: *रामबाण लहसुन*
लहसुन को वंडर मेडिसीन कहा गया है जो हर तरह की बिमारियों में रामबाण का काम करता है। सेहत के लिए तो रामबाण है ही हार्ट के लिए तो सबसे ज्यादा लाभकारी है। लहसुन में कई तरह के विटामिन, मिनरल्स-कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, थियामिन, राइबोफ्लाविन, नियासिन और विटामिन सी का खजाना है। इसके अलावा इसमें सल्फर, आयोडीन और क्लोरीन की मात्रा भी पाई जाती है।
लहसुन के एक या दो कली अगर आप रोज सुबह खाली पेट खा रहे हैं तो यह न सिर्फ आपके कोलेस्ट्रोल को कम करेगा बल्कि हृदय की धमनी के दीवार पर फैट की परत को बनने से भी रोकेगा। नतीजा आपके हार्ट में ऑक्सीजन और रक्त का प्रवाह सुचारू रहेगा। अगर छाती में दर्द की शिकायत गैस से भी है तो यह काफी कारगर होती है। लहसून का सेवन कई तरीकों से किया जा सकता है। कच्चा लहसून खाना ज्यादा असरदार होता है।
*ठंड में पानी कम पीते हैं ? तो जानिए पानी की कमी से होने वाली 5 बीमारियां*
1) ऊर्जा की कमी - शरीर के ऊतकों में पानी की कमी होने से आपको शरीर में स्फूर्ति महसूस नहीं होती और थकान भी जल्दी होती है।
2) कब्ज - पानी की कमी से होने वाली सबसे आम समस्या है कब्ज, जो कई लोगों को होती है। इसके बढ़ने पर गंभीर बीमारियां जन्म लेती हैं।
3) पेट के अल्सर - पानी की कमी से अम्ल बनने की गति बढ़ जाती है और पेट में छाले हो जाते हैं। इस समस्या के बढ़ने पर यह घातक साबित हो सकती है।
4) त्वचा संबंधी रोग - पानी की कमी से त्वचा नमी खोती जाती है, जिससे त्वचा संबंधी रोग होने लगते हैं। नमी की कमी से त्वचा में खारिश-खुजली होने लगती है।
5) यूरिन इंफेक्शन - पानी की कमी से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर नहीं निकल पाते, जिससे शरीर के अंदर और मूत्र मार्ग में संक्रमण हो सकता है, जो बढ़ने पर कैंसर का रूप भी ले सकता है।
------: प्राकृतिक त्वचा पैक :-------
केला, अपने आप में , ऐसा फल है , जो बंद और किटाणु रहित होता है । यह पोषक तत्वों से, भरपूर होता है । इसमें प्रोटीन, विटामिन ' सी ' और ' बी ' होते है । यह बालों व चेहरे दोनों के लिए, प्रयोग किया जा सकता है । इससे त्वचा में कसाव आता है और त्वचा मुलायम होती है ।
घटक द्रव्य और निर्माण ------
आधा केला मसला हुआ, एक चाय का चम्मच ग्लेसरीन, एक चाय का चम्मच दही या दूध। इन सभी को मिलाकर, चेहरे पर लगा लें। आधा घंटे बाद धो लें। इसको रोजाना लगाने पर, अलग से ही , त्वचा में निखार आता है । यह पैक हर प्रकार की त्वचा के लिए उत्तम है ।
. ------: प्राकृतिक मॉइस्चराइजर :-------
त्वचा का सूखापन दूर करने के लिए, क्रीम का प्रयोग करना सही नही होता है । क्रीम से, त्वचा चिपचिपी हो जाती है । ये पूर्ण प्राकृतिक मॉइस्चराइजर है , स्वयं बनाएं और लगाएं।
* केला 3 भाग , दही 2 भाग और शहद एक भाग मिलाकर, लेप सा बना लें। इस लेप को , त्वचा व चेहरे पर मल कर, 15 मिनट बाद स्नान करें । या
* तिल के तैल की मालिश करके स्नान करें । त्वचा का सूखापन चला जाता है ।
: *चिकन पाक्स के घरेलू नुस्खे*
चिकन पाक्स में शरीर में बहुत तेज खुजली होती है। खुजली से बचने के लिए जई के आटे को पानी में मिलाकर स्नान करना चाहिए। 2 लीटर पानी में 2 कप जई का आटा मिलाकर लगभग 15 मिनट तक उबालें, पके आटे को एक कॉटन के बैग में अच्छी तरह से बांधकर बॉथ टब में डालकर बच्चे को नहलाएं।आधा कप भूरे सिरके को पानी में डालकर नहाने से शरीर में हो रही खुजली से निजात पायी जा सकती है।नींबू का रस पीने से चिकन पाक्स में राहत मिलती है। सब्जी का जूस और अन्य फलों का जूस भी इसमें राहत देता है।नीम की पत्तियों को गर्म पानी में डालकर नहाने से खुजली समाप्त होती है।आधा चम्मच बेकिंग सोडा को एक गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर पूरे शरीर पर लगाइए, लेप को सूखने दीजिए। इससे चिकनपॉक्स जल्द ठीक हो जाता है।आधा कप सेब के सिरके को हल्के गर्म पानी में मिलाकर नहाने से राहत मिलती है।विटामिन-ई युक्त तेल को शरीर पर लगाइए, राहत मिलेगी।चिकन पाक्स में गाजर बहुत लाभकारी होता है। उबले गाजर और धनिया को खाने से चिकन पाक्स से आई कमजोरी को कम किया जा सकता है। गाजर और धनिया का सूप बनाकर पीने से राहत मिलती है।तुलसी, गेंदा और कैमोमाइल को मिलाकर चाय बनाइए फिर उसमें शहद या नींबू मिलाकर पीजिए। इन सबसे मिलकर बनी चाय को दिन में कई बार पीने से राहत मिलती है।हरी मटर को पानी में पकाइए, इसके पानी को शरीर में लगाइए, इससे चिकन पाक्स के लाल चकत्ते समाप्त होते हैं।शरीर में खुजली होने पर शरीर में लगाने वाला कोई भी पावडर लगाइए। अपने नाखून से चकत्तों को हटाने की कोशिश मत कीजिए, इससे यह फैलता है।लाल चकत्तों पर शहद लगाइए। शहद लगाने से चकत्ते समाप्त होते हैं। शहद लाल चकत्तों को हटाने का सबसे कारगर घरेलू नुस्खा है।चिकन पाक्स के समय खान-पान का उचित ध्यान रखें। मसालेदार और ऑयली खाना खाने से बचें।
जायफल के अद्भुत फ़ायदे
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- सुबह-सुबह खाली पेट आधा चम्मच जायफल चाटने से गैस्ट्रिक, सर्दी-खांसी की समस्या नहीं सताती है।
- पेट में दर्द होने पर चार से पांच बूंद जायफल का तेल चीनी के साथ लेने से आराम मिलता है।
- सर में बहुत तेज दर्द हो रहा हो तो बस जायफल को पानी में घिस कर लगाएं।
- सर्दी के मौसम के दुष्प्रभाव से बचने के लिए जायफल को थोड़ा सा खुरचिये, चुटकी भर कतरन को मुंह में रखकर चूसते रहिये। यह काम आप पूरे जाड़े भर एक या दो दिन के अंतराल पर करते रहिये। यह शरीर की स्वाभाविक गरमी की रक्षा करता है, इसलिए ठंड के मौसम में इसे जरूर प्रयोग करना चाहिए।
- अगर आपको किन्हीं कारणों से भूख न लग रही हो तो चुटकी भर जायफल की कतरन चूसिये इससे पाचक रसों की वृद्धि होगी और भूख बढ़ेगी, भोजन भी अच्छे तरीके से पचेगा।
- दस्त आ रहे हों या पेट दर्द कर रहा हो तो जायफल को भून लीजिये और उसके चार हिस्से कर लीजिये एक हिस्सा मरीज को चूस कर खाने को कह दीजिये। सुबह शाम एक-एक हिस्सा खिलाएं।
- फालिज का प्रकोप जिन अंगों पर हो उन अंगों पर जायफल को पानी में घिसकर रोज लेप करना चाहिए, दो माह तक ऐसा करने से अंगों में जान आ जाने की संभावना देखी गयी है।
- प्रसव के बाद अगर कमर दर्द नहीं ख़त्म हो रहा है तो जायफल पानी में घिसकर कमर पे सुबह शाम लगाएं, एक सप्ताह में ही दर्द गायब हो जाएगा।
- फटी एडियों के लिए इसे महीन पीसकर बीवाइयों में भर दीजिये। 12-15 दिन में ही पैर भर जायेंगे।
- जायफल के चूर्ण को शहद के साथ खाने से ह्रदय मज़बूत होता है। पेट भी ठीक रहता है।
- अगर कान के पीछे कुछ ऎसी गांठ बन गयी हो जो छूने पर दर्द करती हो तो जायफल को पीस कर वहां लेप कीजिए जब तक गाठ ख़त्म न हो जाए, करते रहिये।
- अगर हैजे के रोगी को बार-बार प्यास लग रही है, तो जायफल को पानी में घिसकर उसे पिला दीजिये।
- जी मिचलाने की बीमारी भी जायफल को थोड़ा सा घिस कर पानी में मिला कर पीने से नष्ट हो जाती है।
- जायफल को थोडा सा घिसकर काजल की तरह आँख में लगाने से आँखों की ज्योति बढ़ जाती है और आँख की खुजली और धुंधलापन ख़त्म हो जाता है। यह शक्ति भी बढाता है।
जायफल आवाज में सम्मोहन भी पैदा करता है।
- जायफल और काली मिर्च और लाल चन्दन को बराबर मात्रा में लेकर पीसकर चेहरे पर लगाने से चेहरे की चमक बढ़ती है, मुहांसे ख़त्म होते हैं।
- किसी को अगर बार-बार पेशाब जाना पड़ता है तो उसे जायफल और सफ़ेद मूसली 2-2 ग्राम की मात्र में मिलाकर पानी से निगलवा दीजिये, दिन में एक बार, खाली पेट, 10 दिन लगातार।
- बच्चों को सर्दी-जुकाम हो जाए तो जायफल का चूर्ण और सोंठ का चूर्ण बराबर मात्रा में लीजिये फिर 3 चुटकी इस मिश्रण को गाय के घी में मिलाकर बच्चे को सुबह शाम चटायें।
- चेहरे पर या फिर त्वचा पर पड़ी झाईयों को हटाने के लिए आपको जायफल को पानी के साथ पत्थर पर घिसना चाहिए। घिसने के बाद इसका लेप बना लें और इस लेप का झाईयों की जगह पर इस्तेमाल करें, इससे आपकी त्वचा में निखार भी आएगा और झाईयों से भी निजात मिलेगी।
- चेहरे की झुर्रियां मिटाने के लिए आप जायफल को पीस कर उसका लेप बनाकर झुर्रियों पर एक महीने तक लगाएंगे तो आपको जल्द ही झुर्रियों से निजात मिलेगी।
- आंखों के नीचे काले घेरे हटाने के लिए रात को सोते समय रोजाना जायफल का लेप लगाएं और सूखने पर इसे धो लें। कुछ समय बाद काले घेरे हट जाएंगे।
- अनिंद्रा का स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है और इसका त्वचा पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। त्वचा को तरोताजा रखने के लिए भी जायफल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए आपको रोजाना जायफल का लेप अपनी त्वचा पर लगाना होगा। इससे अनिंद्रा की शिकायत भी दूर होगी और त्वचा भी तरोजाता रहेगी।
- कई बार त्वचा पर कुछ चोट के निशान रह जाते हैं तो कई बार त्वचा पर नील और इसी तरह के घाव पड़ जाते हैं। जायफल में सरसों का तेल मिलाकर मालिश करें। जहां भी आपकी त्वचा पर पुराने निशान हैं रोजाना मालिश से कुछ ही समय में वे हल्के होने लगेंगे। जायफल से मालिश से रक्त का संचार भी होगा और शरीर में चुस्ती-फुर्ती भी बनी रहेगी।
जायफल के लेप के बजाय जायफल के तेल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
- दांत में दर्द होने पर जायफल का तेल रुई पर लगाकर दर्द वाले दांत या दाढ़ पर रखें, दर्द तुरंत ठीक हो जाएगा। अगर दांत में कीड़े लगे हैं तो वे भी मर जाएंगे।
- पेट में दर्द हो तो जायफल के तेल की 2-3 बूंदें एक बताशे में टपकाएं और खा लें। जल्द ही आराम आ जाएगा।
- जायफल को पानी में पकाकर उस पानी से गरारे करें। मुंह के छाले ठीक होंगे, गले की सूजन भी जाती रहेगी।
- जायफल को कच्चे दूध में घिसकर चेहरें पर सुबह और रात में लगाएं। मुंहासे ठीक हो जाएंगे और चेहरे निखारेगा।
- एक चुटकी जायफल पाउडर दूध में मिला कर लेने से सर्दी का असर ठीक हो जाता है। इसे सर्दी में प्रयोग करने से सर्दी नहीं लगती।
- सरसों का तेल और जायफल का तेल 4:1 की मात्रा में मिलाकर रख लें। इस तेल से दिन में 2-3 बार शरीर की मालिश करें। जोड़ों का दर्द, सूजन, मोच आदि में राहत मिलेगी। इसकी मालिश से शरीर में गर्मी आती है, चुस्ती फुर्ती आती है और पसीने के रूप में विकार निकल जाता है।
- जायफल, सौंठ और जीरे को पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को भोजन करने से पहले पानी के साथ लें। गैस और अफारा की परेशानी नहीं होगी।
- दस जायफल लेकर देशी घी में अच्छी तरह सेंक लें। उसे पीसकर छान लें। अब इसमें दो कप गेहूं का आटा मिलाकर घी में फिर सेकें। इसमें शक्कर मिलाकर रख लें। रोजाना सुबह खाली पेट इस मिश्रण को एक चम्मच खाएं, बवासीर से छुटकारा मिल जाएगा।
- नीबू के रस में जायफल घिसकर सुबह-शाम भोजन के बाद सेवन करने से गैस और कब्ज की तकलीफ दूर होती है।
- शिशु का दूध छुड़ाकर ऊपर का दूध पिलाने पर यदि दूध पचता न हो तो दूध में आधा पानी मिलाकर, इसमें एक जायफल डालकर उबालें। इस दूध को थोडा ठण्डा करके कुनकुना गर्म, चम्मच कटोरी से शिशु को पिलाएँ, यह दूध शिशु को हजम हो जाएगा।
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*बदलते मौसम में कई रोगों को दूर रखता है अदरक, इस्तेमाल करने से पहले जरूर बरतें ये सावधानियां*
1. सिरदर्द में राहत दिलाए- सिरदर्द होने पर अदरक के चूर्ण या इसके रस को गर्म पानी में मिलाकर हल्दी के साथ सिर पर इसका लेप करने से लाभ मिलता है। सर्दी के मौसम में पेट या दांत में दर्द होने पर अदरक को चबाकर खाने से तत्काल लाभ मिलता है। दांत के दर्द में अदरक को लौंग के साथ चबाकर खाना चाहिए।
2. जॉन्डिस में लाभकारी-जॉन्डिस में अदरक, त्रिफला और गुड़ को साथ मिलाकर सेवन करना चाहिए।
3. जोड़ों के दर्द में-अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो आथ्र्राइटिस यानी जोड़ों के दर्द में राहत दिलाता है। पुराने जोड़ों के दर्द में अदरक का रस, अश्वगंधा चूर्ण, शैलाकी चूर्ण, हल्दी का चूर्ण बराबर-बराबर भाग में मिलाकर शहद के साथ सेवन कर बाद में गर्म दूध, चाय या गर्म पानी पीने से जोड़ों के दर्द में लाभ मिलता है।
4. सर्दी, जुकाम, बुखार में फायदेमंद-खांसी, जुकाम, गले में खराश, गला बैठने जैसी स्थिति में अदरक को पीसकर घी या शहद के साथ लेना चाहिए। हिचकी आने पर अदरक के रस का सेवन शहद व तुलसी के साथ करें। सांस के रोगी को शहद के साथ इसका रस देने से कफ पतला होता है, जिससे आराम मिलता है।
*फूड पॉइजनिंग हो जाए तो घबराएं नहीं, अपनाएं ये 5 असरदार उपाय*
1. नींबू का सेवन करें- नींबू में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण मौजूद होते हैं। इसलिए इसे पीने से फूड पॉइजनिंग वाले बैक्टीरिया मर जाते हैं। आप खाली पेट नींबू-पानी बनाकर पी सकते हैं या चाहें तो गर्म पानी में नींबू निचोड़ें और पी जाएं।
2. सेब के सिरके का सेवन करें- सेब के सिरके में मेटाबालिज्म रेट को बढ़ाने वाले तत्व होते हैं। खाली पेट इसका सेवन करने पर यह भी खराब बैक्टीरिया को मारने में मदद करते हैं।
3. तुलसी का सेवन करें- तुलसी में मौजूद रोगाणुरोधी गुण सूक्ष्म जीवों से लड़ते हैं। तुलसी का सेवन आप कई तरीकों से कर सकते हैं। एक कटोरी दही में तुलसी की पत्तियां, कालीमिर्च और थोड़ा सा नमक डालकर खा सकते हैं। पानी व चाय में भी तुलसी की पत्तियां डालकर पी सकते हैं।
4. दही खाएं- दही एक प्रकार का एंटीबायोटिक है, इसमें थोड़ा सा काला नमक डालकर इसे खा सकते हैं।
5. लहसन खाएं- लहसन में एंटी फंगल गुण होते हैं। आप सुबह खाली पेट लहसन की कच्ची कलियां पानी केसाथ खा सकते हैं। इससे भी राहत मिलेगी।
: कहाँ बाम और स्प्रे के चक्कर में अटके हुए हो..
थोड़ा भटको और दर्द भगाने के लिए इसे आजमाओ....
10 ग्राम अदरक और कालीमिर्च के 6-8 दाने लेकर 10 मिली (लगभग 2 चम्मच) पानी में अच्छी तरह से कुचल लीजिए और बाद में सारा का सारा निचोड़ लीजिए या छानकर रस निकाल लीजिये।
प्राप्त रस को शरीर के दर्दवाले हिस्सों पर दिन में दो से तीन बार लगाइए, हल्की मालिश कीजिए, जबरदस्त फ़ायदा होगा।
आधुनिक विज्ञान भी अब अदरक के इन गुणकारी प्रभाव का लोहा मानता है। प्रोस्टाग्लेंडिन लेवल को कमजोर करने वाले अदरक और कालीमिर्च जोड़ दर्द या आर्थरायटिस में खूब कारगर हैं। यही नुस्ख़ा सरदर्द और बदनदर्द में भी उतना ही दमदार है, बस ध्यान रहे कि रस आंखों में ना जाए।
अपनी किसी भी प्रॉब्लम के लिए डॉ साहब को पहले उनके नंबर पर अपनी प्रॉब्लम अपने नाम के साथ व्हाट्सएप कर दे। और समय लेकर उनसे बात करें.....
मधुमेह) नियंत्रित करने के लिए*
👉🏻 *Diabetes नियंत्रित करने के लिए सुबह 1/2 किलो कच्चा करेला टुकड़े - टुकड़े करके तसले में डाल दें और अपने पैरों से 1/2 से 3/4 घंटे तक तक कुचलें जब तक जीभ में कड़वाहट का अहसास ना हो l 8-10 दिन तक ये प्रयोग करें l इससे Diabetes नियंत्रित होती है l*
👉🏻 *हो सके तो इन दिनों में मेथी की सब्जी खाए या मेथी के दाने रात को भिगा दे और सुबह खाए इससे लाभ होगा |*
🌷 *होंठ फटने पर* 🌷
➡ *नाभि में सरसों के तेल की 2-4 बूंदे डालें तथा जरा से मक्खन में नमक मिलाकर होंठों पर लगायें इससे लाभ होता है l*
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🍂उच्च रक्तचाप(High Blood Pressure)🍂*
रक्त चाप बढने से तेज सिर दर्द, थकावट, टांगों में दर्द, उल्टी होने की शिकायत और चिडचिडापन होने के लक्षण मालूम पडते हैं। यह रोग जीवन शैली और खान-पान की आदतों से जुडा होने के कारण केवल दवाओं से इस रोग को समूल नष्ट करना संभव नहीं है। जीवन चर्या एवं खान-पान में अपेक्षित बदलाव कर इस रोग को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
*👉हाई ब्लड प्रेशर के मुख्य कारण--*
*1)* मोटापा
*2)* तनाव(टेंशन)
*3)* महिलाओं में हार्मोन परिवर्तन
*4)* ज्यादा नमक उपयोग करना
अब यहां ऐसे सरल घरेलू उपचारों की चर्चा की जायेगी जिनके सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने से बिना गोली केप्सुल लिये इस भयंकर बीमारी पर पूर्णत: नियंत्रण पाया जा सकता है-
*1)* सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रोगी को नमक का प्रयोग बिल्कुल कम कर देना चाहिये। नमक ब्लड प्रेशर बढाने वाला प्रमुख कारक है। नमक दिन भर में 2 ग्राम से ज्यादा न लें।
*2)* उच्च रक्तचाप का एक प्रमुख कारण है रक्त का गाढा होना। रक्त गाढा होने से उसका प्रवाह धीमा हो जाता है। इससे धमनियों और शिराओं में दवाब बढ जाता है।
लहसुन ब्लड प्रेशर ठीक करने में बहुत मददगार घरेलू वस्तु है।यह रक्त का थक्का नहीं जमने देती है। धमनी की कठोरता में लाभदायक है। रक्त में ज्यादा कोलेस्ट्ररोल होने की स्थिति का समाधान करती है।
*3)* एक बडा चम्मच आंवला का रस और इतना ही शहद मिलाकर सुबह -शाम लेने से हाई ब्लड प्रेशर में लाभ होता है।
*4)* जब ब्लड प्रेशर बढा हुआ हो तो आधा गिलास मामूली गरम पानी में काली मिर्च पाउडर एक चम्मच घोलकर 2-2 घंटे के फ़ासले से पीते रहें। ब्लड प्रेशर सही मुकाम पर लाने का बढिया उपचार है।
*5)* तरबूज का मगज और पोस्त दाना दोनों बराबर मात्रा में लेकर पीसकर मिला लें। एक चम्मच सुबह-शाम खाली पेट पानी से लें। हफ़्ते तक या जरूरत मुताबिक लेते रहें।
*6)* बढे हुए ब्लड प्रेशर को जल्दी कंट्रोल करने के लिये आधा गिलास पानी में आधा निंबू निचोडकर 2-2 घंटे के अंतर से पीते रहें। हितकारी उपचार है।
*7)* तुलसी की 10 पती और नीम की 5 पत्ती पानी के साथ खाली पेट 7 दिवस तक लें।(मधुमेह रोगियों के लिए भी लाभकारी है।)
*8)* पपीता आधा किलो रोज सुबह खाली पेट खावें। बाद में 2 घंटे तक कुछ न खावें। ये पेट को सही रखने का सबसे बेहतरीन प्रयोग हैं। एक माह तक प्रयोग से बहुत लाभ होगा।
*9)* नंगे पैर हरी घास(जिस पर औंस पड़ी हो) पर 15-20 मिनिट चलें। रोजाना चलने से ब्लड प्रेशर नार्मल हो जाता है। कुछ और भी आशातीत लाभ शरीर मे होते है।
*10)* उबले हुए आलू खाना रक्त चाप घटाने का श्रेष्ठ उपाय है।आलू में सोडियम(नमक) नही होता है।
पालक और गाजर का रस मिलाकर एक गिलास रस सुबह पीयें। करेला और सहजन की फ़ली उच्च रक्त चाप-रोगी के लिये परम हितकारी हैं।
अन्य सब्जियों के रस भी लाभदायक होते हैं।
*11)* अण्डा और मांस ब्लड प्रेशर बढाने वाली चीजें हैं। ब्लड प्रेशर रोगी के लिये वर्जित हैं।
*12)* मिठाई और चाकलेट का सेवन बंद कर दें।
*13) चावल:-(भूरा) उपयोग में लावें।* इसमें नमक ,कोलेस्टरोल,और चर्बी नाम मात्र की होती है। यह उच्च रक्त चाप रोगी के लिये बहुत ही लाभदायक भोजन है। इसमें पाये जाने वाले केल्शियम से नाडी मंडल की भी सुरक्षा हो जाती है।
*14)अदरक:-* प्याज और लहसून की तरह अदरक भी काफी फायदेमंद होता है। बुरा कोलेस्ट्रोल धमनियों की दीवारों पर प्लेक यानी कि कैलसियम युक्त मैल पैदा करता है जिससे रक्त के प्रवाह में अवरोध खड़ा हो जाता है और नतीजा उच्च रक्तचाप के रूप में सामने आता है। अदरक में बहुत हीं ताकतवर एंटीओक्सीडेट्स होते हैं जो कि बुरे कोलेस्ट्रोल को नीचे लाने में काफी असरदार होते हैं। अदरक से आपके रक्तसंचार में भी सुधार होता है, धमनियों के आसपास की मांसपेशियों को भी आराम मिलता है जिससे कि उच्च रक्तचाप नीचे आ जाता है।
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