: भारत अजब देश है जहां कभी नाली से चाय बनती है तो कभी सूखी पत्तियों और कूड़े कचरे से बिजली उत्पन्न होती है तो कभी पेशाब और टट्टी से ऐसा करने का दावा किया जाता है कभी पानी से गाड़ियां चलने का दवा होता है लेकिन सच में कुछ नहीं होता अभी जल्दी ही दैनिक जागरण में पाइप के साथ नाली में गैस का चूल्हा जोड़कर चाय बनाते हुए दिखाया गया था
कुल मिलाकर जनता और राजनेता दोनों ही भारत में अधिकतर विश्वास घाती और धोखेबाज प्रकृति के हैं इसलिए देश भाषणों में और कागजों पर तो खूब उन्नति कर रहा है लेकिन वास्तव में कहीं कोई उन्नति नहीं है जो जिस दल या पार्टी या विचारधारा से जुड़ा है आंख मुड़कर उसी को भगवान बना देता है और बाद में सबका हाल राम रहीम और अशोक खैरात जैसा होता है
इस देश में ऐसा ही होता रहा और आगे भी ऐसा ही होगा नहीं तो सैकड़ो या हजारों की संख्या में आकर लोग इतने बड़े विराट देश पर राज नहीं करते विदेशी भाषा और विदेशी सभ्यता संस्कृति से जितना प्रेम भारत के लोगों को है उतना दुनिया क्या अनंत ब्रह्मांड में किसी को नहीं होगा
हमको निस गौरव तथा इस देश का अभिमान है हम न नहीं है पशु नीरा है और मृतक समान है
इसका फायदा राजनेता उठाकर जनता को लड़ा देते हैं धर्म और जाति के नाम पर स्त्री और पुरुष के नाम पर उच्च और नीचे के नाम पर हिंदू मुस्लिम और इसी के नाम पर और बारी-बारी से मिली मर नूरा कुश्ती करते हुए राज पाठ चलाते रहते हैं गाल गुलाबी नैन शराबी होकर अपनी कम से कम 10 पीढ़ियां तो सुधर ही लेते हैं -
अंत में अपने परिवार का मान सम्मान इज्जत बचाने के लिए राजनेता और जनता दोनों राम रही एम आसाराम बापू फादर वृषभ मुला मौली मौलाना अशोक खैरात जैसों पर सारा दोस्त डाल देते हैं और रूपाली जैसे लोग आराम से फिर से अपना काम शुरू कर देते हैं यही एक पक्षी कानून है जहां कभी महिला तो कभी पुरुष पीड़ित होता है और उसकी सुनने वाला कोई नहीं होता क्योंकि यहां पर लोग सच का साथ नहीं देते बस मजे से चटकारे लेकर ऐसे खुश होते हैं मानो उनका स्वर्ग और बैकुंठ हो मिल गया हो
भारत में यदि रहना है चींटी हाथी उठा के ले गई तब भी हां हां कहना है
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