मौसम की भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर
24 से लेकर 27 अप्रैल तक भयंकर गर्मी के जौनपुर और भारत के सारे कीर्तिमान टूटेंगे सभी लोग सावधान रहो हमेशा की तरह 49 वर्षों से लाखों भविष्यवाणियों की तरह यह सुझाव और चेतावनी भी दे रहा हूं
प्रचंड हवाओं भीषण गर्मी के साथ आज से बरसेगी आग चलेगी लू अर्थात तापलहर मच जाएगा हाहाकार एक सप्ताह तक होगी अग्नि वर्षा तापमान हो जाएगा 45 डिग्री सेल्सियस के पार बिल्कुल सूखा भयंकर गर्मी तेज हवा वाला मौसम
आज का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के साथ बहुत ही भीषण गर्म होगा और भीषण गर्मी की शुरुआत आज सुबह से ही हो जाएगी । दिन तेज चटक शीशे जैसी धूप हल्के बादल वाला रहेगा। सापेक्षिक आर्द्रता 9 प्रतिशत तक गिर जाने और भयंकर गर्मी पैदा करने वाले बादलों के कारण दिन भयंकर गरम और असह्य होगा। अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता भी गिरकर 30% हो जाएगी आज और 3 दिन तक बाहर निकालने योग्य मौसम नहीं रहेगा
कल अधिकतम तापमान 46डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहेगा हल्के बादल रहेंगे भयंकर तापलहर लू के साथ आंधी अंधड़ तूफान तेज हवा रहेगी और हवा की गति तेज होगी शरीर को जलाने वाली और सुखा देने वाली गर्मी सबको झुलसा कर रख देगी चारों हाहाकार मच जाएगा।
इस बीच चार-पांच दिनों तक जौनपुर सहित संपूर्ण भारत आंधी तूफान बहुत तेज हवा और अंधड़ लगातार विद्यमान रहेगा हवा की दिशा पश्चिम और हवा की गति 15 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा होगी सापेक्षिक आद्रता 9% से लेकर 40% के बीच और वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 से लेकर 100 के बीच रहेगा पराबैंगनी किरणों की तीव्रता 9 से 11 के बीच रहेगी
हमारे अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर द्वारा चेतावनी दी जाती है कि 10 से 15 दिन अर्थात 9 से 27 अप्रैल तक मौसम बिल्कुल साफ और सूखा भयानक रहेगा इसी बीच किसान अपना खेती किसानी का सारा काम समाप्त कर ले इसके बाद मौसम फिर से भयानक रूप से बिगड़ेगा । 27 अप्रैल के आसपास एक दो दिन आगे पीछे हल्की वर्षा का योग बन रहा है किसान सावधान रहे 27 अप्रैल से 1 मई के बीच कभी भी वर्षा हो सकती है इसके बाद थोड़ा बहुत एक-दो दिन आराम रहेगा।
मौसम आंधी तूफान अंधड़ तेज़ हवा भयंकर गर्मी का यह खेल अप्रैल और मई दोनों महीना में चलता रहेगा और सभी सरकारी गैर सरकारी मौसम विभागों के विपरीत इस बार का मौसम बहुत ही गर्म औरभयंकर रहेगा और वर्षा भी कम और अनियमित होगी जिससे सूखा जैसी स्थितियां बनेंगी
कभी बहुत भयानक वर्षा होगी तो कभी बीच-बीच में सूखा रहेगा। दक्षिण भारत के केरल कर्नाटक महाराष्ट्र आंध्र और उड़ीसा के कई भागों में पूर्वोत्तर भारत और हिमालय क्षेत्र में 20 से 23 अप्रैल के बीच और मध्य प्रदेश के दक्षिण में छिटपुट वर्षा होगी अप्रैल के बिल्कुल अंतिम भाग में मौसम में परिवर्तन संभव है।
मानसून के केरल में प्रवेश करने की संभावना 29 में से 5 जून के बीच बन रही है संपूर्ण दुनिया में गर्मी बहुत भयंकर रूप से बढ़ेगी। अकाल महामारी फैलने की संभावना है
मौसम के आकस्मिक परिवर्तन और उतार-चढ़ाव के कारण रोग बीमारियां बहुत तेजी से फैलेंगे और पक्षियों और पशुओं से रोग फैलेगा । 20 से 30 अप्रैल के बीच दुनिया में भयंकर आंधी तूफान भूकंप ज्वालामुखी विस्फोट विशेष कर जापान और दक्षिण पूर्वी एशिया में आने की और भारत में भी आने की संभावना है
इसलिए सभी लोग भयंकर गर्मी के लिए तैयार रहे चार-पांच दिन तक भयानक लू चलने लगेगी और तापमान 44-47 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाएगा उत्तर पश्चिम उत्तर और मध्य भारत गुजरात और महाराष्ट्र उड़ीसा में यह तापमान 47 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर जाएगा।
भयंकर गर्मी और प्रचंड आप लहर का कारण
पहला कारण
बुद्धिमान मानव जाति के द्वारा पेड़ पौधे हरियाली और जंगल काटकर उसकी जगह सीमेंट कंक्रीट और एक पत्थर के जंगल बढ़ा देना आप सभी को पता है की एक पत्थर सीमेंट और कंक्रीट दिन पर गर्मी शक कर जमीन गर्म करते हैं और रात को वह गर्मी वापस वायुमंडल में छोड़ते हैं जिससे रातें भयंकर गर्म हो रही है पहले ऐसा नहीं होता था रात ठंडी हो जाती थी क्योंकि जमीन कच्ची हरी-भरी पेड़ पौधों और पानी से युक्त होती थी
[4/20, 5:42 PM] Dr Dileep Kumar singh: दूसरा कारण किसी भी प्रकार के पश्चिमी विक्षोभ का ना बनना और साफ स्वच्छ आसमान
तीसरा कारण है तेज सूखी हवाओं का चलना और नमी का भयंकर रूप से गिरकर सात प्रतिशत तक पहुंच जाना
चौथा कारण है जल के स्रोत तालाब कुएं ए बावली का सूख जाना और जमीन की मिट्टी की जगह कंक्रीट और सीमेंट की सड़क कच्चे मकान और छप्पर की जगह सीमेंट और कंक्रीट के मकान का जाल विछ जाना
और सबसे बड़ा कारण है परम बुद्धिमान मानव जाति के द्वारा भाषणों में और कागजों पर हरियाली और वृक्षारोपण करके तालाब कुआ बावली को केवल भाषण से भर देना मौके पर पूरे जमीन बंजर उसर वृक्ष विभिन्न और जल विहीन होना
और अंतिम कारण है सूर्य पर उत्पन्न होने वाले प्रचंड विस्फोट के कारण और सौर कलंक जिससे लाखों किलोमीटर लंबी ज्वाला धरती समेत पूरे सौरमंडल तक फैल जाती हैं
[4/20, 5:44 PM] Dr Dileep Kumar singh: बाकी हरियाली का लगातार पेड़ पौधों के साथ कम होना सीमेंट और कंक्रीट के जंगल का बढ़ना जो ग्रीन हाउस प्रभाव उत्पन्न करताहै
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