Sunday, 18 December 2022

अवैध खनन व अवैध परिवहन का जनपद में खुलेआम हो रहा है गोरख धंधा*अंबेडकरनगर

*अवैध खनन व अवैध परिवहन का जनपद में खुलेआम हो रहा है गोरख धंधा*

अंबेडकरनगर
जिले में बालू के अवैध खनन का खेल नहीं थम रहा है। प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे यह कारोबार लंबे समय से फलफूल रहा है। फिर भी खनन विभाग के अधिकारी व पुलिस पदाधिकारी अनजान बने हैं। जबकि जबकि आर भारत के संवाददाता लोकपति त्रिपाठी द्वारा लगभग 1 सप्ताह से निरंतर सोशल मीडिया पर यह खबर चलाई जा रही है परंतु प्रशासन किन कारणों से इसको नजरअंदाज कर रहा है। बालू माफिया चतुराई के साथ रात के अंधेरे में बालू का अवैध खनन करते हैं..
परिवहन विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यालय के मुख्य मार्गो से होती हुई गाड़ियां ओवरलोडिंग चल रही हैं इनके बारे में समाचार पत्रों में भी आये दिन देखने को मिल रहा है देखें तो कई टिपरो व ट्रकों के पीछे नंबर प्लेट गायब है जो कहीं ना कही संदेह दर्शाता है कि अधिकारी आखिर मौन क्यों हैं एक तरफ जहां गाड़ियां बिना नंबर की चल रही है वही भारी मात्रा में राजस्व का भी नुकसान कर रही हैं । गाड़ियां का मनमाने तरीके से सड़कों पर दौड़ने वालो को कोई नहीं बोल रहा है आखिर इसका जिम्मेदार कौन है ।दूसरी ओर जिले में व्यापक पैमाने पर अवैध खनन का धंधा चल रहा है जो समाचार पत्रों में देखने को मिल रहा है । एक और हमारा जिला उत्तर प्रदेश के अंदर सब से ज्यादा राजस्व देने वाले जिलों में शामिल हैं वहीं दूसरी तरफ अवैध खनन और अवैध परिवहन के नाम से भी हमारा जिला बदनाम है लेकिन आखिर ऐसा कौन सा कारण है कि अधिकारी मौन है और कार्यवाही नहीं हो रही है लगातार लोग बोल रहे हैं समाचारों में देखने सुनने को मिल रहा है लेकिन परिवहन माफियाओं और खनन माफियाओं पर कोई भी फर्क नहीं पड़ रहा है ।प्रतिदिन अवैध बालू लोड दर्जनों ट्रैक्टर व ट्रॉलियां एक साथ निकलती हैं। रात भर खाली ट्रॉलियां बार-बार बालू घाटों की ओर जाती हैं। फिर प्रतिबंधित घाटों से बालू भरकर वापस लौटती हैं।मानसून अवधि में नदियों से बालू उठाव पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(एनजीटी) की रोक के बाद भी जिला मुख्यालय व जिले की नदियों से बालू का अवैध उठाव जारी है। बालू माफिया पर्यावरण के साथ खिलवाड़ कर मालामाल हो रहे हैं। बालू के अवैध उठाव व ढुलाई पर प्रशासन अंकुश लगाने में नाकाम है। एनजीटी की रोक को देखते हुए जिला प्रशासन ने टास्क फोर्स को निर्देश दिया था कि मानसून अवधि में किसी भी सूरत में नदियों से बालू का अवैध उठाव न हो। बीच बीच में प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई भी की, लेकिन नदियों से अवैध बालू के खनन पर रोक नहीं लगी। अवैध खनन कर बालू ले जाने वाले ट्रैक्टर व ट्रॉलियों की तस्वीरें व वीडियो भी लगातार सामने आते रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार बालू खनन व लोडिग के दौरान बालू माफिया के हथियारबंद गुर्गे भी बालू घाटों के इर्द-गिर्द घूमते रहते हैं। परंतु खनन विभाग के अधिकारी व पुलिस कार्रवाई करने से कतराते हैं।  इनमे लिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और जो भी इसका जिम्मेदार है उस पर जल्द से जल्द कार्रवाई कर इसको रोका जाए ।

No comments:

Post a Comment