गैस सिलेंडरों की भयानक कालाबाजारी का डरावना सच
बिना प्रमाण के कुछ भी कहना और लिखना नहीं चाहिए विशेष करके तब जब सरकारी तंत्र के विरुद्ध लिखना हो आज हम एक ऐसी ज्वलंत समस्या की सच्चाई लिख रहे हैं जिससे सारा देश विशेष कर 95 परीक्षित जनता जूझ रही हैं
जब से खाड़ी युद्ध छिड़ है तब से आप लोग बराबर मोदी जी सभी मुख्यमंत्री जिम्मेदार तंत्र सांसद विधायक मंत्रियों और सुजाता शर्मा सचिव को सुन रहे हैं कि देश में गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है सब कुछ सामान्य है कुछ विरोधी तत्व और विपक्षी दल इसका झूठ उसे प्रचार कर रहे हैं।
उनका यह भी कहना था कि प्रिंट इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया में जो गैस एजेंसी पर लंबी लाइन गैस न मिलने की समस्या और डिलीवरी तीन दिन में न मिलने की शिकायत है सब झूठी है और प्रायोजित है इसलिए मैंने समय की प्रतीक्षा किया और तब तक प्रतीक्षा किया जब तक अपना खुद का गैस सिलेंडर बुकिंग नहीं कराया
आज जबकि कल ही ईरान ने अमेरिका के पैरों पर झुक कर समर्पण कर दिया है और हॉरमुज का जल डमरू मध्य खोल दिया है तब तो स्थितियां सामान्य होनी चाहिए थी लेकिन कहानी उल्टी है अब आप खुद ही देख लीजिए।
आप बुकिंग रसीद देख लीजिए 5 दिन पहले की है सरकार के दिशा निर्देशों के अनुक्रम में और जिलापुर के अधिकारी और जिलाधिकारी जौनपुर के आश्वासन के क्रम में मैंने तीन दिन प्रतीक्षा किया चौथे दिन भी प्रतीक्षा किया लेकिन बुकिंग होने के बाद भी गैस सिलेंडर नहीं आया
इसके बाद मैं गैस देने वाले नौकर से बात किया तो उसने कहा साहब मैं अभी गैस गोदाम से लौटा हूं एक भी सिलेंडर ना आया है ना गैस गोदाम में है इसके बाद मैं एजेंसी के मालिक से बात किया उन्होंने भी यही बात दोहराई
अब आप ही बताओ कि ऐसी स्थिति में जनता चोरी बेईमानी कालाबाजारी ना करे तो क्या करें अगर आपातकाल के लिए सिलेंडर का भंडारण न करे तो क्या करें उन लोगों की हालत सोचो जिनके एक ही सिलेंडर होगा और गैस खत्म होने के बाद 5 दिन वह कैसे भोजन पानी कर रहे होंगे।
देश के पांच प्रेषक तंत्र जिसमें अधिकारी सरकारी कर्मचारी सांसद विधायक मंत्री प्रधानमंत्री राष्ट्रपति बड़े-बड़े लोग माफिया और धन कुबेर और विपक्षी दलों के सांसद विधायक जिला स्तर के राजनेता हैं उनको तो कभी कोई कमी नहीं होगी क्योंकि उनके पास भी ना कहे ही एक फोन पर सिलेंडर यही एजेंसी के मालिक लोग पहुंचा देंगे लेकिन सामान्य जनता का क्या
आप आए दिन रोज इन सभी उत्तरदाई तंत्र सरकार उसके मंत्री सांसद विधायक जिला स्तर के नेता जिला अधिकारी जिला पूर्ति अधिकारी को सुनते होंगे कि देश में सब कुछ सामान है कहीं भी गैस सिलेंडर की कमी नहीं है और 90 लाख सिलेंडर की रोज बुकिंग हो रही है तो आखिर वह जा कहां रही है यही यक्ष प्रश्न है
जब खाड़ी युद्ध प्रारंभ नहीं हुआ था तो 24 घंटे में सिलेंडर स्वयं एजेंसी के नौकर पहुंचा देते थे बल्कि पूछते थे कि सिलेंडर चाहिए तो बता दो तो क्या सामान्य जनता की यह शिकायत सही है कि गैस सिलेंडर हर जगह उपलब्ध है लेकिन ₹100 से ₹1000 अलग से देने पर कालाबाजारी में चाहे जितने सिलेंडर ले लो इसी का लाभ उठा कर होटल और रेस्टोरेंट वाले बड़े-बड़े लोग और अन्य लोग गैस सिलेंडरों का भंडारण कर रहे हैं आज तक एक भी होटल या रेस्टोरेंट बंद नहीं हुआ
अब ऐसे में भारत की क्या दशा और दिशा होगी यह तो जिम्मेदार सरकार और तंत्र एवं उनके चापलूस चाटुकार दलाल चमचे मक्खनबाज और 420 लोग ही जाने जो मॉल मलाई से भरपूर मक्खन रसमलाई मोहन भोग बैकुंठ भोग शिलाजीत वियाग्रा और लिपिडेक्स जैसी चीज दिखाकर गाल गुलाबी नैन शराबी होकर अशोक खरात जैसे कामों का अंजाम दे रहे हैं
सरकार को शायद धरातल की सच्चाई मालूम नहीं है कि यदि आज चुनाव हो जाए तो भाजपा 100 सीट भी नहीं पहुंच पाएगी जिसका प्रमाण पांच राज्यों में हो रहे चुनाव का है यदि असम में किसी तरह भाजपा की सरकार वह भी हेमंत विश्व शर्मा के नाते बन जाए तो बहुत बड़ी बात है मोदी जी को कोई चिंता नहीं है उन्होंने तो भरपूर राजभोग बुढ़ापे में कर ही लिया है और फकीर की तरह झोला उठाकर चल देंगे विधर्मी शैतानों का भरपूर विकास हो गया और देश की सारी सुविधाओं का 60% वही लोग मजा ले रहे हैं
ऐसे सभी लोग जिनके अंदर मानवता बची हुई है और जो सच्चाई पसंद करते हैं अपना विचार इस पोस्ट पर अवश्य लिखेंगे और शायद सरकार और उसके तंत्र का डर है कि कोई व्यक्ति सामने नहीं आता है आने वाला नेस्तनाबूद हो जाता है प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया की भी एक सीमा है वह क्या कर सकते हैं सरकार से कोई लड़ नहीं सकता
इसीलिए कहा गया है कि इस घर को आग लग गई घर के चिराग से -डॉ दिलीप कुमार सिंह
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