Wednesday, 17 August 2022

मेरा बिल्कुल साफ मानना है कि 1947 से लेकर आज तक भारत की अंतरराष्ट्रीय राजनीति बिल्कुल बच्चों जैसी है भारत ने बांग्लादेश पाकिस्तान को खिलाया या यूं कहें सांप को दूध पिलाया और वह आज 10:00 रहे हैं कर्ज महंगाई और भुखमरी से मर रहे अफगानिस्तान और श्रीलंका को खिला पिला कर उनमें नई जान डाली तो तालिबानी आतंकी कश्मीर में घुसकर पाकिस्तानी और देश के गद्दारों की सहायता से कश्मीर में कत्लेआम मचा रहे हैं

*मेरा बिल्कुल साफ मानना है कि 1947 से लेकर आज तक भारत की अंतरराष्ट्रीय राजनीति बिल्कुल बच्चों जैसी है भारत ने बांग्लादेश पाकिस्तान को खिलाया या यूं कहें सांप को दूध पिलाया और वह आज 10:00 रहे हैं कर्ज महंगाई और भुखमरी से मर रहे अफगानिस्तान और श्रीलंका को खिला पिला कर उनमें नई जान डाली तो तालिबानी आतंकी कश्मीर में घुसकर पाकिस्तानी और देश के गद्दारों की सहायता से कश्मीर में कत्लेआम मचा रहे हैं और श्रीलंका भारत की पीठ में छुरा भोंक कर जैसे कभी चीन ने नेहरू के बीच में मौका था लंका मोदी जी को उनकी औकात बताते हुए और भारत को धोखा देते हुए चीन के उस जासूसी मौत को अपने हंबनटोटा बंदरगाह पर रुकने की अनुमति दे दिया जो एक बहुत ही उत्कृष्ट जासूसी समुद्री पोत है और उसे भारत के सभी परमाणु केंद्रों और रक्षा अनुसंधान केंद्रों की जासूसी बहुत आराम से की जा सकती है यह कौन सी अंतरराष्ट्रीय राजनीति है कम से कम मोदी जी को श्रीलंका का कोलंबो बंदरगाह बदले में 99 साल के पट्टे पर ले लेना चाहिए था लेकिन क्या करेंगे ना तो अपने देश में कोई अपनी राष्ट्रभाषा है ना राष्ट्रीयता है ना वेशभूषा है और ना कोई राष्ट्रीय नीति है ना एक समान कानून है तो फिर ऐसी सोच पैदा ही कैसे होगी पहले कक्षा 6 से अंग्रेजी अनिवार्य थी आज बिल्कुल एलकेजी से ही अंग्रेजी भाजपा द्वारा अनिवार्य कर दी गई है और हिंदी पर सूचना के अधिकार में खलबली मचा दिया कि हिंदी कोई अलग भाषा नहीं है राष्ट्रभाषा है ना राजभाषा है बल्कि 22 अन्य भारतीय देशी भाषाओं की जैसी ही एक भाषा है और यहां का सब कुछ अंग्रेजी है*

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