Friday, 2 January 2026

मौसम की भविष्यवाणी ‌ मौसम की विस्तृत विवेचना भारत और पूरे विश्व में भयंकर ठंड और उसका कारण

 मौसम की भविष्यवाणी  ‌ मौसम की विस्तृत विवेचना  भारत और पूरे विश्व में भयंकर ठंड और उसका कारण 

 ‌ 15 दिसंबर 2025 15 जनवरी 2026 तक घनघोर ठंड कोहरा और गलन कि हमारे कैलेंडर के भविष्यवाणी पूरी तरह सही हुई। महाठंड लगातार कोहरे और गलन के साथ बढ़ती जा रही है और कोई इसका कारण समझ नहीं पा रहा है जिसको मैंने कई महीने पहले समझा दिया था और भयानक ठंड से बचने के लिए तैयारी करने कोकहा था । अब आप आप जान लीजिए कि क्यों घनघोर भयंकर महा ठंड पूरे उत्तरी गोलार्ध भारत और जौनपुर सहित हर जगह पड़ रही है इसका कारण भी अंत में बताया गया है अभी तो संपूर्ण अमेरिका यूरोप एशिया इस कीर्तिमान बनाने वाली ठंड से कांप रहा है

 ‌ आज सुबह घनघोर ‌ हल्के  कोहरे के बाद  ‌ गणगौर कोहरा और बदरी होगी  हल्की धूप होगी और दिन में मौसम काफी बिगड़ जाएगा ‌ संपूर्ण उत्तरी भारत उत्तर प्रदेश पूर्वोत्तर भारत पश्चिम उत्तर मध्य और दक्षिण पूर्व भारत सहित महाराष्ट्र का ही हाल होगा अनेक स्थानों पर तापमान शून्य से भी नीचे चला जाएगा

जौनपुर और आसपास आज का अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के साथ घनघोर ठंडा होगा न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस होने से ठंड और भी बढ़ जाएगी बदरी और कोहरा भी भयंकर होगा हल्की-फुल्की धूप हो सकती है वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत ही खराब 395 हवा की दिशा पूर्व और गति 7 से 11 किलोमीटर प्रति घंटा होगी  ‌ इससे साहस संबंधी अनेक परेशानी और हृदय रोग बढ़ेगा।

कल के बारे में अनुमान है कि अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहेगा ‌ बाकी मौसम की सभी  दशाएं आज जैसी ही रहेंगे ‌ घना बादल और कोहरा जारी रहेगा ‌ संपूर्ण भारत में ऐसे ही दशाएं रहेंगे केवल तमिलनाडु पुडुचेरी और दक्षिणी भारत में सुहावना मौसम के साथ वर्षा होने की संभावना है

अभी जौनपुर पूर्वांचल जौनपुर के आसपास उत्तर भारत मध्य भारत पश्चिमोत्तर भारत उड़ीसा और पूर्वोत्तर भारत तथा हिमालय क्षेत्र में मौसम में परिवर्तन की 15 जनवरी तक कोई भी आशा नहीं है भीषण ठंड से लोगों का हाल बेहाल हो जाएगा 15 जनवरी के बाद मौसम थोड़ा सा सुधर जाएगा लेकिन यह मौसम एन केन प्रकारेण मकर संक्रांति अर्थात 15 जनवरी तक इसी प्रकार चलता रहेगा ।

दिसंबर भर घनघोर ठंड पड़ने की और एक बूंद वर्षा नहीं होने की हमारे केंद्र की भविष्यवाणी बिल्कुल सही हुई और हमेशा 48 वर्षों से यह भविष्यवाणी ज्ञान विज्ञान कला संस्कृति अनंत अंतरिक्ष परग्रही एलियन खेल राजनीति एवं मौसम के बारे में 99% की दर से बिल्कुल सही उतरती रही है जो घनघोर अध्ययन और ईश्वर की कृपा का परिणाम है ।‌ और बड़े-बड़े मौसम वैज्ञानिकों और मौसम विज्ञान केदो के लिए आश्चर्य का कारण है।

जनवरी और फरवरी महीना में मौसम में भीषण ठंड कायम रहेगी यह पहले भी बताया गया था कि इस वर्ष भयंकर ठंड कीर्तिमान तोड़ने वाली होगी और घनघोर कोहरा हाल बेहाल कर देगा और 15 दिसंबर से 15 जनवरी तक हल्की धूप के अलावा और कुछ नहीं होगा और बिल्कुल वही सत्य हुआ। जनवरी और फरवरी में कई बार झंझावात के साथ वर्षा होगी  ‌ 30 दिसंबर से 3 जनवरी तक बदल के साथ हल्की वर्षा का भी योग है कहीं बूंदाबांदी हो सकती है

भयंकर ठंड किया पहुंच उड़ीसा और महाराष्ट्र तक रहेगी और 50% भारत ठंड की चपेट में रहेगा उत्तरी भारत में प्रचंड ध्रुवीय और पांचवा हवा और हिमालय की बर्फबारी से ठंड गैलन और भी बढ़ जाएगी दक्षिण भारत में तमिलनाडु पुडुचेरी लक्षद्वीप को छोड़कर सारा भारत ठंडा रहेगा 

जहां तक विश्व के मौसम की बात है तो संपूर्ण उत्तरी अमेरिका का 90% भाग यूरोप का शव और एशिया महाद्वीप का 80% भाग बर्फ से पूरी तरह ढक जाएगा कनाडा संयुक्त राज्य अमेरिका संपूर्ण यूरोप पुरुष चीन जापान कोरिया मंगोलिया अरब देशों में भारी के साथ ठंड चरम पर पहुंच जाएगी और अलास्का बरखोयानस्क याकुट्स ओमियोकोन उलानबटोर ‌ जैसे शहरों करो नगरों का तापमान माइनस 50 से - 70 तक गिर जाएगा। केरल ऑस्ट्रेलिया-दक्षरी अमेरिका और अफ्रीका ही गरम रहेंगे

बाकी जो लोग इंटरनेट और उसके आधार पर भविष्यवाणी करने वाले लोगों के ऊपर निर्भर हैं उनकी गति भगवान ही जाने।- डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि
[1/3, 7:40 AM] Dr  Dileep Kumar singh: मौसम में लगातार भयानक ठंड गलन और अनेक स्थानों पर घनत्व कोहरा छाए रहने का कारण 

वैसे तो हर वर्ष ठंड पड़ती है और जनवरी में चरम पर पहुंच जाती है लेकिन इस वर्ष की दशाएं कुछ लग रही जिसकी भविष्यवाणी 5 महीने पहले हमारे केंद्र के द्वारा की गई थी की 25 सितंबर तक हल्की ठंड और 25 अक्टूबर तक अच्छी ठंड पड़ेगी और यह मार्च तक लगातार कायम रहेगी 

इसका पहला कारण लगातार पश्चिमी हवाओं और ध्रुव प्रदेश की अत्यंत ही शीतल हवाओं का दक्षिण दक्षिण पूर्व की ओर बहना है जिसके कारण संपूर्ण उत्तरी गोलार्ध और भारत के दक्षिण में कर्नाटक तक इस सीत का असर पड़ा है 

दूसरा कारण हिमालय पर्वत पर लगातार हो रही बर्फबारी और उत्तरी हवाओं का पश्चिमी हवाओं के साथ मिलकर बहना है इस प्रचंड हिमपात के कारण संपूर्ण उत्तरी भारत पश्चिम उत्तर भारत और पूर्वोत्तर भारत में ठंड की लहर दौड़ रही है 

दिन में हल्की सी उम्र और रात में प्रचंड सीट के कारण वायुमंडल में विद्यमान जलवाष्प की बूंदे घनी होकर कोहरे में बदल जा रही है और यह हवा के साथ-साथ पहाड़ों से उतरकर मैदानों और ‌ घाटियों में बह रही हैं जिससे प्रचंड घना कोहरा छाया हुआ है।

लगातार भयानक शीतलहर और भयानक गलन का अगला कारण है लगातार 1 महीने से किसी शक्तिशाली विक्षोभ का न बनना और वर्षा न होना ‌ इसके कारण 15 दिसंबर से 15 जनवरी तक मौसम में परिवर्तन होने और वर्षा या गर्मी होने की संभावना है शून्य के बराबर हो गई हैं। 

पांचवा कारण है चंद्रमा का लगातार पृथ्वी के निकट बने रहना और महाचंद्र अर्थात सुपरमैन की स्थिति बनाए रखना इससे शीतलता में और ठंड में और अधिक वृद्धि हो रही है 

छठ कारण है ला नीना का प्रभाव जो ठंड पैदा करता है महासागर और सागरों में गर्मी पैदा होने और जलवाष्प बढ़ने से रोकता है जिसके कारण समुद्री विक्षोभ भी जो वर्षा ‌ करने में और मौसम परिवर्तन करने में अक्षम है। 

आत्मा और अंतिम कारण है इस समय सूर्य के अंदर हलचल और विस्फोट का शांत रहना और सूर्य का धरती से दूर होना जिसके कारण संपूर्ण धरती पर ठंड की लहर में रोक-टोक बह रही है।

 यह सभी स्थितियां 15 जनवरी के बाद बदल जाएंगे जब सूर्य उत्तरी गोलार्ध के नजदीक आएगा और मौसम में अचानक ही तेजी से परिवर्तन होगा कोर समाप्त हो जाएगा और धूप भी अच्छी होने लगेगी- डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978

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