Friday, 6 February 2026

मड़ियाहूं में विधिक साक्षात है जागरूकता शिविर का किया गया आयोजन

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर के तत्वावधान में जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ‌ सुशील कुमार शशि जौनपुर के निर्देशन और सचिव सुशील कुमार सिंह की देखरेख में एक विधिक साक्षरता जागरूकता  सेमिनार का आयोजन ‌‌ तहसील सभागार मड़ियाहूं जनपद जौनपुर में आयोजित किया गया ‌ इस सेमिनार में  ‌ सचिव सुशील कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह  ‌ तहसीलदार मडियाहू राकेश कुमार प्राधिकरण के सुनील कुमार मौर्य डाटा एंट्री ऑपरेटर शिव शंकर सिंह और सुभाष यादव पीएलबी और राकेश कुमार यादव उपस्थित रहे ।
 वक्ताओं के क्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ‌ सुशील कुमार सिंह जौनपुर ‌ के द्वारा  ‌ बच्ची देवी बना स्टेट के बारे में माननीय उच्च और उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देशों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यों को विस्तार से समझाया गया और बताया । कन्या भ्रूण हत्या एवं महिला सशक्तिकरण के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा की महिलाएं जागरूक होगी तो देश भी जागरूक होगा ‌उन्होंने लोगों से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सहायता लेने के लिए भी प्रेरित किया।‌ उन्होंने कहा कि समाज और देश की आवश्यकता अनुसार विधियो में परिवर्तन और संशोधन होता रहता है। इसके अतिरिक्त बच्चों के अधिकार और स्थाई लोक अदालत के बारे में भी विस्तार से जानकारी देते हुए इस संबंध के टोल फ्री नंबर को याद रखने की बात कही गयी। उनके द्वारा बताया गया कि व्यक्तिगत बंदी की सामाजिक आर्थिक रिपोर्ट आ जाने के बाद संबंधित न्यायालय को तत्काल बंदी के जमानत प्रक्रिया को मानवीय एवं संवैधानिक अनुक्रम में त्वरित गति से किया जाना आवश्यकहै।‌ उन्होंने 14 मार्च को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक विवादों को सुलह समझौते द्वारा निश्चित करने पर बल दिया और कहा कि यह एक अस्थाई समाधान है और इसमें कोर्ट फीस भी वापस हो जाती है ।

डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉ दिलीप कुमार सिंह के द्वारा ‌ महिलाओं और बच्चों के अधिकार के बारे में महिला सशक्तिकरण के बारे में बताया गया की प्राचीन काल में भारत में महिला और पुरुष में कोई भी विभेद नहीं था ‌ स्त्री और बालकों को विधान और संविधान में संपूर्ण सुरक्षा दी गई है किसी महिला को पुलिस सूर्यास्त के बाद गिरफ्तार नहीं कर सकती 14 वर्ष से कम बालकों को खतरनाक कामों में लगाया नहीं जा सकता है ‌ समान काम के लिए महिलाएं समान वेतन पाने और मातृत्व अवकाश की हकदार हैं।और उन्हें प्राधिकरण से भी हर संभव सहायता दी जाती है और उन्होंने कहा कि यदि नारियां संकल्प कर ले तो दहेज इत्यादि प्रथम अपने आप समाप्त हो जाएगी। ‌ बच्ची देवी बनाम स्टेट में माननीय सर्वोच्च और उच्च न्यायालय के द्वारा दिशा निर्देश दिए गए हैं कि यदि मुकदमे में 7 वर्ष या उससे कम की सजा है तो पुलिस सामान्य रूप से ऐसे लोगों को गिरफ्तार नहीं करेगी और चार्जशीट प्रस्तुत होने पर उन्हें व्यक्तिगत बंधपत्र या एकल जमानत पर छोड़े जाने का प्रावधान के बारे में व्यापक दिशा निर्देश  हैं जमानत एवं स्वतंत्रता हर व्यक्ति का अधिकार है और उन्हें अकारण जेल में बंद नहीं रखना चाहिए जमानत की प्रक्रियाओं को सरल और मानवीय होना अत्यंत आवश्यक है । सत्येंद्र अंटील ‌ मुशीर आलम जैसे मामलों के दिशा निर्देश का पालन किया जाना आवश्यक हैदेश प्रेम अनुशासन बच्चों को समय का सदुपयोग करने‌ और मोबाइल की अश्लीलता से बचकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया‌ साथ ही साथ कहा की 100, 112, 1098,333 101 जैसे आवश्यक नंबर सबको याद रखना चाहिए।

‌ तहसीलदार मडियाहू राकेश कुमार के द्वारा शासन और प्रशासन की महिलाओं और बच्चों के बारे में दिए जा रहे सहायता और सुविधाओं का विस्तार से उल्लेख किया और बताया कि प्रशासन प्राधिकरण के दिशा निर्देशों के अनुक्रम में संपूर्ण सहयोग देने को तात्पर्य है इसी क्रम में ‌ थाना प्रभारी मडि़याहूं के द्वारा भी बच्चों और महिलाओं के बारे में पुलिस के द्वारा दी गई सहायता और सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई

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