खाड़ी युद्ध में पूरी दुनिया में सबसे बुरे फंसा है भारत मुझे समझ में नहीं आता कि हमारे विदेश नीति के विश्लेषक सरकार और बुद्धिजीवी और तथा प्रतीत बड़े मीडिया वाले कितनी सतही विवेचना करते हैं चाहे पैसा या किसी अन्य प्रभाव में लगभग सारे लोग कह रहे हैं कि भारत खाड़ी युद्ध में सबसे सही नीति पर चल रहा है लेकिन क्या यह सच है आई आपको बिल्कुल सच-सच और निष्पक्ष बताते हैं इस समय दुनिया का सारा तेल अमेरिका यूरोप रूस के कब्जे में है ईरान को छोड़ दिया जाए तो आप को यह जान का राष्ट्रीय होगा कि अरब देशों में केवल उनको स्वामित्व अर्थात रॉयल्टी दी जाती है सारा फायदा यूरोप और अमेरिका की तेल कंपनियां ले रही हैं इस प्रकार जिस तेल और गैस को हम अरब देशों से खरीद रहे हैं वह हमारा सपना है और यही वजह है कि दुनिया भर की नौटंकी करने के बाद भी भारत में जबरदस्त महंगाई और तेल की कीमत बढ़ रही है और बढ़ती चली जाएगी।
जल्दी ही अमेरिका ईरान को तहस-नस कर देगा मैं खाड़ी युद्ध प्रारंभ होने के 1 दिन पहले यह बात बिल्कुल साफ-साफ बताएं कि यह युद्ध किसी भी तरह मार्च के अंतिम हफ्ते से लेकर अप्रैल के पहले हफ्ते में समाप्त हो जाएगा जिसमें ईरान तहस-नहस हो जाएगा और इराक कुवैत सऊदी अरब कतर और संयुक्त अरब अमीरात और अन्य देशों की भांति यहां भी पूरी तरह अमेरिका का कब्जा हो जाएगा मैंने आपको पहले ही बता दिया कि दुनिया का आधुनिक मध्यकालीन इतिहास इन्हीं चोर डकैत लुटेरे हत्यारों का इतिहास है और उन्हीं को बहुत बड़ा माना गया है गजनी गोरी अकबर और औरंगजेब जहांगीर चंगेज खान नादिर शाह सब के सब नंबर एक के खूनी कत्ली दुराचारी और सनातन धर्म के विध्वंसक थे ईरान को लेकर ईरान की बड़ी वह वही करने वाले निहायत ही मूर्खतापूर्ण विश्लेषण करने वाले लोग या भूल जाते हैं की सबसे पहला आक्रमण भारत पर ईरान ने ही किया तब से धर्म भले बदल गया लेकिन आज भी ईरान लगातार आक्रमण कर रहा है इसका प्रत्यक्ष आक्रमण तो महाराजा रणजीत सिंह के बाद समाप्त हो गया लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से वह भारत के सभी विरोधी देश का सहायक है और दुनिया का 90 प्रतिशत आतंकवादी पैदा करके उनकी सहायता केवल ईरान ही करता है ।
जिस दिन यह युद्ध समाप्त होगा उसे दिन भारत में पेट्रोल गैस की कीमतें बेतहाशा बढ़ेगी और तब वह बहुत बड़ी महंगाई और अव्यवस्था के दौर में घुस जाएगा और यही वर्तमान शासन तंत्र के पतन का और नए नेतृत्व के आने का कारण बनेगा यह सभी बातें आप सभी लोग लिखकर नोट कर लीजिए अमेरिका यूरोप और चीन वास्तव में एक ही है जो अपने-अपने समझौते के अनुसार सारी दुनिया पर अपना नियंत्रण कर रहे हैं भारत को बड़ी चालाकी से तीनों देशों ने दूध की मक्खी की तरह बाहर फेंक दिया और भारत का शासन तंत्र अपने मुंह मियां मिट्ठू बन रहा है और पैसा पे हुए चापलूस चाटुकार दलाल चमचे 420 मक्खनबाज लोग आंख मुड़ कर बाबा ही कर रहे हैं जबकि सनातन धर्म और अखंड भारत की एक भी समस्या आज तक हल नहीं हुई है कश्मीर में खाने के लिए धारा 370 हटाया गया लेकिन एक भी कश्मीरी बसाए नहीं जा सके उल्टा बचे कुछ लोग मार दिए गए हां उद्योगपतियों के लिए रास्ता खुल गया जितना लूट सकते हैं लूट रहे हैं आज भी आपको जम्मू कश्मीर में अलग सिम लेना पड़ता है।
अमेरिका ने तो भारत को मदद करने लायक भी नहीं समझा उसने चीन जापान सहित दर्जनों देशों को हार्मोन में आकर अपनी सेवा के साथ ईरान का घमंड चूर-चूर करने के लिए आवाहन किया और सारे देश जा भी रहे हैं लेकिन भारत की औकात एक बार ट्रंप ने फिर से बता दिया है वास्तव में ट्रंप को मोदी के नकली और दोहरे स्वभाव से बहुत अधिक चिढ़ है और उनका मुस्लिम प्रेमी होना और सनातन धर्म के प्रति समर्पित ना होना उनको बहुत ही ज्यादा अखर जाता है कि जो व्यक्ति अपने का नहीं हुआ वह अमेरिका या दुनिया का कैसे होगा वह अभी देख रहे हैं कि वोट सनातनी लोगों से हैं मांगते हैं और उन्हीं को चोट देखकर विधर्मी शैतानों का विकास करते हैं अन्यथा आज कश्मीर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भारत में होता समान नागरिक संहिता और जनसंख्या नीति लागू हो गई होती महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार लाल पिता शाही घूसखोरी पर और उद्योगपतियों पर प्रभावी नियंत्रण होता पुलिस तंत्र आज कानून व्यवस्था अपने हाथ में लेकर नहीं चलता और सबसे बड़ी बात वक्फ बोर्ड और मदरसा बोर्ड समाप्त हो गया होता । लेकिन उल्टा वैसे मोदी जी ने संवैधानिक बनाकर वेतन भत्ते सरकार के द्वारा देना जारी रखा है बल्कि बढ़ा दिया है।
नई दुनिया में मुख्य रूप से क्रिश्चियन यहूदी और मुसलमान का संघर्ष है चीन बौद्ध धर्म का अगुवा है जो खेल इस समय दुनिया में चल रहा है उसके अनुसार अमेरिका जल्दी ही ग्रीनलैंड उसके बाद कनाडा और उसके बाद अगल-बगल के दीप समूहों पर कब्जा कर लेगा उधर रूस यूक्रेन और अगल-बगल के देशों पर कब्जा कर लेगा और चीन काफी देश पर पहले ही कब्जा कर चुका है अमेरिका रूस के साथ मिलकर अरब देशों में प्रभुत्व को बंटवारा करते हुए ऑस्ट्रेलिया पर कब्जा कर लेगा क्योंकि यह सब जानते हैं यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो जल्दी ही मुसलमान सारी दुनिया पर कब्जा करके उसे तहस-नहस कर देंगे और हर सृजनात्मक वैज्ञानिक और सच्ची चीजों के मुसलमान दुनिया में सबसे घनघोर विरोधी है उनकी सारी दुनिया अल्लाह पैगंबर कुरान हदीस और शरीयतण में सिमटी हुई है उसके आगे पीछे कुछ देखना ही नहीं चाहते ऐसे में उनसे सिवाय विनाश आतंकवाद सामूहिक लूटपाट सामूहिक हत्याएं बलात्कार और शैतानी ढंग के नरसंहार के अलावा कोई आसान नहीं की जा सकती।
अभी भी यह समय भारत के लिए है कि वह किसी भी तरह खाड़ी युद्ध में अमेरिका का साथ दे और आने वाली दुनिया में कम से कम अपने अस्तित्व को बचा सके क्योंकि आने वाले समय में जल्दी ही रूस चीन अमेरिका एक हो जाएंगे यूरोप अमेरिका का पिछलग्गू है ही तब भारत को दुनिया में रास्ता खोजना मुश्किल हो जाएगा नेहरू की तरह अपने मुंह मियां मिट्ठू बनना और आत्मा मुक्त होना भारत वासियों के लिए बहुत खतरनाक सिद्ध होगा।
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