*वेलेंटाइन वीक के बहाने...✍️*
प्यार के कई रूप हैं। वो दैविक है तो सम्मान के काबिल है और अगर वो कुत्सित है तो हैवानियत है। इसी संदर्भ में, #दैविक_प्यार को define करने की एक कोशिश...
एक प्यार वो भी है, जो दो दिलो को पल भर में धड़का दे,
एक प्यार ये भी है, जो अपनों की ख़ुशी में खुद को भी मिटा दे।
ये प्यार सपनो में लाये बहार है, तो उस प्यार में समर्पण का रंग अपार है।
असमंजस में हूँ! किसे समझूं मैं सच्चा प्यार ?
एक प्यार वो भी है, जो स्वार्थ में रिश्तो को भुला दे,
एक प्यार ये भी है, जो स्व से सर्वस्व को अपना बना दे।
ये प्यार इंसा में देव_रूप झलकाये, तो वो प्यार दानवता का दर्शन कराये!
असमंजस मे हूँ ! किसे समझूं मैं सच्चा प्यार ?
एक प्यार वो भी है, जो कट्टरता का चलन चला दे,
एक प्यार ये भी है, जो खून से खून का फर्क मिटा दे।
ये प्यार भाईचारे का सुंदरतम प्यार है, तो उस प्यार में घृणा औ नफरत बेशुमार है!
असमंजस में हूँ ! किसे समझूं मैं सच्चा प्यार ?
एक प्यार वो भी है, जहां पैसा प्यार का तराजू बन जाए,
एक प्यार वो भी है, जहाँ भूखी माँ, बेटे को अपना हिस्सा खिलाए।
उस प्यार में अँधा क्यूं हुआ संसार है, जबकि इस प्यार की चाह में अपना जीवन निसार है!
असमंजस में हूँ ! किसे समझूं मैं सच्चा प्यार ?
एक प्यार ये भी है, जिसकी प्रेरणा से #वीर_सपूत देश पर सर्वस्व लूटा देते हैं,
एक प्यार वो भी है, जिसके भ्रमजाल में लोग #देशहित के भाव को नित चोट पहुंचाते हैं।
उस प्यार में #देशभक्ति का जज्बा बेमिसाल है, इस प्यार में बेईमानी की बू का भरमार है।
ऊहापोह अब कुछ भी नहीं, दिल बस यही कहता है,
जो निज उर को भी #दिप्त करे औ दूजों में भी #दिव्यता लाए,
सच्चा प्यार यही है दोस्तों, जो सर्वत्र #दैवीय एहसास फैलाए।।
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