इस संसार में दो सबसे बड़े झूठ हैं पहले हजारों साल पहले मरा हुआ सांता क्लास जाकर बच्चों को उपहार देता है ।
और दूसरा करने के बाद काफिरों का कत्ल करने वाले मुसलमान को हूर और गिलमें जन्नत में मिलते हैं।
पहली बात तो यह है कि सच का दावा करने वाले क्रिश्चियन लोग अपने बच्चों को झूठा इतिहास बताते हैं कि मरा हुआ सेंटर क्रिसमस के दिन आता है
दूसरा सबसे बड़ा झूठा है कि जिन हूरों और गिल्मू का वर्णन किया गया है उनकी लंबाई 135 से 150 फिट होती है तो बताओ 5 फुट के मरने वाले तुर्क मुस्लिम उनका क्या बिगाड़ लेंगे।
और यह लोग सनातन धर्म के झूठे और अंधविश्वासी होने का झूठा आरोप लगाते हैं
परम पवित्र गंगा और कामधेनु अपने वाले सनातनी अगर बकरी चराने और सलीब पर लटक जाने के लिए क्रिश्चियन और मुस्लिम बनते हैं तो इसमें मुसलमान या क्रिश्चियन का क्या दोष है।
ऊपर से 3 दिन बाद फिर से जिंदा होने कालीन पर उड़ने चंद्रमा पर नमाज पढ़ने चंद्रमा को दो टुकड़े करने समेत पृथ्वी के चिपट होने की अनर्गल बातों से इनका धर्म ग्रंथ भरा हुआ है सच है राक्षसों और शैतानों के वंशज ऐसे ही होते हैं जैसे आज अरब और यूरोप के लोग हैं। डॉ दिलीप कुमार सिंह
[12/24, 12:36 PM] Dileep Singh Rajput Jounpur: झूठ का पिटारा सिद्ध हो चुके क्रिसमस को यदि कोई भी सनातनी किसी वजह से मानता है तो उसको क्या माना जा सकता है क्या मुस्लिम और ईसाई बच्चे सनातनी स्कूल में पढ़ने से वंदे मातरम सूर्य नमस्कार भजन कीर्तन और संध्या करते हैं यदि नहीं तो सनातनी धर्म के हिंदू क्रिश्चियन स्कूलों में ऐसा क्यों करते हैं मतलब यह हुआ कि यह लोग खुद ही गड़बड़ हैं
[12/24, 12:36 PM] Dileep Singh Rajput Jounpur: क्रिसमस और क्रिसमस ट्री में एक गुण है पूरी दुनिया में झूठ अंधविश्वास और कचरा फैलाना तुलसी में हजारों गुण हैं तुलसी दिवस मनाओ और जिस तरह ईद बकरीद भूल गए वैसे ही क्रिसमस गुड फ्राइडे और नया अंग्रेजी वर्ष भूल जाओ और यदि कहीं शांत मिले तो उसे घंटा पकड़ा कर उसका पिछवाड़ा लाल कर दो डा दिलीप कुमार सिंह
[12/24, 6:35 PM] Dileep Singh Rajput Jounpur: भारत के ऋषि मुनियों और विद्वानों के द्वारा हर नियम अकाट्य हैं उसी में पति-पत्नी के बीच विवाह में 2 से 5 वर्ष से अधिक अंतर नहीं होना चाहिए। आजकल विवाह में 5 से 10 वर्ष का अंतर भी वैवाहिक विच्छेद और हिंसा का प्रमुख कारण है आयु में अधिक अंतर वैवाहिक जीवन में हर प्रकार का अंतर पैदा करता है और ऊर्जा स्तर से लेकर रुचि और सोच का स्तर भी बहुत अलग हो जाता है
। इसके साथ किसी भी तरह विवाह में लड़के के 20 वर्ष तक और लड़के की 25 वर्ष तक कर देना चाहिए अन्यथा वह कितने ही बड़े पद पर पहुंच जाएं और कितने ही पैसे वाले हो जाएं उनका वैवाहिक जीवन का भी सुख में नहीं रहता है बस एक समझौता भरा होता है
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