अंत में वही हुआ जो पिछले 49 साल से होता चला आ रहा है मानसून वर्षा और मौसम की हमारे केंद्र की भविष्यवाणी पूरी तरह सही हुई
जनवरी से अब तक 17 बार लिखकर पोस्ट किया जा चुका है और सैकड़ो समाचार पत्र पत्रिकाओं और चैनलों में भी छप चुका है कि इस वर्ष मानसून विलंबित अनियंत्रित और बहुत कमजोर होगा इस वर्ष वर्ष भी बहुत कम होगी और अकाल और सुख या अकाल सूखा जैसी स्थितियां पड़ने से कोई रोक नहीं सकता।
जबकि आज के 15 दिन पहले तक अप्रैल और मैं के सारे मौसम विभाग और प्राइवेट मौसम विभाग जैसे स्काई में स्काई भेजें और समाचार पत्र और विश्वविद्यालय ओके तथा कथित विद्वानों को देख लीजिए सभी ने समय पर मानसून आने और सामान्य से अधिक वर्षा होने की कई कई बार भविष्यवाणी किया है
इस समय संपूर्ण देश से मानसून और मानसूनी बादल गायब हो जब केरल में मानसून 15 म ई को आया तो उसे किसी ने नहीं माना और 25 म ई तक बरस कर चला गया। अब सभी हमारे हमारी भविष्यवाणी मान लिया है कि मानसून अनियमित है विलंबित है और कम वर्षा करेगा और 25 जून तक इसके कहीं से आने की आशा नहीं है इसी तरह 15 से 25 जून तक महा भयंकर प्रलयंकारी गर्मी उमस पड़ने की हमारे केंद्र की भविष्यवाणी भी सही हुई।
यह सब लिखने और कहने का अर्थ केवल इतना ही है कि सही जानकारी सबको मिले तब सावधान रहें खेती किसानी बागवानी जिस हद तक संभव हो बचा सके और कोई अर्थ नहीं है अभी तीन-चार दिन तक शरीर जलाने वाली गर्मी उमस और पसीना झेलने को तैयार रहे जल्दी ही एक चेक करवाती वर्षा आंधी तूफान के साथ और उसके बाद वर्ष कुछ दिन तो राहत और ठंड प्रदान कर ही देगी
लेकिन फिर से यही कहना चाहूंगा कि वर्षा के बीच-बीच में कुछ अच्छे सुहावना दिन छोड़कर 25 अक्टूबर तक भीषण गर्मी उमस और पसीना चलने के लिए अपने को तैयार कर लीजिए साथ ही साथ कमजोर मानसून और अकाल तथा सूखा जैसी स्थितियां के लिए भी तैयार रहें -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक
No comments:
Post a Comment