आवारा गोवंशों की भूख प्यास व इलाज के अभाव में तड़प तड़प कर मौत
विकासखंड जलीलपुर क्षेत्र में लगभग हजारों की तादाद में आवारा गोवंश घूम रहे हैं जिनकी भूख प्यास व इलाज के अभाव में मौत हो रही हैं
दरअसल यह पूरा मामला विकासखंड जलीलपुर क्षेत्र का है जहां हजारों की तादाद में आवारा गोवंश घूमते रहते हैं जब यह गोवंश किसानों के खेत में खड़ी फसलों को उजाड़ते हैं तब किसान इन गौवशों को अपने खेतों से निकाल देते हैं तथा कुछ किसान इन आवारा गोवंश पर डंडे इत्यादि का प्रयोग भी करते हैं ऐसी स्थिति में यह गोवंश भूख प्यास से परेशान होकर दर-दर की ठोकरें खाते रहते हैं और तो और कुछ गोवंश की भूख प्यास व इलाज न मिलने के कारण तड़प तड़प कर मौत हो जाती है ऐसा ही एक मामला विकासखंड जलीलपुर क्षेत्र के ग्राम जमालुद्दीनपुर में देखने को मिला है जहाँ एक सप्ताह मे दो गौ माता की भूख प्यास व इलाज के अभाव मे तडप तड़प कर मौत हो गई ऐसा नहीं है कि इन सब के बारे में अधिकारियों को जानकारी नहीं है दिनांक 27 मई 2022 को एक गौ माता का शरीर उतर रहा था तब इसकी सूचना व्हाट्सएप के माध्यम से जिलाधिकारी महोदय बिजनौर उप जिलाधिकारी महोदय चांदपुर को दी गई थी कि इनको माताओं का तुरंत इलाज कराया जाए अन्यथा इनकी मौत हो जाएगी परंतु दोनों उच्चाधिकारियों ने इस विषय पर कोई संज्ञान नहीं लिया और 1 सप्ताह के भीतर दोनों गौ माताओं की भूख प्यास व इलाज के अभाव में तड़प तड़प कर मौत हो गई
आखिर इन गौवशों की इस हालत के लिए जिम्मेदार कौन और कब होगी कारवाई
दर-दर भटकते गौवशों की इस हालत के लिए क्या किसान जिम्मेदार है जो दूध पिकर इन्हे छोड़ देते है या फिर वो लोग जो गौमाता की सुरक्षा को लेकर राजनीति करके अपनी सरकार बनाते और सरकार बनते ही सबसे पहले जनता से किये वादे को ही भूल जाते राजनेता चुनाव से पहले हिन्दू मुस्लिम गौमाता की सुरक्षा की बात करते बडे बडे दावे करते है परन्तु सत्ता मे आते ही सब भूल जाते हैं और याद रहता है तो केवल धन उगाही
करोड़ों रुपए की लागत से बनी गौशालाओं मे क्या सरकार इंसानो को खूटें से बांधने की तैयारी तो नही कर रही है यदि ऐसा नही है तो फिर सरकार इन गौवशों को गौशालाओं मे क्यों नहीं भिजवा रही है चुनाव के दौरान देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जनता से वायदा किया था कि यदि उत्तर प्रदेश मे दोबारा से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी तो हम सारे गौवशों को पकडवाकर गौशालाओं मे भिजवा देगें परन्तु चुनाव जितने के चार माह बाद भी ये गौवशं यूँ ही दर दर की ठोकर खाते फिर रहे हैं शायद देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और सूबे के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी भी आखिर नेता ही तो है जो वायदा करके भूल जाते हैं
किसानों के डंडे खाने को मजबूर गौवंश
देश का अन्नदाता जब दिन रात कडी मेहनत करके धूप बरसात जाड़े में अपनी फसल उगाता है तब है अपनी फसल को कैसे उजड़ने दे सकता है परंतु गोवंश इतनी अधिक मात्रा में है कि दिन रात किसानों की फसल को उजाडते रहते हैं इसलिए सारी रात रात किसान जागकर अपनी फसल की रखवाली कर रहे हैं तथा कुछ किसान दुखी होकर इनको गोवंश को पिट भी देते हैं क्योंकि आखिरकार किसान अपनी फसल बर्बाद होते हुए कैसे देख सकता है
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