Wednesday, 17 August 2022

15 अगस्त के राष्ट्रीय महापर्व पर जनपद न्यायाधीश माननीय वाले रंजन अग्रवाल जी की अध्यक्षता में आयोजित हुई विचार गोष्ठी में न्यायपालिका के समस्त अधिकारियों कर्मचारियों और अन्य विद्वानों की उपस्थिति में मैंने अपने विचार व्यक्त किए#AumTv786जौनपुर यूपी,

*15 अगस्त के राष्ट्रीय महापर्व पर जनपद न्यायाधीश माननीय वाले रंजन अग्रवाल जी की अध्यक्षता में आयोजित हुई विचार गोष्ठी में न्यायपालिका के समस्त अधिकारियों कर्मचारियों और अन्य विद्वानों की उपस्थिति में मैंने अपने विचार व्यक्त किए जहां मैंने संक्षिप्त में सतयुग त्रेता द्वापर कलयुग और वर्तमान समय में भारत के स्वतंत्रता के इतिहास को रेखांकित करते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति और नेता देश की उपलब्धियों को अपने नाम से जोड़ता है तो देश में व्याप्त महंगाई भ्रष्टाचार घूसखोरी लालफीताशाही और अब व्यवस्था तथा आतंकवाद जैसी घटनाओं को भी उसे जिम्मेदारी ले ली होगी और मैंने कहा सृजन है अधूरा अगर विश्व भर में कहीं भी किसी द्वार पर है उदासी मनुष्यता नहीं पूर्ण तब तक बनेगी कि जब तक लहू के लिए भूमि प्यासी मैं तो प्रायः देखा करता हूं भविष्य का ऐसा सपना जिसमें सबको सुख होगा तो मेरे जैसा दुख होगा तो मेरे जैसा वहीं पर तो में दाने वस्त्रहीन दे हो पर धागे यदि हमने यह नहीं जुटाए तो हम राजे निपट अभागे*

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