Wednesday, 14 January 2026

परम पवित्र सौर त्यौहार मकर संक्रांति है यह अज्ञान पर ज्ञान असत्य पर सत्य और अंधकार पर प्रकाश की विजय दिखाता है ‌ भारत और उत्तरी गोलार्ध में इसी दिन से दिन बड़ा होता है

कल परम पवित्र सौर त्यौहार मकर संक्रांति है यह अज्ञान पर ज्ञान असत्य पर सत्य और अंधकार पर प्रकाश की विजय दिखाता है ‌ भारत और उत्तरी गोलार्ध में इसी दिन से दिन बड़ा होता है प्रकाश की मात्रा बढ़ती हैं अंधकार और बुरी शक्तियों की मात्रा घट जाती है‌ इसी लिए दक्षिणायन में मरना अच्छा नहीं समझा जाता है 

कल 15 जनवरी को पूजा पाठ का नियम यह है कि सुबह उठकर नित्य क्रिया करके शुद्ध मन से स्नान करें स्नान करते समय गंगाजल और काला तिल मिला ले इसके बाद 

लाल रंग के फूल से अक्षत रोली और काले तिल से सूर्य को अर्घ्य दें ‌ और ओम सूर्याय नमः का मंत्र पढ़ें इतना काफी है 

भोर में स्नान देव स्नान इसके बाद ऋषि मुनि का स्नान होता है ‌ इस समय कोई भी स्नान कर सकता है। 

कल अगर आप सुबह भर में उठाएंगे तो देखेंगे की देवताओं का एक झोंका हवा के साथ संगम की ओर जाता और फिर 6:00 बजे के आसपास वापस आता हुआ हवा के रूप में दिखाई देगा यह मैं बचपन से देखा चला आ रहा हूं 


स्नान और पूजा के बाद आप अपनी समर्थ के अनुसार किसी योग्य और सदाचारी व्यक्ति को दान दे सकते हैं उसको खिला पिला सकते हैं दान में चावल  तिल काला वस्त्र कंबल और अनाज का दान किया जाता है पैसे भी दे सकते हैं‌।

कल सर्वार्थ सिद्ध और अमृत सिद्धि योग में साधारण और गृहस्थी लोग स्नान करें तो बहुत अच्छा है जो सुबह 7:15 से दोपहर तक रहेगा वैसे भोर में स्नान से लेकर दोपहर तक स्नान कर सकते हैं
यही वेद शास्त्र और धर्म सम्मत पूजा पाठ का विधान है जो सच्चे मन से करना चाहिए डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

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