99% दान दाता धन कुबेर उदार और परोपकारी लोग ढोंगी हैं और केवल स्वार्थ और अपने नाम के लिए ऐसा करते हैं जौनपुर सहित भारत के संपूर्ण क्षेत्र में खोज कर देख लो सचमुच ही मदद करने वाला कोई भी परोपकारी दानदाता शायद ही आपको मिले जिस तरह आजकल साधु संत महात्मा म***** मौलवी पादरी विश्व फादर खोजने से भी सच्चे और अच्छे नहीं मिलते वही हाल इन तथा कथित दानदाता धन कुबेर लोगों का है यह लोग ऐसी जगह पर ही ऐसे और अन्य चीज दान करते हैं जहां उनकी गुन गाथा गई जाए और प्रचार प्रसार हो
इसका एक उदाहरण में देना चाहता हूं एक बार हमारे परम मित्र ने एक पीतल की बहुत सुंदर दूरबीन भेंट किया था जिससे मौसम अंतरिक्ष विज्ञान ग्रहण नक्षत्र तारे सूर्य चंद्रमा आकाशगंगा और आकाश की पिंड और अन्य चीजों का मैं गहरा अध्ययन करके एक से बढ़कर एक चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए थे लेकिन कार्यक्रम में वह दूरबीन खराब हो गई
इसके बाद मैं जौनपुर के सभी बड़े-बड़े धन कुबेर लोगों बड़े अधिकारी लोगों बड़े-बड़े राजनेता सांसद विधायक मंत्री लोगों के साथ इसे साझा करते हुए सोशल मीडिया पर एक दूरबीन खरीद कर देने की अपील किया लेकिन किसी भी महान तथा कथित धन कुबेर अधिकारी राजनेता या दंड तक के पास एक दूरबीन का लाख दो लाख रुपए देने या खरीद कर देने का भाव पैदा नहीं हुआ क्योंकि इससे उनका कोई लाभ होने वाला नहीं था और ना इसमें उनका कोई स्वार्थ था
लेकिन मेरा यह स्वार्थ था कि यह दुआ उपलब्ध हो जाती तो देश-विदेश अनंत अंतरिक्ष की सारी जानकारी और मौसम की 100 में 100% सटीक बाय भविष्यवाणी करना संभव हो जाता जबकि मीडिया और टेलीविजन पर एक से एक तथा कथित स्वार्थी दानदाताओं को रोज देखता हूं तो हंसी आती है की एक गिलास पानी भी ना पूछने वाले यह धन कुबेर दानदाता भला किसी का कल्याण क्या करेंगे यह तो खुद अपने नरक जाने का रास्ता तैयार कर रहे हैं
इतना अवश्य हुआ कि केवल मेरी पोस्ट पढ़कर बिना किसी स्वार्थ के गुप्त रूप से सोनभद्र रावटसगंज के रहने वाले एक राजनेता तथा व्यवसाय परिवार ने मुझको एक बहुत सुंदर छोटी लेकिन बहुत शक्तिशाली दूरबीन खरीद कर भेज दिया जिससे मेरा काम चल रहा है और सब कुछ सटीक भविष्यवाणी भी जारी है बिना हथियार की लड़ाई भी नहीं हो सकती हैं यह सब लिखने का मतलब केवल इतना ही है कि तथा कथित जौनपुर के भारत के 99% लोग बेहद स्वार्थी बहुत ही संकुचित दृष्टिकोण के और नकली दानदाता हैं इसलिए इनका नाम लेना भी पाप के बराबर है यह लोग तमाम स्वार्थ और विषय वासना से भरे हुए अपने को बिना वजह शिवि दाधीच हरिश्चंद्र और कर्ण के समंदानी समझते हैं जबकि यह उसके परमाणु मात्र के बराबर भी नहीं है। इतना अवश्य है कि उनकी सारी वसूली चापलूस चाटुकार दलाल चमचे मक्खन बाज और 420 लोग करके इसे भरपूर वसूली कर लेते हैं यही वजह है कि जौनपुर के 99% लोग ऐसे एक भी तथाकथित समाज से भी दानदाता का नाम और चेहरा नहीं पहचानते हैं।
यही हालत भारत की राजनीति का भी है बड़े-बड़े सांसद विधायक राजनेता मंत्री प्रधानमंत्री राष्ट्रपति हमेशा दलालों और चमचों से ही गिरे रहते हैं इसलिए जनता की मनोभावना और देश की वास्तविक स्थिति नहीं समझ पाते और कुछ भी भला नहीं कर पाते हैं इसलिए पद से हटते हैं इनका नाम गायब हो जाता है स्वतंत्र भारत के इतिहास में लाल बहादुर शास्त्री को छोड़कर अभी तक जितने प्रधानमंत्री हुए हैं उनका नाम सब भूल गए हैं और जो बच्चे हैं उनका भी जल्दी ही भूल जाएंगे आज के दानदाता दानदाता नहीं है वह स्वार्थ और विषय वासना के पुतले हैं डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक
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