/स्योहारा। डॉ०उस्मान ज़ैदी)
स्योहारा से सटे ग्राम फैजुल्लापुर में इन दिनों एक ऐसा ‘धुआं’ उठ रहा है, जो सिर्फ हवा को नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को भी जहरीला बना रहा है। शान-ओ-शौकत और आधुनिकता के नाम पर चल रहे अवैध हुक्का बारों ने नई पीढ़ी को नशे की अंधेरी खाई की ओर धकेल दिया है। हैरत की बात यह है कि यह सब कुछ प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे खुलेआम संचालित हो रहा है, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
कूल बनने की चाह में खोता बचपन सूत्रों के अनुसार, ग्राम फैजुल्लापुर में दिन ढलते ही इन हुक्का बारों में महफिलें सजने लगती हैं। स्कूल-कॉलेज के छात्र ‘ट्रेंड’ और ‘स्टाइल’ के नाम पर यहां पहुंच रहे हैं। बताया जाता है कि हुक्के में केवल फ्लेवर ही नहीं, बल्कि संदिग्ध नशीले पदार्थों का मिश्रण भी परोसा जा रहा है, जो युवाओं के शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा हमला कर रहा है। कोडवर्ड में चलता है ‘काला खेल’यह अवैध कारोबार बेहद शातिराना ढंग से संचालित किया जा रहा है। बाहर से सामान्य दिखने वाली जगहों के अंदर आलीशान व्यवस्था और धुएं से भरे कमरे तैयार किए गए हैं। खास ग्राहकों के लिए ‘कोडवर्ड’ का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि किसी बाहरी व्यक्ति को इसकी भनक तक न लग सके।ग्रामवासियों का फूटा गुस्सा
गांव के लोगों का कहना है कि इस नशे के अड्डे ने पूरे माहौल को बिगाड़ दिया है।एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया:हमारे बच्चे पढ़ाई छोड़कर वहां घंटों बैठते हैं। अगर यह सब नहीं रुका, तो आने वाली पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी।”
ग्रामवासियों का साफ कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे लोगों का भरोसा प्रशासन से उठता जा रहा है।ग्राम प्रधान डॉ. मोहम्मद उमेर अंसारी का सख्त रुख ग्राम प्रधान डॉ. मोहम्मद उमेर अंसारी ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:“फैजुल्लापुर की धरती पर नशे का यह खेल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ी के साथ खिलवाड़ है। प्रशासन को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करनी चाहिए,उन्होंने आगे कहा कि गांव की गरिमा और युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। प्रशासन पर उठते बड़े सवाल प्रतिबंध के बावजूद यह अवैध हुक्का बार कैसे संचालित हो रहे हैं? क्या पुलिस को इसकी जानकारी नहीं, या फिर अनदेखी की जा रही है?
युवाओं के स्वास्थ्य से हो रहे खिलवाड़ की जिम्मेदारी कौन लेगा? नशा: हर अपराध की जड़ है!विशेषज्ञों का मानना है कि नशा न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि अपराधों की जड़ भी बनता है। ऐसे में इस तरह के अड्डों का संचालन समाज के लिए गंभीर खतरा बन चुकहै/
---------- शेर:----------&
“धुआं उठता रहा और हम खामोश रहे,
कल राख में बदलेंगे, ये अंदेशा आज से है।”
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