Sunday, 18 December 2022

ड्रूलिंग (मुंह से लार आना)एक समस्या या आदत* हम में से अधिकतर लोगों को सोते समय मुंह से अधिक लार आने की समस्या होती है। इस समस्या मे

*ड्रूलिंग (मुंह से लार आना)एक समस्या या आदत*                      हम में से अधिकतर लोगों को सोते समय मुंह से अधिक लार आने की समस्या होती है। इस समस्या को ड्रूलिंग कहा जाता है। यह समस्या आपको सोते वक्त या जागते वक्त, कभी कभी परेशान कर सकती है। यह एक अस्वास्थ्यकर स्थिति है जिसके कारण आप असहज हो सकते हैं और आपको सोने में परेशानी हो सकती है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में हाइपरसालिवेशन कहते हैं और कुछ मामलों में यह अस्थायी हो सकती है। हालांकि यह एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर भी हो सकता है जिसके दौरान मुंह में लार को रोक पाने में व्यक्ति असमर्थ हो जाता है। इस स्थिति को अनदेखा नहीं करना चाहिए और इसके पीछे के कारणों को जानना चाहिए। आइए जानते हैं कि अधिक लार आने के क्या कारण है और इसके घरेलू उपचार।
मुंह से अधिक लार आने के कारण:
*नाक का बंद होना*
ठंड के कारण नाक बंद हो जाने से ड्रूलिंग की समस्या हो सकती है जिसके कारण आप नाक से ठीक से सांस नहीं ले पाते हैं और मुंह से सांस लेते हैं जिससे सोते समय मुंह से अधिक लार आती है।
*सोने की गलत आदत*
अगर आप गलत स्लीपिंग पोजीशन में सोते हैं जैसे पेट के बल सोते हैं या एक तरफ, तो आपके मुंह से लार निकलने की समस्या हो सकती है। इस कारण मुंह में लार इकट्ठा हो जाती है और सोते वक्त आप ड्रूल करते हैं।
*दवाइयों के दुष्प्रभाव*
कुछ दवाओं में ऐसा ड्रग होता है जो ड्रूलिंग का कारण बन सकता है। अगर कोई अल्ज़ाइमर की समस्या से ग्रसित है तो उन्हें ड्रूलिंग की समस्या हो सकती है।
*मुंह से अधिक लार आने के घरेलू उपचार*
1. सोने से पहले एक गिलास पानी पिएं
2. कुछ नींबू के टुकड़े चबाने से मुंह से लार आने की समस्या से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी।
3. पीठ के बल सोएं ताकि आपके मुंह में लार इकट्ठा ना हो।
4. बंद नाक खोलने के लिए सोने से पहले भाप लें। यह आपको मुंह की बजाय नाक के माध्यम से सांस लेने में मदद करेगा और मुंह से लार आने को रोकेगा।
5.एक छोटा टुकड़ा दालचीनी का शाम को चबाकर ,ऊपर से गर्म पानी पिये।                                                 6.भोजन के बाद एक चमम्म मोटी सौंफ व मिश्री मिलाकर चबाकर खाएं।।                                              7.शलजम को छीलकर भोजन के साथ खाएं।


 *नाक ,कान के सभी प्रकार के रोगों के लिये ,नाक का मांस* *बढ़ना,साइनस, कान में साय, साय की आवाज* *होना (टिनटिस)बहना,पकना,खून आना के लिये,,,* 💐💐💐💐 *सरिवादी बटी, सप्तामृत लोह 2,2 गोली* सुबह शाम शहद से ले ऊपर से गाय का अदरक डालकर पकाया हुवा दूध ले। *बिल्व तेल की 2,2 बून्द कान में डाले। नाक में 6,6 बून्द षदबिन्दु तेल की डाले,* दवाई किसी अच्छी कम्पनी की ले।खट्टी ठंडी चीजे बन्द। *आयुर्वेद में सारिवादि वटी के बारे में यह उल्लेख मिलता हैः-*
*सारिवादि वटी के बारे में आयुर्वेदिक ग्रंथों में कहा गया है –*
*सारिवां मधुं कुष्ठं चातुर्जातं प्रियङ्गुकमं*
*नीलोत्पलं गुडूची ञ्च देवपुष्पं फलत्रिकम्।।*
*अभं सर्वसमञ्चाभसमं लौहं विभावयेत्।*
*केशराजाम्बुना पार्थक्वाथेन यवजाम्भसा।।*
*काकमाचीरसेनापि गु ञ्जाजड़द्रवेण च।*
*षड्गुञ्जाप्रमिताः पश्चाद् विदध्याद्वटिका भिषक्।।*
*धारोष्णेनापि पयसा शतमूलीरसेन वा।*
*एकैकां योजयेत् प्रात श्रीखण्डसलिलेन वा।।*
*निखिलान् कर्णजान् रोगान् प्रमेहानपि विंशतिम्।*
*रक्तपित्तं क्षयं श्वासं क्लैव्यं जीर्णज्वरं तथा।।*
*अपस्मारमदार्शांसि हृद्रोगञ्च मदात्ययम्।*
*सारिवादिवटी हन्यात् स्त्रागदानखिलानपि।। –*भैषज्य रत्नावली 62/69-74* 


*व्हीट एलर्जी का प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार*1. एलर्जी रोग से पीड़ित रोगी का प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार करने के लिए सबसे पहले रोगी को 4-5 दिनों तक नींबू पानी, नारियल पानी, सब्जियों का रस और फलों के रस का सेवन करके उपवास रखना चाहिए। इसके बाद एक सप्ताह तक बिना पका हुआ भोजन सेवन करना चाहिए।2. इस रोग से पीड़ित रोगी को कभी भी डिब्बाबंद खाद्य, नमक तथा चीनी का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इन चीजों के उपयोग के कारण रोगी की हालत और गंभीर हो सकती है।3. एलर्जी के रोगी व्यक्ति को कुछ दिनों तक सुबह के समय में खाली पेट नीम के पत्तों को पीसकर पानी में मिलाकर पीना चाहिए तथा उसके आधे घंटे तक कुछ भी नहीं खाना चाहिए।4. यदि रोगी व्यक्ति सुबह के समय में खाली पेट 5 बूंदे अरण्डी का तेल, या रस पानी में डालकर सेवन करे तो उसे बहुत अधिक लाभ मिलता है।5. प्रतिदिन आवंले के चूर्ण में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर पानी के साथ सेवन करने से एलर्जी रोग जल्द ही ठीक हो जाता है।                              रोगी को चित्रकादि बटी 1,1 गोली सुबह शाम गुनगुने पानी से कुछ खाने के बाद दे। रात को सोने से पहले 4 बूंदे रोगन बादाम की 1 कप मीठे दूध में दे । 4 महीने बाद धीरे धीरे 1 चमम्म गेंहू के आटे को मल्टीग्रेन आटे में मिलाकर रोगी को बिना बताए,,रोटी बनाकर दे     ।। 1 महीने बाद धीरे धीरे यह मात्रा डबल करे,,,इसी तरह धीरे धीरे बढ़ाये। *


 *ल्यूकोरिया(प्रदर नाशक सस्ता व बढिया उपाय,जो अब तक आपको किसी ने नही बताया होगा,गुप्तसिद्ध आजमाया हुवा)*   फिटकरी भस्म 10 ग्राम,,छोटी इलायची के बीज 10 ग्राम,त्रिबंग भस्म 10 ग्राम,मोचरस 20 ग्राम,हरड़ 10 ग्राम,बेहड़ा 10 ,आंवला 10,रूमी मस्तङ्गी 10 ग्राम,बबूल फली 10 ग्राम ,भूसी इसबगोल 20 ग्राम,अशोक छाल20 ग्राम,सूखे झरबेरी बेर20 ग्राम (फिटकरी भस्म व त्रिबंग भस्म को छोड़कर )बाकी सबको पीसकर पावडर करके दोनो भस्में मिलाकर कांच की शीशी में रख्खे,, सुबह शाम 4,4 ग्राम ले। कैसा भी पुराना प्रदर हो(महिलाओं को पेशाब के रास्ते लाल,सफेद ,बदबूदार,लेसदार पानी गिरना) सभी बन्द हो जाता है। पेट साफ रखये। ज्यादा मसालेदार भोजन बन्द । 

किसी भी बीमारी के बारे में पूछते समय,,,रोगी की उम्र,वजन,बीपी,शुगर,थाइराइड, बीमारी कबसे है, जेंडर क्या है, अगर फीमेल है तो प्रेग्नेंसी तो नही,कोई आयुर्वेदीक दवा ली हो तो उसका पूरा विवरण, कोई दवा चल रही हो तो उसका पूरा विवरण दीजिये,,ताकि आपको इलाज बताने में सुविधा रहे। 

: *दाढ़ ,दांतो की सभी समस्याओं का एक समाधान,,करके देखे है बहुत आसान* अखरोट के छिलकों को जलाकर बनाया पावडर 50 ग्राम,अकरकरा ईरानी 50 ग्राम,,लौंग 50 ग्राम,काली मिर्च 50 ग्राम ,हल्दी 50 ग्राम,सेंधा नमक 50 ग्राम,तोमर बीज 50 ग्राम ,भुनी लाल फिटकरी 50 ग्राम, सबको पीसकर कपड़छन करके शीशी में भरले सबके लिये स्पेशल मंजन तैयार,,इसको सरसो के तेल में मिलाकर उंगली स करे ,,,ठंडा गर्म लगना बन्द,,,दाढ़, दांत कुलना, मसूड़ों से खून आना बन्द,,, असली मंजन,असली वैद्य, असली भारत जय हिंद,, *

जय श्री आयुर्वेद

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