*आसमान में घटने वाली है अद्भुत घटना उल्का खंडों की होगी बौछार*
*20 दिसंबर 2022 से लेकर 30 दिसंबर 2022 तक संपूर्ण आसमान में टूटते हुए तारे अर्थात उल्का खंडों की जबरदस्त वर्षा होगी और कभी-कभी तो पूरा आसमान ही रोशनी से नहा जाएगा इसका कारण यह है कि नवंबर और दिसंबर में हमारी धरती ऐसे अंतरिक्ष के भाग में प्रवेश करती हैं जहां पर ग्रह उपग्रह और तारों से टूटे हुए छोटे-छोटे टुकड़े और चट्टान अत्यधिक मात्रा में विद्यमान रहते हैं और जैसे ही पृथ्वी क्षेत्र में प्रवेश करती है तो यह प्रचंड वेग से घूम रहे तारे पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण में आ जाते हैं और हवा से जबरदस्त घर्षण के फलस्वरूप वह आग के गोले की तरह जलने लगते हैं और आसमान रोशनी से नहा जाता है सौभाग्य से धरती का वायुमंडल इन्हें जलाकर राख कर देता है या बहुत छोटे-छोटे टुकड़े कर देता है अन्यथा पृथ्वी तबाह हो जाती*
*इसके बावजूद भी कुछ बड़े-बड़े उल्कापिंड पृथ्वी पर गिर ही जाते हैं जैसे पृथ्वी पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं और इन्हीं उल्का पिंडों के कारण जीवन कई बार पृथ्वी पर नष्ट हो चुका है जिसमें बहुत विराट डायनासोर्स भी शामिल हैं साइबेरिया के तुनगुस्का में 1908 में ऐसे ही भयानक उनका खंड के गिरने से कई हजार परमाणु बम का धमाका हुआ था और सैकड़ों किलोमीटर में सब कुछ तबाह हो गया था सौभाग्य की बात की उस क्षेत्र में मानव का निवास नहीं था मेक्सिको और भारत के अनेक भागों में भी उनका खंडों के गिरने से बड़े-बड़े पत्थर और गड्ढे आज भी बने हुए हैं*
*इसके अलावा इसके अलावा मंगल और बृहस्पति 24 से 26 दिसंबर तक एक सीधमें एक स्थान पर दिखाई देंगे और कई ग्रहों को मिलाकर एक धनुष जैसी आकृति बनेगी जो दुनिया में हिंसा तनाव उत्तेजना क्रोध उन्माद हिंसा यौन हिंसा और युद्ध बढ़ने का कारण बनेगी इस प्रकार से बने हुए स्थिति को क्रिसमस स्टार यूरोप और अमेरिका में कहा जाता है इसका एक अर्थ यह भी होगा कि इस वर्ष का क्रिसमस और नया अंग्रेजी इसाई वर्ष महा भयंकर बर्फबारी और प्रचंड जीत के कारण इतने उत्साह से नहीं मना सकेंगे जितना मनाया जाता है आसमान से नंगी आंखों 20 से 30 दिसंबर के बीच आप सभी नीले काले आसमान में घटने वाले उल्का पिंडों की बरसात और जबरदस्त रोशनी की चकाचौंध तथा दो सितारों का एक सीध में होना देख सकते हैं 10:00 से 12:00 रात के बीच है बहुत साफ साफ देखा जा सकता है और कभी-कभी तो 10 से लेकर 20 उल्कापिंड एक साथ गिरते हुए दिखाई देंगे डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि और निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर*
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