Thursday, 12 January 2023

उन्हें भगवा से इतनी चिढ़ क्यूं है? बात केवल योगी अथवा साधु संतों के भगवा पहनने की नहीं है, भगवे रंग पर एतराज की है! जो लोग यह मानते हैं कि निवेश भगवा रंग से नहीं, सूट बूट पहनने से आएगा, यह केवल उनके दिमाग का फितूर है!

उन्हें भगवा से इतनी चिढ़ क्यूं है? बात केवल योगी अथवा साधु संतों के भगवा पहनने की नहीं है, भगवे रंग पर एतराज की है! जो लोग यह मानते हैं कि निवेश भगवा रंग से नहीं, सूट बूट पहनने से आएगा, यह केवल उनके दिमाग का फितूर है!

निवेश के लिए रंग पर टिप्पणी के बजाय अच्छे माहौल पर चर्चा करनी चाहिए! भगवा भारतीय संस्कृति और सभ्यता का बड़ा हिस्सा है, अध्यात्म हमारी विरासत है और केसरिया हमारे राष्ट्रीय ध्वज का शिखर पर विराजमान है!

भगत सिंह सुखदेव और राजगुरु ने तो मां से अपना चोला ही बसंती मांगा था। शिवाजी और महाराणा प्रताप केसरिया की आन बान और शान के लिए आजीवन लड़ते रहे। इस देश की सन्नारियां मांग में भगवा सिंदूर भरकर शत्रु पर टूट पड़ती थीं और घिर जाने पर भगवा जौहर सजाती थीं। भगवा इस देश की ऊंचाइयों का प्रतीक है। सच कहें तो भारत का प्रतिनिधि रंग है भगवा और केसरिया। यह गौरवशाली अतीत का परिचय है। भारत की शान का प्रतिबिंब है।

न जानें लोग भगवा से क्यों चिढ़ते हैं। यह रंग भारत की उत्सवप्रियता को दर्शाता है। भारत सदा सर्वदा से रंगों और रागों से परिपूर्ण रहा है। वह केसरिया पताका ही थी जिसकी महिमा को पहले ही युद्ध में सिकंदर ने पहचान लिया था। राजा पौरस को उसने हराया जरूर, पर समझ गया कि आर्यावर्त भारतवर्ष को जीतना उसके बस में नहीं है। सिकंदर समझ गया कि आगे बढ़ा तो जगह जगह केसरिया से मुकाबला होगा। राजा पौरुष ने पहले ही युद्ध में उसे बता दिया था कि भारत को समूचा जीतना नामुमकिन है। केसरिया की ताकत ने उसे वहीं से यूनान लौटा दिया।

अफसोस की बात है कि संस्कृति की बात करने वालों को लोग कभी भगवा पार्टी बताते हैं तो कभी भगवा ब्रिगेड। यह नज़रिया गलत है। हाल में एक फिल्म में बेशर्म रंग नामक गाने पर भगवा रंग से अश्लीलता की चर्चा हुई तो एक कथित लॉबी भगवा का विरोध करने के लिए अश्लीलता के समर्थन में खड़ी हो गई? हुआ क्या, आखिर गाना एडिट करना पड़ा न? एक गाने पर इतना बवाल कि रिलीज होने पर पूरी फ़िल्म का बट्टा बैठ सकता है। अच्छा हो यदि इस देश की सांस्कृतिक विरासत से खिलवाड़ बंद हो जाए। याद रखिए, इस देश में अब बहुत कुछ नहीं चलेगा और बहुत सारा चलेगा। जी हां, भगवा चलेगा।

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