Wednesday, 3 June 2026

विश्व का सबसे डरावना प्राणी सांप- डॉ दिलीप कुमार सिंह

विश्व का सबसे डरावना प्राणी सांप- डॉ दिलीप कुमार सिंह
सांप विश्व का एक ऐसा भयानक डरावना प्राणी है जिसका नाम सुनकर ही पूरे शरीर में भय की एक लहर दौड़ जाती है। यद्यपि संसार में एक से बढ़कर एक जीव जंतु और डरावनी चीज हैं जिनका नाम सुनकर शरीर में सिहरन दौड़ जाती है जैसे भूत-प्रेत पिशाच चुड़ैल डायन शैतान शेर भेड़िया लकड़बग्घा बिच्छू लेकिन इन सभी से डरावना और घातक प्राणी मानव जाति के लिए सर्प ही है। सांप पूरी दुनिया में अंटार्कटिका और न्यूजीलैंड को छोड़कर हर जगह पाए जाते हैं यह पानी और जमीन में पेड़ों पर जंगल और गुफाओं में निवास करते हैं और हर एक वातावरण के प्रति स्वयं को अनुकूलित कर लिया है इसलिए यह सृष्टि के सबसे सफल प्राणियों में से एक है ।

पूरी दुनिया में सांपों की 3900 के लगभग प्रजातियां पाई जाती हैं जिसमें 20% विषैली और 80% विषहीन होती हैं इसी तरह भारत में भी 69 प्रजातियां सांप की पाई जाती हैं जिसमें 29 समुद्र में और 40 जमीन पर मिलती हैं और इसमें से केवल 10% सांप विषैले और जानलेवा होते हैं पूरी दुनिया में सांपों की अधिकांश प्रजातियां जहरीली नहीं होती हैं

सांप के पैर नहीं होते यह सरीसृप अर्थात रेंग कर चलने वाले प्राणियों में से आते हैं इनके पैर की जगह शल्क होते हैं जिनकी सहायता से वे चलते हैं इनके बाहरी कान नहीं होते लेकिन आंतरिक कान होते हैं जिनमें हड्डियों की सहायता से जमीन से आने वाली आवाज को सुनते हैं इसके अलावा मस्तिष्क की विशेष ग्रहण की सहायता से हवा से आई हुई आवाजों को भी पकड़ लेते हैं इनकी श्वांस नली में एक फेफड़ा होता है और यह हर वर्ष अपना केंचुल उतारने रहते हैं जिसे कायांतरण या नवीनीकरण कहते हैं इनके नीचे का जबड़ा बहुत ही लचीला होता है जिसकी सहायता से अपने से बड़े शिकार को भी निगल जाते हैं सभी सांप मांसाहारी होते हैं यह विषैले और विषहीन दोनों प्रकार के होते हैं जो घात लगाकर या पीछा करके अपने शिकार को पकड़ते हैं।

सांप एक शीत रुधिर का प्राणी होता है अर्थात इसका शरीर अपने को मनुष्य की तरह वातावरण के अनुकूल नहीं कर सकता इसीलिए जाड़ों में बिल के अंदर चले जाते हैं और गर्मियों में बाहर आ जाते हैं जिससे उनका शरीर सर्दी गर्मी के प्रति अनुकूलित रहे इनका हृदय तीन खानों में विभक्त रहता है इनका पाचन तंत्र बहुत ही विकसित और संतुलित रहता है आंखों में पलक नहीं होता है इनके तेज और खोखले दांत होते हैं तो केवल खांच या अर्धचंद्र की तरह दो निशान पड़ते हैं जबकि विषहीन सांप के काटने पर छोटे-छोटे कई निशान पड़ जाते हैं सभी परिवार के साथ लंबे समय तक कभी-कभी 6 महीने से एक वर्ष तक बिना खाए पिए रह सकते हैं इसलिए महीने में एक बार भोजन उनके लिए पर्याप्त होता है। 

गर्मी और वर्षा ऋतु में सभी सांप बहुत ही भयानक और उत्तेजित रहते हैं और इसी समय में सबसे अधिक लोगों को काटते हैं जाड़े में वह लगभग निष्क्रिय रहते हैं क्योंकि ठंड में स्वयं को अनुकूलित न कर पाने के कारण धरती के अंदर या बिल में छुप जाते हैं वर्षा काल में सांपों का प्रजनन काल भी होता है इसलिए उस समय यह बहुत ही उग्र और भयानक होते हैं उसे समय उनसे बचना चाहिए। इस समय सांप क्रोध में काटते हैं और पूरा जहर शरीर में छोड़ देते हैं जिससे व्यक्तियों के मरने की संभावनाएं बहुत अधिक बढ़ जाती हैं इसके अलावा वर्षा काल में हर जगह पानी भर जाने से अपने शिकार को पकड़ने के लिए वह प्राय घर गांव बस्ती में आ जाते हैं इसलिए भी वर्षा काल में सांपों की घटनाएं काटने की बहुत अधिक हो जाती हैं। इसलिए हमेशा जूते चप्पल पहन कर टॉर्च लेकर लाठी के साथ निकालनाचाहिए।

दुनिया में सभी रंग रूप के सांप पाए जाते हैं लाल पीला काला सफेद नीला हीरे जैसा सोने जैसा होते हैं।सबसे छोटा सांप 10 सेंटीमीटर का थ्रेड नाग होता है जबकि सबसे बड़ा 10 मीटर का अफ्रीकी अजगर होता है किंग कोबरा भी काफी लंबा सांप होता है जो 18 से 20 फीट लंबा हो सकता है प्रमुख विषैले सांपों में नाग काला नाग भूरा नाग करैत वाइपर रसल वाइपर सा स्किल्ड वाइपर नागराज या किंग कोबरा बांस पिट वाईपर मांबा ब्लैक मांबा टाइपेन प्रमुख है जबकि विषहीन आंखों में अजगर ओलिव कीलबैक चेकर्ड कील बैक बेडडोम डोड़हा अषढ़िया धामिन घोड़ा पछाड़ जैसे सांप प्रमुख है। अजगर और अमेज़न नदी में पाए जाने वाले सांप सबसे लंबे होते हैं।

सांप का जहर दो प्रकार का होता है एक हीमोटोक्सिन और दूसरा न्यूरोटोक्सीन हीमोटोएक्सइन में बेहोशी और लकवा जैसी चीज हो जाती हैं जबकि न्यूरोटोक्सीन में खून का जाम जाना अंदर खून का रक्त स्राव होना जैसी घटनाएं होती हैं सांप अंडे और बच्चे दोनों देते हैं यह बहुत अद्भुत प्राणी है जो आदिकाल से लोगों के लिए  भय और जिज्ञासा का कारण बने हुए हैं माना जाता है कि जब हलाहल विष का पान भगवान शिव कर रहे थे तब उसे जहर की कुछ बूंदे धरती पर गिरी और उसको पीने वाले सांप और अन्य प्राणी विषैले हो गए थे सांप का जहर इतना घातक होता है की एक सांप सैकड़ो लोगों को मार सकता है सबसे अधिक जहर नागराज अर्थात किंग कोबरा में होता है और सबसे कम टाइपेन और करेत जैसे सांपों में होता है लेकिन जिस सांप में जितना ही काम जहर होता है वह उतना ही अधिक भयानक और घातक होता है।

 प्राचीन काल में नाग और सांप जातियां रहा करती थी और नाग कन्याएं भी होती थी याद रहे सांप या नाग नहीं होते थे बल्कि इनके बीच रहने वाले जो इनके विशेषज्ञ होते थे और सांपों से संबंधित झाड़ फूंक और उनके जहर से संबंधित काम करते थे उन्हें सांप और नाग जातियां कहा जाता था और वह सर्प और नाग बाहुल्य क्षेत्र में रहा करते थे नाग और सांपों की बहुत सी जातियां हुआ करती थी प्राचीन भारत के प्रसिद्ध और चर्चित नागों में वासुकी कर्कोटक र
तक्षक कुलक पद्म महापद्म शंखचूण धर्म चक्र अश्व सेन शेषनाग जैसे प्रसिद्ध नाग सरदार थे तो वहीं प्रमुख नाग कन्याओं में उलूपी कद्रू  अहिलवती सुलोचना मनसा जया विषहर शामिलबारी देव दोतली नागकन्याएं प्रमुख थी भगवान शिव की पंच नागकन्याएं थीं और उन्हीं पंच कन्याएं जो श्रावण महीने की शुक्ल पक्ष पंचमी को हुई थी के नाम पर नाग पंचमी आज भी मनाई जाती है कद्रू से नाग और क्रोधवशा से सांपों की प्रजातियां उत्पन्न हुई।

यह तो है नाग और सांप प्रजातियों की बात अब सीधे आते हैं कि सांपों से बचने के लिए क्या किया जाए इसके लिए कुछ ऐसे पेड़ पौधे जड़ी बूटियां जैसे सर्प बूटी सर्पगंधा हैं जिनको लगाने पर सांप भाग जाते हैं है घर में प्रवेश नहीं करती मिट्टी का तेल का प्रयोग करने पर भी सांप और जहरीले जीव जंतु घर में प्रवेश नहीं करते अंधेरी और नम जगह घर में नहीं होनी चाहिए क्योंकि सांप गर्मी में वहीं पर छुप जाते हैं जैसे अंधेरा कोना भूसा और खरपतवार जैसे स्थान उपली रखने का स्थान यहां बहुत सावधानी रखना चाहिए हमेशा नाजा नाम की होम्योपैथिक दवा घर में रखना चाहिए।

 अगर सांप काट ले तो बिल्कुल घबराए ने पहले देख की विषैला सांप हैं या विषहीन बिना समय गंवाएं सबसे पास के सुविधाओं वाले अस्पताल में जाएं ध्यान रहे जितना ही शांत रहेंगे और स्थिर रहेंगे सांप का विष उतना ही कम चढ़ेगा और अगर तेजी से भागेंगे घबरा जाएंगे तो रक्त संचार बहुत तेज हो जाएगा जिसके साथ सांप का विष भी शरीर में तेजी से  चढ़ेगा।पहले का मरीज को सोने न दें और तुरंत विषरोधी इंजेक्शन दिलाए जब तक डॉक्टर के यहां न पहुंचे तब तक घाव को साबुन से साफ करें घाव के ऊपर पट्टी बांधना घी पिलाना भी लाभदायक होता है 000 नंबर पर डायल करने से भी सेवाएं मिलती हैं 

अगर किसी ऐसे स्थान पर हैं जहां कोई भी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं है तो झार फूंक देसी जड़ी बूटियां का और घी तथा काली मिर्च का नीम की पत्ती का और इस तरह किसी भी अन्य उपाय का प्रयोग कर सकते हैं अगर मुंह में कोई घाव न हो तो उसको चूस कर निकल भी सकते हैं लेकिन इसमें बहुत सावधानी आवश्यक है ।इससे व्यक्ति को मनोवैज्ञानिक मनोबल भी मिलता है अधिकांश बार सांप हल्के से काटते हैं जिससे व्यक्ति मरता नहीं है इन सब बातों का ध्यान रखना चाहिए नहीं तो कई बार घबरा कर व्यक्ति विषहीन सांप के काटने से भी मर जाते हैं।

सांपों के बारे में कुछ सच्चाई और किंवदंती जान लेना भी आवश्यक है जैसे कि क्या सचमुच नाग कन्या होती है विज्ञान इसको नहीं मानता लेकिन सच यही है कि नागकन्या होती हैं जैसे कि अर्जुन ने उलूपी नाम की नाग कन्या और घटोत्कच ने अहिल्यावती नाम की नाग कन्या से विवाह किया था अगला प्रश्न है क्या नागों में मणि होती है इस पर भी विज्ञान सही उत्तर नहीं देता है लेकिन सही उत्तर यही है कि नागों में मणि होती है जो हल्के नीले श्वेत रंग की चमकदार होती है मैंने स्वयं दो बार बांदा के जंगलों में और एक बार जौनपुर में नाग की मणि देखी है लेकिन लाखों नागों में किसी एक में नागमणि होती है जो बहुत अधिक आयु के हो जाते हैं ।

नागमणि बहुत अधिक शक्तिशाली और धन संपदा देने वाला होता है अगला प्रश्न है क्या सांप बदला लेते हैं विज्ञान इसके बारे में नकारात्मक उत्तर देता है लेकिन यह सच है कि अनेक प्रत्यक्ष प्रमाण है कि नाग बदला लेते हैं मैं खुद एक बार गांव में नाग मारा था तो उसकी नागिन कई दिनों तक मेरे पीछे पड़ी रही और एक बार पेड़ से कूद कर मेरे ऊपर आक्रमण कर दिया लेकिन मेरे पीछे चल रहे हैं लोगों के चिल्लाने पर मैं बच गया और उसे मार डाला अगला प्रश्न है क्या सचमुच मंत्र शक्ति और जड़ी बूटियां से सांप का भी सुधर जाता है इसका उत्तर निश्चित रूप से हां में है लेकिन सच्ची जानकारी होना चाहिए 

एक प्रश्न यह भी है कि अगर सांप से आमना सामना हो तो उसको मार दें या छोड़ दें मेरा मानना है कि सांप साक्षात काल के स्वरूप हैं और दुश्मन या काल को कभी भी छोड़ना नहीं चाहिए और मार देना चाहिए हां अगर फण वाले नाग अर्थात कोबरा है तो उसको छोड़ा जा सकता है अगला प्रश्न है क्या राजा जन्मेजय आस्तिक मुनि और कश्यप का नाम लेने से सांप भाग जाते हैं तो इसका उत्तर है बिल्कुल ।इसको करके आप देख सकते हैं इन तीनों का नाम लेकर अगर नाग को भागने को कहते हैं तो वह भाग जाता है कारण चाहे जो हो 

वैसे एक बात जान लीजिए सांप साक्षात काल के रूप हैं इसलिए जिसका काल आ जाता है उसी को यह काटते हैं इसीलिए महाकाल भगवान शिव ने इन्हें अपना आभूषण बना रखा है नाग  अर्थात कोबरा जल्दी बिना गलती के किसी को नहीं काटते और काटने के पहले फुफकार कर चेतावनी देते हैं लेकिन वाइपर करेत और रसल वाइपर कहीं भी किसी को भी बिना गलती के भी काट लेते हैं और कोई चेतावनी भी नहीं देते हैं। 

एक बात और है कि सभी सर्प प्रजातियां सारे संसार के विष को हवा के द्वारा सोचती रहती हैं और संसार विषैला होने से बचा रहता है इसके अलावा खेती बागवानी और मनुष्य के तमाम शत्रुओं को मार कर खा जाती हैं नहीं तो अन्य जानवर जैसे चूहे इत्यादि बेकाबू हो जाते हैं अगर विषैले सांप ने काट लिया है तो नीम की पत्ती कड़वी नहीं लगती और व्यक्ति दांत से जौ का दाना तोड़ नहीं पता यह पक्की पहचान है सभी सांपों को जहर भगवान ने उनकी सुरक्षा के लिए दिया है अन्यथा कब के वे समाप्त हो गए होते। दुनिया में कुछ ऐसे भी सांप होते हैं जो पेड़ों से छलांग दूर-दूर तक लगाते हैं तो लगता है कि वह उड़ रहे हैं सांप की आंखों में लगातार नहीं देखना चाहिए वरना व्यक्ति सम्मोहित हो जाता है ।
नाग पंचमी को विधि विधान से जो पूजा की जाती है उसके द्वारा एक विचित्र सुगंध उत्पन्न होती है जिसकी सुगंध से सभी जहरीली सांप प्रजातियां घर और समाज से दूर खेतों और जंगलों में भाग जाती है यही नाग पंचमी की पूजा का महत्व है

किस प्रकार सर्प प्रजाति ने संपूर्ण दुनिया पर अपना अधिकार जमा रखा है और प्रकृति में अपने को बखूबी सुंदर ढंग से जल थल जंगली पेड़ पौधे हर जगह के लिए अनुकूलित कर लिया है यह विश्व का सबसे आश्चर्यजनक प्राणी भी है वहीं यह दुनिया का सबसे भयंकर प्राणी भी है जिसका प्रमाण यह है कि अचानक सांप के आगे आ जाने से व्यक्ति हक्का-बक्का हो जाता है मैंने तो अपने जीवन में सैकड़ो विषैले सांपों को मारा है सांप को मारने का सबसे अच्छा तरीका उसके सिर पर प्रहार करना होता है अगर हल्का तेज प्रहार भी सिर पर पड़ गया तो सांप बेहोश हो जाता है या मर जाता है अगर आप तेज दौड़ते हैं तो कोई सांप आपको पकड़ नहीं पाएगा क्योंकि सांप के अधिकतम गति 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा होती है और संकट पड़ने पर कोई भी व्यक्ति 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से भाग लेता है इस प्रकार सांप दुनिया का सबसे अद्भुत और डरावना जीव है।

नेपाल के बीरगंज से नाबालिग लड़की लापता, सूचना देने वाले को मिलेगा 1 लाख रुपये का पुरस्कार

नेपाल के बीरगंज से नाबालिग लड़की लापता, सूचना देने वाले को मिलेगा 1 लाख रुपये का पुरस्कार
नेपाल के जिला पर्सा अंतर्गत बीरगंज निवासी नाबालिग लड़की सिद्धि मिश्रा दिनांक 29 अप्रैल 2026 से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता है। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन एवं प्रयास किए जाने के बावजूद अब तक लड़की का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे परिवार बेहद चिंतित एवं परेशान है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए इंस्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा द्वारा लड़की की सुरक्षित बरामदगी अथवा सही सूचना देने वाले व्यक्ति को ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।

उन्होंने आमजन से अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति को सिद्धि मिश्रा के संबंध में कोई जानकारी प्राप्त होती है अथवा कहीं दिखाई देती है, तो तत्काल नीचे दिए गए नंबर पर संपर्क करें।
लोगों से इस सूचना को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की गई है, ताकि नाबालिग लड़की जल्द से जल्द सुरक्षित अपने परिवार तक पहुँच सके।

हम आपको बताते चलें इंस्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा एक बहुत ही कर्तव्य निष्ठ अधिकारी है और हमेशा अपने कार्य को पूरी निष्ठा और लगन के साथ  करते हैं और यही कारण है कि आज तक उन्होंने अपनी  टीम के साथ बहुत सारे बच्चों को रेस्क्यू किया है । वास्तव मे इंस्पेक्टर शर्मा जैसे अधिकारी विभाग की अमूल्य संपत्ति है। क्योंकि पुलिस सेवा के साथ-साथ मानवता की सच्ची सेवा भी कर रहे हैं इंस्पेक्टर शर्मा।

संपर्क सूत्र:
इंस्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा
मोबाइल / WhatsApp: +91-8853703761
इंस्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा