कितना बड़ा धोखा देकर कितना बड़ा खेल खेला गया है सरकार और बिजली विभाग के द्वारा उपभोक्ताओं के लिए
सबसे पहले तो जबरदस्ती सरकार की जिद पूरा करने के लिए सारे पोस्टपेड मी प्रीपेड किए गए और उपभोक्ताओं को अर्बन खरबन रूपों की हानि हुई
इसी बीच कितने उपभोक्ता बेचारे दौड़ दौड़ कर हर जगह पैसे खर्च किए और कई दिन अंधेरे में रहे कोई शिकायत सुनने वाला नहीं मिला
इस बारे में मुझे एक उदाहरण रामदायलगंज के नीलू गौड़ का याद आ रहा है जो हर जगह दौड़ा जौनपुर के अधिशासी अभियंता कार्यालय से लेकर मडियाहू के खंड विद्युत अधिकारी सौरभ के पास तक लेकिन उसकी कहीं नहीं सुनी गई और 5000 का बिल अचानक ही बढ़कर ₹50000 कर दिया गया और सभी ने ही कहा कि कुछ नहीं सुनना है पूरा रुपया जमा करो
ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार और बिजली विभाग मिली मर और नूरा कुश्ती करके जमकर वसूली किया और सारा पैसा शेयर मार्केट में लगा दिए और जब उससे काफी पैसा कमा लिए तब फिर उपभोक्ताओं का प्रीपेड मीटर पोस्ट पेंट कर दिया
इसी को विशुद्ध नौटंकी और जनता के साथ विश्वास घात कहते हैं सरकार भी मालामाल हो गई और बिजली विभाग भी लेकिन बेचारी जनता कंगाल हो गई और हरामखोरों का एक बार फिर से राज हो गया
इससे ऊपर से नीचे भ्रष्ट लोगों को कमाई करने में बहुत परेशानी हो रही थी यह दिवस तो में पारदर्शिता के साथ नियम लागू होता तो सबका बहुत अधिक लाभ होता
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