बीमारियां भारत सहित पूरी दुनिया में हाहाकार मचा देंगे भारत में भी ज्ञान विज्ञान और रक्षा से क्षेत्र में तथा अंतरिक्ष विज्ञान में कुछ बड़ी उपलब्धियां हाथ लगेगी तो कुछ में घनघोर निराशा भी प्राप्त होगी अमेरिका के आगे भारत की एक नहीं चलेगी । भारत में हिंदी की राम राज्य की हिंदी हिंदू हिंदुस्तान के नारे की भयानक दुर्गति होगी और विदेशी प्रभाव बहुत तेजी से बढ़ेगा।
जहां तक खेलों की बात है तो भारत में खेलों का विकास होगा लेकिन फिर भी भारत ओलंपिक और विश्व स्तर पर कोई बड़ी और विशेष उपलब्धि नहीं अर्जित कर पाएगा क्रिकेट में भारत का पतन होगा जबकि हॉकी बैडमिंटन मुक्केबाजी कुश्ती और कुछ एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में स्नूकर और स्क्वैश में और टेनिस में निशानेबाजी तीरंदाजी और मुक्केबाजी जैसी प्रतियोगिताओं में कुछ भारतीय खिलाड़ी आस्थाधारण प्रदर्शन करेंगे खेलों की दृष्टि से विश्व भर के लिए वर्ष बहुत अच्छा रहेगा लेकिन मुस्लिम देशों के लिए खेलों में बहुत खराब समय होगा ।
मौसम की दृष्टि से यह पूरा वर्ष काफी हलचल उथल-पुथल वाला भयंकर और हाहाकार मचाने वाला होगा भारत चीन जापान दक्षिण पूर्वी एशिया रूस अमेरिका और कनाडा और अटलांटिक महासागर में स्थित देश इंग्लैंड और मध्य यूरोप के देश और अरब प्रायद्वीप के अधिकांश देश प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की घटनाओं से बहुत ही बुरी स्थिति में फंस जाएंगे मच्छरों का आतंक सारी दुनिया में और भी बढ़ जाएगा मक्खी मच्छर और खटमल और भी अधिक शक्तिशाली दवा रोधी और एंटीबायोटिक रोधी हो जाएंगे समुद्र में बड़े-बड़े विस्फोट के साथ समुद्री लहरें सुनामी बनकर बहुत अधिक विनाश करेंगी इस वर्ष विश्व में वर्षा की मात्रा कम होगी भारत के एक चौथाई भूभाग को अकाल जैसी भयानक स्थितियों का सामना करना पड़ेगा जबकि मानसून समय से आने के बाद भी विलंबित रहेगा और वर्षा अधिकांश स्थानों पर काम कुछ स्थानों पर बहुत अधिक होगी सबसे अधिक विनाश लीला चीन जापान दक्षिण पूर्व एशिया कब अमेरिका के पूर्वी तटों पर होगा।
अंतरिक्ष अनुसंधान और औषधि अनुसंधान तथा हथियारों के अनुसंधान के लिए यह वर्ष बहुत ही अच्छा सिद्ध होगा और बहुत बड़े-बड़े चमत्कारी अनुसंधान इन तीनों क्षेत्रों में किए जाएंगे भारत में भी कुछ बहुत बड़े चमत्कारी अनुसंधान होंगे और भारत इस वर्ष के अंत तक 10000 किलोमीटर से अधिक दूरी तक मार करने वाली मिसाइल प्रक्षेपास्त्रों के निर्माण में सफल होगा इस वर्ष के अंत में भारत में भी सत्ता परिवर्तन बहुत ही स्पष्ट हो जाएगा और 2027 में घटित होगा 2027 से भारत एक सच्चे देशभक्त लौह इस्पाती चरित्र वाले व्यक्ति के हाथ में आ जाएगा और बहुत तेज विकास होगा।
जहां तक शिक्षा कला कौशल और सृजन की बात है तो महिला वर्ग को छोड़कर इन सभी क्षेत्रों में बहुत तेज पतन होगा वर्ष भर हिंसात्मक प्रवृत्ति और विनाशात्मक प्रकृति जारी रहेगी लोगों के मन में भयंकर कुंठा तनाव उन्माद हिंसा शत्रुता की भावना भर जाएगी और ऐसे ऐसे कल्पना और सोच समझ से विपरीत घटनाएं होंगे जिससे मानवता कांप जाएगी इस्लाम धर्म के प्रति सारी दुनिया में बहुत तेजी से प्रतिकार प्रतिरोध और घृणा की भावना फैल जाएगी बेरोजगारी बहुत तेज हो जाएगी और महंगाई से त्रस्त होकर लोग पूरी दुनिया में हिंसा प्रदर्शन और हड़ताल पर उतर जाएंगे सबसे अधिक विनाश और नुकसान यूरोप का होना निश्चित है अरब देशों में भयंकर अकाल महामारी फैलने और प्रकृति का तांडव होने की 100% संभावना दिख रही है ।
रोग और बीमारियों के दृष्टि से यह वर्ष बहुत खराब होगा लगातार मौसम के परिवर्तन और उतार-चढ़ाव से कुछ नए भयानक और दवा रोधी जीवाणु विषाणु और रोगाणु विकास होगा जो धरती के अंदर से पैदा होंगे जानवर और पक्षियों से मनुष्यों तक फैल जाएंगे फल फसल खाद्यान्न और दूध के उत्पादन में भी कमी आएगी भारत में पांच ऐसे बड़े लोग पैदा होंगे जो सनातन धर्म को एक करने के प्रयास में सफल होंगे और कुछ बड़े-बड़े भारत के राजनेताओं का विदेशी हाथों खेलने और सनातन धर्म को नष्ट और बर्बाद करने की भूमिका सनातनी जनता को समझ में आ जाएगी सरकार को विवश होकर सनातन धर्म के पक्ष में नियम कानून और विधेयक लाने पड़ेंगे।
यह सारा वर्ष शुक्र के प्रभाव से महिलाओं का रहेगा हर जगह उनकी प्रधानता रहेगी लेकिन महिलाएं सृजन शक्ति एवं रचनात्मक प्रकृति की रहेंगे जिनके कारण धर्म ज्ञान विज्ञान और संस्कारों की प्रधानता रहेगी उन्मुक्त और स्वच्छंद स्वभाव की महिलाओं का भारी पतन होगा और चरित्रवान तथा नैतिक महिलाएं प्रभावी रहेगी अनेक परेशानी और दुविधा तथा संकट के बाद भी प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा इनसे जुड़े हुए लोगों को लाभ होगा और यश कीर्ति बढ़ेगी और इस वर्ष प्रिंट इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया पुलिस प्रशासन और सरकार पर हावी रहेगा उनके पक्ष में भारत सहित अनेक देशों में सुख सुविधा और धन ले आने वाले कानून निश्चित रूप से पारित होंगे।
और अंत में अनंत अंतरिक्ष की कुछ महान खोजें सनातन धर्म की महान सच्चाई को उजागर करके सही सिद्ध करेंगे आकाशगंगा कृष्ण नक्षत्र और श्वेत नक्षत्र पदार्थ प्रति पदार्थ ऊर्जा प्रति ऊर्जा श्वेत और श्याम ऊर्जा के साथ-साथ ब्रह्मांड की उन सीमाओं का पता चलेगा जो लाखों करोड़ प्रकाश वर्ष में फैले हैं और लगातार फैल रहे हैं इस वर्ष अनंत अंतरिक्ष में जीवन के और परग्रही एलियंस के प्रामाणिक रूप से होने की पुष्टि हो जाएगी अमेरिका रूस और चीन की चंद्रमा और अलायंस के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आएगा।और भारतीय धर्म ग्रंथो और विज्ञान दर्शन में वर्णित यमलोक सहित विष्णु शिव और ब्रह्मलोक का वैज्ञानिक समाधान निकलेगा पूरे वर्ष प्रदूषण गंदगी और खराब वायु गुणवत्ता सूचकांक का राज रहेगा और पराबैंगनी किरणों की तीव्रता चरम पर पहुंच जाएगी इस वर्ष पुरुषों में दुराचार अनैतिकता और कुंठा की भावना जबकि महिलाओं में नैतिकता सदाचार और उत्साह की प्रधानता रहेगी यूरोप और एशिया में दो प्रणालियंकारी ज्वालामुखी विस्फोट जबकि अमेरिका और दक्षिण पूर्वी एशिया में डायरेक्ट पर 7 से 9 रिक्टर पैमाने के दो प्रचंड भूकंप इसी वर्ष भयानक विनाश लीला को जन्म देंगे