Sunday, 19 April 2026

पूरे वर्ष भर दुनिया युद्ध हिंसा तनाव से जूझती रहेगी-डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978

पूरे वर्ष भर दुनिया युद्ध हिंसा तनाव से जूझती रहेगी-डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978

जनवरी 2026 और फिर मार्च 2026 में हमारे केंद्र के द्वारा ग्रह नक्षत्र ज्योतिष और पंचांग के आधार पर एवं रौद्र नामक संवत्सर के प्रभाव के विस्तृत विवेचना करते हुए संपूर्ण संसार की विवेचना की गई थी और कहा गया था कि पूरे वर्ष भर रूस चीन अमेरिका पहन के अंदर से मिली मार और नूरा कुश्ती करके अपना प्रभाव सारी दुनिया पर स्थापित कर लेंगे ‌ यह तीनों देश ऊपर से एक दूसरे का विरोधी होने का दिखावा करेंगे लेकिन अंदर से तीनों एक होंगे और पूरी दुनिया में युद्ध की आग भड़का कर अपने अस्त्र-शस्त्र और अन्य सामान बेचकर तेल सहित दुनिया के ऊर्जा संसाधनों पर नियंत्रण करेंगे और बिल्कुल वैसा ही हो रहा है 


पहले हमारे केंद्र के द्वारा यह भविष्यवाणी की गई थी कि अमेरिका इजरायल मिलकर ईरान पर विध्वंसक आक्रमण करेंगे जिसमें ईरान का भीषण नुकसान होगा चीन और रूस पहन के पीछे ईरान को अपने हथियार बेचकर प्रचुर धन संपत्ति अर्जित करेंगे और 10 अप्रैल के आसपास अमेरिका और ईरान की सलाह हो जाएगी जो अधिक दिन नहीं चलेगी 

इसी क्रम में अब अमेरिका रूस और चीन मिलकर ताइवान को लेकर पूरी दुनिया में युद्ध कब वातावरण पैदा करेंगे जिसमें अमेरिका अपने हथियार ताइवान को इस तरह बचकर अपार संपत्ति अर्जित करेगा जैसे ईरान से रूस और चीन ने अर्जित किया था और 20 अप्रैल के आसपास चीन ताइवान का संघर्ष शुरू होने की स्थिति बन सकती है जिसमें चीन ताइवान पर कब्जा करने की पूरी कोशिश करेगा लेकिन लगभग सफलता के कगार से उसे वापस लौटना पड़ेगा इस युद्ध में कोरिया और जापान तथा अन्य देश भी सम्मिलित होंगे ‌ यद्यपि विनाशकारी युद्ध टल जाएगा और विश्व युद्ध की कोई आशंका नहीं रहेगी।

इसके बाद ठंड पड़ चुका रूस और यूक्रेन का युद्ध फिर से प्रारंभ हो जाएगा और इस युद्ध में अमेरिका और चीन अपने हथियार और अन्य संसाधन बेचकर काफी धन संपत्ति अर्जित करेंगे यह तीनों देश मिलकर भारत को पाकिस्तान और अन्य देशों की सहायता से काफी नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे लेकिन ग्रह नक्षत्र और पंचांग की मजबूत स्थिति के कारण भारत को अधिक नुकसान नहीं होगा मैंने पहले भी कहा और फिर कह रहा हूं इन सभी परिस्थितियों में मोदी जी की स्थिति बहुत कमजोर हो जाएगी देश के अंदर और बाहर उनकी लोकप्रियता बहुत तेजी से घट जाएगी 

अप्रैल के अंतिम सप्ताह में खड़ी का युद्ध फिर से भड़क सकता है और इजरायल लेबनान के अंदर काफी जमीन कब्जा कर लेगा और वेस्ट बैंक तथा गोलन पहाड़ियों का काफी भूभाग कब्जा करके वहां से मूल निवासियों को भगा देगा इस प्रकार वर्ष के अंत में एक वृहत्तर इजरायल की नींव पड़ जाएगी।

यह सभी होना निश्चित है इसके अलावा पूरी दुनिया में तोड़फोड़ हिंसा आतंकवाद एवं दुर्घटनाओं तथा अपराध का बोलबाला रहेगा मैं और जून में भीषण प्राकृतिक आपदाएं और दुर्घटनाएं घटित होगी और दुनिया के समीकरण तेजी से बदल जाएंगे जो हाल लीबिया इराक का हुआ है उससे भी बुरा हाल ईरान का होगा और अंत में अरब देशों की सहायता से अमेरिका ईरान को कुचल देगा भूकंप ज्वालामुखी विस्फोट सुनामी लहरों और भौगोलिक परिवर्तन की बर्फीले तूफान और ग्लेशियरों से व्यापक विनाश होगा 

तेल और हथियारों की खरीद में दुनिया की आर्थिक शक्ति पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ेगा और सभी देशों को अपनी आधी आमदनी इन दोनों चीजों पर खत्म करनी पड़ेगी अनेक नए-नए हथियारों का आविष्कार होगा और द्रोण युद्ध से भी आगे की युद्ध की प्रणाली का प्रयोग किया जाएगा सभी अनुमान के विपरीत पाकिस्तान में विभाजन सफल नहीं होगा इस प्रकार दुनिया को अनेक आश्चर्यजनक स्थितियों से गुजरना पड़ेगा और सब का मूल ईरान चीन और अमेरिका ही होंगे आश्चर्यजनक रूप से कोरिया इन सभी प्रकरण पर बिल्कुल चुपचाप तमाशा देखता रहेगा

अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम -डॉ दिलीप कुमार सिंह

अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम -डॉ दिलीप कुमार सिंह 
अक्षय तृतीया एक ऐतिहासिक दिन है जो इस वर्ष 19/20 अप्रैल को मनाया जाएगा यह पर्व विशेष रूप से इस समय भगवान परशुराम से जुड़ गया है जो भगवान श्री हरि विष्णु के अवतार थे लेकिन अक्षय तृतीया कई महत्वपूर्ण महापुरुषों और कथाओं से ही जुड़ा हुआ है अक्षय तृतीया प्रति वर्ष वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन पड़ता है और इस वर्ष तिथि19/ 20 अप्रैल को पड़ रही है 

सबसे पहले तो अक्षय तृतीया पवित्र दिन है और यह आदि देव ऋषभदेव के साथ जुड़ा हुआ है जिन्होंने घनघोर तपस्या करके तीनों लोकों में हाहाकार मचा दिया था और पूरे 400 दिन के बाद गन्ने के रस से अपना व्रत पूरा किया था इसलिए जैन पंथ के लोग इसे बहुत ही उत्साह से मनाया करते हैं इसके अलावा इसी दिन भगवान श्री हरि विष्णु के अवतार भागवत परशुराम जी का जन्म धरती पर महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के यहां हुआ था जिनकी तपोस्थली जमदग्निपुरम जमैथा गांव में है उन्हीं के नाम से जौनपुर का नाम पहले जमदग्निपुरम रखा गया था जो कालांतर में जौनपुर हो गया।

अक्षय तृतीया के दिन ही द्रौपदी को भगवान सूर्य के द्वारा उनके कष्टों को देखते हुए अक्षय पात्र दिया गया था जो तब तक खाली नहीं होता था जब तक भोजन बनाने वाला उसको खा नहीं लेता था। दुर्योधन के कहने पर जब दुर्वासा ऋषि ‌ पांडवों के यहां गए तब उनको अक्षय पात्र द्वारा ही तृप्त किया गया था एक अन्य घटनाक्रम में सदानीरा सरस्वती नदी के किनारे आज के दिन ही ब्रह्म ऋषि वेद व्यास ने महाभारत की कथा भगवान गणेश जी को बोलकर लिखाना शुरू किया था भगवान वेदव्यास ‌ का ज्ञान सरस्वती नदी की तेज ध्वनि से भंग होता था विनय करने पर भी उन्होंने ध्यान नहीं दिया तब वेदव्यास जी के के श्राप के कारण ही सरस्वती जमीन के अंदर चली गई। और अदृश्य रूप में बह रहीहैं।

एक अन्य घटनाक्रम में इसी दिन परम पवित्र देव नदी गंगा मां का "धरती पर हुआ था जिससे समस्त भारत का और सगर पुत्रों का कल्याण हुआ था और ‌ देव नदी गंगा को पृथ्वी पर लाने वाले भागीरथ के नाम पर गंगा मां का नाम भागीरथी पड़ा सगर पुत्रों के नाम पर ही समुद्र का नाम सागर पड़ा। आज के दिन ही विप्र सुदामा अपने बाल सखा भगवान श्री कृष्ण से मिलने द्वारका गए थे और भगवान श्री कृष्ण ने सुदामा के पूरे गांव को ही द्वारका जैसा बना दिया था।‌ और उनको आदर्श मित्र मानकर उन्हें धन-धान्य से भर दिया था।

इस वर्ष वैसे तो अक्षय तृतीया दिन में 11 ‌ बजे के आसपास 19 अप्रैल को ही लग जाएगी जो 20 अप्रैल को 8:37 तक रहेगी लेकिन उदया तिथि के अनुसार 30 अप्रैल के दिन ही भगवान परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया मनाया जाएगी ।

20 अप्रैल को सुबह से 9 बजे तक अक्षय तृतीया का पूजा पाठ व्रत अनुष्ठान करने का सर्वश्रेष्ठ समय है इस दिन भगवान विष्णु माता लक्ष्मी को प्रतिमा रखकर उसे लाल वस्त्र से ढक कर लाल या पीले रंग के कपड़े बिस हुए चौकी पर रखा जाता है और उनको सत्तू खीर चना मौसमी फल और मिठाई का भोग लगाया जाता है और पूजा करने के पहले प्रतिमा को गंगाजल से धोया जाता है। 

भगवान परशुराम किसी धर्म और जाति विशेष के नहीं थे यह संपूर्ण पृथ्वी पर फैले हुए पाप और अत्याचार और निरंकुश राजाओं को सही मार्ग पर लाने के लिए कटिबद्ध थे इसी क्रम में उन्हें अनेकों महायुद्ध करने पड़े इसलिए उन्होंने भयंकर तपस्या करके भगवान शिव से अद्वितीय फरसा और धनुष बाण प्राप्त किया जिसके सामने बड़े से बड़ा महान योद्धा भी पराजित हो जाता था ।

भगवान परशुराम अद्वितीय पितृ भक्त थे पिता के कहने पर उन्होंने माता रेणुका का गर्दन काट लिया लेकिन जब पिता ने वर मांगने को कहा तो उन्होंने वर मांग कर माता को जीवित कर दिया जिससे परम प्रसन्न हुए परशुराम जी को उनके पूज्य पिता जमदग्नि ऋषि ने इच्छा मृत्यु का वरदान दिया और परशुराम आज भी धरती पर विभीषण ब्रह्म ऋषि मार्कंडेय हनुमान जी आल्हा कृपाचार्य अश्वत्थामा और हनुमान जी के साथ अमर हैं 

अक्षय तृतीया पर बहुत से दुष्प्रचार किया जाते हैं जैसे कि इस दिन आभूषण खरीदना वाहन खरीदना मकान  ‌ कपड़ा जमीन संपत्ति इत्यादि खरीदना बहुत शुभ माना जाता है लेकिन मैं बहुत प्रामाणिक रूप से बता दूं कि इसका भगवान परशुराम या अक्षय तृतीया पर खरीदारी से कोई संबंध ही नहीं यह बड़े-बड़े धन कुबेर सेठ महाजन की मीडिया वालों की चाल है कि इसी दिन नई चीजों को खरीदना चाहिए जबकि ऐसा कुछ नहीं है ‌ इस दिन केवल नमक या अस्त्र-शस्त्र खरीदनाचाहिए। ऐसा ही जनप्रतवाद और झूठा समाचार धनतेरस के दिन फैलाया जाता है जहां वैद्यनाथ धनवंतरी से खरीदारी से कोई संबंध ही नहीं है इसलिए आप चाहे जो भी खरीदारी करें या निर्माण करें उसका ‌  अक्षय तृतीय से कुछ भी लेना देना नहीं है विज्ञापन और टीवी तथा रेडियो के चक्कर में पढ़कर अपने पैसे बर्बाद करने का कोई अर्थ नहीं है ।

भगवान परशुराम का बड़े-बड़े परम वीरों से युद्ध हुआ जिसमें सहस्त्रार्जुन को उन्होंने मार कर  21 बार उसके वंश का विनाश किया। लेकिन सनातन धर्म को तोड़ने वाले लोगों ने इसे यह कह कर प्रसारित किया कि उन्होंने 21 बार धरती से सभी क्षत्रियों का विनाश कर दिया था जो कि बिल्कुल झूठ है नहीं तो उन्हीं के समय में राम लक्ष्मण और राजा दशरथ जनक ‌ और स्वयंवर में आए हुए सैकड़ो क्षत्रिय य राजा और अन्य लोग कहां से होते । उन्होंने रावण को भी मुक्त कराया‌ भगवान परशुराम केवल श्री राम लक्ष्मण और भीष्म पितामह से ही पराजित हुए थे। था और भगवान श्री राम से उनका आखिरी युद्ध हुआ था जिसमें उनके पराजित होना पड़ा और उनके तेज का भगवान श्री राम ने हरण कर लिया जिसका अर्थ यह भी है कि जब एक अवतार आ गया तो पीछे के अवतार की प्रासंगिकता समाप्त हो गई भगवान परशुराम ने अनंत गति से चलने का अपना वरदान सुरक्षित रखा और आज ‌ विवाह अनंत वेग से विसरण करते हैं।भारत की धरती को ऐसे ही परम बुद्धिमान महा तेजस्वी परशुराम जी की आवश्यकता है जो शैतान राक्षस और विधर्मी लोगों का संघर्ष करके देश में राम राज्य का मार्ग प्रशस्त करें।

Thursday, 16 April 2026

देश में अति पिछड़ी मुस्लिम महिलाओं को तैंतीस में से तीन प्रतिशत मिले आरक्षण मुस्लिम महासंघ*

*देश में अति पिछड़ी मुस्लिम महिलाओं को तैंतीस में से तीन प्रतिशत मिले आरक्षण मुस्लिम महासंघ* 
अखिल भारतीय मुस्लिम महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष फ़रहत अली खान ने कहा देश में सबसे ज्यादा दबी कुचली ज़िंदगी गुजार रही हैं मुस्लिम महिलाएं।
अगर मुस्लिम महिलाएं सांसद और विधायक बनकर लोकसभा,राज्य सभा एवं विधानसभा में जाएंगी तभी अपनी समस्याओं को देश के संवैधानिक पटल पर रख सकती हैं।

महिला आरक्षण बिल सराहनीय और स्वागत योग्य बिल है जिसकी समय के अनुसार बहुत आवश्यकता है । 

जहां तक महिला आरक्षण बिल का सवाल है हम सभी देशवासी स्वागत करते हैं।

मगर हम अपने देश के मुखिया से अपना सुझाव निवेदन पूर्वक रख रहे हैं।
तैंतीस प्रतिशत में से कुल तीन प्रतिशत परिसीमन के बाद मुस्लिम महिला को भी आरक्षण दिया जाए

जो समय के अनुसार बहुत ज़रूरी है।
हमारे सुझाव पर गंभीरता से विचार करने की कृपा करें।
फ़रहत अली खान 
राष्ट्रीय अध्यक्ष मुस्लिम महासंघ

Wednesday, 15 April 2026

बर्बरीक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर थे। बर्बरीक के लिए तीन बाण ही काफी थे जिसके बल पर वे कौरवों और पांडवों की पूरी सेना को समाप्त कर सकते थे। युद्ध के मैदान में भीम पौत्र बर्बरीक दोनों खेमों के मध्य बिन्दु एक पीपल के वृक्ष के नीचे खड़े हो गए और यह घोषणा कर डाली कि मैं उस पक्ष की तरफ से लडूंगा जो हार रहा होगा। बर्बरीक की इस घोषणा से कृष्ण चिंतित हो गए।

बर्बरीक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर थे। बर्बरीक के लिए तीन बाण ही काफी थे जिसके बल पर वे कौरवों और पांडवों की पूरी सेना को समाप्त कर सकते थे। युद्ध के मैदान में भीम पौत्र बर्बरीक दोनों खेमों के मध्य बिन्दु एक पीपल के वृक्ष के नीचे खड़े हो गए और यह घोषणा कर डाली कि मैं उस पक्ष की तरफ से लडूंगा जो हार रहा होगा। बर्बरीक की इस घोषणा से कृष्ण चिंतित हो गए।

भीम के पौत्र बर्बरीक के समक्ष जब अर्जुन तथा भगवान श्रीकृष्ण उसकी वीरता का चमत्कार देखने के लिए उपस्थित हुए तब बर्बरीक ने अपनी वीरता का छोटा-सा नमूना मात्र ही दिखाया। कृष्ण ने कहा कि यह जो वृक्ष है ‍इसके सारे पत्तों को एक ही तीर से छेद दो तो मैं मान जाऊंगा। बर्बरीक ने आज्ञा लेकर तीर को वृक्ष की ओर छोड़ दिया।

जब तीर एक-एक कर सारे पत्तों को छेदता जा रहा था उसी दौरान एक पत्ता टूटकर नीचे गिर पड़ा। कृष्ण ने उस पत्ते पर यह सोचकर पैर रखकर उसे छुपा लिया की यह छेद होने से बच जाएगा, लेकिन सभी पत्तों को छेदता हुआ वह तीर कृष्ण के पैरों के पास आकर रुक गया। तब बर्बरीक ने कहा कि प्रभु आपके पैर के नीचे एक पत्ता दबा है कृपया पैर हटा लीजिए, क्योंकि मैंने तीर को सिर्फ पत्तों को छेदने की आज्ञा दे रखी है आपके पैर को छेदने की नहीं।

उसके इस चमत्कार को देखकर कृष्ण चिंतित हो गए। भगवान श्रीकृष्ण यह बात जानते थे कि बर्बरीक प्रतिज्ञावश हारने वाले का साथ देगा। यदि कौरव हारते हुए नजर आए तो फिर पांडवों के लिए संकट खड़ा हो जाएगा और यदि जब पांडव बर्बरीक के सामने हारते नजर आए तो फिर वह पांडवों का साथ देगा। इस तरह वह दोनों ओर की सेना को एक ही तीर से खत्म कर देगा।

तब भगवान श्रीकृष्ण ब्राह्मण का भेष बनाकर सुबह बर्बरीक के शिविर के द्वार पर पहुंच गए और दान मांगने लगे। बर्बरीक ने कहा- मांगो ब्राह्मण! क्या चाहिए? ब्राह्मणरूपी कृष्ण ने कहा कि तुम दे न सकोगे। लेकिन बर्बरीक कृष्ण के जाल में फंस गए और कृष्ण ने उससे उसका शीश मांग लिया।

बर्बरीक द्वारा अपने पितामह पांडवों की विजय हेतु स्वेच्छा के साथ शीशदान कर दिया गया। बर्बरीक के इस बलिदान को देखकर दान के पश्चात श्रीकृष्ण ने बर्बरीक को कलियुग में स्वयं के नाम से पूजित होने का वर दिया। आज बर्बरीक को खाटू श्याम के नाम से पूजा जाता है। जहां कृष्ण ने उसका शीश रखा था उस स्थान का नाम खाटू है।

अनजाने रहस्य :

1. खाटू श्याम अर्थात मां सैव्यम पराजित:। अर्थात जो हारे हुए और निराश लोगों को संबल प्रदान करता है।

2. खाटू श्याम बाबा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर हैं उनसे बड़े सिर्फ श्रीराम ही माने गए हैं।

3. खाटूश्याम जी का जन्मोत्सव हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।

4. खाटू का श्याम मंदिर बहुत ही प्राचीन है, लेकिन वर्तमान मं‍दिर की आधारशिला सन 1720 में रखी गई थी। इतिहासकार पंडित झाबरमल्ल शर्मा के मुताबिक सन 1679 में औरंगजेब की सेना ने इस मंदिर को नष्ट कर दिया था। मंदिर की रक्षा के लिए उस समय अनेक राजपूतों ने अपना प्राणोत्सर्ग किया था।

5. खाटू श्‍याम मंदिर परिसर में लगता है बाबा खाटू श्याम का प्रसिद्ध मेला। हिन्दू मास फाल्गुन माह शुक्ल षष्ठी से बारस तक यह मेला चलता है। ग्यारस के दिन मेले का खास दिन रहता है।

6. बर्बरीक देवी के उपासक थे। देवी के वरदान से उसे तीन दिव्य बाण मिले थे जो अपने लक्ष्य को भेदकर वापस उनके पास आ जाते थे। इसकी वजय से बर्बरिक अजेय थे।

7. बर्बरीक अपने पिता घटोत्कच से भी ज्यादा शक्तिशाली और मायावी था।

8. कहते हैं कि जब बर्बरिक से श्रीकृष्ण ने शीश मांगा तो बर्बरिक ने रातभर भजन किया और फाल्गुन शुक्ल द्वादशी को स्नान करके पूजा की और अपने हाथ से अपना शीश काटकर श्रीकृष्ण को दान कर दिया।

9. शीश दान से पहले बर्बरिक ने महाभारत का युद्ध देखने की इच्‍छा जताई तब श्रीकृष्‍ण ने उनके शीश को एक ऊंचे स्थान पर स्थापित करके उन्हें अवलोकन की दृष्टि प्रदान की।

10. युद्ध समाप्ति के बाद जब पांडव विजयश्री का श्रेय देने के लिए वाद विवाद कर रहे थे तब श्रीकृष्ण कहा कि इसका निर्णय तो बर्बरिक का शीश ही कर सकता है। तब बर्बरिक ने कहा कि युद्ध में दोनों ओर श्रीकृष्ण का ही सुदर्शन चल रहा था और द्रौपदी महाकाली बन रक्तपान कर रही थी।

11. अंत में श्रीकृष्ण ने वरदान दिया की कलियुग में मेरे नाम से तुम्हें पूजा जाएगा और तुम्हारे स्मरण मात्र से ही भक्तों का कल्याण होगा।

जय श्री श्याम ,जय खाटूश्याम जी बाबा 🚩🙏🏻

सनातन धर्म एक ऐसा प्राचीनतम ब्रह्मांड व्यापी धर्म है जिसमें वह सब कुछ है जिसको अन्य कहीं नहीं पाया जा सकता ।

एक बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति 

सनातन धर्म एक ऐसा प्राचीनतम ब्रह्मांड व्यापी धर्म है जिसमें वह सब कुछ है जिसको अन्य कहीं नहीं पाया जा सकता ।
दुनिया में कोई भी वस्तु एक जैसी नहीं है दो सगे भाई बहन भी नहीं इसलिए दुनिया की कोई भी वस्तु पूरे वास्तु के समान नहीं हो सकते ।

लेकिन हमारे ‌ देश के बिके बुद्धिजीवी और मकर राजनेता विदेशी हाथों में खेलते हुए दुनिया भर का नकली उच्च नीच और असमानता जैसा जहर वह दिए और सनातन धर्म चिन्ह भिन्न होने लगा ‌

यहां तक की सनातन धर्म को सुधार करने के लिए जो ईश्वरीय महामानव अवतार के रूप में आए जैसे भगवान बुद्ध महावीर स्वामी गुरु नानक देव चार्वाक इनके पथ को अलग धर्म का नाम देकर आदिवासी वनवासी जंगल वासी और असभ्य कबीलाई लोगों को सनातन धर्म से अलग घोषित कर इसको दुनिया में केवल अब से इंडोनेशिया मलेशिया और कजाकिस्तान से श्रीलंका में और बाद में केवल भारत में सीमित कर दिया गया। 

इस अंधकार में भारत लगभग 1000 वर्ष पड़ा रहा लेकिन यहां के बड़े-बड़े ऋषि मुनि जिसमें सभी वर्ण और जातियों के लोग शामिल थे उन्होंने सनातन धर्म की पहचान मिटने नहीं दिया ।

यदि आपके पद प्रतिष्ठा तन संपत्ति है तो घर और बाहर का हर व्यक्ति आपका मान सम्मान करेगा और याद नहीं है तो अपनी जात बिरादरी तो छोड़ो घर के लोग ही आपको उठकर बाहर फेंक देंगे ।

ऐसे में दुनिया भर की गलत धारणा सनातन धर्म के बारे में फैलाई गईं जबकि यहां कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार से आस्तिक या नास्तिक रूप से आराम से रहते हुए सारा जीवन अपने ढंग से जी सकता है बशर्ते कि वह अन्य के जीवन में हस्तक्षेप ना करें ।

जो सनातन धर्म मिलेच शैतान विधर्मी लोगों को भी अपने बीच जीने का अवसर देता है वह अपने ही सनातनी भाइयों के बीच उच्च नीच का भेद कैसे कर सकता है यही समझाने की बात है लेकिन हर जाति के मठाधीश और स्वयंभू नेता अपने घर परिवार साथ वीडियो को मालामाल करने के लिए अपने जाति वालों को इसे समझना नहीं दे रहे हैं और अधिकांश धर्म गुरु संत महंत पुजारी पांडे कथावाचक सरकार सरकारी तंत्र धन कुबेर लोगों और विदेशी हाथों में बिक चुके हैं इसलिए सच समझने में लोगों को परेशानी हो रही है ।‌ इसमें से अधिकांश सरकार के पालतू और विदेशी लोगों के द्वारा खरीदे गए लोग हैं जो संस्कृत हिंदी की जगह अंग्रेजी बोलकर देश में पापा मम्मी डैडी हाय हेलो खाना मुबारक शुक्रिया गुड मॉर्निंग शादी शहर जैसी चीज फैलाना चाहते हैं।


आप सनातनी हो चाहे जो हो जिस जाति के हो लेकिन इतना याद रखो कि जिस दिन‌ मलिक्छ विधर्मी शैतान राक्षस काटना शुरु करेंगे जैसे कि वह उत्तरी दक्षिणी अमेरिका यूरोप अरब प्रायद्वीप अफगानिस्तान पाकिस्तान बांग्लादेश कश्मीर में कटे हैं उसे दिन या नहीं पूछेंगे कि तुम स्वर्ण हो छतरी हो ब्राह्मण हो श्रीवास्तव हो हरिजन हो या मौर्य हो या कुछ भी हो घास भूसा गाजर मूली साग भाजी की तरह एक तरफ से काट डालेंगे ।

धीरे-धीरे अब बात लोग समझ रहे हैं लेकिन अभी भी कुछ उनके नेता यह समझना नहीं दे रहे हैं जो इनके किसी काम के नहीं है इसी तरह जितने समाज है उनके अध्यक्ष उनकी सीन सब की सब फालतू हैं धीरे-धीरे सब लोग सनातन धर्म में आ रहे हैं क्योंकि वह जान चुके हैं कि यह नेता कल को क्रिश्चियन या फिर मुस्लिम हो जाएंगे और हम मझधार में फंस जाएंगे ।

जल्दी ही आप देखेंगे कि इन सब की दुकान बंद हो जाएगी सारे उच्च और निम्न वर्ग के लोग एक होकर अपने सनातन धर्म का पालन करेंगे और एक साथ मिलकर इन सभी लोगों को इस तरह मिटा देंगे जैसे कभी वीर शिवाजी महाराणा प्रताप सुहेलदेव हमीर राजा की तरह देश की हर जाति वर्ण की जनता ने विदेशी शैतानों म्लैच्छों का समूल नाश किया था ।

यह समय आ चुका है जल्दी ही धीरे-धीरे यह सबको दिखाने लगेगा इतना सब समझ चुके हैं कि एक  मां के दो सगे बेटे जो एक कलेक्टर और एक चपरासी है एक समान मान सम्मान इज्जत नहीं पा सकते तो बाकी की बात ही क्या है भगवान राम और कृष्णा शबरी और विदुर का झूठा खा सकते हैं लेकिन किसी भी अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़े वर्ग के किसी नेता ने अपने ही  जाति वर्ग के किसी व्यक्ति के घर उसकी झूठी खाली और झूठा भोजन खाया है क्या बस इतना ही समझना है और पूरी दुनिया यह सुन ले 

जूनागढ़ टूटा किंतु खड़ा गिरनार है होते ही रहेंगे सिंह यहां की गुफाओं में।

हमारा दुर्भाग्य केवल यही है कि हमने धोखा अपनों से खाया अपनों से हार गए दुनिया में यह दम नहीं था जो भी सनातनी कट्टर अगुवा बनकर आता है वह अंत में गांधी और फिर विदेशी हाथों में बिका सिद्ध हो जाता है। ‌ और तब काला धन भ्रष्टाचार भूख महंगाई बेरोजगारी घूसखोरी चीन पाकिस्तान द्वारा छीना गया भूभाग हिंदी भाषा राम राज्य स्वदेशी हिंदी हिंदू हिंदुस्तान सब कुछ खो जाता है इन गद्दार और देशद्रोही लोगों के कारण।

हमें तो अपनों ने लूटा गैरों में कहां दम था हमारी किश्ती वहीं टूटी जहां पानी कम था लेकिन 

यदा यदा ही धर्मस्य वाली कहावत अंत में सही सिद्ध होगी -डॉ दिलीप कुमार सिंह

Monday, 13 April 2026

परम पवित्र शीतला चौकिया धाम को अपवित्र कर रहे हैं यहां के भ्रष्ट घूसखोर और दुराचारी पंडे पुरोहित -डॉ दिलीप कुमार सिंह

परम पवित्र शीतला चौकिया धाम को अपवित्र कर रहे हैं यहां के भ्रष्ट घूसखोर और दुराचारी पंडे पुरोहित -डॉ दिलीप कुमार सिंह 
जौनपुर में माता शीतला देवी का परम पवित्र चौकिया धाम है जिसमें लोगों की अटूट आस्था और विश्वास है और बहुत दूर-दूर से लोग दर्शन करने यहां आते हैं पर्व त्यौहार और नवरात्रि एवं अन्य मंगल शुभ अवसर पर यहां बहुत लंबी चौड़ी भीड़ होती है लेकिन यहां की सड़क और गलियों को कब्जा करके इतना तंग और शंकर बना दिया गया है कि लोग 1 किलोमीटर पहले से ही पैदल चलने को विवश होते हैं मैंने चौकिया के पांडे पुरोहितों को कई बार मना किया कि अपनी गंदगी दुराचार घूसखोरी भ्रष्टाचार और जबरदस्ती वसूली की आदत छोड़कर सदाचारी पवित्र होकर कम करो लेकिन जब 25 वर्षों के प्रयास के बाद भी यह नहीं सुधरे तब यह नंगा सच इन लोगों की काली करतूत का लिखना पड़ रहा है और बड़े दुर्भाग्य की बात है कि यही सच भारत के अधिकांश धर्म स्थान और मंदिरों तथा शक्तिपीठों का है जिसके कारण सनातन धर्म से लोगों की आस्था बहुत तेजी से घट रही है और लोग क्रिश्चियन मुस्लिम या नए बौद्ध इत्यादि बना रहे हैं 

अभी भी कर या पांच प्रतिशत पांडे पुरोहित पुजारी ठीक-ठाक और अच्छे चरित्र के हैं जैसे कि चौकिया मंदिर के पीछे तालाब पर स्थित भैरव बाबा का मंदिर है जिसके दोनों पुजारी बहुत ही लोकप्रिय व्यावहारिक और अच्छे चरित्र के हैं ना कभी जबरदस्ती पैसा वसूलते हैं और ना अति विशिष्ट कतार में पैसा लेकर लोगों को अंदर जाने देते हैं और बहुत ही सौम्य तथा मृदु व्यवहार भी करते हैं ‌ लेकिन शीतला चौकिया मंदिर की बात कितनी अधिक गंदी हो चुकी है कि यदि आप सभी इस पर अपने विचार व्यक्त नहीं करेंगे और इस पोस्ट को लाइक कमेंट शेयर करके अधिक से अधिक प्रसारित नहीं करेंगे तो यह लोग सुधरने वाले नहीं है। 

चौकिया सहित सभी तीर्थ स्थान का यही हाल है कि एक साधारण कतर भक्तों की लगती है और एक वीआईपी कतर पैसे और पद प्रतिष्ठा को लेकर बनाई जाती है जिसमें ढेर सारा पैसा पुरोहित और वहां ड्यूटी देने वाले पुलिस और दलालों की सहायता से वसूल लिया जाता है और यह लोग मिलकर के मिली मर नूरा कुश्ती करके लाइन को और लंबी करते हैं जिससे कतार में खड़े हुए परिवार के लोग बच्चे लोग या जिन्हें तुरंत दर्शन की आदत होती है बगल होकर इन पुजारी पांडे पुरोहित लोगों से संपर्क करते हैं और यह लोग पीछे के दरवाजे से उनका प्रवेश कर देते हैं इस कारण से भीड़ इतनी हो जाती है कि लोगों की सांस फूलने लगती है कई लोग चौकिया में गिरकर बेहोश हो चुके हैं और कई लोग मर भी चुके हैं जिनको बड़ी चतुराई से पुलिस की सहायता से छिपा दिया गया है क्योंकि अंदर जगह नहीं है और गर्मी के मौसम में वहां पर 5 मिनट खड़े रहना अपनी मृत्यु को दावत देना है जब घंटे से कतार में खड़ा व्यक्ति देखा है कि उसके आगे पैसे देकर लोग आ जाते हैं तो वह बहुत क्रोधित और उत्तेजित हो जाता है और इसीलिए बर्दाश्त से बाहर हो जाने पर पांडा पुरोहित और पुलिस वालों से मारपीट चौकिया में होती रहती है अन्य स्थानों का भी लगभग यही हाल है। 

मैं सनातनी जनता से अनुरोध करूंगा कि यदि ईश्वर के घर पर भी यह हाल है और मंदिरों में भी लोग एक समान नहीं है तो ऐसी जगह जाने का दर्शन पूजन करने का क्या लाभ है ऐसी जगह जाना ही नहीं चाहिए चार या पांच प्रतिशत लोग आज भी शीतला चौकिया में ऐसे पंडित पुरोहित और पुजारी हैं जो बहुत अच्छे स्वभाव के और सदाचारी हैं लेकिन बाकी सब के सब महाभ्ष्ट घूसखोर और चरित्रहीन कुकर्मी हैं ‌ इनमें से अधिकांश तो विभिन्न प्रकार का नशा और मदिरापान करते हैं और मुफ्त में तीर्थ यात्रियों का हराम का पैसा खाकर इतने मोटे ताजे हो जाते हैं कि पुलिस की लाठी टूट सकती है लेकिन इन्हें चोट लगने का कोई प्रश्न नहीं होता यह लोग गाल गुलाबी नैन शराबी और हराम का खाकर गर्मी से भरपूर होकर विभिन्न प्रकार के कुकर्म में भी करते हैं।

और सबसे बड़ी बात इसमें जो रसिक रंगीन स्वभाव के पंड व पूरोहित पुजारी और पुलिस वाले होते हैं वह मंदिर के गर्भ गृह से लेकर निकास स्थान तक खड़े रहते हैं और महिलाओं को बड़े-बड़े ढंग से उनके संवेदनशील स्थानों को पकड़ कर बाहर भीतर करते रहते हैं यदि कोई विरोध करने का साहस करता है तो सभी लोग एक होकर उस पर टूट पड़ते हैं और पुलिस चुपचाप तमाशा देखती रहती हैं लेकिन यदि कोई बड़े पद प्रतिष्ठा वाला व्यक्ति गलती से सामान्य लोगों की कतार में खड़ा है या कोई इन जैसे दुष्ट पंडे पुरोहित पुजारी से जबर  व्यक्ति होता है तब यह इनको मार मार कर कचूमर निकाल देता है और वहां भगदड़ मच जाती है।

पहले यहां केवल शीतल जी की मूर्ति ही थी लेकिन बाद में इन भ्रष्ट पंडा व पुरोहित पुजारी और दलाल लोगों ने मिलकर इसके हर कोने पर एक दर्जन से अधिक मूर्तियां बनाकर छोटे-छोटे मंदिर बना दिए हैं जहां पर खड़े हुए सबसे भ्रष्ट और चरित्रहीन मोटे ताजे लोग जबरदस्ती टीका लगाकर और पूजा करा कर लोगों से पैसा वसूली करते हैं और न देने पर गंदी गालियां भी बकते हैं यह लोग इतने बेहद निर्लज्ज बेशर्म है कि इनको लात घूंसा और गालियां खाने का भी कोई डर या भय नहीं है बस इन्हें पैसा चाहिए किसी भी कीमत पर चाहिए जिसके लिए यह कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। पुलिस प्रशासन का इन्हें कोई भी डर नहीं है क्योंकि वह लोग भी इनके लूट में शामिल होते हैं और पहुंचने पर दर्शन विशिष्ट ढंग से करा दिया जाता है। इनकी गंदगी इतनी अधिक है कि सब कुछ लिखना भी बहुत कठिन है इनमें से अधिकांश लोग गांजा भांग शराब नशे का सेवन करके कुकर्म करते हैं इसीलिए चौकिया के आसपास बसे हुए पांडव पुरोहित उनसे मिले पुलिस और दलाल के घर में ज्यादातर लोग अपंग और अपाहिज अंधे लंगड़े लूले पैदा होते हैं किसी के घर जाकर आप देख सकते हैं तब भी यह लोग अपने को सुधार कर पवित्र और ईश्वर भक्त नहीं बनते हैं।

दर्शन करने वाले जनता विशेष कर स्त्रियां भी कम नहीं होती हैं जब तक वह एक दर्जन देवी देवताओं के आगे मत्था ना टेक लें और सबको पैसा ना दे दें सब पर फूल माला ना चढ़ा ले तब तक उन्हें संतुष्टि ही नहीं होती है यह तो ऐसी ही बात है कि कामधेनु गाय को पाने के बाद बकरी और छेड़ी को दुहना होता है। औरतों की ऐसी मूर्खता और अंधविश्वास का लाभ है चरित्रह दुराचारी गंदे स्वभाव के पंडे पुजारी वसूलकर अशोक खैरात और राम रहीम जैसा कांड कर जाते हैं और लोक लाज के नाच उसको लोग प्रदर्शित नहीं करते हैं। 

यदि आप लोग शीतला चौकिया दर्शन करने गए हैं तो मेरी लिखी हुई बातें एक-एक अक्षर आपको सही लगेगी और यदि नहीं गए हैं तो विश्वास करना कठिन होगा की धर्म स्थान पर क्या सच में जितने गंदे दुश्चरित्र रसिक रंगीन और निर्लज्ज लोग पंडा पुरोहित पुजारी बनकर ऐसा कांड करते हैं और भी ऐसी बहुत सी चीज हैं जो लिखने लायक भी नहीं है ।

अंत में मैं आप सभी से शासन प्रशासन और पुलिस से कहना चाहूंगा की इस पर तुरंत ध्यान देते हुए ऐसे पंडित पुरोहित पुजारी लोगों पर लगाम लगाइए और आप सबसे निवेदन है कि वहां केवल दर्शन करें फूल माला पैसा कुछ भी ना चढ़ाएं क्योंकि वहां आप ईश्वर और माता शीतला देवी का दर्शन करने जाते हैं फूल माला पैसा चढ़ाने नहीं जाते हैं यदि आपको पैसा सोना चांदी या अन्य सामान देना ही है तो शीतला माता को मत दो जिनके पास संपूर्ण ब्रह्मांड की संपत्ति है और जिसे मांगने आप जाते हो बल्कि यह धन और पैसा अपने समाज और धर्म के अच्छे लोगों की पढ़ाई लिखाई और उनकी उन्नत के काम में लगा दो तो विश्वास रखो या पंडे पुरोहित पुजारी दलाल और ड्यूटी देने वाले पुलिसकर्मी अपने आप सुधर जाएंगे नहीं तो यह चरित्रहीन गंदे और रसिक रंगीन स्वभाव के एक कुंतल से दो कुंतल भर वाले हरामखोर लोग इसी तरह अपनी गंदी हरकत करते हुए जनता को लूटते रहेंगे और धीरे-धीरे सारे हिंदू तीर्थ और धर्म स्थान कलंकित हो जाएंगे और लोग वहां जाना छोड़ देंगे मैंने जो भी बात लिखा है उसे पर निष्पक्ष राय दीजिए कि क्या इसमें से एक भी बात गलत है ‌ महिलाओं से भी निवेदन है कि यदि वे दर्शन करने जाती हैं और यह पांडे पुरोहित पुलिस वाले या मा उपस्थित  लंपट कामुक छिनरे कुपंथी दुराचारी और मैथुनिक ‌ पंडित पुरोहित पुजारी पुलिस वाले या उनके सहयोगी आपको गलत ढंग से छूते हैं या अश्लील हरकत करते हैं तो पहले जूते चप्पल से उनकी धुनाई करें और तुरंत 1098 1090 पर फोन करके पुलिस बुलाकर इनको उनके हवाले कर दे या फिर 15100 नंबर पर डायल करें ऐसा करने पड़े लोग कुछ दिन बस सुधर जाएंगे और शीतला माता चौकिया की पवित्रता विद्यमान रहेगी - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि
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Sunday, 12 April 2026

राजपूत और शराब *मुगल बादशाह का दिल्ली में दरबार लगा था और हिंदुस्तान के दूर दूर के राजा महाराजा दरबार में हाजिर थे। उसी दौरान मुगल बादशाह ने एक(मजाक) दम्भोक्ति की है कोई हमसे बहादुर इस दुनिया में है?

*राजपूत और शराब*
मुगल बादशाह का दिल्ली में दरबार लगा था और हिंदुस्तान के दूर दूर के राजा महाराजा दरबार में हाजिर थे। उसी दौरान मुगल बादशाह ने एक(मजाक) दम्भोक्ति की है कोई हमसे बहादुर इस दुनिया में है?

सभा में सन्नाटा सा पसर गया, एक बार फिर वही दोहराया गया! तीसरी बार फिर उसने ख़ुशी से चिल्ला कर कहता कोई है हमसे बहादुर जो हिंदुस्तान पर सल्तनत कायम कर सके?

सभा की खामोशी तोड़ती एक बुलन्द शेर सी दहाड़ गूंजी तो सबका ध्यान उस शख्स की ओर गया। वो जोधपुर के महाराजा राव रिड़मल राठौड़ थे। रिड़मल जी राठौड़ ने कहा, मुग़लों में बहादुरी नहीँ कुटिलता है। सबसे बहादुर तो राजपूत है दुनियाँ में। मुगलो ने राजपूतो को आपस में लड़वा कर हिंदुस्तान पर राज किया।

कभी सिसोदिया राणा वंश को कछवाह जयपुर से तो कभी राठोड़ो को दूसरे राजपूतो से। बादशाह का मुँह देखने लायक था ,ऐसा लगा जैसे किसी ने चोरी करते रंगे हाथो पकड़ लिया हो।

बातें मत करो राव उदाहरण दो वीरता का।

रिड़मल राठौड़ ने कहा क्या किसी कौम में देखा है किसी को सिर कटने के बाद भी लड़ते हुए??

बादशाह बोला ये तो सुनी हुई बात है देखा तो नही, रिड़मल राठौड़ बोले इतिहास उठाकर देख लो कितने वीरो की कहानिया है सिर कटने के बाद भी लडऩे की।

बादशाह हंसा और दरबार में बैठे कवियों की ओर देखकर बोला इतिहास लिखने वाले तो मंगते होते है। मैं भी सौ मुगलों के नाम लिखवा दूँ इसमें क्या? मुझे तो जिन्दा ऐसा राजपूत बताओ जो कहे कि मेरा सिर काट दो मैं फिर भी लड़ूंगा।

राव रिड़मल राठौड़ निरुत्तर हो गए और गहरे सोच में डूब गए। रात को सोचते सोचते अचानक उनको रोहणी ठिकाने के जागीरदार का ख्याल आया। उसी रात रोहणी ठिकाना (जोकि जोधपुर रियासत जेतारण कस्बे में थी) में दो घुड़सवार बुजुर्ग जागीरदार के पोल पर पहुंचे और मिलने की इजाजत मांगी। ठाकुर साहब काफी वृद्ध अवस्था में थे फिर भी उठ कर मेहमान की आवभगत के लिए बाहर पोल पर आये।

घुड़सवारों ने प्रणाम किया और वृद्ध ठाकुर की आँखों में चमक सी उभरी और मुस्कराते हुए बोले, जोधपुर महाराज आपको मैंने गोद में खिलाया है और अस्त्र शस्त्र की शिक्षा दी है। इस तरह भेष बदलने पर भी मैं आपको आवाज से पहचान गया हूँ। हुकम आप अंदर पधारो। मैं आपकी रियासत का छोटा सा जागीरदार, आपने मुझे ही बुलवा लिया होता। राव रिड़मल राठौड़ ने उनको झुककर प्रणाम किया और बोले एक समस्या है, और बादशाह के दरबार की पूरी कहानी सुना दी।

अब आप ही बताये कि जीवित योद्धा का कैसे पता चले कि ये लड़ाई में सिर कटने के बाद भी लड़ेगा?

रोहणी जागीदार बोले, बस इतनी सी बात। मेरे दोनों बच्चे सिर कटने के बाद भी लड़ेंगे और आप दोनों को ले जाओ दिल्ली दरबार में ये आपकी और राजपूती की लाज जरूर रखेंगे।

राव रिड़मल राठौड़ को घोर आश्चर्य हुआ कि एक पिता को कितना विश्वास है अपने बच्चों पर। मान गए राजपूती धर्म को। सुबह जल्दी दोनों बच्चे अपने अपने घोड़ो के साथ तैयार थे!

उसी समय ठाकुर साहब ने कहा, महाराज थोडा रुकिए। मैं एक बार इनकी माँ से भी कुछ चर्चा कर लूँ इस बारे में। राव रिड़मल राठौड़ ने सोचा आखिर पिता का हृदय है, कैसे मानेगा, अपने दोनों जवान बच्चो के सिर कटवाने को? एक बार रिड़मल जी ने सोचा की मुझे दोनों बच्चो को यही छोड़कर चले जाना चाहिए।

ठाकुर साहब ने ठकुरानी जी को कहा, आपके दोनों बच्चो को दिल्ली मुगल बादशाह के दरबार में भेज रहा हूँ सिर कटवाने को ,दोनों में से कौन सा सिर कटने के बाद भी लड़ सकता है? आप माँ हो आपको ज्यादा पता होगा।

ठकुरानी जी ने कहा, बड़ा लड़का तो किले और किले के बाहर तक भी लड़ लेगा पर छोटा केवल पर कोटे में ही लड़ सकता है क्योंकि पैदा होते ही इसको मेरा दूध नही मिला था। लड़ दोनों ही सकते हैं, आप निश्चिंत होकर भेज दो।

दिल्ली के दरबार में आज कुछ विशेष भीड़ थी और हजारो लोग इस दृश्य को देखने जमा थे। बड़े लड़के को मैदान में लाया गया और मुगल बादशाह ने जल्लादो को आदेश दिया कि इसकी गर्दन उड़ा दो। तभी बीकानेर महाराजा बोले ये क्या तमाशा है? राजपूती इतनी भी सस्ती नही हुई है , लड़ाई का मौका दो और फिर देखो कौन बहादुर है? बादशाह ने खुद के सबसे मजबूत और कुशल योद्धा बुलाये और कहा ये जो घुड़सवार मैदान में खड़ा है उसका सिर काट दो। 20 घुड़सवारों को दल रोहणी ठाकुर के बड़े लड़के का सिर उतारने को लपका और देखते ही देखते उन 20 घुड़सवारों की लाशें मैदान में बिछ गयी। दूसरा दस्ता आगे बढ़ा और उसका भी वही हाल हुआ, मुगलो में घबराहट और झुरझुरी फैल गयी। इसी तरह बादशाह के 500 सबसे ख़ास योद्धाओ की लाशें मैदान में पड़ी थी और उस वीर राजपूत योद्धा के तलवार की खरोंच भी नही आई। ये देख कर मुगल सेनापति ने कहा पाँच सौ मुगल बीबियाँ विधवा कर दी, आपकी इस परीक्षा ने। अब और मत कीजिये हजुर, इस काफिऱ को गोली मरवाईए। हजुर, तलवार से ये नही मरेगा।

कुटिलता और मक्कारी से भरे मुगलों ने उस वीर के सिर में गोलियां मार दीं। सिर के परखच्चे उड़ चुके थे पर धड़ ने तलवार की मजबूती कम नही करी और मुगलों का कत्लेआम खतरनाक रूप से चलते रहा। बादशाह ने छोटे भाई को अपने पास निहत्थे बैठा रखा था, ये सोच कर कि ये बड़ा यदि बहादुर निकला तो इस छोटे को कोई जागीर दे कर अपनी सेना में भर्ती कर लूंगा लेकिन जब छोटे ने ये अंन्याय देखा तो उसने झपटकर बादशाह की तलवार निकाल ली। उसी समय बादशाह के अंगरक्षकों ने उनकी गर्दन काट दी फिर भी धड़ तलवार चलाता गया और अंगरक्षकों समेत मुगलो का काल बन गया।

बादशाह भाग कर कमरे में छुप गया और बाहर मैदान में बड़े भाई और अंदर परकोटे में छोटे भाई का पराक्रम देखते ही बनता था। हजारो की संख्या में मुगल हताहत हो चुके थे और आगे का कुछ पता नही था। बादशाह ने चिल्ला कर कहा, अरे कोई रोको इनको।

राजा के दरबार का एक मौलवी आगे आया और बोला इन पर शराब छिड़क दो। राजपूत का इष्ट कमजोर करना हो तो शराब का उपयोग करो। दोनों भाइयो पर शराब छिड़की गयी ऐसा करते ही दोनों के शरीर ठन्डे पड़ गए।

मौलवी ने बादशाह को कहा, हजुर ये लडऩे वाला इनका शरीर नही बल्कि इनकी कुलदेवी है। ये राजपूत शराब से दूर रहते है और अपने धर्म और इष्ट को मजबूत रखते है। यदि मुगलो को हिन्दुस्तान पर शासन करना है तो इनका इष्ट और धर्म भ्रष्ट करो और इनमें दारु शराब की लत लगाओ। यदि मुगलों में ये कमियां हटा दें तो मुगल भी मजबूत बन जाएंगे। उसके बाद से ही राजपूतो में मुगलो ने शराब का प्रचलन चलाया और धीरे धीरे राजपूत शराब में डूबते गए। दूसरी ओर मुगलों ने मुसलमानों को कसम खिलवाई की शराब पीने के बाद नमाज नही पढ़ी जा सकती। इसलिए इससे दूर रहें।

क्या गाय धरती गायत्री मंत्र गीता और गंगा नदी मां है -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

क्या गाय धरती गायत्री मंत्र गीता और गंगा नदी मां है -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 

गलत व्याख्या करके धर्म गुरु पंडा पुरोहित पुजारी ‌ आधे अधूरे ज्ञान के सन्यासी कथावाचक संत महंत सनातन धर्म को घोर संकट में डाल देते हैं गाय और धरती ‌ गंगा गीता गायत्री मां नहीं है मां जैसी हैं।‌ इतना ही नहीं अनाथ बच्चों का पालन पोषण करने वाली मां से बड़ी मानी जाती है यशोदा मां और हलीमा जैसे अनगिनत उदाहरण पड़े हुए हैं।

जिस तरह बालक को दूध पिलाने वाली दाई या धाय दूसरी मां के समान समझी जाती है इस तरह गाय का दूध बिल्कुल माता जैसा होता है इसके गोबर में गंध नहीं होती ‌ इसका प्रयोग लिपाई पुताई सहित हर काम में होता है परमाणु और हाइड्रोजन बम के विकिरण को रोकने वाली एकमात्र धरती पर यही वस्तु है और कोई भी पशु गाय के जितना पवित्र और उपयोगी नहीं है इसीलिए हमारे ऋषि मुनियों ने इसको बिल्कुल माता जैसी कहा ‌ गाय का हर चीज अमृत और दवा जैसा है गाय के मूत्र का पान करने वाले जो लोग हैं वह हमेशा स्वस्थ निरोग रहते हैं और सबसे महंगी दवाई भी गाय के मूत्र को मिलाकर बनती हैं।


इसी तरह धरती को मां इसीलिए कहा गया कि जिस तरह मां आज जीवन बच्चे का पालन पोषण करती है उसका मल मूत्र उठाती है फिर भी उससे घृणा नहीं करती धरती मां पर ही व्यक्ति का सारा जीवन बिताता है उसी पर वह मल मूत्र करता है थूकता है फिर भी वह आजीवन हर व्यक्ति का पालन ‌ पोषण बिना भेदभाव करती है यहां तक की मृत्यु के बाद भी व्यक्ति को विश्राम धरती की गोद में ही मिलता है ‌ जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी। 

इसी तरह गंगा को मां इसीलिए कहा जाता है कि वह मां के समान हर प्राणियों का उद्धार करने वाली और सारे पापी लोगों के पाप का हरण करने वाली है विज्ञान का सत्य है कि गंगाजल की तरह आज भी कोई जल पूरी दुनिया में नहीं होता किसी भी नदी का जल गंगा और नर्मदा को छोड़कर एक सप्ताह से अधिक रखने पर वह गंदा और विषैला हो जाता है ‌ गंगा का पानी बिल्कुल अमृत जैसा बहुत ही शीतल और स्वास्थ्यवर्धक होता है क्रिश्चियन और तुर्क मुस्लिम भी इसके जल का उपयोग करते थे।इसलिए गंगा को गंगा मां जैसा कहते हैं ।

इसी तरह गीता को भी भारत में उच्च स्थान प्राप्त है क्योंकि यह हमारा निर्देश सही मार्ग पर चलने को करती है ‌ इस तरह मां अपने बच्चों को सही रास्ते पर चलकर सर्वोच्च स्थान प्राप्त करना सिखाती है वैसे ही गीता में दिए गए दिशा निर्देश हमें सारे कर्म करते हुए अंत में मुक्ति या मोक्ष का मार्ग दिखाते हैं जहां सभी लोग एक जैसे समभाव वाले होते हैं इसलिए गीत धार्मिक ग्रंथ होने के साथ-साथ एक आध्यात्मिक मां के समान है ।

वेद मंत्र गायत्री को भी मां के समान कहा जाता है इसलिए गायत्री मंत्र ‌ सर्व सिद्ध कहा जाता है क्योंकि गायत्री मंत्र संपूर्ण वसुधा के हर प्राणी का कल्याण करने वाला है और इसको कोई भी पढ़ सकता है ‌ इसके मंत्र में अपूर्व और अद्भुत शक्ति होती है जिसका निर्माण ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र ने किया और आज तक अवतार को छोड़ दिया जाए तो वह सबसे बड़े ब्रह्म ऋषि और सबसे बड़े अतिरथी योद्धा हैं।

जो सनातनी होकर भी विधर्मी लोगों के वीर्य से पैदा होकर छिपे हुए वर्ण शंकर और दोगले हैं जो विदेशी एजेंट है जो सनातन धर्म को खोखला कर रहे हैं जो सनातनी होकर भी काले अंग्रेज और मैकाले के मानस पुत्र तथा विदेशीकृत दास बनते हैं वही उपयुक्त चीजों पर प्रश्नचिन्ह लगाते हैं। 

वरना यह वैज्ञानिक धार्मिक और आध्यात्मिक सत्य है कि गंगा गीता गायत्री वसुधा और गाएं मां नहीं बल्कि मन से बढ़कर है मां का तो स्वार्थ होता है पुत्र से लेकिन इन चीजों का स्वार्थ किसी से कुछ भी नहीं होता। धन्य हैं भारतीय ऋषि मुनि और हमारे धर्म ग्रंथ जिन्होंने कहा कि जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी यह इसलिए लिखना पड़ा की तमाम दुष्ट विधर्मी और सनातन धर्म के भटके हुए लोग बार-बार इस तरह के प्रश्न पूछ कर हमारे सभी धर्म गुरु लोगों को निरुत्तर कर देते थे जो रसमलाई बैकुंठ भोग शिलाजीत वियाग्रा और लिबिडेक्स जैसी चीजें खाकर दुष्कर्म करते हुए जेल में जाकर सनातन धर्म को गहरा आघात पहुंचाते हैं ।‌ आप सोच लो यदि ईश्वर के धर्म स्थान पर भी विशिष्ट और अति विशिष्ट कतार लगाकर सामान्य ज्ञान को घंटा धूप में खड़ा रखकर ऐसे धनी लोग राजनेता अधिकारी लोगों को सीधे दर्शन कराया जाता है जो पाप अन्य अत्याचार के पुतले हैं तो लोगों की आस्था कैसे भगवान में जागेगी सबसे अधिक दुष्ट चौकिया धाम के पंडित पुजारी हैं जो निहायत लंपट कामुक छिनरा कुपंथी दुराचारी और मैथुनिक रावण ‌ जैसे होकर धर्मस्थल की मर्यादा को भंग करते हैं लगभग 97 से 99% पुजारी पांडे पूरे भारत में ऐसे ही हैं।

इसीलिए मैंने बार-बार 35 वर्ष से कहा कि जो खुद को संत महंत सन्यासी मठाधीश पुजारी पांडा पुरोहित बनाएं उसका बंध्याकरण कर दो असली होगा तो नागा साधु की तरह खुद ही अपने को बधिया कर लेगा नकली होगा तो मठ मंदिर धर्म स्थान छोड़कर भाग खड़ा होगा । इसीलिए आज तक लाखों करोड़ों वर्ष के इतिहास में नागा साधु संत होकर कोई आप नहीं लगा है।


जनता भी मूर्ख है वह कीचड़ की जगह संगमरमर के तालाब में कमल खोजती है और गाड़ी बंगला हवाई जहाज सारी सुख सुविधाओं वाले चमत्कारी ढोंगी हिंदू मुस्लिम ‌ क्रिश्चियन यहूदी सिख या बुद्ध धर्म गुरुओं ‌ पुजारी संत महंत कथा वाचक उपदेश पुरोहित पंडा साधु संत की शरण में जाकर हल होकर चली जाती है जिनके पास न ज्ञान है ना सदाचार है ना नैतिकता है इसमें एक दो प्रतिशत धर्म गुरु छोड़कर लगभग सभी धर्मगुरु शामिल है मेरी समझ से कीनाराम बाबा के अनुयाई अघोर पंथ के लोग और अड़गड़ानंद जी को छोड़कर बाकी सब के सब ढोंगी दुष्कर्म और भौतिक सुख सुविधाओं में लिप्त रहने वाले हैं इसके अलावा लाखों संत महात्मा हैं लेकिन वह अज्ञात जगह पर तब साधना करके भारत देश और सनातन धर्म को बचा रहे हैं ।

आसाराम संत रामपाल राम रहीम म***** मौलवी पादरी विश्व अशोक खैरात जैसे आजकल के भौतिक सुख सुविधा वाले 99 परीक्षित साधु संत महात्मा महाराज नेताओं और बड़े-बड़े धन कुबेर लोगों के बने होते हैं जो अपने काले धन को इनके माध्यम से सफेद करके पंच मकार का भोग उनके आश्रम में जाकर करके चले आते हैं और जब बड़े-बड़े अधिकारी राजनेता सांसद विधायक मंत्री प्रधानमंत्री राष्ट्रपति और धन कुबेर लोगों का भेद खुलने लगता है तो या तो इस बाबा को जेल में डाल देते हैं या ऐसे बाबो को दुनिया से ही विदा कर देते हैं 

गलत चीज का अंत हमेशा गलत ही होता है सच्चा साधु संत महात्मा धर्मगुरु पुरोहित कथा वाचक उपयुक्त लोगों से दूर रहकर की जनता की भलाई करते हुए साधना करता है और उसी के लिए गंगा गीता गायत्री गए सब मां जैसी होती हैं 

इसलिए है भारत की सनातन जनता गलत रास्ते पर मत जाओ अपने धर्म ग्रंथ पढ़ो उसमें सब कुछ दिया है साधु संत महात्मा सन्यासी पुरोहित पंडा में आज एक प्रेषित सही बच्चे हैं सोच समझकर इनके पास जाओ 

इतना आवश्यक कहना चाहूंगा कि उपर्युक्त सभी हमारी मां के समान है लेकिन देश का कोई पीता नहीं हो सकता है यदि राष्ट्रपिता जैसा कोई हो सकता है तो वह केवल भगवान श्री रामकृष्ण नानक महावीर भगवान बुद्ध जैसे लोग भर सकते हैं गांधी जैसा व्यक्ति राष्ट्रपति पिता होने को तो छोड़ दो एक सामान्य व्यक्ति भी होने योग्य नहीं है 

इसलिए निश्चित रूप से बिना किसी संदेह के गए धरती गंगा गीता और गायत्री मां के समान होने के कारण माही हैं जो हमारे धर्म ग्रंथो में और वैज्ञानिक ग और दर्शन में लिख दिया गया वह संसार में कोई नहीं काट सकता है जबकि अन्य धर्म के लोग अपने धर्म को आंख मुड़ कर मानते हैं जबकि उनका धर्म पूरी तरह गलत सदाचार हिंद मानवता के विरुद्ध हिंसा और हत्याओं से भरा हुआ है जिसमें धरती को चपटी बताया गया है चंद्रमा के दो टुकड़े करना बताने से लेकर सूर्य को कीचड़ में डूबना और अनगिनत सत्य बात बताई गई है इसलिए अपने सनातन धर्म को आप मानकर सरकारी राजनीति में नवोदयते हुए जितने भी धरती पर गैर मुस्लिम गैर ईसाई गैर यहूदी है सबको सनातन धर्म में लाने का प्रयास कीजिए ‌ क्योंकि यह सभी सनातन ही हैं वैसे क्रिश्चियन यहूदी और मुस्लिम भी सनातन धर्म से ही परिवर्तित हुए हैं।तभी धरती पर शांति होगी समृद्धि होगी स्वस्थ लोग होंगे और राम राज्य कायम होकर सनातन धर्म पूरी दुनिया में फैल जाएगा

Saturday, 11 April 2026

क्या होता है चपरासी का पद

क्या होता है चपरासी का पद

चपरासी शब्द सुना है आपने? जो पुराने लोग होंगे उन्होंने जरूर सुना होगा। #चपरासी का क्या मतलब होता है । आप सोच रहे होंगे कि आज अचानक मैंने ये बिंदु क्यों उठाया। तो दिल थाम के बैठिए कि ये चपरासी की कहानी क्या गुल खिलाने वाली है।

तो पहले बता दूँ कि चपरासी शब्द बना चपरास से बना है जिसकी उत्पत्ति तुर्की मूल की है और जिसके मायने होते हैं धातु का बिल्ला।

चपरास' असल में धातु (पीतल या तांबा) की एक तख्ती या बिल्ला होता था। पुराने समय में राजाओं, नवाबों और फिर ब्रिटिश काल के दौरान सरकारी अधिकारियों के संदेशवाहकों या अर्दली के पास यह बिल्ला होता था।

यह चपरास आमतौर पर एक चमड़े के पट्टे पर लगा होता था, जिसे कंधे से कमर तक तिरछा पहना जाता था। इस धातु की पट्टी पर उस विभाग या अधिकारी का नाम या पद गुदा होता था, जिसका वह व्यक्ति प्रतिनिधित्व करता था।

स्वतंत्रता के बाद में भी सरकारी कार्यालयों में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी को चपरासी ही कहा जाता था। लेकिन समय के साथ ऐसा महसूस किया जाने लगा कि ये शब्द #गुलामी का प्रतीक है और इसलिए इसे हटा कर ‘कार्यालय सहायक’ कहा जाने लगा।

इसी तरह बहुत से ऐसे शब्दों को जो व्यक्ति की गरिमा को कम करते थे उन्हें हटाया गया। जैसे घरों में काम करने वाले लोगों को ‘हाउस हेल्प’ कहा जाने लगा। इसी प्रकार विकलांग को ‘ दिव्यांग’, पागल को ‘ मानसिक अस्वस्थ’, भंगी को ‘ सफ़ाई मित्र ‘, मेहतर को ‘ पर्यावरण सहायक ‘, नौकर को ‘ डोमेस्टिक हेल्प ‘ कहा जाने लगा है। यहाँ तक कि वेश्या के लिए ‘ सेक्स वर्कर ‘ शब्द का प्रयोग किया जाने लगा है।

शब्दों का यह बदलाव केवल 'नाम बदलना' नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि समाज अब काम के आधार पर व्यक्ति की गरिमा को नहीं आंकना चाहता। भाषा का यह परिमार्जन हमें अधिक सभ्य और संवेदनशील बनाता है।

एक ओर हम व्यक्ति की गरिमा के सम्मान के लिए इतने बदलाव कर रहे हैं दूसरी ओर राजनीति में ठीक इसके उलट हो रहा है। अभी कल मैं संसद में नेता विपक्ष का आसाम की किसी चुनावी सभा का वीडियो देख रहा था। उस वीडियो में वो असम के मुख्यमंत्री के लिए जिस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे थे किसी सड़क झाप टपोरी से भी बदतर थी।

अभी आप में से बहुत लोग ये कहेंगे कि भाजपा मे भी लोग ऐसी भाषा का प्रयोग करते हैं आपको केवल राहुल जी ही क्यों दिखते हैं। मोदी नहीं दिखते? दिखते हैं, लेकिन मोदी कभी इस तरह नहीं बोलते कि राहुल ऐसा करता है या वैसा करता है। राहुल जी उम्र में लगभग बीस साल छोटे हैं फिर भी मोदी जी ऐसे नहीं बोलते। दूसरी बात राहुल जी कांग्रेस के सबसे बड़े नेता हैं, #संसद में #नेताविपक्ष हैं और उनसे ये उम्मीद की जाएगी कि वो भाषा में संयम रखें और किसी भी व्यक्ति की गरिमा को नीचा न दिखायें। 

जब वो एक राज्य के चुने हुए #मुख्यमंत्री के प्रति ऐसे शब्दों का प्रयोग करते हैं तो वो अपनी पार्टी के नेताओं के साथ कैसे पेश आते होंगे ये सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।

Tuesday, 7 April 2026

गैस सिलेंडरों की भयानक कालाबाजारी का डरावना सच भारत में यदि रहना है चींटी हाथी उठा के ले गई तब भी हां हां कहना है

गैस सिलेंडरों की भयानक कालाबाजारी का डरावना सच 

भारत में यदि रहना है चींटी हाथी उठा के ले गई तब भी हां हां कहना है

बिना प्रमाण के कुछ भी कहना और लिखना नहीं चाहिए विशेष करके तब जब सरकारी तंत्र के विरुद्ध लिखना हो आज हम एक ऐसी ज्वलंत समस्या की सच्चाई लिख रहे हैं जिससे सारा देश विशेष कर 95 परीक्षित जनता जूझ रही हैं 

जब से खाड़ी युद्ध छिड़ है तब से आप लोग बराबर मोदी जी सभी मुख्यमंत्री जिम्मेदार तंत्र ‌ सांसद विधायक मंत्रियों और सुजाता शर्मा सचिव को सुन रहे हैं कि देश में गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है सब कुछ सामान्य है कुछ विरोधी तत्व और विपक्षी दल इसका झूठ उसे प्रचार कर रहे हैं।

उनका यह भी कहना था कि प्रिंट इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया में जो गैस एजेंसी पर लंबी लाइन गैस न मिलने की समस्या और डिलीवरी तीन दिन में न मिलने की शिकायत है सब झूठी है और प्रायोजित है इसलिए मैंने समय की प्रतीक्षा किया और तब तक प्रतीक्षा किया जब तक अपना खुद का गैस सिलेंडर बुकिंग नहीं कराया 

आज जबकि कल ही ईरान ने अमेरिका के पैरों पर झुक कर समर्पण कर दिया है और हॉरमुज का जल डमरू मध्य खोल दिया है तब तो स्थितियां सामान्य होनी चाहिए थी लेकिन कहानी उल्टी है अब आप खुद ही देख लीजिए।

आप बुकिंग रसीद देख लीजिए 5 दिन पहले की है सरकार के दिशा निर्देशों के अनुक्रम में और जिलापुर के अधिकारी और जिलाधिकारी जौनपुर के आश्वासन के क्रम में मैंने तीन दिन प्रतीक्षा किया चौथे दिन भी प्रतीक्षा किया लेकिन बुकिंग होने के बाद भी गैस सिलेंडर नहीं आया 

इसके बाद मैं गैस देने वाले नौकर से बात किया तो उसने कहा साहब मैं अभी गैस गोदाम से लौटा हूं एक भी सिलेंडर ना आया है ना गैस गोदाम में है इसके बाद मैं एजेंसी के मालिक से बात किया उन्होंने भी यही बात दोहराई 

अब आप ही बताओ कि ऐसी स्थिति में जनता चोरी बेईमानी कालाबाजारी ना करे तो क्या करें अगर आपातकाल के लिए सिलेंडर का भंडारण न करे तो क्या करें‌ उन लोगों की हालत सोचो जिनके एक ही सिलेंडर होगा और गैस खत्म होने के बाद 5 दिन वह कैसे भोजन पानी कर रहे होंगे। 

देश के पांच प्रेषक तंत्र जिसमें अधिकारी सरकारी कर्मचारी सांसद विधायक मंत्री प्रधानमंत्री राष्ट्रपति बड़े-बड़े लोग माफिया और धन कुबेर और ‌ विपक्षी दलों के सांसद विधायक जिला स्तर के राजनेता हैं उनको तो कभी कोई कमी नहीं होगी क्योंकि उनके पास भी ना कहे ही एक फोन पर सिलेंडर यही एजेंसी के मालिक लोग पहुंचा देंगे लेकिन सामान्य जनता का क्या 

आप आए दिन रोज इन सभी उत्तरदाई तंत्र सरकार उसके मंत्री सांसद विधायक जिला स्तर के नेता जिला अधिकारी जिला पूर्ति अधिकारी को सुनते होंगे कि देश में सब कुछ सामान है कहीं भी गैस सिलेंडर की कमी नहीं है और 90 लाख सिलेंडर की रोज बुकिंग हो रही है तो आखिर वह जा कहां रही है यही यक्ष प्रश्न है 


जब खाड़ी युद्ध प्रारंभ नहीं हुआ था तो 24 घंटे में सिलेंडर स्वयं एजेंसी के नौकर पहुंचा देते थे बल्कि पूछते थे कि सिलेंडर चाहिए तो बता दो तो क्या सामान्य जनता की यह शिकायत सही है कि गैस सिलेंडर हर जगह उपलब्ध है लेकिन ₹100 से ₹1000 अलग से देने पर कालाबाजारी में चाहे जितने सिलेंडर ले लो इसी का लाभ उठा कर होटल और रेस्टोरेंट वाले बड़े-बड़े लोग और अन्य लोग गैस सिलेंडरों का भंडारण कर रहे हैं आज तक एक भी होटल या रेस्टोरेंट बंद नहीं हुआ 

अब ऐसे में भारत की क्या दशा और दिशा होगी यह तो जिम्मेदार सरकार और तंत्र एवं उनके चापलूस चाटुकार दलाल चमचे मक्खनबाज और 420 लोग ही जाने जो मॉल मलाई से भरपूर मक्खन रसमलाई मोहन भोग बैकुंठ भोग शिलाजीत वियाग्रा और लिपिडेक्स जैसी चीज दिखाकर गाल गुलाबी नैन शराबी होकर अशोक खरात जैसे कामों का अंजाम दे रहे हैं 


सरकार को शायद धरातल की सच्चाई मालूम नहीं है कि यदि आज चुनाव हो जाए तो भाजपा 100 सीट भी नहीं पहुंच पाएगी जिसका प्रमाण पांच राज्यों में हो रहे चुनाव का है यदि असम में किसी तरह भाजपा की सरकार वह भी हेमंत विश्व शर्मा के नाते बन जाए तो बहुत बड़ी बात है मोदी जी को कोई चिंता नहीं है उन्होंने तो भरपूर राजभोग बुढ़ापे में कर ही लिया है और फकीर की तरह झोला उठाकर चल देंगे विधर्मी शैतानों का भरपूर विकास हो गया और देश की सारी सुविधाओं का 60% वही लोग मजा ले रहे हैं 


ऐसे सभी लोग जिनके अंदर मानवता बची हुई है और जो सच्चाई पसंद करते हैं अपना विचार इस पोस्ट पर अवश्य लिखेंगे और शायद सरकार और उसके तंत्र का डर है कि कोई व्यक्ति सामने नहीं आता है आने वाला नेस्तनाबूद हो जाता है ‌ प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया की भी एक सीमा है वह क्या कर सकते हैं सरकार से कोई लड़ नहीं सकता 

इसीलिए कहा गया है कि इस घर को आग लग गई घर के चिराग से -डॉ दिलीप कुमार सिंह

संपूर्ण देश के मौसम की विस्तृत भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

संपूर्ण देश के मौसम की विस्तृत भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 

आज हल्के बादल और मध्यम गर्मी और कल ‌ 8 अप्रैल को जौनपुर और आसपास होने वाली हैं वर्षा ‌ गिरेगा तापमान

 ‌‌ जौनपुर और आसपास आज का अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहेगा कल अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना ‌ जौनपुर और आसपास के जिलों में आजकल और परसों तेज बारिश और ओलावृष्टि का खतरा टला‌ लेकिन तेज हवा आंधी तूफान का मौसम जारी रहेगा 8 अप्रैल को एक बार फिर वर्षा की संभावना बन रही है  ‌ 9 अप्रैल के बाद कम से कम 10 दिनों तक मौसम सूखा और शांत तथा फसलों की कटाई मड़ाई के योग्य रहेगा

3 अप्रैल से 9 अप्रैल तक‌ संपूर्ण भारत में मौसम तूफानी झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला बिजली ‌ और घनघोर गरज चमकगर्जन वाला रहेगा इस कालखंड में अधिकांश देश में बूंदाबांदी  से लेकर हल्की वर्षा होगी और कहीं कहीं ओलावृष्टि का भी खतरा बना हुआ है 

इस कालखंड में संपूर्ण देश में अधिकांश जगह 20 किलोमीटर से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने आंधी तूफान का खतरा बना हुआ है और कहीं धूल भरी आंधी तो कहीं हल्की वर्षा बूंदाबांदी के साथ आंधी तूफान आएगा और कहीं-कहीं बहुत प्रचंड बवंडर का रूप भी धारण करके आंधी की गति 70 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है ।

जौनपुर और आसपास के जनपदों में इस आंधी तूफान का विशेष कर वर्ष का खतरा सबसे कम है लेकिन यहां भी गोदावरी से हल्की वर्षा इस कालखंड में होगी ।

पूरे देश की वायु गुणवत्ता में आश्चर्यजनक रूप से कल्पना के पार सुधार हुआ है और कहीं-कहीं तो यह वायु गुणवत्ता सूचकांक शून्य से 30 तक पहुंच गई है जैसे कि तिरुअनंतपुरम कन्याकुमारी और आसपास के क्षेत्र में पूर्वोत्तर भारत में जौनपुर और मुंबई तथा अन्य भागों में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत ही अच्छी 30 से लेकर 60 के बीच बनी हुई है ऐसा बहुत लंबे समय बाद देखा गया है जबकि वर्ष कल में भी इन स्थानों की वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 से 100 के बीच रहता है ।

रौद्र नामक नए वर्ष के आरंभ होने के कारण सूर्य मंडल पर प्रचंड विस्फोट और भयंकर सौर ज्वालाओं के कारण‌ लाखों किलोमीटर की लंबी विकिरण वाली सौर ज्वालाएं अंतरिक्ष में फैल रही हैं जिनकी गति हजारों किलोमीटर प्रति घंटा है इससे दुनिया भर में अनेक विक्षोभ बना रहे हैं और आंधी तूफान चक्रवात ज्वालामुखी विस्फोट के साथ-साथ अफगानिस्तान ईरान भारत दक्षिण पूर्वी एशिया जापान और अमेरिका के तटवर्ती भागों में चार से लेकर 8 सेक्टर पैमाने पर एक महीने तक भूकंप आने का खतरा बना रहेगा 

भारत में इस काल खंड में अधिकतम तापमान 30 से लेकर 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 से लेकर 22 डिग्री सेल्सियस बना रहेगा 10 अप्रैल से भयंकर गर्मी पड़ेगी और उमस रहेगी इस समय हवा की दिशा भी पूरे भारत में लगातार परिवर्तित होती रहेगी मौसम के इस भयानक मोड लेने के कारण सबको हर जगह बहुत सावधान रहने की आवश्यकता है विशेष क्रांति के समय सुरक्षित रहें घर के अंदर रहे इस वर्ष तूफान और झंझावात का असर सबसे पहले पाकिस्तान उत्तर पश्चिम भारत इसके बाद मध्य और पूर्वी भारत और अंत में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में पड़ेगा।
[4/8, 5:40 AM] Dr  Dileep Kumar singh: हमारे केंद्र की भविष्यवाणी के अनुसार आज सुबह से ही वर्षा शुरू हो जाएगी जो दिन में दो-तीन बार होगी तेज हवा के झोंकों के साथ आज मौसम बहुत ही ठंडा और सुहाना रहेगा अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहेगा झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला ‌ और बिजली की गलत चमक के बीच वर्षा होगी ‌ कल हमारे केंद्र की भविष्यवाणी के अनुसार जम्मू कश्मीर पाकिस्तान राजस्थान गुजरात से लेकर लखनऊ तक वर्षा हुई और आज जौनपुर प्रतापगढ़ मिर्जापुर भदोही सोनभद्र मिर्जापुर आजमगढ़ गाजीपुर अंबेडकर नगर अयोध्या और आसपास के समस्त पूर्वांचल के जिले सम्मिलित रहेंगे

कल के बारे में अनुमान है कि मौसम धीरे-धीरे साफ हो जाएगा और कई दिनों तक आप मौसम रहेगा कल का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहेगा

डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल द्वारा अभियुक्त को दोष मुक्त कराया गया

डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल द्वारा अभियुक्त को दोष मुक्त कराया गया 
मुकदमा नंबर सत्र परीक्षण संख्या 352 /11 स्टेट प्रति नीरज मिश्रा न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायालय जौनपुर थाना कोतवाली धारा 489 बी 489 सी मुकदमा अपराध संख्या 123 सन 11 ‌ के प्राचीन मुकदमे में डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल जनपद न्यायालय जौनपुर डॉ दिलीप कुमार सिंह के द्वारा अभियुक्त नीरज मिश्रा को दोष मुक्त कराया गया ।

मुकदमा उपर्युक्त में पुलिस द्वारा अभियुक्त नीरज मिश्रा को जाली नोटों के साथ पकड़ने का आरोप लगाया गया था जिसे सिद्ध करने में अभियोजन पक्ष पूरी तरह असफल रहा और मामले के तथ्य और परिस्थितियों को देखते हुए डिफेंस काउंसिल के विद्वतापूर्ण तर्क के द्वारा ‌ संतुष्ट होकर विद्वान न्यायाधीश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वितीय शौरिक सिद्दीकी ‌ ‌ द्वारा उभय पक्ष की बात सुनने के उपरांत मेरिट पर अभियुक्त नीरज मिश्रा को मुक्त कर दिया तरफ अभियोजन पक्ष से अरुण कुमार पाठक द्वारा किया गया था।

Sunday, 5 April 2026

देश में कितना भयानक परिवर्तन आ रहा है एक झलक मिलते हैं लोग कहीं जाते हैं

देश में कितना भयानक परिवर्तन आ रहा है एक झलक मिलते हैं लोग कहीं जाते हैं यदि छोटा भी पुरस्कार सम्मान ही स्मृति चिन्ह पाए जाते हैं या फूल माला से उन्हें सम्मानित किया जाता है तो अपने साथ अपने फोटोग्राफर लेकर चलते हैं और उसको खूब बढ़ा चढ़ा कर इस तरह से उच्च प्रदर्शन अर्थात हाईलाइट करते हैं मानो उन्हें भारत रत्न और संयुक्त राष्ट्र संघ का पुरस्कार और नोबेल पुरस्कार मिल गया है ।‌ और बहुत बाद में मुझे पता चला की बड़े-बड़े नेता नेती और अन्य लोग अपने चापलूसों की फौज भी ताली बजाने के लिए साथ लेकर जाते हैं इसलिए जब यह 10 20 50 100 लोग ताली पीटते हैं तो बाकी को भी पीटना पड़ता है।

एक हम लोगों का समय था 1971 से लेकर आज तक ‌ जनपद अस्त्र से लेकर प्रदेश देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार स्मृति चिन्ह सम्मान पत्र प्रमाण पत्र एवं अनगिनत विजेता वैजयंती अर्थात ट्रॉफी इतना प्राप्त किया जिसको 1 दिन में कोई गिन नहीं सकता । ‌ एक बात और है कि मैं बहुत पहले से ही शायद 1990 से ऐसी जगह पर जाना छोड़ दिया था जहां छोड़ डकैत बलात्कारी दुष्कर्म धन माफिया और गबन करने वाले ‌ जनता का धन चूसने वाले भ्रष्ट और घूसखोरी लोग अध्यक्ष मुख्य अतिथियों संचालक नियुक्त होते हैं क्योंकि वहां जनक खुद को अपमानित करने के बराबर है यह ऐसा न करता तो आज एक कमरा भरकर केवल पुरस्कार प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह से भरा होता।

यह पुरस्कार स्मृति चिन्ह ट्रॉफी सम्मान पत्र और प्रमाण पत्र दर्जन या सौ नहीं बल्कि हजारों की संख्या में है और आश्चर्य की बात है कि हजारों में से मैंने एक भी छायाचित्र किसी से कहकर नहीं खिंचवाया ‌ कुछ असली शुभचिंतक लोगों ने खींच कर भेज दिया वहीं पड़े हुए हैं यदि मैं ऐसा करता तो आज मेरे घर में इन सबको रखने की जगह नहीं होती आज भी नहीं है ।‌ इतना अवश्य है कि हमारे 99% सहयोगी साथी और विभाग में साथ का काम करने वाले लोगों ने और ऊपर से शुभचिंतक बनने का ढोंग करने वालों ने कभी भी एक भी छायाचित्र या वीडियो बनाकर मुझे आज तक नहीं भेजा है।

यही कारण है कि आज 1 वर्ष में एक जिले में हजारों लोग अचानक बड़ी तेजी से ऊपर उठते हैं या यूं कहिए कि ऊपर उठाए जाते हैं और अगले वर्ष उनका नाम और निशान नहीं रहता इसलिए बाद कम कीजिए पुरस्कार इसमें चिन्ह तो नश्वर है बहुत जल्दी समाप्त हो जाएंगे यदि चाहते हो दुनिया तुम्हें याद करे तो तुम दुनिया के ऊपर दया करो यदि चाहते हो कि तुमको लाभ हो तो सब का भला करो याद रखो ।

अनगिनत राही गये इस राह से उनका पता क्या।
 पर गए कुछ छोड़ ईश्वर अपने पैरों की निशानी।


यही हाल भारत के हर क्षेत्र का है लाल बहादुर शास्त्री को छोड़कर आज तक कोई भी प्रधानमंत्री ऐसा नहीं हुआ जिसको याद किया जा सके जो भारत भक्ति सनातन भक्त हो इसी तरह डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को छोड़कर कोई भी सनातन भक्त भारत भक्ति राष्ट्रपति नहीं हुआ इसलिए किसी का नाम याद नहीं किया जाता ।


अच्छे लोगों का नाम धीरे-धीरे फैलता है और मरने के बाद पूरी दुनिया में छा जाता है जबकि जबरदस्ती चमचों के सहारे पाए हुए लोग अधिक स्थाई नहीं रहते यही हाल संत महंत धर्म गुरु मताधिक और उपदेश तथा वाचन का है जो अंदर से बिल्कुल काले और अधिकांश दुष्कर्म होते हैं और पड़कर जेल जाते हैं अपना नुकसान तो करते ही हैं इससे देश कलंकित होता है और धर्म का सम्मान घटना है जितने भी धर्मगुरु हैं यह सभी इसी श्रेणी के हैं इसमें अपवाद केवल बाबा कीनाराम ‌ भगवान अवधूत राम और अघोर पंथ के अनुयाई और चुनार के पीठाधीश्वर कहे जा सकते हैं जिनका मुख्यालय शक्तेशगढ़ में है । वैसे तो और भी बहुत है लेकिन धन कुबेर राजनेताओं और अपराधियों का संरक्षण न देने के कारण इनका नाम प्रचारित प्रसारित नहीं है यही कारण है कि मंचों पर अपराधी दुराचारी दुष्कर्म बलात्कारी और पानी की तरह पैसा बहाने वाले जब सादा जीवन उच्च विचार और सदाचार का उपदेश देते हैं तो जनता को यही लगता है कि इनको जूता चप्पल निकाल कर मर जाए।

यही कारण है कि जौनपुर के 99% लोग 10 साल पहले के किसी भी प्रख्यात विभूति का नाम पूछने पर नहीं बता सकते हैं ‌ वास्तव में यदि देखा जाए तो राजनेता धर्म गुरु कथावाचक माफिया आवर्धन कुबेर एक दूसरे की मदद करते हुए उनका महिमा मंडल करके मान सम्मान प्राप्त करते हैं जिसके वह पात्र नहीं होते हैं इसलिए एक दूसरे के सहयोग से सभी फलते फूलते रहते हैं और विधान संविधान के समानांतर गुंडा माफिया नक्सलवाद का राज चलता रहता है।

इस देश में सबसे कठिन काम है सच को उजागर करना और सही बात करना क्योंकि ऐसा करने पर सबसे पहले आपके अपने लोग फिर बाहरी लोग फिर मठाधीश और राजनेता और धन कुबेर माफिया सभी क्रोधित हो जाते हैं और यही कारण है आपने देखा कि यदि पश्चिम के एपस्टीन फाइल्स  की तरह भारत में ऐसी कोई फाइल बनाई जाए तो 99% राजनेता धर्मगुरु कथा वाचक माफिया और धन कुबेर और बड़े-बड़े अधिकारी पश्चिम फाइल की जद में आएंगे लेकिन जो भी इसको खोलना है या तो मार दिया जाता है या ब्लैकमेल किया जाता है या फिर साम दाम दंड भेद से पटा लिया जाता है जैसे इस समय कई लोगों ने बड़े-बड़े नेताओं की पोल खोलने का प्रयास किया लेकिन प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने डर के कारण नहीं छापा क्योंकि यह इतने बड़े घड़ियाल के बारे में है जो सबको निगल जाएंगे तो अपने साथ अपने फोटोग्राफर लेकर चलते हैं और उसको खूब बढ़ा चढ़ा कर इस तरह से उच्च प्रदर्शन अर्थात हाईलाइट करते हैं मानो उन्हें भारत रत्न और संयुक्त राष्ट्र संघ का पुरस्कार और नोबेल पुरस्कार मिल गया है ।‌ और बहुत बाद में मुझे पता चला की बड़े-बड़े नेता नेती और अन्य लोग अपने चापलूसों की फौज भी ताली बजाने के लिए साथ लेकर जाते हैं इसलिए जब यह 10 20 50 100 लोग ताली पीटते हैं तो बाकी को भी पीटना पड़ता है।

एक हम लोगों का समय था 1971 से लेकर आज तक ‌ जनपद अस्त्र से लेकर प्रदेश देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार स्मृति चिन्ह सम्मान पत्र प्रमाण पत्र एवं अनगिनत विजेता वैजयंती अर्थात ट्रॉफी इतना प्राप्त किया जिसको 1 दिन में कोई गिन नहीं सकता । ‌ एक बात और है कि मैं बहुत पहले से ही शायद 1990 से ऐसी जगह पर जाना छोड़ दिया था जहां छोड़ डकैत बलात्कारी दुष्कर्म धन माफिया और गबन करने वाले ‌ जनता का धन चूसने वाले भ्रष्ट और घूसखोरी लोग अध्यक्ष मुख्य अतिथियों संचालक नियुक्त होते हैं क्योंकि वहां जनक खुद को अपमानित करने के बराबर है यह ऐसा न करता तो आज एक कमरा भरकर केवल पुरस्कार प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह से भरा होता।

यह पुरस्कार स्मृति चिन्ह ट्रॉफी सम्मान पत्र और प्रमाण पत्र दर्जन या सौ नहीं बल्कि हजारों की संख्या में है और आश्चर्य की बात है कि हजारों में से मैंने एक भी छायाचित्र किसी से कहकर नहीं खिंचवाया ‌ कुछ असली शुभचिंतक लोगों ने खींच कर भेज दिया वहीं पड़े हुए हैं यदि मैं ऐसा करता तो आज मेरे घर में इन सबको रखने की जगह नहीं होती आज भी नहीं है ।‌ इतना अवश्य है कि हमारे 99% सहयोगी साथी और विभाग में साथ का काम करने वाले लोगों ने और ऊपर से शुभचिंतक बनने का ढोंग करने वालों ने कभी भी एक भी छायाचित्र या वीडियो बनाकर मुझे आज तक नहीं भेजा है।

यही कारण है कि आज 1 वर्ष में एक जिले में हजारों लोग अचानक बड़ी तेजी से ऊपर उठते हैं या यूं कहिए कि ऊपर उठाए जाते हैं और अगले वर्ष उनका नाम और निशान नहीं रहता इसलिए बाद कम कीजिए पुरस्कार इसमें चिन्ह तो नश्वर है बहुत जल्दी समाप्त हो जाएंगे यदि चाहते हो दुनिया तुम्हें याद करे तो तुम दुनिया के ऊपर दया करो यदि चाहते हो कि तुमको लाभ हो तो सब का भला करो याद रखो ।

अनगिनत राही गये इस राह से उनका पता क्या।
 पर गए कुछ छोड़ ईश्वर अपने पैरों की निशानी।


यही हाल भारत के हर क्षेत्र का है लाल बहादुर शास्त्री को छोड़कर आज तक कोई भी प्रधानमंत्री ऐसा नहीं हुआ जिसको याद किया जा सके जो भारत भक्ति सनातन भक्त हो इसी तरह डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को छोड़कर कोई भी सनातन भक्त भारत भक्ति राष्ट्रपति नहीं हुआ इसलिए किसी का नाम याद नहीं किया जाता ।


अच्छे लोगों का नाम धीरे-धीरे फैलता है और मरने के बाद पूरी दुनिया में छा जाता है जबकि जबरदस्ती चमचों के सहारे पाए हुए लोग अधिक स्थाई नहीं रहते यही हाल संत महंत धर्म गुरु मताधिक और उपदेश तथा वाचन का है जो अंदर से बिल्कुल काले और अधिकांश दुष्कर्म होते हैं और पड़कर जेल जाते हैं अपना नुकसान तो करते ही हैं इससे देश कलंकित होता है और धर्म का सम्मान घटना है जितने भी धर्मगुरु हैं यह सभी इसी श्रेणी के हैं इसमें अपवाद केवल बाबा कीनाराम ‌ भगवान अवधूत राम और अघोर पंथ के अनुयाई और चुनार के पीठाधीश्वर कहे जा सकते हैं जिनका मुख्यालय शक्तेशगढ़ में है । वैसे तो और भी बहुत है लेकिन धन कुबेर राजनेताओं और अपराधियों का संरक्षण न देने के कारण इनका नाम प्रचारित प्रसारित नहीं है यही कारण है कि मंचों पर अपराधी दुराचारी दुष्कर्म बलात्कारी और पानी की तरह पैसा बहाने वाले जब सादा जीवन उच्च विचार और सदाचार का उपदेश देते हैं तो जनता को यही लगता है कि इनको जूता चप्पल निकाल कर मर जाए।

यही कारण है कि जौनपुर के 99% लोग 10 साल पहले के किसी भी प्रख्यात विभूति का नाम पूछने पर नहीं बता सकते हैं ‌ वास्तव में यदि देखा जाए तो राजनेता धर्म गुरु कथावाचक माफिया आवर्धन कुबेर एक दूसरे की मदद करते हुए उनका महिमा मंडल करके मान सम्मान प्राप्त करते हैं जिसके वह पात्र नहीं होते हैं इसलिए एक दूसरे के सहयोग से सभी फलते फूलते रहते हैं और विधान संविधान के समानांतर गुंडा माफिया नक्सलवाद का राज चलता रहता है।

इस देश में सबसे कठिन काम है सच को उजागर करना और सही बात करना क्योंकि ऐसा करने पर सबसे पहले आपके अपने लोग फिर बाहरी लोग फिर मठाधीश और राजनेता और धन कुबेर माफिया सभी क्रोधित हो जाते हैं और यही कारण है आपने देखा कि यदि पश्चिम के एपस्टीन फाइल्स  की तरह भारत में ऐसी कोई फाइल बनाई जाए तो 99% राजनेता धर्मगुरु कथा वाचक माफिया और धन कुबेर और बड़े-बड़े अधिकारी पश्चिम फाइल की जद में आएंगे लेकिन जो भी इसको खोलना है या तो मार दिया जाता है या ब्लैकमेल किया जाता है या फिर साम दाम दंड भेद से पटा लिया जाता है जैसे इस समय कई लोगों ने बड़े-बड़े नेताओं की पोल खोलने का प्रयास किया लेकिन प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने डर के कारण नहीं छापा क्योंकि यह इतने बड़े घड़ियाल के बारे में है जो सबको निगल जाएंगे

Friday, 3 April 2026

संपूर्ण देश के मौसम की विस्तृत भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

संपूर्ण देश के मौसम की विस्तृत भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 
3 अप्रैल से 9 अप्रैल तक‌ संपूर्ण भारत में मौसम तूफानी झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला बिजली ‌ और घनघोर गर्जन वाला रहेगा इस कालखंड में अधिकांश देश में गोदावादी से लेकर हल्की वर्षा होगी और कहीं कहीं ओलावृष्टि का भी खतरा बना हुआ है 

इस कालखंड में संपूर्ण देश में अधिकांश जगह 20 किलोमीटर से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने आंधी तूफान का खतरा बना हुआ है और कहीं धूल भरी आंधी तो कहीं हल्की वर्षा बूंदाबांदी के साथ आंधी तूफान आएगा और कहीं-कहीं बहुत प्रचंड बवंडर का रूप भी धारण करके आंधी की गति 70 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है 


जौनपुर और आसपास के जनपदों में इस आंधी तूफान का विशेष कर वर्ष का खतरा सबसे कम है लेकिन यहां भी गोदावरी से हल्की वर्षा इस कालखंड में होगी 

पूरे देश की वायु गुणवत्ता में आश्चर्यजनक रूप से कल्पना के पार सुधार हुआ है और कहीं-कहीं तो यह वायु गुणवत्ता सूचकांक शून्य से 30 तक पहुंच गई है जैसे कि तिरुअनंतपुरम कन्याकुमारी और आसपास के क्षेत्र में पूर्वोत्तर भारत में जौनपुर और मुंबई तथा अन्य भागों में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत ही अच्छी 30 से लेकर 60 के बीच बनी हुई है ऐसा बहुत लंबे समय बाद देखा गया है जबकि वर्ष कल में भी इन स्थानों की वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 से 100 के बीच रहता है 


रौद्र नमक नए वर्ष के आरंभ होने के कारण सूर्य मंडल पर प्रचंड विस्फोट और भयंकर सौर ज्वालाओं के कारण‌ लाखों किलोमीटर की लंबी विकिरण वाली सौर ज्वालाएं अंतरिक्ष में फैल रही हैं जिनकी गति हजारों किलोमीटर प्रति घंटा है इससे दुनिया भर में अनेक विक्षोभ बना रहे हैं और आंधी तूफान चक्रवात ज्वालामुखी विस्फोट के साथ-साथ अफगानिस्तान ईरान भारत दक्षिण पूर्वी एशिया जापान और अमेरिका के तटवर्ती भागों में चार से लेकर 8 सेक्टर पैमाने पर एक महीने तक भूकंप आने का खतरा बना रहेगा 

भारत में इस्कल खंड में अधिकतम तापमान 30 से लेकर 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 से लेकर 22 डिग्री सेल्सियस बना रहेगा 10 अप्रैल से भयंकर गर्मी पड़ेगी और उमस रहेगी इस समय हवा की दिशा भी पूरे भारत में लगातार परिवर्तित होती रहेगी मौसम के इस भयानक मोड लेने के कारण सबको हर जगह बहुत सावधान रहने की आवश्यकता है विशेष क्रांति के समय सुरक्षित रहें घर के अंदर रहे इस वर्ष तूफान और झंझावात का असर सबसे पहले पाकिस्तान उत्तर पश्चिम भारत इसके बाद मध्य और पूर्वी भारत और अंत में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में पड़ेगा

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशन एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ की देखरेख में जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार एवं सचिव सिविल जज सीनियर डिवीजन सुशील कुमार सिंह देखरेख में पराविधिक स्वयंसेवक प्रशिक्षण कार्यक्रम जनपद न्यायालय जौनपुर

प्रेस विज्ञप्ति 

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशन एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ की देखरेख में जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार एवं सचिव सिविल जज सीनियर डिवीजन सुशील कुमार सिंह  देखरेख में पराविधिक स्वयंसेवक प्रशिक्षण कार्यक्रम जनपद न्यायालय जौनपुर के सभागार आयोजित किया गया ‌ इस कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सभी न्यायाधीश गण सीजेएम श्वेता यादव सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर सुशील कुमार सिंह चीफ डिफेंस काउंसिल अनिल कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉ दिलीप कुमार सिंह ,

असिस्टेंट डिफेंस काउंसिल प्रकाश तिवारी और अनुराग चौधरी बाल विकास अधिकारी चंदन राय  सहायक श्रमायुक्त देवव्रत यादव काउंसलर देवेन्द्र यादव मध्यस्थ संजय कुमार उपाध्याय अधिवक्ता मध्यस्थ मनोज कुमार वर्मा प्राधिकरण के कर्मचारी गण और ‌ पैरेलीगल वॉलिंटियर्स उपस्थित रहे।
[4/3, 12:30 PM] Dileep Singh Rajput Jounpur: कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद सुशील कुमार के द्वारा देवी सरस्वती को माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन  और ‌  उद्बोधन के साथ हुआ ‌ मंचासीन जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि प्रधान न्यायाधीश अतिरिक्त जिला जज अनिल कुमार यादव और नोडल अधिकारी रंजीत कुमार का ‌ स्वागत अनिल कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह असिस्टेंट डिफेंस काउंसिल प्रकाश तिवारी और अनुराग चौधरी ‌ के द्वारा ‌ पौधा देकर किया गया
[4/3, 12:57 PM] Dileep Singh Rajput Jounpur: प्रशिक्षण के क्रम में ‌ कार्यक्रम कासंचालन करते हुए ‌ डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल के द्वारा ‌ पैरालेगल वॉलिंटियर्स की परिभाषा और उनके कार्य और अधिकारों के बारे में बताया गया ‌ काउंसलर देवेंद्र कुमार यादव के द्वारा ‌ जिला परिषद प्राधिकरण के बारे में बाल विकास अधिकारी चंदन राय के द्वारा सरकार के द्वारा दी गई योजनाओं के बारे में सहायक श्रमायुक्त  देवव्रत यादव के द्वारा श्रम संबंधित कानूनों के बारे में ‌ मध्यस्थ संजय कुमार उपाध्याय द्वारा‌ मध्यस्थता के बारे में ‌ असिस्टेंट लीगल एंड डिफेंस काउंसिल अनुराग चौधरी प्रकाश तिवारी ‌ प्रतिरक्षक के बारे में विजय ‌ शंकर श्रीवास्तव ‌ द्वारा स्थाई लोक अदालत के बारे में मनोज वर्मा द्वारा वैवाहिक कानून के बारे में और श्रीमती उर्वशी सिंह के द्वारा पैरा लीगल वॉलिंटियर्स के बारे में प्रशिक्षण दिया गया
[4/3, 4:53 PM] Dileep Singh Rajput Jounpur: कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण का समापन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर सुशील कुमार सिंह के द्वारा अधिकार मित्र पैरालीगल वॉलिंटियर्स के अधिकार और कर्तव्य के उद्बोधन के साथ हुआ

Thursday, 2 April 2026

धुएं में घुलता कल: स्योहारा ग्राम फैजुल्लापुर में बेखौफ ‘मौत के नशे मैं डूबा काला कारोबार’!

धुएं में घुलता कल: स्योहारा ग्राम फैजुल्लापुर में बेखौफ ‘मौत के नशे मैं डूबा काला कारोबार’!
                /स्योहारा। डॉ०उस्मान ज़ैदी)
स्योहारा से सटे ग्राम फैजुल्लापुर में इन दिनों एक ऐसा ‘धुआं’ उठ रहा है, जो सिर्फ हवा को नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को भी जहरीला बना रहा है। शान-ओ-शौकत और आधुनिकता के नाम पर चल रहे अवैध हुक्का बारों ने नई पीढ़ी को नशे की अंधेरी खाई की ओर धकेल दिया है। हैरत की बात यह है कि यह सब कुछ प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे खुलेआम संचालित हो रहा है, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
कूल बनने की चाह में खोता बचपन सूत्रों के अनुसार, ग्राम फैजुल्लापुर में दिन ढलते ही इन हुक्का बारों में महफिलें सजने लगती हैं। स्कूल-कॉलेज के छात्र ‘ट्रेंड’ और ‘स्टाइल’ के नाम पर यहां पहुंच रहे हैं। बताया जाता है कि हुक्के में केवल फ्लेवर ही नहीं, बल्कि संदिग्ध नशीले पदार्थों का मिश्रण भी परोसा जा रहा है, जो युवाओं के शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा हमला कर रहा है। कोडवर्ड में चलता है ‘काला खेल’यह अवैध कारोबार बेहद शातिराना ढंग से संचालित किया जा रहा है। बाहर से सामान्य दिखने वाली जगहों के अंदर आलीशान व्यवस्था और धुएं से भरे कमरे तैयार किए गए हैं। खास ग्राहकों के लिए ‘कोडवर्ड’ का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि किसी बाहरी व्यक्ति को इसकी भनक तक न लग सके।ग्रामवासियों का फूटा गुस्सा
गांव के लोगों का कहना है कि इस नशे के अड्डे ने पूरे माहौल को बिगाड़ दिया है।एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया:हमारे बच्चे पढ़ाई छोड़कर वहां घंटों बैठते हैं। अगर यह सब नहीं रुका, तो आने वाली पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी।”
ग्रामवासियों का साफ कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे लोगों का भरोसा प्रशासन से उठता जा रहा है।ग्राम प्रधान डॉ. मोहम्मद उमेर अंसारी का सख्त रुख ग्राम प्रधान डॉ. मोहम्मद उमेर अंसारी ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:“फैजुल्लापुर की धरती पर नशे का यह खेल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ी के साथ खिलवाड़ है। प्रशासन को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करनी चाहिए,उन्होंने आगे कहा कि गांव की गरिमा और युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। प्रशासन पर उठते बड़े सवाल प्रतिबंध के बावजूद यह अवैध हुक्का बार कैसे संचालित हो रहे हैं? क्या पुलिस को इसकी जानकारी नहीं, या फिर अनदेखी की जा रही है?
 युवाओं के स्वास्थ्य से हो रहे खिलवाड़ की जिम्मेदारी कौन लेगा? नशा: हर अपराध की जड़ है!विशेषज्ञों का मानना है कि नशा न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि अपराधों की जड़ भी बनता है। ऐसे में इस तरह के अड्डों का संचालन समाज के लिए गंभीर खतरा बन चुकहै/
            ---------- शेर:----------&
“धुआं उठता रहा और हम खामोश रहे,
कल राख में बदलेंगे, ये अंदेशा आज से है।”
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डॉ. ज़िया उर रहमान की गरिमामयी उपस्थिति में न्यू लाइट पब्लिक स्कूल का वार्षिक परिणाम घोषित, मेधावी छात्रों ने बिखेरी प्रतिभा की चमक!

डॉ. ज़िया उर रहमान की गरिमामयी उपस्थिति में न्यू लाइट पब्लिक स्कूल का वार्षिक परिणाम घोषित, मेधावी छात्रों ने बिखेरी प्रतिभा की चमक!
               स्योहारा/डॉ०उस्मान ज़ैदी)
क्षेत्र के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान न्यू लाइट पब्लिक स्कूल, अथाई शेख में वार्षिक परीक्षा परिणाम वितरण समारोह का आयोजन अत्यंत भव्य एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। समारोह में नन्हे-मुन्ने बच्चों से लेकर प्राथमिक वर्ग के विद्यार्थियों तक ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों का दिल जीत लिया।
विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा जब मेधावी छात्र-छात्राओं को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बच्चों के चेहरे पर सफलता की चमक साफ झलक रही थी।
 मेधावी छात्रों का शानदार प्रदर्शन,पूर्व-प्राथमिक वर्ग में अशरा रब्बानी ने पूरे विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वहीं हिफ़्ज़ा अज़ीम (98%) और अशरा रब्बानी (97%) ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर अपनी मेहनत का परचम लहराया।प्राथमिक वर्ग में हिफ्जां ने टॉप कर यह सिद्ध कर दिया कि लगन और मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। मुख्य अतिथि डॉ. ज़िया उर रहमान का प्रेरणादायक संबोधन कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे डॉ. ज़िया उर रहमान, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को चार चांद लगा दिए। अपने ओजस्वी और प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा—
"शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि यह जीवन को संवारने और समाज को दिशा देने का सबसे सशक्त माध्यम है।"उन्होंने बच्चों को मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का मंत्र देते हुए कहा कि आज के ये नन्हे सितारे ही कल देश का भविष्य हैं। उनकी वाणी ने बच्चों के भीतर नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।
पूर्व सैनिक मोहम्मद असलम का संदेश पूर्व सैनिक मोहम्मद असलम ने बच्चों को अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ देश सेवा की भावना भी हर छात्र के भीतर होनी चाहिए।
विद्यालय के प्रबंधक मोहम्मद जीशान ने अपने प्रभावशाली अंदाज में कहा—"हमारा उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है! जो समाज और देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभाएं।"
उन्होंने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को इस सफलता के लिए बधाई देते हुए विद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प दोहराया। प्रधानाचार्या सना रब्बानी ने अपने अनोखे और प्रभावशाली अंदाज में कहा—हर बच्चा अपने आप में एक अनमोल प्रतिभा है,जरूरत है! तो उसे सही दिशा और मंच देने की। हमारा विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।उन्होंने अभिभावकों के सहयोग और शिक्षकों की मेहनत को इस सफलता का आधार बताया।पूरा कार्यक्रम उत्साह, सम्मान और प्रेरणा का अद्भुत संगम रहा। मेधावी छात्रों के सम्मान के साथ-साथ यह आयोजन शिक्षा के महत्व और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत संदेश देने में सफल रहा।
न्यू लाइट पब्लिक स्कूल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि प्रतिभाओं को तराशने की एक सशक्त प्रयोगशाला है।
       ----------- शेर:-------  बॉक्स में)
डॉ. ज़िया उर रहमान की बातों में था वो असर,
हर दिल में जगा दिया उन्होंने कामयाबी का सफर।
मेहनत की लौ से जगमगाया हर एक नाम,
न्यू लाइट के बच्चों ने रोशन किया मुकाम।
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Tuesday, 31 March 2026

मौसम की भविष्यवाणी

मौसम की भविष्यवाणी
 
हमारे अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र के द्वारा पहले ही विस्तार से बताया जा चुका है कि पश्चिमी विक्षोभ और तीव्रता से बढ़ी हुई अचानक गर्मी से जौनपुर प्रयागराज वाराणसी दीनदयाल नगर सैदपुर गाजीपुर अयोध्या अंबेडकर नगर प्रतापगढ़ सुल्तानपुर मिर्जापुर भदोही रावर्टसगंज शाहगंज कादीपुर और आसपास के सभी स्थानों पर आज से लेकर 1 सप्ताह तक मौसम बहुत तेज हवा वाला आंधी तूफान वाला रहेगा और आज सुबह बहुत तेज हवाओं के बाद ‌ ‌ घने काले बादलों के साथ कई स्थानों पर बूंदाबांदी हल्की वर्षा और कुछ स्थानों पर सामान्य वर्ष सभी होगी इसके बाद मौसम साफ हो जाएगा ।

38 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ मौसम बहुत गर्म रहेगा न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहेगा सुबह बहुत घने काले बादल के बाद दिन में हल्के बादल रह जाएंगे ।

कल और आने वाले दिनों में भी बहुत तेज हवाओं से लेकर आंधी तूफान का मौसम कायम रहेगा  ‌ बेसन गर्मी के विचार अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहेगा।कहीं कहीं बूंदाबादी और हल्की वर्षा भी होगी ‌ इसी बीच बाय गुणवत्ता सूचकांक 100 के आसपास बना रहेगा पराबैंगनी किरणों की तीव्रता न9 से 10 के बीच बहुत ही घातक रहेगी हवा की दिशा उत्तर पश्चिमी पश्चिमी रहेगी और गति 15 से 30 किलोमीटर या उससे भी तेज होगी ‌। सापेक्षिक आर्द्रता 20% से 50% के बीच रहेगी

जितनी भी जल्दी हो सके खेती किसानी का काम संपन्न करें क्योंकि मौसम इसी प्रकार परिवर्तनशील रहेगा मौसम के परिवर्तन और उतार-चढ़ाव के कारण अनेक रोग बीमारियों का राज्य फैलेगा ‌ मच्छर और मक्खियों की भरमार हो जाएगी और बहुत ही सावधान रहने की आवश्यकता है -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर

भारत अजब देश है जहां कभी नाली से चाय बनती है तो कभी सूखी पत्तियों और कूड़े कचरे से बिजली उत्पन्न होती है तो कभी पेशाब और टट्टी से ऐसा करने का दावा किया जाता है कभी पानी से गाड़ियां चलने का दवा होता है लेकिन सच में कुछ नहीं होता अभी जल्दी ही दैनिक जागरण में पाइप के साथ नाली में गैस का चूल्हा जोड़कर चाय बनाते हुए दिखाया गया था

: भारत अजब देश है जहां कभी नाली से चाय बनती है तो कभी सूखी पत्तियों और कूड़े कचरे से बिजली उत्पन्न होती है तो कभी पेशाब और टट्टी से ऐसा करने का दावा किया जाता है कभी पानी से गाड़ियां चलने का दवा होता है लेकिन सच में कुछ नहीं होता अभी जल्दी ही दैनिक जागरण में पाइप के साथ नाली में गैस का चूल्हा जोड़कर चाय बनाते हुए दिखाया गया था 

कुल मिलाकर जनता और राजनेता दोनों ही भारत में अधिकतर विश्वास घाती और धोखेबाज प्रकृति के हैं इसलिए देश भाषणों में और कागजों पर तो खूब उन्नति कर रहा है लेकिन वास्तव में कहीं कोई उन्नति नहीं है जो जिस दल या पार्टी या विचारधारा से जुड़ा है आंख मुड़कर उसी को भगवान बना देता है और बाद में सबका हाल राम रहीम और अशोक खैरात जैसा होता है 

इस देश में ऐसा ही होता रहा और आगे भी ऐसा ही होगा नहीं तो सैकड़ो या हजारों की संख्या में आकर लोग इतने बड़े विराट देश पर राज नहीं करते विदेशी भाषा और विदेशी सभ्यता संस्कृति से जितना प्रेम भारत के लोगों को है उतना दुनिया क्या अनंत ब्रह्मांड में किसी को नहीं होगा 

हमको निस गौरव तथा इस देश का अभिमान है हम न नहीं है पशु नीरा है और मृतक समान है 

इसका फायदा राजनेता उठाकर जनता को लड़ा देते हैं धर्म और जाति के नाम पर स्त्री और पुरुष के नाम पर उच्च और नीचे के नाम पर हिंदू मुस्लिम और इसी के नाम पर और बारी-बारी से मिली मर नूरा कुश्ती करते हुए राज पाठ चलाते रहते हैं गाल गुलाबी नैन शराबी होकर अपनी कम से कम 10 पीढ़ियां तो सुधर ही लेते हैं -

अंत में अपने परिवार का मान सम्मान इज्जत बचाने के लिए राजनेता और जनता दोनों राम रही एम आसाराम बापू फादर वृषभ मुला मौली मौलाना अशोक खैरात जैसों पर सारा दोस्त डाल देते हैं और रूपाली जैसे लोग आराम से फिर से अपना काम शुरू कर देते हैं यही एक पक्षी कानून है जहां कभी महिला तो कभी पुरुष पीड़ित होता है और उसकी सुनने वाला कोई नहीं होता क्योंकि यहां पर लोग सच का साथ नहीं देते बस मजे से चटकारे लेकर ऐसे खुश होते हैं मानो उनका स्वर्ग और बैकुंठ हो मिल गया हो
भारत में यदि रहना है चींटी हाथी उठा के ले गई तब भी हां हां कहना है

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर के तत्वा वधान में संसाधन व्यक्ति का प्रभावी उपयोग के बारे में सेमिनार संपन्न

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर के तत्वा वधान में संसाधन व्यक्ति का प्रभावी उपयोग के बारे में सेमिनार संपन्न 

आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वधान में ‌ जनप‌द न्यायाधीश ‌ अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर सुशील कुमार शशि के नेतृत्व और निर्देशन में ‌ एवं सचिव सिविल जा सीनियर डिवीजन सुशील कुमार सिंह की अध्यक्षता में**संसाधन व्यक्ति का प्रभावी उपयोग** विषय पर एक सेमिनार एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम जनपद न्यायालय के ‌ सभा कक्ष में आयोजित किया गया ‌ इस कार्यक्रम में सुशील कुमार सिंह सचिव सिविल सीनियर डिवीजन डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल जिला प्रोफेशन अधिकारी विजय कुमार पांडे पुलिस क्षेत्राधिकार देवेंद्र कुमार सिंह जिला विद्यालय निरीक्षक गोरखनाथ पटेल ‌ सह परिवीक्षा अधिकारी ‌ मुरलीधर गिरी बाल विकास अधिकारी चंदन राय चीफ डिफेंस काउंसिल ‌ अनिल कुमार सिंह असिस्टेंट डिफेंस काउंसिल प्रकाश तिवारी एवं अनुराग चौधरी एवं बाल कल्याण समिति के सदस्य गण विनय कुमार सिंह उमाशंकर सिंह ‌ माधुरी गुप्ता ‌ प्राधिकरण के सुनील कुमार मौर्य राकेश कुमार यादव राजेश कुमार यादव अरविंद चौबे बृजेश कुमार सुनील कनौजिया सुनील गौतम ‌ रिसोर्स पर्सन विनय कुमार तिवारी ‌ उर्वशी सिंह ‌ मनोज कुमार सिंह ‌ चांदनी प्रियांशु सिंहपीएलबी सुभाष यादव शिव शंकर सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर सुशील कुमार सिंह ने बताया कि पाक्सो ‌ अधिनियम एक बहुत ही संवेदनशील और महत्वपूर्ण अधिनियम है जिसमें पीड़ित ‌ किशोर भाई के लड़कियों और लड़कों को हर प्रकार की विधि चिकित्सकीय भावनात्मक मनोवैज्ञानिक एवं अन्य सहायता देने के लिए ‌ एन जी ओ  ‌ और समाज सेवा के क्षेत्र में विधि के जानकार लोगों की 13 सदस्यों की एक टीम बनाई गई है जो इन पीड़ित प्रताड़ित लोगों की प्रभावी पैरवी और सहायता के लिए काम कर रहे हैं इसको और भी प्रभावी ढंग से कार्य करने और उसके अनुसार प्रशिक्षित करने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा इसे और प्रभावी बनाए जाने वाले उपायों का भी विस्तार से वर्णन किया।

इसी क्रम में पुलिस क्षेत्राधिकार देवेंद्र कुमार सिंह जिला विद्यालय निरीक्षक गोरखनाथ पटेल जिला प्रवेश अधिकारी विजय कुमार पांडे सहायक परीक्षा अधिकारी मुरलीधर गिरी बाल विकास अधिकारी चंदन राय बाल विकास समिति के सदस्य डॉक्टर उमाशंकर सिंह एवं प्राधिकरण के अनुराग चौधरी तथा रिसोर्स पर्सन विनय कुमार तिवारी एवं उर्वशी सिंह ‌ सहित अन्य विद्वान वक्ताओं ने भी इस कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने में अपने बहुमूल्य विचार व्यक्त किया और सभी तंत्रों को समन्वित रूप से इसमें योगदान देने की बात कही गई ‌ और इस पर और भी प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया गया  ‌ इसके अतिरिक्त 500 अधिनियम 2012 और 2020 की विस्तृत व्याख्या करते हुए इसके विभिन्न बिंदुओं को विस्तार से रेखांकित किया गया जो 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चे और बच्चियों पर लागू होता है।

इस कार्यक्रम का सफल और उत्तम संचालन करते हुए डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह के द्वारा बताया गया कि रिसोर्स पर्सन की नियुक्ति होने से अब पैक्सो अधिनियम के पीड़ित प्रताड़ित लोगों को बहुत सहायता मिल रही है इस अधिनियम को ऐसे भी बहुत कठोर बनाया गया है जिसमें 3 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास और 12 वर्ष से कम आयोग के बच्चों का शोषण करने पर फांसी की सजा का भी प्रावधान है ‌ इस तरह के प्रशिक्षण के कार्यक्रम बार-बार होने अति आवश्यक है ‌ इससे पहले तौर पर आधारित बच्चे निडर होकर अपनी बात न्यायालय के सामने कह सकेंगे