एक बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति
सनातन धर्म एक ऐसा प्राचीनतम ब्रह्मांड व्यापी धर्म है जिसमें वह सब कुछ है जिसको अन्य कहीं नहीं पाया जा सकता ।
दुनिया में कोई भी वस्तु एक जैसी नहीं है दो सगे भाई बहन भी नहीं इसलिए दुनिया की कोई भी वस्तु पूरे वास्तु के समान नहीं हो सकते ।
लेकिन हमारे देश के बिके बुद्धिजीवी और मकर राजनेता विदेशी हाथों में खेलते हुए दुनिया भर का नकली उच्च नीच और असमानता जैसा जहर वह दिए और सनातन धर्म चिन्ह भिन्न होने लगा
यहां तक की सनातन धर्म को सुधार करने के लिए जो ईश्वरीय महामानव अवतार के रूप में आए जैसे भगवान बुद्ध महावीर स्वामी गुरु नानक देव चार्वाक इनके पथ को अलग धर्म का नाम देकर आदिवासी वनवासी जंगल वासी और असभ्य कबीलाई लोगों को सनातन धर्म से अलग घोषित कर इसको दुनिया में केवल अब से इंडोनेशिया मलेशिया और कजाकिस्तान से श्रीलंका में और बाद में केवल भारत में सीमित कर दिया गया।
इस अंधकार में भारत लगभग 1000 वर्ष पड़ा रहा लेकिन यहां के बड़े-बड़े ऋषि मुनि जिसमें सभी वर्ण और जातियों के लोग शामिल थे उन्होंने सनातन धर्म की पहचान मिटने नहीं दिया ।
यदि आपके पद प्रतिष्ठा तन संपत्ति है तो घर और बाहर का हर व्यक्ति आपका मान सम्मान करेगा और याद नहीं है तो अपनी जात बिरादरी तो छोड़ो घर के लोग ही आपको उठकर बाहर फेंक देंगे ।
ऐसे में दुनिया भर की गलत धारणा सनातन धर्म के बारे में फैलाई गईं जबकि यहां कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार से आस्तिक या नास्तिक रूप से आराम से रहते हुए सारा जीवन अपने ढंग से जी सकता है बशर्ते कि वह अन्य के जीवन में हस्तक्षेप ना करें ।
जो सनातन धर्म मिलेच शैतान विधर्मी लोगों को भी अपने बीच जीने का अवसर देता है वह अपने ही सनातनी भाइयों के बीच उच्च नीच का भेद कैसे कर सकता है यही समझाने की बात है लेकिन हर जाति के मठाधीश और स्वयंभू नेता अपने घर परिवार साथ वीडियो को मालामाल करने के लिए अपने जाति वालों को इसे समझना नहीं दे रहे हैं और अधिकांश धर्म गुरु संत महंत पुजारी पांडे कथावाचक सरकार सरकारी तंत्र धन कुबेर लोगों और विदेशी हाथों में बिक चुके हैं इसलिए सच समझने में लोगों को परेशानी हो रही है । इसमें से अधिकांश सरकार के पालतू और विदेशी लोगों के द्वारा खरीदे गए लोग हैं जो संस्कृत हिंदी की जगह अंग्रेजी बोलकर देश में पापा मम्मी डैडी हाय हेलो खाना मुबारक शुक्रिया गुड मॉर्निंग शादी शहर जैसी चीज फैलाना चाहते हैं।
आप सनातनी हो चाहे जो हो जिस जाति के हो लेकिन इतना याद रखो कि जिस दिन मलिक्छ विधर्मी शैतान राक्षस काटना शुरु करेंगे जैसे कि वह उत्तरी दक्षिणी अमेरिका यूरोप अरब प्रायद्वीप अफगानिस्तान पाकिस्तान बांग्लादेश कश्मीर में कटे हैं उसे दिन या नहीं पूछेंगे कि तुम स्वर्ण हो छतरी हो ब्राह्मण हो श्रीवास्तव हो हरिजन हो या मौर्य हो या कुछ भी हो घास भूसा गाजर मूली साग भाजी की तरह एक तरफ से काट डालेंगे ।
धीरे-धीरे अब बात लोग समझ रहे हैं लेकिन अभी भी कुछ उनके नेता यह समझना नहीं दे रहे हैं जो इनके किसी काम के नहीं है इसी तरह जितने समाज है उनके अध्यक्ष उनकी सीन सब की सब फालतू हैं धीरे-धीरे सब लोग सनातन धर्म में आ रहे हैं क्योंकि वह जान चुके हैं कि यह नेता कल को क्रिश्चियन या फिर मुस्लिम हो जाएंगे और हम मझधार में फंस जाएंगे ।
जल्दी ही आप देखेंगे कि इन सब की दुकान बंद हो जाएगी सारे उच्च और निम्न वर्ग के लोग एक होकर अपने सनातन धर्म का पालन करेंगे और एक साथ मिलकर इन सभी लोगों को इस तरह मिटा देंगे जैसे कभी वीर शिवाजी महाराणा प्रताप सुहेलदेव हमीर राजा की तरह देश की हर जाति वर्ण की जनता ने विदेशी शैतानों म्लैच्छों का समूल नाश किया था ।
यह समय आ चुका है जल्दी ही धीरे-धीरे यह सबको दिखाने लगेगा इतना सब समझ चुके हैं कि एक मां के दो सगे बेटे जो एक कलेक्टर और एक चपरासी है एक समान मान सम्मान इज्जत नहीं पा सकते तो बाकी की बात ही क्या है भगवान राम और कृष्णा शबरी और विदुर का झूठा खा सकते हैं लेकिन किसी भी अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़े वर्ग के किसी नेता ने अपने ही जाति वर्ग के किसी व्यक्ति के घर उसकी झूठी खाली और झूठा भोजन खाया है क्या बस इतना ही समझना है और पूरी दुनिया यह सुन ले
जूनागढ़ टूटा किंतु खड़ा गिरनार है होते ही रहेंगे सिंह यहां की गुफाओं में।
हमारा दुर्भाग्य केवल यही है कि हमने धोखा अपनों से खाया अपनों से हार गए दुनिया में यह दम नहीं था जो भी सनातनी कट्टर अगुवा बनकर आता है वह अंत में गांधी और फिर विदेशी हाथों में बिका सिद्ध हो जाता है। और तब काला धन भ्रष्टाचार भूख महंगाई बेरोजगारी घूसखोरी चीन पाकिस्तान द्वारा छीना गया भूभाग हिंदी भाषा राम राज्य स्वदेशी हिंदी हिंदू हिंदुस्तान सब कुछ खो जाता है इन गद्दार और देशद्रोही लोगों के कारण।
हमें तो अपनों ने लूटा गैरों में कहां दम था हमारी किश्ती वहीं टूटी जहां पानी कम था लेकिन
यदा यदा ही धर्मस्य वाली कहावत अंत में सही सिद्ध होगी -डॉ दिलीप कुमार सिंह
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