*चालान काटना कोई हल नहीं होता।*
(उपेन्द्र श्रीवास्तव)
नितिन गडकरी जी सायरस मिस्त्री के मौत को राष्ट्रीय समस्या मत बनाइए।
पहले भी लोग सड़क दुर्घटनाओं में मरते रहे हैं और आगे भी मरते रहेंगे।
आप जितने ज्यादा पेचीदा नियम कानून बनाएंगे ट्रैफिक पुलिस को भ्रष्टाचार करने का लोगों को परेशान करने का लोगों से वसूली करने का एक और नया कारण मिल जाएगा।
कारों के पीछे दो लोगों को सीट बेल्ट लगाने का सिस्टम होता है अक्सर कार के पीछे तीन लोग बैठते हैं।
फायदा कुछ नहीं होगा सिर्फ आप ट्रैफिक पुलिस वालों की जेब गर्म करेंगे, रोड रेज की घटनाएं बढ़ेंगी, इस से अच्छा है कि आप कार की सेफ्टी फीचर पर ध्यान दीजिए। कार में लगने वाले स्टील की गुणवत्ता बढ़ाईये, कार की चेसिस की मजबूती बढ़ाने पर ध्यान दीजिए, ना कि कार में बैठे सवारियों को दुनियाभर के नियम कानूनों से बांधकर फिर ट्रैफिक पुलिस से लड़ाई झगड़ा वसूली इत्यादि को बढ़ावा दीजिए।
आप हाईवे पर जगह-जगह मैक्सिमम स्पीड लिमिट का बोर्ड लगा दीजिए। ऑटोमेटिक स्पीड सेंसर कैमरा लगाइए जो गाड़ी ओवर स्पीड से चल रही हो उसे ऑटोमेटिक सिस्टम से चालान भेजिए।
साइरस मिस्त्री की दुर्घटना का सबसे बड़ा कारण गाड़ी के एयरबैग का ना खुलना था और दूसरा कार की ओवर स्पीड थी, 135 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से कार जा रही थी जबकि उधर कई खतरनाक मोड़ और पुल थे।
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