Wednesday, 17 August 2022

*15 अगस्त के परम पावन अवसर पर न्यू कैरियर कोचिंग इंस्टीट्यूट गुरुकुल कोचिंग सेंटर में मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित होकर मैंने आर्यावर्त के स्वतंत्रता इतिहास के बारे में बताते हुए यह उद्बोधन दिया

*15 अगस्त के परम पावन अवसर पर न्यू कैरियर कोचिंग इंस्टीट्यूट गुरुकुल कोचिंग सेंटर में मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित होकर मैंने आर्यावर्त के स्वतंत्रता इतिहास के बारे में बताते हुए यह उद्बोधन दिया कि आजादी की लड़ाई केवल अंग्रेजों से 190 वर्ष की लड़ाई नहीं है बल्कि यह हमारी लाखों करोड़ों वर्षों की अनवरत लड़ाई है सतयुग में 10 सम्राटों का सम्राट से युद्ध फिर त्रेतायुग में भगवान श्री राम और रावण का वध युद्ध और फिर द्वापर के अंत में भगवान श्री कृष्ण के नेतृत्व में कौरव और पांडवों का संपूर्ण विश्व और अंतरिक्ष तथा पाताल लोक का महा भयंकर दिव्यास्त्र ओ वाला युद्ध और इसके बाद मौर्य काल गुप्त काल राजपूत काल तुर्क काल मुगल काल और यूरोप के काल में अनवरत होने वाला युद्ध है और देश के आजादी होने तक भारत के लड़ाकू परमवीर जातियों ने देश में सनातनी हिंदू सिख जैन बौद्ध और पारसी लोगों की जनसंख्या कभी भी 90% से कम नहीं होने दिया जबकि आज स्वतंत्र भारत में यह 70% से भी नीचे आ गया इस पर सनातन धर्म के सभी लोगों को गहराई से चिंतन करना चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ*

*इस अवसर पर सिया पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज के वनस्पति विज्ञान के अध्यक्ष डॉ एल पी मौर्या डॉक्टर आलोक रंजन जियालाल उपनाम बाबाजी मेवालाल डॉक्टर अभिषेक मिश्रा विशाल कुमार और रवि तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे संचालन कोचिंग के निदेशक डॉ लालता प्रसाद मौर्य ने किया*

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