आज वर्ष का प्रथम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है लेकिन भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए भारत में ग्रहण और उसके सूतक का कोई प्रभाव नहीं होगा इसलिए आज भारतीय पंचांगों में इस ग्रहण की कोई परिचर्चा नहीं की गई है
यह ग्रहण अंटार्कटिका ऑस्ट्रेलिया और दक्षिणी अमेरिका तथा आसपास के कुछ भागों में दिखाई देगा भारतीय समय के अनुसार या 3:26 मिनट दोपहर के बाद से प्रारंभ होगा और रात में 7:58 तक चलेगा और 5:37 पर इसका चरम उत्कर्ष होगा
हमारे केंद्र ने इस ग्रहण का इसलिए वर्णन नहीं किया कि इसका भारत में ना तो कोई असर होगा और ना कहीं से दिखाई देगा
फिर भी यदि कोई सावधानी करना चाहे तो खाने-पीने की सामानों में तुलसी के पत्ते एवं दूब घास डालकर आराम से बिना किसी दुविधा के अपना कार्य रोज की तरह करते रहें
इस ग्रहण का प्रभाव भारत पर कुछ विशेष नहीं पड़ेगा लेकिन इतना अवश्य है कि इसका प्रभाव अमेरिका ऑस्ट्रेलिया दक्षिण पूर्वी एशिया चीन और अरब देशों पर भीषण रूप से पड़ेगा जिसके कारण हिंसा मार्केट अचानक भयानक युद्ध समुद्र में उथल-पुथल सुनामी लहरें ज्वालामुखी विस्फोट एवं कुछ मध्यम तेज भूकंप एक सप्ताह के अंदर इन क्षेत्रों में एवं आसपास आ सकते हैं कभी-कभी इसके प्रभाव से दूरस्थ भागों में भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं रोग बीमारियों का प्रभाव भी उपयुक्त क्षेत्र में अधिक होगा-डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं दीर्घकालिक विज्ञान अनुसंधान केंद्रजौनपुर
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