[8/10, 6:57 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: मित्रों आज 10 अगस्त है और कल पूर्णिमा की तिथि है और आपको याद होगा कि हमारे केंद्र द्वारा 1 से 10 अगस्त तक मुख्य रूप से सूखा भयंकर गर्मी प्रचंड उमस और भयंकर पसीने की भविष्यवाणी के बाद आज 10 अगस्त से मौसम बदलने की बात की गई है
इसलिए आज सुबह से ही मौसम आप सभी को परिवर्तित नजर आएगा और हवा की गति बादलों का रंग एवं मौसम सभी में स्पष्ट रूप से अंतर आएगा आज पूर्वी दक्षिण पूर्वी हवाओं की गति 30 किलोमीटर से 50 किलोमीटर तक अर्थात बहुत अधिक तेज लगभग आंधी जैसी होगी और 7:00 बजते बजते आसमान में घने बादल भी घिर जाएंगे आज बूंदाबांदी हल्की वर्षा का योग है और कल से अच्छी वर्षा का योग है 10 अगस्त से 20 अगस्त तक पर्याप्त वर्षा का योग बन रहा है और इस बीच उमस पसीने और प्रचंड गर्मी से भी काफी राहत होगी
हमारे केंद्र के अनुसार 10 अगस्त से 20 अगस्त तक वर्षा उन्हीं क्षेत्रों में होगी जहां अब तक सबसे कम वर्षा हुई है अर्थात आज कोलकाता बंगाल के उत्तरी भागों से प्रारंभ हुई वर्षा शाम तक झारखंड बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश इसके बाद आगे बढ़ते हुए मध्य उत्तर प्रदेश पश्चिमी उत्तर प्रदेश राजस्थान और मध्य प्रदेश के उत्तरी भागों पंजाब हरियाणा जम्मू दिल्ली होते हुए पाकिस्तान निकल जाएगी और घनघोर वर्षा करेगी ऐसी हमारी और हमारे विद्वान सदस्य लोगों की भविष्यवाणी और आकलन है और मुझे विश्वास है कि ईश्वर की कृपा से कठोर परिश्रम द्वारा तैयार किया यह आकलन भी उसी तरह सही होगा जैसे अब तक हुआ है डॉ दिलीप कुमार सिंह एवं सभी विद्वान सदस्य गण अलका शिप्रा वैष्णवी बाल गोपाल शिवानी ज्योतिष मौसम और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर
[8/10, 7:27 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: *इन दिनों एक पोस्ट फरवरी चर्चा छिड़ी है कि अमेरिका में हिंदू बिल पास हुआ है बहुत अच्छी बात है लेकिन भारत में हम आप क्या कर रहे हैं काले अंग्रेज बन कर विदेशी गुलामों की तरह स्वतंत्र होने के बाद भी उन्हीं की भाषा उन्हीं की संस्कृत सभ्यता उन्हीं की वेशभूषा धारण कर अपने बच्चों को हेलो हाय मम्मा पप्पा डैड सिखाते हुए काले अंग्रेज बन कर गर्व कर रहे हैं और सबसे घनघोर अपने को देशभक्त करने वाले मोदी और उनकी पार्टी अभी तक भारतीय वर्ष को सार्वजनिक अवकाश तक नहीं घोषित कर सकती हैं आधा तीतर आधा बटेर वाली बात है इसी को पहले राज कपूर ने एक गाने में दिखाया था मेरा जूता है जापानी यह पतलून इंग्लिष्टानी सिर पर लाल टोपी रूसी फिर भी हम हैं हिंदुस्तानी दूसरों की श्रेष्ठता की और दूसरों की सड़ी गली चीजों की नकल करने की जो हमारी आदत है वह छूटने वाली नहीं है जैसे कि कोट पहनने वाली आदत यहां घनघोर गर्मी में पतला कपड़ा भी मुश्किल होता है तो उसको पसीना और महल से लोग सफेद बुरा करके रोज धुलाई करते हैं और टाइल लगाने वाले अधिकांश लोग तो टाइप भी पूछ लेते हैं यही हाल होता है बिना अकल की नकल करने का पहले तो आप सभी गैर मुसलमान गैर ईसाई गैर यहूदी लोगों को सनातन धर्म में शामिल कर लेते जिसके कई पंत हिंदू सिख जैन बौद्ध पारसी बनवासी आदिवासी गुफा वासी और नास्तिक के रूप में सारी दुनिया में फैले हुए हैं पहले एक मैकाले था जिसने सारे भारत को कृत दास और काला अंग्रेज बनाया अब तो घर घर में मैकाले पैदा हो रहे हैं तो स्वदेशी और हिंदी का क्या हाल होगा*
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