Wednesday, 14 December 2022

कुछ मोरक्को के बारे में..आप ने अल्लामा इक़बाल का ये मशहूर शेर अक्सर सुना होगा किदश्त तो दश्त हैं दरिया भी न छोड़े हम नेबहर ए ज़ुल्मात में दौड़ा दिए घोड़े हम ने.

कुछ मोरक्को के बारे में..
आप ने अल्लामा इक़बाल का ये मशहूर शेर अक्सर सुना होगा कि

दश्त तो दश्त हैं दरिया भी न छोड़े हम ने
बहर ए ज़ुल्मात में दौड़ा दिए घोड़े हम ने.

दरिया में घोड़े दौड़ाने का वाक़या मोरक्को में ही पेश आया था. घोड़े दौड़ाने वाले कमाण्डर थे हज़रत उक़बा बिन नाफ़े. उस वक़्त इस्लामी हुकुमत के ख़लीफ़ा थे अमीरूल मोमिनीन सय्यदना अमीर मुआविया.

मोरक्को, ट्यूनिशिया और अल्जीरिया के तमाम इलाक़ों को मग़रिब ए अक़सा यानी दूर का पश्चिम कहा जाता है . मोरक्को को ममलकत ए मग़रिबी, अल्जीरिया को मग़रिब ए औसत ( Middle West) और ट्यूनीशिया को मग़रिब ए अदना (small west) कहा जाता है. इस में कुछ हिस्सा लीबिया का भी शामिल है.

इस इलाक़े की फतेह की शुरुआत तो हज़रत उमर के दौर में ही हो गई थी लेकिन कुछ सुरक्षा कारणों की वजह से आप ने आगे बढ़ने की इजाज़त न दी. 50 हिजरी में हज़रत अमीर मुआविया ने मिस्र से अलग कर के एक सूबा 'अफ़्रीका' क़ायम किया और उसकी ज़िम्मेदारी हज़रत उक़बा बिन नाफ़े को दी. उन्होंने कमान संभालते ही लश्कर कशी शुरू कर दी और मग़रिब के अक्सर इलाक़ों पर इस्लामी हुकुमत क़ायम हो गई. 51 हिजरी में हज़रत उक़बा बिन नाफ़े ने मग़रिब यानी मौजूदा मोरक्को में एक शहर क़ैरवान आबाद किया. जैसा कि दस्तूर है कि मुसलमान जब कोई शहर बसाते हैं तो उसकी शुरुआत मस्जिद से करते हैं लिहाज़ा हज़रत उक़बा ने यहां एक मस्जिद बनवायी. ये मस्जिद आज भी आबाद है और जामा उक़बा बिन नाफ़े के नाम से मशहूर है.

कुछ शिकायत मिलने की वजह से हज़रत अमीर मुआविया ने उक़बा बिन नाफ़े को माज़ूल ( suspend) कर दिया.  लेकिन अमीर मुआविया की वफ़ात के बाद फिर से उन्हें अफ़्रीका का गवर्नर बना दिया गया और उन्होंने जरीद ( ट्यूनीशिया) ज़ाब (अल्जीरिया)  तनजा (tangier, मोरक्को ) और आईबेरिया वग़ैरह फ़तेह किए.

दारूल बैज़ा मोरक्को का सब से बड़ा शहर है.

मोरक्को का दारूल हुकुमत  रबात (राजधानी) है. इस शहर को 12वीं सदी में मुवह्हिद ख़लीफ़ा अब्दुल मोमिन मुवह्हिद ने बसाया था.

मोरक्को के सब से पुराने शहर फ़ेज़ में ही दुनिया की सब से पुरानी यूनिवर्सिटी क़रवियीन यूनिवर्सिटी है जिसे फातिमा फ़ेहरी ने बनाया था. ये शहर कार फ्री है यानी यहां कार नहीं चलती है.

मोरक्को के लोग बाक़ी अरबों की तरह बड़े मेहमान नवाज़ होते हैं. यहां डाइवर्सिटी बहुत है. समन्दर के किनारे भी हैं , ऊंचे ऊंचे पहाड़ भी हैं और  पुराने तारीखी शहर इस छोटे से अरब मुल्क को बहुत ख़ास बनाते हैं. मोरक्को का अपना आर्किटेक्चर है यहां के घर, बाज़ार, दुकानें, मस्जिदें एक अलग स्टाइल में बनी होती हैं जिन जो सादगी में भी क़यामत की अदा रखते हैं.

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