ईश्वर की कृपा से और अत्यंत गहन अध्ययन अनुसंधान गणित विज्ञान और उपग्रह से प्राप्त उत्तर के आधार पर जो कुछ भी भविष्यवाणी लिखता हूं वह आप सब के शुभकामनाओं से ब्रह्मा की लीठ हो जाती है
इसी क्रम में मैं बार-बार और अंतिम बार दिसंबर एक को संपूर्ण भारतवासियों और जौनपुर के लोगों को चेतावनी दिया था कि 15 दिसंबर से 15 जनवरी तक महाघोर अति घोर परम घनघोर ठंड गलन शीतलहर शीतल हवा और प्रचंड कोहरे का मौसम रहेगा जो दुर्भाग्य से पूरी तरह सही हो रहा है
अब मैं अपनी भविष्यवाणी के गलत होने की प्रार्थना ईश्वर से कर रहा हूं क्योंकि लगातार इस तरह का मौसम रहने से भयंकर परेशानी हो सकती है इस तरह का मौसम एक सप्ताह रहना भी लोगों की सहनशक्ति से बाहर होता है लेकिन दुर्भाग्य से लग नहीं रहा है कि 15 जनवरी तक इसमें कोई भी कमी आएगी
इसमें भी मैं 5 जनवरी से 15 जनवरी तक सबसे भयंकर शीतलहर घनघोर कोरा और हड्डियों को कंपा देने वाली जिस मा ठंड की भविष्यवाणी किया था वह भी दुर्भाग्य से बहुत अधिक 100% से भी अधिक सही हो रही है ऐसे में बाहर निकलना मौत को दावत देने जैसा हो गया है और यहां का मौसम बिल्कुल उत्तरी ध्रुव हिमालय पर्वत और अंटार्कटिका जैसा बन गयाहै
जम्मू कश्मीर उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश नेपाल भूटान सिक्किम अरुणाचल प्रदेश में कल्पना के पार की और पंजाब हरियाणा दिल्ली उत्तर प्रदेश राजस्थान मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ झारखंड बिहार उड़ीसा में बहुत ही भीषण ठंड पड़ रही है इसके अतिरिक्त दक्षिण में बेंगलुरु तक यह महान ठंड पहुंच चुकी है महाराष्ट्र भी इससे बुरी तरह से त्रस्त है
इस कालखंड में अधिकांश स्थानों पर न्यूनतम तापमान 0 से 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है और जौनपुर में भी आज सुबह 4.5 डिग्री सेल्सियस तक पारा गिर चुका है इसके और भी नीचे जाने की पूरी संभावना है क्योंकि अभी ऐसा कोई कारक नहीं दिख रहा है जो 15 के पहले मौसम को गर्म कर सके
इसके कारण भी मैंने पहले बता दिया था कि क्यों यह महा ठंड अत्यंत भयंकर होगी ला म
नीना के प्रभाव से अटलांटिक प्रशांत और हिंद महासागर बंगल की खाड़ी अरब सागर का पानी औसत से बहुत ठंडा है दक्षिणी ध्रुव और उत्तरी ध्रुव की बहुत ही ठंडी शीतल हवाएं लगातार पूरी धरती पर फैल रही है सूर्य इस समय निष्क्रिय है और वहां पर प्रचंड विस्फोट सौर ज्वाला और सौर कलंक बनाना बहुत कम हो गया है जिससे सारी धरती बहुत ही शीतल हो गए हैं कोई बड़ा भिक्षभ भूमध्य सागर अरब सागर बंगाल की खाड़ी में नहीं बन रहा है चंद्रमा लगातार मा चंद्र अर्थात सुपर मून की अवस्था में है और प्रदूषण गंदगी और वायु के सूखने की शक्ति कम हो जाने से ठंड विकराल हो गई है और गलत इतनी अधिक है जिसको सहन कर पाना सबके बस के बाहर की बात है
इन सभी कारणों से 15 दिसंबर से विकराल ठंड भगवा चौक पूरे भारत और उत्तरी गोलार्ध में बह रही है धूप ने निकलने से ठंड गैलन बढ़ती जा रही है और सर्दी गर्मी के मिला से कोहरा अत्यंत भयंकर हो रहा है और धरती के मनुष्यों की सहनशक्ति भी काफी घट गई है इसलिए बहुत ही सावधानी की आवश्यकता है
अब एक समुद्री भिक्षु बंगाल की खाड़ी में श्रीलंका तमिलनाडु और अंडमान निकोबार के बीच में पैदा हो रहा है जो आज 8 जनवरी से लेकर 15 जनवरी के बीच सक्रिय रहेगा और दो-तीन दिनों में इसके श्रीलंका और तमिलनाडु तथा दक्षिण भारत में पहुंचने की और उत्तर उत्तर पूर्व बढ़ाने की आशा है इसलिए आशा की जा सकती है कि 15 जनवरी के आसपास मौसम में परिवर्तन होगा और दिन में ठंड से राहत मिलने शुरू हो जाएगी लेकिन 31 जनवरी तक इसी प्रकार की महान ठंड जारी रहने की और कोहरा पड़ने की आशंका है और यह ठंड ले देकर 15 मार्च तक चलेगी फरवरी में झंझावात बादल वर्षा और वज्रपात की संभावनाएं बन रही है कितने लंबे समय तक सुख मौसम रहना भी प्रचंड ठंड का कारण बन गया है
इसलिए 15 जनवरी तक इस महान ठंड से बचने की कोई संभावना नहीं है ना कम होने की कोई संभावना दृष्टिगत हो रही है बार-बार लिखने का अर्थ है सब लोग सावधान रहे बस कर रहे गर्म कपड़ों में ही बाहर निकले अति आवश्यक हो तभी बाहरनिकले डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978
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