सांप एक ऐसा डरावना प्राणी है जिसका नाम सुनकर ही लोग डर से कांप जाते हैं एक बार तो शेर से भी लड़ने का साहस लोग कर लेते हैं लेकिन खतरनाक विषैले सांपों से या अजगर जैसे विराट साँपों से तो सब की अंतरात्मा कांप जाती है दुनिया में सौभाग्य की बात यही है कि केवल 20% सांप ही खतरनाक विषैले और प्राणघातक होते हैं भारत के स्थानीय विषैले सांपों में नाग काला भूरा व सफेद करैत वाइपर घोड़ा करैत और कुछ अन्य सांप हैं जबकि विश्व के घनघोर भयंकर सांपों में समुद्री सांप कोरल सांप लाल सांप से डर और भय डर ब्लैक मांबा टाइपिेग मिस्र और अरब देशों के नाग हरा तोता सांप मशहूर है
सांपों ने अपने को दुनिया के कठिन से कठिन और विषम से विषम परिस्थितियों में अच्छी तरह ढाल लिया है सांप लगभग हर रंग के और हर जगह पाए जाते हैं जो बर्फ से ढके हुए स्थानों से लेकर तपते हुए रेगिस्तानों पहाड़ों से लेकर जंगलों और गुफाओं से लेकर नदियों और समुद्र तक में पाए जाते हैं यह भी एक सौभाग्य की बात है कि अधिकांश विषैले सांप भी बिना किसी गलती के या बिना दबे या घिरे काटते नहीं हैं
सांप का विष बहुत ही प्रबल भयंकर एंटी टॉक्सिन न्यूरिक होता है कुछ सांपों के काटने से तो कुछ के काटने से मस्तिष्क बंद हो जाता है कुछ के काटने पर शरीर के अंदर ही रक्त स्राव अथवा ब्रेन हेमरेज तक हो जाता है कुछ सांपों के काटने से लकवा मार जाता है और कुछ ऐसे भी सांप हैं जिनके काटने से शरीर गलकर सड़ जाता है न्यूरोटाक्सिक हीमोटॉक्सिक कई प्रकार का विष साँपों मे होता है
यहां पर यह भी उल्लेखनीय है कि प्राचीन भारत में नाग नाम की एक अति प्रसिद्ध जाति की थी जैसे कभी और वानर कुल कि मानव जातियां होती थी यह तंत्र मंत्र गूढ़ विद्याओं शिल्प कला कौशल और विष का उपचार करने में परम प्रसिद्ध थे और महारत रखते थे आप सभी ने उलूपी चित्रांगदा सुलोचना जैसे तमाम परम सुंदरी नाग कन्याओं का नाम सुना ही होगा और प्राचीन काल के नामों में वासुकी शेषनाग तक्षक कर्कोटक और अश्वसेन तथा शंख जैसे नाम जगत विख्यात है
तक्षक नाग में ही जगत विजय चक्रवर्ती सम्राट जन्मेजय को काट कर उनका प्राण अंत किया था जिससे क्रोधित होकर सम्राट परीक्षित ने महान नाग विध्वंसक यज्ञ किया जिसमें अधिकांश नाग मारे गए बाद में देवताओं की मध्यस्थता से उनकी जांच बची ।
कश्यप नाम का प्रसिद्ध सर्पविज्ञानी इतना महान था जो किसी भी प्रकार के काटे हुए सांप के विष को तत्काल ठीक कर देता था इसका प्रमाण उसने तब दिया जब जन्मेजय को ठीक करने वह आ रहा था कि रास्ते में ही उसे तक्षक मिल गया और एक विराट बरगद के पेड़ को डस कर उसको तुरंत सूखा कर दिया लेकिन कश्यप ने अपने महान औषधियों से उसको तत्काल हरा-भरा कर दिया यह देखकर डरे हुए तक्षक ने उसको हजारों स्वर्ण मुद्राएं देखकर वहीं से वापस भेज दिया
सर्प प्रजाति के बारे में इतनी अधिक कहानियां किस्से और किंबदंती या फैल गई है कि सच झूठ का पता ही नहीं चल पाता है फिर भी नागमणि जैसी बातें बिल्कुल सच है यूं तो सांप जीते-जागते काल स्वरूप हैं लेकिन यह मानव जाति के लिए परम उपयोगी हैं यह तमाम खतरनाक प्रकृति के और विषैले जानवरों का भक्षण करते हैं और इसके अलावा यह वातावरण में फैले हुए हर प्रकार के विष को पीते रहते हैं जिससे वातावरण जहरीला होने से बच जाता है संभवत इसी कारण भगवान शिव ने अपने गले में नागों का आभूषण पहना हुआ है
यह माना जाता है जब समुद्र मंथन से 14 महान रत्न पैदा हुए और उसमें से कालकूट नाम का परम भयंकर विष भी पैदा हुआ तब उसकी कुछ गिरी हुई बूंदों को चाटकर सांप और कुछ अन्य प्राणी विषैले हो गए वैसे तो सांपों में विष की मात्रा बहुत कम पाई जाती है और जो सांप जितना ही अधिक छोटा होता है वह उतना ही अधिक जहरीला होता है यह सांप इन्हें प्रकृति ने आत्मरक्षा के लिए दिया है अन्यथा आज तक उनका अस्तित्व ही मिट गया होता
अगर सांप किसी को काट ले तो सबसे जरूरी बात यह है कि उसे न तो घबराना चाहिए और ना तो तेजी से दौड़ना चाहिए इससे सांप का विष बहुत तेजी से फैलने लगता है धैर्य और शांति के साथ काटे गए स्थान के ऊपर मजबूत डोरी से कस कर बांधने और किसी स्वच्छ भारत और चाकू या पत्ती से उस स्थान पर धन के आकार का चीरा लगा दे और अगर मुंह में कोई घाव ना हो तो खूब कस कर चूसे इससे खतरनाक भयंकर विष कालेरंग के रूप में खून के साथ निकल आता है तत्पश्चात उसे तुरंत ही किसी चिकित्सक या चिकित्सालय में लेकर जाना चाहिए ।
अब इतनी अधिक औषधियां विकसित हो गई हैं कि समय रहते अगर सही विषरोधी दवा मिल जाए तो आदमी बच जाता है वैसे कहा यही जाता है कि सांप उसी को काटते हैं जिसका काल आ जाता है या जिसका अंत होने वाला है
अगर डॉक्टरी सहायता न मिल सके तो व्यक्ति को देसी औषधियों झाड़-फूंक से भी परहेज नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे व्यक्ति को एक अद्भुत आत्मविश्वास और संबल मिल जाता है और यह देखा गया है कि सांप के काटे जाने के बाद भी केवल 20% मामले ही ऐसे होते हैं जिसमें मनुष्य को मरने लायक जहर सांप छोड़ते हैं ।
नाजा नाम की प्रसिद्ध होम्योपैथिक दवा भी सांपों के काटने के लिए रामबाण सिद्ध हुई है इसे 1 शीशी हर घर में अवश्य रखना चाहिए सांप के काटे हुए व्यक्ति को बिल्कुल ही सोने नहीं देना चाहिए अगर यह निश्चय ना हो कि सांप ने काटा है या नहीं तो उसे नीम की पत्ती चबाने को कहना चाहिए अगर नीम की पत्ती तीती लगती है या जौ चबा सकता है ।
तो माना जाता है कि उसे सांप ने नहीं काटा है वैसे अगर परीक्षण की सुविधा उपलब्ध हो तो परीक्षण अवश्य कराना चाहिए सबसे दुखद बात यह है कि अस्पतालों और निजी अस्पतालों में सांप के नाम पर बहुत बड़ा गोरखधंधा और भ्रष्टाचार फैला है और इसकी 100 ₹200 की इंजेक्शन की कीमत देशकाल परिस्थितियों में डॉक्टर लोग हजारों लाखों तक वसूल कर करते हैं यह मानवता और डॉक्टरों के व्यवसाय के घनघोर विरुद्ध है ऐसा नहीं करना चाहिए
सांप दुनिया के सबसे अद्भुत जीव हैं उड़ने और उड़ने वाले सांप भी होते हैं सांपो के बारे में अभी कहा जाता है कि वह बदला भी लेते हैं इस चीज को मैं अपने व्यक्तिगत जीवन में झेल चुका हूं नाग कन्या के बारे में तथा दूध पीने के बारे में परस्पर विरोधी मत हैं
सांपों का सबसे ज्यादा प्रकोप वर्षाकाल में जून जुलाई-अगस्त अर्थात आषाढ़ सावन भादो में होता है इसकी कई वजह हैं सबसे बड़ी वजह है इस समय इनका प्रजनन काल होता है जिस में बाधा पड़ने पर यह अत्यधिक क्रोधित होकर काट लेते हैं दूसरा कारण बारिश में हर जगह पानी भर जाने के कारण सांप घरों में या ऊपरी सूखे स्थानों पर चले आते हैं और तीसरा कारण पानी भर जाने से चूहे और अन्य जानवर घरों में घुस आते हैं जिनकी खोज में खाने के लिए यह आते हैं ।
सांप के पैर नहीं होते ऐसा कहा जाता है कि यह आंखों से सुनता है लेकिन सच्चाई यह है कि यह जमीन से उठने वाली ध्वनि तरंगों से सुनता है और यह सर्वभक्षी प्राणी होता है इसीलिए अंधेरे स्थानों में नंगे पांव नहीं चलना चाहिए तथा चलते समय डंडा लाठी से आवाज करते हुए चलना चाहिए ध्वनि तरंगों को सुनकर सांप रास्ते से भाग जाते हैं अंधेरे स्थानों या इंधन इत्यादि को बहुत देखभाल कर ही उसमें हाथ डालना चाहिए सावधानी ही सांपो से बचने का सर्वोत्तम उपाय हैं बहुत से लोगों का कहना है साफ दिख जाए तो उसे मारना नहीं चाहिए लेकिन मेरा साथ मत है कि शत्रु और विधर्मी को कभी जिंदा नहीं छोड़ना चाहिए
सांपो के बारे में मैंने अपने 45 वर्षों के जीवन की खोज का ज्ञान आप सबको लिख दिया है आशा है आप सभी के लिए उत्तम और लाभकारी सिद्ध होगा वैसे यह भी सच्चाई है कि मैंने अपने जीवन में सैकड़ों खतरनाक हर प्रजाति के सांपों को मारा है
डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह ज्योतिर्विज्ञान मौसमविद ज्योतिष शिरोमणि
[7/23/2018, 17:52] Dr Dileep Kumar Singh: सांपों की उन प्रजातियों पर भी Drishti daalna avashyak hai jo Vishali nahi hoti hai इन शब्दों में अधिकतर सांप लंबे बड़े मजबूत और मोटे ताजे होते हैं इन प्रजातियों में अजगर एनाकौंडा असढ़िया धामिन दोड़हा पानी और समुद्र के विषहीन सांप सहित हजारों प्रजातियां शामिल हैं जिनमें विष नहीं होता या बहुत ही कम होता है दुनिया के कुल सांपों में विषहीन सांपो की संख्या 80% होती है यह भी अपने गुणों और लक्षण में जहरीले सांपों की तरह ही होते हैं अंतर केवल इतना ही होता है कि इनके दांतो में विषग्रंथियां नहीं पाई जाती हैं यह सांप भी ज्यादातर मांसभक्षी और सर्वभक्षी होते हैं ।
इनमें कुछ सांपों के बीच पर जहरीले कांटे होते हैं इंसानों के काटने से इंसान और जानवरों की मृत्यु नहीं होती लेकिन कभी कभी डर के कारण या मनोवैज्ञानिक प्रभाव के कारण व्यक्ति विषहीनसांपों के काटने से भी मर जाता है इसीलिए सांप के काटे हुए व्यक्ति को हमेशा मनोबल बढ़ाते हुए उसका मनोवैज्ञानिक उपचार तंत्र मंत्र झाड़ फूंक टोना टोटका भी कारगर हो जाता है।
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