Friday, 30 January 2026

आने वाले समय की कुछ महान भविष्यवाणियों -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

आने वाले समय की कुछ महान भविष्यवाणियों -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 

हमारे अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान केंद्र की गहन गणनाओं और आकलन के आधार पर कुछ बहुत बड़ी घटनाएं निम्नलिखित हैं 

आने वाले समय में अमेरिका और ईरान में भयानक युद्ध होते-होते बच जाएगा फिर भी ईरान का बहुत अधिक नुकसान होगा और उसके पक्ष में खड़ा होने वाला कोई नहीं दिखेगा ना अरब देश ना चीन और नहीं रूस 
‌ लंबे समय तक शांत रहने के बाद एक बार फिर सूर्य में प्रचंड विस्फोट होंगे और भयानक सौर ज्वाला है उत्पन्न होंगे जिसका धरती पर भयानक असर पड़ेगा ‌ जल थल और नभ में ‌ भयानक दुर्घटनाएं होंगे और सभी धर्म के धर्म गुरु लोग और बड़े-बड़े लोगों के संबंध का पर्दाफाश होगा और पता लगेगा कि यह वास्तव में कोई महान संत नहीं है बल्कि बड़े लोगों के हाथ के खिलौने हैं। 

एक सप्ताह के अंदर ही उत्तरी अमेरिका के भयंकर बर्फीले महा चक्रवात अमेरिका में हाहाकार मचा देंगे जिससे अमेरिका बर्फ की सफेद चादर से ढक जाएगा और खेत खलिहान समुद्र नदी घर मकान सभी बर्फ से जाम जाएंगे यह एक महान बर्फीले बम के विस्फोट जैसा होगा और लगभग यही दृश्य यूरोप सोवियत रूस चीन मंगोलिया कोरिया जापान हिमालय क्षेत्र और अब के कुछ भागों में भी होगा 

एक सप्ताह के अंदर भयंकर आग लगने की ‌ बड़ी-बड़ी घटनाएं भारत सहित पूरी दुनिया में होगी लेकिन सबसे बड़ी अग्नि की दुर्घटना इंडोनेशिया ‌ में घटित होगी 

भारत को सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों की मिली मर और नूरा कुश्ती के चलते अनेक भयानक स्थितियों से गुजरना होगा जिसमें सनातन धर्म के आपस में लड़ने और बन जाने का भयंकर खतराउत्पन्न होगा लेकिन ‌ धर्मगुरु लोगों न्यायालय के हस्तक्षेप और समझदार सनातनी लोगों के कारण जातियों के आपस में लड़ने का खतरा टल जाएगा 

फरवरी के प्रथम सप्ताह में जौनपुर सहित उत्तर भारत में भयंकर मौसम संबंधित उथल-पुथल होगी और ‌ अनेकस्थान पर झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला बिजली की चमक और गरज ‌ और तेज हवाओं से भारत का अधिकांश भाग प्रभावित होगा हल्के मध्यम विनाशकारी भूकंप भी भारत सहित दुनिया में आएंगे 

आने वाले समय में अमेरिका का एक छत्र राज होगा और भारत को ट्रंप और अमेरिका के विरोध की बहुत बड़ी कीमत चुकानी होगी भारत में अभी आगे कई बड़े-बड़े राजनेताओं के दुर्घटनाओं में और अन्य चीजों में मारे जाने का स्पष्ट योग है शीर्ष राज नेताओं की लोकप्रियता धूल में मिल जाएगी और उनकी असलियत भी उजागर हो जाएगी ।

महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार अपराध एवं अपराध लाल फीता शाही संवेदनहीनता घूसखोरी रोकने में असफल होने पर सरकार और सरकारी तंत्र ज्ञान बांटने के लिए अनेक अनावश्यक नियम कानून और विधेयक लाएंगे और जनता का ध्यान बांटने और उन्हें आपस में लड़ने में सफल भी रहेंगे सोना 2 लाख और चांदी 4 लाख के ऊपर हो जाएगी।

खेलों के क्षेत्र में भारत क्रिकेट को छोड़कर बाकी खेलों में और भी नीचे चला जाएगा और विश्व तथा ओलंपिक स्तर की इक्का दुक्का प्रतियोगिताओं को छोड़कर सब में भारत बहुत बुरी तरह से और भी नीचे जाएगा।


भारत और यूरोपीय संघ का व्यापार समझौता सफल नहीं हो पाएगा अनेक अड़चनों के बाद भारत को इसमें भीषण नुकसान होगा और अंत में यह समझौता समाप्त हो जाएगा ‌ सरकार और न्यायपालिका अपने अधिकारियों कर्मचारियों को सोशल मीडिया से दूर रखने के लिए कठोर कदम उठाएगी।

बहुत जल्दी खाद्य पदार्थ पेय तैल और ठंडे पेयपदार्थ और दावों के जहरीले राज का पर्दाफाश होगा और तब भारत सहित पूरी दुनिया को यह जानकर गहरा धक्का लगेगा कि छोटे-मोटे तो दूर बड़े से बड़े प्रमाणित सामग्री भी जहर और मिलावट से भरी हुई है और शरीर में 90% रोग बीमारियों का कारण यही खाद्य और पेय पदार्थ तथा कोल्ड ड्रिंक और उसमें मिलाया जाने वाले जहरीले पदार्थ और नकली पदार्थ हैं 

विमान और अन्य दुर्घटनाओं में धर्मगुरु लोगों के आंदोलन में बड़े-बड़े सौदों के लेनदेन में सरकारी विभागों और संस्थानों में इतने बड़े-बड़े रहस्य खुलेंगे और लेनदेन का पर्दाफाश होगा और उसके पीछे छिपे घड़ियाल ऐसे ऐसे होंगे कि लोगों को विश्वास नहीं होगा और भी बहुत कुछ घटना वाला है बहुत जल्दी आने वाले एक महीने में बस आराम से देखते रहिए और लगातार नियंत्रण से बाहर होने वाली महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार घूसखोरी संवेदनहीनता और लाल फीता शाही का आनंद उठाते रहिए

यूपी पेरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के जिला सचिव बने फ़रहत अली खान*

*यूपी पेरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के जिला सचिव बने फ़रहत अली खान* 
उत्तर प्रदेश पेरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ने खेलो को समर्पित फ़रहत अली खान को जिला सचिव नियुक्त किया है।
नियुक्ति के बाद फ़रहत अली खान ने कहा के अब दिव्यांग जन भी खेल प्रतिभाएं रामपुर के मैदानों में खेलती नज़र आएंगी।
पेरा स्पोर्ट्स प्रतियोगिताएं मार्च के अंतिम सप्ताह में आयोजित किए जाएंगे। 
यह खेल ओपन महिला एवम पुरुष और स्कूल स्तर के होंगे।
अब सामान्य ओलिंपिक में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों की भांति नौकरियां और करोड़ों रुपए के पुरस्कार दिए जाते हैं।
रामपुर के पैरा खिलाड़ियों को अतिशीघ्र प्रशिक्षण देकर प्रदेश, देश और विश्व स्तर पर प्रदर्शन कराने योग्य बनाया जाएगा।
फ़रहत अली खान यूपी पेरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन का आभार सहित धन्यवाद किया।

Thursday, 29 January 2026

आज पूर्व सचिव अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री प्रशांत कुमार सिंह सर का उनके प्रमोशन पर विदाई समारोह आयोजित किया गया

आज पूर्व सचिव अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री प्रशांत कुमार सिंह सर का उनके प्रमोशन पर विदाई समारोह आयोजित किया गया 
और नवागत सचिव श्री सुशील कुमार सिंह के आगमन पर उनका स्वागत डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल अनिल कुमार सिंह के डिफेंस काउंसिल ‌ प्रकाशतिवारी और अनुराग चौधरी असिस्टेंट डिफेंस काउंसिल ‌ जनपद न्यायालय जौनपुर एवं देवेंद्र कुमार यादव काउंसलर परिवार न्यायालय मृदुल कुमार यादव अधिवक्ता बृजेश कुमार सुनील कुमार मौर्य सुनील कुमार शिव शंकर सिंह राकेश कुमार यादव राजेश कुमार यादव अरविंद चौबे स्टेनो रूबी सिंह ‌ एवं अन्य कर्मचारियों के द्वारा किया गया। ‌‌ प्रोन्नति प्राप्त सचिन सर प्रशांत कुमार सिंह को पुष्प गुच्छ माला और शाल देकर सम्मानित किया गयाइस अवसर पर डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह के द्वारा स्वागत भाषण और विदाई गीत प्रस्तुत किया गया।

Tuesday, 27 January 2026

2015 में ही मैंने भविष्यवाणी किया था **कि गोधरा के मोदी साबरमती के गांधी बन चुके हैं**

‌‌ ‌ 2015 में ही मैंने भविष्यवाणी किया था 


**कि गोधरा के मोदी साबरमती के गांधी बन चुके हैं** 

सारा खेल भारत को मुस्लिम राज्य बनाने के लिए मोटा भाई को प्रधानमंत्री बनने के लिए और योगी जी को कल्याण सिंह  और लाल कृष्ण आडवाणी की तरह देश से गायब करने के लिए हो रहा है इस बात को समझ जाइए क्योंकि मोदी और सभी 58 मुस्लिम देश और 105 क्रिश्चियन देश जानते हैं कि जोगी आया तो भारत विश्व गुरु बन जाएगा और सनातनी देश भी घोषित करने से कोई रोक नहीं पाएगा इसलिए मोदी और मोटा भाई ने ब्रह्मास्त्र चला दिया है 


तब आंख मूंद कर मोदी का समर्थन करने वाले लोग मुझसे लड़ पड़े थे और वह लड़ाई आज भी जारी है लेकिन अब बताओ आप लोग सही थे या मैं सही था

मोदी जी को तेज तरार ईमानदार सनातन धर्म को एक करने वाले लोकप्रिय राजनेता नहीं चाहिए उन्हें राष्ट्रपति से लेकर लोकसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री तक रबर स्टैंप चाहिए जो उनकी हां में हां मिल सके मैं प्रमाण देता हूं कि एक भी तेज तर्रार लोकप्रिय और सच्चे सनातनी भाजपा के नेता से मोदी की कभी नहीं पटी और ना पटेगी 

मोदी जी को मुलायम ममता बनर्जी अखिलेश राहुल प्रियंका सोनिया केजरीवाल जैसे लोग पसंद हैं जो सनातन धर्म को तोड़फोड़ कर इसको लड़ा कर अपना उल्लू सीधा करें अनगिनत सच्चे राजनेता जो सनातनी थे इस भेंट में चढ़ गए उनको ऐसा नेता नहीं चाहिए जो उनके कद का हो या उनसे अधिक लोकप्रियहो जाए 


अमित शाह को प्रधानमंत्री बनने के लिए मुसलमान के विकास करने के लिए सनातन धर्म को बर्बाद करने के लिए जो कुछ भी हो रहा है मोटा भाई और मोदी करते चले जा रहे हैं जैसे गांधी को सनातनी मूर्ख अपना मसीहा समझते थे उसी तरह मोदी ने खुद को स्थापित कर लिया और जाते-जाते अटल बिहारी की तरह भाजपा को ध्वस्त करके ही जाएंगे वैसे उनका 27 तक हर हाल में बिना होना हीहै 

मुस्लिम देशों और इसी देश के दबाव में मोदी जी हर उल्टा सीधा कदम उठा रहे हैं हमें लगता है कि मोदी जी के कुछ चरित्र वीडियो और अन्य चीज मुलायम अखिलेश ममता बनर्जी राहुल परिवार और अन्य लोगों के पास है जिसके कारण वह अपना काम उसी के अनुरूप कर रहे हैं 

आज पूरे भाजपा में दो-तीन लोगों को छोड़कर लोकप्रिय कर्मठ सनातन भक्त और कट्टर राजनेता दूर-दूर तक नहीं दिखाई देता संघ को तो मोदी ने समाप्त ही कर दिया है 

मुरली मनोहर जोशी कल्याण सिंह सुषमा स्वराज अटल लालकृष्ण आडवाणी कंगना राणावत नूपुर शर्मा गोविंदाचार्य शिवराज सिंह चौहान विजयाराजे संध्या ‌ अश्वनी उपाध्याय कमलेश तिवारी जैसे अनगिनत देशभक्त सनातन भक्त कर्मठ और अखंड भारत सनातन धर्म के लिए समर्पित लोगों का आज भाजपा में दूर-दूर तक कहीं पता नहीं है 


लोगों को कुछ समझ ही में नहीं आ रहा है कि मोदी जी 2047 का नाम बार-बार क्यों ले रहे हैं क्या यह संजोग है कि मुस्लिम देश और भारत के मुसलमान 2047 तक भारत को मुस्लिम देश घोषित करना चाह रहे हैं तो क्या 2047 तक विकसित भारत बनाकर मोदी गांधी की तरह उसे मुसलमान को सौंपने की तैयारी कर रहे हैं गोस्वामी तुलसीदास जी ने ऐसे ही लोगों के लिए लिखा था कि जनता इसीलिए चुप रहती है क्योंकि वह जानती है कि देश के 99% सनातनी हिंदू राजनेता अंत में गद्दार ही निकलेंगे 

बड़ी चालाकी से मोदी जी ने ठाकुर ब्राह्मणों को लड़ा दिया और दोनों का विनाश होना निश्चित है और अनुसूचित जाति जनजाति दलित लोगों को भी कोई फायदा होने वाला नहीं है शहर से गांव तक देख लो कितने लोगों की तकदीर बदली है बस एक झुनझुना है क्योंकि पूरे देश की सारी नौकरियां केवल एससी स्ट दलित लोगों को दे दी जाए तब भी 99 % लोग बेरोजगार रहेंगे इसी कमी को छुड़ाने के लिए इतना नौटंकी की जा रही है देश में नौकरी है ही नहीं देंगे किसको 

एक बात और बता दे कि मोदी जी की कभी भी योगी जी पुष्कर सिंह धामी हेमंत विश्व शर्मा शिवराज सिंह चौहान विजय राजे सिंधिया नितिन गडकरी जैसे कर्मठ योग्य ईमानदार राष्ट्रभक्ति और सनातन धर्म के महानायक पहुंचे कभी नहीं पटी 

जब ठाकुर ब्राह्मण आपस में लड़ेंगे बनिया और लाल किनारे हो जाएंगे अनुसूचित जाति जनजाति दलित और अन्य पिछड़े वर्ग के लोग सच्चाई भूल जाएंगे तो 2047 तक सब अपने आप मुसलमान हो जाएंगे और देश पुराण और तलवार छोड़कर कलमा और कुरान पड़ेगा जो गांधी जी पूरा नहीं कर पाए वह मोदी कर रहे हैं 


इसका एक प्रभाव होगा कि आपस में लड़कर ठाकुर ब्राह्मण जल्दी ही लाला और बनिया लोगों के समझाने पर एक हो जाएंगे और मोदी जी के विरुद्ध एक प्रचंड संगठन तैयार हो जाएगा बहुत जल्दी ऐसा होगा 


अब बताओ मैं 2015 में जो भविष्यवाणी किया था 

**गोधरा के मोदी साबरमती के गांधी बन गए हैं** 

क्या हुआ बिल्कुल सही सिद्ध नहीं हुआ

Monday, 26 January 2026

दुनिया में इस्लाम धर्म के प्रचार का वास्तविक कारण -डॉ दिलीप कुमार सिंह [1/27, 7:46 AM] Dr Dileep Kumar singh: प्रेम के द्वारा धर्म युद्ध अर्थात लव जिहाद ‌ के द्वारा 90% इस्लाम पूरी दुनिया में फैला और इसका

दुनिया में इस्लाम धर्म के प्रचार का वास्तविक कारण -डॉ दिलीप कुमार सिंह [1/27, 7:46 AM] Dr  Dileep Kumar singh: प्रेम के द्वारा धर्म युद्ध अर्थात लव जिहाद ‌ के द्वारा 90% इस्लाम पूरी दुनिया में फैला और इसका 
 सबसे सरल रूप यह है कि जहां पर सुंदर लड़कियां होगी वहां पर धनी विधर्मी पुरुष और लौंडे और यदि सनातनी पुरुष धनी या उच्च पद पर हैं तो वहां पर सुंदर विधर्मी लौंडिया तितली की तरह तब तक मंडराती रहती हैं जब तक उनको अपने प्रेम जाल में फंसा कर उनकी सारी संपत्ति धन वैभव पर कब्जा न जमा लें ‌ उनकी पहली शर्त ही होती है बिधर्मी बनाना यह भी उनके द्वारा दी जाने वाली शिक्षाओं में से एक है जिसको अभी तक कोई समझ नहीं पाया था ‌ दुनिया में 90 प्रतिशत विधर्मी इसी हथियार से बने हैं और उन्होंने सबको मुस्लिम बनाया -हैडॉक्टर दिलीप कुमार सिंह

इसके लिए अब देश के भौगोलिक स्थिति को समझना आवश्यक है भयानक मरुस्थल घनघोर गर्मी और भयंकर ठंड के मौसम में रहने वालों के लिए रेत ऊंट और खजूर के अलावा कुछ भी उपलब्ध नहीं था विपरीत परिस्थितियों के कारण मार काट मचाना और अन्य जगहों को लूटपाट कर अपना जीवन चलाना इनका शुरू से ही लक्ष्य था‌ प्राचीन काल में भारत जब ईरान तक फैला था तब इंद्रप्रस्थ की राजधानी होने से राजद्रोह लोगों को इस तरह काला पानी की सजा अरब के भयंकर रेगिस्तान में दी जाती थी जैसे अंग्रेज भारतीय लोगों को अंडमान निकोबार में काला पानी की सजा देते थे अधिकांश लोग तो मर ही जाते थे लेकिन धीरे-धीरे लोगों ने वहां पर मर्द्यान्न अर्थात नकल स्थान को खोज लिया और धीरे-धीरे वही बसने लगे कालांतर में इनकी संख्या बढ़ गई तो सनातन धर्म से स्वाभाविक विरोध होने के कारण संगठित होकर भारत पर आक्रमण करना प्रारंभ कर दिया। यह सतयुग त्रेता द्वापर से लेकर आज तक विद्यमान है बस उसका रंग ढंग अलग हो गया है।

[1/27, 8:43 AM] Dr  Dileep Kumar singh: 1500 वर्ष में यही इन लोगों के द्वारा किया गया है और 90% से अधिक लोग इसी हथियार से मुस्लिम बने हैं यह रास्ता उनके पैगंबर द्वारा दिखाया गया है जिन्होंने खुद ऐसा ही करके इस धन दौलत और स्त्री के द्वारा मुस्लिम धर्म को उत्पन्न किया था ।‌ अपनी चतुराई और बुद्धि से उन्होंने ऐसा साम्राज्य खड़ा कर लिया कि बड़े-बड़े महापुरुष और धर्म प्रचारक देखते रह गए

पूरी दुनिया में और भारत में और जौनपुर में भी आप इन लोगों का जितने भी बड़े प्रतिष्ठान संस्थान व्यापारिक केंद्र देख रहे हैं वह सभी हमारे आपकी ही धन की ‌ परिणीति है और यही इनका धन कमाने का मुख्य जरिया है । लेकिन यह इनका गुण है और आपका अवगुण है दुनिया ‌ एक जंगल है जिसमें शिकार और शिकारी दोनों रहते हैं लेकिन हर शिकार शिकारी के हाथ नहीं आता सबसे आसान शिकार शिकारी के हाथ में आ जाता है वही हाल इनका भीहै।

आप पूरी दुनिया में एक भी ऐसा उदाहरण नहीं देख सकते जहां किसी गैर धर्म वाले ने इनके किसी धनी महिला से विवाह करके उसे अपना धर्म वाला बना लिया हो और उसकी धन दौलत पर कब्जा कर लिया हूं उल्टा यदि कभी ऐसा हो भी गया तो वही लोग मुसलमान बनकर पूरी दुनिया को मुस्लिम बनाने में पूरे जोर से जुट जाते हैं 

आप लोग अचानक ही देखते हैं कि बांग्लादेश में अमर पाकिस्तान और विदेशों से तथा दिल्ली मुंबई से मुसलमान छोटी सी अनजान जगह पर पहले हाथ पैर जोड़कर लोगों की सेवा करके जय श्री राम बोलकर बस जाते हैं और अचानक ही इतनी तेजी से आगे बढ़ जाते हैं कि आप समझ नहीं पाते कि उसके मूल में आप ही के घर गांव गली मोहल्ले का धनी पुरुष या धनी महिला है और पुरुष को स्त्रियों की स्त्रियों को पुरुष की आवश्यकता होती है 

यह लोग कहीं भी जाते हैं तो पहले यही देखते हैं कि कौन सा पुरुष दुराचारी लंपट है जिसे स्त्रियों की आवश्यकता है और कौन सी स्त्री ऐसी है जो अपने धर्म परिवार समाज से ज्यादा वासना पूर्ति के लिए इच्छुक रहती है या फिर ऐसी स्त्री जिसके बच्चे ना हो या जिनके पति बाहर गए हो या जिसका पति बीमार रोगी हो वह इनका सबसे आसान शिकार होता है वहां पर घुसपैठ करके या लोग अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हैं ।‌ मस्जिदों में ऐसी महिलाएं नियुक्त की जाती हैं जो दिन भर गली मोहल्ले घर-घर में घूम कर ऐसी महिलाओं की खोज करती है जिनके प्रति बाहर हैं बीमार हैं या बहुत धनवान है और व्यापार इत्यादि के सिलसिले में घर बहुत कम आते हैं वहां इनकार सिक्का चलता है और दाल गल जाती है क्योंकि केवल पैसे और भोजन से ही दुनिया नहीं चलती है यह बात जो भूल जाता है वह अपनी पत्नी से हाथ धो बैठता है।

यदि बार-बार प्रयास करने पर भी ऐसी स्त्री ऐसी स्त्री या ऐसा पुरुष उनके वश में नहीं होता तब वह अगला शिकार खोजने लगते हैं हमारे अपने जौनपुर के ‌‌ बांधगांव अतरही खलीलपुर जैसे अनगिनत गांव और ‌ हॉट मिलियंस के पास सराय मोहल्ला और अनेक ऐसे मोहल्ले मानी गुरैनी सोंगर भादी इसका जीता जागता उदाहरण है।

इसका कारण महिलाओं की प्रकृति भी है जो इसका सबसे आसान शिकार बनती हैं यदि उनको मीठा-मीठा बोलकर चापलूसी करके उनको पटा लो तो वह कुछ भी करने को तैयार हो जाती है और ऐसा सर्वे हुआ है कि बलात्कार की शिकार 99 % महिलाएं किसी से भेद नहीं खोलती हैं जिसका यह मुसलमान भरपूर फायदा उठाते हैं ।‌ इनका भेद तभी पता चलता है जब वह गर्भवती हो जाती है या पकड़ी जातीहैं।

ऐसा देखा गया है कि अकेले में इन वासना रूपी शैतानों द्वारा अनगिनत बलात्कार किए गए हैं जिसमें कुछ ही मामले खुल पाए हैं और ऐसा काम करते हैं जो घर के अंदर महिलाओं से संबंधित है जैसे शौचालय की सफाई चूड़ी का बेचना प्लंबरिंग का काम इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक का काम इसका परिणाम होता है कि गैर मुसलमान होते हुए भी इन महिलाओं के गर्भ से पैदा होने वाले लोग मुसलमान होते हैं और बड़े होकर सनातन धर्म का घोर विरोध और मुस्लिम धर्म का घनघोर समर्थन करते हैं 

क्योंकि यह शैतान होते हैं इनको लज्जा शर्म होती नहीं है केवल अपने वासना पूर्ति और दो रोटी से मतलब रखते हैं और इसीलिए यह प्रयास अपने काम से सफल हो जाते हैं इसीलिए जिनका घर के भीतर ‌ बुलाने का निश्चित फल होता है कि आपके घर का विनाश और घर की महिलाओं लड़कियों का उनके साथ भाग जाना या खुद आपका ही उनके घर की महिलाओं लड़कियों के साथ संबंध हो जाना ‌ इसीलिए इस धर्म में महिलाओं को खेती और कामवासना का यंत्र माना जाता है जिन्हें घर के भीतर नकाब हिजाब बुर्का में सुरक्षित रखा जाता है।

यह इतनी चालाक होते हैं कि 10-20 -100 रुपए का सामान आपको बहुत ही सस्ता देते हैं ,लेकिन यदि हजार लाख करोड रुपए की बात है तो इतना बड़ा विश्वासघात करते हैं कि आप जब तक समझ पाते हैं तब तक चिड़िया खेत चुग जाती है यह सभी काम आज से ही आप ध्यान देंगे तो समझ में आ जाएगा 

इनके बीच से गांधी बराक ओबामा और नेल्सन मंडेला जैसे लोग पैदा होते रहते हैं जो इतनी चालाकी से इस्लामी कारण कर देते हैं कि लोगों को समझ ही में नहीं आता और यही वजह है कि आज लंदन और न्यूयॉर्क जैसे विश्व के महानगरों का महापौर मुसलमान है जिसका कोई भी राजनेता कारण नहीं समझ सकता क्योंकि यहां पर केवल पांच प्रतिशत मुसलमान है। 

इसीलिए एक मुसलमान कितना ही गरीब हो आफत का मारा हो कभी भी मुस्लिम बाहुल्य गांवों और मोहल्ले में नहीं जाता है वह ऐसी जगह जाता है जहां पर कोई मुसलमान नहीं होता पहले भीख मांगता है औरतों को बेचकर अपना साम्राज्य खड़ा करता है गैर धर्म की महिलाओं से संबंध बनाता है और फिर धीरे-धीरे वह गांव मोहल्ला देखते-देखते मुस्लिम हो जाता है यह सब शोध बिल्कुल निष्पक्ष मौलिक है और 35 वर्ष लगातार गहन निरीक्षण परीक्षण करके लिखा गया है 

गैर मुसलमान में थोड़ी बहुत दया करुणा उदारता मानवीय मूल्य मदद करने की भावना कृतज्ञता होती है लेकिन इनमें एक पैसे की नहीं पैसा और स्त्री के लिए अपने सगे मां-बाप की हत्या कर देते हैं किसी से कोई भी संबंध नाजायज नहीं है ऐसे भी उदाहरण मिले हैं जहां सगी मां के साथ विवाह कर लिया गया है तो फिर यह किसके हो सकते हैं जिस किसी गैर मुस्लिम ने इन्हें भाई बनाया तो वह दिन में भैया रात को सैया हो जाती हैं उनसे किसी प्रकार की दया और मानवीय मूल्य की आशा करने वाले सबसे बड़े मुर्ख होते हैं और इनको दया करके जो छोड़ देते हैं उनका विनाश निश्चित है जैसे पृथ्वीराज चौहान वीर हमीर ईरान के पारसी और यूरोप के लोग चारों तरफ इनका हाहाकार मचा हुआ है और लोग समझ नहीं पाते कि ऐसा कैसे हो रहा है जबकि मैंने जो लिखा है वही बिल्कुल सही है। 

जिस तरह आज्ञा की अंधकार की सत्य की कोई सीमा नहीं होती है वैसे उनके पतन की कोई सीमा नहीं होती है यदि एक सांप को और इनको साथ में रखना है तो बेशक सांप को आप साथ रख सकते हैं गुरु गोविंद सिंह दाहिर के सेनापति के कथन और अनगिनत उदाहरण देखकर भी आपकी आंखें मूंद जाती हैं क्योंकि इनका मूल्य शूर्पणखा और कालयवन असुर और दानव तथा राक्षस हैं ‌ याद कीजिए भगवान श्री कृष्ण ने कितनी बुद्धिमानी से ऐसे भीमकाय शैतान योद्धा का सम्राट मुछुकुंद से वध कराया था। अब के सारे लोग भारत से निकल गए मलिक छोड़ चांडाल हैं जिन्हें प्राचीन काल में वशिष्ठ की आज्ञा से देश निकाला गया था ‌ जिसका ब्रह्म ऋषि विश्वामित्र ने विरोध किया था सम्राट सूरदास के नेतृत्व में 10 राजाओं से हुआ युद्ध इन्हीं राक्षसों के विरुद्ध युद्ध था यहां पर सारे कबीले आज भी इन्हीं के वंशज हैं

सबसे बड़ी बात यह है की सबसे घातक इनके हुए लोग होते हैं जो प्रेम का मानव मूल्यों का समर्थन करते हैं लेकिन अंदर से सबसे खतरनाक और कट्टर मुसलमान होते हैं सूफी संत पीर फकीर इसी श्रेणी में आते हैं गाजी मियां भी इसी श्रेणी के व्यक्ति थे उनके अनुयाई आज भी यही कर रहे हैं समाज के दिन मुसलमान को आप उधर और सनातनी धर्म के निकट पाते हैं वही सबसे अधिक घातक और विनाशकारी सिद्ध होते हैं इसका उदाहरण कश्मीर से मिलता है जहां पर एक भी मुसलमान किसी एक हिंदू परिवार को निशानी के तौर पर भी बचाने नहीं आया और भारत में पृथ्वीराज राणा प्रताप हम्मीर देव सहित अनगिनत लोगों ने इन भगोड़े लोगों को अपनी सेवा में घर में उच्च स्थान दिया जिसकी वजह से बुरी तरह हार गए और चित्तौड़ का जौहर हुआ ।‌ जब 1948 में पाकिस्तान ने भारत पर आक्रमण किया तो सभी मुस्लिम सीन जो भारत की थी उनके साथ मिलकर भयंकर लूटपाट बलात्कार हिंसा की थी।

‌ सबसे बड़ी बात है कि जो महिलाएं मुस्लिम होकर बच्चे पैदा करती हैं वह उनका जीवन भर भयंकर धार्मिक कट्टरता सिखाती हैं और चाहते हैं कि उनकी तरह सारे लोग भी धर्मी हो जाए ताकि उनको ताना ने मारे ‌ जब सूर्पंखा की नाक कटी तो उसने प्रण किया कि ऐसा समझ पैदा करूंगी जहां नाक कटी हुई औरतों का राज्य हो और उसने कर दिखाया अपने सगे भाई का खानदान नष्ट कर दिया। ‌ आप कितना ही सोच लो पंचर चाप से राष्ट्रपति अधिकारी से चपरासी सब के सब एक ही हैं बस आपको लगता है कि यह सिया है सुनाई है अंसारी है ज्वाला है बरेलवी है देहलवी है ‌ दुनिया में 99% लोगों को यह भी नहीं मालूम कि इन मुसलमानों में  172 जातियां हैं और एक जाति वाला दूसरे के मस्जिद में नमाज भी नहीं पढ़ सकता लेकिन जिस तरह गलत लोग बारीक लोगों के विरुद्ध एक हो जाते हैं वैसे ही 172 लोग किसी भी खतरे के समय एक हो जाते हैं और तब इनको अलग समझने वाला मारा जाता है। 

यह इतने चालाक होते हैं कि गरीब लोगों में अनुसूचित जाति जनजाति और दलित लोगों में घुसकर उनके हमदर्द बनते हैं और उन्हें सनातन धर्म के रक्षक राजपूत और ब्राह्मणों के खिलाफ भड़काते रहते हैं ‌ और मोका मिलते ही उनकी बहन बेटियों को लेकर भाग जाते हैं फिर कुछ दिन बाद आकर बेशर्मी से उन्हीं के घर मोहल्ले में रहते हैं और जैसे ही संख्या बढ़ती है तो सभी अनुसूचित जाति जनजाति दलित और जंगली जातियों को मिटा कर सनातन धर्म स्थापित कर देते हैं मलेशिया इंडोनेशिया इसके सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है ।

कभी आपने ध्यान दिया है कि आज के जमाने में जब हम आप दो बच्चों को पालन पोषण नहीं कर पा रहे हैं तब यह लोग 20 30 बच्चों को कैसे जिला खिला रहे हैं यदि ऐसा किया होता तो आप समझ गए होते लेकिन ऐसा करता नहीं दुर्भाग्य से हमारे विचारक प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लोग हमारे कट्टर सनातनी राजनेता और तमाम हिंदू संगठन और दलों ने कभी इस पर गहराई से विचार मंथन नहीं किया बल्कि विचार मंथन करते-करते उसमें से खुद अधिकांश लव जिहाद के शिकार हो गए ‌ वाराणसी में दुर्गा माता मंदिर के पास स्थित जनकपुरी कॉलोनी का उदाहरण देख लो पहले सारे बंगाली और ब्राह्मण थे आज सारे मुसलमान हैं।  इसी क्रम में होता मिलियन के पास राज होटल मोहल्ला रिजवी खान और सराय कॉलोनी देख लो यह सब के सब सनातनी हिंदू लोगों की रखैल थी और आज 90 प्रतिशत यहां मुसलमान है

‌ नेहरू खानदान जिन्ना खानदान इमरान खान का विदेशी महिला से विवाह भारत के फिल्मी जगत में हो रहे लव जिहाद सहित अनगिनत ऐसे उदाहरण आप देख सकते हैं जहां इन लोगों ने सब कुछ धीरे-धीरे अपने नियंत्रण और कब्जे में कर लिया। अगर कमजोर हैं संख्या में काम है तो यह लोग इतना भोले भाले ढंग से रहते हैं कि आप समझ ही नहीं सकते लेकिन मौका पाते ही ऐसी भयानक राक्षसी काम कर देंगे की आपको विश्वास ही नहीं होगा। ‌ बबुल का कांटा और विधर्मी एक जैसा होता है इसे जितना दूर रहो उतना ही अच्छा है और उसी में आपकीभलाई है

इनके बारे में कहा गया है की धरती आसमान एक हो सकती है बाबुल में बेल फर सकता है ‌ बालू से तेल निकल सकता है अपनी धरती से आसमान पर जा सकता है सूरज पश्चिम से उग सकता है और सारे असंभव काम हो सकते हैं यहां तक की कुत्ता भी शुरूक्का पानी पी सकता है लेकिन तब भी इनका विश्वास करने वाला विनाश को निश्चित रूप से प्राप्त होता है 

यह जिस देश में समझ में परिवार में रहते हैं जिस थाली में खाते हैं उसी में छेद करते हैं और खून की तरह धीरे-धीरे सब कुछ का डालते हैं कोई भी एक गांव परिवार गली मोहल्ला ले लीजिए जहां एक मुस्लिम परिवार बसा है और हमें उदाहरण बताओ कि वहां से वह भाग गया है बल्कि धीरे-धीरे वहां के सारे गैर मुसलमान ही अंत में भाग गए हैं वह ऐसा काम करेंगे कि आपको मजबूरन भागना पड़ेगा जैसे जितनी चीज आपको पसंद नहीं है आपके धर्म के विरुद्ध हैं आपके स्वभाव के विरुद्ध है वही करेंगे और जब संख्या में और शक्ति में अधिक हो जाएंगे तो जबरदस्ती करेंगे जैसे हड्डी खाकर फेंक देना रास्ते में मल मूत्र करना जोर-जोर से अजान पढ़ना ‌ घर की लड़कियों महिलाओं से छेड़खानी करना मौका मिलते ही उनसे बलात्कार कर देना लात खाकर भी फिर वही काम करना चोरी डकैती करना और मौका मिलने पर लूटमार करके लड़कियों को लेकर भाग जाना यही सब इनका पूरी दुनिया में आज तक का काम है ।‌ सबसे बड़ी बात है कि गलत और राक्षसी काम करके इनको लज्जा भी नहीं आती है ऐसे लोगों का आप क्या कर सकतेहो। प्राचीन काल में अपने देव और राक्षस युद्ध सुना था उसी के वंशज हैं और उनके लिए जगह-जगह मद्रास मस्जिदों इमामबाड़ों में शुक्राचार्य जैसे अनगिनत धर्म गुरु भरे पड़ेहैं।

दुनिया भर में इन्होंने प्रत्यक्ष युद्ध करके कोई लड़ाई आज तक नहीं जीता है जितने भी लड़ाई हुई है विश्वास घात करके लव जिहाद करके या गैर धर्म के लोगों की सेनो को अपनी ओर मिलकर ही जीता है चाहे मक्का मदीना का प्रारंभ हो या आनंदपाल से राणा प्रताप से हम्मीर देव से बप्पा रावल से किसी से इनका युद्ध रहा हो और हारने पर अपनी पगड़ी रखकर और कुरान अल्लाह की सौगंध खाकर आपसे क्षमा याचना करते हैं और जीतने वाला दया करके इनको छोड़ देता है लेकिन जिस तरह घायल सर्प आकार पूरे जोर से काटता है उससे भी ज्यादा तेजी से है लोग हमला करके दया क्षमा परोपकार दिखाने वाले को जड़ से नष्ट कर देते हैं। बचपन से ही उनके बच्चों को भेड़ बकरी ऊंट गाय बैल काटना सिखाया जाता है और इन्हें पूरा हत्यारा बना दिया जाता है। 

उनके यहां कभी भी लंगर का या दान का कार्यक्रम नहीं होता केवल लेने का कार्यक्रम होता है उनके यहां माफी नहीं होती है साफी होती है ‌ तमराज किलविश इनके आगे कुछ नहीं है जब तक लोग उनके साथ नहीं रहते या इसे दूर रहते हैं तब तक इन बातों पर विश्वास नहीं करते और जब तक जानते हैं तो का वर्षा जब कृषि सुखाने अब पछताए होत का चिड़िया चुग गई खेत वाली बात होती है 58 मुस्लिम देशों को कश्मीर करना केरल बंगाल बांग्लादेश असम सहित सबका हाल देखकर भी इनके जादू टोने से लोग उबर नहीं पाते हैं ‌ इनका धर्म मजहबुद्दीन इनाम कुछ नहीं होता है केवल लाभ मिथुन और भरपूर भोजन और दुनिया की सभी अच्छी चीजों का विनाश करके अंधेरा आज्ञा सत्य और राक्षसी तत्व फैलाना ही इनका लक्ष्य है।

‌ एक बात और कहना चाहूंगा कि इस धर्म के लोगों के यहां अगर आप कहेंगे तो उसमें निश्चित रूप से कुछ न कुछ भयानक प्रदूषण गंदगी अवश्य रहेगी विशेष करके मल मूत्र थूक और वीर्य तथा वर्जित पशुओं का मांस इनमें से कुछ न कुछ आवश्यक रहता है यह मैंने स्वयं जासूसी करके देखा है और अनेक मुस्लिम लोगों ने मुझे बता कर सावधान भी किया है उनका यह कहना है कि यदि आप अल्लाह कुरान पैगंबर सरिया और हदीस की शपथ लेकर कहेंगे तो कोई भी मुसलमान तैयार नहीं होगा चाहे आप उनके घर कब भोजन ग्रहण करो या ना ग्रहण करो इसीलिए प्राचीन काल के पूर्वज उनके यहां कुछ नहीं खाते थे और उनको तुर्क म्लेच्छ ‌ कहां करते थे इस चीज को आप खुद भी परीक्षण करके सच्चाई जान सकते हैं ‌ इतना अवश्य है कि सिया सुनने को और सुन्नी शिया को कहता है और यही बात 172 जातियों में बांटा यह समुदाय एक दूसरे को कहता है लेकिन खुद को निर्दोष और निष्पाप मानता है
यह भी सत्य है कि दुनिया का मुस्लिम और गैर मुस्लिम कभी एक साथ नहीं रह सकता इनका रहना बेर और केला के समान होता है ‌ जिसमें केले का विनाश निश्चित होता है चीन में अमर श्रीलंका इजरायल जैसे लोग उनके विरुद्ध सफल हो सकते हैं। दूसरा रास्ता है संपूर्ण दुनिया एक हो जाए और अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए इन पर सामूहिक आक्रमण करें ‌ और इन पर जड़ से प्रहार कर मिटा दें आज अमेरिका यूरोप चीन जापान ऑस्ट्रेलिया कनाडा सब इसी समस्या से जूझ रहे हैं और यह चंड मुंड रक्तबीज की तरह फैलते जा रहे हैं।तभी कुछ संभव है नहीं तो निम्नलिखित पंक्तियों याद रखो हम रहे या ना रहे लेकिन यह पंक्तियां हमेशा गूंजती रहेंगे जो मैंने अपने बचपन में लिखी थी-

**चहुं दिशा में राक्षसी सेना खाड़ी ब्रह्मास्त्र लेकर विष्णु गायब है सुदर्शन चक्र लेकर।
रुद्र भी गायब सभी दिव्यास्त्र लेकर ‌।
 ‌ मैं नहीं अब कृष्ण अर्जुन रामजी इस धरा पर ‌।
 सांप जैसे जहर भरकर घूमते शैतान चहूं दिश
देश का बचना कठिन है धर्म बचाना अति कठिन है **-डॉ दिलीप कुमार सिंह

आज देश के 77 में गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर न्यू वंडर किड्स जूनियर हाई स्कूल बेशहूपुर शकरमंडी जौनपुर में एक ‌‌ रंगारंग फागण कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमेंमुख्य अतिथि डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल राम जी मौर्य निदेशक प्रबंधक अरविंद मौर्य विशिष्ट अतिथिगण कामता मौर्य सहित विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक प्रधानाचार्य श्रीमती रचना मौर्य श्रीमती ‌ दीपमाला एवं विद्यालय के छात्र-छात्राएं और बहुत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे ।

आज देश के 77 में गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर न्यू वंडर किड्स जूनियर हाई स्कूल बेशहूपुर शकरमंडी जौनपुर में  एक ‌‌ रंगारंग फागण कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमेंमुख्य अतिथि डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल राम जी मौर्य निदेशक प्रबंधक अरविंद मौर्य विशिष्ट अतिथिगण कामता मौर्य सहित विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक प्रधानाचार्य श्रीमती रचना मौर्य  श्रीमती ‌ दीपमाला एवं विद्यालय के छात्र-छात्राएं और बहुत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे ।

बैठक में अपना संबोधन देते हुए डॉ दिलीप कुमार सिंह मुख्य अतिथि डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल जनपद न्यायालय जौनपुर ने कहा कि जब यूरोप और अमेरिका अंधकार युग में जी रहा था तब भारत सोने की चिड़िया था और यहां तक्षशिला नालंदा विक्रमशिला उज्जैन जैसे विराट विश्वविद्यालय ज्ञान विज्ञान कला कौशल की खान थे दुनिया की एक तिहाई अर्थव्यवस्था का केंद्र भारत था और आज के अमेरिका से भी अधिक उसकी अर्थव्यवस्था थी भारत इतना शक्तिशाली और धनवान होने पर भी मुट्ठी भर विदेशी आक्रमण कार्यों के द्वारा बार-बार गुलाम बनाया गया लूट गया और अपमानित हुआ इसके मूल कारणों की खोज किया जाना आवश्यक है क्योंकि जब भी भारत के लोगों ने एक होकर युद्ध किया चाहे वह तराइन का प्रथम युद्ध हो सम्राट भोज बप्पा रावल का हो या आनंदपाल का युद्ध रहा हो या भी सोलंकी द्वारा महमूद गजनवी की पराजय रही हो तब तब भारत ने शानदार विजय अर्जित किया। शून्य से लेकर दशमलव अंक गणित बीजगणित रेखा गणित की खोज सब कुछ भारत द्वारा हुई है‌ दुनिया का सर्वोत्तम साहित्य आज भी संस्कृत हिंदी तमिल बंगाली मराठी गुजराती आसामी और अन्य भाषाओं में विद्यमान है कणाद ‌ आर्यभट्ट वराह मिहिर भास्कराचार्य जैसे विद्वान और सांख्य योग दर्शन वैशेषिक न्याय भारत की ही देन है यह विश्व के सभी धर्म क्षेत्र का केंद्र है और सनातन धर्म की जननी है भारत फिर से विश्व गुरु बने रामराज्य हो और विश्व की महान शक्ति बने इसके लिए अपने देश की भाषा संस्कृति सभ्यता और आचार विचार अपनाना होगा 

अध्यक्षता करते हुए राम जी मौर्य ने आए हुए आगंतुक लोगों को धन्यवाद दिया प्रबंधक अरविंद मौर्य ने विद्यालय की उपलब्धियों का वर्णन किया और बताया कि कैसे एक छोटे से विद्यालय से आगे जूनियर हाई स्कूल हो गया है इसके अलावा शिक्षक परिवार ने भी अपने विचार व्यक्त किया और कहा देश रहेगा तो सब रहेंगे जब देश ही नहीं रहेगा तो सब कुछ बर्बाद हो जाएगा ‌ उन्होंने अनुशासन नैतिकता और एकता अखंडता पर बच्चों को संबोधित किया

इस मौके पर विद्यालय के बच्चों द्वारा बहुत ही सुंदर रंगारंग कार्यक्रम नृत्य संगीत और देशभक्ति से भरे गीत नाटक और प्रहसन ‌ प्रस्तुत किए गए जिसके उपस्थित दर्शकों ने जमकर प्रशंसा किया इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह सहित सभी विशिष्ट अतिथिगण ‌ लाल बहादुर मोर कामता प्रसाद मौर्य कृष्ण कुमार मिश्रा केशव कुमारमौर्य को विद्यालय परिवार की तरफ से शाल और पुष्पगुच्छ भेंट किया गया और माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया गया ‌‌ बहुत सुंदर संचालन अंजलि मौर्य और अब्दुल खान के द्वारा किया गया इसी क्रम में न्यायपालिका जनपद न्यायालय जौनपुर और अधिवक्ता संघ जौनपुर में भी डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह द्वारा शानदार उद्बोधन दिया गया।

गणतंत्र दिवस के श्वेत श्याम बिंदु -डॉ दिलीप कुमार सिंह

 गणतंत्र दिवस के श्वेत श्याम बिंदु -डॉ दिलीप कुमार सिंह 

भारत देश ‌ अपना 77 वा गणतंत्र दिवस मना रहा है इसलिए आज यह देखना बहुत उचित होगा कि हम इन 77 वर्षों में कहां तक पहुंचे हैं क्योंकि एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न देश के लिए जो कुछ होना चाहिए क्या वह सचमुच हमारे देश के पास है और क्या हम वास्तव में अपने सफलता के उचित मार्ग पर चल रहे हैं इस संदर्भ में भारत के समय काल में स्वतंत्र हुए अन्य देशों के उदाहरण को भी देखना पड़ेगा जिसमें मुख्य रूप से इजरायल और चीन भारत के लगभग ही स्वतंत्र हुए थे 

वैसे तो भारत ‌ आर्यावर्त हिंदुस्तान जंबू दीप ‌ और इंडिया जैसे नाम भारत के लिए बहुत अधिक प्रचलित हैं लेकिन भारत का सबसे प्राचीन और प्रचलित नाम भारत भारत खंड या आर्यावर्त ही है जो लाखों करोड़ों वर्ष पुराना है जंबू दीपे भारत खंडे आर्यावर्त इसी की प्रतिध्वनि है। भारत के बारे में सब कुछ स्पष्ट है लेकिन जानबूझकर इसको पीछे ले जाने की चाल पिछले 1000 वर्ष से मुस्लिम अंग्रेज और उनके साथ मिले हुए देशद्रोही सनातन द्रोही गद्दार विदेशी शक्तियों के इशारे पर करते चले आ रहे हैं 

उदाहरण के रूप में ऋग्वेद से लेकर उपनिषद और पुराण रामायणऔर ‌ महाभारत जैसे विश्व काव्य जातक कथाएं कदंबिनी से लेकर रामचरितमानस और कंबन की रामायण से लेकर कामायनी तक भारत के बारे में पूर्ण रूपेण कहा गया है कि यह क्या है और कहां से कहां तक है 

‌ उत्तरम् यत समुद्रस्य हिमाद्रेचैव  दक्षिणम्, तद्भारतवर्ष नामं भारती यत्र संतति।

अर्थात जो हिंद महासागर के उत्तर और हिमालय पर्वतमाला अर्थात ईरान से लेकर म्यांमार के दक्षिण स्थित है वह भारत है और वहां का हर व्यक्ति भारतीय है चाहे वह किसी भी धर्म जाति वर्ण का हो इस प्रकार भारत के मुख्य भूमि में ईरान अफगानिस्तान आधा अरब का भाग पाकिस्तान कजाकिस्तान चीन का दक्षिणी भाग तिब्बत नेपाल भूटान म्यांमार मालदीव्स श्रीलंका संपूर्ण दक्षिण पूर्वी एशिया सिंगापुर मलेशिया इंडोनेशिया और पापुआ न्यू गिनी आते हैं इसमें कोई भी संदेहनहीं है 

इसी प्रकार यह भारत देश कब से इस धरा पर विद्यमान है इसके बारे में भी बहुत साफ सुथरा कह दिया गया है-

जबकि हवाओं ने सीखा था सबसे पहले हहराना जबकि घटाओं ने सीखा था सबसे पहले घहराना ‌ पक्षीगण जब सीख रहे थे सबसे पहले उड़ जाना जब की जलधि सब सीख रहे थे सबसे पहले लहराना उसी अनादि आदि  क्षणसे यह भारतवर्ष हमारा है हिंदुस्तान हमारा है ‌ प्रिया भारतवर्ष हमारा है 

जयशंकर प्रसाद जी लिखते हैं- अरुण यह मधुमेह देश हमारा जहां पहुंच अनजान क्षितिज को मिलने एक सहारा 

इस प्रकार भारत निश्चित रूप से सबसे प्राचीन धरती का देश है पहले अश्वमेध और राजस्व यज्ञ करके जो चक्रवर्ती सम्राट बनते थे वह सात महाद्वीपों और पांचो महासागरों के एक छात्र महा सम्राट माने जाते थे और सारा भूभाग भारत में आता था आज भी उत्तरी दक्षिणी अमेरिका यूरोप ऑस्ट्रेलिया अंटार्कटिका में भारतीय संस्कृति सभ्यता और धर्म के बड़े-बड़े चिन्ह मिलते हैं अब देश में तो इनका बाहुल्य है रूस और कजाकिस्तान तक में भारत के देवी देवता और मंदिर मिलते हैं। प्राचीन काल में इसका मुख्य भूभाग धरती के स्वर्ग ‌ कश्मीर से ‌ जलधि केस्वर्ग कन्याकुमारी ‌ वर्षा और हरियाली के स्वर्ग असम चेहरा पूंजी की पहाड़ियों से लेकर ‌ त्याग बलिदान शुष्कता के स्वर्ग राजस्थान तक फैला हुआ था लेकिन यह समझ लेना आवश्यक है कि उसे समय का कश्मीर आज के कश्मीर से 10 गुना से भी अधिक बड़ा था और जम्मू कश्मीर ईरान से लगा हुआ था असम चेहरा पूंजी उसे समय म्यांमार और थाईलैंड तक फैला हुआ था 


1947 में भारत को स्वतंत्रता छोटे से देश ब्रिटेन द्वारा हस्तांतरित की गई बहुत से लोग सोचते हैं कि भारत 1000 वर्षों से परतंत्र रहा लेकिन यह बिल्कुल झूठ बात है अकबर और औरंगजेब के राज्य में भी देश का केवल एक तिहाई भूभाग उनके हिस्से में था बाकी सब जगह भारत के राजपूत क्षत्रिय राज करते थे यही हाल अंग्रेजों के समय में और यही हाल मुसलमान के प्रारंभिक आक्रमण तक था और देश की आजादी तक पाकिस्तान अफ़गानिस्तान म्यांमार श्रीलंका और नेपाल भूटान तिब्बत भारत के ही अंग थे और यह सब 1948 के बाद भारत से अलग हुए हैं तिब्बत तो 1954 55 में भारत की वजह से चीन ने कब्जा कर लिया 

भारत स्वतंत्र होने के बाद धीरे-धीरे प्रगति करते हुए आज पांचवीं सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति चौथी सबसे बड़ी सैन्य शक्ति और दूसरी सबसे बड़ी खाद्यान्न उत्पादन शक्ति बन गया है विज्ञान टेक्नोलॉजी में या पांचवी परमाणु टेक्नोलॉजी में दुनिया की तीसरी और खेल के रूप में यह दुनिया की 50वीं शक्ति बना है आज अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में इसरो का नाम नासा और यूरोपीय तथा चीन के अंतरिक्ष केंद्रौ के साथ-साथ सम्मानित है ‌ और बिना उचित सरकारी सहायता के भी यह उनसे काम नहीं है जनसंख्या में भारत विश्व का सबसे बड़ा क्षेत्र है उद्योग धंधों में दुनिया का दसवां बड़ा राष्ट्र बन चुका है और सकल घरेलू उत्पाद में भारत का स्थान चौथा हो चुका है भारत के चंद्रायन मंगलयान सफलतापूर्वक चंद्रमा और मंगल पर जा चुके हैं और अंतरिक्ष केंद्र तथा गगनयान की तैयारी तेजी से चल रही है फलों फसलों और सब्जियों में तथा दुग्ध उत्पादन में भारत दुनिया के सबसे बड़े देशों में से एक है यह भारत का उज्जवल पक्ष दिखता है 

लेकिन प्रति व्यक्ति आमदनी में सुशासन में भारत बहुत पीछे है यहां की वायु गुणवत्ता सूचकांक और जहरीली हवा इस दुनिया के सबसे खराब देश में सम्मिलित करती है गंदगी में तो शायद भारत दुनिया के देशों में सर्वोच्च स्थान पर है और बेतहाशा बढ़ रही जनसंख्या करोड़ विदेशी घुसपैठ है आधे अधूरे भारत के लिए बहुत गंभीर समस्या बन चुके हैं देश का आधा संसाधन और खाद्यान्न फल और सब्जियां यही लोग खा जाते हैं और सरकारी मशीनरी का सबसे अधिक दुरूपयोग यही तंत्र करता है सबसे अधिक बिजली चोरी भारत में होती हैं और सबसे अधिक सरकारी तंत्र कामचोर भारत में ही है भारत का प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विश्व के शीर्ष मीडिया में शामिल नहीं है कोई भी पत्रकार विश्व के चुनिंदा सो पत्रकारों में सम्मिलित नहीं है और यहां के मीडिया को बहुत दबाव में काम करना होता है महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार लाल फीता शाही एवं संवेदनहीनता चरम पर है और विश्व में सबसे अधिक गैर जिम्मेदार भारत का शासन प्रशासन और पुलिस व्यवस्था मानी जाती है इस बात में कोई संदेह नहीं है यहां पर प्रतिभा और योग्यता के बजाय चापलूसी चाटुकाररीमक्खन बाजी दलाली चमचागिरी अधिक प्रभावी है जिससे हमारी सर्वोच्च प्रतिभाएं विदेश में भाग जा रही हैं यह भारत के लिए बहुत बड़ा काला अध्याय है।

यदि देखा जाए तो भारत में किसी चीज की कमी नहीं है लेकिन हर चीज का वितरण बहुत ही असमान है ‌ देश की पांच प्रतिशत जनसंख्या जिसमें उच्च कोटि के अधिकारी सांसद विधायक मंत्री बड़े-बड़े राजनेता धन कुबेरमाफिया और उनके दलाल शामिल हैं यह 95 प्रतिशत संसाधनों का उपयोग करते हैं जिसमें हवाई यात्रा से लेकर प्रथम श्रेणी की रेल यात्रा और सबसे अच्छी गाड़ियां शामिल है जबकि 95 प्रतिशत जनता को पांच प्रतिशत संसाधनों पर गुजारा करना होता है उसमें भी 22 करोड़ विदेशी लोगों और घुसपैठियों का भार ढोना पड़ता है और यही भारत की प्रगति की सबसे बड़ी बाधा है ‌ देश का युवा वर्ग बहुत बड़ी संख्या में बेरोजगार है 100 देश से अधिक जनसंख्या हमारे देश में बेरोजगारों की है सरकारी वर्ग का वेतन भत्ते आसमान छू रहा है जबकि निजी क्षेत्र में काम करने वाली 95% जनसंख्या आज भी 5000 से ₹20000 के बीच में गुजर बसर कर रही है ऐसे में देश की प्रगति संभव नहीं है। 

वैसे तो भारत में सच लिखना किसी अपराध से काम नहीं है और कड़वा सच तो बहुत खतरे का काम है लेकिन सच्चाई यही है कि इस देश में संविधान और कानून से अधिक पुलिस और माफिया राज समानांतर रूप से चल रहा है आतंकवादी कहीं भी खुलेआम हमला कर रहे हैं और नक्सली समस्या अभी भी समाप्त नहीं हुई है जम्मू कश्मीर में लाखों लोग आज भी फिर से वापस जाने की प्रतीक्षा में है भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश पाकिस्तान अफ़गानिस्तान कमजोर होते हुए भी भारत के लिए बहुत बड़ा खतरा है और यहां सनातनी जनता पशुओं से भी बुरी दशा में जीवन बिता रहे हैं यह किसी सक्षम और शक्तिशाली देश के लिए काला धब्बा है 

संविधान की प्रस्तावना संविधान की कुंजी और आत्मा मानी जाती है जिसमें संशोधन संभव नहीं है लेकिन उसमें भी जबरदस्ती संशोधन करके समाजवादी धर्मनिरपेक्ष जैसे शब्द जोड़ दिए गए हैं जो आज भारत की प्रगति में हर जगह बाधक बन रहे हैं यहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के राजनेता देश और जनता के लिए नहीं अपने स्वार्थ और कुर्सी के प्रति समर्पित हैं यह देश के विकास की सबसे बड़ी बाधा है निजी क्षेत्र आगे बढ़ रहे हैं वहीं हर सरकारी विभाग घाटे में जा रहा है आज भी 99% भारतीय लोगों के लिए हवाई यात्रा करना या रेल के प्रथम श्रेणी के डिब्बे में यात्रा करना एक सपना जैसा है तभी तो आज तो भी हवाई जहाज आसमान में आने पर लोग उसे देखने दौड़ पड़ते हैं भीषण जनसंख्या के दबाव और संसाधनों के लगातार कमी से भारत की प्रगति पर विराम सा लग रहा है 

देश के लाखों वर्ग किलोमीटर भूभाग पर पाकिस्तान और चीन ने जबरदस्ती कब्जा जमा लिया है और जिस बांग्लादेश को भारत ने स्वतंत्र कराया वहीं आज भारत के लिए बहुत बड़ा खतरा है देश का नियम कानून संविधान आज विधार्मिक बाहुल्य क्षेत्र में लगभग समाप्त हो चुका है‌ ‌ यदि इन सब पर बहुत गंभीरता से गणतंत्र दिवस के अवसर पर विचार नहीं किया गया तो देश का कल्याण होने वाला नहीं है इस देश का ना अपना खुद का राष्ट्रगान है ना अपनी राष्ट्रभाषा है और ना अपने देश की संस्कृति सभ्यता है सब कुछ अंग्रेजी मॉडल पर चल रहा है शिक्षा पूरे देश में अनेक रूप में चल रही है और यह सबसे बड़ा खतरा है कम से कम 10 से 12 पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं जिसमें हिंदी और अंग्रेजी सरकारी और गैर सरकारी उत्तर प्रदेश बोर्ड से तमाम प्रदेशों के बोर्ड सहित आईएससी सीबीएसई मदरसा बोर्ड संस्कृत बोर्ड शिशु भारती बोर्ड जैसे अनगिनत शिक्षा व्यवस्थाएं देश की एकता को चिन्ह भिन्न करके देश को भाषा प्रांत और धर्म के आधार पर अलग करती चली जा रही हैं सौभाग्य से भारत के कुछ प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जागरुक है जो इन सब पर खुलकर लिख रहे हैं 

देश की न्याय व्यवस्था वहां की सबसे बड़ी रीढ़ होती है लेकिन यह भारत की सबसे बड़ी कमजोर कड़ी सिद्ध हुई है देश में 5 करोड़ से अधिक मुकदमे लंबित हैं और बाबा के द्वारा प्रस्तुत किए गए मुकदमे पोते के समय में निर्धारित किए जाते हैं ‌ उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश योग्यता के बजाय बड़े-बड़े राजनीतिक घरानों और न्यायाधीशों के घरानों से नियुक्त होते हैं इसलिए इसका स्तर बहुत ही खराब है ‌ प्रतियोगी परीक्षाओं भारतीयों और सरकारी तथा निजी भर्ती में पारदर्शिता और निष्पक्षता का अभाव है इससे अधिक कुछ कहना उचित नहीं होगा। 

संक्षेप में इस गणतंत्र दिवस पर इतना ही कहना है कि देश प्रगति कर रहा है शक्तिशाली बन रहा है और आगे भी बढ़ रहा है लेकिन बिना किसी लक्ष्य के आगे चल रहा है और जब लक्ष्य नहीं है तो संपूर्ण प्रगति होना भी संभव है अंग्रेजों के समय में और उसके पहले भी भारत पूरी दुनिया की एक तिहाई अर्थव्यवस्था उत्पादित करती थी लगभग आज यह स्थिति अमेरिका ने प्राप्त कर लिया है यह भी ध्यान देना आवश्यक है कि भारत अमेरिका और चीन से बहुत पीछे है क्योंकि भारत का सकल घरेलू उत्पाद चीन से पांच गुना और अमेरिका से 8 गुना पीछे हैं और दुर्भाग्य से हमारे यहां के लोग भारत की तुलना हमेशा पाकिस्तान से करते हैं जिसे दुनिया के मानचित्र में कहीं अस्तित्व नहीं है और यह देश को भुलाने और भटकाने का सर्वोत्तम रास्ता है ‌ एकमात्र लाल बहादुर शास्त्री जी को छोड़ दिया जाए तो दूर-दूर तक ऐसा कोई राजनेता नहीं दिखाई देता जो देश के लिए अपने प्राणों का अर्पण कर सके सबसे बड़ा खतरा तो या हो गया है कि भविष्य में भारत में जो कुछ भी होगा उसका देश के अंदर ही विरोध शुरू हो जाएगा इस बारे में देशवासियों को गंभीरता से विचार करना होगा उदाहरण के लिए यदि सरकार या एक वर्ग सरस्वती पूजा करेगा तो दूसरा उसे अपने धर्म के विरुद्ध का कर इसका विरोध करेगा और प्रगति का पहिया यहीं पर आकर थम जाएगा
[1/25, 11:26 AM] Dr  Dileep Kumar singh: गणतंत्र दिवस पर प्रकाशित करने के लिए एक मौलिक लेख

Sunday, 25 January 2026

गांधी समाधी गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार श्री बलदेव सिंह औलख जी और जिला अधिकारी महोदय रामपुर की बेटी मशीयत फातिमा को सम्मानित करते हुए*

*गांधी समाधी गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार श्री बलदेव सिंह औलख जी और जिला अधिकारी महोदय रामपुर की बेटी मशीयत फातिमा को सम्मानित करते हुए*।
स्कूल नेशनल गेम में यूपी अंडर 14 हॉकी टीम ग्वालियर मध्यप्रदेश प्रतिभाग कर देश में तृतीय स्थान कांस्य पदक प्राप्त किया।
यूपी स्कूल टीम प्रतिनिधित्व करने वाली 11 वर्षीय रामपुर की बेटी *मशीयत फातिमा* को खेल गौरव से सम्मानित किया गया।

Friday, 23 January 2026

बिजनौर में निष्पक्ष नामावली से मजबूत होगी देश की लोकतांत्रिक प्रणाली: डीएम ने मतदाता सूची पुनरीक्षण पर दिए निर्देश, पारदर्शिता के साथ तैयार करें लिस्ट

बिजनौर में निष्पक्ष नामावली से मजबूत होगी देश की लोकतांत्रिक प्रणाली: डीएम ने मतदाता सूची पुनरीक्षण पर दिए निर्देश, पारदर्शिता के साथ तैयार करें लिस्ट
 जिला बिजनौर 

बिजनौर, 20 जनवरी, 2026: की शाम को जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण निर्वाचक नामावली (एसआईआर) के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को मतदाता सूचियों को निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ तैयार करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण निर्वाचक नामावली की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने इस बात परजोर दिया कि मतदाता सूचियां जितनी निष्पक्ष और पारदर्शी होंगी, देश की लोकतांत्रिक प्रणाली उतनी ही मजबूत होगी।उन्होंने सभी सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सुपरवाइजर्स और बीएलओ को निर्देशित किया कि 6 जनवरी, 2026 से 6 फरवरी, 2026 तक दावे और आपत्तियों का कार्य पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और दक्षता के साथ संपन्न कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो पाए।डीएम ने विशेष रूप से फॉर्म 6 भरवाने पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी, 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाला कोई भी युवा या युवती मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने से न छूटे। इसके साथ ही, प्रपत्र 6 भरते समय मतदाता के सत्यापन और मैपिंग का कार्य पूरी सावधानी से करने के निर्देश भी दिए गए।जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी को मतदाता जागरूकता के लिए रैलियों का आयोजन करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्कूलों में शपथ ग्रहण कार्यक्रम और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित कराने को कहा।उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि मतदाता दिवस के दिन सभी बूथों पर सुपरवाइजर्स और बीएलओ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। पूर्वाहन 11:00 बजे मतदाताओं के साथ शपथ ग्रहण का कार्यक्रम आयोजित किया जाए। इसके अतिरिक्त, सुविधा अनुसार अन्य मतदाता जागरूकता से संबंधित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकते हैं।इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वानिया सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट उप जिलाधिकारी धामपुर स्मृति मिश्रा, भाजपा से धीर सिंह, सपा से अहमद ख़िज़, बसपा से मुहम्मद सिद्दीक तथा कांग्रेस पार्टी से अनिल त्यागी सहित मौजूद रहे।

Thursday, 22 January 2026

मौसम की भविष्यवाणी# डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक

मौसम की भविष्यवाणी डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक 

जौनपुर और आसपास का आज का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान डिग्री सेल्सियस रहेगा हल्के मध्य बादलों के साथ धूप छांव का वातावरण रहेगा कल के मौसम के बारे में अनुमान है कि न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की कमी होगी जौनपुर और आसपास वर्षा का बहुत अधिक योग नहीं है अचानक घने बादलों के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।

आज से लेकर दो-तीन दिनों तक पंजाब हरियाणा चंडीगढ़ राजस्थान दिल्ली गुरु नानक देव कॉलोनी सहित नोएडा हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड जम्मू कश्मीर से लेकर बरेली मुरादाबाद लखनऊ और नूरपुर तक 50 से 80 किलोमीटर की भयानक आंधी पानी तूफान ओलावृष्टि का योग है सबको सावधान रहना होगा विद्युत की चमक और गरज के साथ वज्रपात भी होगा 


इस पश्चिमी विक्षोभ के का अलावा बंगाल की खाड़ी में बना रहे विक्षोभ के कारण ‌ अंडमान निकोबार पुडुचेरी तमिलनाडु केरल कन्याकुमारी चेन्नई और आसपास आंध्र प्रदेश के कुछ भागों में तेज में गर्जन के साथ विद्युत की चमक गरज और आंधी तूफान का मौसम रहेगा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के दक्षिण पूर्व से लेकर आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के उत्तर पूर्व का भारत का भाग बिल्कुल शांत और सुख रहेगा यही हालत मुंबई नालासोपारा दहानू रोड से गुजरात तक रहेगा 


आने वाले दिनों में वर्षा और बर्फबारी के कारण उत्तरी भारत और जौनपुर तथा आसपास का मौसम एक बार फिर से ठंडा होगा जौनपुर और आसपास इस वर्ष और चक्रवाती सक्रियता का सबसे कम असर पड़ेगा इसलिए यहां पर केवल बूंदाबांदी होगी और ओलावृष्टि का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा

सर्वप्रथम तो महाकुंभ श्रेष्ठ के आरंभ में देव दानव युद्ध के बाद प्रारंभ हुआ था यह एक पूरे ब्रह्मांड का महत्व है इसमें किसी शंकराचार्य साधु संत लोगों का कोई विशेषाधिकार नहीं होता क्योंकि

‌ यह एक बहुत बड़ा षड्यंत्र है यह जिसमें योगी जी के कुछ छिपे हुए गद्दार योगी जी को बदनाम और कलंकित करने के लिए ऐसा कांड तथा कथित संकट आचार्य अविमुक्तेश्वर आनंद के सहयोग से कर रहे हैं। इस कांड में विदेशी शत्रु देश उनके खतरनाक एजेंट तमाम देशद्रोही गद्दार भी जुटे हैं क्योंकि सब जान रहे हैं कि योगी जी के प्रधानमंत्री बनते ही भारत इंडिया से भारत विश्व की शक्ति और सचमुच सनातनी राष्ट्र हो जाएगा कोई बहुत बड़ा व्यक्ति योगी जी को लगातार पीछे धकेल रहा है और देश समझ रहा है कि वह व्यक्ति कौन है पिछले बार महाकुंभ में भी ऐसी ही घटना हुई जिसकी जांच में आज तक कुछ पता नहीं चला वैसे इस घटना की भी जांच होनी चाहिए जिसका कारण मैं बता रहाहूं 

सर्वप्रथम तो महाकुंभ श्रेष्ठ के आरंभ में देव दानव युद्ध के बाद प्रारंभ हुआ था यह एक पूरे ब्रह्मांड का महत्व है इसमें किसी शंकराचार्य साधु संत लोगों का कोई विशेषाधिकार नहीं होता क्योंकि 

जब माघ महीने में सूर्य उत्तरायण होते हैं तो इस तीर्थराज प्रयाग में देव दनुज किन्नर नर यक्ष गंधर्व और सारी सृष्टि के देवी देवता स्नान करते हैं‌ भारत में प्रत्येक तीर्थ से जब तक अति विशिष्ट व्यवस्था नहीं हटाई जाएगी तब तक यही स्थिति रहेगी 


दूसरी बात मानी अमावस्या को मौन रहना चाहिए विशेष करके बड़े-बड़े साधु संत महात्मा नागा लोग और शंकराचार्य को तो इस दिन बिल्कुल ही नहीं बोलना चाहिए लेकिन शंकराचार्य ने क्या किया सब ने पर्दे पर देखा 


शंकराचार्य की भाषा योगी जैसे महान संत और हिंदू हृदय सम्राट के प्रति हैं जब लाठी डंडे से पीछे गए थे तब चुपचाप अपनी गुफा में घुस गए अखिलेश और मुलायम के समय में उसे समय कोई सामने नहीं आया था डर के मारे प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वाले भी चुप रह गए थे यही हाल मुलायम द्वारा हजारों कर सेवकों की हत्या के समय में भी हुआ था 



यह शंकराचार्य और उनके समर्थक विपक्ष के साथ योगी जी को औरंगजेब और न जाने कितना कितना गलत शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं जबकि वास्तव में आलोक कालनेमि है योगी बाबा ने बिल्कुल सही कहा है 


इस पर तत्काल एक निष्पक्ष न्यायपालिका की समिति बैठाई जाए तो बहुत बड़े-बड़े रहस्य उद्घाटन में आएंगे और माघ मेला में तमाम आतंकी नक्सली देशद्रोही गद्दार रोहिंग्या बांग्लादेशी पाकिस्तानी वगैरा घूम रहे हैं वह भी पकड़े जाएंगे और पकड़े जा रहे हैं 


भारत के लिए बहुत बड़ी संकट की घड़ी है सभी सनातनी एक हो जाओ वरना यह कालनेमि रूपी लोग इसी तरह बर्बाद करेंगे यही शंकराचार्य और उनके समर्थक थे जब कश्मीर का भयानक कांड हुआ सनातनी धर्म के लोग क्या-क्या नहीं जिले तब यह आगे नहीं आया सिखों की हत्याकांड हुई पालघर हत्याकांड हुई बांग्लादेश कश्मीर करना के मामले पर ऐसे लोग नहीं बोलते और नब जिहाद पर यह कुछ बोलता है और ना ही रक्तबीज की तरह बढ़ रहे विदेशी घुसपैठियों के बारे में 

यह प्रकृति का विधान है ईश्वर का आशीर्वाद है योगी जी तो प्रधानमंत्री बन कर रहेंगे यह आवश्यक है कि जो लोग उनके रास्ते की रुकावट बन रहे हैं उनका हाल कुछ बड़े-बड़े राजनेताओं की तरह होगा और 70 से हटते ही इतना भीषण स्थिति में पड़ेंगे की देखने वालों का हृदय और आत्मा भी कांप जाएगी

Wednesday, 21 January 2026

विदेशी लोगों और मुस्लिम देशों के षड्यंत्र से उसके एजेंट लोग भारत में पहले तो ठाकुर और ब्राह्मण को इसके बाद बचे हुए स्वर्ण लोगों को किनारे किए

: ‌‌ विदेशी लोगों और मुस्लिम देशों के षड्यंत्र से उसके एजेंट लोग भारत में पहले तो ठाकुर और ब्राह्मण को इसके बाद बचे हुए स्वर्ण लोगों को किनारे किए 
उनकी जगह अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ी जातियों को बैठा दिए और नारा दिए देश में महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार लाल पिता शाही संवेदनहीनता और घूसखोरी में विद्युत गति से सुधार हो रहा है 

इसके बाद इन्हीं के हाथों में खिलौना बन लोग बड़ी-बड़ी से प्रधानमंत्री राष्ट्रपति बनते गए और यह नारा दिए कि हर जगह महिलाओं को बैठाओ ताकि महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार लाल पिता शाही संवेदनहीनता घूसखोरी के साथ-साथ यौन दुराचार और बलात्कार जैसे जगह ने अपराध पूरी तरह से मिटाया जा सके 

जिसका परिणाम भी सामने आ गया है आज सनातन धर्म अखंड भारत की राम राज्य की कल्पना करने वाला महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार घुस कोरिया अपराध होना अपराध लाल फीता सही से लड़ने वाला कोई बचा ही नहीं 

देश को बचाने वाले ठाकुर और ब्राह्मण तथा राष्ट्रवादी अगड़ी जातियां राम नाम की माला जप कर दो रोटी शाम तक पानी की जुगाड़ में लगे हुए हैं और देश विद्युत गति से आगे बढ़ते हुए जगतगुरु और विश्व का महानायक बन चुका है और क्या चाहिए दो दोनों हो फोटो फलो हर एक डाल पर सोने की चिड़िया बैठी है जब मन चाहे सोने की एक चिड़िया बीच को एक करोड़ रूपया मिल जाएगा इसके बाद भी काम हो तो पप्पू भैया को साथ लेकर इधर से आलू डालो उधर से सोना ले जाओ बैच खाओ आनंद बनाओ 

सवर्ण को हटा दिए पूरा देश राम राज्य बन गया चीन पाकिस्तान द्वारा छिना गया राज्य भी वापस ले लिए अखंड भारत भी बन गया कहीं कोई शिकायत नहीं बची महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार लाल पिता शाही संवेदनहीनता घूसखोरी अपराध यह अपराध तो सर्च लाइट लेकर खोजने से भी नहीं मिल रहा है₹100 के बराबर हो चुका है ‌ न्यायपालिका में सारे जज बैठकर कुर्सी तोड़ रहे हैं क्योंकि एक भी मुकदमा लंबित नहीं बचा है इसमें थोड़ी बहुत बड़ा अरुण कुमार सिंह काका और मालवीय जैसे लोग बना रहे हैं
[1/22, 7:53 AM] Dr  Dileep Kumar singh: दो बातें और भूल गया था सारे सांसद विधायक मंत्री प्रधानमंत्री पैदल या साइकिल से चल रहे हैं शानदार महल और गाड़ियां छोड़ दिए हैं अपना मकान बेचकर सामान्य जनता की भलाई में अर्पित कर दिए हैं और अधिकारी दिन रात झोपड़ी में बैठकर जनता की सेवा कर रहे हैं और पुलिस विभाग तो शिकायत लेकर जाने वालों को पहले मिठाई खिलाकर पानी पिलाकर आरती उतरता है और 1 घंटे में सारी समस्याएं सुलझा देता है लेकिन हमारे जैसे लोग हैं कि सरकार और सरकारी तंत्र की आलोचना बिना मतलब करते ही रहते हैं ऐसे लोगों का कोई दवा इलाज 100 खरब ब्रह्मांड में उपलब्ध नहीं है

बसंत पंचमी का महापर्व एवं देवी सरस्वती -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि ‌ प्रस्तावना

बसंत पंचमी का महापर्व एवं देवी सरस्वती -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 
‌ प्रस्तावना 
बसंत पंचमी भारत के सर्व प्रमुख एवं सबसे पवित्र महान पर्व में से एक है ‌ घनघोर ठंड कोहरा शीत गलन और पाला ओस तुषार के बाद इस दिन से ही ऋतुराज बसंत का आगमन होता है और चारों ओर फल और फूल लग जाते हैं खेतों में फैसले तैयार होने लगती है सरसों के पीले फूल और गेहूं की सुनहली बालियां सबको मंत्र मुग्ध कर देती हैं आम में भी हल्के पीले नारंगी रंग के बौर की अद्भुत सुगंध हर दिशा में फैल जाती है ऋतुराज बसंत में मनाया जाने वाला यह परम पवित्र पर्व कला कौशल ज्ञान विज्ञान और साहित्य संगीत की महादेव भी सरस्वती को समर्पित है। यह समस्त प्राणियों में जीवन का संचार करता है और कामदेव तथा रति देवी का सब जगह प्रचार प्रसार हो जाता है 

बसंत पंचमी मनाए जाने का कारण 

वैसे तो भारत का हर एक पाव और त्यौहार एवं शुभ तथा मांगलिक कार्य एवं उत्सव प्रकृति पर्यावरण मौसम सूर्य और चंद्रमा से संबंधित है और यह भी मा ठंड के बाद का और गर्मी प्रारंभ होने के पहले का पर्व है इसको प्रकृति और फसलों का पर्व भी कहा जाए तो गलत नहीं होगा फल और फूलों का पर्व तो यह है चारों तरफ पीले रंग का राज होता है 

इसी दिन देवी सरस्वती का जन्म हुआ था और इसके बाद ही सृष्टि का विस्तार और विद्या का आरंभ हुआ इसी दिन सम्राट पृथ्वीराज चौहान तानाजी मालसुरे और बंदा बैरागी जैसे महान वीरों ने देश के हित में अपना बलिदान दिया था ‌ इसलिए महान पर्व है यह देवी सरस्वती के महान त्याग के लिए भी समर्पित है जो उन्होंने अपने वीणा की झंकार और वाहन मयूर के साथ सभी मंत्र के साथ सभी विधाओं साहित्य संगीत कला का प्रारंभ किया था 

बसंत पंचमी के दिन क्या करना चाहिए 

बसंत पंचमी के दिन पीले या सफेद वस्त्र साफ सुथरा धारण करना चाहिए इस दिन गणेश जी और नवग्रह का कलश पूजन करना चाहिए और सरस्वती जी की पूजा करनी चाहिए नए बालकों के विद्या के आरंभ का यह शुभ दिन है पीले रंग के फल फूल और पीले रंग की मिठाई का प्रयोग करना चाहिए प्रकृति पीले हल्के पीले और नारंगी रंग के फूल और पत्तों से ढक जाती है शीतल मंद सुगंधित समीर बहने लगती है तभी तो कहा गया है-

मैं मलय समीर निराला सर सर मर मर।सर सर मर मर।
 ‌ नभ जल थल में दे दे फेरी, रवि से कहती है गति मेरी।
 अब मधु दिन है आने वाला, मैं मलय समीर निराला।


मैं अग जग का प्यारा वसंत 
 मैं ऋतु में न्यारा वसंत 

मेरी पग ध्वनि सुन जग जागा।
 नव जीवन में संगीत बहा
 सपनों में भर आता दिगंत ,
मैं अब जग का प्यारा वसंत 

इसकी अद्भुत हरियाली की छटा और सुरभि अर्थात सुगंध को देखकर ही महान छायावादी कवियित्री महादेवी वर्मा ने लिखा था -

स्वप्न से किसने जगाया मैं सुरभि हूं,
 मुग्ध कलियों ने मुझे और में बसाया मैं सुरभि हूं,
छोड़ कोमल फूल का घर खोजती हूं कुंज निर्झर ,

पूछती हूं नव धरा से 

 क्या नहीं ऋतुराज आया स्वप्न से किसने जगाया।


आई मन भाई हरियाली चहकीं चटकी कलियां,

 धरती पर इसकी रंगरलिया ,
नव किसलय में फूटी लाली आई मन भाई हरियाली।

इस वर्ष ‌ बसंत पंचमी का पर्व और पूजा पाठविधान 

इस वर्ष 23 जनवरी को शुक्रवार के दिन विद्या बुद्धि संगीत की देवी सरस्वती मां का दिवस बसंत पंचमी विक्रम संवत 2082 माघ महीने की पंचमी की तिथि को शुक्ल पक्ष में अर्थात उजाले पाक में मनाया जाएगा ‌ पूजा पाठ स्नान दान पुस्तक पाठ का मुहूर्त सुबह 7:13 से दोपहर 12:00 का 33 मिनट पर है जबकि अमित कल का अत्यंत सुंदर योग सुबह 8:45 से सुबह 10:20 तक है इस कालखंड में पठान-पाटन संगीत का अध्ययन या गायन से अद्भुत लाभ होता है इसको अबूझ मुहूर्त कहा जाता है क्योंकि इस दिन कोई भी शुभ और मांगलिक काम बिना पूछे ही किया जा सकता है और स्वाभाविक सी बात है सृष्टि में साहित्य संगीत कला सौंदर्य भरने वाली और सबका कल्याण करने वाली देवी सरस्वती के दिन मुहूर्त बूझने की क्या आवश्यकता है 

कैसे करें पूजा पाठ 

हर एक पर्व त्यौहार और शुभ कार्यों की बात बसंत पंचमी के दिन भी उठकर नित्य क्रिया से निवृत हो जाए शुद्ध चित्र से गंगाजल मिलाकर स्नान करें थोड़ा सा हल्दी भी डाल ले तो और भी अच्छा होगा पीला या श्वेत वस्त्र धारण करें देवी सरस्वती जी की प्रतिमा या चित्र चौकी पर पीला वस्त्र बेचकर रखें और पूजा के लिए पीले रंग के श्वेत रंग के फूल चंदन और अक्षत तथा श्रृंगार की सभी सामग्री एकत्र कर लें और सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें फिर नौ ग्रहों की पूजा करें यदि ऐसा करना कठिन लगे तो ऊं गं गणपतए नमः ‌ मंत्र पढ़े और बुध शुक्र पृथ्वी मंगल बृहस्पति शनि ‌ सूर्य चंद्रमा का ध्यान करें ‌।

इसके बाद श्रृंगार की सामग्री और पीले फूल चंदन अक्षत सफेद फूल श्वेत या पीले वस्त्र पुस्तक और कलम भी अवश्य रखें और देवी सरस्वती जी की पूजा करें निम्नलिखित मंत्र बहुत प्रसिद्ध हैं-

या कुन्देन्दु तुषार हार धवला या शुभ्र वस्त्रावृता
या वीणा वर दण्ड मंडित करा 
या श्वेत पद्मासना 
या ब्रह्मा च्युत शंकर: प्रभितिविर्देवै सदा वंदिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती नि:शेष जाड्यापहा।

इसके साथ आप शुक्लाम ब्रह्म विचार सार का मंत्र भी पढ़ सकते हैं ‌ इसके पश्चात केसरिया रंग के चावल अर्थात भारत एवं लड्डू का भोग लगे सरस्वती जी की आरती करें और सबको प्रसाद बांटे और यह याद रखें कि संसार में सबसे महान वही होता है जो देवी सरस्वती जी की कृपा पता है अर्थात जो शायद संगीत कला विद्या बुद्धि से भरा होता है

Sunday, 18 January 2026

19 जनवरी से 31 जनवरी तक कैसा रहेगा मौसम

19 जनवरी से 31 जनवरी तक कैसा रहेगा मौसम 
जहां पश्चिमी और मध्य प्रदेश में खाना कोरा छाया रहेगा और भयंकर गलन के साथ तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस रहेगा 

वही जौनपुर और आसपास हल्का मध्य कहीं-कहीं घना कोहरा और तापमान न्यूनतम 5 से 7 डिग्री सेल्सियस और भयंकर ठंड गलन लेकिन दिन में सुहाना मौसम रहेगा।

20 जनवरी से अधिकतम और न्यूनतम तापमान दोनों में वृद्धि होगी लेकिन गैलन और ठंड कायम रहेगी 20 से 25 जनवरी के बीच जौनपुर और आसपास बादल तो होंगे लेकिन वर्ष की संभावना कम है छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती हैं।

जबकि पश्चिमी और मध्य प्रदेश में घने बादलों के साथ वर्षा और घना कोहरा भी रहेगा लेकिन यहां भी तापमान न्यूनतम और अधिकतम दोनों  में वृद्धि होगी 

कुल मिलाकर 1 दिसंबर 2025 की भविष्यवाणी बिल्कुल सही होगी जिसमें 15 दिसंबर से 15 जनवरी तक भयंकर ठंड घनघोर कोहरा और वर्षा बिल्कुल नहीं होने की भविष्यवाणी की गई थी 

इस समय अभी कहा गया था की यह ठंड गैलन वृद्धि और कोरा एन केन प्रकरण 31 जनवरी तक चलता रहेगा इसके बाद फरवरी में मौसम में बहुत अधिक परिवर्तन होंगे बादल वर्षा झंझावात का समय रहेगा।

अभी तक मौसम ‌ की भविष्यवाणी एक-एक अक्षर बिल्कुल सही हुआ है आगे भी ऐसा ही होने की 100% संभावना है 

जौनपुर और आसपास तथा पूर्वांचल के किसानों को हमारे अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र की सलाह है कि तत्काल सिंचाई कर दें मौसम के भरोसे ना रहे 

इन सभी समाचारों को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा विस्तार से छप गया जिससे सबको बहुत लाभ हुआ इसमें भी विशेष कर हिंदुस्तान तेजस टुडे आइडियल इंडिया दैनिक मान्यवर ओम टीवी चैनल ‌ जौनपुर समाचार ‌ मौलिक शक्ति अमृत प्रभात ‌ ‌ तरुण मित्र जौनपुर धारा जन संदेश  ‌‌ जन विचार प्रवाह जैसे मीडिया में इसको पूरे विस्तार से छापा गया ‌ कुछ तथा गठित समाचार पत्र जो केवल इंटरनेट गूगल और उसके सहारे रहने वाले मौसम के जानकारी पर निर्भर रहे उनकी बहुत अधिक दुर्गति हुई
डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक

Friday, 16 January 2026

आप सभी को बताना चाह रहा हूं कि तीन-चार दिन गाने से बहुत घने कोहरे और बादल वाला मौसम रहेगा लेकिन बूंदाबांदी या हल्की वर्षा से अधिक कुछ नहीं होना है यह दिखाओ जाती तो बहुत लाभ मिल जाता

बहुत से लोगों ने फोन करके आगे चार-पांच दिन के मौसम के बारे में पूछा है सबसे बड़ी बात की वर्षा होगी या नहीं 


आप सभी को बताना चाह रहा हूं कि तीन-चार दिन गाने से बहुत घने कोहरे और बादल वाला मौसम रहेगा लेकिन बूंदाबांदी या हल्की वर्षा से अधिक कुछ नहीं होना है यह दिखाओ जाती तो बहुत लाभ मिल जाता 

इस बीच अधिकतम तापमान 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान 7 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा 

वही गुणवत्ता सूचकांक बहुत ही खराब 300 से 400 के बीच होगी जिससे अनेक रोग बीमारियां सांस और गले की खा लेंगे पराबैंगनी किरणों की तीव्रता शून्य रहेगी और हवा के दिशा पश्चिम तथा गति 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है 

जबकि जौनपुर और आसपास के क्षेत्र को छोड़कर उत्तर पश्चिम उत्तर भारत में अनेक जगहों पर सामान्य से अच्छी वर्षा होने की कहीं-कहीं ओले पड़ने की भी संभावना है डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

मौसम की भविष्यवाणी डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक ‌‌ आज से ‌‌ फिर बदल जाएगा मौसम ठंड के साथ हल्की सी बदरी और कोहरा भी होगा.

 मौसम की भविष्यवाणी 
डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक 

‌‌  आज   से ‌‌ फिर बदल जाएगा मौसम ठंड के साथ हल्की सी बदरी और कोहरा भी होगा.

आज का न्यूनतम तापमान  6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहेगा ‌‌ लेकिन इसका असर 5 डिग्री सेल्सियस के बराबर होगा इसलिए भयंकर ठंड घातक होगी ।वायु गुणवत्ता सूचकांक 200-250 और परा बैंगनी किरणों का स्तर 1-3 रहेगा हवा की दिशा पश्चिमी और गति 7- 10 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी ।

कल कोहरा और बदरी में और भी वृद्धि होगी और अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रहेगा ‌ बाकी मौसम कल की तरह ही रहेगा वर्षा की कोई संभावना नहीं है मौसम में सुधार के बाद मकर संक्रांति से ठंड एक बार फिर से बढ़ जाएगी। 16 जनवरी से बादल और तेज हवाएं चलेंगे‌‌ यह भविष्यवाणी भी बिल्कुल सही हो रही है और 31 जनवरी तक ठंड का मौसम की भविष्यवाणी भी सही

अभी ठंड और शीतलहर जौनपुर सहित संपूर्ण भारत में 15 जनवरी तक जारी रहेगी ‌ और यह 31 जनवरी तक इसी तरह रहेगी लेकिन धूप निकलने से दिन में राहत होगी।  गलन सर्वोच्च बिन्दु पर पहुंच जाएगी। ‌ हिमालय क्षेत्र में स्थित भागों में बर्फबारी होगी जिससे जम्मू कश्मीर लेह लद्दाख उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश नेपाल भूटान सिक्किम अरुणाचल प्रदेश शामिल है पंजाब हरियाणा दिल्ली उत्तर भारत ओडिशा मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ झारखंड में भीषण ठंड और गलन रहेगी ।

दिल्ली भलस्वा डैयरी गुरु नानक देव कॉलोनी चंडीगढ़ हरियाणा और पंजाब राजस्थान मध्य भारत पश्चिमोत्तर भारत उड़ीसा और पूर्वोत्तर भारत एवं आसपास भयंकर ठंड से जग जीवन अस्त-व्यस्त हो जाएगा अनेक भागों में यहां तापमान 2 से 3 डिग्री तक दर्ज किया जाएगा। यहां पर मौसम में सुधार 18 जनवरी से होगा तब तक यहां बहुत उसे भागों में तापमान सुनने के पास पहुंच जाएगा बहुत ही सावधान रहने की आवश्यकता है धूप भी नहीं होगी।

तमिलनाडु केरल  श्रीलंका और आंध्र के कुछ भागों में सुहाना मौसम के साथ बंगाल की खाड़ी के प्रबल चक्रवात के कारण वहां आंधी के साथ तेज हवाएं और घनघोर वर्षा ‌ समाप्त होगी इसके प्रभाव से धीरे-धीरे मौसम संपूर्ण देश का बदलना शुरू होगा । यहां पर 15 तारीख से बरसात समाप्त हो जाएगी

‌ ‌ भूमध्य सागर और मध्य एशिया एवं हिमालय क्षेत्र में भी एक विक्षोभ के निर्माण से पंजाब हरियाणा दिल्ली उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश जम्मू कश्मीर लेह लद्दाख में वर्षा घनघोर ठंड और बर्फबारी होगी । 31 जनवरी तक घनघोर ठंड और भयंकर गलन जारी रहेगी। जौनपुर सहित आसपास और उत्तरी भारत में भी 15 16 जनवरी को बादल छाने की संभावना बन रही है
उत्तरी गोलार्ध में अमेरिका अलास्का ग्रीनलैंड यूरोप सोवियत रूस चीन जापान कोरिया मंगोलिया और अरब देशों में महा भयंकर ठंड पड़ेगी अनेक भावों का तापमान माइनस 50 से - 70 तक गिर जाएगा कहीं-कहीं यह माइंस 90 अंकित किया जाएगा।

 - अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर
[1/16, 7:29 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: मौसम की भविष्यवाणी 

डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक 

‌‌  आज   से ‌‌ फिर बदल जाएगा मौसम ठंड के साथ हल्की सी बदरी और कोहरा भी होगा.

आज का न्यूनतम तापमान  6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहेगा ‌‌ लेकिन इसका असर 5 डिग्री सेल्सियस के बराबर होगा इसलिए भयंकर ठंड घातक होगी ।वायु गुणवत्ता सूचकांक 200-250 और परा बैंगनी किरणों का स्तर 1-3 रहेगा हवा की दिशा पश्चिमी और गति 7- 10 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी ।

कल कोहरा और बदरी में और भी वृद्धि होगी और अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रहेगा ‌ बाकी मौसम कल की तरह ही रहेगा वर्षा की कोई संभावना नहीं है मौसम में सुधार के बाद मकर संक्रांति से ठंड एक बार फिर से बढ़ जाएगी। 16 जनवरी से बादल और तेज हवाएं चलेंगे‌‌ यह भविष्यवाणी भी बिल्कुल सही हो रही है और 31 जनवरी तक ठंड का मौसम की भविष्यवाणी भी सही

अभी ठंड और शीतलहर जौनपुर सहित संपूर्ण भारत में 15 जनवरी तक जारी रहेगी ‌ और यह 31 जनवरी तक इसी तरह रहेगी लेकिन धूप निकलने से दिन में राहत होगी।  गलन सर्वोच्च बिन्दु पर पहुंच जाएगी। ‌ हिमालय क्षेत्र में स्थित भागों में बर्फबारी होगी जिससे जम्मू कश्मीर लेह लद्दाख उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश नेपाल भूटान सिक्किम अरुणाचल प्रदेश शामिल है पंजाब हरियाणा दिल्ली उत्तर भारत ओडिशा मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ झारखंड में भीषण ठंड और गलन रहेगी ।

दिल्ली भलस्वा डैयरी गुरु नानक देव कॉलोनी चंडीगढ़ हरियाणा और पंजाब राजस्थान मध्य भारत पश्चिमोत्तर भारत उड़ीसा और पूर्वोत्तर भारत एवं आसपास भयंकर ठंड से जग जीवन अस्त-व्यस्त हो जाएगा अनेक भागों में यहां तापमान 2 से 3 डिग्री तक दर्ज किया जाएगा। यहां पर मौसम में सुधार 18 जनवरी से होगा तब तक यहां बहुत उसे भागों में तापमान सुनने के पास पहुंच जाएगा बहुत ही सावधान रहने की आवश्यकता है धूप भी नहीं होगी।

तमिलनाडु केरल  श्रीलंका और आंध्र के कुछ भागों में सुहाना मौसम के साथ बंगाल की खाड़ी के प्रबल चक्रवात के कारण वहां आंधी के साथ तेज हवाएं और घनघोर वर्षा ‌ समाप्त होगी इसके प्रभाव से धीरे-धीरे मौसम संपूर्ण देश का बदलना शुरू होगा । यहां पर 15 तारीख से बरसात समाप्त हो जाएगी

‌ ‌ भूमध्य सागर और मध्य एशिया एवं हिमालय क्षेत्र में भी एक विक्षोभ के निर्माण से पंजाब हरियाणा दिल्ली उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश जम्मू कश्मीर लेह लद्दाख में वर्षा घनघोर ठंड और बर्फबारी होगी । 31 जनवरी तक घनघोर ठंड और भयंकर गलन जारी रहेगी। जौनपुर सहित आसपास और उत्तरी भारत में भी 15 16 जनवरी को बादल छाने की संभावना बन रही है
उत्तरी गोलार्ध में अमेरिका अलास्का ग्रीनलैंड यूरोप सोवियत रूस चीन जापान कोरिया मंगोलिया और अरब देशों में महा भयंकर ठंड पड़ेगी अनेक भावों का तापमान माइनस 50 से - 70 तक गिर जाएगा कहीं-कहीं यह माइंस 90 अंकित किया जाएगा।

 - अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर

Thursday, 15 January 2026

इस देश का हर नेता अधिकारी और सांसद विधायक मंत्री सरकारी तंत्र से जुड़े हुए लोग अपने को कर्त्तव्यांश और ईमानदार बताते हैं लेकिन 99% के घर जाइए ईमानदारी से देखिए क्या

इस देश का हर नेता अधिकारी और सांसद विधायक मंत्री सरकारी तंत्र से जुड़े हुए लोग अपने को कर्त्तव्यांश और ईमानदार बताते हैं लेकिन 99% के घर जाइए ईमानदारी से देखिए क्या उनका रहन-सहन घर गाड़ी बंगला सब उनके ईमानदारी और सच्चाई की पुष्टि करते हैं आपको कुछ कहना नहीं होगा जिनको भी आप बहुत ईमानदार समझते हैं उनके घर एक बार अवश्य जाएं अपने आप दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा जनता को मूर्ख बनाना और खुद जनता का मूर्ख बनना दोनों इस देश की सबसे बड़ी सच्चाई है यही हाल तथा कथित बड़े-बड़े प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का भी है जो सरकार के आगे झुक गए बिक गए उनके करोड़ों रूपों का तो केवल स्टूडियो का सेटिंग होता है ‌ उन्हें केंद्र राज्य सरकार ने सारी सुविधा देती हैं देश-विदेश की सैर कराती हैं और कर्तव्य की ‌ सच्चाई कीहत्या करने के लिए वह सब कुछ देती हैं जो उनको चाहिएकोई पूछने वाला नहीं कितना पैसा कहां से आया लेकिन जो लोग सच्चाई दिखाते हैं ईमानदार हैं ऐसे 90% प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया हमेशा परेशानी में रहते हैं मेरी आलोचना का इतना ही अर्थ है कि किसी को ना सुने देशकाल परिस्थितियों के अनुसार जो उचित समझ में आए वह करें कहने वाले तो सबको कहते हैं भगवान को भी नहीं छोड़ते राजनेताओं का लूटने और जनता का लूटने ही इस देश की नियति है


जनता भी उसी के यहां दरबार लगती है जिसके पास बड़े-बड़े गाड़ी बेंगल धन-धान्य होता है उसे प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया को बड़ा मानती है जिसे सब कुछ शानदार होता है वही डॉक्टर अधिवक्ता इस देश में बड़ा माना जाता है जिसकी फीस सबसे अधिक होती है इस समय 99 परीक्षित देश के लोग सच्चाई ईमानदारी सदाचार का कोई मूल्य नहीं समझते हैं दुराचारी अनैतिक लोगों के आगे दंडवत हो जाते हैं खाने को बहुत कुछ है लेकिन बहुत कुछ कहना गरिमा के अनुकूल नहीं है मैंने ऐसे लोगों को अपनी आंख से देखा है जो दश चरित्र खूबसूरत स्त्रियों की आड़ में बुराई करते हैं लेकिन अपना काम सिद्ध करने के लिए उनका पेशाब अ्भी पी लेते हैं कुछ का तो मैं वीडियो भी बना कर रखा हुआ है कि कभी अगर कुछ बोले तो सार्वजनिक कर दूं 


घर का जोगी जोगड़ा आज गांव का सिद्ध दीपक तले अंधेरा घर की मुर्गी दाल बराबर भारत के लिए पूरी तरह सही है बहुत सोच समझ कर रहना चाहिए अपना लक्ष्य जैसे मिले पाना चाहिए जिनका लक्ष्य मिला है उसमें 99% इन्हीं सब तरीकों को अपना कर आगे बढ़े हैं इस देश के लिए दो बातें सही हैं 

भारत में यदि रहना है चींटी हाथी उठा के ले गई तब भी हां हां कहना है 

इस दुनिया की रीति सदा जब सुबह हुई तब शाम हुई।

 इस धरती पर आकर के तो मां सीता भी बदनाम हुई।

 औरों की बातें सुन सुन कर मत भर लो अपने नैना।

 कुछ तो लोग कहेंगे ही लोगों का काम है कहना डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह 

जहां के अधिकांश नेता मंत्री सांसद विधायक अधिकारी खुद दागदार और कलंकित हैं वर्णन शंकर है दोगले हैं गद्दारी से भरे हुए हैं भारी भरकम वेतन सुविधा पाने के बाद भी ऊपर का पैसा और घूसखोरी के लिए रोज पकड़े जा रहे हैं जहां पर घर अपराधों में लिप्त लोग सी जैसी फौज लेकर चलते हैं और उनके आगे पीछे जनता की भीड़ लगी रहती है उसे देश में समाचार अच्छे मूल्य ईमानदारी सच्चाई की भला क्या कीमत हो सकती है सपने में मत रहो चंद्रशेखर आजाद सुभाष चंद्र बोस राम प्रसाद बिस्मिल क्रांतिकारी देश के लिए मर जाएंगे और नाम होगा चरखा बकरी और अहिंसा से गांधी और कांग्रेस ने देश को आजाद कर दिया इससे अधिक कोई समझ नहीं सकता है गंगा जमुनी सभ्यता भाईचारा में डूबे लोग ईरान से इंडोनेशिया कजाकिस्तान से श्रीलंका का 90% भूभाग को चुके हैं बाकी खोने के कगार पर हैं

Wednesday, 14 January 2026

तिल द्वादशी की कथा

तिल द्वादशी की कथा
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एक पौराणिक कथा के अनुसार, एक ब्राह्मणी भगवान विष्णु की परम भक्त थी और बहुत कठिन व्रत करती थी। उसने दान तो बहुत किया लेकिन कभी अन्न का दान नहीं किया। जब वह वैकुंठ गई, तो उसे वहां रहने के लिए कुटिया तो मिली लेकिन वह खाली थी। तब भगवान ने उसे बताया कि अन्न दान न करने के कारण ऐसा हुआ। तब उस ब्राह्मणी ने देव कन्याओं के कहने पर तिल द्वादशी का व्रत किया और तिल का दान किया, जिससे उसकी कुटिया धन-धान्य से भर गई।

राजेन्द्र गुप्ता,
ज्योतिषी और हस्तरेखाविद
मो. 9116089175
नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।

1/14, 7:58 PM] +91 96113 12076: आज का राशिफल व पंचांग
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15 जनवरी, 2026, गुरुवार
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आज और कल का दिन खास
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15 जनवरी 2026 : मत्तु पोंगल आज।
15 जनवरी 2026 : तिल द्वादशी आज।
15 जनवरी 2026 : थलसेना दिवस आज।

16 जनवरी 2026 : प्रदोष व्रत कल।
16 जनवरी 2026 : मासिक शिवरात्रि कल।
16 जनवरी 2026 : जैन समुदाय की मेरू त्रयोदशी कल।
16 जनवरी 2026 : मुस्लिम समुदाय कल मनायेगा शब ब ए मिराज।

राजेन्द्र गुप्ता,
ज्योतिषी और हस्तरेखाविद
मो. 9116089175
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आज का राशिफल
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15 जनवरी, 2026, गुरुवार
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मेष राशि : अपनी दिनचर्या में बदलाव लायें। यश कीर्ति में वृद्धि होगी। कारोबार में लाभ बढ़ेगा। संतान पर ध्यान रखने की आवश्यकता है। अपने व्यवहार में नम्रता लाने की आवश्यकता है। वाहन सुख प्राप्त होगा। धैर्य से कार्य सम्पादन में लगे रहें। रुके कार्यों की पूर्ति होगी।

वृषभ राशि : कम समय में काम को पूरा करने में लगे रहेंगे। समय का सदुपयोग करें। विशेष महत्व के कार्य पूरा करने का प्रयास करें। सफलता मिलेगी। कारोबारी समस्याओं से सामना होगा। सायंकाल यात्रा न करें। दिन की शुरुआत शुभ संकल्पों से होगी। माता-पिता के स्वास्थ्य में लाभ होगा।

मिथुन राशि : आपके काम करने के तरीकों में सुधार की जरूरत है। आज धनागमन सहज होगा। लाभ होगा, स्वास्थ्य ठीक रहेगा। कारोबार में विवाद शांत होंगे। समय बदलेगा। वाहन खरीदने के योग बन रहे है। समय अनुकूल नहीं है सतर्क रहें। कोई नया काम आरंभ करने में विलंब होगा।

कर्क राशि : विशेष लोगों से मुलाकात होगी। मन चाही कार्य सिद्धि होगी। झूठ बोल कर फंस सकते हैं। कार्यस्थल पर स्थिति आप के पक्ष में बनेगी। परिवार में बुजुर्गों को स्वास्थ्य समस्या बढ़ेगी। नौकरी में विवाद शांत होंगे। लाभ के अवसर मिलेंगे। घर पर शांति बनाए रखें।

सिंह राशि : अपने पराये में फर्क समझें। आज की दिनचर्या नियंत्रित रखें। बोलने से पहले विचार करें। किसी दूर के मित्र से मुलाकात फायदेमंद साबित होगी। दूसरों में निजी मामलों में बोलना बंद करें। अपनों की बातों से मन दुखी होगा। शासन-सत्ता का सहयोग मिलेगा। आश्वासन प्राप्त होंगे।

कन्या राशि : दिन की शुरुआत व्यस्ततापूर्वक रहेगी। देव दर्शन और निजी कार्यो में समय बीतेगा। कारोबार में सफलता मिलेगी। कम बोलें पर अ'छा बोलें। शत्रु भी प्रशंसा करेंगे। बाहरी विवादों का असर परिवार पर न होने दें। वैवाहिक जीवन में शांति बनी रहेगी। मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। न्यायपक्ष उत्तम रहेगा।

तुला राशि : सोच के परे कार्य होने से परेशानी बढ़ सकती है। लाभ के अवसर मिलेंगे। कार्यस्थल का वातावरण पक्ष में होगा। विवादों में मौन रहना ही लाभदायक होगा। अपने से बड़ों का आदर करें। आध्यात्मिक तरक्की होगी। धन लाभ के लिए किए गए प्रयास सफल होंगे। परिजन का सहयोग मिलेगा।

वृश्चिक राशि : नौकरी में अशांति का वातावरण बनने के योग हैं। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। फिजूल खर्च बढ़ेंगे। धोखा होने की आशंका है। पुराने रोग उभरने की संभावना है। संभल कर रहें। दाम्पत्य संबंधों में मधुरता आएगी। धार्मिक यात्रा की योजना बनेगी। कारोबार का विस्तार के योग बन रहे हैं।

धनु राशि :  काम बहुत है आप अ'छे से कार्यनीति तय करें। काम आरंभ न करें। दिन चिंताजनक व्यतीत हो रहे है। मानसिक पीड़ा हावी रहेगी, पर इष्टबल मजबूत रखें। आर्थिक निवेश से लाभ के आसार हैं। संतान के स्वास्थ में सुधार होगा। कोर्ट कचहरी के चक्कर लग सकते है।

मकर राशि :  स्वास्थ्य का ध्यान रखें। अनुकूल समय का सदुपयोग करें। महत्व के कार्यों को प्राथमिकता दें। दिन की शुरुआत आनंददायक रहेगी। पुराने मित्र से मुलाकात से लाभ के योग हैं, जो शुभ रहेगा। शत्रु परास्त होंगे। यात्रा के योग है। स्वास से सम्बंधित रोग से ग्रसित रह सकते है।

कुम्भ राशि : समय के साथ अपने आचार विचार में बदलाव करना पड़ेगा। सुख शांति चाहते हैं तो स्वयं के व्यवहार को बदलना पड़ेगा। मुश्किल है, पर नामुमकिन नहीं। लाभ के अवसर बढ़ेंगे।  सामाजिक संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। यात्रा सफल रहेगी। शुभ कार्यों में व्यय होगा।

मीन राशि : अपने आप पर विश्वास रखें, दूसरों के भरोसे न रहें। आलस्य से बड़ा कोई शत्रु नहीं है। सजग रहें सतर्क रहें। स्वास्थ्य ठीक होगा, व्यय बढ़ेंगे। नया मकान-दुकान खरीदने के योग हैं। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। धन लाभ होगा। यात्रा सफल रहेगी।

राजेन्द्र गुप्ता,
ज्योतिषी और हस्तरेखाविद
मो. 911608917

आज का पंचांग
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15 जनवरी 2026, गुरूवार  
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तिथि   द्वादशी    08:19 PM 
                        अगले दिन
नक्षत्र   ज्येष्ठा     05:48 AM
करण   तैतिल    08:19 PM
पक्ष     कृष्ण
योग     वृद्धि      08:37 PM
वार     गुरूवार   
सूर्योदय          07:15 AM 
सूर्यास्त          05:45 PM
                    अगले दिन
चन्द्रमा वृश्चिक 05:48 AM
राहुकाल  01:49 - 03:08 PM 
विक्रमी संवत्  2082
शक सम्वत  1947 ( विश्वावसु )
मास अमांत      पौष
मास पूर्णिमांत   माघ
शुभ मुहूर्त 
अभीजित 12:09 - 12:51 PM

राजेन्द्र गुप्ता,
ज्योतिषी और हस्तरेखाविद
मो. 9116089175
नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।
[1/14, 7:58 PM] +91 96113 12076: तिल द्वादशी आज 
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माघ मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को तिल द्वादशी कहा जाता है। इसे कूर्म द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और तिल के दान का विशेष महत्व है। वर्ष 2026 में यह व्रत मकर संक्रांति के अगले दिन मनाया जाएगा। तिल द्वादशी न केवल आध्यात्मिक शुद्धि का मार्ग है, बल्कि यह दरिद्रता दूर करने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने वाला एक अमोघ अवसर भी है।

तिल द्वादशी 2026: तिथि और मुहूर्त
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वर्ष 2026 में तिल या कूर्म द्वादशी 15 जनवरी, गुरुवार को मनाई जाएगी।
माघ कृष्ण द्वादशी तिथि आरंभ: 14 जनवरी 2026 को शाम 05:52 बजे से।
द्वादशी तिथि समाप्त: 15 जनवरी 2026 को रात 08:16 बजे तक।
उदयातिथि के अनुसार तिल द्वादशी और कूर्म द्वादशी व्रत 15 जनवरी को रखा जाएगा।

क्यों किया जाता है यह व्रत? जानें महत्व
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तिल की उत्पत्ति भगवान विष्णु के पसीने से हुई है, इसलिए यह उन्हें अत्यंत प्रिय है। महाभारत में उल्लेख है कि इस दिन तिल दान करने वाला व्यक्ति कभी नरक के दर्शन नहीं करता। पद्म पुराण के अनुसार, इस दिन तिल के प्रयोग और दान से जाने-अनजाने में हुए सभी पापों का नाश होता है। तिल द्वादशी पर तिल दान करने से व्यक्ति को अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। माना जाता है कि जो व्यक्ति इस व्रत को करता है, वह जन्म-जन्मांतर तक रोगों, जैसे कुष्ठ, अंधापन आदि से मुक्त रहता है। 

रोग और कष्टों से मिलती है मुक्ति
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धर्म शास्त्रों में उल्लेखित है कि तिल द्वादशी का व्रत करने से व्यक्ति को कई जन्मों तक भयानक रोगों जैसे अंधापन, बहरापन, कोढ़ आदि से मुक्ति मिलती है। यह व्रत स्वास्थ्य, लंबी आयु और सदा निरोगी रहने का वरदान देता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। व्रत रखने वाले लोग तिल से बने व्यंजन जैसे तिल के लड्डू, तिल की चिक्की आदि बनाते और दान करते हैं। तिल दान करने से अश्वमेध यज्ञ के बराबर का फल मिलता है।

पूजा विधि
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इस दिन तिल का छह तरीकों यानी षटतिला से उपयोग करना श्रेष्ठ माना जाता है: स्नान, उबटन, तर्पण, आहुति/हवन, भोजन और दान। 

स्नान: सुबह जल्दी उठकर पानी में गंगाजल और तिल मिलाकर स्नान करें।

संकल्प: स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु के समक्ष व्रत का संकल्प लें।

पूजन: भगवान विष्णु के माधव रूप की मूर्ति को पंचामृत से अभिषेक कराएं। उन्हें पीले फूल, तुलसी दल, धूप और दीप अर्पित करें।

मंत्र जाप: पूजा के दौरान 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का निरंतर जाप करें।

भोग: भगवान को तिल से बने पकवान या तिल और गुड़ के लड्डू का भोग लगाएं।

दान: पूजा के बाद किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को तिल, कंबल, अनाज या स्वर्ण का दान करना बहुत फलदायी होता है।

आज ‌‌ 15 जनवरी बृहस्पतिवार के दिन माघ माह द्वादशी के दिन परम पवित्र सौर त्यौहार मकर संक्रांति है यह अज्ञान पर ज्ञान असत्य पर सत्य और अंधकार पर प्रकाश की विजय दिखाता है ‌ भारत और उत्तरी गोलार्ध में इसी दिन से दिन बड़ा होता है प्रकाश की मात्रा बढ़ती हैं अंधकार और बुरी शक्तियों की मात्रा घट जाती है‌ इसी लिए दक्षिणायन में मरना अच्छा नहीं समझा जाता है पूजा पाठ और स्नान दान का नियम

: आज ‌‌ 15 जनवरी बृहस्पतिवार के दिन माघ माह द्वादशी के दिन परम पवित्र सौर त्यौहार मकर संक्रांति है यह अज्ञान पर ज्ञान असत्य पर सत्य और अंधकार पर प्रकाश की विजय दिखाता है ‌ भारत और उत्तरी गोलार्ध में इसी दिन से दिन बड़ा होता है प्रकाश की मात्रा बढ़ती हैं अंधकार और बुरी शक्तियों की मात्रा घट जाती है‌ इसी लिए दक्षिणायन में मरना अच्छा नहीं समझा जाता है 
पूजा पाठ और स्नान दान का नियम 

कल 15 जनवरी को पूजा पाठ का नियम यह है कि सुबह उठकर नित्य क्रिया करके शुद्ध मन से स्नान करें स्नान करते समय गंगाजल और काला तिल मिला ले इसके बाद 

लाल रंग के फूल से अक्षत रोली और काले तिल से सूर्य देव को अर्घ्य दें ‌ और ओम सूर्याय नमः का मंत्र पढ़ें इतना काफी है 

भोर में स्नान देव स्नान इसके बाद ऋषि मुनि का स्नान होता है ‌ इस समय कोई भी स्नान कर सकता है। 

कल अगर आप सुबह भोर में उठेंगे तो देखेंगे की देवताओं का एक झोंका हवा के साथ संगम की ओर जाता और फिर 6:00 बजे के आसपास वापस आता हुआ हवा के रूप में दिखाई देगा यह मैं बचपन से देखा चला आ रहा हूं 

स्नान और पूजा के बाद आप अपनी समर्थ के अनुसार किसी योग्य और सदाचारी व्यक्ति को दान दे सकते हैं उसको खिला पिला सकते हैं दान में चावल  तिल काला वस्त्र कंबल और अनाज का दान किया जाता है पैसे भी दे सकते हैं‌।

यही वेद शास्त्र और धर्म सम्मत पूजा पाठ का विधान है जो सच्चे मन से करना चाहिए डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि
[1/15, 6:29 AM] Dr  Dileep Kumar singh: आपको परिवार सहित सूर्य भगवान के महान पर्व मकर संक्रांति पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं डॉ दिलीप कुमार सिंह श्रीमती पद्मा सिंह

परम पवित्र सौर त्यौहार मकर संक्रांति है यह अज्ञान पर ज्ञान असत्य पर सत्य और अंधकार पर प्रकाश की विजय दिखाता है ‌ भारत और उत्तरी गोलार्ध में इसी दिन से दिन बड़ा होता है

कल परम पवित्र सौर त्यौहार मकर संक्रांति है यह अज्ञान पर ज्ञान असत्य पर सत्य और अंधकार पर प्रकाश की विजय दिखाता है ‌ भारत और उत्तरी गोलार्ध में इसी दिन से दिन बड़ा होता है प्रकाश की मात्रा बढ़ती हैं अंधकार और बुरी शक्तियों की मात्रा घट जाती है‌ इसी लिए दक्षिणायन में मरना अच्छा नहीं समझा जाता है 

कल 15 जनवरी को पूजा पाठ का नियम यह है कि सुबह उठकर नित्य क्रिया करके शुद्ध मन से स्नान करें स्नान करते समय गंगाजल और काला तिल मिला ले इसके बाद 

लाल रंग के फूल से अक्षत रोली और काले तिल से सूर्य को अर्घ्य दें ‌ और ओम सूर्याय नमः का मंत्र पढ़ें इतना काफी है 

भोर में स्नान देव स्नान इसके बाद ऋषि मुनि का स्नान होता है ‌ इस समय कोई भी स्नान कर सकता है। 

कल अगर आप सुबह भर में उठाएंगे तो देखेंगे की देवताओं का एक झोंका हवा के साथ संगम की ओर जाता और फिर 6:00 बजे के आसपास वापस आता हुआ हवा के रूप में दिखाई देगा यह मैं बचपन से देखा चला आ रहा हूं 


स्नान और पूजा के बाद आप अपनी समर्थ के अनुसार किसी योग्य और सदाचारी व्यक्ति को दान दे सकते हैं उसको खिला पिला सकते हैं दान में चावल  तिल काला वस्त्र कंबल और अनाज का दान किया जाता है पैसे भी दे सकते हैं‌।

कल सर्वार्थ सिद्ध और अमृत सिद्धि योग में साधारण और गृहस्थी लोग स्नान करें तो बहुत अच्छा है जो सुबह 7:15 से दोपहर तक रहेगा वैसे भोर में स्नान से लेकर दोपहर तक स्नान कर सकते हैं
यही वेद शास्त्र और धर्म सम्मत पूजा पाठ का विधान है जो सच्चे मन से करना चाहिए डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि