Tuesday, 9 August 2022

चाहे देश हो या विदेश राष्ट्रीय विधान हो या अंतरराष्ट्रीय नियम कानून शक्तिशाली लोग किसी भी विधान संविधान को नहीं मानते और बड़ी से बड़ी संस्थाओं के मुंह पर कालिख को देते हुए अपना काम करते रहते हैं ऐसी ही एक ऐतिहासिक घटना है मानवता को कुचल देने वाली परमाणु विस्फोट की घटना जिसे अमेरिका ने जापान के ऊपर किया था

चाहे देश हो या विदेश राष्ट्रीय विधान हो या अंतरराष्ट्रीय नियम कानून शक्तिशाली लोग किसी भी विधान संविधान को नहीं मानते और बड़ी से बड़ी संस्थाओं के मुंह पर कालिख को देते हुए अपना काम करते रहते हैं ऐसी ही एक ऐतिहासिक घटना है मानवता को कुचल देने वाली परमाणु विस्फोट की घटना जिसे अमेरिका ने जापान के ऊपर किया था

आज 9 अगस्त है और 9 अगस्त को ही फाइट मैंने नामक महाविनाश 120 की लोटन का परमाणु बम हिरोशिमा के विश्वविख्यात नगर पर गिराया गया था इसके पहले अमेरिका 6 अगस्त को नागासाकी महानगर पर अपनी तानाशाही और विनाश लीला दिखाने के लिए लिटिल बॉय नाम का 20 किलो 10 का परमाणु बम गिरा था फिर भी उसका मन नहीं भर रहा था

इन दोनों परमाणु बमों के विस्फोट से लाखों लाख लोग मारे गए लाखों लाख लोग घायल हुए इनके विस्फोट के 3 किलोमीटर के अंदर का कुछ भी नहीं बचा जो उसके दायरे के बाहर बचे हुए विकलांग हो गए और उन्हें कैंसर जैसी विनाशकारी बीमारी हो गई पेड़ पौधे सब नष्ट हो गए और जो बच्चे हुए रेडिएशन से भर गए


Aaj vahi America ukrain per p सोवियत संघ के भावी परमाणु हमले को लेकर पूरी दुनिया को चेतावनी जारी कर रहा है और कह रहा है कि सोवियत रूस ने यूक्रेन का इतिहास मिटाने की ठान ली है और खुद उसने ताइवान वियतनाम भारत अफगानिस्तान ईरान इराक कुवैत क्यूबा सोमालिया इत्यादि देशों में क्या किया उसके लिए ना वह अपना दोस्त मान रहा है और न दुनिया के किसी देश में दम है कि वह उसे कुछ कह सकें अभी हाल में नैंसी पेलोसी कि ताइवान पर जबरदस्ती यात्रा करा कर उसने चीन ही नहीं सारी दुनिया की बोलती बंद कर दिया

अगर जापान के पास भी परमाणु बम रहा होता तो अमेरिका कभी भी हिम्मत नहीं करता परमाणु हमला करने की उत्तरी कोरिया इसीलिए सुरक्षित है कि वहां किम जोंग के पास एक से बढ़कर एक विध्वंसक पर मारो और हाइड्रोजन बम तथा 11 से 15000 किलोमीटर दूर मार करने वाली अंतर महाद्वीपीय प्रक्षेपास्त्र मौजूद हैं पाकिस्तान बार-बार अपने परमाणु बम की धमकी भारत को देता रहता है

इसलिए या तो दुनिया के सारे परमाणु नाभिक की हथियार नष्ट कर दिए जाएं या तो सारे देशों के पास अपनी सुरक्षा के लिए प्रमाण और हाइड्रोजन बम तथा अंतर महाद्वीपीय प्रक्षेपास्त्र होने चाहिए भारत के लिए तो यह विशेष है अभी उसके पास 7000 किलोमीटर से दूर तक जाने वाली प्रक्षेपास्त्र और मिसाइलें नहीं है इसलिए उसे इस क्षेत्र में जल्दी से जल्दी तेजी से काम करना चाहिए

इन परमाणु हमलों के बाद जापान पूरी तरह विनाश हो गया अमेरिका ने वहां की सत्ता हथिया ली और आज भी वहां अमेरिका का ही शासन है अमेरिका के तमाम बंबर से विमान उसके खतरनाक हथियार और 21000 सैनिक अस्थाई रूप में जापान में बस गए हैं और उन्हीं के अनुसार जापान का शासन चलता है परतंत्रता कितनी भयानक होती है यह भारत के लोग बार-बार देख चुके हैं इसलिए परमाणु बम गिराया जाने के दिवस पर नागासाकी और हिरोशिमा के लोगों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हुए मैं कहना चाहूंगा कि कमजोर होकर ताकतवर से कभी भी पंगा मत लो वरना नियम कानून सेना सुरक्षा बल कोई भी आपको बचा नहीं पाएंगे

No comments:

Post a Comment