अत्यंत ही विध्वंसक काला और खूनी सच -डॉ दिलीप कुमार सिंह
पूरी दुनिया में विशेष कर भारत में विधर्मी शैतानों का बहुत ही विनाशकारी काला और खूनी खेल चल रहा है वैसे तो इस वर्ष बाद का विश्लेषण 1400 वर्ष से ही हो रहा है लेकिन पूरी तरह विश्लेषण ना होने से दुनिया के देश धीरे-धीरे विधर्मी शैतान के देश बनते चले जा रहे हैं कैसे बना रहे हैं क्या हो रहा है लिए बिल्कुल सच-सच समझने की कोशिश करते हैं। इसके पहले भी पूरी दुनिया में लव जिहाद का लेख मैंने ही लिखा था उसके बाद ही इस भयानक खेल से लोगों का परिचय हुआ था।
यह सारा खेल शुरू होता है जनसंख्या के पलायन से जिसको हमारे यहां के काले अंग्रेज चेंज आफ डेमोग्राफिक कहते हैं और यह इतना खुला है लेकिन फिर भी लोग इस खेल को जाने में या अनजाने में क्यों नहीं समझ पाते हैं इसका भी कारण है जब कभी भी किसी भी मुस्लिम समूह का किसी गैर मुस्लिम समूह में प्रवेश होता है तो वह दिन-रात अपनी जनसंख्या बढ़ाते हैं और प्रारंभ में जहां अल्पमत में जाते हैं उनका धर्म उनके भगवान देवी देवता ऊपर से मानते हुए अंदर ही अंदर जिस हाड़ी में खो इस हांडी में छेद करो की नीति अपनाते रहते हैं अधिक जनसंख्या वृद्धि के कारण जब किसी मुस्लिम देश में इनका रहना संभव नहीं हो पता तब वह गैर मुस्लिम देश की ओर एक बहुत सोची समझी रणनीति के तहत पलायन करते हैं और हाथ पैर जोड़कर भीख मांग कर सुर सुंदरी दान करके ऐसे देश में बस जाते हैं जहां का राष्ट्र नायक गद्दार अपने देश और धर्म के प्रति दोगला और सुरा सुंदरी का शौकीन और चरित्र से कमजोर होता है यही वजह है कि म्यांमार और बांग्लादेश के मुस्लिम बगल ही स्थित चीन में न जाकर कश्मीर न्यूजीलैंड ऑस्ट्रेलिया कनाडा में पहुंच रहे हैं लेकिन जहां पर देशभक्त कट्टर लोग हैं वहां पर यह समूह के समूह खदेड़ दिए जा रहे हैं इनका सबसे आसान शिकार भारत और ऑस्ट्रेलिया इटली और इंग्लैंड जैसे देश हैं जिनको उपयुक्त सारी चीज बहुत अच्छी लगती हैं और जो अपने देश और धर्म के प्रति अंत में गद्दार ही सिद्ध होते हैं ।
किसी देश में एक जगह पर कब्जा करके हजार फिर लाख की संख्या में बस कर इनका काम खत्म नहीं होता यह दिन-रात बच्चे पैदा करते हैं छोटी-मोटी चोरी करते हैं फिर जहां ताकतवर होते हैं वहां पर लूट और डकैती करते हैं और अंत में आतंकवाद का रास्ता पकड़ लेते हैं क्योंकि आज के दौर में लोग दो बच्चों को नहीं पाल पाए तो यह 15 से 25 बच्चे कैसे पालते हैं सबको पता है ।
इनको कुछ खेल तो बहुत ही खतरनाक और कल्पना से भी पड़े होते हैं उदाहरण के रूप में आपने देखा होगा कि मुसलमान का टोना टोटका जादू रोग बीमारियों और अन्य चीजों पर कभी-कभी कम कर जाता है लेकिन उसके पीछे इनका तंत्र मंत्र टोना टोटका नहीं काम करता बल्कि यह लोग रोग बीमारी को समझते हैं और झाड़ फूंक तो बहाना होता है किसी भी स्त्री पुरुष का रोग समझा करिए महंगी महंगी दवाई उसको पानी में घोलकर पिलाते हैं और मूर्ख स्त्री पुरुष समझते हैं कि इसकी दुआ ताबीज से हमारा रोग सही हो रहा है इसके अलावा नौकरी दिलाने में स्थानांतरण करने में कहीं-कहीं यह उच्च अधिकारियों से मिले रहते हैं और पैसा देकर कर देते हैं तो लोग समझते हैं कि इसके दुआ तभी से हमारी नौकरी लग गई यह हमारा मनपसंद जगह पर ट्रांसफर हो गया इसके अलावा सारी औरतें यदि गैर इस्लामी से विवाह करती हैं तो उसको मुसलमान बनने पर वाद्य करते हैं और पुरुष तो पहले ही महिलाओं को मुसलमान बना कर तब जाकर निकाह करते हैं।
इसके बाद इनका अगला खतरनाक खेल शुरू होता है यह पता करते हैं कि अगल-बगल के गांव गली मोहल्ले में कौन ऐसा व्यक्ति है जो प्रभावशाली है पैसे वाला है या उसके जमीन जायदाद हैं लेकिन वह शराबी नशेड़ी और रसिक तथा दुराचारी और अपने धर्म के प्रति आधा अधूरा विश्वास रखने वाला है उसकी छत्रछाया में बस करवे उसकी सारी चीज अपने घर से देते हैं और धीरे-धीरे अपने घर की लड़कियां उस और उसके लड़कों से विवाहित करके अंत में उसका धर्म परिवर्तन करके कब्जा कर लेते हैं इसके बाद में पड़ोसियों से भी यही चल चलते हैं।
यह लोग मिली मार और नूरा कुश्ती के तहत आगे बढ़ते हैं और पुरुष लोग अन्य धर्म की लड़कियां और स्त्रियों को फंसाते हैं इसके बाद धीरे-धीरे मेलजोल बढ़ा लेते हैं छोटे-मोटे उपहार देते हैं और बाद में उनका कोई दवा या रसायन खिलाकर बलात्कार करके वीडियो बना लेते हैं छोटी-छोटी बच्चियों को तो डरा कर बलात्कार करते हैं और वह डर के मारे कुछ बोलते ही नहीं जब तक पता चलता है तब तक बहुत कुछ बीत जाता है पुरुष जहां स्त्रियों का शिकार करते हैं वही मुस्लिम धर्म की स्त्रियां ऐसे दुराचारी रसिक और धनी पुरुषों का शिकार करती है जो अपनी पत्नी से संतुष्ट नहीं रहते और धीरे-धीरे इनका यही खेल आगे बढ़ता चला जाता है इसके लिए यह पड़ोस में बसे हुए लोगों को अपने घर बुलाते हैं काला जादू टोना टोटका करते हैं लेकिन यह केवल दिखाने के लिए होता है वास्तव में वह ऐसी जड़ी बूटियों और दावों को जानते हैं जिनसे स्त्री पुरुषों का चरित्र और उनका मिजाज आसानी से बदला जा सकता है ।
यह काम केवल अपढ़ लंठ गंवार पंचर छाप रिक्शावाला मजदूर ही नहीं बल्कि पढ़े-लिखे लोग डॉक्टर इंजीनियर राष्ट्रपति संसद विधायक सब के सब यही एक काम करते हैं अर्थात दारुल हरब को दारुल इस्लाम में बदलने की दिन रात कोशिश करते रहते हैं और इनका शिकार भी आराम से मिलते हैं क्योंकि हर एक समाज में कुछ ऐसी चरित्रहीन महिलाएं और पुरुष होते हैं जो भले ही बाद में बोटी बोटी काट कर फेंक दिए जाएं जमीन में गढ़ दिए जाएं या फ्रिज में बंद कर दिए जाएं लेकिन उनको ऐसे ही दुराचारी कामी और अप्राकृतिक मैथुन करने वाले मुस्लिम लोगों की आवश्यकता होती है।
और जैसे ही मुसलमान कहीं बसते हैं तो पहले काम उनके घर में एक छोटी मस्जिद मजार बनती है जो कि इस्लाम धर्म में कहीं है ही नहीं इसके बाद जब 100 200 की संख्या में हो जाते हैं तो एक मस्जिद बनने लगती है विरोध करने पर रोक देते हैं लेकिन फिर धीरे-धीरे मांस मदिरा महिला मिथुन मुद्रा का प्रयोग करके सरकारी तंत्र और प्रभावशाली लोगों को खरीद कर अपना काम बन ही लेते हैं अतरही खलीलपुर बांध गांव जैसे अनगिनत गांव इसका उदाहरण है लेकिन असली खेल मस्जिद बनने के बाद शुरू होता है । यह लोग घर-घर में फेरी लगते हैं रेड्डी सामान बेचते हैं सब्जी बेचते हैं वास्तव में उनके गुप्तचर तंत्र वाले होते हैं और यही सब कुछ पता लगा लेते हैं और ऐसे ऐसे कांड कर देते हैं जिस पर जल्दी किसी को विश्वास नहीं होता और यह सभी लोग घरों में सब जाते हैं जब पुरुष लोग बाहर होते हैं यदि गलती से पुरुष भी घर पर मिल गया तभी हम लोग बहाना बनाकर उधर से निकल जाते हैं।
जैसे ही मस्जिद बनती है वैसे ही दूर-दूर के चोर डकैत आतंकी दुराचारी देशद्रोही और काला धन तथा नकली मुद्रा चलने वाले लोग उसमें मौलवी या प्रबंधक के रूप में आकर रहने लगते हैं और वह ऐसे पुरुष और महिलाओं को नियुक्त करते हैं जो शहर गली गांव मोहल्ले में जाकर यह पता करते हैं कि कौन सी स्त्री रंगीन रसिक दुराचारी स्वभाव की है और कौन सा पुरुष ऐसे स्वभाव का है सबसे पहले उसको ही फंसाते हैं इसके बाद यह लोग पता करते हैं कि किसका पति लंबे समय से बाहर है क्योंकि उसकी पत्नी को जो चाहिए उसको यह देते हैं फिर पता करते हैं कि कौन लंबे समय से बीमार है कौन सी महिला ऐसी है जिसके बच्चे नहीं हो रहे हैं कौन सा पुरुष ऐसा है जो नपुंसक है या जिसकी वासना शक्ति कमजोर है इसके साथ-साथ धनी और पैसे वाले घर को भी चिन्हित करते हैं यदि हर प्रकार से फेल होते हैं तब चोरी डकैती डालना शुरू करते हैं और मौका पाते हैं तो खून कत्ल करके लूट कर भाग जाते हैं ।
अपनी बस्ती इस तरह से टांग और संकरी बनाते हैं जहां पुलिस और प्रशासन का पहुंच पाना बड़ा मुश्किल है और आम जनता फस जाए तो उसे रास्ता ही नहीं मिलता जौनपुर के किसी भी मुस्लिम कॉलोनी में या आजमगढ़ के सराय मीर में चले जाइए मेरी बात अपने आप समझ में आ जाएगी पता लगा दुकान किसी चीज की है व्यापार अंदर कुछ और हो रहा है किरण सब्जी से लेकर हर सामान बेचने वाले यही करते हैं ज्यादातर यह लोग ऐसे सामान भेजते हैं जो घर के अंदर से या महिलाओं से संबंधित होते हैं जैसे बिजली की वायरिंग प्लंबरिंग चूड़ी श्रृंगार प्रसाधन और धीरे-धीरे महिलाओं को अपने जाल में फंसाते हैं जबरदस्ती भी बलात्कार कर लेते हैं क्योंकि इनका कोई दरब है लाज शर्म तो होती नहीं क्योंकि इनको मालूम है कि 100 में 90 स्त्रियां तो डर के मारे बताएंगी नहीं और जीवन भर ब्लैकमेल होती रहेंगी और 10 जो बताएंगे उसको भी धीरे-धीरे पुलिस प्रशासन की सहायता से हल कर लेते हैं चाहे मुद्रा खर्च कर देते हैं चाहे महिला या फिर मदिरा का सहारा लेना पड़े और सनातनी हिंदू में 99% तीनों में से किसी एक पर बिक ही जाते हैं क्योंकि इनका धर्म इतना कमजोर होता है कि चरित्र अपने आप भ्रष्ट हो जाता है जिन मर्दों की हड्डी तक सड़ गई है उसे मजार पर जाकर यह मूर्ख उससे कुछ पाने की आशा करते हैं ।
जैसे ही मुस्लिम किसी स्त्री को फसता है या मुस्लिम महिला किसी पुरुष को फंसाती है पहले बड़े प्रेम से एक दो महीने काम चलता है और इस बीच बड़े प्रेम से उसकी सारी सीडी और वीडियो तैयार हो जाती है तब ब्लैकमेलिंग और वसूली का लंबा खेल शुरू होता है जिसमें 70 से लेकर 90% सफलता मिलती है और भेद खुलना को होता है तो वही हाल होता है जो हो रहा है अर्थात तेजाब में डुबोकर मारना बोटी बोटी काट कर फ्रिज में रख देना हाथ पैर तोड़कर बोर में भरकर जमीन में गढ़ देना और अस्पतालों की सहायता से छोटे और स्वस्थ बच्चे बच्चियों के अंग को निकाल कर बेच देना आश्चर्य की बात है कि भारत जैसे गैर मुस्लिम देश में यह लोग सब कुछ आंखों के आगे कर रहे हैं इसके बाद भी लोगों को समझ में नहीं आ रहा है यदि आपको यह जानना है कि कौन सा पुरुष या स्त्री मुसलमान से फंसी है तो उसका एक ही तरीका है यदि कभी हिंदू मुस्लिम में लड़ाई होती है तो यह हम पुरुष और महिलाएं मुसलमान का पक्ष लेते हैं भले उन्हें घर समाज धर्म और देश के विरुद्ध जाना पड़े आपने देखा होगा कि ऐसे कांड करने वाली लड़कियां अपने मां-बाप का कहना भी नहीं सुनती हैं क्योंकि उनके दिमाग में उनका अब्दुल सलीम करीम रहीम हलीम तैमूर सबसे अच्छा होता है।
यह खेल इतने पर ही नहीं रुकता जितने भी खाने पीने वाले सामान है सब्जियां है फल हैं जूस है दही है दूध दही लस्सी है सब में अपना मल मूत्र थूक वीर्य और प्रतिबंधित पशुओं के मांस का कुछ न कुछ अंश जरूर मिलते हैं 1 2 /1000 /लाख नहीं करोड़ों की संख्या में ऐसे वीडियो पूरी दुनिया में लोग देखे हैं फिर भी नहीं समझते आ रहा है इस प्रकार सारा पैसा कमा कर उसको मस्जिद में भेजा जाता है जहां से सीधा या आतंकवादी गुटों में जाता है जो गैर मुस्लिम देश में दंगा फसाद तोड़फोड़ हत्याएं ट्रेन की पटरी उखाड़ देना मौका पाने पर सामूहिक बलात्कार करना होली दिवाली दशहरा में लूटपाट और हत्या कर देना और अनेक रूपों में काम आता है यह सब बातें कल्पना नहीं है पूरी तरह सच है बल्कि सच को काफी काम करके दिखाया जा रहा है जिससे पहले से ही कमजोर और कर हो चुके सनातनी लोग डर के मारे बेहोश ना हो जाए रंग गुलाल अबीर बेचते समय हाथ से कपड़े पर चाहे जितना लगे लेकिन अगर सनातनी हिंदू के द्वारा एक छींटा भी पड़ गया तो तुरंत ही हत्या कर देते हैं वह भी शैतानी ढंगसे।
आपस में खूब लड़ने वाले सनातनी इनके आगे भीगी बिल्ली बन जाते हैं उदाहरण के रूप में यदि किसी ठाकुर और हरिजन में लड़ाई हो जाए तो तुरंत ही वह उसे पर अनुसूचित जाति जनजाति का केस लगा लगा लेकिन यही काम मुस्लिम से हो तो वह चुपचाप मार खाता रहेगा इतना ही नहीं घर की औरतें जो घर में शेरनी की तरह दहाड़ती है और अपना घर परिवार पति बेटे सबको नाश करती हैं जैसे ही लव जिहादी के साथ जाती हैं तो बकरी की तरह में में करने लगते हैं और नंगी या आधी नंगी रहने वाली स्वच्छंद यही महिलाएं नकाब हिजाब बुर्का पहनकर सारा जीवन घर की कोठरी में आराम से बिता देती हैं अब इससे बड़ी मूर्खता और इससे बड़ा जड़ बुद्धि वाला भला किसी और कहा जाए ।
एक बात और है की सरकारी वर्ग में इनके जितने लोग चपरासी से राष्ट्रपति तक नियुक्त होते हैं वह सब लाज शर्म छोड़कर अपने वर्ग के चोर डकैत अपराधी ब्लैक मिलर हत्यारा के नियम कानून संविधान छोड़कर पूरी पूरी मदद खुलेआम करते हैं यह आपने अनेक बार देखा भी होगा यदि रोक टोक जाए तब भी नहीं सुनते हैं और निलंबित हो जाने पर सुर सुंदरी और मुद्रा वाली सीधी पड़कर अंत में फिर से पद स्थापित हो जाते हैं और अपना काम जारी रखते हैं अपने सरकारी ड्यूटी पर रहते हुए भी लैब जिहाद सहित अनगिनत जिहाद प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष करते हुए देश का सारा गोपनीय भेद मुस्लिम देशों में भेजते रहते हैं और भारत में होने वाली तोड़फोड़ रेल गाड़ियों बेसन हवाई जहाज की दुर्घटना और अन्य विधानसभा में 95 % हाथ इन्हीं का रहता है लेकिन आश्चर्यजनक रूप से लालू जैसे लोग गोधरा की हत्याकांड को रेल दुर्घटना करार दे देते हैं।
इन लोगों से पार पाना हो तो इसराइल चीन म्यांमार श्रीलंका कोरिया जैसा बनना होगा अन्यथा धर्म और देश पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा यह लोग गांधी अटल बिहारी मोदी जैसे लोगों को तो जमकर पसंद करते हैं लेकिन लाल बहादुर शास्त्री योगी जी हेमंत विश्व शर्मा पुष्कर धामी जैसे लोगों को देखकर ही मूत्रत्याग करने लगते हैं जो कुछ सही कारण थे मैंने बता दिया यदि इसके अलावा कोई छूट गया हो तो आप सभी लोगों से निवेदन है कि उसको भी लिखेंगे ताकि इस लेख को और सुधारा जा सके और सबसे बड़े प्रामाणिक रूप में देश और सनातन धर्म बढ़ाने में योगदान दिया जा सके अंत में केवल यही कहना चाहूंगा-
किंचित बबुर फरै जो बेल
बालू पेरे निकले तेल।
ओरी के पानी बड़ेरी पर जाए।
धरती आकाश एक हो जाए।
नदिया उल्टी धार बहाय कटहल में आम फलि जाय।
जाए हिजड़ा फिर से पुरुष कहाय ।
कुकुर पानी पिए शुरूक्का।
तबौ न मानो तुरुक तुरुक्का।
जे ना मानेस गयल काम से।
जो मानेस बचि जात बा।बोया पेड़ बबूल का
आम कहां से खात बा जय श्री राम