Thursday, 11 September 2025

निजी अनुभव #संस्मरण जाको राखे प्रभु श्री हरि मार सके ना कोय इस जग में हरि इच्छा के बिन कुछ भी तो ना होय

                     निजी अनुभव #संस्मरण 

जाको राखे प्रभु श्री हरि मार सके ना कोय इस जग में हरि इच्छा के बिन कुछ भी तो ना होय

आप सोच रहे होंगे कि मैं यह नाली का चित्र और यह दोहा क्यों लिख रहा हूं इसका बहुत गहरा अर्थ है यह गहरी नाली इसमें भर पानी और इसके 1 इंच छेद की चौड़ाई है 

इसी नाली में कल मेरा मोबाइल गिर कर डूब गया था और वहां लंबी चौड़ी भीड़ इकट्ठी हो गई थी लेकिन किसी को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर इस एक फीट गहरी और एक इंच चौड़े छेद से मोबाइल कैसे निकल जाए 

उपस्थित सैकड़ो लोगों ने बहुत दिमाग लगाया लेकिन किसी का दिमाग काम नहीं किया सभी लोग और स्वयं में भी यह सोचकर निराश हो गया कि अब मोबाइल पूरी तरह खराब हो गई 

मोबाइल खराब होने का कष्ट नहीं था कष्ट इस बात करता कि इस 1 साल पहले बड़ी बेटी डॉ अलका सिंह ने मुझे जबरदस्ती भेंट किया था मोबाइल तो मिल जाती लेकिन यह मोबाइल कैसे मिलती 
तभी अचानक एक चमत्कार हुआ भीड़ में से एक 25 साल का लड़का आया और दो लकड़ी डालकर पता नहीं कैसे मोबाइल निकाल लिया मैं और उपस्थिति सैकड़ो लोग चकित हो गए।


और सबसे बड़ी बात मोबाइल पूरी तरह भीगने और डूबने के बाद भी पूरी तरह सुरक्षित था तब भी विश्वास नहीं था उसको 10 मिनट धूप में सूखने के बाद जब पूरे 24 घंटे बीत गए तब मुझे विश्वास हुआ कि मोबाइल सुरक्षित है और अब भगवान शिव माता पार्वती को धन्यवाद देने के अलावा क्या बचता है आश्चर्य तो वह लड़का मोबाइल निकाल कर इस तरह गायब हुआ कि कोई दोबारा उसे देख भी नहीं पाया 

यह तो एक घटना मात्र है मेरा जीवन तो प्रारंभ से ही एक से एक बड़े चमत्कार और अद्भुत घटनाओं से भरा हुआ है 1989 में उत्तराखंड कश्मीर से लेकर गिलगित बाल्टिस्तान मुजफ्फराबाद तिब्बत होकर नेपाल भूटान पूर्वोत्तर भारत म्यांमार की यात्रा रही हो या मौत से सैकड़ो बार लड़कर बचाना रहा हो या सोते समय सांप के गिर जाने पर हाथ से उठाकर फेंक देना रहा हो या तमाम अन्य घटनाएं सब के सब आश्चर्य से पड़े हैं और जितने चीजों को देखा जाना सुना उसको लिखने पर लोग कहेंगे कि बिल्कुल कल्पना है और हांक रहा है लेकिन आज इतना ही सही अगली बार कोई चमत्कार होने पर फिर से सही इतना बता दे कि कल तो साईं करो लोग प्रत्यक्ष धरती से जिसमें अपने विभाग के अरविंद कुमार चौबे शत्रुघ्न मौर्य अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव सहित अनगिनत लोक थे 
डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह

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