इस देश का हर नेता अधिकारी और सांसद विधायक मंत्री सरकारी तंत्र से जुड़े हुए लोग अपने को कर्त्तव्यांश और ईमानदार बताते हैं लेकिन 99% के घर जाइए ईमानदारी से देखिए क्या उनका रहन-सहन घर गाड़ी बंगला सब उनके ईमानदारी और सच्चाई की पुष्टि करते हैं आपको कुछ कहना नहीं होगा जिनको भी आप बहुत ईमानदार समझते हैं उनके घर एक बार अवश्य जाएं अपने आप दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा जनता को मूर्ख बनाना और खुद जनता का मूर्ख बनना दोनों इस देश की सबसे बड़ी सच्चाई है यही हाल तथा कथित बड़े-बड़े प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का भी है जो सरकार के आगे झुक गए बिक गए उनके करोड़ों रूपों का तो केवल स्टूडियो का सेटिंग होता है उन्हें केंद्र राज्य सरकार ने सारी सुविधा देती हैं देश-विदेश की सैर कराती हैं और कर्तव्य की सच्चाई कीहत्या करने के लिए वह सब कुछ देती हैं जो उनको चाहिएकोई पूछने वाला नहीं कितना पैसा कहां से आया लेकिन जो लोग सच्चाई दिखाते हैं ईमानदार हैं ऐसे 90% प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया हमेशा परेशानी में रहते हैं मेरी आलोचना का इतना ही अर्थ है कि किसी को ना सुने देशकाल परिस्थितियों के अनुसार जो उचित समझ में आए वह करें कहने वाले तो सबको कहते हैं भगवान को भी नहीं छोड़ते राजनेताओं का लूटने और जनता का लूटने ही इस देश की नियति है
जनता भी उसी के यहां दरबार लगती है जिसके पास बड़े-बड़े गाड़ी बेंगल धन-धान्य होता है उसे प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया को बड़ा मानती है जिसे सब कुछ शानदार होता है वही डॉक्टर अधिवक्ता इस देश में बड़ा माना जाता है जिसकी फीस सबसे अधिक होती है इस समय 99 परीक्षित देश के लोग सच्चाई ईमानदारी सदाचार का कोई मूल्य नहीं समझते हैं दुराचारी अनैतिक लोगों के आगे दंडवत हो जाते हैं खाने को बहुत कुछ है लेकिन बहुत कुछ कहना गरिमा के अनुकूल नहीं है मैंने ऐसे लोगों को अपनी आंख से देखा है जो दश चरित्र खूबसूरत स्त्रियों की आड़ में बुराई करते हैं लेकिन अपना काम सिद्ध करने के लिए उनका पेशाब अ्भी पी लेते हैं कुछ का तो मैं वीडियो भी बना कर रखा हुआ है कि कभी अगर कुछ बोले तो सार्वजनिक कर दूं
घर का जोगी जोगड़ा आज गांव का सिद्ध दीपक तले अंधेरा घर की मुर्गी दाल बराबर भारत के लिए पूरी तरह सही है बहुत सोच समझ कर रहना चाहिए अपना लक्ष्य जैसे मिले पाना चाहिए जिनका लक्ष्य मिला है उसमें 99% इन्हीं सब तरीकों को अपना कर आगे बढ़े हैं इस देश के लिए दो बातें सही हैं
भारत में यदि रहना है चींटी हाथी उठा के ले गई तब भी हां हां कहना है
इस दुनिया की रीति सदा जब सुबह हुई तब शाम हुई।
इस धरती पर आकर के तो मां सीता भी बदनाम हुई।
औरों की बातें सुन सुन कर मत भर लो अपने नैना।
कुछ तो लोग कहेंगे ही लोगों का काम है कहना डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह
जहां के अधिकांश नेता मंत्री सांसद विधायक अधिकारी खुद दागदार और कलंकित हैं वर्णन शंकर है दोगले हैं गद्दारी से भरे हुए हैं भारी भरकम वेतन सुविधा पाने के बाद भी ऊपर का पैसा और घूसखोरी के लिए रोज पकड़े जा रहे हैं जहां पर घर अपराधों में लिप्त लोग सी जैसी फौज लेकर चलते हैं और उनके आगे पीछे जनता की भीड़ लगी रहती है उसे देश में समाचार अच्छे मूल्य ईमानदारी सच्चाई की भला क्या कीमत हो सकती है सपने में मत रहो चंद्रशेखर आजाद सुभाष चंद्र बोस राम प्रसाद बिस्मिल क्रांतिकारी देश के लिए मर जाएंगे और नाम होगा चरखा बकरी और अहिंसा से गांधी और कांग्रेस ने देश को आजाद कर दिया इससे अधिक कोई समझ नहीं सकता है गंगा जमुनी सभ्यता भाईचारा में डूबे लोग ईरान से इंडोनेशिया कजाकिस्तान से श्रीलंका का 90% भूभाग को चुके हैं बाकी खोने के कगार पर हैं
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