*चाहे बिजली विभाग हो या रेलवे विभाग या कोई भी सरकारी विभाग और संस्थान हूं केंद्र और राज्य सरकारों को यह देखना चाहिए कि आखिर वह कौन सा जादू या चमत्कार है जिसके कारण इस विभाग के चपरासी से लेकर डायरेक्टर तक सब लोग मालामाल हो जाते हैं और यह विभाग और मुखर रुपयों के घाटे में चलता है वर्तमान भारत में शायद एक भी सरकारी विभाग या संस्थान फायदे में नहीं है ऐसे में सरकार को समझ सरकारी विभाग और संस्थान निजी हाथों में सौंप देना चाहिए वरना तो ऐसा कुछ नहीं दिखता कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी ईमानदार जनता के प्रति जवाब दे और भ्रष्टाचार मुक्त होंगे तथा उनकी लालफीताशाही छूट जाएगी*
*इसके अलावा सरकार को यह चाहिए कि जितने मोहल्लों में बिजली चेकिंग हुई हो उसकी फिर से चेकिंग किसी जिम्मेदार संस्था के द्वारा कराएं तब इसकी पोल खुलेगी जौनपुर में तो हालत इतनी खराब है कि बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी केवल उन्हीं घरों को परेशान करते हैं जिनके घर में मीटर लगा है और बिजली का बिल नियम से देते हैं जिनके यहां से यह लोग पैसा लेकर कुछ नहीं कार्यवाही करते और बिल देने वाले वैध कनेक्शन धारी लोगों को परेशान करके एक न एक नक्शा निकाल कर उनसे घूस में पैसा मांगते हैं अन्यथा परेशान करते हैं*
आखिर ऐसा कौन सा मंत्र है जिससे देश के हर प्राइवेट कंपनी फायदे में रहती हर प्राइवेट स्कूलों में भीड़ मची रहती है और सरकारी स्कूल सारी सुविधाएं देने के बाद भी रोते रहते हैं कुछ ना कुछ तो गंभीर कमी है ही ऐसा क्यों है कि सीबीएसई आईसीएसई सरस्वती शिशु मंदिर और भारतीय विद्या संस्थान तथा मदरसों में और अन्य गैर सरकारी परीक्षाओं में कभी भी नकल नहीं होती और यूपी बोर्ड में लाख प्रयास के बाद भी हर साल सामूहिक नकल इत्यादि होती रहती हैं चपरासी से लेकर आज तक के पेपर में कुछ न कुछ करामात हो ही जाती है
*जौनपुर कोतवाली क्षेत्र में इस समय अमर नाम का जूनियर इंजीनियर अपना आतंक मचाए हुए हैं जो भाड़े के और दैनिक मजदूर लोगों को लेकर जमकर अवैध वसूली कर रहा है अब सरकार को यह पता करना चाहिए किसने कितने लोगों के घरों के कनेक्शन काटे उसका कितना पैसा सरकारी खाते में जमा किया और हर मोहल्ले में छापामारी के बाद अवैध लोगों ने दो-तीन घंटे के बाद किस तरह फिर से अवैध कनेक्शन जोड़ लिया इसके लिए आवश्यक है कि सरकार के गुप्तचर तंत्र के लोग हर कॉलोनी में घर-घर जाकर असलियत का पता करें तब इसकी पोल खुलेगी अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो सारे सरकारी विभाग और संस्थान इसी तरह घाटे में चलते रहेंगे और कहीं भी सुधार नहीं होगा आखिर सरकारी बीएसएनल कैसे हजारों करोड़ के कब्जे में डूब गया और कैसे प्राइवेट कंपनियां मालामाल हो रही है यही हाल प्राइवेट वाहनों का और सरकारी वाहनों का है कहने का अर्थ यह है कि या तो सरकार खुद ही गंभीर नहीं है*
*या तो सरकारी कर्मचारी और अधिकारी सरकार से राजद्रोह कर रहे हैं और ऐसे लोगों को सेवा में रहने का कोई अधिकार नहीं हर जिले में एक ऐसा सतर्कता विभाग या जांच विभाग होना चाहिए जिसका काम हर वर्ष केवल सरकारी कर्मचारियों अधिकारियों की असली संपत्ति का पता लगाना जिस तरह सरकारी लोग छापामारी करके जनता की जांच करते हैं वैसे इनकी जांच करने के लिए भी एक विभाग होना चाहिए मुझे तो नहीं लगता कि इस तरह दिखावटी छापामारी करके धन वसूली करने से बिजली विभाग का कोई भला होगा और सबसे बड़ी बात है जनता की सुनने वाला भी कोई नहीं है क्योंकि ऐसा सुना जाता है कि इनके द्वारा लूटे गए धन का बंदरबांट ऊपर तक किया जाता है आशा है आप सभी लोग इन समस्याओं पर लगातार लिखेंगे और सरकार को विवश होकर इसके लिए कोई उपाय करना होगा*
[4/6, 6:04 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: परिचय m.a. B.Ed एलएलबी पीएचडी
[4/6, 6:05 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: *1995 में जौनपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लोक अदालत में स्थाई सदस्य मध्यस्थता अधिकारी एवं संधि करता तथा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा नंबर स्पेशल सेल फॉर चिल्ड्रन मिसिंग के रूप में कार्यरत*
[4/6, 6:06 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: सन 1916 में सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के समस्त न्यायाधीश गाना और मुख्य न्यायाधीश करके उपस्थिति में इंदिरा गांधी भवन लखनऊ में प्रतिभाग किया जनपद न्यायालय जौनपुर की तरफ से
[4/6, 6:07 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: सन 1980 में विभिन्न पत्र पत्रिकाओं और समाचार पत्रों जैसे पंजाब केसरी दैनिक जागरण हिंदुस्तान अमृत प्रभात अमर उजाला सहारा बल्लारी मंथन चंदा मामा कादंबिनी मैं अनवरत लेखन
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