Saturday, 13 September 2025

आतंकवादियों पर पूरा देश मिलकर करो, प्रहार । पाकिस्तान करता आतंकवाद का समर्थन बार-बार, फिर क्रिकेट मैच क्यों हर बार ।

आतंकवादियों पर पूरा
      देश मिलकर करो, प्रहार । 
          पाकिस्तान करता    
      आतंकवाद का समर्थन     
              बार-बार, 
        फिर क्रिकेट मैच क्यों
                हर बार ।
खून गिरता गया, लोग तड़पते रहे।
गोलियों की आवाज़ चारों ओर गूंजती रही।
लोग तड़प रहे थे, और वे जश्न मना रहे थे।

कोई मासूम बिलख रहा था, तो कोई अपने आप को छिपाने की कोशिश कर रहा था।
चारों ओर हरियाली थी, लेकिन उस पर खून के छींटे बिखरे थे।
महिलाएँ अपने सुहाग को बचाने के लिए चीख रही थीं।
जैसे-जैसे लोग गोली लगने से गिरते जा रहे थे,
वैसे-वैसे वे और अधिक जश्न मना रहे थे।

ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भारत और पाकिस्तान का क्रिकेट मैच चल रहा हो।
जैसे ही पाकिस्तान किसी हिंदुस्तानी खिलाड़ी को आउट करता है और
जश्न मनाता है, उसी तरह आतंकवादी भी झूमते जा रहे थे
और मासूमों पर गोलियाँ बरसा रहे थे।

आतंकवादियों की गोलियों ने नौसेना के अधिकारी विनय नरवाल के सीने को छलनी कर दिया।
उनकी शादी को केवल छह दिन ही हुए थे।
सात जन्मों का साथ केवल छह दिनों में ही टूट गया।
क्या-क्या सपने देखे थे उन्होंने...
वह तड़पते हुए, शरीर से खून के फव्वारे फूटते हुए,
अपनी पत्नी को अंतिम समय टकटकी बांधकर निहार रहे थे।
आंखों में आंसू थे, हाथ पत्नी की ओर फैले हुए थे।
सात जन्मों का बंधन उस पल बिखर गया।

उस नई-नवेली दुल्हन के दिल से पूछो,
जिसका पति उसके सामने आतंकवादियों ने छीन लिया।

22 अप्रैल 2025 को, जम्मू और कश्मीर के अनंतनाग ज़िले में पहलगाम के पास बैसरन घाटी पर एक आतंकवादी हमला हुआ,
जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई और 17 से अधिक लोग घायल हो गए।
यह हमला जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे के निरस्तीकरण के बाद
इस क्षेत्र में सबसे घातक हमलों में से एक था,
जिसमें हिंदू नागरिकों को निशाना बनाया गया।
आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की एक शाखा, प्रतिरोध मोर्चा ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली।

आज हम अपनी मासूम बहनों के सुहाग को भूल गए हैं,
उन बहनों की चीखें भूल गए हैं।
मासूम बच्चे, जो यतीम हो गए,
उनके आंसुओं को भी हम भूल गए हैं।

लेकिन अब हिंदुस्तान-पाकिस्तान मैच के लिए क्रिकेट का मैदान सज रहा है।
ब्लैक में टिकट बिक रही हैं।
कल फिर पिच सजेगी,
फिर से होगा क्रिकेट मैच,
लगेगा करोड़ों का सट्टा।
फिर लोग झूमेंगे और गाएंगे।

हमारी याददाश्त कितनी कमजोर है!
कुछ महीने पहले की घटनाएँ हम भूल गए।
बस यही याद है—
इस बार एशिया कप जीतना है
और पाकिस्तान को हराना है।

जैसे खून और पानी एक साथ नहीं बह  सकते,
तो फिर भारत और पाकिस्तान का क्रिकेट मैच क्यों?
✍️ मोहम्मद जावेद खान

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