*संभल जनपद ।*
*उत्तर प्रदेश ।*
*ग्राम प्रधान के ही कुछ विरोधियों ने गांव के विकास कार्यों में की बाधा उत्पन्न ! प्रशासनिक अधिकारियों में दिखाई दी शिथिलता । ग्रामीणों में रोष व्याप्त है*
यह रोड मालपुर मिलक और अहरोला माफी बांया
मामला संभल जिले के ब्लॉक असमोली क्षेत्र में नयी ग्राम पंचायत पैंतियामाफी का प्रत्यक्ष में विपक्षी पार्टी समाजवादी के कार्यकर्ताओं द्वारा सरकार के ऊपर बुराई का जामा पहनाने का उजागर हुआ है। प्रशासन आंखें मूंदकर बैठा है।
एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढाने में लगी है तो दूसरी ओर कुछ गांव के विरोधी लोग विकास कार्य में बाधा डालने में सक्रिय हैं। बताया जाता है कि यह विरोधी तत्व समाजवादी पार्टी के ही समर्थक व कार्यकर्ता हैं।
विधानसभा चुनाव जैसे करीब आ रहा है वैसे वैसे विपक्षी पार्टी विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करके उत्तर प्रदेश सरकार की उपलब्धियों में सैंधमारी का काम दिखाकर ग्रामीण क्षेत्र में सरकार को बुराई का जामा पहनाने में जुटी है।
जानकारी के अनुसार असमोली ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पैंतियामाफी प्रधान एवं पंचायत सचिव ने ग्रामवासियों की सहमति से कई ग्रामों को मिलाने वाले रोड पर बस्ती के निकट अभिलेखों में दर्ज ग्राम समाज में निहित खाद के खाली पडे स्थान पर पंचायत भवन निर्माण कराना शुरू किया,तो गांव के कुछ विरोधी तत्वों ने ऐतराज जताया कि दूसरे जिले अमरोहा क्षेत्र के सम्पर्क मार्ग पर गांव से दूर पंचायत भवन बनना चाहिए। गांव के समीप पूरब में खाली पडे स्थान पर खाद के गड्ढों में पंचायत भवन ना बनाने की शिकायत जिलाधिकारी एवं उप-जिलाधिकारी संभल, को दी,बताया जाता है कि जांच में आये तहसील लेखपाल भी समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं से हमसाज हो गये और पंचायत भवन निर्माण ना होने की रिपोर्ट दे बैठे। जबकि गांव में बस्ती निकट पश्चिम दिशा में समुदायिक शौचालय भी भूलेखों में दर्ज खाली पडे खाद के गड्ढों में ही बना हुआ है।
जबकि प्रशासन को चाहिए कि जिलाधिकारी संभल मौके पर गांव में जाकर विकास कार्य में सहयोग करें और असामाजिक तत्वों पर कानूनी कार्यवाही करें।
सुभाष शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार की रिपोर्ट ।
No comments:
Post a Comment