Tuesday, 31 March 2026

मौसम की भविष्यवाणी

मौसम की भविष्यवाणी
 
हमारे अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र के द्वारा पहले ही विस्तार से बताया जा चुका है कि पश्चिमी विक्षोभ और तीव्रता से बढ़ी हुई अचानक गर्मी से जौनपुर प्रयागराज वाराणसी दीनदयाल नगर सैदपुर गाजीपुर अयोध्या अंबेडकर नगर प्रतापगढ़ सुल्तानपुर मिर्जापुर भदोही रावर्टसगंज शाहगंज कादीपुर और आसपास के सभी स्थानों पर आज से लेकर 1 सप्ताह तक मौसम बहुत तेज हवा वाला आंधी तूफान वाला रहेगा और आज सुबह बहुत तेज हवाओं के बाद ‌ ‌ घने काले बादलों के साथ कई स्थानों पर बूंदाबांदी हल्की वर्षा और कुछ स्थानों पर सामान्य वर्ष सभी होगी इसके बाद मौसम साफ हो जाएगा ।

38 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ मौसम बहुत गर्म रहेगा न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहेगा सुबह बहुत घने काले बादल के बाद दिन में हल्के बादल रह जाएंगे ।

कल और आने वाले दिनों में भी बहुत तेज हवाओं से लेकर आंधी तूफान का मौसम कायम रहेगा  ‌ बेसन गर्मी के विचार अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहेगा।कहीं कहीं बूंदाबादी और हल्की वर्षा भी होगी ‌ इसी बीच बाय गुणवत्ता सूचकांक 100 के आसपास बना रहेगा पराबैंगनी किरणों की तीव्रता न9 से 10 के बीच बहुत ही घातक रहेगी हवा की दिशा उत्तर पश्चिमी पश्चिमी रहेगी और गति 15 से 30 किलोमीटर या उससे भी तेज होगी ‌। सापेक्षिक आर्द्रता 20% से 50% के बीच रहेगी

जितनी भी जल्दी हो सके खेती किसानी का काम संपन्न करें क्योंकि मौसम इसी प्रकार परिवर्तनशील रहेगा मौसम के परिवर्तन और उतार-चढ़ाव के कारण अनेक रोग बीमारियों का राज्य फैलेगा ‌ मच्छर और मक्खियों की भरमार हो जाएगी और बहुत ही सावधान रहने की आवश्यकता है -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर

भारत अजब देश है जहां कभी नाली से चाय बनती है तो कभी सूखी पत्तियों और कूड़े कचरे से बिजली उत्पन्न होती है तो कभी पेशाब और टट्टी से ऐसा करने का दावा किया जाता है कभी पानी से गाड़ियां चलने का दवा होता है लेकिन सच में कुछ नहीं होता अभी जल्दी ही दैनिक जागरण में पाइप के साथ नाली में गैस का चूल्हा जोड़कर चाय बनाते हुए दिखाया गया था

: भारत अजब देश है जहां कभी नाली से चाय बनती है तो कभी सूखी पत्तियों और कूड़े कचरे से बिजली उत्पन्न होती है तो कभी पेशाब और टट्टी से ऐसा करने का दावा किया जाता है कभी पानी से गाड़ियां चलने का दवा होता है लेकिन सच में कुछ नहीं होता अभी जल्दी ही दैनिक जागरण में पाइप के साथ नाली में गैस का चूल्हा जोड़कर चाय बनाते हुए दिखाया गया था 

कुल मिलाकर जनता और राजनेता दोनों ही भारत में अधिकतर विश्वास घाती और धोखेबाज प्रकृति के हैं इसलिए देश भाषणों में और कागजों पर तो खूब उन्नति कर रहा है लेकिन वास्तव में कहीं कोई उन्नति नहीं है जो जिस दल या पार्टी या विचारधारा से जुड़ा है आंख मुड़कर उसी को भगवान बना देता है और बाद में सबका हाल राम रहीम और अशोक खैरात जैसा होता है 

इस देश में ऐसा ही होता रहा और आगे भी ऐसा ही होगा नहीं तो सैकड़ो या हजारों की संख्या में आकर लोग इतने बड़े विराट देश पर राज नहीं करते विदेशी भाषा और विदेशी सभ्यता संस्कृति से जितना प्रेम भारत के लोगों को है उतना दुनिया क्या अनंत ब्रह्मांड में किसी को नहीं होगा 

हमको निस गौरव तथा इस देश का अभिमान है हम न नहीं है पशु नीरा है और मृतक समान है 

इसका फायदा राजनेता उठाकर जनता को लड़ा देते हैं धर्म और जाति के नाम पर स्त्री और पुरुष के नाम पर उच्च और नीचे के नाम पर हिंदू मुस्लिम और इसी के नाम पर और बारी-बारी से मिली मर नूरा कुश्ती करते हुए राज पाठ चलाते रहते हैं गाल गुलाबी नैन शराबी होकर अपनी कम से कम 10 पीढ़ियां तो सुधर ही लेते हैं -

अंत में अपने परिवार का मान सम्मान इज्जत बचाने के लिए राजनेता और जनता दोनों राम रही एम आसाराम बापू फादर वृषभ मुला मौली मौलाना अशोक खैरात जैसों पर सारा दोस्त डाल देते हैं और रूपाली जैसे लोग आराम से फिर से अपना काम शुरू कर देते हैं यही एक पक्षी कानून है जहां कभी महिला तो कभी पुरुष पीड़ित होता है और उसकी सुनने वाला कोई नहीं होता क्योंकि यहां पर लोग सच का साथ नहीं देते बस मजे से चटकारे लेकर ऐसे खुश होते हैं मानो उनका स्वर्ग और बैकुंठ हो मिल गया हो
भारत में यदि रहना है चींटी हाथी उठा के ले गई तब भी हां हां कहना है

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर के तत्वा वधान में संसाधन व्यक्ति का प्रभावी उपयोग के बारे में सेमिनार संपन्न

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर के तत्वा वधान में संसाधन व्यक्ति का प्रभावी उपयोग के बारे में सेमिनार संपन्न 

आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वधान में ‌ जनप‌द न्यायाधीश ‌ अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर सुशील कुमार शशि के नेतृत्व और निर्देशन में ‌ एवं सचिव सिविल जा सीनियर डिवीजन सुशील कुमार सिंह की अध्यक्षता में**संसाधन व्यक्ति का प्रभावी उपयोग** विषय पर एक सेमिनार एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम जनपद न्यायालय के ‌ सभा कक्ष में आयोजित किया गया ‌ इस कार्यक्रम में सुशील कुमार सिंह सचिव सिविल सीनियर डिवीजन डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल जिला प्रोफेशन अधिकारी विजय कुमार पांडे पुलिस क्षेत्राधिकार देवेंद्र कुमार सिंह जिला विद्यालय निरीक्षक गोरखनाथ पटेल ‌ सह परिवीक्षा अधिकारी ‌ मुरलीधर गिरी बाल विकास अधिकारी चंदन राय चीफ डिफेंस काउंसिल ‌ अनिल कुमार सिंह असिस्टेंट डिफेंस काउंसिल प्रकाश तिवारी एवं अनुराग चौधरी एवं बाल कल्याण समिति के सदस्य गण विनय कुमार सिंह उमाशंकर सिंह ‌ माधुरी गुप्ता ‌ प्राधिकरण के सुनील कुमार मौर्य राकेश कुमार यादव राजेश कुमार यादव अरविंद चौबे बृजेश कुमार सुनील कनौजिया सुनील गौतम ‌ रिसोर्स पर्सन विनय कुमार तिवारी ‌ उर्वशी सिंह ‌ मनोज कुमार सिंह ‌ चांदनी प्रियांशु सिंहपीएलबी सुभाष यादव शिव शंकर सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर सुशील कुमार सिंह ने बताया कि पाक्सो ‌ अधिनियम एक बहुत ही संवेदनशील और महत्वपूर्ण अधिनियम है जिसमें पीड़ित ‌ किशोर भाई के लड़कियों और लड़कों को हर प्रकार की विधि चिकित्सकीय भावनात्मक मनोवैज्ञानिक एवं अन्य सहायता देने के लिए ‌ एन जी ओ  ‌ और समाज सेवा के क्षेत्र में विधि के जानकार लोगों की 13 सदस्यों की एक टीम बनाई गई है जो इन पीड़ित प्रताड़ित लोगों की प्रभावी पैरवी और सहायता के लिए काम कर रहे हैं इसको और भी प्रभावी ढंग से कार्य करने और उसके अनुसार प्रशिक्षित करने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा इसे और प्रभावी बनाए जाने वाले उपायों का भी विस्तार से वर्णन किया।

इसी क्रम में पुलिस क्षेत्राधिकार देवेंद्र कुमार सिंह जिला विद्यालय निरीक्षक गोरखनाथ पटेल जिला प्रवेश अधिकारी विजय कुमार पांडे सहायक परीक्षा अधिकारी मुरलीधर गिरी बाल विकास अधिकारी चंदन राय बाल विकास समिति के सदस्य डॉक्टर उमाशंकर सिंह एवं प्राधिकरण के अनुराग चौधरी तथा रिसोर्स पर्सन विनय कुमार तिवारी एवं उर्वशी सिंह ‌ सहित अन्य विद्वान वक्ताओं ने भी इस कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने में अपने बहुमूल्य विचार व्यक्त किया और सभी तंत्रों को समन्वित रूप से इसमें योगदान देने की बात कही गई ‌ और इस पर और भी प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया गया  ‌ इसके अतिरिक्त 500 अधिनियम 2012 और 2020 की विस्तृत व्याख्या करते हुए इसके विभिन्न बिंदुओं को विस्तार से रेखांकित किया गया जो 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चे और बच्चियों पर लागू होता है।

इस कार्यक्रम का सफल और उत्तम संचालन करते हुए डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह के द्वारा बताया गया कि रिसोर्स पर्सन की नियुक्ति होने से अब पैक्सो अधिनियम के पीड़ित प्रताड़ित लोगों को बहुत सहायता मिल रही है इस अधिनियम को ऐसे भी बहुत कठोर बनाया गया है जिसमें 3 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास और 12 वर्ष से कम आयोग के बच्चों का शोषण करने पर फांसी की सजा का भी प्रावधान है ‌ इस तरह के प्रशिक्षण के कार्यक्रम बार-बार होने अति आवश्यक है ‌ इससे पहले तौर पर आधारित बच्चे निडर होकर अपनी बात न्यायालय के सामने कह सकेंगे

Saturday, 28 March 2026

जिला विदेश सेवा प्राधिकरण जौनपुर के तत्वावधान में ‌ एक विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का आयोजन जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुशील कुमार शशि के नेतृत्व में एवं सचिव सिविल जज सीनियर डिवीजन जिला

जिला विदेश सेवा प्राधिकरण जौनपुर के तत्वावधान में  ‌ एक विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का आयोजन जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुशील कुमार शशि के नेतृत्व में एवं सचिव सिविल जज सीनियर डिवीजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर की देखरेख में आयोजित किया गया ‌ इस बैठक में सचिव सुशील कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह पैनल लहर एवं परामर्शदाता देवेंद्र कुमार यादव प्राधिकरण के राकेश यादव एवं प्रबंधक आनंद शंकर श्रीवास्तव शिक्षक गण छात्र-छात्राओं ने भाग लिया 

बैठक को संबोधित करते हुए सचिन सीनियर डिवीजन सुशील कुमार सिंह ने कहा कि हर व्यक्ति को विधिक साक्षरता जागरूकता आवश्यक है वाहन चलाने वालों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाकर ही वाहन चलाना चाहिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में महिलाओं  ‌ लड़कियों पीड़ित प्रताड़ित लोगों को हर प्रकार से निशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध हैं उन्होंने वैकल्पिक ने प्रणाली के द्वारा मुकदमे को निस्तारण को सर्वश्रेष्ठ बताया और पिछले राष्ट्रीय लोक अदालत का भी वर्णन किया जिसमें हजारों मुकदमों का निस्तारण पारस्परिक सुलह समझौते के आधार पर किया गया था। उन्होंने छात्र-छात्राओं को जागरुक होकर लक्ष्य के प्रति समर्पित होने और विधिक साक्षरता जागरूकता घर-घर फैलाने का आवाहन किया। 

डॉ दिलीप कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल एवं देवेंद्र कुमार यादव ‌ परामर्शदाता के द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सभी अंगों का विस्तार से वर्णन करके इसका लाभ उठाने का आग्रह किया गया और बताया गया की मध्यस्थता केंद्र में सभी प्रकार के सिविल रिवेन्यू बैंक बीमा एन आई एक्ट किराएदारी इतिहास मुकदमा और लघु आपराधिक मुकदमों का निस्तारण पारस्परिक 16 समझौते के आधार पर किया जाता है।


विधिक सहायता प्रतिरक्षा विभाग में योग्य अधिवक्ताओं के द्वारा आपराधिक मुकदमों में जेल बंद हुए उन लोगों का मुकदमा निशुल्क देखा जाता है जो जेल में बंद है या जो मुकदमा लड़ने में अक्षम है‌ इसमें महिला एवं पुरुष सभी शामिल है ‌ विवाह पूर्व वैवाहिक मामलों में वैवाहिक मामलों का सुलह समझौता के आधार पर निस्तारण किया जाता है पैनल लॉयर सिविल और बाल न्यायालय के मुकदमों को बिना शुल्क लिए देखते हैं और पैरेलीगल वालंटियर हर व्यक्ति की विधिक सहायता करते हैं ‌ उनके द्वारा 15100 101 112 1098 जैसे नंबरों को याद रखना और उनकी सहायता लेने के बारे में भी विस्तार से समझाया गया।

कॉलेज की छात्रों के द्वारा स्वागत  एवं सरस्वती वंदना का सुंदर गायन किया गयास्वागत भाषण प्रबंधक आनंद शंकर श्रीवास्तव और संचालन डॉ रेखा सिंह के द्वारा किया गया।

Thursday, 26 March 2026

भगवान श्रीराम एवं श्री रामनवमी का महापर्व -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि प्रस्तावना

: भगवान श्रीराम एवं श्री रामनवमी का महापर्व -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 

प्रस्तावना 

भगवान श्री राम का जन्म त्रेता युग में पुनर्वसु नक्षत्र चतुर्थ चरण और कर्क लग्न में हुआ था चैत्र का महीना था और मंगलवार का दिन बसंत की ऋतु थी ऐसे ही समय में भगवान श्री राम ने धरती पर श्री हरि विष्णु के अंश रूप में अवतार लिया और माता कौशल्या को चकित और थकित देखकर उन्होंने बाल रूप में आकर रोना शुरू कर दिया। उनके जन्म के समय लग्न भाव में चंद्रमा और बृहस्पति जबकि तृतीय पराक्रम के भाव में राहु चतुर्थ सुख और माता के भाव में शनि सातवें पत्नी के भाव में मंगल नवम भाग्य के भाव में शुक्र और केतु कर्म के भाव दशम में सूर्य और एकादश लाभ के स्थान पर बुध विराजमान थे उसे समय सारी प्रकृति वातावरण और तीनों लोक प्रफुल्लित थे इसलिए कहा गया है -
**भगवान राम के जन्मदिवस के पावनतम शुभ अवसर 
शीतल मंद सुगंध पवन लेकर बसंत ऋतु आई है**

भगवान श्री राम के धरती पर जन्म लेने के कारण -

भगवान श्री राम साक्षात श्री हरि विष्णु के अवतार थे उनका धरती पर अवतरण "बहुत कारणों से हुआ जिसमें विश्व मोहिनी को लेकर नारद जी का श्राप विश्व विख्यात है !इसके अलावा मनु और शतरूपा की महा प्रचंड तपस्या राजा प्रताप भानु को ब्राह्मणों के द्वारा श्राप और जय विजय उनके सर्वप्रिय द्वारपाल को सनकादि ऋषियों द्वारा दिया गया श्राप और धरती की आर्त पीड़ा आततायी दुराचारी रावण का अत्याचार इसके और कछुए की कथा प्रमुख कारण है श्री लक्ष्मण आदि शेषनाग के और भगवती सीता स्वयं साक्षात श्री लक्ष्मी जी का अवतार थीं। भरत और शत्रुघ्न उनके आयुध और शंख और चक्र।थे तथा बंदर भालू के रूप में उत्पन्न हुए हनुमान सुग्रीव नल नील जांबवान इत्यादि देवताओं के अंश थे इन सभी का उद्देश्य धरती पर राक्षसों के विनाश और रावण वध के साथ पूरा हो गया था।

श्री राम का व्यक्तित्व और उनकी संक्षिप्त कथा -

भगवान श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम समस्त लोकों में परम पूज्य *न भूतो ना भविष्यति *की कल्पना को साकार करते हैं उनका राम राज्य आज भी संपूर्ण सृष्टि का शासन का सबसे बड़ा मानदंड माना जाता है मांगे बारिधि देहिं जल रामचंद्र के राज ।अपने परिवार सभी भाइयों प्रजा और मित्रों तथा भगवती सीता को वह अपने प्राण से भी अधिक प्रिय मानते थे लेकिन धर्म सत्य के लिए किसी को छोड़ने में एक पल भी नहीं लगाया और राक्षसों के द्वारा पीड़ित और प्रताड़ित दंडकारण्य के ऋषि मुनियों की पीड़ा देखकर उन्होंने धरती को निश्चित करने का प्रण ले लिया-

निशिचर हीन करहुं मही भुज उठाइ प्रण कीन्ह 
सकल मुनिन के आश्रमन 
जाइ जाइ सुख दीन्ह!

उनका हर रूप दिव्य कल्पना के परे और अद्भुत अनुपम असाधारण वर्णन से परे हैं बाल्यकाल से ही परम बुद्धिमान होना किशोरावस्था में भाई लक्ष्मण के साथ ताड़का सुबाहु मारीच जैसे महामायावी राक्षसों का संघार और समुद्र के किनारे फेंक देना तीनों लोकों से त्यागी गई अहिल्या को जीवन दान देना शिव जी के महा प्रलयंकारी पिनाक धनुष को तोड़ देना परशुराम को पराजित करना निषाद राज केवट के साथ आत्मीय प्रेम शबरी के झूठे बेर खाना परम सती अनसूया और अत्री के आश्रम में जाना भारद्वाज से भेंट करना चित्रकूट और पंचवटी में निवास कर वहां को स्वर्ग बना देना पशु पक्षियों और जटायु तक को अपना बना लेना सीता हरण के बाद मनुष्य की तरह करुण विलाप करना  गिद्धराज जटायु को परम गति देना माता सती को उनके कर्तव्य का बोध कराना परम तेजस्वी अगस्त्य ऋषि और ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र से ब्रह्मांड को विनाश करने वाले दिव्यास्त्र का प्राप्त करना वैष्णो माता को कलयुग में मिलने का वरदान देना फिर बंदर भालू की सेना एकत्र करके परम तेजस्वी ब्रह्म ऋषि अगस्त्य की सहायता से तीनों लोकों के विजेता रावण को समुद्र पर पुल बांधकर मारना और लंका का राज्य बिना किसी संकोच के विभीषण को सौंप देना वापस आते समय परम सखा केवट राज से मिलना और हनुमान जी को अयोध्या भेज कर भरत को जीवित रखना अश्वमेध यज्ञ करना सीता जी के वनवास के बाद परम उदासीन होकर भी सारे काम को पूरी तन्मयता से करना और अंत में सीता जी के पृथ्वी में समाहित हो जाने के बाद सभी भाइयों और प्रजा के साथ परम पवित्र सरयू नदी में स्नान के साथ अपने विष्णु लोक में प्रवेश करना या उनकी संक्षेप में महा गाथा है

जो लंका शिव रावणहिं हर्ष सहित अति दीन्ह ।
सो लंका विभीषणहिं सकुच सहित प्रभु दीन्ह।

जे न मित्र दुख होहिं दुखारी ;
 तिनहीं विलोकित पातक भारी।

श्री रामनवमी और श्री राम की कथा 

श्री राम तीनों लोकों में परम पूज्य हैं और उनकी यश गाथा दुनिया की सभी भाषाओं में है भारत की हर भाषाओं में तो राम कथा है ही जिसमें वाल्मीकि माघ और भाष कंबन कृतवास गोस्वामी तुलसीदास केशव  जैसे अनगिनत महाकवि विश्व कवि हैं वही इंडोनेशिया थाईलैंड अंग्रेजी फ्रांसीसी रूसी जर्मन अरबी और उर्दू सहित दुनिया की हर भाषाओं में भगवान श्री राम की कथा थोड़े से अंतर के साथ विद्यमान है जिसमें देशकाल परिस्थितियों का भी योग है लेकिन सबका आधार विश्व कवि ब्रह्म ऋषि वाल्मीकि की सात कांड वाली रामायण है जिसमें उन्होंने भगवान श्री राम के बारे में एक ही श्लोक में सब कुछ कह दिया है 

** समुद्रे इव गांभीर्ये स्थर्ये   
च हिमवान इव।
कालाग्नि समं क्रोधं क्षमया पृथ्वी सम।

इसके अलावा ब्रह्म ऋषि आदि कवि फिर से लिखते हैं-

** इक्ष्वाकु वंश प्रभवो
 रामै नाम जनै श्रुत:
नियतात्मा महावीर्यो द्युतिमान धृतिमान वशी।

वाल्मीकि ने अपने रामायण में श्री राम के चरित्र को गहराई से वर्णित किया है जिसमें हर जगह उनके ईश्वरत्व की स्पष्ट झलक मिलती हैं जबकि गोस्वामी जी के श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम के चरम उत्कर्ष हैं।

 अन्य प्रमुख बिंदु 

महापर्व रामनवमी विश्व भर में मनाई जाती है लेकिन फिर भी रामेश्वरम अयोध्या भद्राचलम सीतामढ़ी जनकपुरी वाराणसी में विशेष रूप से मनाई जाती है उसमें बहुत से लोग संपूर्ण दिन का उपवास करते हैं इसके लिए नियम है या तो आधी रात से लेकर आधी रात तक या फिर आधी रात से दोपहर तक उनका व्रत करना चाहिए। श्री रामनवमी को जगह-जगह अनेक बड़े-बड़े कार्यक्रम होते हैं लेकिन सबसे प्रमुख होता है श्री राम की भव्य शोभायात्रा जिसे झांकी भी कहते हैं जिसमें संपूर्ण रामायण के चरित्र और भगवान श्री राम को साकार किया जाता है यह शोभा यात्रा बहुत ही अद्भुत और अनुपम होती है ।

पूजा पाठ का विधान 

पूजा करने के लिए अधिकतर लोग श्री राम लक्ष्मण सीता जी और हनुमान की मूर्तियां चित्र के साथ पूजा पाठ करते हैं लेकिन बहुत से लोग उसमें भगवान श्री राम के संपूर्ण परिवार को सम्मिलित करते हैं दोनों विधान अपने जगह उत्तम है भगवान श्री राम की पूजा श्री राम नवमी के दिन चंदन अक्षत धूप दीप कुमकुम पुष्प और मिष्ठान तथा फल और अन्य सामग्री के साथ किया जाता है इस दिन सुंदर कांड राम रक्षा स्त्रोत या हनुमान चालीसा का पाठ समय और सामर्थ्य के अनुसार किया जाता है और पूजा के पश्चात आरती के बाद प्रसाद वितरण होता है बहुत से लोग भोजन कराते हैं उसके पश्चात दान भी देते हैं ।

रोग और बीमारियों में रामनवमी के दिन किए जाने वाले अचूक उपाय 

श्री राम नवमी के दिन कुछ विशेष चौपाई और मंत्र लक्ष्य प्राप्ति और रोग बीमारियों के लिए अचूक होते हैं असाध्य रोग बीमारियों को ठीक करने के लिए श्री हनुमान जी के मंदिर में पूर्ण श्रद्धा विश्वास के साथ भगवान श्री राम भगवती सीता मां का ध्यान करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। इसी तरह जिसके संतान न हो उसे नारियल लाल कपड़े में लपेटकर ओम नमः शिवाय महामंत्र 108 बार श्रद्धा विश्वास के साथ पढ़ना चाहिए। इसी प्रकार धन-धन ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए मुख्य द्वार पर गाय के घी या तिल के तेल के 11 दीपक जलाना चाहिए निश्चित रूप से मनोकामना पूरी होती है ।

वर्ष 2026 की रामनवमी 

इस वर्ष 2026 ई या विक्रम संवत 2083 में उदया तिथि के अनुसार श्री रामनवमी  27मार्घ को मनाया जाएगी श्री रामनवमी के दिन सुकर्मा योग रवि पुष्य योग सर्वार्थ सिद्धि योग शिववास योग जैसे बहुत महत्वपूर्ण महायोग मिल रहे है। इसका आरंभ कर्क लग्न में पुनर्वसु नक्षत्र चतुर्थ चरण में त्रेता युग में हुआ था जब भगवान श्री राम का बैकुंठ धाम से धरा पर अवतरण हुआ था ।श्री रामनवमी के दिन शुद्ध मन से विधि विधान से पूजा पाठ करने या केवल श्री राम नाम जपने से ही सुख शांति समृद्धि स्वास्थ्य ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है *राम से बड़ा राम का नाम* संसार में प्रसिद्ध है और रामबाण अचूक माना ही जाता है!

उपसंहार 

भारत के अनेक महान पर्व और त्योहार और मांगलिक कार्य सीधे-सीधे श्री राम से जुड़े हैं चैत्र मास की बासंतिक नवरात्रि भगवान श्री राम के जन्म से जुड़ी है जबकि आश्विन में भगवान श्री राम का नाम श्रीलंका पर परम अत्याचारी दुराचारी अहंकारी रावण के वध के कारण जुड़ा हुआ है। श्री राम की शक्ति पूजा तो जगत विख्यात है ही उनकी भगवान शिव के प्रति अचल भक्ति भी एक उदाहरण है भगवान श्री राम भगवान शिव की तरह भक्तों को सहज ही प्राप्त हैं और सब का उद्धार करने वाले हैं 
**निर्मल मन जो सो मोहि पावा। 
मोहि कपट छलछिद्र न भावा।

एक तथ्य यह भी है कि वर्ष 2026 में श्री रामनवमी 27 मार्च को 2027 में 15 अप्रैल को और 2028 में 4 अप्रैल को क्रमशः शुक्र बृहस्पति और मंगलवार को पड़ेगी ‌ आता है इस वर्ष 2026 में श्री रामनवमी 27 मार्च को मनाई जाएगी।
उपसंहार 

इस प्रकार भगवान श्री राम का चरित्र उनके जन्म के समान ही अनंत कोटी विश्व में व्याप्त है जो कालजयी है अपने मातृभूमि और मां के प्रति उनका अनन्य प्रेम सबके लिए अनुकरणीय है 

अपि च स्वर्णमयी लंका लक्ष्मण मे न रोचते 
जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी।

जन्मभूमि मम परम सुहावन। उत्तर दिशि सरयू बह पावन। यद्यपि सब बैकुंठ बखाना ‌
वेद पुराण विदित जग जाना ।अवधपुरी सम प्रिय नहीं सोऊ। यह प्रसंग जानत कोउ कोऊ।

शिवद्रोही मम दास कहावा सो नर सपनेहु मोहिं न भावा।

भगवान श्री राम समस्त विश्व में रमते हैं और सब का कल्याण करते हैं जो उनके नाम में ही छिपा है जग में सुंदर हैं दो नाम चाहे कृष्ण कहो या राम।

भगवान श्री राम का जीवन चरित्र और उनका कृतित्व इतना व्यापक विराट और अनंत है की जिसका कोई और ओर छोर नहीं है मानव जाति में संपूर्ण सृष्टि में आज तक उनसे महान कोई भी उत्पन्न नहीं हुआ अंत में हम परम पवित्र श्री रामनवमी के अवसर पर केवल इतना ही कहेंगे -

जग में अब तक जो भी आये भगवान राम सर्वोत्तम हैं,
 उनका प्यारा न्यारा जीवन आदर्श और अति उत्तम है 
आओ हम सब मिलकर  भगवान राम का स्मरण करें 
उनके जीवन को अपना कर हम मानवता को धन्य करें।

खाड़ी युद्ध और अमेरिका क्या सचमुच विश्व युद्ध होगा -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

 खाड़ी युद्ध और अमेरिका क्या सचमुच विश्व युद्ध होगा -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 

लगातार 28 दिन से ईरान पर अमेरिका और इजरायल का भीषण आक्रमण और ईरान के द्वारा भयानक प्रत्यक्रमण जारी है इस भीषण महायुद्ध ने सारी दुनिया को अब बहुत गहराई से प्रभावित करना प्रारंभ कर दिया है तेल के इस खेल में तेल गैस पेट्रोलियम का अभाव लगातार पूरी दुनिया में बढ़ रहा है विशेष कर खाड़ी देशों पर निर्भर भारत चीन जापान और एशिया के सभी देशों में डीजल पेट्रोल गैस और इससे संबंधित वस्तुओं की कीमत बढ़ने से हर जगह महंगाई बढ़ती चली जा रही है मोदी जी और पुतिन ने तो इसे कोरोना काल की कोविद जैसी स्थिति करार दिया है तो क्या सचमुच कोई विश्व युद्ध परमाणु नाभिकीय जैव रासायनिक युद्ध होने वाला है और क्या भारत सहित दुनिया को सचमुच बहुत गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है इसका निष्पक्ष तथ्य परक विवेचन आवश्यक है।


ईरान जिसका प्राचीन नाम भारत फारस है और अंग्रेजी में से परसिया कहते हैं वह तीन और से जमीन से और एक तरफ समुद्र से घिरा है जिसको ईरान की खाड़ी ‌ ‌या फारस की खाड़ी कहते हैं ‌ यह दुनिया का सबसे प्राचीन स्थल और पुरानी सभ्यता में सा रहा है और भारत पर सबसे अधिक आक्रमण इसी देश ने किए हैं उसी के दिखाएं रास्ते पर बाद में सिकंदर तुर्क मुसलमान अंग्रेज लोग भारत को जीतते चले आए हैं।

दूसरी तब दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश संयुक्त राज्य अमेरिका है जो संसार का चौथा सबसे बड़ा देश है उसका साथ संसार का सबसे विकसित शक्तिशाली साहसी और देशभक्त ‌ देश इजराइल दे रहा है जो 58 मुस्लिम देशों से गिरा हुआ है और जिसकी कहानियां सारे विश्व के लिए उदाहरण बन गई है । इजरायल की जनसंख्या लगभग एक करोड़ ईरान की जनसंख्या लगभग 10 करोड़ और संयुक्त राज्य अमेरिका की जनसंख्या लगभग 35 करोड़ है ‌ अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी सैनिक शक्ति है इजराइल चौथी और ईरान ‌ दसवीं बड़ी सैन्य शक्ति है इजरायल की सेवा में लगभग 2 लाख जबकि ईरान की सेवा में छह लाख और संयुक्त राज्य अमेरिका की सेवा में 12 से 15 लाख सैनिक है ‌ अमेरिका जल थल नभ तीनों में सर्वश्रेष्ठ है जबकि जमीन के युद्ध और ‌ लड़ाकू विमान के युद्ध में और गुप्तचर तंत्र में इजराइल का कोई जोड़ नहीं है जबकि प्रक्षेपास्त्र और द्रोण युद्ध में ईरान इस समय दुनिया में सबसे आगे हैं 

संयुक्त राज्य अमेरिका और इसराइल दोनों परमाणु शक्ति हैं जबकि ईरान अभी इसके नजदीक पहुंचने वाला है कई बार इसके परमाणु बम कार्यक्रम को इजरायल द्वारा नष्ट कर दिया गया भारत की सहायता से इसराइल पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम भी नष्ट करना चाहता था ‌ लेकिन भारतीय सरकार डर के कारण पीछे हट गई ईराने कैसी जगह पर स्थित है जहां अमेरिका को छोड़कर वह संपूर्ण दुनिया को परमाणु और प्रक्षेपास्त्र तथा ड्रोन तकनीक से ब्लैकमेल कर सकता है और पूरे संसार के लिए खतरे की घंटी है दुनिया का 90% आतंकवाद और आतंकवादी ईरान से ही पलीत और पोषित है जिसमें हूती हिजबुल्ला जैसे संगठन सम्मिलित हैं ‌ इस बात पर विशेष ध्यान देना है कि दुनिया में सबसे अधिक आतंकवाद भारत झेल रहा है।

दुनिया में उसी का इतिहास है जो शक्तिशाली रहा है खूंखार रहा है जिसे दुनिया की सभ्यताओं को नष्ट किया है चाहे वह सिकंदर रहे हो चंगेज खान गजनी गोरी हिटलर नेपोलियन स्टालिन मुसोलिनी औरंगजेब अकबर या खलीफा सबने शक्तिशाली होकर दुनिया को नष्ट और बर्बाद किया और दुनिया पर राज किया आज यही काम अमेरिका ढाई सौ वर्ष से कर रहा है और दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति बना हुआ है। यही काम करके चीन और रूस भी आगे बढ़ना चाहते हैं यही काम कभी इराक ने किया था जिसे नष्ट कर दिया गया 

ईरान और अमेरिका तथा इजराइल में 28 दिनों के युद्ध में दोनों पक्षों की भीषण हानि हुई है और इजरायल ने अप्रत्याशित रूप से मिसाइल और द्रोण का प्रयोग करके अमेरिका और इसराइल को गहरा झटका दिया है लेकिन तुलनात्मक रूप से ईरान का काफी भाग खंडहर हो चुका है और वहां के समाचार पूरी तरह बाहर नहीं आ रहे हैं अमेरिका और इजरायल ने उसके लगभग सभी उच्च स्तर के अधिकारी और प्रशासक तथा सेनानायके को मार गिराया है इसलिए एक प्रकार से ईरान अंतिम लड़ाई लड़ रहा है जो दीपक के लौ की तरह अंतिम चरण में है ‌ या तो ईरान समर्पण कर देगा या फिर ईरान का नेतृत्व अमेरिका के किसी पिट्ठू के हाथ में चला जाएगा यह निश्चित है।

इस भीषण युद्ध के विश्व युद्ध में बदलने की कितनी संभावना है हमने दो महीने पहले भी ज्योतिष और पंचांग का आकलन करके कहा था कि यह युद्ध भीषण तो होगा लेकिन इसके विश्व युद्ध में बदलने की बहुत अधिक आशा नहीं है परमाणु जैव नाभिकीय अस्त्र-शस्त्र प्रयोग की भी आशा कम ही है लेकिन इसकी संभावना बनी हुई है। ऐसा माना जाता है कि लाख दावे के बाद भी ईरान का अधिकतर ड्रोन और मिसाइल खत्म हो चुका है और उसकी सैन्य शक्ति हवाई सेवा और जल सेवा बहुत कमजोर हो चुकी हैं ऐसे में वह निर्णायक हमले को कितने दिन झेल सकेगा यह देखा जाना ‌ बहुत ही रोमांचक होगा 

ऐसा प्रतीत नहीं होता और ना ऐसा कोई कारण है जिससे सीधे-सीधे ईरान के पक्ष में कोई देश खड़ा दिखे चीन और रूस सीधे-सीधे कभी भी ईरान का साथ नहीं देंगे भले ही अंदर-अंदर वे अपने अस्त्र-शास्त्र बेचकर स्वयं को मजबूत बना रहे हैं 58 मुस्लिम देशों में भी ऐसा कोई नहीं दिख रहा जो ईरान का साथ देगा चोरी छुपे आर्थिक मदद दे सकते हैं सबसे खूंखार और धर्मांध देश तुर्की और पाकिस्तान हैं लेकिन यह भी सीधे-सीधे ईरान का साथ नहीं देंगे क्योंकि यदि ईरान इस युद्ध को जीत जाता है जो संभव है तो ईरान उनके लिए भी कॉल बन जाएगा ‌ क्योंकि ईरान का इतिहास बहुत ही गंदा रहा है और दूसरे ईरान पूरे दुनिया को शिया मुस्लिम धरती में बदलने का सपना देख रहा है जो सुनी लोगों को कदापि बर्दाश्त नहीं हो सकता है ‌ बची खुची आशा ईरान ने दो दर्जन देशों पर आक्रमण करके समाप्त कर दी है‌।

दूरी इस तरफ अमेरिका है और आश्चर्यजनक रूप से इस बार यूरोप के देश और नाटो संगठन और अमेरिका का मित्र देश प्रत्यक्ष रूप में अमेरिका और इजरायल के साथ इस युद्ध में सम्मिलित नहीं हुआ है बल्कि फ्रांस और इंग्लैंड ने तो खुले रूप में इसे अस्वीकार कर दिया है जिससे ट्रंप बहुत क्रोधित हो चुके हैं यह यूरोप और नाटो के लिए खतरे की घंटी है क्योंकि यूक्रेन को जीत लेने के बाद रूस महाशक्ति बनने के लिए सीधे-सीधे यूरोप की तरफ बढ़ेगा तब यह देश बिल्कुल विवश हो जाएंगे इसलिए आज नहीं तो कल नाटो यूरोप के देश और अमेरिका के मित्र देश अमेरिका के साथ खड़े होंगे लेकिन लगता है कि इसकी नौबत ही नहीं आएगी। 


सबसे बड़ा खतरनाक काम ईरान ने हॉरमुज जलडमरूमध्य को बंद करके उठाया है जो पूरे विश्व के लिए खतरे की घंटी है और ऐसा करना ईरान के लिए अंतरराष्ट्रीय शर्तों का खुले आम उल्लंघन है ऐसा करके वह अपना अधिकार संयुक्त राष्ट्र संघ और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के लिए खो चुका है‌ इससे धीरे-धीरे विश्व के देश और विश्व जनमत ईरान के विरुद्ध होता जा रहा है और ऐसी स्थिति में अमेरिका का साथ देने के लिए देश बाध्य होंगे। दुनिया का 20% खनिज तेल यहां से होकर जाता है यदि स्थिति ऐसी रही तो गैस और तेल आयात करने वाले देश वैकल्पिक ऊर्जा की खोज करेंगे और अन्य देशों पर निर्भर होंगे जैसे कि भारत ने किया है तब फिर यह खनिज तेल अरब देशों के लिए वरदान की जगह अभिशाप हो जाएगा 

अमेरिका और इजरायल ने यह कदम बहुत सोच समझ कर उठाया है और जहां ईरान में 3000 से अधिक सैनिक और लोग मारे गए हैं वहीं अमेरिका और इजराइल में कुल मिलाकर 50 लोग भी नहीं मारे गए हैं यह सीधे-सीधे एक दर्पण है जिसको देखकर ईरान और उसके पक्ष में बोलने वाले लोगों को सावधान होना चाहिए वैसे भी ईरान में हताहतों की संख्या बहुत अधिक है‌ और इसराइल इस स्थिति में है कि जब भी चाहेगा वह ईरान के किसी भी नेता को मार गिराएगा यदि इसराइल और अमेरिका ने ऐसा नहीं किया तो मध्य पूर्व में उनका नियंत्रण समाप्त हो जाएगा और अमेरिका का स्थान ईरान ले लेगा और चीन तथा रूस उसके साथ होंगे और शक्ति संतुलन बिगड़ जाएगा। ऐसा होना इजरायल के संपूर्ण अस्तित्व के लिए खतरे की घंटी होगा इजरायल भारत नहीं है कि शत्रु को आगे बढ़ते हुए अपना विनाश देखता रहेगा। 

इजराइल 1948 में स्थापित हुआ और तब से वह लगातार अपना विस्तार करता चला जा रहा है आज वह अपने क्षेत्रफल का 5 से 10 गुना विस्तार कर चुका है और आने वाले भविष्य में वह लेबनान और आसपास के देशों को जीतकर एक बेहतर इसराइल बनाने की योजना पर जुटा हुआ है अभी तक उसने लेबनान का 15% भूभाग अपने अधिकार में कर लिया है यदि इसराइल ऐसा नहीं करेगा तो ईरान या फिर अन्य कोई अरब का देश उसका अस्तित्व समाप्त कर देगा इजराइल का बड़ा होना आवश्यक भी है क्योंकि यदि कोई मुस्लिम देश परमाणु बम बना लेता है तो छोटे से इसराइल में भीषण नुकसान करना उसके लिए आसान हो जाएगा 

खेल और युद्ध तथा रणनीति कितना ही बाहर बैठकर बनाया जाए लेकिन इसके प्रारंभ होने के बाद स्थितियां पूरी तरह से बदल जाती हैं इसराइल और अमेरिका ने 15 दिन में ईरान का खत्म करके समर्पण करने की योजना बनाई थी जो सफल नहीं हुई इसका कारण केवल ईरान की मिसाइल और ड्रोन टेक्नोलॉजी और पहाड़ों के नीचे भूमिगत सुरंगों में रखे गए उसके हथियार थे अमेरिका और इजरायल ने यदि शक्तिशाली जमीनी अभियान अर्थात ग्राउंड ऑपरेशन शुरू किया होता तो अब तक ईरान घुटने टेक चुका होता और एक समय के बाद इन देशों को विवश होकर ग्राउंड ऑपरेशन करना होगा तब ईरान अपने आप ढह जाएगा इस ग्राउंड ऑपरेशन में बहुत भयानक और भीषण खतरे होंगे लेकिन बिना ऐसा किया अमेरिका और इसराइल निर्णायक विजय प्राप्त नहीं करेंगे।

ईरान और इजरायल ने अपने क्रॉस एजेंट से धोखा खाया ज्यादातर मुस्लिम देशों ने अमेरिका की भर्ती दिखाते हुए भी चोरी छिपे ईरान की मदद की और ईरान के सैन्य ठिकानों और उनकी सेवा की ठीक-ठाक स्थिति गुप्त रूप से ईरान तक पहुंचाई जिससे 15 देश में ईरान ने अमेरिका के सैनिकों और अमेरिकी सैनिकों को भयंकर नुकसान पहुंचा अमेरिका और इसराइल इस स्थिति के लिए तैयार नहीं थे इसलिए उनका भीषण नुकसान भी हुआ इसके अलावा अरब देशों ने अप्रत्याशित रूप से इस सैनिक कार्यवाही में अमेरिका से अलग रहकर ईरान का काम आसान कर दिया यह अमेरिका भूल गया कि एक मुस्लिम कभी भी दूसरे मुस्लिम के विरुद्ध और गैर मुसलमान का साथ नहीं देगा अब यह भूल अमेरिका और इसराइल सुधार रहे हैं 

युद्ध के इस चरण में अमेरिका और इजरायल ने अपनी गलतियों को सुधारते हुए ईरान की द्रोण और मिसाइल टेक्नोलॉजी को डिकोड कर लिया है और अपने लोहे की दीवार अर्थात आयरन डोम को सुधार कर उसे शक्तिशाली बनाया है और भविष्य में उसे क्या करना है इसका भी खड़ा अर्थात रोड मैप तैयार कर लिया है ऐसा प्रतीत होता है कि अप्रैल के प्रथम सप्ताह या 15 अप्रैल के आसपास तक यह लड़ाई अत्यंत भयंकर होकर ईरान की हार के साथ समाप्त हो जाएगी। 

आने वाले समय में रौद्र नामक संवत्सर और मंगल के मंत्री और बृहस्पति के राजा होने का प्रभाव भारत सहित पूरे विश्व की राजनीति पर पड़ेगा और रूस चीन अमेरिका आपसी मिली मर और नूरा कुश्ती के तहत कनाडा ग्रीनलैंड ऑस्ट्रेलिया और अरब देशों में अपना आधिपत्य जमा सकते हैं ‌ सबसे कठिन और जटिल स्थिति भारत की है जहां अप्रैल से बहुत ही भयानक स्थितियां आर्थिक मंदी और भीषण महंगाई उत्पन्न होगी कोरोना कल के कोविद जैसी तो नहीं लेकिन उससे मिलती-जुलती स्थिति भारत सहित दुनिया के कई देशों में उत्पन्न हो सकती है भारत को अत्यधिक सावधान रहना पड़ेगा अन्यथा यह युद्ध समाप्त होने के बाद उसके ऊपर चीन पाकिस्तान का गहरा दबाव पड़ सकता है और अमेरिका पूरी तरह भारत के विरुद्ध हो चुका है
[3/27, 11:00 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: इस युद्ध में एक और अप्रत्याशित स्थिति उत्पन्न हुई जिसके लिए और अमेरिका और इसराइल तैयार नहीं थे अमेरिका का यह मानना था कि वह भारत की तरह अपने एजेंट भेज कर वहां पर विद्रोह करके तहत पलट कर देगा लेकिन ऐसा नहीं हो पाया ‌ ईरान में भीषण आंतरिक नरसंहार के द्वारा इस विद्रोह को कुचल दिया गया इसके अलावा ईरान को थोड़ा हल्के में लेना भी इसराइल और अमेरिका को भारी पड़ा इस युद्ध का वास्तविक असर युद्ध समाप्त होने के बाद पड़ेगा अमेरिका और इजरायल की अर्थव्यवस्था में तीन प्रतिशत की गिरावट आई है जबकि ईरान में यह बहुत भयानक है वहां का कोई भी समाचार बाहर निकाल कर नहीं आ पा रहा है ‌ होती और हिजबुल्ला जैसे परोक्षसी संगठनों ने ईरान का काम आसान किया हुआ है क्योंकि इसराइल पूरी शक्ति से ईरान से नहीं लड़ पा रहा है उधर चीन और रूस भी अपना अपना हित साधने में जुटे हुए हैं इस युद्ध में भारत को कोई भी पूछ नहीं रहा है 

एक बड़ी आश्चर्यजनक स्थिति और है कि प्रक्षेपास्त्र मिसाइल के सबसे बड़े भंडार करने वाले किम उन जंग का शांत बैठा रहना उनके ईरान की तरफ सम्मिलित होने पर युद्ध की दशा और दिशा बदल जाती लेकिन उनका मौन रहना भी इस युद्ध को गहराई से प्रभावित कर रहा है इसके अतिरिक्त अमेरिका में कुछ राजनेताओं और बड़े अधिकारियों का त्यागपत्र भी अमेरिका के लिए चिंता का कारण बना है‌ धीरे-धीरे ईरान विकट परिस्थितियों में फंस रहा है और अप्रैल के 10 दिन इस युद्ध के निर्णायक सिद्ध होंगे ‌ इसी समय यह युद्ध बहुत ही भयानक हो जाएगा और ईरान को ग्राउंड ऑपरेशन में भीषण हर मिलेगी और खड़ग द्वीपों पर अमेरिका के अधिकार के साथ ही इसराइल के परास्त होने और हमेशा के लिए हार्मुज ‌ जल डमरू मध्य से उसका नियंत्रण समाप्त होने की पूरी पूरी संभावना दिख रही है‌ इसके बाद वह भी इराक पाकिस्तान और लीबिया की तरह एक साधारण देश बनकर रह जाएगा इन सभी घटनाओं से भारत को देश में छिपे हुए देशद्रोही गद्दारों से सावधान रहने की आवश्यकता है‌ इस युद्ध ने यह भी सिद्ध कर दिया है कि किसी अनुशासित और देशभक्त देश को जीतकर बर्बाद करना इतना आसान नहीं होता है जितना सोचा जाता है‌ और यह भी दिखाया है कि रूस चीन अमेरिका और यूरोप के देश अपने को जितना शक्तिशाली दिखाते हैं उसका वह टुकड़े के बराबर नहीं है। यह बात फिर से बता देना चाहता हूं कि दुनिया ठीक हो वैसे ही चल रही है जैसे कि अमेरिका चला रहा है जब उसके पास हथियारों का कचरा और पुराने हथियार हो जाते हैं तब वह उन सभी कूड़ा कचरा हथियारों को लड़ाई में झोंक कर अपने को पूरा कचरा मुक्त कर लेता है और अपनी शक्ति में वृद्धि करता रहता है।

जब सारा सरकारी तंत्र खुद प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री और अधिकारी चिल्ला चिल्ला कर कह रहे हैं कि देश में डीजल पेट्रोल गैस या किसी भी चीज की कमी नहीं है तो जनता इतनी घबराई क्यों हुई

जब सारा सरकारी तंत्र खुद प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री और अधिकारी चिल्ला चिल्ला कर कह रहे हैं कि देश में डीजल पेट्रोल गैस या किसी भी चीज की कमी नहीं है तो जनता इतनी घबराई क्यों हुई है 

इसका कारण मोदी द्वारा लगाया गया लॉकडाउन है जब सरकार ने ऐसे ही व्यर्थ में अनर्गल प्रलब्ध करते हुए सबको आश्वासन दिया और पूरे देश ने इतनी बुरी स्थिति झोली जिसका कोई हाल बेहाल नहीं था 

उसे समय योगी जी को छोड़कर सारा तंत्र सारे नेता अधिकारी कर्मचारी गायब हो चुके थे और लोगों ने परिवार के साथ आईसीसी दुर्दशा जिला जिसका कोई अंत नहीं है हजारों किलोमीटर लोगों को पैदल चलना पड़ा हजारों लोग रास्ते में मर गए कितने तो भूख प्यास के कारण मर गए सहायता के नाम पर कहीं किसी को कुछ नहीं मिला 

कोरोना कल में सरकार और उसके तंत्र तथा उससे मिले हुए लोगों ने इतनी कमाई किया कि आज भी वह मालामाल है 

सीधे-सीधे मेरा मानना है कि मोदी जी और उसके तंत्र की बातों पर अब किसी को एक पैसे का विश्वास नहीं रह गया है इसलिए हर जगह लोगों की भीड़ और लाइन लगी हुई है और ऐसा होना स्वाभाविक भी है देश में कभी भी कभी भी अप्रत्याशित स्थिति हो सकती है और लॉकडाउन लग सकता है 

इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि सारे अधिकारी कर्मचारी सांसद विधायक मंत्री खुद अपना घर महीना के लिए भर रहे हैं किसी के घर जाकर देख सकते हैं 

और यही वजह है कि पूरे देश में भगदड़ का वातावरण है 

यदि आपको याद है तो योगी जी को छोड़कर कोई भी ऐसा नेता बता दो जो लॉकडाउन की अवधि में किसी को दिखाई पड़ा हो

आज ही अर्थात 26 मार्च बृहस्पतिवार के दिन ही क्यों अष्टमी और नवमी तिथि है -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक

आज ही अर्थात 26 मार्च बृहस्पतिवार के दिन ही क्यों अष्टमी और नवमी तिथि है -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक 

सनातन धर्म को समझना सबके बस की बात नहीं है यह पूर्ण वैज्ञानिक ढंग है जिसकी प्रामाणिकता और सत्यता के आगे सुपर कंप्यूटर और आधुनिक क्वांटम साइंस भी फेल है इसीलिए इसमें बड़े-बड़े धर्म के आचार्य ज्योतिषी और विद्वान किसी चीज का अंतिम रूप से निर्धारण करते हैं और इसका निर्धारण देश काल परिस्थिति वातावरण शुभ मुहूर्त लगन और पंचांग के पांचो अंगों का अध्ययन करके किया जाता है ।


आज अष्टमी की तिथि अर्थात माता महागौरी के समय का कल 11:45 पर समाप्त हो जाएगा इसलिए अष्टमी की पूजा शुभ मुहूर्त के अनुसार सुबह 6:16 से सुबह 7:48 के बीच में है समय के साथ लगन और शुभ मुहूर्त भी देखा जाता है इसके अलावा अशुभ मुहूर्त राहुकाल और तमाम योग भी देखे जाते हैं ।


धर्म और विज्ञान तथा ज्योतिष तीनों के अनुसार आज 11:49 दोपहर से महानवमी की तिथि लग रही है जो कल 10:05 से 10:06 के बीच सुबह समाप्त हो जाएगी ऐसे में वह दिया तिथि का कोई भी महत्व नहीं है जैसा कि कुछ मुर्ख लोग और कंप्यूटर और इंटरनेट पढ़कर तमाम लोग उदया तिथि कह कर चिल्ला रहे हैं जबकि ऐसा कुछ नहीं है एक दिन में 24 घंटे होते हैं और 24 घंटे में 4 घंटे किसी तिथि के रहने का कोई अर्थ नहीं होता है जबकि 20 घंटे पहले ही बीत जा चुके हैं और कल 10:00 बजे सुबह तक कोई विशेष शुभ मुहूर्त भी नहीं मिल रहा है ।

बहुत सी महिलाएं और टीवी और अखबार पढ़ कर तथा मोबाइल देखकर खुद को विद्वान बनाने वाले मूर्ख लोग उदय तिथि चिल्ला रहे हैं जबकि इन लोगों को 100 में 100 मालूम ही नहीं क्यों दया तिथि क्या है यदि इसे पूछा जाए कि राहुकाल क्या है तो बात नहीं पाएंगे जिस तरह तोता जीवन भर राम राम कहता है लेकिन उसकी मुक्ति नहीं होती और जिस तरह गंगा के पवित्र जल में अनगिनत मछली घड़ियाल मगरमच्छ और जीव जंतु रहते हैं लेकिन दिन-रात गंगा स्नान करके भी उनको मुक्ति नहीं मिलती क्योंकि उन्हें उसे चीज का महत्व ही नहीं पता है यदि किसी को तराशा हुआ हीरा और कच दे दिया जाए तो उसको समझ में ही नहीं आएगा कि एक हीरे का मूल्य इस वजन के कांच के मूल्य से अर्बन गुना अधिक है ।

ऊपर से मीडिया सोशल मीडिया इंटरनेट और टेलीविजन पर दुनिया भर की ज्ञान विज्ञान की चीज परोसकर सबको भ्रमित कर दिया गया है जबकि सारे इंटरनेट और पंचांग में नीचे लिखा रहता है कि इस कार्य को करने के पहले केवल हमारे ऊपर निर्भर ना रहे बल्कि विद्वान ज्योतिषी से संपर्क करें इसके बाद भी यदि लोगों को नहीं दिखाई पड़ता तो कोई क्या किया जाए ।


इन मूर्ख लोगों से पूछा जाए की करवा चौथ और श्री कृष्ण जन्माष्टमी जैसे महान पर्व क्या उदया तिथि से मनाया जाते हैं‌ इसीलिए हर काम सबको नहीं करना चाहिए जिस तरह आज आरक्षण से बड़े-बड़े डॉक्टर इंजीनियर जज कलेक्टर अर्थ का अनर्थ कर रहे हैं वही हाल सबका हो रहा है और झोलाछाप डॉक्टर भी किताब पढ़ कर बड़े-बड़े ऑपरेशन कर दे रहे हैं और जबरदस्ती यमराज को बुला ले रहे हैं। 

इस संदर्भ में एक बात और बताना चाहते हैं वाल्मीकि रामायण और समस्त धर्म ग्रंथो के अनुसार भगवान श्री राम का जन्म चैत्र मास की परम पवित्र नवमी तिथि को अभिजीत मुहूर्त में हुआ था जिसका समय 12:27 दोपहर है ऐसे में 27 को महानवमी और श्री राम की पूजा करने वाले लोग यह पूजा कैसे कर सकेंगे जबकि 10:00 बजे ही नवमी की तिथि समाप्त हो जा रही है। 

थोड़े में इतना ही कहूंगा कि विदेशी सुपर कंप्यूटर और विदेशी ढांचे पर आधारित मोबाइल इंटरनेट टेलीविजन समाचार पत्र सनातन धर्म के बच्चे खुशी अंश को भी नष्ट बर्बाद कर रहे हैं और यही वजह है कि हमारे धार्मिक ग्रंथ रामायण महाभारत वेद पुराण असल में लिखा कुछ गया है और उसको  दिखाया कुछ जाता है इसलिए विद्वान लोगों को यह चाहिए की सोच समझ कर ही कोई काम करें और जो रास्ता हमारे विद्वान धर्मगुरु ज्योतिषी और सच्चे वैज्ञानिक बताते हैं उसका पालन करें ।


एक और उदाहरण देना चाहता हूं कि अभी होलाष्टक में लाखों विवाह संपन्न हुए लाखों लोगों ने मकान दुकान खरीदे वाहन खरीदे उनका क्या हाल होगा अगले साल आप खुद देख लेना जबकि होलाष्टक में समस्त शुभ और पवित्र चीज पूरी तरह वर्जित हैं वहां किसी को उदया तिथि अस्थि तिथि का ज्ञान नहीं हुआ इसी तरह विवाह में पूरी तरह से अंग्रेजी वेशभूषा पहन कर लोग अश्लील गंदे गाने गाते हुए शराब पीकर राजा रानी बनाकर सिंहासन पर बैठ जाते हैं यह सब किस धर्म ग्रंथ में लिखा है यदि पूछा जाए तो इन सब की नानी मर जाती हैं आप बताओ जब अंग्रेजी भाषा में पूजा पाठ करोगे तो उसका कौन सा फल मिलेगा यदि आप साइकिल की चाबी को कर की चाबी में लगाओगे या रेडियो का रिमोट टेलीविजन में डालोगे तो क्या वह चलेगा क्या किसी जानवर से या पक्षी से स्त्री या पुरुष विवाह कर ले तो उस वंश की उत्पत्ति होगी मूर्ख लोगों को मूर्ख की बात समझाना ही उचित है ।


बाकी यह कलयुग है तो कलयुग का प्रभाव पादना निश्चित है परम पूजनीय तुलसीदास जी पहले ही कह गए कि आजकल रास्ता वही है जो सबको पसंद में आता है पंडित वही है जो गाल बजाता है सच्ची पतिव्रता नारियां या तो गहनों से हीन या तो नाममात्र के गहने पहने होती हैं वही वेश्या प्रकृति की स्त्रियां गहनों से सर से पैर तक लड़ी हुई दिखाई देती हैं जिसके बड़े-बड़े नाखून बाल और दाढ़ी होती है वही महा पंडित कहा जाता है जो ज्यादा दिखावा करता है वह बड़ा कथावाचक संत महात्मा हो जाता है और अंत में बलात्कार करता हुआ जेल में जाता है जिसकी पत्नी मर जाए ‌ संपूर्ण संपत्ति नष्ट हो जाए वह विभिन्न पत्नियों ‌ औरतों को भोगने के लिए और औरतों से भोग करने के लिए सन्यासी बनाकर सारे कुकर्म करता हुआ भगवा वस्त्र और भारत के साधु संतों को बदनाम करता है ।‌ और रोज ऐसे ही समाचार पढ़ रहे हैं संत रामपाल आसाराम ज्योतिष तांत्रिक मुल्ला***** मौलवी फादर साब जेल जा रहे हैं

इसलिए विवश होकर यह लेख लिखना पड़ा और सारे लेख का अंत यही है कि 26 तारीख को 11:00 बजे के पहले महा अष्टमी समाप्त हो जाएगी और इसमें पूजा पाठ का समय 6:16 से 6:48 तक है यदि किसी कारण से यह पूरा ना हो तो इस समय के अंदर ही पूजा पाठ प्रारंभ कर देना चाहिए।

और महानवमी पर्व में हवन पूजन 11 बज कर 49 मिनट से 12: 57 के भीतर ही कर लेना चाहिए और 1:00 बजे के बाद तो हवन पूजन करने का कोई अर्थ ही नहीं रह जाएगा।


बाकी उदया तिथि वालों का हाल में बता दे रहा हूं जितने लोग उदय तिथि को लेकर 27 मार्च को महानवमी मनाएंगे उन सबके यहां अंबानी और अदाणी नौकर बनकर उनकी हाजिरी लगाने आ जाएंगे इन सब का नाम पता नोट करो और देखो उनके अगले साल गाड़ी बंगला हाथी घोड़े हवाई जहाज सब हो जाएंगे‌ जिस तरह होलाष्टक और बिना लग्न के विवाह और अन्य शुभ कार्य करने वाले आज बिल गेट्स और मार्क जुकरबर्ग बनकर घूम रहे हैं और अधातु के चक्कर लगाते हुए खुद को धन्य समझ रहे हैं -डॉ दिलीप कुमार सिंह

Tuesday, 24 March 2026

भगवान श्री राम (एक अद्भुत कविता) भगवान राम के जन्म दिवस के स्वागत के शुभ अवसर पर, शीतल मंद सुगंध पवन लेकर बसंत ऋतु आई है, कूक रही पेड़ों पर कोयल ध्वनि लगती शहनाई है ।नया वर्ष भी शुरू हुआ है महक उठी अमराई है ,

भगवान श्री राम (एक अद्भुत कविता) 
भगवान राम के जन्म दिवस के स्वागत के शुभ अवसर पर,

 शीतल मंद सुगंध पवन लेकर बसंत ऋतु आई है,

 कूक रही पेड़ों पर कोयल ध्वनि लगती शहनाई है ।

नया वर्ष भी शुरू हुआ है महक उठी अमराई है ,

सोने सी फसलें लहराती नई कोपलें छाई हैं ।

आंगन आंगन द्वार सजा है  चहुंदिश बंदनवार सजा है ,

मलय पवन के झोंकों ने धरती पर स्वर्ग रचाई है ,

श्री राम जन्म के पावन तन शुभ अवसर पर शीतल मंद सुगंध पवन लेकर वसंत ऋतु आई हैं।

 विश्वामित्र वशिष्ठ अयोध्या के जन हर्षित ,

माता पिता प्रजा सभी अतिशय हैं हर्षित ,

ऋषि मुनि सज्जन के सारे  दुख है  कर्षित ,
  दानव राक्षस भाग चले देते ना कहीं दिखाई हैं ।

श्री राम जन्म के पावन तम शुभ अवसर पर शीतल मंद सुगंध पवन लेकर वसंत ऋतु आई हैं ।

जग में अब तक जो भी आए भगवान राम सर्वोत्तम हैं ,

उनका प्यारा न्यारा जीवन आदर्श और अति उत्तम है।

 आओ हम सब मिलकर के श्रीराम नाम स्मरण करें ।
उनका जीवन अपना करके मानवता का कल्याण करें ।

भगवती सिया हनुमत लक्ष्मण सब रामचंद्र के अनुचर हैं,
सारी दुनिया का कण-कण ही श्री राम नाम का दर्पण है ,
दुख बीत गए  सुख आया है, सारी वसुधा बैकुंठ बनी ,अद्भुत प्यारी छवि पा करके,
 कोयल ने मीठी तान भरी ,
आकाश और पाताल सभी सुंदरतम बने दिखाई हैं ।

श्री राम जन्म के पावन तन शुभ अवसर पर शीतल मंद सुगंध पवन लेकर बसंत ऋतु आई हैं।

 

सभी को ‌ महानवमी और श्री राम जन्म दिन कीबधाई शुभकामनाएं अभिनंदन वंदन और नमन


 वर्ष 1987 में रचित कविता  प्रथम पुरस्कार प्राप्त     ‌ पूर्वांचल विश्वविद्यालय में

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नालसा नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के दिशा निर्देश पर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नालसा नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के दिशा निर्देश पर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर के तत्वावधान में जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार सिंह के नेतृत्व में आज एक विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का और आयोजन केराकत तहसील जौनपुर में आयोजित किया गया जिसका विषय बच्ची देवी प्रति उत्तर प्रदेश राज्य एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर के द्वारा किए गए कार्यों का विवरण सम्मिलित रहा 

इस अवसर पर सुशील कुमार सिंह सचिव ‌ सिविल जज सीनियर डिवीजन ‌ पवन गुप्ता सिविल जज जूनियर डिवीजन ‌ जज ग्राम न्यायालय ‌ डॉ दिलीप कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल जनपद न्यायालय जौनपुर ‌ अध्यक्ष तहसील अधिवक्ता संघ एवं महामंत्री ‌ वरिष्ठ अधिवक्ता दुर्गेश शर्मा तहसीलदार ‌ अजीत कुमार नायब तहसीलदार हुसैन अहमद मध्यस्थ ‌ पैनल लेयर ‌ अनिल सोनकर पी‌एलवी ‌‌ विद्वान अधिवक्ता गण और कर्मचारी गण बड़ी संख्या में वादकारीगण एवं प्राधिकरण के कर्मचारी सुनील कुमार मौर्य और राकेश कुमार यादव उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सिविल जा सीनियर डिवीजन सचिव सुशील कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार तहसील केराकत ग्राम न्यायालय के न्यायाधिकारी प्रमोद कुमार गुप्ता के द्वारा बच्ची देवी के मुकदमे में पारित न्यायपालिका के निर्णय को विस्तार से समझाते हुए कहा गया कि हर एक नागरिक को जब तक वह दोषी सिद्ध न हो जाए संविधान और न्याय के द्वारा प्रदत्त तथा संपूर्ण विधिक अधिकार सुनिश्चित करना राज्य सरकार और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है यदि कोई व्यक्ति जेल में निरुद्ध है ‌ और जमानत हो जाने पर जमानत दर्द प्रस्तुत नहीं कर पा रहा है तो इसकी सूचना जेल अधीक्षक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को देगा इसके पश्चात उसकी सामाजिक आर्थिक रिपोर्ट मंगा कर एक महीने का समय देखकर व्यक्तिगत बंध  पत्र पर जेल में बंद बंदी को छोड़ दिया जाएगा और उसे न्यायालय द्वारा दिए गए समय सीमा के अंदर अपने जमानत दर एवं कागजात प्रस्तुत करना होगा ।

विद्वान वक्ताओं ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का जीवन और उसकी स्वतंत्रता तथा अधिकार केवल विधि के द्वारा स्थापित सिद्धांतों के अतिरिक्त कम नहीं किया जा सकता है ‌ इस अवसर पर सचिव महोदय एवं डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल के द्वारा विधिक साक्षरता जागरूकता के बारे में बताते हुए मध्यस्थता ‌ लीगल एड डिफेंस सिस्टम पैनल लायर जेल विजिटर ‌ एवं फ्रंट ऑफिस तथा पैरेलल लीगल वालंटियर के बारे में संपूर्ण जानकारी देते हुए बताया गया की कोई भी पीड़ित प्रताड़ित महिला चाहे वह जिस वर्ग जाति धर्म की हो धनी हो या निधन हो प्राधिकरण की सेवाएं बिल्कुल मुफ्त में दी जाती हैं यदि पीड़ित और प्रताड़ित व्यक्ति अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ी जाति का है तो भी उसकी सारी सेवाएं निशुल्क दी जाती है इस अवसर पर लोक अदालत एवं स्थाई लोक अदालत एवं वैवाहिक फ्री लिटिगेशन के बारे में भी विस्तार से बताया गया। 

इस सेमिनार का आयोजन डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉ दिलीप कुमार सिंह के द्वारा किया गया और धन्यवाद तथा आभार अध्यक्ष एवं महामंत्री अधिवक्ता संघ तहसील केराकत के द्वारा दिया गया

Monday, 23 March 2026

तत्कालीन सपा जिला अध्यक्ष श्री वीरेंद्र गोयल और मुस्लिम महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष फ़रहत अली खान ईद के मुबारक मौके पर गले मिलकर मुबारकबाद देते हुए*।

 *तत्कालीन सपा जिला अध्यक्ष श्री वीरेंद्र गोयल और मुस्लिम महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष फ़रहत अली खान ईद के मुबारक मौके पर गले मिलकर मुबारकबाद देते हुए*।

[ *तत्कालीन सपा जिला अध्यक्ष श्री वीरेंद्र गोयल और मुस्लिम महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष फ़रहत अली खान ईद के मुबारक मौके पर गले मिलकर मुबारकबाद देते हुए*।

अखिल भारतीय मुस्लिम महासंघ गत पंद्रह वर्षों से रमज़ान और ईद के मुबारक मौके पर शजरकारी करके देश के मुसलमानों से अपील करता है कि हर खुशी के मौके को शजरकारी कर यादगार और खुशगवार बनाया जा सकता है।

Sunday, 22 March 2026

ग्रीन ईद स्वीट ईद ऐंड हैप्पी ईद कहते हुए मुस्लिम महासंघ ने किया वृक्ष रोपण*

*ग्रीन ईद स्वीट ईद ऐंड हैप्पी ईद कहते हुए मुस्लिम महासंघ ने किया वृक्ष रोपण* 
अखिल भारतीय मुस्लिम महासंघ गत पंद्रह वर्षों से रमज़ान और ईद के मुबारक मौके पर शजरकारी करके देश के मुसलमानों से अपील करता है कि हर खुशी के मौके को शजरकारी कर यादगार और खुशगवार बनाया जा सकता है।
नबी की हदीस के अगर सूरज सवा नेजे पर भी हो तो पेड़ लगाना जरूरी है।
यह सदका ए जारिया है। मुल्क की खुशहाली खूबसूरती खुशगवारी और स्वाब के लिए पेड़ लगाना बहुत जरूरी है।
ईद के मुबारक मौके ग्रीन ईद स्वीट ईद और हैप्पी ईद का पैग़ाम अजीमुद्दीन पार्क बजोड़ी टोला में अपने परिवार के साथ ग्यारह पेड़ जामुन अर्जुन नीम और सृजन के लगाए।
परिवार के साथ साथ बेटी राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मशीयत फातिमा मौजूद रहीं।

Friday, 20 March 2026

ज्योतिष और पंचांग के दर्पण में नए वर्ष की भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक

ज्योतिष और पंचांग के दर्पण में नए वर्ष की भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक 


नया भारतीय वर्ष विक्रम संवत 2083 प्रारंभ हो चुका है लगातार 49 वर्षों से देश दुनिया खेल राजनीति चुनाव मौसम सहित अनंत अंतरिक्ष और सृष्टि के बारे में हर वर्ष नए वर्ष पर हमारे केंद्र से संपूर्ण साल की भविष्यवाणी प्रकाशित होती रहती हैं जो ईश्वर की कृपा से 99%  सत्य होती हैं ज्योतिष पंचांग के दर्पण में आइए देखते हैं कि इस वर्ष सन 2083 विक्रम संवत और ई सन 2026 में संपूर्ण दुनिया और श्रेष्ठ में क्या कुछ होने वाला है इस लेख को प्रमाण के तौर पर भी आप सब सुरक्षित रखें ऐसी ऐसी घटनाएं होंगी इसके बारे में आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं क्योंकि यह भविष्यवाणी ज्योतिष और पंचांग के अलावा ग्रह नक्षत्रों की चाल गणित और विज्ञान तथा उपग्रह से प्राप्त आंकड़ों एवं संपूर्ण ज्ञान विज्ञान की प्राप्त सीमाओं  में ‌ अंतर्मन और अंतर ज्ञान एवं दिव्य शक्तियों द्वारा प्राप्त जानकारी के आधार पर और भारत की देसी कहावतें पर आधारित होता है।

इस वर्ष नया भारतीय वर्ष विक्रम संवत 2083 चैत्र माह के शुक्ल पक्ष के प्रथम दिन से परम पावन महान शक्ति पर्व नवरात्रि के साथ प्रारंभ हो रहा है अंग्रेजी इसाई वर्ष के अनुसार या 2026 वर्ष और 19 मार्च का दिन है‌ यह सुबह 6:52 पर बृहस्पति के राजा होने और मंगल के प्रधानमंत्री होने के साथ ही प्रारंभ हो रहा है ‌ इस वर्ष जेठ महीने में एक अधिक मास भी लगेगा इसके स्वामी स्वयं श्री हरि विष्णु होंगे ‌ और वर्ष 13 महीनों का होगा इसलिए अप्रैल से पड़ने वाले सभी पर्व त्यौहार शुभ और मांगलिक कम एक महीने आगे चले जाएंगे ‌ यह अधिक मास 17 में से प्रारंभ होकर 15 जून तक चलेगा 

यह भी ध्यान देने की बात है कि इस समय माता रानी पालकी अर्थात डोली पर सवार होकर आएंगे और हाथी पर चढ़कर विदा लेंगे ऐसा संजोग 89 वर्ष के बाद हो रहा है जब पुराने वर्ष में नया वर्ष प्रारंभ हो रहा है इस समय की अपने आकाशगंगा की कुंडली के अनुसार लग्न के भाव में ‌ मीन राशि में सूर्य चंद्रमा शुक्र और शनि चार ग्रह हैं बृहस्पति सुख भाव में मिथुन राशि में है‌ केतु षस्टम भाव में सिंह राशि में है ‌ जबकि राहु बुध और मंगल 12 में भाव में कुंभ राशि में है शेष दूसरे तीसरे पांचवें सातवें आठवें नवें दसवें और 11 वें भाव खाली हैं इस समय शनि और चंद्र तथा मंगल अस्त हो चुके हैं शुक्र उच्च स्थान पर है बुध वर्गोत्तम है शनि की महादशा में यह वर्ष प्रारंभ हो रहा है और मंगल भी उच्च भाव में है कालसर्प अनुपस्थित है जबकि मांगलिक योग के साथ नया वर्ष प्रारंभ हो रहा है जहां तक बड़े-बड़े राजयोग की बात है तो इस वर्ष के प्रारंभ होते समय नल राजयोग दंड राजयोग केसरी राजयोग और अनफा राजयोग मालव्य पंच महापुरुष राजयोग पाराशरी राजयोग वोशी एवं धन राज योग हैं।

किस प्रकार नए वर्ष का आरंभ होने से एक महीने पहले इन सभी प्रभावों का फल पढ़ना शुरू हो जाएगा जिसके कारण पश्चिम एशिया के मुस्लिम भूमि बहुत बड़े संघर्ष का केंद्र बनेगी और इसकी भीषण हानि तथा मुस्लिम देशों की भीषण राजनीतिक कूटनीतिक पराजयहोगी ‌ अप्रैल में प्रारंभ हुआ संघर्ष 15 मार्च के पहले समाप्त हो जाएगा जिसमें इसराइल और अमेरिका हानि के बावजूद विजेता बनकर उभरेंगे भारत का हर प्रकार से नुकसान होगा और विश्व नेता वाली छवि समाप्त हो जाएगी‌ और यहां पर महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार अपराध एवं अपराध लाल फीता शाही संवेदनहीनता चरम पर होगी जिसमें अक्टूबर के पहले कोई सुधार संभव नहीं है ।

दक्षिण अमेरिका अफ्रीका के अधिकांश देश ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में शांति बनी रहेगी बाकी सारी दुनिया महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार अपराध आतंकवाद नक्सलवाद अकाल और प्राकृतिक दुर्घटनाओं से परेशान रहेगी ‌ मार्च से में तक दुनिया के 5 बड़े देशों में सत्ता परिवर्तन और एक दर्जन बड़े राजनेताओं का हत्या या सत्ता परिवर्तन का योग है ‌ चीन और रूस तथा यूरोप का प्रभाव घटेगा जबकि इसराइल कोरिया ब्राज़ील ऑस्ट्रेलिया का प्रभाव बढ़ेगा मार्च महीना बहुत ही भयानक उथल-पुथल वर्षा चक्रवात बर्फबारी प्रचंड भूकंप ज्वालामुखी विस्फोट और सुनामी लहरों और अंतरिक्ष की दुर्घटनाओं वाला क्षेत्र बनेगा ।

आर्थिक रूप से दुनिया में मंदिर फैल जाएगी भारत में देश का व्यापक असर होगा वर्तमान शासन द्वारा किए जा रहे हैं प्रभाव निष्फल सिद्ध होंगे ग्रह नक्षत्र की चाल बताती है कि भारत के शीर्ष राज नेताओं का प्रभाव प्रधानमंत्री के साथ तेजी से नीचे जाएगा और भारत को आतंकवाद और युद्ध का सामना करना पड़ेगा जिसमें वह विजयी होगा‌ अरब देशों में फूट पड़ जाएगी अमेरिका की राजनीतिक कूटनीति सफल होगी नाटो देश कमजोर होंगे लेकिन यूक्रेन का युद्ध चलता रहेगा इसराइल के क्षेत्रफल सहित उसकी यश कीर्ति का विस्तार होगा एक बहुत बड़ा हमला इसराइल पर होगा जिसमें भयानक कहानी के बाद ईरान परमाणु जैव रासायनिक हथियारों का भयानक कदम उठा सकता है ।

‌ भारत के लिए यह वर्ष बहुत ही कठिनाई वाला है भ्रष्टाचार घूसखोरी रोकने वाली सरकारी खुद ही इसके दलदल में फंसी हुई दिखेंगे केंद्रीय नेतृत्व का साथ अचानक उनके अपने लोग छोड़ देंगे खुलेआम भ्रष्टाचार घूसखोरी फैल जाएगी और न्यायपालिका बहुत बुरी तरह से विफल सिद्ध होगी ‌ इसके द्वारा पारित अनेक विरोधी निर्णय और सनातन धर्म के खिलाफ के निर्णय संशोधित किए जाएंगे भारत को ना तो वीटो पावर मिल सकेगा ना संयुक्त राष्ट्र संघ में स्थाई सदस्यता मिलेगी ना तो हिंदी राष्ट्रभाषा और संयुक्त राष्ट्र संघ की भाषा होगी यह निश्चित है कि मोदी का प्रभाव बहुत भयंकर रूप से गिरेगा ‌ योगी जी सर्वमान्य वैश्विक नेता के रूप में वर्ष के अंत तक स्थापित हो जाएंगे। ‌ यहूदी मुस्लिम और इसी देश में बहुत भयानक युद्ध अचानक विश्वयुद्ध का रूप ले सकता है वैसे इसके संभावना कम है।‌ भारत में सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों का भयानक मिली मार और नूरा कुश्ती जनता के सामने आ जाएगी


फिलहाल पाकिस्तान के टूटकर खंड-खंड होने की कोई भी संभावना नहीं है बांग्लादेश भारत का सबसे बड़ा शत्रु होगा भारत करोड़ों घुसपैठियों की समस्या से गृह युद्ध जैसी स्थिति में आ जाएगा और देश में भीषण देंगे प्रसाद मार काट होगी सौरमंडल में हो रहे प्रचंड विस्फोट और लाखों किलोमीटर फैलने वाली ‌ सौर ज्वाला एं हाहाकार मचा देंगे इस वर्ष बहुत ही काम बड़े-बड़े खोज और अविष्कार होंगे और दो रहस्यमय रोग और बीमारियां भारत सहित पूरी दुनिया में हाहाकार मचा देंगे ‌ भारत में भी ज्ञान विज्ञान और रक्षा से क्षेत्र में तथा अंतरिक्ष विज्ञान में कुछ बड़ी उपलब्धियां हाथ लगेगी तो कुछ में घनघोर निराशा भी प्राप्त होगी अमेरिका के आगे भारत की एक नहीं चलेगी । ‌ भारत में हिंदी की राम राज्य की हिंदी हिंदू हिंदुस्तान के नारे की भयानक दुर्गति होगी और विदेशी प्रभाव बहुत तेजी से बढ़ेगा।

जहां तक खेलों की बात है तो भारत में खेलों का विकास होगा लेकिन फिर भी भारत ओलंपिक और विश्व स्तर पर कोई बड़ी और विशेष उपलब्धि नहीं अर्जित कर पाएगा ‌ क्रिकेट में भारत का पतन होगा जबकि हॉकी बैडमिंटन मुक्केबाजी कुश्ती और कुछ एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में स्नूकर और स्क्वैश में और टेनिस में निशानेबाजी तीरंदाजी और मुक्केबाजी जैसी प्रतियोगिताओं में कुछ भारतीय खिलाड़ी आस्थाधारण प्रदर्शन करेंगे खेलों की दृष्टि से विश्व भर के लिए वर्ष बहुत अच्छा रहेगा लेकिन मुस्लिम देशों के लिए खेलों में बहुत खराब समय होगा ।

मौसम की दृष्टि से यह पूरा वर्ष काफी हलचल उथल-पुथल वाला भयंकर और हाहाकार मचाने वाला होगा ‌ भारत चीन जापान दक्षिण पूर्वी एशिया रूस अमेरिका और कनाडा और अटलांटिक महासागर में स्थित देश इंग्लैंड और मध्य यूरोप के देश और अरब प्रायद्वीप के अधिकांश देश प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की घटनाओं से बहुत ही बुरी स्थिति में फंस जाएंगे मच्छरों का आतंक सारी दुनिया में और भी बढ़ जाएगा मक्खी मच्छर और खटमल और भी अधिक शक्तिशाली दवा रोधी और एंटीबायोटिक रोधी हो जाएंगे ‌ समुद्र में बड़े-बड़े विस्फोट के साथ समुद्री लहरें सुनामी बनकर बहुत अधिक विनाश करेंगी ‌ इस वर्ष विश्व में वर्षा की मात्रा कम होगी भारत के एक चौथाई भूभाग को अकाल जैसी भयानक स्थितियों का सामना करना पड़ेगा जबकि मानसून समय से आने के बाद भी विलंबित रहेगा और वर्षा अधिकांश स्थानों पर काम कुछ स्थानों पर बहुत अधिक होगी ‌ सबसे अधिक विनाश लीला चीन जापान दक्षिण पूर्व एशिया कब अमेरिका के पूर्वी तटों पर होगा। 


अंतरिक्ष अनुसंधान और औषधि अनुसंधान तथा हथियारों के अनुसंधान के लिए यह वर्ष बहुत ही अच्छा सिद्ध होगा और बहुत बड़े-बड़े चमत्कारी अनुसंधान इन तीनों क्षेत्रों में किए जाएंगे भारत में भी कुछ बहुत बड़े चमत्कारी अनुसंधान होंगे और भारत इस वर्ष के अंत तक 10000 किलोमीटर से अधिक दूरी तक मार करने वाली मिसाइल प्रक्षेपास्त्रों के निर्माण में सफल होगा इस वर्ष के अंत में भारत में भी सत्ता परिवर्तन बहुत ही स्पष्ट हो जाएगा और 2027 में घटित होगा 2027 से भारत एक सच्चे देशभक्त लौह इस्पाती चरित्र वाले व्यक्ति के हाथ में आ जाएगा और बहुत तेज विकास होगा।


जहां तक शिक्षा कला कौशल और सृजन की बात है तो महिला वर्ग को छोड़कर इन सभी क्षेत्रों में बहुत तेज पतन होगा वर्ष भर हिंसात्मक प्रवृत्ति और विनाशात्मक प्रकृति जारी रहेगी ‌ लोगों के मन में भयंकर कुंठा तनाव उन्माद हिंसा शत्रुता की भावना भर जाएगी और ऐसे ऐसे कल्पना और सोच समझ से विपरीत घटनाएं होंगे जिससे मानवता कांप जाएगी इस्लाम धर्म के प्रति सारी दुनिया में बहुत तेजी से प्रतिकार प्रतिरोध और घृणा की भावना फैल जाएगी ‌ बेरोजगारी बहुत तेज हो जाएगी और महंगाई से त्रस्त होकर लोग पूरी दुनिया में हिंसा प्रदर्शन और हड़ताल पर उतर जाएंगे सबसे अधिक विनाश और नुकसान यूरोप का होना निश्चित है अरब देशों में भयंकर अकाल महामारी फैलने और प्रकृति का तांडव होने की 100% संभावना दिख रही है ।

रोग और बीमारियों के दृष्टि से यह वर्ष बहुत खराब होगा लगातार मौसम के परिवर्तन और उतार-चढ़ाव से कुछ नए भयानक और दवा रोधी जीवाणु विषाणु और रोगाणु विकास होगा जो धरती के अंदर से पैदा होंगे जानवर और पक्षियों से मनुष्यों तक फैल जाएंगे फल फसल खाद्यान्न और दूध के उत्पादन में भी कमी आएगी ‌ भारत में पांच ऐसे बड़े लोग पैदा होंगे जो सनातन धर्म को एक करने के प्रयास में सफल होंगे और कुछ बड़े-बड़े भारत के राजनेताओं का विदेशी हाथों खेलने और सनातन धर्म को नष्ट और बर्बाद करने की भूमिका सनातनी जनता को समझ में आ जाएगी सरकार को विवश होकर सनातन धर्म के पक्ष में नियम कानून और विधेयक लाने पड़ेंगे। 

यह सारा वर्ष शुक्र के प्रभाव से महिलाओं का रहेगा हर जगह उनकी प्रधानता रहेगी लेकिन महिलाएं सृजन शक्ति एवं रचनात्मक प्रकृति की रहेंगे जिनके कारण धर्म ज्ञान विज्ञान और संस्कारों की प्रधानता रहेगी उन्मुक्त और स्वच्छंद स्वभाव की महिलाओं का भारी पतन होगा और चरित्रवान तथा नैतिक महिलाएं प्रभावी रहेगी अनेक परेशानी और दुविधा तथा संकट के बाद भी प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा इनसे जुड़े हुए लोगों को लाभ होगा और यश कीर्ति बढ़ेगी और इस वर्ष प्रिंट इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया पुलिस प्रशासन और सरकार पर हावी रहेगा उनके पक्ष में भारत सहित अनेक देशों में सुख सुविधा और धन ले आने वाले कानून निश्चित रूप से पारित होंगे। 

और अंत में अनंत अंतरिक्ष की कुछ महान खोजें सनातन धर्म की महान सच्चाई को उजागर करके सही सिद्ध करेंगे आकाशगंगा कृष्ण नक्षत्र और श्वेत नक्षत्र पदार्थ प्रति पदार्थ ऊर्जा प्रति ऊर्जा श्वेत और श्याम ऊर्जा के साथ-साथ ब्रह्मांड की उन सीमाओं का पता चलेगा जो लाखों करोड़ प्रकाश वर्ष में फैले हैं और लगातार फैल रहे हैं ‌ इस वर्ष अनंत अंतरिक्ष में जीवन के और परग्रही एलियंस के प्रामाणिक रूप से होने की पुष्टि हो जाएगी ‌ अमेरिका रूस और चीन की चंद्रमा और अलायंस के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आएगा।और भारतीय धर्म ग्रंथो और विज्ञान दर्शन में वर्णित यमलोक सहित विष्णु शिव और ब्रह्मलोक का वैज्ञानिक समाधान निकलेगा पूरे वर्ष प्रदूषण गंदगी और खराब वायु गुणवत्ता सूचकांक का राज रहेगा और पराबैंगनी किरणों की तीव्रता चरम पर पहुंच जाएगी ‌ इस वर्ष पुरुषों में दुराचार अनैतिकता और कुंठा की भावना जबकि ‌‌ महिलाओं में नैतिकता सदाचार और उत्साह की प्रधानता रहेगी यूरोप और एशिया में दो प्रणालियंकारी ज्वालामुखी विस्फोट जबकि अमेरिका और दक्षिण पूर्वी एशिया में डायरेक्ट पर 7 से 9 रिक्टर पैमाने के दो प्रचंड भूकंप इसी वर्ष भयानक विनाश लीला को जन्म देंगे

Wednesday, 18 March 2026

21 मार्च एक अद्भुत दिन डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

21 मार्च एक अद्भुत दिन डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 

21 मार्च विश्व में भौगोलिक दृष्टि से एक अद्भुत दिन होता है जब दिन रात सर्दी गर्मी बराबर रहता है और सूर्य ठीक पूर्व से उगेंगे और ठीक पश्चिम में अस्त होंगे यह दिन अंतिम बार ठंड के विदा होने और गर्मी के आगमन का बिंदु है और इसके साथ ही उत्तरी गोलार्ध में गर्मी और दक्षिणी गोलार्ध में ठंडी बढ़ाने का क्रम आज के दिन ही शुरू होता है यह कल बसंत का समय भी होता है जब फासले पक रही होतीहैं पेड़ पौधे नई-नई पत्तियां फूलों फलों और कोंपलों से लदी होती हैं चारों ओर शीतल मंद सुगंधित पवन मलय पवन और हिमालय के बर्फीले झोंकों के साथ बहती हैं 

यह अद्भुत भौगोलिक घटना इसलिए घटित होती है क्योंकि यह समस्त परम विश्व गतिशील है और एक दूसरे की परिक्रमा कर रहा है हमारा चंद्रमा पृथ्वी के पृथ्वी सूर्य की सूर्य अपनी आकाशगंगा का और अपनी आकाशगंगा स्थानीय विश्व समुदायों के साथ परम ब्रह्मांड का चक्कर लगा रहा है और परम ब्रह्मांड किसका चक्कर लगा रहा है वह शक्ति और सट्टा जो विज्ञान के लिए अज्ञात है धर्म दर्शन में उसी को भारत के ऋषि मुनि ब्रह्म ऋषियों और मनुष्यों ने ईश्वर कहा है 

हमारे सारे ग्रह नक्षत्र सौरमंडल में सूर्य का चक्कर लगाते हुए स्वयं भी अपनी धुरी पर घूमते रहते हैं जिस तरह नाचता हुआ एक लड्डू अपने अक्ष पर घूमते हुए आगे भी बढ़ता रहता है वैसे ही गति ब्रह्मांड में सभी पिंडों की होती है और बसंत का यह मौसम पतझड़ का मौसम भी कहा जाता है इस समय पृथ्वी का दक्षिणी ध्रुव सूर्य के सम्मुख आने से दूर होता जाता है और उत्तरी ध्रुव सूर्य के पास आने लगता है इसीलिए 21 मार्च को पूरे विश्व में वर्तमान समय में उत्तरी गोलार्ध में ठंडी गर्मी दिन रात बराबर होते हैं पहले दक्षिणी गोलार्ध मालूम नहीं था इसलिए उत्तरी गोलार्ध को ही पूरा विश्व माना जाता था यूरोप के लोग इसको बाद में जाने जबकि भारतीय लोग सारी दुनिया को पहले से जानते थे 

इसके अतिरिक्त हमारी धरती पर चार अद्भुत भौगोलिक दिन होते हैं जिम 21 मार्च के अलावा 23 सितंबर ऐसा दिन है जब एक बार फिर से पूरी दुनिया में दिन रात सर्दी गर्मी बराबर होते हैं और 21 जून वह दिन होता है जो उत्तरी गोलार्ध में सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात लेकर आता है जबकि 22 दिसंबर वह दिन होता है जब दक्षिणी गोलार्ध में सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात लेकर आता है इस प्रकार 21 मार्च 23 सितंबर 21 जून और 22 दिसंबर पृथ्वी पर बहुत ही महत्वपूर्ण दिन होते हैं आपने देखा होगा कि 21 मार्च और 23 सितंबर के एक महीना आगे पीछे मौसम बहुत सुहाना और सुखद रहता है जबकि 21 जून और 22 दिसंबर के आगे पीछे एक महीने गर्मी और ठंडी चरम पर होती है मौसम उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में बिल्कुल अलग-अलग होता है जैसे की 21 जून को जब धरती पर उत्तरी गोलार्ध में सबसे बड़ा दिन होता है तब दक्षिणी गोलार्ध में सबसे बड़ी रात होती हैऔर उत्तरी गोलार्ध में 21 जून को सबसे अधिक गर्मी पड़ती है तो दक्षिणी गोलार्ध में सबसे अधिक ठंडी पड़ती है इसलिए दक्षिणी गोलार्ध में पढ़ने वाले या काम करने वालों का अवकाश 22 दिसंबर की जगह 21 जून के आसपास प्रारंभ होता है 

इस प्रकार 21 मार्च 23 दिसंबर सितंबर 21 जून और 22 दिसंबर खगोल विदो वैज्ञानिकों के अलावा सबके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दिन और तिथियां होती हैं जिससे आसमान में सूर्य की स्थिति ग्रह नक्षत्र की स्थिति का आकलन करने में भी आसानी होती है और लोग वैज्ञानिक तथा अंतरिक्ष के तथ्यों से अवगत रहते हैं इस समय वास्तु और ज्योतिष के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण दिन होता है क्योंकि अपने घर की स्थिति का आकलन आप बिल्कुल सही-सही बिना चुंबकीय सूर्य कंपास के कर सकते हैं जिस दिशा में जहां सूर्य उगता है वह ठीक पूर्व दिशा होता है और सुबह जहां सूर्य डूबता है वह ठीक पश्चिम इस प्रकार आप अगर उगते हुए सूर्य के सामने मुंह करके खड़े हो जाए तो सामने पूर्व होगा और पीछे पश्चिम दिशा होगी दाहिनी और दक्षिण दिशा और ठीक बाएं और उत्तर की दशा होगी इस प्रकार विभिन्न मौसम में आप कहीं फंस जाते हैं तो भी यह जानकारी आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण हो सकती है डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह

नवरात्रि और आपका भोजन -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

नवरात्रि और आपका भोजन -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 
नया भारतीय वर्ष विक्रम संवत 2083 अंग्रेजी महीने के 19 मार्च 2026 के बृहस्पतिवार के दिन से प्रारंभ हो रहा है इसी दिन परम पावन भगवती देवी मां की नवरात्रि भी प्रारंभ हो रही हैं प्रातः काल 6:52 से प्रातः काल 7:53 तक कलश स्थापना और पूजा पाठ का समय रहेगा इसके पश्चात यदि किसी की कलश स्थापना ना हो तो उसके लिए अभिजीत मुहूर्त में यह काम किया जा सकता है जिसका समय 12:05 से 12:53 दोपहर है यह परम पावन नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च 2026 को ‌ शुक्रवार के दिन समाप्त हो रहे हैं और 27 मार्च को ही दिन में 11:00 बजे के बाद व्रत का पारण होगा इसी दिन भगवान श्री राम की श्री रामनवमी भी मनाई जाएगी । इस वर्ष देवी मां का आगमन डोली अर्थात पालकी से और प्रस्थान हाथी से होगा अर्थात आदि नवरात्रि हलचल और उथल-पुथल वाली और अंतिम शानदार और भव्य होगी।

यह दिव्य और भव्य नवरात्रि और पावन नववर्ष ‌ बहुत ही महत्वपूर्ण है यह बहुत ही उथल-पुथल हलचल वाला रहेगा क्योंकि रौद्र नाम का संवत्सर पूरे वर्ष में प्रभावी रहेगा और राजा बृहस्पति और मंत्री मंगल होंगे इसलिए धर्म कर्म आक्रमण और सुरक्षा में संतुलन समन्वय बना रहेगा ‌ यह नवरात्रि आठ दिन की होगी अष्टमी और नवमी दोनों 26 को पड़ रही हैं‌ सरल भाव से देवी जी की केवल स्तुति करते हुए भी  उत्तम फल पाया जा सकता है और उनके किसी एक मंत्र को भी 9 दिन जपा जा सकता है‌ इतना अवश्य है कि व्यक्ति को इन दिनों अपने रहन-सहन और खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए और अच्छे काम करते हुए नैतिक और सदाचारी रहने का प्रयास करना चाहिए तभी राक्षसी और शैतानी शक्तियों का अंत होगा और दिव्य शक्तियों का विकास होगा ।

जटिल और गूढ़ नियम केवल साधु संत महंत लोगों पुजारी और अनुष्ठान करने वाले एवं तंत्र-मंत्र का अनुष्ठान करने वालों पर लागू होता है एक दिन का व्रत आप रख सकते हैं 9 दिन का भी रख सकते हैं देखा केवल यह जाएगा कि आप की भावना कैसी रही है‌ यदि आपने सच्चे मन से नवरात्रि में देवी जी का ध्यान पूजन किया है तो निश्चित रूप से स्वप्न में आपको अच्छी चीजों ‌ चमकदार प्रकाश और देवी मां के दर्शन होते हैं और कुछ लोगों को प्रत्यक्ष भी दर्शन हो सकते हैं और हुए भी हैं छल कपट के भाव से किया गया कोई भी पूजा पाठ अनुष्ठान व्रत और हवन कभी सिद्ध नहीं होता ‌ इसके लिए सरलता सादगी नैतिकता सदाचारी एवं कृतज्ञता का भाव होना चाहिए।

जहां तक 9 दिन के व्रत की बात है तो व्यक्ति को क्या ग्रहण करना चाहिए और क्या नहीं ग्रहण करना चाहिए इस पर ध्यान देना आवश्यक है सामान्य लोगों और गृहस्थी में लगे लोगों के लिए किसी भी नियम की आवश्यकता नहीं है केवल नाम स्मरण करते हुए हर चीज खाते पीते रहे परिश्रम करते रहें लेकिन जो व्रत रख रहे हैं उनको भोजन में सात्विक और हल्की चीजें लेना चाहिए ताकि शरीर नई ऊर्जा स्फूर्ति और उमंग से भर सके और शरीर में खतरनाक रसायन और विषैले तत्व दूर हो सके व्रत पूजा पाठ हवन यज्ञ अनुष्ठान का सबसे बड़ा यही पक्ष है ।

इस समय आप साबूदाना सिंघाड़े का आटा सांवरिया चीनी चावल आलू लौकी शकरकंद अरबी खीर किला सेब पपीता चीकू अनार अंगूर मूंगफली मखाना काजू अखरोट नारियल दूध मट्ठा घर पर विविध रूपों में बनाकर उसका प्रयोग कर सकते हैं जीरा और काली मिर्च का भी प्रयोग आप आराम से कर सकते हैं यद्यपि कुछ लोग इसे दूर रहते हैं लेकिन ऐसी कोई बात नहीं है आप हरी धनिया का प्रयोग कर सकते हैं और अधिक से अधिक रसदार चीजों का सेवन करना चाहिए मूंगफली का सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए क्योंकि यह काफी गरिष्ठ होता है ‌ चीनी और गुड़ से बनी चीजें और उसका रस आप ग्रहण कर सकते हैं चाय भी पी सकते हैं ‌ सेंधा नमक का प्रयोग किया जा सकता है ‌ नारियल का पानी पिया जा सकता है।

जिन चीजों का प्रयोग करने से बचाना है उसमें नमक के प्रयोग में सावधानी रखें गेहूं चावल और अन्नकी चीजें ना खाएं मैदा और बेसन तथा हींग का प्रयोग भी ना करें सरसों का तेल और अनेक अन्य तेल भी आप ग्रहण न करें मेथी दाना खाने से प्याज लहसुन ग्रहण करने से दूर रहे और सबसे बड़ी बात किसी भी प्रकार के नशा का मांस मद्य का मछली का सेवन न करें पराई स्त्री और पराया पुरुष का सेवन इस काल में करने पर सारा व्रत खंडित हो जाता है और महा पाप लगता है।
इस प्रकार दिव्या और भव्य तथा परम पवित्र नवरात्रि में आप धर्म अध्यात्म और भगवती दुर्गा और भगवती पार्वती और अन्य देवी देवताओं का चिंतन करते हुए भोजन सामग्री खाद्य और प्राय सामग्री पर नियंत्रण रखते हुए उनकी 9 शक्तियों का आवाहन अवश्य करते रहे जिस दिन जिस देवी का व्रत हो उसका अलग से आवाहन अवश्य करें पहले दिन देवी शैलपुत्री दूसरे दिन देवी ब्रह्मचारिणी तीसरे दिन देवी चंद्रघंटा चौथे दिन देवी कुष्मांडा पांचवें दिन देवी स्कंदमाता छठे दिन देवी कात्यायनी सातवें दिन देवी महाकाल रात्रि आठवें दिन देवी महागौरी और 9वे दिन देवी सिद्धिदात्री का दिन होता है इन सभी का अलग-अलग चिंतन ध्यान और पूजा करने से अलग-अलग प्रकार की शक्ति ऊर्जा एवं सिद्धियां प्राप्त होती

*LPG सप्लाई की स्थिति को समझना: तथ्यों को अफ़वाहों से अलग करना*

*LPG सप्लाई की स्थिति को समझना: तथ्यों को अफ़वाहों से अलग करना*
सप्लाई में रुकावट के दौरान गलत जानकारी अक्सर खुद रुकावट से भी बड़ा संकट पैदा कर सकती है। हाल के हफ़्तों में, LPG की उपलब्धता को लेकर चर्चाएँ सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से और बढ़ गई हैं; इन पोस्ट में एजेंसियों पर लगी लंबी कतारें, बंद होते रेस्टोरेंट और ऐसे दावे दिखाए जा रहे हैं कि पूरे देश में LPG की सप्लाई ठप हो रही है। हालाँकि ऐसी तस्वीरें चिंता पैदा कर सकती हैं, लेकिन असलियत वायरल हो रही कहानियों की तुलना में कहीं ज़्यादा पेचीदा और स्थिर है। घरों में LPG की सप्लाई सुरक्षित बनी हुई है, और राष्ट्रीय वितरण प्रणाली लगातार काम कर रही है। इसलिए, घबराहट को दूर करने और लोगों का भरोसा वापस जीतने के लिए, वेरिफ़ाई की गई जानकारी को साफ़ तौर पर बताना बहुत ज़रूरी है।

भारत का LPG वितरण नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्कों में से एक है। यह हज़ारों बॉटलिंग प्लांट, स्टोरेज डिपो, ट्रांसपोर्ट बेड़े और स्थानीय वितरकों पर आधारित है, जो मिलकर यह पक्का करते हैं कि सिलेंडर शहरों, कस्बों और गाँवों में हर घर तक पहुँचें। भले ही लॉजिस्टिक्स में कोई रुकावट आ जाए, इस सिस्टम को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि वह घरेलू उपभोक्ताओं को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दे। तेल मार्केटिंग कंपनियाँ, वितरक और सरकारी अधिकारी लगातार आपस में तालमेल बिठाकर सप्लाई की आवाजाही पर नज़र रखते हैं और यह पक्का करते हैं कि डिलीवरी बिना किसी रुकावट के होती रहे। यह तालमेल वाला तरीका यह पक्का करने में मदद करता है कि घरों में LPG की उपलब्धता सुरक्षित बनी रहे, भले ही सप्लाई चेन के कुछ हिस्सों पर कुछ समय के लिए दबाव क्यों न पड़ जाए।

लोगों की चिंता का एक बड़ा कारण सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर छोटे वीडियो और पोस्ट का तेज़ी से फैलना है। LPG एजेंसियों पर लगी कतारें दिखाने वाले वीडियो या रेस्टोरेंट के दूसरे ईंधन इस्तेमाल करने की खबरें बिना किसी संदर्भ के बड़े पैमाने पर फैलाई गई हैं। कई मामलों में, ऐसी तस्वीरें पूरे देश में LPG की कमी को नहीं, बल्कि किसी खास इलाके में आई रुकावट या कुछ समय के लिए मची घबराहट में की गई ज़्यादा खरीदारी को दिखाती हैं। जब उपभोक्ता समय से पहले ही सिलेंडर बुक करना शुरू कर देते हैं या ईंधन का स्टॉक जमा करने की कोशिश करते हैं, तो इससे वितरण प्रणालियों पर कुछ समय के लिए दबाव पड़ सकता है, जबकि वे आम तौर पर ठीक से ही काम कर रही होती हैं। बिना वजह की घबराहट से बचने के लिए इस फ़र्क को समझना बहुत ज़रूरी है।

इसलिए, सरकारी अधिकारियों और तेल मार्केटिंग कंपनियों ने घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता देने के महत्व पर ज़ोर दिया है। अलग-अलग इलाकों में सिलेंडर की उपलब्धता, टैंकरों की आवाजाही और बॉटलिंग प्लांट के कामकाज पर नज़र रखने के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। ये सिस्टम सप्लाई चेन के मैनेजरों को रुकावटों की तुरंत पहचान करने और ज़रूरत पड़ने पर सप्लाई को दूसरी जगहों पर भेजने में मदद करते हैं। नेटवर्क पर लगातार नज़र रखकर, अधिकारी किसी खास इलाके में आई रुकावटों पर तुरंत कार्रवाई कर सकते हैं और यह पक्का कर सकते हैं कि घरों में LPG की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहे। पूरे देश में LPG वितरण की मुख्य व्यवस्था लगातार काम कर रही है। बॉटलिंग प्लांट चालू हैं, और पूरे दिन सिलेंडरों को भरा और भेजा जा रहा है। टैंकर रिफाइनरियों से डिपो और प्लांट तक LPG पहुँचाते हैं, जबकि वितरण ट्रक भरे हुए सिलेंडरों को उन एजेंसियों तक ले जाते हैं जो घरेलू उपभोक्ताओं को सेवा देती हैं। सप्लाई चेन के ज़रिए ईंधन की यह लगातार आवाजाही ही हर दिन घरों की रसोई को चालू रखती है। इस लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की मज़बूती का मतलब है कि अस्थायी रुकावटें शायद ही कभी उपलब्धता में पूरी तरह से रुकावट का रूप लेती हैं।

इस स्थिति का एक और महत्वपूर्ण पहलू घरेलू और कमर्शियल LPG सप्लाई के बीच का अंतर है। रेस्टोरेंट, होटल और इंडस्ट्रियल रसोई अक्सर अलग कमर्शियल सिलेंडरों पर निर्भर रहते हैं, जो बाज़ार की स्थितियों या लॉजिस्टिक्स से जुड़ी रुकावटों से अलग तरह से प्रभावित हो सकते हैं। कुछ इलाकों में, कमर्शियल सप्लाई में अस्थायी चुनौतियों के कारण व्यवसायों को कुछ बदलाव करने पड़े हैं, जिसे कभी-कभी बड़े पैमाने पर कमी के सबूत के तौर पर गलत समझा जा सकता है। हालाँकि, घरों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले घरेलू LPG सिलेंडरों को राष्ट्रीय वितरण व्यवस्था के तहत प्राथमिकता के आधार पर सप्लाई मिलती रहती है।

चिंता के बढ़े हुए समय के दौरान स्थिरता बनाए रखने में जनता का सहयोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब उपभोक्ता घबराकर बुकिंग करने से बचते हैं और सामान्य रिफिल शेड्यूल पर भरोसा करते हैं, तो वितरण नेटवर्क ज़्यादा सुचारू रूप से काम करता है। जमाखोरी या समय से पहले बुकिंग करने से मांग में कृत्रिम रूप से उछाल आ सकता है, जिससे स्थानीय वितरकों और डिलीवरी प्रणालियों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। इसलिए अधिकारी उपभोक्ताओं को शांत रहने और उन स्थापित सप्लाई व्यवस्थाओं पर भरोसा करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, जिन्होंने दशकों से लाखों घरों को भरोसेमंद सेवा दी है।

जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए सही जानकारी का प्रसार भी उतनी ही तेज़ी से होना चाहिए जितनी तेज़ी से गलत जानकारी फैलती है। डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, पारंपरिक मीडिया और आधिकारिक सरकारी चैनलों के माध्यम से संचार का उद्देश्य सप्लाई की स्थितियों के बारे में नियमित अपडेट प्रदान करना है। ये अपडेट उपभोक्ताओं को यह भरोसा दिलाने में मदद करते हैं कि वितरण प्रणालियाँ चालू हैं और अधिकारी स्थिति पर सक्रिय रूप से नज़र रख रहे हैं। जब तथ्यात्मक जानकारी लगातार साझा की जाती है, तो यह उन भ्रामक बातों के प्रभाव को कम करती है जो अक्सर अनिश्चित समय के दौरान फैलती हैं।

भारत के LPG बुनियादी ढांचे की मज़बूती भंडारण सुविधाओं, परिवहन नेटवर्क और अंतिम-मील वितरण प्रणालियों में किए गए दीर्घकालिक निवेश का परिणाम है। पिछले कुछ वर्षों में, इन प्रणालियों को वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों में उतार-चढ़ाव, लॉजिस्टिक्स से जुड़ी चुनौतियों और मांग में अचानक हुई वृद्धि का सामना करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। हालाँकि अस्थायी रुकावटें आ सकती हैं, लेकिन सप्लाई प्रबंधन का व्यापक ढाँचा यह सुनिश्चित करता है कि आवश्यक घरेलू खपत सुरक्षित रहे। आखिरकार, यह स्थिति इस बात पर ज़ोर देती है कि धारणा और असलियत के बीच फ़र्क करना कितना ज़रूरी है। वायरल होने वाला कंटेंट पूरे देश में संकट का माहौल बना सकता है, भले ही असल में सप्लाई सिस्टम पूरी तरह से स्थिर हो। सही जानकारी पर ध्यान देकर और यह समझकर कि LPG डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क कैसे काम करता है, उपभोक्ता बेवजह की चिंता से बच सकते हैं और सप्लाई के माहौल को संतुलित बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

घरों में LPG की सप्लाई अभी भी एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बनी हुई है, जिसे सक्रिय लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन, सरकारी निगरानी और व्यवस्थित डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क का पूरा समर्थन हासिल है। जब तक उपभोक्ता सही जानकारी पर भरोसा करेंगे और घबराहट में आकर कोई कदम नहीं उठाएंगे, तब तक यह सिस्टम पूरी कुशलता से काम करता रहेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि हर घर को ज़रूरत के हिसाब से ईंधन मिलता रहे।
फ़रहत अली खान 
एम ए गोल्ड मेडलिस्ट

Tuesday, 17 March 2026

पूरे भारत में मौसम परिवर्तन के बाद अब जौनपुर और आसपास मौसम परिवर्तन की बारी है आज 178 मार्च को सुबह 5:00 से

आज से मौसम में होगा परिवर्तन नवरात्रि में 19 से 21 मार्च के बीच‌ अफगानिस्तान पाकिस्तान से लेकर जम्मू कश्मीर दिल्ली हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड उत्तर प्रदेश नेपाल भूटान सिक्किम अरुणाचल प्रदेश बिहार मध्य प्रदेश बंगाल बांग्लादेश पूर्वोत्तर भारत और जौनपुर और आसपास  झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला आंखों को चकाचौंध कर देने वाली बिजली की चमक और भयंकर गरज तेज हवाएं और हल्की मध्यम कहीं कहीं तेज वर्षा के संकेत -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978

पूरे भारत में मौसम परिवर्तन के बाद अब जौनपुर और आसपास मौसम परिवर्तन की बारी है आज 178 मार्च को सुबह 5:00 से 5:00 बजे तक जौनपुर और आसपास काफी घने मध्यम बादल छाए रहेंगे लेकिन वर्षा नहीं होगी अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहेगा ‌ इस बीच हवा की दिशा दक्षिणी दक्षिणी पूर्वी और गति 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा होगी प्रदूषण की मात्रा कम होगी और वायु गुणवत्ता सूचकांक 100 से 160 हो जाने से हवा काफी ताजी और स्वच्छ महसूस होगी पराबैंगनी किरणों की तीव्रता 4-6 रहेगी जो मध्यम है।

कल के मौसम के बारे में अनुमान है कि अधिकतम तापमान 36 और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहेगा हवा की दिशा बदलकर पूर्वी उत्तरी पूर्वी हो जाएगी हवा की दिशा तीन-चार दिन लगातार परिवर्तित होती रहेगी बाकी वह गुणवत्ता सूचकांक पराबैंगनी किरणों की तीव्रता प्रदूषण और गंदगी की मात्रा आज की तरह ही विद्यमान रहेगी ‌ तापमान और अन्य दशाएं भी लगभग इसी तरह रहेंगे ।

19 मार्च से मौसम में और भी तेज परिवर्तन होगा और बादलों की आवाजाही बहुत तेज हो जाएगी ‌ इसके बाद 20- 21मार्च के दिन माता रानी का अभिषेक करने के लिए जौनपुर सुल्तानपुर प्रतापगढ़ भदोही सोनभद्र प्रयागराज अयोध्या अंबेडकर नगर आजमगढ़ गाजीपुर और आसपास के जनपदों में कहीं-कहीं बूंदाबादी तो कहीं हल्की मध्यम वर्षा के योग हैं  ‌ कहीं कहीं झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला आंखों को चकाचौंध कर देने वाली बिजली की भीषण चमक और भयंकर गरज ‌ के साथ तेज से बहुत तेज वर्षा हवाओं और वज्रपात के साथ कहीं-का हैं ओलावृष्टि भी होगी

यह मौसम के परिवर्तन की सारी गतिविधियां पश्चिम के हल्के विक्षोभ के कारण और अरब सागर बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न दबाव और जल की सतह गर्म होने के कारण बन रहे हैं  रौद्र ‌ नाम का नया वर्ष अपना रौद्र रूप पूरे भारत में दिखाएगा। हमारे केंद्र द्वारा पहले भी लिखा गया था कि मार्च बहुत ही परिवर्तित हलचल वाला और बूंदाबांदी वर्षा झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला आंखों को चकाचौंध कर देने वाली बिजली ‌ की चमक गरज वाला वृष्टि और हिमालय पर्वतीय क्षेत्र में प्रचंड बर्फबारी का होगावाला मौसम रहेगा कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है लेकिन जौनपुर और आसपास ऐसी कोई अधिक संभावना नहीं है।

20 मार्च से तापमान में अचानक बहुत तेज गिरावट आएंगे और यह 36 डिग्री से घटकर 32 डिग्री हो जाएगा और न्यूनतम तापमान भी 22 23 डिग्री से घट कर 17 18 डिग्री तक आ जाएगा और 22 मार्च से मौसम फिर सामान्य हो जाने की आशा है इसके बाद एक सप्ताह से 10 दिन का मौका किसानों को अपने फसल काटने और उसको मड़ाई करने के लिए मिलेगा इस अवसर का लाभ सभी को उठाना चाहिए‌ मार्च के अंतिम भाग और अप्रैल के प्रथम सप्ताह में मौसम में एक बार फिर से परिवर्तन देखने को मिलेगा।

भाजपा अपने मुख्य बिंदु चुनाव की घोषणाएं जिसे मोदी भक्त एजेंडा कहते हैं बखूबी कर रही हैं रामराज समान

भाजपा अपने मुख्य बिंदु चुनाव की घोषणाएं जिसे मोदी भक्त एजेंडा कहते हैं बखूबी कर रही हैं 

रामराज समान नागरिक संहिता महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार लाल पिता शाही संवेदनहीनता का खात्मा हिंदी हिंदू हिंदुस्तान भारत पाकिस्तान अधिकृत और चीन अधिकृत भारतीय भू भाग भारत में मिलना यह सभी बातें तो कांग्रेस ‌ की घोषणा पत्र में थी भाजपा ने तो अपने चुनाव में कहा ही था कि सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास और वोट के लिए केवल सनातन का साथ और 2047 में देश को या तो इंग्लैंड को या तो फिर मुसलमान को सौंप देना है इस काम में उनके साथ खरीदे गए चापलूस चाटुकार दलाल चमचे मक्खनबाज और चार सौ बीस ‌ लोग पूरी दक्षता से कर रहे हैं इसीलिए मुलायम को भारत रत्न दिया गया अखिलेश प्रियंका परिवार लाल ममता को अभय दान दिया गया और यूजीसी बिल लाया गया और भी अनेक अच्छे काम किए गए जबरदस्ती पद्मिनी फिल्म दिखाए गए सी लगाकर और अनुसूचित जाति जनजाति विधायक के लिए सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को तुरंत ही बदल गया संसद के द्वारा इस तरह अनेक अनगिनत चीज हैं जो दिखती है कि मोदी सर्वश्रेष्ठ हैं ऊपर से पालघर कंगना राणावत कमलेश तिवारी अश्वनी उपाध्याय बी सिंह जैसे लोगों के कांड किसी को अपने बराबर तो दूर अपने आगे पीछे दाएं बाएं खड़े होने के पहले ही उसको छांट देना यही एकमात्र उपलब्धि है मोदी की अटल बिहारी की तरह

ब्रह्मांड के महानायक ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

ब्रह्मांड के महानायक ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि
समस्त संसार के सबसे प्रतापी सम्राट और सबसे बड़े ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र की जीवन कथा उनके जीवन के समान ही परम अद्भुत और अपने ढंग की पूरे विश्व में अकेली कथा है ।ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र कान्यकुब्ज  अर्थात कन्नौज के सम्राट थे उनकी एक और राजधानी गाधिपुर थी जिसको आज गाज़ीपुर कहा जाता है ‌ वह कुश वंश के थे और उनका समय सतयुग के अंत से लेकर द्वापर के बीच तक पाया जाता है वह एक बहुत ही न्याय प्रिय और प्रजा को अपना मानने वाले सबके प्रति समान भाव वाले पूरी पृथ्वी के एकछत्र सम्राट थे उनके पिता का नाम गाधि और मां का नाम सुमति था तथा पत्नी का नाम सत्यवती था। उनके राज्य में प्रजा पूरी तरह प्रसन्न थी और संपूर्ण धरती हरियाली धन-धान्य से आच्छादित थे और चारों ओर शीतल मंद सुगंधित मलय पवन के झोंके बहते रहते थे ।
हजारों वर्षों तक राज करने के बाद एक बार वह सेना सहित संपूर्ण पृथ्वी की परिक्रमा करने ‌‌ और शिकार खेलने निकले और घूमते-घूमते ब्रह्म ऋषि वशिष्ठ के आश्रम में जाकर पहुंचे वहां पर वशिष्ठ ने उनका अपूर्व स्वागत सत्कार किया और कुछ देर रुकने को कहा इस पर विश्वामित्र सोच में पड़ गए कि वह इतने बड़े सेना और दलबल के साथ वहां पर कैसे रुकेंगे। 

लेकिन ब्रह्म ऋषि वशिष्ठ का आग्रह देखकर वह रुक गये और उन्हें यह देखकर बहुत ही आश्चर्य हुआ कि ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र की कामधेनु गाय ने पलमात्र में ही उनके लाखों सैनिकों के लिए छह प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन और प्रत्येक चीजें उत्पन्न कर दिया। इस गाय का चमत्कार देखकर विश्वामित्र आश्चर्यचकित हो गए और वह गाय मांगने लगे वशिष्ठ जी ने कहा कि गाय मेरी मां के समान है और वही हमारे संपूर्ण आश्रम और शिष्यों का आधार है इसको छोड़कर आप कुछ भी ले लीजिए‌ लेकिन ब्रह्म ऋषि की बात ना मानकर सम्राट विश्वरथ अर्थात  विश्वामित्र अपने है पर अड़े रहे। और बलपूर्वक सैनिकों को कामधेनु को ले जाने को कहा कामधेनु ने उन सैनिकों को मार गिराया और वशिष्ठ के पास जाकर बोले कि मेरी रक्षा कीजिए ।

वशिष्ठ ने कहा की विश्वामित्र भूमंडल के स्वामी हैं और मैं राजा को श्राप भी नहीं दे सकता और उनके सैनिकों से लड़ भी नहीं सकता इस पर कामधेनु ने अनगिनत शक हूण किरात पहलव‌ ‌ और अन्य विकराल विदेशी सैनिक पैदा किए जिन्हें विश्वमित्र ने पल भर में मार गिराया इस पर उसने भयंकर अस्त्र-शस्त्रों से सज्जित महा पराक्रमी योद्धाओं को उत्पन्न किया और वशिष्ठ के साथ मिलकर विश्वामित्र के 100 में से 99 पुत्रों को और सारी सेना को मार गिराया।

सम्राट विश्वामित्र अपनी दुर्दशा पर अत्यंत लज्जित हुए  ‌ एकमात्र बचे अंतिम पुत्र को संपूर्ण धरती का राज पाट सौंप दिया और उन्होंने कठोर परिश्रम करके भगवान शिव को प्रसन्न करके समस्त दिव्यास्त्र प्राप्त किया और बदला लेने की भावना से फिर वशिष्ठ के आश्रम में आए और अग्नि अस्त्र छोड़कर उनके आश्रम को भस्म कर दिया इस पर वशिष्ठ ने खुद आगे  आकर अपने ब्रह्म दंड की सहायता से विश्वामित्र का सामना किया विश्वामित्र ने भगवान शिव से प्राप्त सभी दिव्यास्त्रों अग्नि वरुण रूद्र इंद्र पाशुपत मोहन गंधर्व जूंभण ‌ दारुण वज्र ब्रह्म पाश नागपाश नाग अस्त्र वरुण पास पिनाक दंड पैशाच क्रंच धर्म चक्र कालचक्र विष्णु चक्र मंथन कराल विद्याधर कालास्त्र सम्मोहन प्रतीप भार्गव ब्रह्मशिर नारायण अस्त्र और ब्रह्मास्त्र के साथ प्रस्वाप्न अस्त्र का प्रयोग किया लेकिन वशिष्ठ के ब्रह्म दंड के आगे वे सब के सब विफल रहे।

इसके बाद इसके बाद विश्वामित्र अत्यंत ही दुखी हुए और उन्होंने कहा धिग बलं क्षत्रिय बलं ब्रह्म तेजो बलो बलं‌ और उन्होंने ब्रह्म ऋषि बनाने के लिए सारा जीवन दांव पर लगा दियाब्रह्म ऋषि बनने के क्रम में उन्होंने उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका ग्रीनलैंड उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव सहित मंगोलिया अरब प्रायद्वीप अफ्रीका हर जगह घनघोर तपस्या किया लेकिन कुछ नहीं मिला इसके बाद देवभूमि में हिमालय पर्वत क्षेत्र में उन्होंने इतना भयंकर और घनघोर तपस्या किया कि इंद्र डर गए और विश्वामित्र की तपस्या भंग करने के लिए मेनका नाम की अप्सरा को भेजा जिसने विश्वामित्र की तपस्या भंग किया और उससे शकुंतला नाम की कन्या हुई जिसके पुत्र भरत के नाम पर इस देश का नाम भारत पड़ा। काम के वशीभूत होकर तपस्या भंग होने से विश्वामित्र अत्यंत ही दुखी हुए ‌ और उनकी घोर तपस्या से प्राप्त शक्तियां नष्ट हो गई और इस क्रम में उन्होंने एक बार फिर से तपस्या प्रारंभ किया। इसके बाद अपनी पत्नी के साथ विंध्य क्षेत्र पर करके दक्षिण भारत में चले गये और 1000 वर्ष तक घनघोर तपस्या किया और ब्रह्मा जी ने प्रसन्न होकर उनका राजर्षि कहकर संबोधित किया। 

इस पर विश्वामित्र बहुत ही दुखी हुए की चले थे ब्रह्म ऋषि बने और केवल राजर्षि बन पाए इसी बीच उन्होंने तपस्या कर रहे  वशिष्ठ को मारने के लिए सरस्वती का आवाहन किया सरस्वती ने वशिष्ठ को विश्वामित्र के सामने तो लाया लेकिन फिर से किनारे पर प्रवाहित कर दिया और विश्वामित्र ने सरस्वती नदी को श्राप दे दिया ‌ वशिष्ठ के मन में भी विश्वामित्र को जान से मारने की विचारधारा आई लेकिन उन्होंने इस पर नियंत्रण स्थापित कर लिया।

 इसी बीच महाराजा त्रिशंकु  ने सदेह स्वर्ग जाने के लिए वशिष्ठ से प्रार्थना किया लेकिन उन्होंने ठुकरादिया‌ ‌ जब उनके पुत्र से कहा तो उन्होंने क्रोधित होकर उन्हें श्राप दे दिया। जब उन्होंने यह निवेदन विश्वामित्र से किया तो उन्होंने कहा यदि दुराचारी और छल कपट युक्त इंद्र को स्वर्ग का राजा बनाया जा सकता है तो ‌ त्रिशंकु स्वर्ग क्यों नहीं जा सकते यह कहकर उन्होंने दिव्य विमान का निर्माण कर अपने तपोवन से उन्हें स्वर्ग में पहुंचा दिया लेकिन देवताओं ने त्रिशंकु को स्वर्ग से नीचे फेंक दिया लेकिन विश्वामित्र ने उन्हें अपने तपबल से रोक दिया और वह उल्टे रह गए इस पर क्रोधित होकर विश्वामित्र ने अपने तप की शक्ति से प्रति ऊर्जा प्रति ब्रह्मांड प्रतिकण श्याम ऊर्जा  ‌ सप्त ऋषि और 27 नक्षत्र जैसी चीजों से युक्त एक अलग से सृष्टि रची और वहां पर त्रिशंकु को स्थापित कर दिया नर्मदा नदी का जन्म त्रिशंकु से ही हुआ माना जाता है।

अब तक विश्वामित्र की शक्ति इतनी बढ़ चुकी थी की संपूर्ण ब्रह्मांड में उनको चुनौती देने वाला कोई नहीं बचा था अपने को ब्रह्म ऋषि सिद्ध करने के लिए उन्होंने एक महान यज्ञ किया जिसमें वशिष्ठ और उनके पुत्रों को छोड़कर सारी सृष्टि के लोग उपस्थित हुए और वशिष्ठ के पुत्रों को विश्वामित्र ने आवेश में आकर मार दिया इसी बीच उन्होंने हरिश्चंद्र की परीक्षा लेते हुए उनके मृतक पुत्र रोहित को जीवित कर दिया। 

वशिष्ठ और विश्वामित्र के संघर्ष का एक और बड़ा मोड़ भारत के लिए आया जब 10 राजा विश्वामित्र की तरफ से लड़े और सुदास वशिष्ठ की तरफ से अकेले लड़े विश्वामित्र का कथन था यदि सबको चांडाल यवन और मलेक्छ कहकर भारत से निकाल दिया गया तो आगे चलकर वे भारत के लिए खतरा बनेंगे और यही सही हुआ। इन सब के अलावा कुछ अन्य घटनाएं भी हुई ,जब ‌ विश्वामित्र ने सब कुछ त्याग कर सारा ध्यान घनघोर तप पर लगाया और उन्होंने गायत्री मंत्र का आविष्कार किया जिन्हें वेद माता कहते हैं अकेले ही उन्होंने ऋग्वेद कर तृतीय मंडल और उसके 62 सूक्त लिख डाले ‌ इसके अलावा उन्होंने नए-नए ग्रह नक्षत्र की रचना किया और एक अलग अलग से सृष्टि का निर्माण प्रारंभ किया उन्होंने बलि प्रथा को समाप्त करते हुए बालक शुन:शेप की रक्षा किया‌ और किसी भी प्रकार की बाली को यज्ञ के विरुद्ध बताया ।

उन्होंने ही योग विद्या की खोज किया और विश्वरथ सम्राट से विश्वामित्र हो गए जिसका अर्थ ‌‌ संपूर्ण सृष्टि में सभी का मित्र होना है और वास्तव में वह इस योग्य थे मानवता के प्रति समर्पित व्यक्तित्व पूरे श्रेष्ठ में ऐसा अन्य कोई नहीं पाया गया।
हमारे देश का यह दुर्भाग्य रहा है कि जो अति महामानव  थे जो देवताओं से भी योग्य थे उनको भुला दिया गया है ताकि लोग अपने इतिहास को भूल जाएं यही हाल ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र को लेकर भी हैं जबकि उनकी शिक्षाओं को हर जगह पढ़ना चाहिए संपूर्ण सृष्टि में वही अकेले ऐसे व्यक्ति हैं जिनके पास ब्रह्म ऋषि ‌ चक्रवर्तीसम्राट और समस्त अस्त्र शस्त्रों का सर्वोच्च ज्ञान हो वह एक ऐसे महान वैज्ञानिक थे जिन्होंने परमाणु हाइड्रोजन  जैव रासायनिक हथियारों का ‌ और माया विद्या का अविष्कार करके हर एक प्रकार के दिव्यास्त्रों का निर्माण किया था।

 वह कुटी में या पेड़ के नीचे बैठकर माला जपने वाले ब्रह्म ऋषि नहीं थे बल्कि सृष्टि को सर्वोच्च बनाने वाले महान महामानव  थे जिन्होंने अपने महान तप शक्ति से देवताओं को पीछे छोड़कर ब्रह्म ऋषि का ‌ परम पद प्राप्त किया भारत भूमि को रावण जैसे राक्षसों से मुक्त करने शिवजी का धनुष तोड़ने में उनकी सबसे बड़ी भूमिका थी जिन्होंने श्री राम और लक्ष्मण को हर प्रकार से शास्त्र और शास्त्र से और ज्ञान से भूख और प्यास से सुरक्षित करके  ‌ बला और अतिबला विद्या सीखकर और हर प्रकार के ज्ञान विज्ञान शास्त्र और शास्त्र तथा दिव्यास्त्रों का ज्ञानदेकरउन्हें विश्व का सर्वश्रेष्ठ महायोद्धा बनाया भूत प्रेत पिशाच और माया अस्त्रों से बचने का उपाय खोजने वाले वे पहले और अंतिम महान वैज्ञानिक थे अभी उनके बारे में जितना ज्ञात है उससे भी अधिक अज्ञात है देश की रक्षा करने वाले सभी लोगों को सुबह उठकर ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र का स्मरण करके उनके पद चिह्न पर चलने का प्रयास करना चाहिए। ‌ भगवान श्री राम और लक्ष्मण को जगत विजेता बनने का सौभाग्य प्राप्त उन्होंने अहिल्या का उद्धार कराया और भगवती सीता के विवाह में महत्वपूर्ण भूमिकाओं का निर्माण किया उन्होंने भूख प्यास पर विजय पाने के लिए मंत्रों और रसायनों का निर्माण किया ‌ अहिल्या का उद्धार करना उनकी एक महान उपलब्धि है एक ही यज्ञ करके उत्तर भारत को राक्षसों से मुक्त कर दिया था।

ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र कितने महान हो गए थे कि एक बार पूरी धरती पर महान दुर्भिक्ष पड़ा लोग सारे उपाय करके हार गए लेकिन काल दूर नहीं हुआ तब उन्होंने चांडाल बहेलिया के घर रखी हुई कुत्ते की हड्डी खाकर उसकी शक्ति के द्वारा सारी धरती पर वर्षा करा कर सारी धरती हरा-भरा कर दिया था इस प्रकार उनके चरित्र ना भूतों न भविष्यति वाला है और आज तक विश्वामित्र इस सृष्टि में केवल एक ही हुए हैं और आगे भी एक ही रहेंगे‌ आज इस महान संकट काल में पड़े हुए सनातन धर्म और भारत देश को विश्वामित्र के पद चोन पर चलते हुए शास्त्र और शस्त्र दोनों ज्ञान सीख कर देश से हर प्रकार की शैतानी और राक्षसी शक्तियों को समाप्त करना चाहिए