Wednesday, 14 January 2026

तिल द्वादशी की कथा

तिल द्वादशी की कथा
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एक पौराणिक कथा के अनुसार, एक ब्राह्मणी भगवान विष्णु की परम भक्त थी और बहुत कठिन व्रत करती थी। उसने दान तो बहुत किया लेकिन कभी अन्न का दान नहीं किया। जब वह वैकुंठ गई, तो उसे वहां रहने के लिए कुटिया तो मिली लेकिन वह खाली थी। तब भगवान ने उसे बताया कि अन्न दान न करने के कारण ऐसा हुआ। तब उस ब्राह्मणी ने देव कन्याओं के कहने पर तिल द्वादशी का व्रत किया और तिल का दान किया, जिससे उसकी कुटिया धन-धान्य से भर गई।

राजेन्द्र गुप्ता,
ज्योतिषी और हस्तरेखाविद
मो. 9116089175
नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।

1/14, 7:58 PM] +91 96113 12076: आज का राशिफल व पंचांग
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15 जनवरी, 2026, गुरुवार
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आज और कल का दिन खास
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15 जनवरी 2026 : मत्तु पोंगल आज।
15 जनवरी 2026 : तिल द्वादशी आज।
15 जनवरी 2026 : थलसेना दिवस आज।

16 जनवरी 2026 : प्रदोष व्रत कल।
16 जनवरी 2026 : मासिक शिवरात्रि कल।
16 जनवरी 2026 : जैन समुदाय की मेरू त्रयोदशी कल।
16 जनवरी 2026 : मुस्लिम समुदाय कल मनायेगा शब ब ए मिराज।

राजेन्द्र गुप्ता,
ज्योतिषी और हस्तरेखाविद
मो. 9116089175
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आज का राशिफल
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15 जनवरी, 2026, गुरुवार
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मेष राशि : अपनी दिनचर्या में बदलाव लायें। यश कीर्ति में वृद्धि होगी। कारोबार में लाभ बढ़ेगा। संतान पर ध्यान रखने की आवश्यकता है। अपने व्यवहार में नम्रता लाने की आवश्यकता है। वाहन सुख प्राप्त होगा। धैर्य से कार्य सम्पादन में लगे रहें। रुके कार्यों की पूर्ति होगी।

वृषभ राशि : कम समय में काम को पूरा करने में लगे रहेंगे। समय का सदुपयोग करें। विशेष महत्व के कार्य पूरा करने का प्रयास करें। सफलता मिलेगी। कारोबारी समस्याओं से सामना होगा। सायंकाल यात्रा न करें। दिन की शुरुआत शुभ संकल्पों से होगी। माता-पिता के स्वास्थ्य में लाभ होगा।

मिथुन राशि : आपके काम करने के तरीकों में सुधार की जरूरत है। आज धनागमन सहज होगा। लाभ होगा, स्वास्थ्य ठीक रहेगा। कारोबार में विवाद शांत होंगे। समय बदलेगा। वाहन खरीदने के योग बन रहे है। समय अनुकूल नहीं है सतर्क रहें। कोई नया काम आरंभ करने में विलंब होगा।

कर्क राशि : विशेष लोगों से मुलाकात होगी। मन चाही कार्य सिद्धि होगी। झूठ बोल कर फंस सकते हैं। कार्यस्थल पर स्थिति आप के पक्ष में बनेगी। परिवार में बुजुर्गों को स्वास्थ्य समस्या बढ़ेगी। नौकरी में विवाद शांत होंगे। लाभ के अवसर मिलेंगे। घर पर शांति बनाए रखें।

सिंह राशि : अपने पराये में फर्क समझें। आज की दिनचर्या नियंत्रित रखें। बोलने से पहले विचार करें। किसी दूर के मित्र से मुलाकात फायदेमंद साबित होगी। दूसरों में निजी मामलों में बोलना बंद करें। अपनों की बातों से मन दुखी होगा। शासन-सत्ता का सहयोग मिलेगा। आश्वासन प्राप्त होंगे।

कन्या राशि : दिन की शुरुआत व्यस्ततापूर्वक रहेगी। देव दर्शन और निजी कार्यो में समय बीतेगा। कारोबार में सफलता मिलेगी। कम बोलें पर अ'छा बोलें। शत्रु भी प्रशंसा करेंगे। बाहरी विवादों का असर परिवार पर न होने दें। वैवाहिक जीवन में शांति बनी रहेगी। मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। न्यायपक्ष उत्तम रहेगा।

तुला राशि : सोच के परे कार्य होने से परेशानी बढ़ सकती है। लाभ के अवसर मिलेंगे। कार्यस्थल का वातावरण पक्ष में होगा। विवादों में मौन रहना ही लाभदायक होगा। अपने से बड़ों का आदर करें। आध्यात्मिक तरक्की होगी। धन लाभ के लिए किए गए प्रयास सफल होंगे। परिजन का सहयोग मिलेगा।

वृश्चिक राशि : नौकरी में अशांति का वातावरण बनने के योग हैं। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। फिजूल खर्च बढ़ेंगे। धोखा होने की आशंका है। पुराने रोग उभरने की संभावना है। संभल कर रहें। दाम्पत्य संबंधों में मधुरता आएगी। धार्मिक यात्रा की योजना बनेगी। कारोबार का विस्तार के योग बन रहे हैं।

धनु राशि :  काम बहुत है आप अ'छे से कार्यनीति तय करें। काम आरंभ न करें। दिन चिंताजनक व्यतीत हो रहे है। मानसिक पीड़ा हावी रहेगी, पर इष्टबल मजबूत रखें। आर्थिक निवेश से लाभ के आसार हैं। संतान के स्वास्थ में सुधार होगा। कोर्ट कचहरी के चक्कर लग सकते है।

मकर राशि :  स्वास्थ्य का ध्यान रखें। अनुकूल समय का सदुपयोग करें। महत्व के कार्यों को प्राथमिकता दें। दिन की शुरुआत आनंददायक रहेगी। पुराने मित्र से मुलाकात से लाभ के योग हैं, जो शुभ रहेगा। शत्रु परास्त होंगे। यात्रा के योग है। स्वास से सम्बंधित रोग से ग्रसित रह सकते है।

कुम्भ राशि : समय के साथ अपने आचार विचार में बदलाव करना पड़ेगा। सुख शांति चाहते हैं तो स्वयं के व्यवहार को बदलना पड़ेगा। मुश्किल है, पर नामुमकिन नहीं। लाभ के अवसर बढ़ेंगे।  सामाजिक संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। यात्रा सफल रहेगी। शुभ कार्यों में व्यय होगा।

मीन राशि : अपने आप पर विश्वास रखें, दूसरों के भरोसे न रहें। आलस्य से बड़ा कोई शत्रु नहीं है। सजग रहें सतर्क रहें। स्वास्थ्य ठीक होगा, व्यय बढ़ेंगे। नया मकान-दुकान खरीदने के योग हैं। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। धन लाभ होगा। यात्रा सफल रहेगी।

राजेन्द्र गुप्ता,
ज्योतिषी और हस्तरेखाविद
मो. 911608917

आज का पंचांग
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15 जनवरी 2026, गुरूवार  
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तिथि   द्वादशी    08:19 PM 
                        अगले दिन
नक्षत्र   ज्येष्ठा     05:48 AM
करण   तैतिल    08:19 PM
पक्ष     कृष्ण
योग     वृद्धि      08:37 PM
वार     गुरूवार   
सूर्योदय          07:15 AM 
सूर्यास्त          05:45 PM
                    अगले दिन
चन्द्रमा वृश्चिक 05:48 AM
राहुकाल  01:49 - 03:08 PM 
विक्रमी संवत्  2082
शक सम्वत  1947 ( विश्वावसु )
मास अमांत      पौष
मास पूर्णिमांत   माघ
शुभ मुहूर्त 
अभीजित 12:09 - 12:51 PM

राजेन्द्र गुप्ता,
ज्योतिषी और हस्तरेखाविद
मो. 9116089175
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[1/14, 7:58 PM] +91 96113 12076: तिल द्वादशी आज 
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माघ मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को तिल द्वादशी कहा जाता है। इसे कूर्म द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और तिल के दान का विशेष महत्व है। वर्ष 2026 में यह व्रत मकर संक्रांति के अगले दिन मनाया जाएगा। तिल द्वादशी न केवल आध्यात्मिक शुद्धि का मार्ग है, बल्कि यह दरिद्रता दूर करने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने वाला एक अमोघ अवसर भी है।

तिल द्वादशी 2026: तिथि और मुहूर्त
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वर्ष 2026 में तिल या कूर्म द्वादशी 15 जनवरी, गुरुवार को मनाई जाएगी।
माघ कृष्ण द्वादशी तिथि आरंभ: 14 जनवरी 2026 को शाम 05:52 बजे से।
द्वादशी तिथि समाप्त: 15 जनवरी 2026 को रात 08:16 बजे तक।
उदयातिथि के अनुसार तिल द्वादशी और कूर्म द्वादशी व्रत 15 जनवरी को रखा जाएगा।

क्यों किया जाता है यह व्रत? जानें महत्व
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तिल की उत्पत्ति भगवान विष्णु के पसीने से हुई है, इसलिए यह उन्हें अत्यंत प्रिय है। महाभारत में उल्लेख है कि इस दिन तिल दान करने वाला व्यक्ति कभी नरक के दर्शन नहीं करता। पद्म पुराण के अनुसार, इस दिन तिल के प्रयोग और दान से जाने-अनजाने में हुए सभी पापों का नाश होता है। तिल द्वादशी पर तिल दान करने से व्यक्ति को अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। माना जाता है कि जो व्यक्ति इस व्रत को करता है, वह जन्म-जन्मांतर तक रोगों, जैसे कुष्ठ, अंधापन आदि से मुक्त रहता है। 

रोग और कष्टों से मिलती है मुक्ति
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धर्म शास्त्रों में उल्लेखित है कि तिल द्वादशी का व्रत करने से व्यक्ति को कई जन्मों तक भयानक रोगों जैसे अंधापन, बहरापन, कोढ़ आदि से मुक्ति मिलती है। यह व्रत स्वास्थ्य, लंबी आयु और सदा निरोगी रहने का वरदान देता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। व्रत रखने वाले लोग तिल से बने व्यंजन जैसे तिल के लड्डू, तिल की चिक्की आदि बनाते और दान करते हैं। तिल दान करने से अश्वमेध यज्ञ के बराबर का फल मिलता है।

पूजा विधि
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इस दिन तिल का छह तरीकों यानी षटतिला से उपयोग करना श्रेष्ठ माना जाता है: स्नान, उबटन, तर्पण, आहुति/हवन, भोजन और दान। 

स्नान: सुबह जल्दी उठकर पानी में गंगाजल और तिल मिलाकर स्नान करें।

संकल्प: स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु के समक्ष व्रत का संकल्प लें।

पूजन: भगवान विष्णु के माधव रूप की मूर्ति को पंचामृत से अभिषेक कराएं। उन्हें पीले फूल, तुलसी दल, धूप और दीप अर्पित करें।

मंत्र जाप: पूजा के दौरान 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का निरंतर जाप करें।

भोग: भगवान को तिल से बने पकवान या तिल और गुड़ के लड्डू का भोग लगाएं।

दान: पूजा के बाद किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को तिल, कंबल, अनाज या स्वर्ण का दान करना बहुत फलदायी होता है।

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