Wednesday, 17 August 2022

अमेरिका और रूस दोनों विश्व की महाशक्ति है थे फिर भी अफगानिस्तान में दोनों बुरी तरह अपमानित कलंकित होकर बाहर खदेड़ दिए गए#

पूरी दुनिया विरोध किया तब भी तालिबान काशासनअफगानिस्तान में हो गया

अमेरिका और रूस दोनों विश्व की महाशक्ति है थे फिर भी अफगानिस्तान में दोनों बुरी तरह अपमानित कलंकित होकर बाहर खदेड़ दिए गए

महाशक्ति होने का अहंकार भरने वाला अमेरिका वियतनाम कोरिया अरब प्रायद्वीप सोमालिया क्यूबा मैं बहुत बुरी तरह से हार कर भाग गया

उस दिन के होते हुए भी रूस जैसा महा शक्तिशाली देश 5 महीने से यूक्रेन जैसे छोटे से देश को हरा नहीं पा रहा है

लगभग सभी समाचार पत्र और टीवी चैनल कई वर्षों से हर हफ्ते हर महीने विश्व युद्ध परमाणु नीति घोषणा करते रहे हैं

भारत में शक्तिशाली केंद्रीय सरकार और मोदी के होते हुए भी लूटपाट बेरोजगारी भ्रष्टाचार लालफीताशाही और चुन-चुन कर पूरे देश में सनातनी हिंदू सिख जैन बौद्ध पारसी मारे जा रहे हैं और अब तो धर्म पूछकर लाइन में खड़े करके मारे जा रहे हैं

दुनिया में भारत सहित तमाम ऐसे देश हैं जहां लोग खाने बिना मर रहे हैं और यह देश दुनिया भर को पैसा और अनाज भेज रहे हैं इन्हें मिलता कुछ नहीं मजा चीन अमेरिका रूस जैसे विश्व शक्तियां मारती हैं

सरकार और बुद्धिजीवी तथाकथित तंत्र मंत्र ज्योतिष वास्तु सेल्फ अंधविश्वास का घनघोर विरोध करते हैं और इन्हीं बुद्धिजीवी द्वारा चलाए जा रहे टीवी और अखबार चैनलों में यह सभी चीजें दिखाई जाती हैं और जमकर इनका विज्ञापन होता है

और और अंत में समझ सके तो जो लोग चापलूस चालबाज चमचे 420 मक्खन बाज और रसिक टाइप के होते हैं वही हर दलों में बारी-बारी से कूदकर राज करते हैं और मजा मारते हैं देशभक्त ईमानदार कर्तव्यनिष्ठ लोग रोटी कपड़ा मकान में ही रह जाते हैं अब भी नहीं समझ सकते तो फिर आप का पतन निश्चित है डॉ दिलीप कुमार सिंह

चलते-चलते एक बात और दो बार सभी सनातनी हिंदू सिख जैन बौद्ध पारसी और देशभक्त लोगों ने एड़ी चोटी का जोर लगाकर भाजपा को पूर्ण बहुमत दिया और प्रबल मोहम्मद के साथ उन्हें प्रधानमंत्री बनाया लेकिन आज तक समान नागरिक संहिता जनसंख्या नियंत्रण कानून 10 लाख रोएंगे और 12 करोड़ विदेशी मुसलमान का प्रश्न हिंदी को राष्ट्र और संयुक्त राष्ट्र की भाषा बनाना भ्रष्टाचार महंगाई घूसखोरी लालफीताशाही जैसी चीजों पर कुछ भी काम नहीं हुआ और ना होना है बस एक एक समस्याएं कभी किसान कभी तबलीगी कभी भी हार कभी पालघर कांड खड़ा करके इसे लागू न करने का बहाना खोजा जा रहा है

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