Thursday, 12 January 2023

दुनिया में टोटल कितने वायरस हैं?●How Many Virus Are There?●वायरस... एक बेहद सूक्ष्म परजीवी जिसे नंगी आंखों से देखा तक नहीं जा सकता, पर आख़िर क्यों? क्योंकि 380 नैनोमीटर से छोटी किसी चीज को हम नंगी आंखों से नहीं देख सकते। यह हमारी दृश्य क्षमता की लिमिट है।

दुनिया में टोटल कितने वायरस हैं?
●How Many Virus Are There?●

वायरस... एक बेहद सूक्ष्म परजीवी जिसे नंगी आंखों से देखा तक नहीं जा सकता, पर आख़िर क्यों? क्योंकि 380 नैनोमीटर से छोटी किसी चीज को हम नंगी आंखों से नहीं देख सकते। यह हमारी दृश्य क्षमता की लिमिट है।

संसार में वायरस की दस करोड़ से ज्यादा ज्ञात प्रजातियां हैं जिनमें से मात्र 200 के करीब ही ऐसे होते हैं जो इंसानों को नुकसान पहुंचाते हैं। अक्सर वायरस नाम सुनते ही हमारे दिमाग मे खतरे की घंटी बजने लगती है जो कि पूरी तरह सही नहीं है। वायरस ऐतिहासिक रूप से हमारे शत्रु से ज्यादा मित्र सिद्ध हुए हैं। अगर वायरस किसी प्राणी की सेक्स कोशिका अर्थात शुक्राणु- अंडाणु को संक्रमित करें और संयोग से उसी कोशिका से संतान उत्पत्ति हो जाये तो इस स्थिति में वो वायरस नये उत्पन्न हुए जीव के शरीर में परमानेंट निवास बना लेता है और पीढ़ी दर पीढ़ी भावी संतानों में प्रेषित होता रहता है।

ERV कहे जाने वाले ऐसे वायरस हमारे डीएनए का लगभग दस प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं और भूतकाल में इन्होंने हमारे पूर्वजों में ऐसी बहुत सी विशेषताओं को जन्म दिया है, जिनके बिना हम... हम नहीं होते।

उदाहरण के लिए गर्भनाल अर्थात प्लेसेंटा, जिसे हमारे पूर्वजों में जन्म देने वाली जीन वास्तव में एक प्राचीन वायरस से आई थी। अगर वो वायरस समय के किसी पन्ने पर हमारे पूर्वजों को अपना घर नहीं बनाता तो शायद हम आज भी अंडे दे कर बच्चे पैदा कर रहे होते।

तो आख़िर दुनिया मे कितने वायरस हैं? उत्तर है, आपकी उम्मीदों से कहीं ज्यादा। आइए, कुछ मनोरंजक आंकड़ों के बहाने सूक्ष्म संसार की विशालता की एक थाह ली जाए।

अगर आप पृथ्वी पर मौजूद सभी इंसानों के शरीर मे मौजूद वायरस को निकाल कर इकट्ठा करें तो उन वायरस से 10 बड़े तेल के ड्रम भरे जा सकते हैं।

संसार में वायरस सबसे अधिक जनसंख्या में समुद्र में मौजूद हैं। देखा जाए तो समुद्र में मौजूद वायरस की संख्या लगभग 10^31 अर्थात 10000 अरब अरब अरब है। अगर इन सभी वायरस को एक के बाद एक रखते हुए, सीधी रेखा में रखा जाए तो...

तो वह रेखा हमारे सूर्य को छू कर वापस पृथ्वी तक आ सकती है। पूरे बीस अरब बार !!!

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