[3/1, 8:13 PM] Dr Dileep Kumar singh: 3 मार्च को लगने जा रहा है भयानक चंद्र ग्रहण-डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि
चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण अद्भुत खगोलीय दृश्य हैं जो वर्ष में केवल तीन से चार बार लगाते हैं अंग्रेजी वर्ष के 2026 में भारत में पहला दृश्य मन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है केवल 17 मिनट तक रहेगा यह 6:46 तक रहेगा और 6:29 से प्रारंभ होगा। इस बार का चंद्र ग्रहण खूनी चंद्र ग्रहण है जिसे अंग्रेजी में ब्लडमून कहा जाता है भारत में तो यह नहीं दिखेगा लेकिन संसार के अनेक देशों में खूनी चंद्र ग्रहण दिखाई देगा।
चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण से 9:00 घंटे पहले लगता है। इसलिए भारत में इसका सूतक 9: 30 से प्रारंभ हो जाएगा लेकिन केवल 17 मिनट के चंद्र ग्रहण के कारण इसके सूतक का कोई विशेष महत्व नही होगा फिर भी सावधानी रखना आवश्यक है विशेष बात यह है कि इस ग्रहण का पंचांग में परीक्षित भाग दिन में लग रहा है। इसलिए भारत में इसका बहुत कम प्रभाव पड़ेगा फिर भी कम से कम 3:00 बजे से लेकर 7:00 बजे तक यदि हो सके तो भोजन इत्यादि से बचकर रहना चाहिए यदि तरल पदार्थ दूध पानी इत्यादि को पीना है तो उसमें तुलसी की पत्तियां या दूब घास डालकर उसका प्रयोग कर सकते हैं।
चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण का सबसे पहले पड़ा भारत में वैदिक काल से ही चल गया था जिस स्थान पर चंद्रमा और सूर्य के बीच में पृथ्वी आती है वह राहु स्थान होता है और चंद्र ग्रहण लगता है इसीलिए कहा गया कि राहु नाम का रक्षा चंद्रमा को ग्रस लेता है इसी तरह जब पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा आता है तो उसे स्थान पर केतुस्थान कहा जाता है और केतु के द्वारा सूर्य को निगलना कहा जाता है। इतिहास का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण महाभारत काल में और सबसे लंबा चंद्र ग्रहण वैदिक काल में हुआ था।
3 मार्च को लगने वाले पूर्ण चंद्र ग्रहण में चंद्रमा खूनी लाल नारंगी रंग का दिखाने के कारण ही इसको खूनी चंद्रमा या ब्लड मून कहा जाता है इसका सारी दुनिया पर बहुत ही खतरनाक और खूनी असर पड़ता है जिसे दुनिया भर में मार्केट हिंसा आतंकवाद अपराध एवं अपराध और जल संबंधी भीषण दुर्घटनाओं में प्रचंड वृद्धि होती है लोगों का धैर्य एक महीने तक बहुत कम हो जाता है और बात-बात में लोग उत्तेजित हो जाते हैं इस बार के चंद्र ग्रहण का प्रभाव एक सप्ताह पहले से लेकर 1 महीने बाद तक रहेगा अमेरिका ईरान और इजराइल का युद्ध इसी ग्रहण के पूर्व ग्रहण का प्रभाव है आगे भी तमाम देशों में युद्ध और अन्य महान खतरे उत्पन्न होंगे मंगलवार को लगने के कारण या ग्रहण और भी अधिक खूनी हो जाएगा और दुनिया में बहुत बड़ी-बड़ी घटनाएं घटित होगी।
इस बार क्या खूनी चंद्र ग्रहण पश्चिमी भारत को छोड़कर पूरे भारत में दिखाई देगा लेकिन जैसे-जैसे पूर्व और दक्षिण में बढ़ेंगे यह चंद्र ग्रहण और उसका समय बढ़ता जाएगा दक्षिण पूर्वी एशिया प्रशांत महासागर और उसमें स्थित आदमी को में ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के अधिकांश भागों में पूर्ण चंद्र ग्रहण लंबे समय तक दिखाई देगा और इसमें चंद्रमा लाल हल्का नारंगी जैसा दिखाई देगा और जहां जितना ही अधिक समय तक चंद्र ग्रहण होगा वहां उतना ही अधिक दुर्घटना विनाश अपराध युद्ध अपराध एवं अन्य प्रचंड प्राकृतिक दुर्घटनाएं घटित होगी सुनामी लहरे भूकंप पर ज्वालामुखी विस्फोट इस खूनी चंद्र ग्रहण का सीधा-सीधा प्रभाव है अंतरिक्ष में भी उपग्रह और रैकेट में भीषण दुर्घटनाएं हो सकती है दुनिया के कुछ राजनेता मारे जाएंगे तो एक दो देशों में सट्टा का पलट भी होगा भारत के लिए भी या ग्रहण शुभ और लाभकारी नहीं है पूरी दुनिया के लिए पूरा मार्च महीना बहुत ही खतरनाक और उथल-पुथल हलचल और दुर्घटनाओं से भरा रहेगा
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