Wednesday, 10 August 2022

सलीम अख्तर उर्फ शल्लू भाई को अखाड़े के खलिफा ने पगड़ी बांधकर सम्मानित किया

*--------प्रेस विज्ञप्ति -------*



सलीम अख्तर उर्फ शल्लू भाई को अखाड़े के खलिफा ने पगड़ी बांधकर सम्मानित किया
बिजनौर। मोहल्ला मिर्दगान में मोहर्रम की दसवीं तारीख को अखाड़ों का आयोजन किया गया। जिसमें नगर पालिका परिषद बिजनौर से अध्यक्ष पद के भावी उम्मीदवार सलीम अख्तर उर्फ शल्लू भाई ने अपने साथियों के साथ शिरकत की वहीं अखाड़े के खलिफा नौशाद अहमद और उस्ताद यूनुस ठेकेदार व अखाड़ा कमेटी ने उनके और उनके साथ आए साथियों शकील अहमद, इरफान सिद्दीकी, सरफराज अंसारी, भूरे भाई बाइक वाले को पगड़ी बांधकर सम्मानित किया।  जिसके बाद सलीम अख्तर उर्फ शल्लू भाई ने अखाड़े का फीता काटकर शुभारंभ किया। वही सलीम अख्तर उर्फ शल्लू भाई ने अखाड़े के खलीफा और उस्ताद के साथ अखाड़ा कमेटी का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि आज का युग आधुनिक और टेक्नोलॉजी का युग है। ऐसे में हमारे पुरखों से चली आ रही इस अखाड़े की परंपरा को बदस्तूर कायम रखने के लिए  अखाड़े के खलीफा नौशाद अहमद और उस्ताद यूनुस ठेकेदार व अखाड़ा कमेटी बधाई के पात्र हैं। युवाओं से उन्होंने कहा कि हमें अपने पुरखों से विरासत में मिली इस परंपरा को आगे भी इसी तरह से जिंदा रखना है। उन्होंने वहां मौजूद युवाओं का हौसला अफजाई करते हुए कहा की युवाओं का जोश और उत्साह देखकर लगता है कि पुरखों की इस परंपरा को हमेशा जिंदा रखा जाएगा। इस मौके पर उस्ताद यूनुस ठेकेदार, खलीफा नौशाद अहमद, डॉ अज़ीम, इरशाद ठेकेदार, शमशाद ठेकेदार, अफजाल अहमद, जमशेद अहमद, छोटा, मोहम्मद शानू, अब्दुल अजीम, फैजान अहमद, निजाम अंसारी, मोहम्मद रमीज़, मोहम्मद उवैस, मोहम्मद जकी, मोहम्मद अनवर, भूरे भाई, मोहम्मद दानिश, मोहम्मद आज़म, मोहम्मद अब्दुल्ला  आदि लोग उपस्थित रहे। 
सुन्नी समुदाय के लोगो द्वारा मोहर्रम की दसवीं तारीख को अखाड़े निकाले गए अखाड़े मे युवाओ व बुजुर्गों ने अपने करतब दिखाए युवाओ ने बरेटी घूमाकर डांडिया खेल कर नए नए करतब दिखाए।अखाड़ों में युवाओं ने रात भर हैरतअंगेज करतब दिखाए। मोहल्ला मिर्दगान, चाहशीरी  के अखाड़े देर रात शुरू होकर घंटाघर पर पहुंचे। युवा हाथ में तिरंगा लेकर चल रहे थे। वहां पर दोनो मोहल्लों के अखाड़े मिलकर एक हो गए। युवाओं ने तलवार, भाले आदि से अनेक करतब दिखाए। कुछ युवाओं ने मुंह से आग निकालकर सभी को रोमांचित किया। रात करीब 12 बजे से सुबह 5 बजे तक करतबों का दौर चलता रहा।

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