Friday, 7 November 2025

वंदे मातरम की 150 में जयंती हिंदी दिवस स्वदेशी प्रेम का प्रदर्शन यह सब फालतू की चीज हैं क्योंकि कोई भी पार्टी और कोई भी

वंदे मातरम की 150 में जयंती हिंदी दिवस स्वदेशी प्रेम का प्रदर्शन यह सब फालतू की चीज हैं क्योंकि कोई भी पार्टी और कोई भी सरकार इसको लागू नहीं करना चाहती है वरना अंग्रेजी सम्राट की चाटुकारिता में गया जाने वाला जन गण मन कभी भी भारत का राष्ट्रगान नहीं होता उसकी जगह वंदे मातरम घोषित होता इसी तरह जिन अंग्रेजो ने 200 वर्षों तक भारत में अनगिनत ल हत्याकांड बलात्कार करके देश को सनातन धर्म को विनाश किया और इसको 665 टुकड़ों में गांधी नेहरू की सहायता से बांट दिया उसे अंग्रेजों की अंग्रेजी भाषा उनकी संस्कृति सभ्यता कभी भी भारत में अपनी नहीं जाती इसी तरह विश्व का सर्वश्रेष्ठ पंचांग और सनातनी वर्ष को छोड़कर कभी भी नया क्रिश्चियन ‌ वर्ष भारत में नहीं मनाया जाता यह सब केवल दिखावटी प्रेम है और उसे समय की प्रतीक्षा है जब कोई सच्चा राष्ट्रभक्त सनातनी योद्धा देश में पैदा होगा और भारत का प्रधानमंत्री बनेगा वैसे 2027 वह वर्ष है जब योगी जी प्रधानमंत्री बनकर देश को सचमुच ही सनातन देश और अखंड भारत बनाएंगे बाकी सब कहने को हैं सबके मन में अंग्रेजों की गुलामी और अंग्रेजी भाषा की सर्वश्रेष्ठता बसी हुई है सच यही है खाने को कोई कुछ भी कहे वरना राइजिंग इंडिया की जगह भारत उदय मेक इन इंडिया की जगह भारत निर्मित पड़ेगा तो बढ़ेगा इंडिया की जगह पड़ेगा तो बढ़ेगा भारत जैसे शब्दों का प्रयोग होता और शादी की जगह विवाह खान की जगह भजन देवी और वाइफ की जगह पत्नी मुबारक की जगह बधाई शुक्रिया थैंक यू की जगह धन्यवाद हर भारतवासी कहता सब काले अंग्रेज विदेशीकृत दास और मैकाले के मानस पुत्र बनने की दौड़ में सब कुछ भूल चुके हैं इसी तरह कागजों पर सब कुछ मनाया जाएगा और कुछ दिन के बाद स्वदेशी हिंदी भारत जैसी चीजों का नाम और निशान मिट जाएगा डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

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