Saturday, 15 August 2026

नास्तिक होना सिर्फ भगवान को न मानना नहीं है,*

*नास्तिक होना सिर्फ भगवान को न मानना नहीं है,* 

नास्तिक होना मतलब है —
हर बात को समझना,
हर सवाल का उत्तर खोजना,
और अंधविश्वास से ऊपर उठकर
सच्चाई को अपनाना।
नास्तिक वही बनता है
जो डर से नहीं,
सोच से जीता है।
जो पूछता है — क्यों?
जो मानने से पहले समझता है।
जो परंपरा से पहले सत्य को देखता है।
नास्तिक का मतलब नफरत नहीं,
ज्ञान है।
विरोध नहीं,
विवेक है।
अहंकार नहीं,
जागरूकता है।
जो इंसान अपने भीतर झाँकता है,
अपने कर्म को पहचानता है,
और मानवता को धर्म से ऊपर रखता है—
वही सच्चे अर्थ में जागरूक है।
नई खोज, नया विचार,
नई दिशा—
ये सब सवालों से जन्म लेते हैं,
और सवाल वही करता है
जो सोचने की हिम्मत रखता है।
इसलिए नास्तिकता का अर्थ
सिर्फ इंकार नहीं,
बल्कि सत्य की खोज है।
पहले इंसान बनो,
फिर विचार चुनो।
सच्चाई वहीं मिलेगी
जहाँ डर नहीं,
ज्ञान होगा।
— अज्ञात 
*
*अंधविश्वास, रूढ़िवाद व तमाम कुरीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करें और बेहतर समाज बनाने के लिए संघर्ष करें।*

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