Wednesday, 31 December 2025

मौसम की भविष्यवाणी पूरी तरह से सही हुई।‌ 15 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक घनघोर ठंड शीतलहर जारी रहेगीतीन चार दिनों तक बादल और घनघोर ठंड का मौसम रहेगा जौनपुर और आसपास ‌ हवा की दिशा बदलकर उत्तरी उत्तरी पश्चिमी हो जाएगी

मौसम की भविष्यवाणी पूरी तरह से सही हुई।

‌ 15 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक घनघोर ठंड शीतलहर जारी रहेगीतीन चार दिनों तक बादल और घनघोर ठंड का मौसम रहेगा जौनपुर और आसपास ‌ हवा की दिशा बदलकर उत्तरी उत्तरी पश्चिमी हो जाएगी
जौनपुर और आसपास आज का अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के साथ घनघोर ठंडा होगा न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस होने से ठंड और भी बढ़ जाएगी घना कोहरा हल्का बदरी घनी   होगा। हल्की-फुल्की धूप हो सकती है वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत ही खराब 325 हवा की दिशा उत्तरी पूर्वी और गति 7 से 11 किलोमीटर प्रति घंटा होगी ।‌ धूप होने की संभावना बहुत कम है हाहाकार मचने वाली ठंड जारी रहेगी

कल के बारे में अनुमान है कि अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियसरहेगा ‌ बाकी मौसम की दशाएं आज जैसी ही रहेंगे   ‌ घनघोर  ठंड और बदरी का मौसम जौनपुर सहित पूरे भारत में तीन-चार दिनों तक रहेगा।

अभी जौनपुर पूर्वांचल जौनपुर के आसपास उत्तर भारत मध्य भारत पश्चिमोत्तर भारत उड़ीसा और पूर्वोत्तर भारत तथा हिमालय क्षेत्र में मौसम में परिवर्तन की 5 जनवरी तक कोई भी आशा नहीं है भीषण ठंड से लोगों का हाल में हाल हो जाएगा 5 जनवरी के बाद मौसम थोड़ा सा सुधर जाएगा लेकिन यह मौसम मकर संक्रांति अर्थात 14 जनवरी तक इसी प्रकार चलता रहेगा 

दिसंबर भर घनघोर ठंड पड़ने की और एक बूंद वर्षा नहीं होने की हमारे केंद्र की भविष्यवाणी बिल्कुल सही हुई और हमेशा 48 वर्षों से यह भविष्यवाणी ज्ञान विज्ञान कला संस्कृति अनंत अंतरिक्ष पर अगर ही एलियन खेल राजनीति एवं मौसम के बारे में 99% की दर से बिल्कुल सही उतरती रही है जो घनघोर अध्ययन और ईश्वर की कृपा का परिणाम है 

जनवरी और फरवरी महीना में मौसम में भीषण ठंड कायम रहेगी यह पहले भी बताया गया था कि इस वर्ष भयंकर ठंड कीर्तिमान तोड़ने वाली होगी और घनघोर कोहरा हाल बेहाल कर देगा और 15 दिसंबर से 5 जनवरी तक हल्की धूप के अलावा और कुछ नहीं होगा और बिल्कुल वही सत्य हुआ। जनवरी और फरवरी में कई बार झंझावात के साथ वर्षा होगी 
‌‌ इस समय दक्षिण भारत में मौसम सुहाना धूप युक्त रहेगा और कोहरा भी नहीं रहेगा उड़ीसा से महाराष्ट्र तक राजस्थान से जम्मू कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश त्रिपुरा तक 85% भारत ठंड शीत लहर और कोर से कांपता रहेगा। नेहा भविष्यवाणी हमारे केंद्र द्वारा कई कई बार की गई थी और अंतिम बार 1 दिसंबर को लिखकर सबको सावधान किया गया था जो दर्जनों पत्र पत्रिकाओं और चैनलों ने छापा भी था


बाकी जो लोग इंटरनेट और उसके आधार पर भविष्यवाणी करने वाले लोगों के ऊपर निर्भर हैं उनकी गति भगवान ही जाने डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर

नए साल का स्वागत करती हॉकी बालिकाएं* *हॉकी बालिकाओं ने प्रण लिया के हम वैश्व स्तर पर स्वर्ण पदक लाएंगे*

*नए साल का स्वागत करती हॉकी बालिकाएं* 
*हॉकी बालिकाओं ने प्रण लिया के हम वैश्व स्तर पर स्वर्ण पदक लाएंगे*
शहीद ए आज़म स्पोर्ट्स स्टेडियम रामपुर में बड़ी संख्या में बालिकाएं एकत्र हो कर पटाखे, केक और फूल उड़ा कर हैप्पी न्यूईयर बोलकर  खुशियां मनाई।इस अवसर पर कोच फरहत अली खान ने कहा की गुजरा हुआ साल कुछ ऐसी खुशी और गम में व्यतीत हुआ।
आने वाले साल में बालिकाओं और सभी युवाओं से अपील की जंक फूड ज़हर के रूप में परोसा जा रहा है इस से दूर रहने की ज़रूरत।
खिलाड़ी और युवा नशे से दूर रहें। अच्छा और युवा स्वस्थ स्वच्छ और शिक्षित राष्ट्र निर्माता बने।उन्होंने यक़ीन दिलाया की देश के लिए रामपुर से खिलाड़ी दिए जाएंगे। प्रयास जारी है।जिसका जीता जगता उदहारण ग्यारह साल की मशीयत फातिमा हैं। जो दो  से सात जनवरी तक ग्वालियर मध्यप्रदेश में आयोजित स्कूल नेशनल में यूपी टीम से प्रतिभाग करेंगी।
नए साल के जश्न में भाजपा महिला मोर्चा रामपुर उपाध्यक्ष मारिया फरहत आरिफ खान, कशिश, रविश, रोशनी, आंचल शीतल गुंजन माही आदि उपस्थित रहे।

Monday, 29 December 2025

मौसम की भविष्यवाणी ‌‌ ‌ 15 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक गणगौर ठंड शीतलहर जारी रहेगीतीन चार दिनों तक बादल और घनघोर ठंड का मौसम रहेगा जौनपुर और आसपास ‌ हवा की दिशा बदलकर उत्तरी उत्तरी पश्चिमी हो जाएगी

मौसम की भविष्यवाणी ‌‌ 

‌ 15 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक गणगौर ठंड शीतलहर जारी रहेगीतीन चार दिनों तक बादल और घनघोर ठंड का मौसम रहेगा जौनपुर और आसपास ‌ हवा की दिशा बदलकर उत्तरी उत्तरी पश्चिमी हो जाएगी
जौनपुर और आसपास आज का अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के साथ घनघोर ठंडा होगा न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस होने से ठंड और भी बढ़ जाएगी कोहरा हल्का बदरी घनी   होगा हल्की-फुल्की धूप हो सकती है वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत ही खराब 325 हवा की दिशा उत्तरी पश्चिमी और गति 7 से 11 किलोमीटर प्रति घंटा हो गया 

कल के बारे में अनुमान है कि अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियसरहेगा ‌ बाकी मौसम की दशाएं आज जैसी ही रहेंगे   ‌ गणगौर ठंड और बदरी का मौसम जौनपुर सहित पूरे भारत में तीन-चार दिनों तक रहेगा

अभी जौनपुर पूर्वांचल जौनपुर के आसपास उत्तर भारत मध्य भारत पश्चिमोत्तर भारत उड़ीसा और पूर्वोत्तर भारत तथा हिमालय क्षेत्र में मौसम में परिवर्तन की 5 जनवरी तक कोई भी आशा नहीं है भीषण ठंड से लोगों का हाल में हाल हो जाएगा 5 जनवरी के बाद मौसम थोड़ा सा सुधर जाएगा लेकिन यह मौसम मकर संक्रांति अर्थात 14 जनवरी तक इसी प्रकार चलता रहेगा 

दिसंबर भर घनघोर ठंड पड़ने की और एक बूंद वर्षा नहीं होने की हमारे केंद्र की भविष्यवाणी बिल्कुल सही हुई और हमेशा 48 वर्षों से यह भविष्यवाणी ज्ञान विज्ञान कला संस्कृति अनंत अंतरिक्ष पर अगर ही एलियन खेल राजनीति एवं मौसम के बारे में 99% की दर से बिल्कुल सही उतरती रही है जो घनघोर अध्ययन और ईश्वर की कृपा का परिणाम है 

जनवरी और फरवरी महीना में मौसम में भीषण ठंड कायम रहेगी यह पहले भी बताया गया था कि इस वर्ष भयंकर ठंड कीर्तिमान तोड़ने वाली होगी और घनघोर कोहरा हाल बेहाल कर देगा और 15 दिसंबर से 5 जनवरी तक हल्की धूप के अलावा और कुछ नहीं होगा और बिल्कुल वही सत्य हुआ। जनवरी और फरवरी में कई बार झंझावात के साथ वर्षा होगी 

बाकी जो लोग इंटरनेट और उसके आधार पर भविष्यवाणी करने वाले लोगों के ऊपर निर्भर हैं उनकी गति भगवान ही जाने डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

Saturday, 27 December 2025

हमारी अदालतें और अल्पसंख्यक: यह धुआँ कहाँ से उठ रहा है?*

*हमारी अदालतें और अल्पसंख्यक: यह धुआँ कहाँ से उठ रहा है?* 

इस बात पर बहस कि क्या अदालतें सच में आज़ाद हैं या सरकार के दबाव में काम करती हैं और क्या उनके फैसले न्याय की मांगों को पूरा करते हैं, कोई नई बात नहीं है। इतिहास में यह सवाल बार-बार उठता रहा है। यह एक सच्चाई है कि अदालतें दबे-कुचले लोगों के लिए आखिरी सहारा बनी हुई हैं। फिर भी, हाल के दिनों में जिस तेज़ी से इस विषय पर मीडिया में चर्चा हो रही है, खासकर अल्पसंख्यकों और उनके अधिकारों को केंद्र में रखकर, उसकी मिसालें पहले कम ही मिलती हैं।

इस हफ़्ते, राजनीति की आग पर पहले से ही उबल रहा बर्तन अचानक तब खौल उठा जब जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मौलाना अरशद मदनी और मौलाना महमूद मदनी ने एक के बाद एक, सरकारी नीतियों और सरकारी एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाए और ऐसा करते हुए अदालतों को भी इस झगड़े में घसीट लिया। इसके बाद जो हंगामा हुआ, वह कान बहरे कर देने वाला है; कोई मुश्किल से अपनी आवाज़ सुन पा रहा है, और हर समझदार इंसान सोच रहा है:

क्या यह दिल से उठ रहा है या आत्मा से?

यह धुआँ कहाँ से उठ रहा है?

इन सज्जनों ने असल में क्या कहा, उनके शब्दों को कैसे समझा गया, और क्या उनके सवाल सही समय पर थे या गलत समय पर, इन सब बातों को एक तरफ रखकर, जो बात मायने रखती है, वह यह है: ऐसी बहस से किसे फायदा होता है? इसके क्या नतीजे होंगे? यह नासमझ दिमागों पर क्या असर डालेगा? और अगर संवैधानिक संस्थाओं, खासकर न्यायपालिका पर लोगों का भरोसा कमज़ोर होता है, तो आगे क्या होगा?

क्या इस पूरे मामले को सस्ती लोकप्रियता, पल भर के फायदे, या कारोबारी फायदे की तलाश मानकर खारिज कर देना चाहिए? या यह कोई बहुत गंभीर मामला है?

अगर इसमें शामिल दोनों लोग आम नेता होते, तो स्थिति अलग होती। लेकिन वे बड़ी संख्या में भारतीय मुसलमानों के पूजनीय आध्यात्मिक गुरु हैं। उनके अनुयायी बिना किसी झिझक के उनकी बातों पर विश्वास करते हैं। मौलाना अरशद मदनी दारुल उलूम देवबंद में सबसे वरिष्ठ शिक्षक हैं, जहाँ उन्होंने दशकों तक हदीस पढ़ाई है, और हर साल हजारों ग्रेजुएट को भारत और विदेशों की मस्जिदों और मदरसों में भेजते हैं। मौलाना महमूद मदनी, हालांकि मदरसे के शिक्षक नहीं हैं, लेकिन उनका भी उतना ही प्रभावशाली आध्यात्मिक दर्जा है। दोनों शेख-उल-इस्लाम मौलाना हुसैन अहमद मदनी के बेटे और पोते हैं।

यह बात स्थिति को और भी गंभीर बना देती है। दुर्भाग्य से, दोनों एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी भी हैं, दोनों जमीयत की लीडरशिप का दावा करते हैं, और दोनों एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहे हैं।  इसलिए, उनके हाल के बयानों को इस कॉम्पिटिशन के नज़रिए से देखना कोई अजीब बात नहीं है। फिर भी, एक और पहलू है जिस पर विचार करना ज़रूरी है।  जब मीडिया नासमझी वाली बहसों और नफ़रत फैलाने वाली बातों से भरा हो, तो एक मुसलमान को कैसा व्यवहार करना चाहिए? ये दोनों लोग विद्वान हैं और उन्हें किसी सलाह की ज़रूरत नहीं है; उन्हें सलाह देना सूरज को दीपक दिखाने जैसा होगा। लेकिन इस हंगामे में शामिल दूसरे लोगों को संबोधित करना ज़रूरी है: भाइयों! अल्लाह के वास्ते, ज़िद को देश और समुदाय के हितों के खिलाफ हथियार न बनने दें।

कुरान कहता है: "रहमान के बंदे वे हैं जो ज़मीन पर विनम्रता से चलते हैं, और जब नासमझ लोग उनसे बात करते हैं, तो वे जवाब देते हैं, 'सलाम।" (अल-फुरकान 63)

मतलब: वे गरिमा के साथ अलग हो जाते हैं। यह सच्चे मोमिनों की पहचान है। एक समय था जब यह हमारी पहचान इतनी मज़बूती से थी कि आम तौर पर कहा जाता था: "अगर वह मुसलमान है, तो वह सच्चा और भरोसेमंद होगा"। यहाँ तक कि एक साधारण गाँव के मौलवी की बात भी गंभीरता से सुनी जाती थी। लेकिन आज हमारी हालत ऐसी है कि नेक लोगों की आवाज़ की कोई परवाह नहीं करता। हमें ईमानदारी से सोचना चाहिए कि हमें इस मुकाम तक कौन लाया।

नासमझी वाली बहसों में हिस्सा लेना, मूर्खों को शब्दों को तोड़ने-मरोड़ने का मौका देना, चिल्लाने वाली लड़ाइयों में शामिल होना, या ऐसे बयान देना जो उनके एजेंडे को हवा दें या समाज में कड़वाहट बढ़ाएँ, भले ही सच बोल रहे हों, इस्लाम में इसकी इजाज़त नहीं है।

दूसरी जगह कुरान कहता है: "जब वे बेकार की बातें सुनते हैं, तो वे मुँह मोड़ लेते हैं और कहते हैं: 'हमारे कर्म हमारे लिए हैं और तुम्हारे तुम्हारे लिए। तुम पर सलाम हो; हम नासमझों की संगति नहीं चाहते।" (अल-क़सस 55)

इस्लाम हमें बार-बार बेकार की बहसों से बचने का हुक्म देता है। जब कोई बातचीत कहीं नहीं पहुँचती, तो गरिमापूर्ण चुप्पी पैगंबर की सुन्नत है। इस्लाम सच्चाई की बात करता है लेकिन नरमी के साथ। समझदारी से दी गई सलाह दिल में जगह बनाती है। शोरगुल वाले सोशल मीडिया, राजनीतिक बयानबाजी, धार्मिक बँटवारे और रोज़मर्रा के झगड़ों के इस दौर में, इसकी ज़रूरत पहले से कहीं ज़्यादा है। जब बातचीत दुश्मनी बन जाती है, तो सार्वजनिक शांति, सामूहिक प्रगति और आपसी सद्भाव खत्म हो जाते हैं। अल्लाह के वास्ते, हम इस गिरावट में योगदान न दें।

एक लोकतांत्रिक देश में, संवैधानिक संस्थाओं पर जनता का भरोसा ही उसकी जान होता है। ऐसी बहसों में हिस्सा लेना जो इस भरोसे को चोट पहुँचाती हैं, न तो देश के लिए फायदेमंद है, न समुदाय के लिए, और न ही पूरे समाज के लिए।  बिना सोचे-समझे की गई टिप्पणियाँ जैसे "मुसलमान लंदन और न्यूयॉर्क में मेयर बन सकते हैं, लेकिन भारत में वे यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर भी नहीं बन सकते," या "अगर सुप्रीम कोर्ट न्याय नहीं देता, तो वह सुप्रीम नहीं रहता," भले ही भावनात्मक हों, लेकिन वे बहुत निराशाजनक हैं। इससे भी बुरा यह है कि इन बातों को बार-बार चिल्लाकर कहा जाए, उनका बचाव किया जाए, उन्हें सार्वजनिक तमाशा बनाया जाए, और उनके ज़रिए सांप्रदायिक नफ़रत फैलाई जाए। उन्हें। ऐसी बहसों में हिस्सा लेने वालों को याद रखना चाहिए कि इस्लाम की पहली प्राथमिकता शांति है और ऐसा शोर-शराबा इसे गहरी चोट पहुँचाता है।

जहाँ तक न्यायपालिका की बात है, उसका कर्तव्य संविधान की रक्षा करना और बाहरी दबाव से मुक्त होकर कानून के शासन को बनाए रखना है। हालाँकि, न्यायिक प्रणाली में जनता का विश्वास भी उतना ही ज़रूरी है। फैसले स्वाभाविक रूप से एक पक्ष को नाखुश करते हैं। उन्हें निराशा व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन अदालतों को निशाना बनाना या उनमें जनता का विश्वास कमज़ोर करना अस्वीकार्य है। पार्टियाँ अदालत में सबूत पेश करती हैं, फिर भी अक्सर जज को समझाने में नाकाम रहती हैं, भले ही उनका दावा सच हो। अदालत एक मशीन की तरह है: अगर आप उसमें भूसा डालेंगे, तो वह भूसा ही बाहर निकालेगी; फिर भी इससे मशीन पर विश्वास कम नहीं होता। इसी तरह, किसी दावे को खारिज करने का मतलब यह नहीं है कि दावा करने वाला गलत है।

एक मशहूर इस्लामी घटना इसे समझाती है। हज़रत अली की तलवार चोरी हो गई और एक यहूदी के पास मिली। हज़रत अली ने शिकायत दर्ज कराई; जज ने गवाही मांगी। उन्होंने अपने बेटे हसन को गवाह के तौर पर पेश किया। जज ने यह कहते हुए दावा खारिज कर दिया कि पिता के पक्ष में बेटे की गवाही मान्य नहीं है। हज़रत अली ने बिना किसी हिचकिचाहट के फैसले को स्वीकार कर लिया। मुसलमानों और इस्लामी विद्वानों से बेहतर कौन समझता है कि न्याय की प्रणाली अदालतों की पवित्रता पर टिकी है? अगर उस पवित्रता को नुकसान पहुँचता है, और लोग जजों पर से विश्वास खो देते हैं, तो क्या बचेगा?

भारत एक बहुलवादी लोकतंत्र है, एक ऐसा राष्ट्र जो विविधता में एकता पर बना है। जमीयत उलेमा ने ऐतिहासिक रूप से इस सोच को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह जमीयत और उसका नेतृत्व ही था जिसने समग्र राष्ट्रवाद और गांधी के सत्य और अहिंसा के दर्शन को दूसरों से ज़्यादा मज़बूती से आगे बढ़ाया। जमीयत के मौजूदा नेतृत्व और उनके आलोचकों को संवेदनशील मामलों पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देते समय इस विरासत को याद रखना चाहिए।

बेलगाम बहस और चिल्लाने से केवल गंभीर खतरे ही पैदा होंगे। इस तरह के नाजुक मुद्दे को सस्ती लोकप्रियता का ज़रिया नहीं बनना चाहिए। लोकतंत्र, संवैधानिक अधिकार और कानून का शासन अविभाज्य हैं और न्यायपालिका की अखंडता ही उनकी आत्मा है।
फरहत अली खान 
एम ए गोल्ड मेडलिस्ट

Wednesday, 24 December 2025

आज भारत में कोई दिवस नहीं है संपूर्ण भारत में तुलसी पूजन दिवस मनाया जाएगा ‌ बीते हुए देशद्रोही सनातनी चाहे जो दिवस मनाये

 आज भारत में कोई दिवस नहीं है संपूर्ण भारत में तुलसी पूजन दिवस मनाया जाएगा ‌ बीते हुए देशद्रोही सनातनी चाहे जो दिवस मनाये

‌‌ यही वह गद्दार हैं जो एक बोरी चावल कबाब बिरयानी खाने के लिए या डर के कारण क्रॉस पहन लेते हैं तलवार छोड़कर सलवार पहन लेते हैं और लाभ सनातन धर्म कर लेते हैं इनके मां और बाप दोनों ही दोगले और नकली होते हैं
[12/25, 9:30 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: मौसम की भविष्यवाणी और विवेचना  -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 

आज का अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 09 डिग्री सेल्सियस रहेगा सापेक्षिक आर्द्रता  60% से 90% के आसपास रहेगी हवा की दिशा पश्चिमी और गति 8 से 11 किलोमीटर प्रति घंटा होगी भयंकर ठंड गलन कोहरा जारी रहेगी ‌ वायु गुणवत्ता सूचकांक 350 से 400 के आसपास रहेगी। ‌‌ आज धूप होने की भी प्रबल संभावना है

कल के मौसम के बारे में अनुमान है कि न्यूनतम तापमान 08 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहेगा बाकी स्थितियां कल की तरह ही रहेंगी।

अभी जौनपुर और आसपास तथा संपूर्ण उत्तर भारत पश्चिम उत्तर और मध्य भारत एवं पूर्वोत्तर भारत में 5 जनवरी तक ठंड में कोई भी कमी आने वाली नहीं है। जौनपुर और आसपास 25 जनवरी तक भयानक ठंड जारी रहेगी जिसमें 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक बहुत ही भीषण ठंडक रहेगी आगे चलकर कोहरे की स्थिति में कुछ सुधार होगा लेकिन भयानक ठंड में कोई कमी नहीं होगी 27 दिसंबर तक तापमान गिरकर 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच जाएगा।‌।‌ ठंड से चारों ओर हाहाकार मच जाएगा 

इसके अतिरिक्त यह दूसरी बार है जब पूरे दिसंबर महीने में एक बूंद भी वर्षा नहीं होगी हमारे केंद्र के द्वारा पहले ही यह कहा गया था कि इस वर्ष दिसंबर में बिल्कुल वर्षा नहीं होगी और वही हुआ जबकि अनेक चैनल मीडिया और विशेषज्ञों का दावा था कि दिसंबर में वर्षा होगी हमारे केंद्र का अनुमान है कि जनवरी और फरवरी में झंझावात के साथ वर्षा होगी ।

उत्तर भारत और हिमालय के पर्वतीय भाग और मध्य भारत में भयंकर ठंड जारी रहेगी यहां तक की दर दक्षिणी भागों में जहां सामान्य रूप से न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं आता है इस बार वह भी तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है मुंबई नालासोपारा दहानू रोड जैसे स्थानों में भी न्यूनतम तापमान 12 से 15 डिग्री सेल्सियस और पूरे नासिक अमरावती और उड़ीसा के अनेक भागों में न्यूनतम तापमान गिरकर 10 डिग्री सेल्सियस तक आ चुका है और भयानक कोहरा दो तिहाई भारत में लगातार जारी है। मध्य प्रदेश गुजरात के दक्षिणी पूर्वी भागों में राजस्थान के दक्षिणी पूर्व विभागों में पंजाब दिल्ली में भयंकर ठंड जारी रहेगी यही हाल शहडोल गुना सतना उज्जैन नासिक का भी रहेगा

समुद्र से उठने वाली गरम वाष्प ‌ और हिमालय तथा उत्तर ध्रुव की बहुत ही ठंडी बर्फीली हवाओं के चलते हैं ठंड और गलन के साथ कोहरा भी ‌ लगातार भयानक बना हुआ है जिसमें कुछ दिनों के बाद सुधार होगा अभी उत्तर भारत और हिमालय के पार्वती भागों में पश्चिम दक्षिण पश्चिम भारत में मन में भयानक कमी आएगी और अनेक स्थानों पर तापमान 5 से नीचे और कहीं-कहीं सुनने से नीचे चला जाएगा जबकि हिमालय क्षेत्र में भयानक बर्फबारी के साथ तापमान अधिकांश संस्थानों में शून्य से नीचे और लेह लद्दाख कारगिल एवरेस्ट के क्षेत्र और अरुणाचल में तापमान माइनस 10 से - 35 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाएगा। 

15 जनवरी के बाद एक बार गर्मी बढ़ने और मौसम में सुधार होने तथा धूप होने की संभावना है लेकिन जनवरी के अंतिम भाग में ठंड गलन शीत एक बार फिर से बढ़ने वाली है‌ जनवरी और फरवरी में मौसम बहुत ठंडा अनिश्चित आंधी तूफान वर्षा वाला रहेगा।
[12/25, 9:30 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: कुछ गद्दार बिके हुए सनातनी आज प्लास्टिक के पेड़ों से ताजगी और ऑक्सीजन पाने के लिए उसे व्यक्ति का क्रिसमस मनाएंगे जिनको तीन ठोक कर मार दिया गया था और फिर से जिंदा होने का नौटंकी प्रसारित किया गया था ऐसे ही लोग क्रिसमस मनाने वाले हैं जबकि एक भी मुसलमान क्रिसमस नहीं मानता रामखुदाई ‌ वाले आधा तीतर आधा बटेर ऐसे ही लोग अपने मां-बाप समाज धर्म देश किसी के नहीं है और इन्हीं लोगों का कारण देश हमेशा परतंत्र गुलाम और पराधीन रहा है इनके मां-बाप केवल कहने के लिए होते हैं यह लोग किसी और की औलाद होते हैं

इस संसार में दो सबसे बड़े झूठ हैं पहले हजारों साल पहले मरा हुआ सांता क्लास जाकर बच्चों को उपहार देता है ।

इस संसार में दो सबसे बड़े झूठ हैं पहले हजारों साल पहले मरा हुआ सांता क्लास जाकर बच्चों को उपहार देता है ।

और दूसरा करने के बाद काफिरों का कत्ल करने वाले मुसलमान को हूर और गिलमें जन्नत में मिलते हैं।


पहली बात तो यह है कि सच का दावा करने वाले क्रिश्चियन लोग अपने बच्चों को झूठा इतिहास बताते हैं कि मरा हुआ सेंटर क्रिसमस के दिन आता है 


दूसरा सबसे बड़ा झूठा है कि जिन हूरों और गिल्मू का वर्णन किया गया है उनकी लंबाई 135 से 150 फिट होती है तो बताओ 5 फुट के मरने वाले तुर्क मुस्लिम उनका क्या बिगाड़ लेंगे।


और यह लोग सनातन धर्म के झूठे और अंधविश्वासी होने का झूठा आरोप लगाते हैं 

परम पवित्र गंगा और कामधेनु अपने वाले सनातनी अगर बकरी चराने और सलीब पर लटक जाने के लिए क्रिश्चियन और मुस्लिम बनते हैं तो इसमें मुसलमान या क्रिश्चियन का क्या दोष है।


ऊपर से 3 दिन बाद फिर से जिंदा होने कालीन पर उड़ने चंद्रमा पर नमाज पढ़ने चंद्रमा को दो टुकड़े करने समेत पृथ्वी के चिपट होने की अनर्गल बातों से इनका धर्म ग्रंथ भरा हुआ है सच है राक्षसों और शैतानों के वंशज ऐसे ही होते हैं जैसे आज अरब और यूरोप के लोग हैं। डॉ दिलीप कुमार सिंह
[12/24, 12:36 PM] Dileep Singh Rajput Jounpur: झूठ का पिटारा सिद्ध हो चुके क्रिसमस को यदि कोई भी सनातनी किसी वजह से मानता है तो उसको क्या माना जा सकता है क्या मुस्लिम और ईसाई बच्चे सनातनी स्कूल में पढ़ने से वंदे मातरम सूर्य नमस्कार भजन कीर्तन और संध्या करते हैं यदि नहीं तो सनातनी धर्म के हिंदू क्रिश्चियन स्कूलों में ऐसा क्यों करते हैं मतलब यह हुआ कि यह लोग खुद ही गड़बड़ हैं
[12/24, 12:36 PM] Dileep Singh Rajput Jounpur: क्रिसमस और क्रिसमस ट्री में एक गुण है पूरी दुनिया में झूठ अंधविश्वास और कचरा फैलाना तुलसी में हजारों गुण हैं तुलसी दिवस मनाओ‌ और जिस तरह ईद बकरीद भूल गए वैसे ही क्रिसमस गुड फ्राइडे और नया अंग्रेजी वर्ष भूल जाओ ‌ और यदि कहीं शांत मिले तो उसे घंटा पकड़ा कर उसका पिछवाड़ा लाल कर दो डा दिलीप कुमार सिंह
[12/24, 6:35 PM] Dileep Singh Rajput Jounpur: भारत के ऋषि मुनियों और विद्वानों के द्वारा हर नियम अकाट्य हैं उसी में पति-पत्नी के बीच विवाह में 2 से 5 वर्ष से अधिक अंतर नहीं होना चाहिए। आजकल विवाह में 5 से 10 वर्ष का अंतर भी वैवाहिक विच्छेद और हिंसा का प्रमुख कारण है आयु में अधिक अंतर वैवाहिक जीवन में हर प्रकार का अंतर पैदा करता है और ऊर्जा स्तर से लेकर रुचि और सोच का स्तर भी बहुत अलग हो जाता है 

। इसके साथ किसी भी तरह विवाह में लड़के के 20 वर्ष तक और लड़के की 25 वर्ष तक कर देना चाहिए अन्यथा वह कितने ही बड़े पद पर पहुंच जाएं और कितने ही पैसे वाले हो जाएं उनका वैवाहिक जीवन का भी सुख में नहीं रहता है बस एक समझौता भरा होता है

Tuesday, 23 December 2025

मौसम की भविष्यवाणी और विवेचना -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

मौसम की भविष्यवाणी और विवेचना  -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 
आज का अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहेगा सापेक्ष शिकार देता 60% से 90% के आसपास रहेगी हवा की दिशा पश्चिम और गति 8 से 11 किलोमीटर प्रति घंटा होगी भयंकर ठंड गलन कोहरा जारी रहेगी ‌ बाय गुणवत्ता सूचकांक 350 से 400 के आसपास रहेगी। 

कल के मौसम के बारे में अनुमान है कि न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहेगा बाकी स्थितियां कल की तरह ही रहेंगी।

अभी जौनपुर और आसपास तथा संपूर्ण उत्तर भारत पश्चिम उत्तर और मध्य भारत एवं पूर्वोत्तर भारत में 5 जनवरी तक ठंड में कोई भी कमी आने वाली नहीं है। जौनपुर और आसपास 25 जनवरी तक भयानक थन हजारी रहेगी जिसमें 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक बहुत ही भीषण ठंडक रहेगी आगे चलकर कोहरे की स्थिति में कुछ सुधार होगा लेकिन भयानक ठंड में कोई कमी नहीं होगी 27 दिसंबर तक तापमान गिरकर 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच जाएगा।

इसके अतिरिक्त यह दूसरी बार है जब पूरे महीने में एक बूंद भी वर्षा नहीं होगी हमारे केंद्र के द्वारा पहले ही यह कहा गया था कि इस वर्ष दिसंबर में बिल्कुल वर्षा नहीं होगी और वही हुआ जबकि अनेक चैनल मीडिया और विशेषज्ञों का दावा था कि दिसंबर में वर्षा होगी हमारे केंद्र का अनुमान है कि जनवरी और फरवरी में झंझावात के साथ वर्षा होगी 

उत्तर भारत और हिमालय के पर्वतीय भाग और मध्य भारत में भयंकर ठंड जारी रहेगी यहां तक की दर दक्षिणी भागों में जहां सामान्य रूप से न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं आता है इस बार वह भी तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है मुंबई नालासोपारा दहानू रोड जैसे स्थानों में भी न्यूनतम तापमान 12 से 15 डिग्री सेल्सियस और पूरे नासिक अमरावती और उड़ीसा के अनेक भागों में न्यूनतम तापमान गिरकर 10 डिग्री सेल्सियस तक आ चुका है और भयानक कोहरा दो तिहाई भारत में लगातार जारी है।

समुद्र से उठने वाली गरम वाष्प ‌ और हिमालय तथा उत्तर ध्रुव की बहुत ही ठंडी बर्फीली हवाओं के चलते हैं ठंड और गलन के साथ कोहरा भी ‌ लगातार भयानक बना हुआ है जिसमें कुछ दिनों के बाद सुधार होगा अभी उत्तर भारत और हिमालय के पार्वती भागों में पश्चिम दक्षिण पश्चिम भारत में मन में भयानक कमी आएगी और अनेक स्थानों पर तापमान 5 से नीचे और कहीं-कहीं सुनने से नीचे चला जाएगा जबकि हिमालय क्षेत्र में भयानक बर्फबारी के साथ तापमान अधिकांश संस्थानों में शून्य से नीचे और लेह लद्दाख कारगिल एवरेस्ट के क्षेत्र और अरुणाचल में तापमान माइनस 10 से - 35 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाएगा। 

15 जनवरी के बाद एक बार गर्मी बढ़ने और मौसम में सुधार होने तथा धूप होने की संभावना है लेकिन जनवरी के अंतिम भाग में ठंड ग्रहण और सेट एक बार फिर से बढ़ने वाली है‌ जनवरी और फरवरी में मौसम बहुत ठंडा अनिश्चित आंधी तूफान वर्षा वाला रहेगा।

Monday, 22 December 2025

अंडर 14 हॉकी यूपी स्कूल टीम में मशीयत फातिमा का चयन* *इंडियन लीजेंड आर एस रावत पूर्व ओलंपियन मशशो के हॉकी कोच का भी ज़ोरदार स्वागत*

*अंडर 14 हॉकी यूपी स्कूल टीम में मशीयत फातिमा का चयन* 
*इंडियन लीजेंड आर एस रावत पूर्व ओलंपियन मशशो के हॉकी कोच का भी ज़ोरदार स्वागत* 

आज सिंगड़ खेड़ा स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स पर यूपी अंडर 14 हॉकी गर्ल्स टीम में मशीयत फातिमा के चयन का जश्न मनाया गया इस अवसर पर पूर्व ओलंपियन आर एस रावत से प्रशिक्षण ले रही 11 वर्षीय खिलाड़ी मशीयत ने रामपुर का मान बढ़ाया।
आर एस रावत ने बताया कि मशीयत एक दिन भारतीय हॉकी टीम में ज़रूर खेलेगी। उन्हें पूरा विश्वास है।
यूपी अंडर 14 हॉकी गर्ल्स टीम में मशीयत फातिमा स्टेट स्कूल टीम में मुरादाबाद मंडल से चयनित होने की सूचना अयोध्या से दूरभाष पर दी गई।
पिता एवम हॉकी प्रशिक्षक फरहत अली खान ने बताया कि मशीयत फातिमा 24 दिसम्बर को अयोध्या पहुंचेंगी। टीम का शिविर संचालित होगा।
यह हॉकी कैम्प यूपी से चुनी गई 18 खिलाड़ियों द्वारा किया जाएगा।
 टीम 2 जनवरी से मध्य प्रदेश स्कूल नेशनल में प्रतिभाग करेंगी।
झांसी में हुई राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता में 400 खिलाड़ियों  ने प्रतिभाग किया था।
जिसमें यूपी की बेस्ट 18 खिलाड़ियों में मुरादाबाद मंडल के रामपुर से मशीयत फातिमा का चयन हुआ।
इस अवसर पर जिला क्रीड़ा अधिकारी संतोष कुमार जिला हॉकी संघ के सचिव मुख़्तार खान, श्रीमती मारिया फरहत जिला उपाध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा रामपुर,युसुफ खान , फ़रीद उर रहमान, सय्यद आदिल, अयूब खान, कशिश, मुस्कान, रोशनी, रविश, एवम बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ियों ने फूलों का गुलदस्ता और मिठाई खिलाकर स्वागत किया।

Sunday, 21 December 2025

*22 दिसंबर एक अद्भुत भौगोलिक दिन डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि*अंतरिक्ष से देखने पर नीले हरे रंग की हमारी धरती

*22 दिसंबर एक अद्भुत भौगोलिक दिन डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि*
अंतरिक्ष से देखने पर नीले हरे रंग की हमारी धरती घूमते हुए पूरे ब्रह्मांड का अद्भुत ग्रह है क्योंकि अभी तक एक भी ग्रह पृथ्वी की तरह खोज नहीं जा सका है जो जीव जंतु हवा पानी और वनस्पतियों से युक्त हो धरती सचमुच अपने सौरमंडल का ही नहीं अपनी आकाशगंगा का भी सबसे अद्भुत ग्रह है और यहां पर घटने वाली भौगोलिक घटनाएं भी परम विचित्र हैं अपनी आकाशगंगा के दो खराब सूर्य के बीच कई हजार खराब ग्रह नक्षत्र में धरती पर ही जीवन विद्यमान है ऐसी ही एक अद्भुत भौगोलिक घटना 22 दिसंबर को घटित होती है जब सबसे बड़ी रात और सबसे छोटा दिन होता है

पृथ्वी बाहर से देखने पर गोल दिखती है लेकिन यह पूरी तरह गोल नहीं है बल्कि उत्तरी दक्षिणी ध्रुव पर नंगी की तरह हल्की चपटी है और यह अपने अक्ष पर 23.50अंश झुकी हुई है इसीलिए धरती पर दिन-रात बराबर नहीं रहता है क्योंकि धरती पर सूर्य की किरणें सामान नहीं पड़ती है इसलिए धरती पर दिन-रात अंधेरा उजाला बराबर नहीं रहता है 

पृथ्वी के सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करने के कारण मौसम और ऋतु में बदलता है जबकि पृथ्वी के अपने अक्ष पर लट्टू की तरह घूमने के कारण दिन और रात होते हैं इसी परिक्रमण और परिभ्रमण के कारण सूर्य पूर्व में उगता हुआ और पश्चिम में डूबता हुआ दिखाई देता है 

22 दिसंबर को उत्तरी गोलार्ध में पड़ता है और सबसे छोटा दिन होता है जबकि सबसे बड़ी रात होती है जब सूर्य मकर संक्रांति करता है तब मकर संक्रांति के दिन 15 जनवरी के आसपास उत्तरी गोलार्ध में दिन बाद होने लगता है और रात धीरे-धीरे छोटी होने लगती है इसलिए उत्तरी गोलार्ध में नवंबर से लेकर फरवरी तक घनघोर जाना पड़ता है जबकि दक्षिणी गोलार्ध में इस समय गर्मी की ऋतु होती हैं इसीलिए दक्षिण अफ्रीका दक्षिण अमेरिका और आस्ट्रेलिया तथा न्यूजीलैंड में इस समय जाड़े में गर्मी के रितु चल रही है 

इसी प्रकार 21 जून को उत्तरी गोलार्ध में सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात होती है इसके बाद धीरे-धीरे सूर्य दक्षिणायन हो जाता है और उत्तरी गोलार्ध में वर्षा और उसके बाद जाड़े की ऋतु आने लगती है जबकि दक्षिणी गोलार्ध में इस समय जाड़े का मौसम शुरू हो जाता है इस प्रकार अप्रैल में जून जुलाई में घनघोर गर्मी पड़ती है 

इसके भी खरीद 21 मार्च और 23 सितंबर ऐसा समय है जब सारी धरती पर दिन-रात बराबर होते हैं और सर्दी गर्मी भी बराबर होती है इसलिए सितंबर अक्टूबर में और फरवरी मार्च में सारी दुनिया में और भारत में भी मौसम सुहावना और बसंत का होता है यह सभी धरती के अपने अक्ष पर झुकी होने पूरी तरह से गोल नहीं होने और परिक्रमण और परिभ्रमण के कारण होता है 

एक बात और है कि ठंड में जैसे-जैसे उत्तरी ध्रुव की ओर जाते हैं वैसे-वैसे दिन छोटे और रातें बड़ी होने लगती है भारत के दक्षिणी भागों में और विषुवत वृत्त पर 12 घंटे के दिन 12 घंटे का रात होता है जबकि मध्य भारत जौनपुर और आसपास दिसंबर में लगभग 14 घंटे की रात और 10 घंटे का दिन होता है कश्मीर और उसके उत्तरी भागों में और चीन तथा अरब देशों में इस समय 8 घंटे का रात और 16 घंटे की रात होता है जबकि 66 अंश उत्तरी अक्षांश पर केवल रात होती है और उत्तरी ध्रुव पर 6 महीने की रात होती है जबकि इस समय दक्षिणी ध्रुव पर 6 महीने का दिन होता है ऐसा माना जाता है कि विश्व काव्य रामायण का भीषण धुरंधर महायोद्धा कुंभकरण उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव पर बारी-बारी से 6 महीने सोया करता था 

इस प्रकार धरती के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव पर 6 महीने के दिन और 6 महीने की रात होती है यहां 6 महीने सूर्य डूबा रहता है और गर्मी में 6 महीने रात में भी सूर्य निकल रहता है फिनलैंड नार्वे जहां पर महीना का दिन होता है उसका दृश्य देखने लोग जाया करते हैं यहां पर रंग-बिरंगे प्रकाश की किरणें फैल जाते हैं जिनको मेरु प्रभा कहते हैं धरती पर यह अद्भुत भौगोलिक घटनाएं 22 दिसंबर 21 जून 23 सितंबर और 21 मार्च का दिन अद्भुत भौगोलिक घटना बना देती हैं

Friday, 19 December 2025

मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर ‌ के द्वारा 16 दिसंबर से 25 दिसंबर तक घनघोर कोहरा भयंकर गलन बदरी और धूप न होने की जो भविष्यवाणी की गई थी वह पूरी तरह सही होती दिखाई दे रही है‌‌ आज 20 दिसंबर 2025 तक यह 100 % सत्य हुए हैं

हमारे अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर ‌ के द्वारा 16 दिसंबर से 25 दिसंबर तक घनघोर कोहरा भयंकर गलन   बदरी और धूप न होने की जो भविष्यवाणी की गई थी वह पूरी तरह सही होती दिखाई दे रही है‌‌ आज 20 दिसंबर 2025 तक यह 100 % सत्य हुए हैं
इस कालखंड मेंप्रचंड कोहरा के साथ घने बादल भी छा जाएंगे और एक सप्ताह तक धूप होने की कोई संभावना नहीं है कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है।
आज का अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 09 डिग्री सेल्सियस रहा ‌ किस प्रकार आज बहुत ही भयंकर और प्रचंड ठंड और गलन पड़ेगी बदरी भी रहेगी अगले एक हफ्तों तक तापमान लगभग इसी प्रकार का रहेगा इसमें एक या दो डिग्री सेल्सियस का अंतर हो सकता है ।

भयंकर घना कोहरा जौनपुर जौनपुर के सभी पड़ोसी जनपदों और पूर्वांचल में फैल जाएगा जिसका स्रोत भूमध्य सागर हिंदूकुश और समुद्र की नमी है जो काबुल लाहौर से होकर बंगाल तक मैदानी क्षेत्रों में भयानक रूप में फैल गई हैं ।

कल के मौसम के बारे में अनुमान है कि न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहेगा वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से 300 के बीच और अल्ट्रावायलेट किरणों की तीव्रता एक से कर के बीच रहेगी एक सप्ताह तक मौसम में कोई परिवर्तन होने की संभावना नहीं है ना तो वर्षा की ही कोई संभावना है । सापेक्षिक आर्द्रता 55-95% रहेगी

यह ठंड और कोहरा धीरे-धीरे दक्षिण भारत की ओर फैल जाएगा जिसका प्रभाव महाराष्ट्र से लेकर उड़ीसा और केरल से कर्नाटक रहेगा शुद्ध रूप से केरल और तमिलनाडु पुडुचेरी लक्षद्वीप और अंडमान निकोबार ही भयानक ठंड से बचे रहेंगे और यहां कोहरा भी कम होगा 

राजस्थान के पूर्वी गुजरात के पूर्वी और मध्य प्रदेश के पश्चिमी भागों में गणगौर ठंड पड़ेगी यहां पर गोपाल उज्जैन जैसे स्थानों का तापमान गिरकर 3 डिग्री सेल्सियस पर भयानक रूप से आ जाएगा। पहाड़ों पर बर्फबारी और वर्षा होगी मैदान में भीषण कोहरा और दक्षिण भारत में भी हल्के मध्य घने बादल
हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों में जम्मू कश्मीर लेह लद्दाख हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड नेपाल भूटान सिक्किम अरुणाचल प्रदेश के उत्तरी भागों में हिमपात बढ़ता चला जाएगा उसी के अनुक्रम में ठंड भी बढ़ती जाएगी उत्तर ध्रुव की हवाएं धीरे-धीरे इस ठंड को और बढ़ा देंगे और अमेरिका यूरोप उत्तरी एशिया के साथ हिमालय के उत्तर के सभी क्षेत्र बर्फ से ढक जाएंगे ।

फरवरी तक महा भयंकर ठंड का प्रचंड तांडव चलेगा सारे विज्ञान और टेक्नोलॉजी प्रकृति के आगे बुरी तरह फैल सिद्ध होंगे अपनी सुरक्षा ही बचाव है अनेक भयंकर रोग और बीमारियां सर्दी खांसी जुकाम बुखार भयानक ठंड गंदगी और स्वच्छ ना रहने के कारण पैदा होंगे डा दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर

Thursday, 18 December 2025

हमारे अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर ‌ के द्वारा 16 दिसंबर से 25 दिसंबर तक घनघोर कोहरा भयंकर गलन और धूप न होने की जो भविष्यवाणी की गई थी वह पूरी तरह सही होती दिखाई दे रही है

 हमारे अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर ‌ के द्वारा 16 दिसंबर से 25 दिसंबर तक घनघोर कोहरा भयंकर गलन और धूप न होने की जो भविष्यवाणी की गई थी वह पूरी तरह सही होती दिखाई दे रही है
आज का अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा अगले एक हफ्तों तक तापमान लगभग इसी प्रकार का रहेगा इसमें एक या दो डिग्री सेल्सियस का अंतर हो सकता है 

भयंकर घना कोहरा जौनपुर जौनपुर के सभी पड़ोसी जनपदों और पूर्वांचल में फैल जाएगा जिसका स्रोत भूमध्य सागर हिंदूकुश और समुद्र की नमी है जो काबुल लाहौर से होकर बंगाल ‌और ढाका तक मैदानी क्षेत्रों में भयानक रूप में फैल गई हैं ‌ यह एन केन प्रकारेण लंबा चलेगा और मकर संक्रांति तक रह सकता है।

कल के मौसम के बारे में अनुमान है कि न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहेगा वायु गुणवत्ता सूचकांक 350 से 400 के बीच रहेगा ‌‌ जो बेहद भयानक और खतरनाक हैऔर अल्ट्रावायलेट किरणों की तीव्रता एक से कर के बीच रहेगी एक सप्ताह तक मौसम में कोई परिवर्तन होने की संभावना नहीं है न तो वर्षा की ही कोई संभावना है । ‌ इस बार दिल्ली जौनपुर आसपास ‌ देश के अनेक भागों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 तक पहुंच जाने की आशा है जो बेहद खतरनाक है

यह ठंड और कोहरा धीरे-धीरे दक्षिण भारत की ओर फैल जाएगा जिसका प्रभाव महाराष्ट्र से लेकर उड़ीसा और केरल से कर्नाटक रहेगा शुद्ध रूप से केरल और तमिलनाडु पुडुचेरी लक्षद्वीप और अंडमान निकोबार ही भयानक ठंड से बचे रहेंगे और यहां कोहरा भी काम होगा ।

हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों में जम्मू कश्मीर लेह लद्दाख हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड नेपाल भूटान सिक्किम अरुणाचल प्रदेश के उत्तरी भागों में हिमपात बढ़ता चला जाएगा उसी के अनुक्रम में ठंड भी बढ़ती जाएगी उत्तर ध्रुव की हवाएं धीरे-धीरे इस ठंड को और बढ़ा देंगे और अमेरिका यूरोप उत्तरी एशिया के साथ हिमालय के उत्तर के सभी क्षेत्र बर्फ से ढक जाएंगे ‌।

फरवरी तक महा भयंकर ठंड का प्रचंड तांडव चलेगा सारे विज्ञान और टेक्नोलॉजी प्रकृति के आगे बुरी तरह फैल सिद्ध होंगे अपनी सुरक्षा ही बचाव है अनेक भयंकर रोग और बीमारियां सर्दी खांसी जुकाम बुखार भयानक ठंड गंदगी और स्वच्छ ना रहने के कारण पैदा होंगे डा दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर
[12/18, 6:26 PM] Dileep Singh Rajput Jounpur: इस देश में सारे राजनीतिक दल और नेता काम नहीं केवल विवाद पैदा करते हैं ‌ और अपने साथ पीढ़ियां सुधार कर अपनी झोली भरते हैंअब जी राम जी को लेकर विवाद पैदा हुआ है योजना और काम को लेकर नहीं नाम को लेकर झगड़ा है इसके पहले भी तमाम जवाहर और इंदिरा के नाम की योजनाएं बदलकर नरेगा और मनरेगा की गई है वैसे भी श्रीराम गांधी से बहुत बड़े हैं और गांधी जी श्री राम के भक्त थे ही तो इसमें आपत्ति करने वालों को क्या कहा जा सकता है केवल यही केवल किसी भी हाल में श्री राम श्री कृष्णा गौतम बुद्ध नानक रविदास जैसे लोगों का नाम बर्दाश्त नहीं कर सकते गांधी एक मुस्लिम परस्त थे जो हमेशा मुसलमान का हित चाहते थे अखंड भारत सनातन धर्म को उन्होंने अकेले ही जितना बर्बाद किया उतना सारे लोग मिलकर नहीं कर पाए ऐसे में इस योजना का विरोध करने वाले क्या है आसानी से समझा जा सकता है कुछ दिन बाद यही लोग कहेंगे कि जी राम जी को हटाकर अल्लाह जी अल्लाह मियां योजना रखना चाहिए
[12/18, 6:32 PM] Dileep Singh Rajput Jounpur: इस देश में सारे राजनीतिक दल और नेता काम नहीं केवल विवाद पैदा करते हैं ‌ और अपने साथ पीढ़ियां सुधार कर अपनी झोली भरते हैंअब जी राम जी को लेकर विवाद पैदा हुआ है योजना और काम को लेकर नहीं नाम को लेकर झगड़ा है इसके पहले भी तमाम जवाहर और इंदिरा के नाम की योजनाएं बदलकर नरेगा और मनरेगा की गई है वैसे भी श्रीराम गांधी से बहुत बड़े हैं और गांधी जी श्री राम के भक्त थे ही तो इसमें आपत्ति करने वालों को क्या कहा जा सकता है 

केवल यही केवल किसी भी हाल में श्री राम श्री कृष्णा गौतम बुद्ध नानक रविदास जैसे लोगों का नाम बर्दाश्त नहीं कर सकते गांधी एक मुस्लिम परस्त थे जो हमेशा मुसलमान का हित चाहते थे अखंड भारत सनातन धर्म को उन्होंने अकेले ही जितना बर्बाद किया उतना सारे लोग मिलकर नहीं कर पाए ऐसे में इस योजना का विरोध करने वाले क्या है आसानी से समझा जा सकता है कुछ दिन बाद यही लोग कहेंगे कि जी राम जी को हटाकर अल्लाह जी अल्लाह मियां योजना रखना चाहिए

‌‌ एक बात और बता देना चाहता हूं कि गांधी पता नहीं क्यों नेहरू को सबसे अधिक चाहते थे लेकिन नेहरू गांधी की किसी भी चीज में विश्वास नहीं रखते थे ना उन्होंने बकरी पालन ना सुनती और लंगोटी पहनना चरखा चलाया ना धर्म परिवर्तन को रोका वे गांधी को केवल उसी तरह एक माध्यम मानते थे जैसे अन्ना हजारे के द्वारा केजरीवाल मुख्यमंत्री बन गए गांधी जी राम राज्य स्वदेशी आदि थे और नेहरू को इस नाम से ही नफरत और चिढ़ थी यही हाल कांग्रेस इंदिरा वगैरा का भी था फिर इतना शोर शराबा करने का क्या कारण है 

क्या ‌ गांधी की बात मानकर मुसलमान ने अलग पाकिस्तान की मांग छोड़ी और क्या जिन्होंने गांधी की बात मानकर अखंड भारत को रखना स्वीकार किया सारे गद्दार देशद्रोही और इससे जुड़े हुए विपक्ष के नेता विदेशी हाथों में खेल कर भारत को और सनातन धर्म को मिटा देना चाहते हैंडॉ दिलीप कुमार सिंह

Tuesday, 16 December 2025

हमारे अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर ‌ के द्वारा 16 दिसंबर से 25 दिसंबर तक घनघोर कोहरा भयंकर गलन और धूप न होने की जो भविष्यवाणी की गई थी वह पूरी तरह सही होती दिखाई दे रही है

हमारे अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर ‌ के द्वारा 16 दिसंबर से 25 दिसंबर तक घनघोर कोहरा भयंकर गलन और धूप न होने की जो भविष्यवाणी की गई थी वह पूरी तरह सही होती दिखाई दे रही है

आज का अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा अगले एक हफ्तों तक तापमान लगभग इसी प्रकार का रहेगा इसमें एक या दो डिग्री सेल्सियस का अंतर हो सकता है 

भयंकर घना कोहरा जौनपुर जौनपुर के सभी पड़ोसी जनपदों और पूर्वांचल में फैल जाएगा जिसका स्रोत भूमध्य सागर हिंदूकुश और समुद्र की नमी है जो काबुल लाहौर से होकर बंगाल तक मैदानी क्षेत्रों में भयानक रूप में फैल गई हैं 

कल के मौसम के बारे में अनुमान है कि न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहेगा वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से 300 के बीच और अल्ट्रावायलेट किरणों की तीव्रता एक से कर के बीच रहेगी एक सप्ताह तक मौसम में कोई परिवर्तन होने की संभावना नहीं है ना तो वर्ष की ही कोई संभावना है 

यह ठंड और कोहरा धीरे-धीरे दक्षिण भारत की ओर फैल जाएगा जिसका प्रभाव महाराष्ट्र से लेकर उड़ीसा और केरल से कर्नाटक रहेगा शुद्ध रूप से केरल और तमिलनाडु पुडुचेरी लक्षद्वीप और अंडमान निकोबार ही भयानक ठंड से बचे रहेंगे और यहां कोहरा भी काम होगा 

हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों में जम्मू कश्मीर लेह लद्दाख हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड नेपाल भूटान सिक्किम अरुणाचल प्रदेश के उत्तरी भागों में हिमपात बढ़ता चला जाएगा उसी के अनुक्रम में ठंड भी बढ़ती जाएगी उत्तर ध्रुव की हवाएं धीरे-धीरे इस ठंड को और बढ़ा देंगे और अमेरिका यूरोप उत्तरी एशिया के साथ हिमालय के उत्तर के सभी क्षेत्र बर्फ से ढक जाएंगे 


फरवरी तक महा भयंकर ठंड का प्रचंड तांडव चलेगा सारे विज्ञान और टेक्नोलॉजी प्रकृति के आगे बुरी तरह फैल सिद्ध होंगे अपनी सुरक्षा ही बचाव है अनेक भयंकर रोग और बीमारियां सर्दी खांसी जुकाम बुखार भयानक ठंड गंदगी और स्वच्छ ना रहने के कारण पैदा होंगे डा दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर

दिनांक 15 12 2025 को जनपद न्यायाधीश ‌एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर सुशील कुमार शशि के नेतृत्व में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर द्वारा संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम ‌ कलेक्ट्रेट प्रेक्षा गृह जौनपुर में पराविधिक स्वयंसेवकों के लिए आयोजित किया गया जिसमें जनपद जौनपुर सुल्तानपुर भदोही मिर्जापुर प्रयागराज के प्राविधिक स्वयंसेवक एवं उनके न्यायिक अधिकारी उपस्थित हुए।

दिनांक 15 12 2025 को जनपद न्यायाधीश ‌एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर सुशील कुमार शशि के नेतृत्व में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर द्वारा संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम ‌ कलेक्ट्रेट प्रेक्षा गृह जौनपुर में पराविधिक स्वयंसेवकों के लिए आयोजित किया गया जिसमें जनपद जौनपुर सुल्तानपुर भदोही मिर्जापुर प्रयागराज के प्राविधिक स्वयंसेवक एवं उनके न्यायिक अधिकारी उपस्थित हुए।

इस कार्यक्रम में माननीय जनपद न्यायाधीश ‌ जौनपुर सुशील कुमार शशि  अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार जनपद अनिल कुमार यादव अपर सत्र एवं जनपद न्यायाधीश के अलावा प्रशिक्षक के रूप में ‌ श्रीमती रूपाली सक्सेना न्यायाधीश विजय कुमार गुप्ता सचिव सुल्तानपुर दिनेश कुमार गौतम सचिव प्रयागराज ‌ श्रीमती तरुणिमा पांडे सचिव भदोही सौरभ श्रीवास्तव प्रभारी सचिव जौनपुर डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह ‌ के अलावा देवव्रत यादव सहायक श्रम आयुक्त अधिकारी अरविंद प्रभाकर अपर जिला पंचायत राज अधिकारी रजनी सिंह सदस्य स्थाई लोक अदालत सहायक परिवीक्षा अधिकारी मुरलीधर गिरी श्रीमती रुपाली सक्सेना अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जौनपुर विजय कुमार पांडे जिला प्रोबेशन अधिकारी गोल्डी गुप्ता सहायक पुलिस अधीक्षक जौनपुर ने भाग लिया मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ‌ जौनपुर ‌ विजय कुमार श्रीवास्तव मनोज कुमार वर्मा संजय कुमार उपाध्याय जौनपुर जनपद के डिफेंस कार्यालय के अनिल कुमार सिंह अनुराग चौधरी कार्यालय के कर्मचारीगण एवं प्राविधिक स्वयंसेवक बड़ी संख्या में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लोग तथा बुद्धजीवी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में पराविधिक स्वयंसेवकों को ‌ प्रशिक्षण देने के पूर्व स्मृति चिन्ह और पुष्प गुच्छ देकर उपस्थित अतिथिगण का स्वागत किया गया और दीप प्रज्ज्वलन तथा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण ‌ करके आशीर्वचन जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि के द्वारा दिया गया और धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती तरुणिमा पांडे सचिव भदोही द्वारा दिया गया ‌

प्रशिक्षण कार्यक्रम के तकनीकी सत्र एक में बाल श्रम से संबंधित कानून के बारे में पैरा लीगल वॉलिंटियर्स को देवव्रत यादव सहायक श्रम आयुक्त अधिकारी के द्वारा प्रशिक्षित किया गया जबकि राष्ट्रीय विधिक सेवा योजनाओं के बारे में विस्तार से दिनेश कुमार गौतम पूर्णकालिक सचिव प्रयागराज के द्वारा बताते हुए प्रशिक्षण दिया गया पंचायती राज विभाग की योजनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक प्रशिक्षण अरविंद प्रभाकर के द्वारा दिया गया । स्थाई लोक अदालत के बारे में प्रशिक्षण श्रीमती रजनी सिंह सदस्य लोक अदालत के द्वारा दिया गया

द्वितीय तकनीकी सत्र में समाज कल्याण विभाग एवं नायब तहसीलदार सदर जौनपुर के द्वारा जानकारी दी गई ।
किशोर न्यायालय और किशोर विधियों के बारे में सहायक परीक्षा अधिकारी मुरलीधर गिरी के द्वारा जबकि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती रुपाली सक्सेना के द्वारा पाक्सो एक्ट के बारे में परा विधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया बच्चों से संबंधित विषय और योजनाओं के बारे में जानकारी एवं प्रशिक्षण विजय कुमार पांडे जिला प्रोफेसर अधिकारी जौनपुर के द्वारा दिया गया ।

डॉ दिलीप कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल ‌ जनपद न्यायालय जौनपुर के द्वारा कार्यक्रम का उत्तम ढंग से संचालन करते हुए पैरा लीगल वॉलिंटियर्स को डायरी के बारे में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को रिपोर्टिंग के बारे में एवं दस्तावेजीकरण के बारे में विस्तार पूर्वक प्रशिक्षित किया गया और इसी क्रम में नालसा सालसा और डालसा के बारे में विस्तार से बताया गया जबकि सहायक पुलिस अधीक्षक गोल्डी गुप्ता के द्वारा मिशन शक्ति के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए प्रशिक्षण उपस्थित पीएलवी लोगों को दिया गया अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर सौरभ श्रीवास्तव के द्वारा समापन के अंत में किया गया और कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।

अति महत्वपूर्ण शिकायत–ज्ञापन

अति महत्वपूर्ण शिकायत–ज्ञापन

सेवा में,
माननीय पुलिस महानिदेशक महोदय
मध्य प्रदेश पुलिस, भोपाल

प्रतिलिपि :
माननीय पुलिस आयुक्त महोदय, भोपाल
माननीय गृह मंत्री महोदय, मध्य प्रदेश
माननीय मुख्यमंत्री महोदय, मध्य प्रदेश

विषय : पुलिस आयुक्त कार्यालय, भोपाल के आवक–जावक (Inward–Outward) कक्ष में दिनांक 16 दिसंबर 2025 को जनता को हुई असुविधा, समयबद्ध कार्य न होने एवं लंच टाइम की स्पष्ट सूचना के अभाव संबंधी गंभीर शिकायत।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि मैं विनोद सूर्यवंशी, निवासी भोपाल, एक समाजसेवी एवं पत्रकार होने के नाते यह शिकायत जनहित एवं विभागीय सुधार की भावना से प्रस्तुत कर रहा हूँ।

दिनांक 16 दिसंबर 2025, समय लगभग दोपहर 2:45 बजे से 3:45 बजे तक, मैं पुलिस आयुक्त कार्यालय, भोपाल में एक लिखित आवेदन जमा करने हेतु उपस्थित हुआ। इस दौरान मैंने स्वयं तथा अन्य 22–25 आम नागरिकों (जिसमें महिलाएँ, वरिष्ठ नागरिक एवं अधिवक्ता भी सम्मिलित थे) को अत्यधिक परेशान होते हुए देखा।

देखी गई प्रमुख समस्याएँ :

1. आवक–जावक कक्ष में लंच टाइम की कोई स्पष्ट सूचना प्रदर्शित नहीं थी।

2. उपस्थित कर्मचारियों से पूछने पर स्पष्ट व संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया।

3. पर्याप्त संख्या में कर्मचारी उपस्थित होने के बावजूद आवेदन लेने में अनावश्यक विलंब हुआ।

4. कई नागरिकों को एक से डेढ़ घंटे तक प्रतीक्षा करनी पड़ी।

5. अंततः एक संवेदनशील पुलिसकर्मी द्वारा व्यक्तिगत पहल कर आवेदन लिया गया, जिससे जनता को कुछ राहत मिली।

मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि मध्य प्रदेश पुलिस के लगभग 60–70% अधिकारी एवं कर्मचारी अत्यंत ईमानदारी, निष्ठा और जनसेवा भाव से कार्य कर रहे हैं, जिन पर मुझे गर्व है और जिनका नियमित रूप से सम्मान होना चाहिए।
किन्तु कुछ कर्मचारियों की लापरवाही, असंवेदनशीलता एवं समयबद्ध कार्य न करने की प्रवृत्ति के कारण

आम जनता को अनावश्यक कष्ट होता है

विभाग की छवि प्रभावित होती है

ईमानदार अधिकारियों का मनोबल भी कमजोर होता है

विनम्र अनुरोध :

1. दिनांक 16 दिसंबर 2025 को आयुक्त कार्यालय के आवक–जावक कक्ष में

उपस्थित कर्मचारियों

लंच टाइम की अवधि

CCTV फुटेज
की तथ्यात्मक जाँच कराई जाए।

2. आवक–जावक कक्ष में लंच टाइम एवं कार्य समय की स्पष्ट सूचना अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए।

3. जनता से सीधे जुड़े कक्षों में उत्तरदायित्व तय किया जाए।

4. ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहन एवं सम्मान दिया जाए।

5. यदि जाँच में लापरवाही सिद्ध हो, तो निष्पक्ष एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जाए

महोदय, यह शिकायत किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि प्रणाली सुधार एवं पुलिस विभाग की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से की जा रही है।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व में मध्य प्रदेश पुलिस जनता के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करेगी।

जय हिंद | जय भारत

सादर

(विनोद सूर्यवंशी)
समाजसेवी एवं पत्रकार
भोपाल, मध्य प्रदेश
मोबाइल : 9893523454
दिनांक : 16 दिसंबर 2025

Sunday, 14 December 2025

मौसम की भविष्यवाणी

मौसम की भविष्यवाणी 
आज जौनपुर और आसपास के सभी जनपदों का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 09 डिग्री सेल्सियस रहा आज 5 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज  पछुआ हवा  से ठंड विकराल हो जाएगी और 350 वायु गुणवत्ता सूचकांक के साथ मौसम  भीषण ठंडा और गलन वाला रहेगा।‌‌ आज से ‌‌ धन्यवाद और गाना कोहरा होगा जो कई दिन चलेगा बादल साफ हो जाएंगे हवा तेज रहेगी लेकिन वर्षा नहीं होगी। ‌‌ वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 पर कर जाने की आशा कुछ दिनों में है

 हल्का कोहरा और हल्के बादल भी रहेंगे। कोहरा पाला ओस तुषार पहाड़ों पर बर्फबारी बढ़ती चली जाएगी।‌‌ यह ठंड गलन और पछुआ हवा एक  सप्ताह तक कायम रहेगी। इसी बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से 300 के बीच और पछुआ हवा की गति 100 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी।

कल  से मौसम में ठंड स्थिर रहेगी बाकी स्थितियां आज की तरह रहेगी कल का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहेगा इस तरह भीषण ठंड आगे से  शुरू हो जाएगी । कोहरा भी धीरे-धीरे बहुत घना हो जाएगा

अभी जौनपुर और आसपास एवं उत्तर भारत में वर्षा की 25 दिसंबर तक कोई संभावना नहीं बन रही है आने वाले दिनों में ठंड और तेज होती जाएगी हिमालय क्षेत्र में हिमपात जारी रहेगा दक्षिण भारत में चक्रवार्ती वर्ष का क्रम 11 दिसंबर तक थम जाएगा‌ उत्तर प्रदेश के कई भागों में तापमान पांच से और पश्चिम उत्तर भारत में तीन से नीचे चला जाएगा पर्वतों पर तापमान-15 डिग्री तक पहुंच जाएगा ‌।‌‌ तमिलनाडु पुडुचेरी अंडमान निकोबार में वर्षा होगी

90% अमेरिका चीन जापान रूस कोरिया 100% यूरोप और 70% एशिया के उत्तरी भागों में महाविकराल ठंड और घनघोर बर्फबारी होगी ऑस्ट्रेलिया और दक्षिणी अमेरिका में गर्मी पड़ेगी। कुछ भयानक ज्वालामुखी विस्फोट और प्रचंड समुद्री लहर और प्रशांत तथा अटलांटिक में भयानक चक्रवात उठने की संभावना है अमेरिका और यूरोप तथा रूस के उत्तरी भागों में प्रचंड बर्फ की आंधियां चलेगी।
 
जापान और बंगाल की खाड़ी में 6 से 8 रिक्टर स्केल के पैमाने पर भीषण भूकंप आने से जापान बांग्लादेश में हाहाकार बचेगा। और हल्की सुनामी आने की संभावना है इसके अलावा भी आने वाले दिनों में प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्र में कई जगह भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होने की प्रबल संभावना है।
 -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर ‌ साथ में नन्हा ज्योतिषी पड़ोंकी दादा अविरल जो गुड्डा जैसा दिख रहा है

Saturday, 13 December 2025

मौसम की भविष्यवाणी

मौसम की भविष्यवाणी 

आज जौनपुर और आसपास के सभी जनपदों का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा आज 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज  पछुआ हवा  से ठंड विकराल हो जाएगी और 250 वायु गुणवत्ता सूचकांक के साथ मौसम  भीषण ठंडा और गलन वाला रहेगा।‌‌ आज से हल्के बादल होंगे जो धीरे-धीरे साफ हो जाएंगे हवा तेज रहेगी लेकिन वर्षा नहीं होगी। ‌‌ वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 पर कर जाने की आशा कुछ दिनों में है

 हल्का कोहरा और हल्के बादल भी रहेंगे। कोहरा पाला ओस तुषार पहाड़ों पर बर्फबारी बढ़ती चली जाएगी।‌‌ यह ठंड गलन और पछुआ हवा एक  सप्ताह तक कायम रहेगी। इसी बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से 300 के बीच और पछुआ हवा की गति 100 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी।

कल  से मौसम में ठंड स्थिर रहेगी बाकी स्थितियां आज की तरह रहेगी कल का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहेगा इस तरह भीषण ठंड आगे से  शुरू हो जाएगी । कोहरा भी धीरे-धीरे बहुत घना हो जाएगा

अभी जौनपुर और आसपास एवं उत्तर भारत में वर्षा की 25 दिसंबर तक कोई संभावना नहीं बन रही है आने वाले दिनों में ठंड और तेज होती जाएगी हिमालय क्षेत्र में हिमपात जारी रहेगा दक्षिण भारत में चक्रवार्ती वर्ष का क्रम 11 दिसंबर तक थम जाएगा‌ उत्तर प्रदेश के कई भागों में तापमान पांच से और पश्चिम उत्तर भारत में तीन से नीचे चला जाएगा पर्वतों पर तापमान-15 डिग्री तक पहुंच जाएगा ‌।‌‌ तमिलनाडु पुडुचेरी अंडमान निकोबार में वर्षा होगी

90% अमेरिका चीन जापान रूस कोरिया 100% यूरोप और 70% एशिया के उत्तरी भागों में महाविकराल ठंड और घनघोर बर्फबारी होगी ऑस्ट्रेलिया और दक्षिणी अमेरिका में गर्मी पड़ेगी। कुछ भयानक ज्वालामुखी विस्फोट और प्रचंड समुद्री लहर और प्रशांत तथा अटलांटिक में भयानक चक्रवात उठने की संभावना है अमेरिका और यूरोप तथा रूस के उत्तरी भागों में प्रचंड बर्फ की आंधियां चलेगी।
 
जापान और बंगाल की खाड़ी में 6 से 8 रिक्टर स्केल के पैमाने पर भीषण भूकंप आने से जापान बांग्लादेश में हाहाकार बचेगा। और हल्की सुनामी आने की संभावना है इसके अलावा भी आने वाले दिनों में प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्र में कई जगह भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होने की प्रबल संभावना है।
 -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर ‌ साथ में नन्हा ज्योतिषी पड़ोंकी दादा अविरल जो गुड्डा जैसा दिख रहा है

Thursday, 11 December 2025

मौसम की भविष्यवाणी डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर

मौसम की भविष्यवाणी डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 
जौनपुर और आसपास के जनपदों में आज का तापमान न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 23 डिग्री सेल्सियस रहा 

कल के बारे में अनुमान है कि अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहेगा 

जौनपुर और आसपास वायु गुणवत्ता सूचकांक आने वाले समय में 300 से 4 00 रहने की संभावना है जबकि पराबैंगनी किरणों की तीव्रता सुनने से पांच के बीच रहेगी पछुआ हवा की गति  ‌ 5 किलोमीटर प्रति घंटा होने से हल्का मध्य कोर कल से घने कोहरे में बदल जाएगा।

पूर्वांचल मध्य प्रदेश पश्चिमांचल हर जगह ठंड कोर बढ़ता चला जाएगा कानपुर लखनऊ अयोध्या संत कबीर नगर और आसपास की हालत सबसे खराब होगी जहां पर तापमान 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा और दृश्यता 25 से 50 मी हो जाएगी कल से और तेज ठंड कोहरा बढ़ेगा 

केरल तमिलनाडु और तटवर्ती दक्षिण भारत के इलाकों को छोड़कर ठंड पूरे भारत में फैल जाएगी मुंबई वसई नालासोपारा विरार महाराष्ट्र कर्नाटक आंध्र प्रदेश उड़ीसा पूर्वोत्तर भारत तक ठंड का प्रकोप रहेगा 

हिमालय क्षेत्र पर बर्फबारी में वृद्धि होगी जम्मू कश्मीर उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश नेपाल भूटान सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में बर्फबारी के साथ घनघोर ठंड पड़ेगी इन क्षेत्रों में तापमान न्यूनतम 0 से लेकर माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा 

दक्षिण भारत को छोड़कर बाकी पूरा भारत शुष्क रहेगा और हर जगह हमारे गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब रहेगी दक्षिण भारत बैंगलोर और मुंबई नालासोपारा पूर्वोत्तर भारत में ही वायु गुणवत्ता सूचकांक अच्छा रहेगा जहां पर वह गुणवत्ता 10 से लेकर 50 के बीच रहेगी 


25 दिसंबर तक वर्षा की कोई संभावना नहीं है उसके बाद वर्षा की संभावना बनेगी जनवरी और फरवरी 2026 हर प्रकार से बहुत ही ठंडा झंझावात से युक्त और वर्षा वाला रहेगा और ठंडक इन दो महीना में अपने चरम पर पहुंच जाएगी बेहद सावधान रहने की आवश्यकता है

कभी नहीं रुक सकती है इस देश मे अपराध और प्रतिबंध वस्तुओं की बिक्री। -डॉ दिलीप कुमार सिंह

कभी नहीं रख सकता है इस देश का अपरा द और प्रतिबंध वस्तुओं की बिक्री। -डॉ दिलीप कुमार सिंह 
दो-चार लोगों के चाइनीस मांझा से कट कर मरते ही अचानक बुद्धिजीवी और मीडिया सक्रिय उठे हैं अभी तक सो रहे थे सरकारी तंत्र जाग ही नहीं रहा है।‌ यह आज से नहीं हो रहा है जब से पतंग का आविष्कार हुआ है तब से हो रहा है उड़ने वाले लोगों के घर के लोग और माता-पिता भी तब तक ध्यान नहीं देते जब तक उनके अपने घर का कोई व्यक्ति इस शिक्षा भरे चीनी मंजा से कटकर मर ना जाए

जबकि इन सब के घरों के बच्चे पतंग उड़ाते हैं कोई रोकने वाला नहीं है सारा खेल पैसों का है चर्चा पाने के लिए किसी चीज पर चर्चा करने से खर्च के अलावा कुछ नहीं मिलता है ‌ मित्र लोग किसी चीज को गंभीरता से नहीं केवल चर्चा पर साझा करने पसंद किए जाने और टिप्पणी करने के लिए लिखने पढ़ने और बोलते हैं

यदि चर्चा करना है तो आप चर्चा करो जितना भी खाने का और पीने का पदार्थ है ठंडा है दूध और दूध से बनी सारी चीज हैं सब की सब नकली बनावटी है जितने भी घी गाय भैंस या अन्य के बिक रहे हैं गारंटी के साथ नकली हैं खोवा मंडी में आकर देख लो सारा खोवा नकली है 

जनता और बुद्धिजीवी चिल्लाकर क्या करेंगे जब इन्ही गांधी और गलत चीजों से सरकार की कमाई हो रही है और सरकारी तंत्र के अधिकारी कर्मचारी मालामाल है तो यह सब कैसे बंद हो सकता है जाम और अतिक्रमण लगाने वाली खुद पुलिस प्रशासन है रात को वसूली होती है इस पर भी बुद्धिजीवी लोगों विशेष कर महिलाओं को लाइव आकर बोलना चाहिए 

बिना महिलाओं के जागरूक हुए कुछ होने वाला नहीं है पुरुष वर्ग सिर्फ पटक कर मर जाएगा कुछ नहीं होगा । जिस दिन महिलाएं जागरूक हो गए उसी दिन धर्म का विकास होगा हिंदी भाषा और देश की भाषाओं का विकास होगा राम राज्य भी आएगा हिंदी हिंदू हिंदुस्तान भी होगा सरकार और सरकारी तंत्र तो खुलकर अंग्रेजी और विदेशी सभ्यता का प्रचार प्रसार कर रहा है वह भी श्री राम का गुणगान करने वाले लोगों का खेल है आपको कहीं हिंदी और देशी भाषाओं का प्रचार प्रसार दिख रहा है तो बताइए

उदाहरण के लिए सरकार को सबसे ज्यादा लूट और आमदनी शराब से होती है एक और मदिरा निषेध का दावा करती है दूसरी तरफ सरकारी शराब की दुकान सरकारी भंग और गज की दुकान जगह-जगह मिल जाएगा ऐसा क्यों है । ऐसी कोई भी प्रतिबंध चीज नहीं है जो इस देश में खुलेआम और धड़ल्ले से ना हो रही हो बाल विवाह सबसे अधिक मुसलमान में हो रहा है उसे रोकने की हिम्मत किसी में नहीं है

खुलेआम पान गुटखा दोहरा पान मसाला और नशे की चीज भांग की गोलियां बिक रही है हम आप सब देख रहे हैं सबके घर के बच्चे जमकर इसको खाकर पीछे से थूक कर बिना पेट के ही सारा सड़क और बिल्डिंग रंगने जा रहे हैं इस पर भी कुछ बोलना चाहिए ‌ मुझे लगता है यदि कोई बड़ी सरकारी प्राइवेट बिल्डिंग को पेंट करना हो रंग बिरंगा तो जिले भर के पान दोहरा खाने वालों को निमंत्रण दे दो एक घंटे में ही बिना पैसे की बिल्डिंग रंग कर चले जाएंगे 

इसी तरह खुले आम प्लास्टिक और पॉलिथीन भी कर रहा है कि दुकान पर नहीं है कुछ दिन के बाद छापामारी होगी और जमकर वसूली होगी लेकिन तब 10 पैसे में बिकने वाली पत्नी 15 पैसे हो जाएगी और फिर से बिकेगी उनको वसूली करना है यही हाल जाम और अतिक्रमण का है सड़क पर सब्जी से लेकर सामान बेचने वालों का है वह घूस में दिया सरकार को पैसा जनता से वसूल लेते हैं ।

मीडिया को हिम्मत नहीं है यदि कुछ लिखेगा तो अराजक तत्व खुलेगा मुझे मारपीट कर सही कर देंगे सरकार पैसा पा रही है इसलिए सरकार मीडिया की सहायता नहीं करेगी इसलिए मीडिया और बुद्धिजीवी लोग चुपचाप रहती हैं इस देश में ऐसी कौन सी चीज है जो बन रही है और बिक रही है और वह असली है यदि गुणवत्ता पर छापा मारी हो तो बड़े-बड़े प्रतिष्ठित दुकानदार और होटल जेल में चले जाएंगे। 

यही हाल दहेज प्रथा से लेकर हेलमेट लगाने और तेल पाने के खेल में है और जेल में सबसे अधिक है हर हफ्ते जिलाधिकारी ‌ न्यायिक अधिकारी पुलिस अधीक्षक जेल के पदाधिकारी जेल का निरीक्षण करते हैं कहीं कुछ भी प्राप्त नहीं होता जबकि सब कुछ जेल में उपलब्ध है इसका प्रमाण है जेल में से और अन्य पदार्थ के चिन्ह जेल के कर्मचारी अधिकारी खुद ही नशापन करते हैं किस बात का निरीक्षण होता है समझ के बाहर हैं।

यह देश पर नियंत्रण लगाना है तो शराब की दुकान बंद कर दो मांझा और पतंग की दुकान बंद कर दो पान गुटखा दोहरा की दुकान बंद करके दिखाओ प्लास्टिक और पानी बनाने का कारखाना सील कर दो तब तो कुछ होगा ऐसे में कुछ होने वाला नहीं है बस खुशी की बात इतना ही है कि बुद्धिजीवी महिलाएं काम से कम मीडिया पर आकर इसका विरोध कर रही है इसके लिए मैं धन्यवाद की पात्र हैं 

आपको लगेगा मैं कुछ अधिक ही लिख रहा हूं लेकिन मैं इस बात की प्रतिभूति देता हूं कि इस देश में जितने भी गंदी और खराब चीज हैं वह रुकने की जगह बढ़ती जाएगी जितने भी नशीले पदार्थ हैं और जहर हैं मिलावट के पदार्थ हैं यही सब पैसा और सोना उगलने के साधन है कभी भी बंद नहीं होगा ना दहेज प्रथा बंद होगा ना हेलमेट का नियम कहीं लागू होगा ना चालान बंद होगी ना अपराध और अपराध बंद होंगे जो इन्हें बंद करने का प्रयास करेगा उसे खुद ही इस दुनिया से विदा कर दिया जाएगा ‌ जितने भी गंदगी और बुरी चीज हैं वह सब कहीं न कहीं सरकार के द्वारा फिल्मों के द्वारा इंटरनेट के द्वारा जनता को पड़ोसी जा रही हैं और बड़े-बड़े हमारे फिल्मी नायक और महानायक पान गुटखा दोहरा जैसी चीजों का प्रचार करते दिखाई देते हैं हद तो तब हो जाती है जब रामायण और महाभारत के प्रसारण पर कंडोम जैसे गंदी चीजे का विज्ञापन दिखाया जाता है‌ और अंत में न्याय पाने के लिए न्यायालय में न्याय की सीढ़ी चढ़ने वाले लोगों को पता है कि न्याय कैसे मिलता है

मल भी एक रिश्तेदार है,रोज़ मिलने जरूर आता है,पर जिस दिन न आए,सारा दिन टेंशन दे जाता है।।

मल भी एक रिश्तेदार है,
रोज़ मिलने जरूर आता है,
पर जिस दिन न आए,
सारा दिन टेंशन दे जाता है।।

जिस अमानवीय काम ने वर्षों तक इंसानियत को शर्मसार किया, वह प्रथा अब भारत से लगभग समाप्त हो चुकी है। सदियों तक चलने वाली यह घोर अपमानजनक मानव मल-ढोने की परंपरा समाज के लिए एक कलंक थी। हमने इसे समाप्त तो कर दिया, पर दुनिया में कुछ जगहों पर आज भी मल को लेकर अजीब तरह की व्यवस्थाएँ देखने को मिलती हैं।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लेकर हाल के वर्षों में कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि विदेश यात्राओं के दौरान उनकी सुरक्षा टीम उनके मल और मूत्र के नमूने इकट्ठा कर एक खास सूटकेस में बंद करके तुरंत रूस वापस भेज देती है। इसे मज़ाक-मज़ाक में “पूप सूटकेस” नाम दिया गया है।

हमारे यहाँ जो चीज़ गंदगी मानी जाती है, वहीं किसी देश के राष्ट्रपति की वो चीज़ सुरक्षा का विषय बन जाती है—यह भी व्यवस्था का एक अनोखा विरोधाभास है। यह सूचना पहली बार फ्रांसीसी पत्रिका पेरिस मैच की रिपोर्ट से सामने आई, जिसके बाद कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने इस दावे की पुष्टि की।

बताया जाता है कि पुतिन की यह सुरक्षा प्रक्रिया इसलिए अपनाई जाती है ताकि कोई विदेशी एजेंसी उनके स्वास्थ्य, डीएनए या अन्य जैविक जानकारी का विश्लेषण न कर सके। उनकी टीम यात्रा के दौरान वॉशरूम तक की व्यवस्था नियंत्रित रखती है, नमूने सील करती है और विशेष सुरक्षा के साथ विमान द्वारा रूस भेज देती है।

सोचिए, कहीं यह प्रक्रिया दिन में एक से ज़्यादा बार करनी पड़े तो उनकी टीम पर कितना अतिरिक्त बोझ आ जाए! मल चाहे सर पर उठाया जाए या कंधे पर रखा जाए, वह मल ही रहेगा—चाहे किसी मजदूर का हो या किसी राष्ट्रपति का। फर्क सिर्फ़ व्यवस्था और दृष्टिकोण का होता है।

क्या अजब दुनिया है—किसी की पोट्टी भी करोड़ों के सुरक्षा सिस्टम में सफ़र करती है, और किसी की गंदगी से लोग घिनाते हुए मुँह मोड़ लेते हैं। पर यह एक कटु सत्य है कि आधुनिक जासूसी तकनीक के युग में विश्व नेता अपनी जैविक जानकारी को भी सुरक्षा का विषय मानते हैं।

🙏🙏🙏
मोहम्मद जावेद खान
संपादक
भोपाल मेट्रो न्यूज़
9009626191

Wednesday, 10 December 2025

इस देश में केवल गांधी ही सही थे बाकी सब गलत है क्योंकि उन्होंने बकरी पाल कर ईश्वर अल्लाह गाकर चरखा काटकर सोंटी और आधे टांग की धोती पहनकर बकरी पाल कर गाल पर थप्पड़ खाकर देश को अखंड रखते हुए उसे उस साम्राज्य से स्वतंत्र कर दिया जिसका सूरज नहीं डूबता था। उनके साथ के सारे कांग्रेसी सच्चे देशभक्त थे बाकी देश के लिए मर मिटने वाले क्रांतिकारी तो आतंकवादी थे ही

इस देश में केवल गांधी ही सही थे बाकी सब गलत है क्योंकि उन्होंने बकरी पाल कर ईश्वर अल्लाह गाकर चरखा काटकर सोंटी और आधे टांग की धोती पहनकर बकरी पाल कर गाल पर थप्पड़ खाकर देश को अखंड रखते हुए उसे उस साम्राज्य से स्वतंत्र कर दिया जिसका सूरज नहीं डूबता था। उनके साथ के सारे कांग्रेसी सच्चे देशभक्त थे बाकी देश के लिए मर मिटने वाले क्रांतिकारी तो आतंकवादी थे ही 

गोडसे तो गलत था ही उनके लिए तो भारत के सभी धर्म ग्रंथ तीर्थ स्थान गंदगी के सिवा कुछ नहीं थे काशी पर उनके वर्णन को पढ़कर आप देख सकते हैं 200 साल अंग्रेजों से लड़ते हुए एक करोड़ लोग और 1000 साल तुर्क मुसलमान से लड़कर 7 करोड़ परमवीर बलिदानी उनके लिए केवल मूर्ख और कायर थे 

उनके लिए वीर बांडा बैरागी छत्रपति शिवाजी छत्रसाल गुरु गोविंद सिंह और 10 सिखों के गुरु महाराणा शिवा ‌ बप्पा रावल भोज देव संग सब के सब बेकार थे उनको रामकृष्ण गौतम बुद्ध में कोई बड़प्पन नहीं दिखता था उनको तो कुरान और अल्लाह ही सर्वश्रेष्ठ दिखते थे 

गांधी इतने महान थे कि पूरी दुनिया में एक भी देश एक भी व्यक्ति ने गांधीवाद नहीं अपनाया और ना भारत में लेकिन भारत सरकार और सरकारी तंत्र गांधी को राष्ट्रपिता मानकर हर जगह उनकी फोटो लगाकर देश का विस्तार करते हुए उसे दुनिया की सर्वश्रेष्ठ महाशक्ति बन चुका है और मोदी जी ने तो अब गांधी की तुलना भगवान श्री कृष्ण से कर दिया 

तो फिर सैना पुलिस की क्या आवश्यकताहै ‌ लड़ाई लड़ने के लिए सोंटी और लंगोटी बकरी और चरखा ही काफी है इसी से दुश्मन का मुकाबला आराम से किया जा सकता है और जिस तरह गांधी ने सत्य अहिंसा ब्रह्मचर्य का प्रयोग किया वही काम राजनेताओं के साथ देश की 151 करोड़ जनता को भी करना चाहिए इससे अधिक क्या लिखा जाए डा दिलीप कुमार सिंह

Monday, 8 December 2025

मौसम की भविष्यवाणी

मौसम की भविष्यवाणी 

आज जौनपुर और आसपास के सभी जनपदों का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा आज 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवा  से ठंड विकराल हो जाएगी और 150 वायु गुणवत्ता सूचकांक के साथ मौसम  भीषण ठंडा और गलन वाला रहेगा।‌‌ आज से हल्के बादल होंगे जो धीरे-धीरे साफ हो जाएंगे हवा तेज रहेगी लेकिन वर्षा नहीं होगी।

 हल्का कोहरा और हल्के बादल भी रहेंगे। कोहरा पाला ओस तुषार पहाड़ों पर बर्फबारी बढ़ती चली जाएगी।‌‌ यह ठंड गलन और पछुआ हवा एक  सप्ताह तक कायम रहेगी। इसी बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक 100 से 200 के बीच और पछुआ हवा की गति 100 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी।

कल  से मौसम में ठंड स्थिर रहेगी बाकी स्थितियां आज की तरह रहेगी कल का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहेगा इस तरह भीषण ठंड 5 से  शुरू हो जाएगी ।

अभी जौनपुर और आसपास एवं उत्तर भारत में वर्षा की 15 दिसंबर तक कोई संभावना नहीं बन रही है आने वाले दिनों में ठंड और तेज होती जाएगी हिमालय क्षेत्र में हिमपात जारी रहेगा दक्षिण भारत में चक्रवार्ती वर्ष का क्रम 7 दिसंबर तक थम जाएगा‌ उत्तर प्रदेश के कई भागों में तापमान पांच से और पश्चिम उत्तर भारत में तीन से नीचे चला जाएगा पर्वतों पर तापमान-15 डिग्री तक पहुंच जाएगा ‌।‌‌ तमिलनाडु पुडुचेरी अंडमान निकोबार में वर्षा होगी

90% अमेरिका चीन जापान रूस कोरिया 100% यूरोप और 70% एशिया के उत्तरी भागों में महाविकराल ठंड और घनघोर बर्फबारी होगी ऑस्ट्रेलिया और दक्षिणी अमेरिका में गर्मी पड़ेगी। कुछ भयानक ज्वालामुखी विस्फोट और प्रचंड समुद्री लहर और प्रशांत तथा अटलांटिक में भयानक चक्रवात उठने की संभावना है अमेरिका और यूरोप तथा रूस के उत्तरी भागों में प्रचंड बर्फ की आंधियां चलेगी।
 
जापान और बंगाल की खाड़ी में 6 से 8 रिक्टर स्केल के पैमाने पर भीषण भूकंप आने से जापान बांग्लादेश में हाहाकार बचेगा। और हल्की सुनामी आने की संभावना है इसके अलावा भी आने वाले दिनों में प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्र में कई जगह भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होने की प्रबल संभावना है।
 -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर ‌ साथ में नन्हा ज्योतिषी पड़ोंकी दादा अविरल जो गुड्डा जैसा दिख रहा है

जाड़े में कैसा हो हमारा भोजन ‌और रहन सहन-डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

जाड़े में कैसा हो हमारा भोजन ‌और रहन सहन-डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 
ठंड का मौसम आते ही सब कुछ बदल जाता है इसके पूर्व वर्षा की ऋतु होती है जिसमें कभी सुहावना मौसम कभी उमस और पसीना तो कभी बेहद नम और कभी शुष्क मौसम का सामना एक साथ करना पड़ता है जिससे अनेक रोग बीमारियां लोगों को घेर लेते हैं।‌ वर्षा बीतने के बाद अचानक ही सब कुछ बदल जाता है और हरा-भरा मौसम सूखे मौसम में बदल जाता है और इस प्रकार क्वारऔर कार्तिक ‌‌ महीना विभिन्न प्रकार के सर्दी जुकाम खांसी शरीर दर्द बदन दर्द मच्छर और खटमल तथा मक्खी से फैलने वाले बीमारियों का होता है और इसी समय मलेरिया टाइफाइड जापानी बुखार इत्यादि का भी जोर रहता है और अगहन महीने के प्रारंभ होते ही ठंड का मौसम शुरू हो जाता है ।

आयुर्वेद दुनिया का सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा विज्ञान है आयुर्वेद के अनुसार ठंड का मौसम प्रारंभ होते ही सबसे पहले उठकर गुनगुना हल्का गर्म पानी अवश्य पीना चाहिए ठंडी जितनी बढ़ती जाए पानी भी उतना ही गर्म होना चाहिए यदि इस पानी में आप नींबू मिला लेते हैं या तुलसी की पत्तियां ज्वरांकुश जैसी कुछ चीज डालकर पीते हैं तो यह अमृत जैसा होता है।

अगहन से लेकर आधे चैत्र माह तक शरीर की सारी गर्मी पेट में इकट्ठे हो जाती है इसलिए भूख जमकर लगती है और इस समय आपको अच्छे पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन करना चाहिए बाहर की चीज भूलकर भी नहीं खाना चाहिए यह सभी भयंकर जहर से भी खतरनाक है क्योंकि इसमें सबसे रद्दी तेल मसाले की और अनाज तथा दालों का प्रयोग किया जाता है इस मौसम में अगर एक समय  अदरक तुलसी की पत्ती गिलोय काली मिर्च इलायची दालचीनी की चाय पिएं तो या  गर्म पानी आपके शरीर के जमा हुए सभी प्रकार के कफ को और जहर को निकाल बाहर करता है दूध की चाय भारत में पीने का प्रचलन है लेकिन यह बहुत ही हानिकारक और विषैली होती है जानकर भी लोग इसको छोड़ नहीं पाते हैं जिसका परिणाम अनेक प्रकार की हड्डी और गैस की बीमारियों में प्रकट होता है और भूख भी मर जाती है 

आयुर्वेद के अनुसार इस समय विभिन्न प्रकार के मसाले का हल्के तेल के साथ खूब सेवन करना चाहिए क्योंकि गरम मसाले एक तो शरीर को गर्म रखकर ऊर्जा देते हैं दूसरे सर्दी शरीर में लगे नहीं देते हैं तीसरे गरम मसाले और रसेदार गम सब्जियां शरीर को बहुत अधिक पोषक तत्व देती हैं जाड़े में कभी भूलकर भी ठंडा भोजन और ठंडी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए यदि धूप उपलब्ध है तो भोजन करने के बाद 10-15 मिनट धूप अवश्य लेना चाहिए रात में आग जलाकर भोजन करने के बाद हाथ पैर सेंक कर सोना चाहिए  अन्यथा इससे खुजली दाद खाज और अन्य एलर्जी वाली बीमारियां हो जाती हैं ।

लोग सोचते हैं की दही ठंडी होती है यह बात गलत है जाड़े में दही का सेवन जमकर करना चाहिए  ‌ क्योंकि दही का प्रभाव गर्म होता है लेकिन दोपहर के पहले ही इसका सेवन करना चाहिए रात में दही का प्रयोग भूलकर भी नहीं करना चाहिए सलाद भी और पत्तेदार सब्जियां तथा पालक चौलाई बथुआ सरसों मेंथी चना और अन्य साग जमकर खाना चाहिए इसमें पर्याप्त विटामिन लोहा कैल्शियम मैग्नीशियम एवं विटामिन का भंडार होता है। सूखा मेवा बादाम पिस्ता काजू और तीसी और तिल से बनी चीजों को खूब खाना चाहिए ‌ नीमईया  तुलसी की दो तीन पत्तियां सुबह चबाकर अवश्य खाना चाहिए इस समय अधिक से अधिक पानी पीना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक है यदि गर्म पानी ना मिले तो ताजा पानी हैंडपंप का पीना चाहिए या कुएं का पीना चाहिए जेट पंप का भी ताजा पानी चला कर। पीना अच्छा रहता है सबसे खराब आरो का पानी होता है जो शरीर और हड्डियों को बेकार कर देता है।

इस समय सूखा मेवा मूंगफली का सेवन आंवला और च्यवनप्राश जैसी चीजों को खाना अमृत के समान होता है कच्चा आंवला तो अवश्य ही कम से कम एक खाना चाहिए यदि छोटा देसी वाला मिल जाए तो फिर क्या कहना ।मांसाहारी लोग इस समय अंडे का सेवन कर सकते हैं यह गर्म होता है यदि अंडा खाने के बाद दूध पीते हैं तो और भी उत्तम होता है ‌ वैसे मांसाहार कहीं मन नहीं किया गया है लेकिन शाकाहार उपलब्ध होने पर मांसाहार से परहेज ही करना चाहिए।

 एक बात और भी है कि जाड़े में ताजे पानी से नहाने की आदत डालना चाहिए गर्म पानी से नहाने पर अनेक परेशानी होती है और शरीर के प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है यदि बहुत दिनों से धूप नहीं निकली है या घना कोहरा है तभी हल्का गर्म पानी से गुनगुना करके नहाना चाहिए और नाक में सरसों का तेल अवश्य ही डालना चाहिए यह सर्दी गर्मी वर्ष हर महीने के लिए आवश्यक है इससे सर्दी जुकाम ठीक और अन्य बीमारियों से सुरक्षा मिलती है ‌ इसके साथ ही साथ एक हल्का तेल और घी का प्रयोग करके भोजन करें और बाहर का तेल और घी ना खरीदें ‌ सरसों खरीद कर उसका तेल निकालें या दूध से घी अपने घर में बनाएं ।सोते समय भूख से थोड़ा कम भोजन खाएं सुबह भरपेट भोजन और दोपहर में हल्का नाश्ता करने की आदत डालें ‌ तला भुना होना अधिक तेल मसालेदार और बासी तथा ठंडा भोजन हमेशा नुकसानदायक होता है अधिक मांस मछली भी नहीं खाना चाहिए यह दिखाना है तो घर में बनकर ही खाएं।

इस समय ठंडा पानी ठंडा पर पदार्थ कैफे नियुक्त चीज खाने से बचें बाहर का कोई भी चीज खाने से बच्चे बाहर के बने पिज़्ज़ा बर्गर तेल मसाले सड़े गले बिस्किट पाव रोटी डबल रोटी ब्रेड मक्खन लस्सी कुरकुरे धकाधक चटपटे चाऊमीन हैमबर्गर ‌ मोमोज समोसे पकोड़े नमकीन पनीर जैसी चीज बिल्कुल ना खाएं या आज सदा कर पेट खराब कर देती हैं विपरीत फल देने वाले भोजन कभी ना करें जैसे दूध के साथ मछली और मूली के साथ दूध का प्रयोग दूध के साथ खट्टी चीजों और फलों का प्रयोग कभी ना करें। बाहर की बनी चीजे गंदे ढंग से और बिना स्वास्थ्य के नियमों का पालन किया बनाई जाती हैं और ज्यादातर डायरिया हैजा कालरा इन्हीं चीजों से होता है। उसे महीने में धनिया और माघ में मूली नहीं खाना चाहिए

Sunday, 7 December 2025

मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद नहीं फ़सादी मस्जिद का निर्माण:दोषी ममता सरकार*

*मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद नहीं फ़सादी मस्जिद का निर्माण:दोषी ममता सरकार* 
मस्जिदों से ज़्यादा मुसलमानों को नमाज़ी बनाया जाए।
मस्जिद का इस्लामिक नाम होना चाहिए न कि किसी फसादी का नाम।
अखिल भारतीय मुस्लिम महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष फरहत अली खान ने कहा कि देश में इस्लाम को मानने वालों का हर नागरिक सम्मान करता है लेकिन आक्रांताओं से उतनी ही नफरत भी।
आक्रांताओं  ने देश को लूटा हत्याएं की धार्मिक स्थलों को तोड़ा आज देश में अगर कोई भी नागरिक इनके नाम से जिले, सड़क,व्यापारिक या धार्मिक स्थल का नाम रखता है तो वह राष्ट्र विरोधी होगा न की राष्ट्र हितैषी।
फ़रहत अली खान ने बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के नाम पर मस्जिद का निर्माण किया जाना राष्ट्र विरोध के साथ साथ इस्लामिक विरोधी भी है।
फरहत अली खान ने कहा मुसलमान देश में अमन शांति और तरक्की चाहता है ।
क्योंकि इक़बाल ने भारत के लिए कहा।
*गर फ़िरदौस ए बरीअस्त हमीं अस्त हमीं अस्त*
अगर दुनिया में कही जन्नत है तो वह भारत ही है भारत ही है।
हिमायों कबीर जैसे फसादी लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही कर  जेल की सलाको के पीछे होना चाहिए भारत सरकार से हम अपील करते हैं और मांग भी करते हैं।
ममता सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू हो।
यह देश के अमनों अमान का विषय है। इससे कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता।
फरहत अली खान 
अध्यक्ष मुस्लिम महासंघ

Saturday, 6 December 2025

शरिया के नज़रिए से तलाक-ए-हसन: न्याय, जवाबदेही और नैतिक सुधार*

*शरिया के नज़रिए से तलाक-ए-हसन: न्याय, जवाबदेही और नैतिक सुधार* 

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने 26 नवंबर, 2025 को मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत तलाक के एक तरीके, तलाक-ए-हसन की प्रैक्टिस की जांच करने में एक अहम कदम उठाया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने इस प्रैक्टिस की संवैधानिक कमियों और सामाजिक असर की जांच की। इस्लामिक कानून के जानकारों के मुताबिक, तलाक-ए-हसन तलाक का एक प्रोसेस है जिसमें सुलह का समय शामिल होता है, जिससे पति और पत्नी दोनों को अपने शादीशुदा रिश्ते पर फिर से सोचने का मौका मिलता है। इस तरीके को रद्द करने लायक माना जाता है और यह नब्बे दिन के इंतज़ार के समय के दौरान सुलह का मौका देता है। तलाक तीसरी बार कहने के बाद ही फाइनल और इर्रिवोकेबल हो जाता है, बशर्ते साथ रहना फिर से शुरू न हो। इसे तुरंत तलाक की तुलना में तलाक का ज़्यादा सोच-समझकर और इज्ज़तदार तरीका माना जाता है, जिससे कपल को सोचने का समय मिलता है। इस प्रोसेस में मुख्य तौर पर पति और पत्नी होते हैं;  इसमें शामिल कोई भी काउंसिल सिर्फ़ सलाह देने वाली भूमिका निभाती है और इसमें एक लोकल कमेटी, एक शरिया बोर्ड, या लोकल कोर्ट के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के दखल को तलाक-ए-हसन की प्रक्रिया से जुड़ी ज़रूरतों के उल्लंघन के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। अपने फ़ायदों के लिए प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल और हेरफेर ही पीड़ितों को सबसे बड़ी अदालत जाने के लिए मजबूर करता है। कोर्टरूम एक तरीका और बराबरी का पुल दोनों बन जाता है, जो उस असमानता को सामने लाता है जिसमें पुरुषों के फ़ैसले हावी होते हैं जबकि महिलाओं की चिंताओं को अनसुना कर दिया जाता है। कोर्ट ने एक बारीक नज़रिया अपनाया, और इसमें शामिल पार्टियों से सभी ज़रूरी जानकारी मांगी। इसने मुख्य याचिका में पति गुलाम अख्तर से पूछताछ की, जिन्होंने बिना साइन किए नोटिस के ज़रिए तलाक़ सुनाने का काम अपने वकील को सौंपने की कोशिश की थी। कोर्ट ने प्रक्रिया से जुड़ी उन गलतियों को रोकने के लिए सख़्त निर्देश जारी किए जो महिलाओं की कमज़ोरी को बढ़ाती हैं।

 CJI सूर्यकांत, जस्टिस उज्जल भुयान और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह वाली बेंच ने अख्तर को न सिर्फ ज़िम्मेदारी से बचने के लिए पूछताछ का सामना करने के लिए बुलाया, बल्कि एक मिसाल भी कायम करने के लिए कहा। CJI कांत ने कहा, "आप अपने वकील को निर्देश दे सकते हैं लेकिन अपनी पत्नी का सामना करने की हिम्मत नहीं जुटा सकते? शादी तोड़ने की यह आउटसोर्सिंग इस प्रोसेस की पवित्रता को कम करती है।" कोर्ट ने उन्हें हिना और उनके पांच साल के बच्चे को पूरा सपोर्ट देने का निर्देश दिया, तीसरे पक्ष के इस्तेमाल को मना कर दिया और इस बात पर ज़ोर दिया कि वह शरिया के मुताबिक खुद अपने इरादे बताएं। हिना ने अपनी मुश्किलें बताईं, जिनमें उनके बेटे का पासपोर्ट रिन्यूअल और स्कूल एडमिशन न मिलना और बिना साइन वाले नोटिस की वजह से एक से ज़्यादा पति होने के आरोपों का खतरा शामिल है। कोर्ट ने डॉक्यूमेंटेशन और कस्टडी के बारे में अंतरिम निर्देशों सहित जल्दी राहत का भरोसा दिया।

इस केस ने बेंच की इस बात को और पक्का किया कि तलाक-ए-हसन - जिसे 2017 के शायरा बानो जजमेंट में तलाक-ए-बिद्दत को खत्म करने के लिए रद्द नहीं किया गया था - आर्टिकल 14 (बराबरी) और 21 (जीवन और सम्मान) का उल्लंघन है। कोर्ट ने कहा कि "अगर तलाक धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार होना है, तो पूरे प्रोसेस का पालन किया जाना चाहिए जैसा बताया गया है।" इसने इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी तीसरे पक्ष को तलाक देने का अधिकार नहीं दिया जा सकता, जिससे ऐसा ट्रांसफर गैर-संवैधानिक हो जाता है और महिलाओं की गरिमा और अधिकार कमज़ोर होते हैं। इस प्रोसेस का गलत इस्तेमाल महिलाओं को अलग-थलग कर देता है, उन्हें छोड़ दिया जाता है, और यह संवैधानिक सुरक्षा और इस्लामी उसूलों, दोनों का उल्लंघन करता है, जो तलाक के समय महिलाओं के साथ सही बर्ताव और फाइनेंशियल सिक्योरिटी पर ज़ोर देते हैं। पैगंबर ने खुद तलाक को हतोत्साहित किया और सुलह को बेहतर तरीका बताया।

 कोर्ट ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) और समस्त केरल जमीयतुल उलेमा को भी दखल देने और इस्लामिक शादी और तलाक के कानूनों का मतलब बताने की इजाज़त दी। सूरह अत-तलाक में कुरान की गाइडेंस आर्बिट्रेशन और बराबरी की बात करती है, न कि तलाक-ए-बिद्दत की जल्दबाजी वाली बात। कोर्ट ने कहा कि धार्मिक रीति-रिवाजों को संवैधानिक सीमाओं के अंदर ही चलना चाहिए। जब पर्सनल लॉ एकतरफ़ा फ़ैसलों की इजाज़त देते हैं जो महिलाओं को महर ज़ब्त किए बिना खुला जैसे आपसी अधिकारों से दूर रखते हैं, तो यह सुधार के लिए एक ज़रूरी मामला बनता है। यह सुनवाई एक मज़बूत याद दिलाने वाली बात है कि न्याय को सबसे कमज़ोर लोगों की रक्षा करनी चाहिए। कोर्ट ने हीना की हिम्मत की तारीफ़ की, यह मानते हुए कि धार्मिक तरीकों के गलत इस्तेमाल की वजह से कई महिलाओं को तकलीफ़ होती है। इस्लामी शिक्षाएँ खुद न्याय की माँग करती हैं; सूरह अत-तलाक मानने वालों को चेतावनी देती है कि तलाक की कार्रवाई के दौरान महिलाओं को न निकालें या परेशान न करें। कुरान महर, तलाक के बाद गुज़ारा भत्ता और आज़ाद प्रॉपर्टी के मालिकाना हक के ज़रिए महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षित करता है, जिससे तलाक की पूरी प्रक्रिया के दौरान इज़्ज़त और सुरक्षा पक्की होती है।
फरहत अली खान 
एम ए गोल्ड मेडलिस्ट

वोट और राजनीति के लिए भारत के राजनेता अधिकारी ऐसे ऐसे लोगों की पूजा करते हैं जिनका संपूर्ण इतिहास और चरित्र ही काला है अपने मां-बाप को कभी पूजा न करने वाले यह अधिकारी राजनेता क्या कुछ अपने लाभ के लिए नहीं कर सकते हैं

वोट और राजनीति के लिए भारत के राजनेता अधिकारी ऐसे ऐसे लोगों की पूजा करते हैं जिनका संपूर्ण इतिहास और चरित्र ही काला है अपने मां-बाप को कभी पूजा न करने वाले यह अधिकारी राजनेता क्या कुछ अपने लाभ के लिए नहीं कर सकते हैं 
भारत की राजनीति ऐसी है कि जो गधे को घोड़ा और घोड़े को गधा बनाने में सक्षम है 99% पुरस्कार और पद आयोग के लोगों को ही इसी के अंतर्गत मिलते हैं और यही देश के शक्तिशाली और सक्षम एवं विकसित देश बनने में सबसे बड़ी बाधा है।


यही कारण है कि पद्मश्री पद्म भूषण पद्म विभूषण और भारत रत्न के लिए 95 प्रतिशत राजनेता ही चुने जाते हैं जो एक स्कूल में भी कभी पुरस्कार नहीं जीत सके हैं तुकाराम ओम वाले जैसे लोगों को ना तो भारत रत्न मिलता है और ना ही अशोक चक्र से सम्मानित किया जाता है। 

संविधान जैसा विराट ग्रंथ जो सैकड़ो लोगों के संयुक्त प्रयास से बना उसे भी व्यक्ति विशेष का बना हुआ बताया जाता है यह सब राजनीतिक नहीं तो क्या है। 

भारत में जैसे ही कोई राजनीति में और बड़े अधिकारी वर्ग में प्रवेश करता है वैसे ही वह सब कुछ असली भूल कर नकली हो जाता है और देश प्रेम कट्टर सनातनी धर्म हिंदी हिंदू हिंदुस्तान और राम राज्य को रद्दी की टोकरी में फेंक देता है ‌ यदि किसी को इन बातों पर आपत्ति हो तो अपना विचार और आपत्ति अंकित करें । डॉ दिलीप कुमार सिंह

कल सूर्पनखा को भौंकते देखा तो अपनी एक कविता याद आ गई

कल सूर्पनखा को भौंकते देखा तो अपनी एक कविता याद आ गई ....

मेरी गली में कुत्ता भौंका 
मैंने  सोचा  जाने  दो 
मेरी गली दो कुत्ते भौंके 
मैंने   सोचा   आने  दो

फिर बाहर से कुत्ते आए
बोले सारी की सारी है 
और जहाँ पर रहते हो तुम
पूरी गली हमारी है 

फिर कुत्तों ने बोर्ड बनाया 
गली में एक नोटिस चिपकाया 
जहां तलक देखेंगे कुत्ते 
वहां तलक अधिकार बताया 

कुत्ते   सड़क पे ही भौकेंगे 
कुत्ते   सड़क पे ही लेटेंगे
जनसँख्या  है बहुत बढ़ चुकी
कुत्ते  सड़क  पे  ही बैठेंगे

फिर मैं समझी अति हो गई 
सब कुत्तों की मति सो गई 
मैं केवल सब देख रही थी
इसीलिए  ये  गति  हो  गई 

फिर हिम्मत को किया इकट्ठा
और  मैं  लाठी लाई निकाल 
जब पिटने का नंबर आया 
तब  कुत्तों  में मचा बवाल 

इक  कुत्ते  को  डंडा मारा 
चार भगे और दो चिल्लाए 
दो   डंडे   जब   मारे   मैंने 
तब जाकर कुत्ते पछताए  

तीजे डंडे में सब भागे 
चौथे में मजबूर हुए 
और हमारी गली सुरक्षित 
सारे कुत्ते दूर हुए 

कई   तरह   के   कुत्ते   हैं  
सबकी सोच फितूरी है
हर कुत्ते के मन में कोई 
चाहत  बची  अधूरी  है  

तो जब तक कुत्ते हैं इस जग में 
तब तक अपनी मजबूरी है 
अपनी गली बचानी है तो 
लाठी  बहुत  जरूरी  है 

_©® समीक्षा सिंह । उत्तर प्रदेश 
आधार आपका अधिकार है, इससे ही पहचान करें 
जागृत रहें, संगठित रहें, सुरक्षित रहें.....................