मस्जिदों से ज़्यादा मुसलमानों को नमाज़ी बनाया जाए।
मस्जिद का इस्लामिक नाम होना चाहिए न कि किसी फसादी का नाम।
अखिल भारतीय मुस्लिम महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष फरहत अली खान ने कहा कि देश में इस्लाम को मानने वालों का हर नागरिक सम्मान करता है लेकिन आक्रांताओं से उतनी ही नफरत भी।
आक्रांताओं ने देश को लूटा हत्याएं की धार्मिक स्थलों को तोड़ा आज देश में अगर कोई भी नागरिक इनके नाम से जिले, सड़क,व्यापारिक या धार्मिक स्थल का नाम रखता है तो वह राष्ट्र विरोधी होगा न की राष्ट्र हितैषी।
फ़रहत अली खान ने बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के नाम पर मस्जिद का निर्माण किया जाना राष्ट्र विरोध के साथ साथ इस्लामिक विरोधी भी है।
फरहत अली खान ने कहा मुसलमान देश में अमन शांति और तरक्की चाहता है ।
क्योंकि इक़बाल ने भारत के लिए कहा।
*गर फ़िरदौस ए बरीअस्त हमीं अस्त हमीं अस्त*
अगर दुनिया में कही जन्नत है तो वह भारत ही है भारत ही है।
हिमायों कबीर जैसे फसादी लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही कर जेल की सलाको के पीछे होना चाहिए भारत सरकार से हम अपील करते हैं और मांग भी करते हैं।
ममता सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू हो।
यह देश के अमनों अमान का विषय है। इससे कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता।
फरहत अली खान
अध्यक्ष मुस्लिम महासंघ
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